<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/patil/tag-13794" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>patil - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13794/rss</link>
                <description>patil RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोकसभा में जल शक्ति मंत्रालय की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित : सीआर पाटिल ने दिया चर्चा का जवाब, कहा- जल के महत्व को समझती है सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[मोदी सरकार के दौरान इस क्षेत्र को 10 वर्ष में चार लाख 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cr-patil-passed-by-the-sound-of-the-ministry-of/article-108225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy167.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में कटौती प्रस्तावों को खारिज करते हुये जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे पहले चर्चा का जवाब देते हुये जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार जल के महत्व को समझती है और इसके प्रबंध के लिये पर्याप्त धन दिया है। पाटिल ने कहा कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 वर्ष के कार्यकाल में जल क्षेत्र के लिये एक लाख दो हजार करोड़ रुपये दिये गये थे, जबकि मोदी सरकार के दौरान इस क्षेत्र को 10 वर्ष में चार लाख 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया।</p>
<p>देश में सभी को निरंतर स्वच्छ पेयजल मिलता रहे, इसके लिये देश में 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया है, जो स्थानीय स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगी। इसके लिये उन्हें किट प्रदान किये गये हैं। किसी को भी दूषित पेयजल न लेना पड़े, इसके लिये सरकार पूरे इंतजाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल स्वास्थ्य सेवा भी है, इससे देश में चार लाख बच्चों को अतिसार से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल देने के परिणाम हर क्षेत्र में देखने को मिल रहे हैं। </p>
<p>पाटिल ने कहा कि देश में करोड़ों शौचालय बना दिये जाने से 60 करोड़ लोगों की शौचालय जाने की आदत में बदलाव आया है। देश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के विभिन्न उपाय किये गये हैं। हर खेत को पानी मिले, इसके लिये 1100 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है। केन-वेतवा नदी संपर्क योजना को पूरा करने के लिये आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। लंबित पोलावरम रिपीट पोलावरम परियोजना को 2026 तक पूरा करने के लिये धन उपलब्ध कराया जा रहा है। पाटिल ने कहा कि नदी स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे गंगा नदी के जल में सुधार आया है। यह निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। गंगा नदी का प्रवाह भी सुधरा है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cr-patil-passed-by-the-sound-of-the-ministry-of/article-108225</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cr-patil-passed-by-the-sound-of-the-ministry-of/article-108225</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 17:50:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy167.jpg"                         length="181911"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालतू तेंदुए और ब्लैक पैंथर के बिना नहीं लौटना चाहते डॉ. पाटिल</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र जहां अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों को लेकर भारत लौट रहे हैं, वहीं एक भारतीय डॉक्टर गिरि कुमार पाटिल ने अपने पालतू तेंदुए और ब्लैक पैंथर के साथ यूक्रेन में ही रहने का फैसला किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/patil-not-return-to-india-without-black-panther/article-5662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/06-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र जहां अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों को लेकर भारत लौट रहे हैं, वहीं एक भारतीय डॉक्टर गिरि कुमार पाटिल ने अपने पालतू तेंदुए और ब्लैक पैंथर के साथ यूक्रेन में ही रहने का फैसला किया है। आंध्र प्रदेश के रहने वाले डॉक्टर पाटिल फिलहाल डोनबास में अपने घर में बने एक बंकर के अंदर रह रहे हैं। गिरि कुमार पाटिल ने 20 महीने पहले कीएव जू से इन दोनों को खरीदा था। डॉक्टर पाटिल का कहना है कि वे अपने पालतू जानवरों को दूसरों की दया पर नहीं छोड़ना चाहते हैं। डॉ. पाटिल सालों से यूक्रेन में हैं और भारतीय छात्रों को निकालने में मदद भी कर रहे हैं, लेकिन वे खुद भारत वापस नहीं आ रहे हैं, वे अपने तेंदुए और जगुआर के साथ यूक्रेन में ही रहेंगे।</p>
<p><strong>जानवरों के लिए भोजन लेने ही बाहर निकलते हैं</strong><br />लड़ाई शुरू होने के बाद गिरि कुमार बेसमेंट से कर्फ्यू हटने पर तभी बाहर निकलते हैं जब उन्हें अपने जानवरों के लिए भोजन खरीदना होता है। वो बताते हैं कि जगुआर दरअसल नर तेंदुआ और मादा जगुआर का दुर्लभ हाइब्रिड है। गिरिकुमार ने बताया कि अब तक उन्होंने 23 किलो भेड़, टर्की और चिकेन पास के गांव से खरीदा है और उसके लिए सामान्य से चार गुना ज़्यादा कीमत चुकाई है।</p>
<p><strong>रेस्तरां और घर तबाह</strong><br />डॉ. पाटिल कहते हैं, मेरे पालतू पशु मेरे साथ बेसमेंट में रात बिता रहे हैं। हमारे चारों तरफ काफी बमबारी हो रही है। ऐसे में ये जानवर डर रहे हैं। वो कम खा रहे हैं। मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इलाके में लड़ाई के दौरान उनका घर और उनका खोला भारतीय रेस्तरां तबाह हो गए।<br /><br /><br /></p>
<p> </p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/patil-not-return-to-india-without-black-panther/article-5662</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/patil-not-return-to-india-without-black-panther/article-5662</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 10:22:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/06-copy1.jpg"                         length="241404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        