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                <title>medical colleges - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>प्रदेश के मेडिकल कॉलेज एवं इनसे संबद्ध अस्पतालों का अब नियमित निरीक्षण, खींवसर ने कहा- निरीक्षण के बाद भी सुधार नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का निर्धारित अवधि में निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/regular-inspection-of-the-medical-colleges-of-the-state-and/article-116179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज एवं इनसे संबद्ध अस्पतालों का अब नियमित निरीक्षण होगा। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का निर्धारित अवधि में निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, साफ-सफाई, मरम्मत, जांच, दवा एवं उपचार की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए अस्पतालों को पेशेंट फ्रेण्डली बनाया जाएगा। </p>
<p>चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं इनसे संबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण कर लौटी टीमों से सोमवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सभागार में चर्चा करते हुए इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का विषय बेहद संवेदनशील है, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सभी अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार से संबंधित अस्पतालों का नियमि​त निरीक्षण करें और निरीक्षण में पाई गई कमियों में तत्काल सुधार भी करें। चिकित्सा अधिकारी अस्पताल को अपना घर और रोगियों को परिवार का सदस्य मानते हुए मानवीय भाव के साथ सेवाएं दें। जिस प्रकार घर का रख-रखाव करते हैं और परिवार के सदस्यों की देखभाल करते हैं, उसी तरह अस्पताल एवं रोगियों की सेवा करें। रोगी को नया जीवन देने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों किए गए निरीक्षण में जो कमियां सामने आई हैं या जिन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की गई है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट के साथ शीघ्र चर्चा करें, ताकि इन कमियों जल्द दूर किया जा सके। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से संचालिए किए गए इस निरीक्षण अभियान की सराहना की और ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाने की आवश्यकता व्यक्त की। </p>
<p><strong>33 टीमों ने किया निरीक्षण, रिपोर्ट तैयार: </strong><br />चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों एवं इनसे संबद्ध अस्पतालों में शुक्रवार को 33 टीमों में करीब 150 अधिकारियों ने सघन निरीक्षण किया था। निरीक्षणों के तहत अस्पतालों में साफ-सफाई, बिजली उपकरणों की स्थिति और भवनों का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसके आधार पर मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में शीघ्र सुधार करवाए जाएंगे। </p>
<p>चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि सभी चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के मानकों को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में यह पहल की गई है। निरीक्षण में अस्पताल परिसरों में स्वच्छता की समुचित व्यवस्था, भवनों की आवश्यक मरम्मत, चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता, रोगियों की सुविधा, सुरक्षा प्रबंध तथा सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया है। साथ ही, बायोमेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण, बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी आदि की उपलब्धता और अग्निशमन उपकरणों की क्रियाशीलता भी जांची गई है।  </p>
<p><strong>मरम्मत कार्यों के लिए 44 करोड़ की स्वीकृति: </strong><br />अतिरिक्त निदेशक नरेश गोयल ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मरम्मत कार्यों के लिए करीब 84 करोड़ रूपए की आवश्यकता बताई थी, जिसके विरूद्ध अस्पतालों  द्वारा करीब 44 करोड़ रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। प्रदेश के 81 अस्पतालों में से 29 अस्पतालों में पीडब्ल्यूडी चौकी की स्थापना के लिए जगह आवंटित कर दी गई है। मेंटीनेंस कार्यों के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 19:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरजी कर मेडिकल कॉलेज भ्रष्टाचार मामला: पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने ठेके दिलाने में की थी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने दो कार्टेल को अस्पताल के ठेके दिलाने में मदद की थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rg-kar-medical-college-corruption-case-former-principal-sandeep-ghosh/article-96432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee5.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने दो कार्टेल को अस्पताल के ठेके दिलाने में मदद की थी। करप्शन केस में सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में ये खुलासा किया गया है। विशेष अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड में ले लिया है, लेकिन उसने अभी तक इसका संज्ञान नहीं लिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने संदीप घोष और अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है। गौरतलब है कि पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने 12 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले की वजह से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p><strong>नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन </strong><br />सीबीआई ने चार्जशीट में उनका, मेडिकल कॉलेज के पूर्व हाउस स्टाफ आशीष कुमार पांडे और मां तारा ट्रेडर्स के व्यवसायी बिप्लब सिंहा, हाजरा मेडिकल की सुमन हाजरा और ईशान कैफे के अफसर अली खान का नाम लिया है। सीबीआई ने कई नियुक्तियों में भी नियमों का उल्लंघन का दावा किया है।  सीबीआई ने आरोप लगाया है कि संदीप घोष और आशीष पांडे ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कई डॉक्टरों को हाउस स्टाफ के रूप में नियुक्त किया। कई ठेके हासिल करने में दो कार्टेलों की मदद भी की थी। इनमें एक बिप्लब सिंहा और सुमन हाजरा द्वारा संचालित है, जबकि दूसरा अफसर अली खान द्वारा संचालित है।</p>
<p><strong>शवों की तस्करी के आरोप भी लगे</strong><br />गौरतलब है कि संदीप घोष के खिलाफ आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक डॉ. अख्तर अली ने संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें शवों की तस्करी, बायो-मेडिकल कचरे में भ्रष्टाचार, निर्माण निविदाओं में भाई-भतीजावाद आदि जैसे आरोप लगाए गए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 11:50:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET UG Counseling-2024: नेशनल मेडिकल कमीशन के 10 नए मेडिकल कॉलेजों को लेटर ऑफ परमिशन जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[ करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि इस प्रकार 43 नए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में कैंडिडेट्स प्रथम बार इस अकादमिक सत्र 2024 -25 में प्रवेशित होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neet-ug-counseling-2024-letter-of-permission-issued-to-10-new/article-92264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/one-student-one-id.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश में आने वाले समय में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति जारी की जा रही है। कई राज्यों में अब तक 33 से अधिक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों को लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से जारी की जा चुकी है। </p>
<p>इसमें उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक 12, तेलंगाना के आठ, राजस्थान के पांच, मध्य प्रदेश के तीन, महाराष्ट्र के दो, आंध्र प्रदेश के एक, असम के एक तथा ओडिशा के एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज को सैकंड राउंड काउंसलिंग शुरू होने तक एलओपी मिल चुकी थी। एमसीसी नीट यूजी आल इंडिया कोटा वेबसाइट पर एक नोटिस अपलोड करके दस नए अतिरिक्त गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज को काउंसलिंग में शामिल करने की घोषणा की।</p>
<p><strong>150 एमबीबीएस सीटों का इजाफा</strong><br />नए कॉलेजों से 150 एमबीबीएस सीटों का इजाफा होगा। इन सभी सीटों पर इसी वर्ष नीट यूजी-2024 की रैंक के आधार पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश दिया जाएगा। इसके तहत सर्वाधिक 8 नए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज महाराष्ट्र में, उत्तर प्रदेश में एक तथा उत्तराखंड में एक मेडिकल कॉलेज शामिल होगा, जिसकी 15 प्रतिशत सीटें नीट यूजी आल इंडिया कोटा थर्ड राउंड काउंसलिंग से भरी जाएंगी। 85 प्रतिशत सीट्स उनकी स्टेट काउंसलिंग प्रोसेस से भरी जाएगी। इस प्रकार 150 गवर्नमेंट एमबीबीएस सीट्स ऑल इंडिया कैंडिडेट्स से तथा 850 एमबीबीएस सीट्स स्टेट कोटे के कैंडिडेट्स से भरी जाएगी।</p>
<p><strong>यह है पहल</strong><br />नया रजिस्ट्रेशन: 8 अक्टूबर 2024 तक - (सिर्फ पहली बार इस ऑल इंडिया काउंसलिंग में शामिल हो रहे कैंडिडेट्स के लिए)<br />चॉइस फिलिंग: 5 से 8 अक्टूबर 2024<br />चॉइस लॉकिंग: 8 अक्टूबर 2024  रात्रि 11 :55 तक<br />सीट अलोटमेंट रिजल्ट: 11 अक्टूबर 2024<br />कॉलेज रिपोर्टिंग: 12से 18 अक्टूबर 2024</p>
<p><strong>प्रथम बार शामिल हो रहे </strong><br />थर्ड राउंड काउंसलिंग में जो नए मेडिकल कॉलेज प्रथम बार शामिल हो रहे हैं उनमें गवर्नमेंट  मेडिकल कॉलेज, बुलढ़ाणा, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अम्बरनाथ, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हिंगोली, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज भंडारा, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अमरावती, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट  मेडिकल कॉलेज, वाशिम, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज गड़चिरोली, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जालना, महाराष्ट्र, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, उत्तराखंड, ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि इस प्रकार 43 नए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में कैंडिडेट्स प्रथम बार इस अकादमिक सत्र 2024 -25 में प्रवेशित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 15:08:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेजों में खाली सीटें, छात्रों की जान से खेल रहा एमसीसी और केंद्र : सुप्रीम कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने सत्र  2021-2022  में मेडिकल कॉलेजो में सीटे खाली होने पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने कहा सत्र के दौरान 1456 सीटें नहीं भरी गयी हैं अदालत ने कहा मेडिकल कॉउन्सिलिंग कमेटी और केंद्र सरकार छात्रों के जीवन के साथ खेल रही है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/vacant--seats--medical-colleges--mcc--centre--playing--students--lives--says--supreme-court/article-11665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सत्र  2021-2022  में मेडिकल कॉलेजो में सीटे खाली होने पर नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने कहा, ''सत्र के दौरान 1456 सीटें नहीं भरी गई हैं, मेडिकल कॉउन्सिलिंग कमेटी और केंद्र सरकार छात्रों के जीवन के साथ खेल रही है।''</p>
<p>जस्टिस एम आर शाह और अनिरुद्ध बोस ने कहा, "हमे देश में डॉक्टरों और सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरुरत हैं , अगर छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाता है और खली सीटे नहीं भरी जाती है तो अदालत एक आदेश पारित करेगी और अनुदान करेगी ।''  अदालत ने केंद्र और एमसीसी को आदेश दिया की वह अपने अधिकारीयों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 17:17:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>स्वास्थ्य दिवस पर आइए जानें कैसी है हेल्थ सिस्टम की सेहत</title>
                                    <description><![CDATA[अभी कुल 52 हजार डॉक्टर, सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही सालाना 1.76 करोड़ मरीज ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--on-health-day--let-s-know-how-is-the-health-of-the-health-system-lack-of-20-thousand-doctors-in-the-state--16-thousand-government-doctors-are-treating-9-crores/article-7512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;"> जयपुर। राजस्थान की वर्तमान आबादी तकरीबन 7.25 करोड़ है। इनके स्वास्थ्य को ठीक रखने का जिम्मा प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मिलाकर करीब 52 हजार डॉक्टरों (राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड) पर है। आदर्श स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभी भी 20 हजार और डॉक्टरों की जरूरत है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन मानता है कि बेहतर हेल्थ मैनजमेंट को प्रति एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। राजस्थान में 1538 की आबादी पर एक डॉक्टर है। प्रदेश का बड़ा तबका सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर है। हालांकि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा महकमे में तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। यदि पूरे पद भी भर दिए जाएं तब भी बड़ी संख्या में और डॉक्टर चाहिए, क्योंकि सरकार के सात मेडिकल कॉलेज और 2863 अस्पतालों में करीब 16 हजार ही डॉक्टर हैं। इन्होंने बीते साल करीब 9 करोड़ बीमार होकर आने वाले लोगों यानी आबादी से 1.75 करोड़ से अधिक लोगों का इलाज किया। आंकड़े चिंता में इसलिए डालते हैं कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बने सरकार के सातों मेडिकल कॉलेजों में केवल 3169 ही बड़े डॉक्टर (मेडिकल टीचर्स) हैं। बीते साल इन अस्पतालों में इलाज को 1.76 करोड़ से अधिक मरीज पहुंचे थे। इनमें भी सर्जरी के एक्सपर्ट तकरीबन 10 फीसदी ही हैं, जिन्होंने 4.38 लाख ऑपरेशन कर मरीजों को नई जिंदगी दी। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>विश्व स्वास्थ्य दिवस </strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>प्रदेश में अभी 1349 मरीजों पर एक डॉक्टर</strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>5 साल में WHO के मुताबिक होंगे डॉक्टर</strong></span></p>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:773px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>सरकार की मुफ्त इलाज और नीरोगी राजस्थान की मुहिम</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भार कम करने और प्राइवेट अस्पताल की मुफ्त सेवाओं को चिंरजीवी बीमा से 1.33 करोड़ परिवार बीमित हैं। ये 10 लाख तक का इलाज पर 714 करोड़ रुपए बीमा राशि से हुए।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। अस्पतालों में इस साल 150 से अधिक जांचें हुई, जिनमें 10 हजार तक की मुफ्त जांचें।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> अस्पताल में मौजूदा 969 मुफ्त दवाओं के अतिरिक्त बाहर से महंगी दवा आने का खर्चा भी सरकार उठा रही।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">अब तक 30 जिलों में केन्द्र की मदद से 23 मेडिकल कॉलेज मंजूर।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> डॉक्टरों की उपलब्धता के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की जल्द नीति आएगी।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">राइट टू हेल्थ कानून लागू होने जा रहा है।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">कुल बजट का सात फीसदी हेल्थ पर खर्च, एनएचएम के तहत 4358.78 करोड़ रुपए केन्द्र दे रहा।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>बीते साल कितने मरीजों का इलाज हुआ</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="height:41.5px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41.5px;width:715.3px;"> 1,76,42,822 मरीज ओपीडी में</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">1,31,67,576 मरीज भर्ती हुए</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;"> 4,38,915 ऑपरेशन हुए।</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>8 राजसैम व सोसायटी मेडिकल कॉलेज में 90 लाख मरीज</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#ccffff;color:#993300;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">ओपीडी में 6.45 करोड़</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">भर्ती हुए 70 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;">824 डॉक्टरों की जल्द भर्ती कर रहे हैं। जिलों में अस्थायी आधार पर डॉक्टर रखने के आदेश हाल ही में दिए हैं। वहीं एक हजार अधिशेष डॉक्टरों को भी जिन जगह डॉक्टर नहीं है, वहां भेजा जा रहा है।  राजमैस के तहत संचालित मेडिकल कॉलेज में मेडिकल टीचर्स की अस्थाई भर्ती की रियायत दी है।  अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज फ्री कर दिया गया है। चिरंजीवी से प्राइवेट की भी सेवाएं 1.33 करोड़ परिवार ले सकते हैं। ऐसी योजनाएं लाएं है कि हेल्थ पर जनता की जेब अब ढीली नहीं होगी। - <strong>परसादी लाल मीणा, चिकित्सा मंत्री, राजस्थान    </strong></p>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;width:703px;" colspan="3"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong>हमारा हेल्थ सिस्टम</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:112.1px;" rowspan="4">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ccffcc;color:#008000;"><strong>इलाज की क्षमता</strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>मेडिकल कॉलेज में भर्ती की क्षमता 24,517, अन्य सरकारी अस्पतालों में 60 हजार</strong></p>
</td>
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>16 मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में</strong></span></p>
<p><strong>01. सात सरकारी मेडिकल कॉलेज , झालावाड़ में सोसायटी द्वारा संचालित,  7 राजसैम से जिलों में संचालित, 1 अलवर में ईएसआई संचालित</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41.5667px;">
<td style="height:41.5667px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></p>
<p><strong>02. 29 जिला,32 सब डिविजनल, 649सीएचसी, 2153 पीएचसी, (13779 सब सेंटर अलग)</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>डॉक्टर</strong></span></p>
<p><strong>03. 12500 चिकित्सा विभाग,  3169 मेडिकल कॉलेज टीचर्स,  805 सीनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर <br /></strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>रिक्त पद </strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>04. 633 मेडिकल टीचर्स, 2500 डॉक्टर,  30हजार पैरामेडिकल स्टाफ, 66 हजार नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ, 52 हजार आशा सहयोगिनियां</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:left;width:600px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> नि: शुल्क दवा और जांच</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">4 हजार निशुल्क दवा वितरण केंद्र: 8.58 करोड़ मरीजों को दी मुफ्त दवा, 760 करोड़ रुपए खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 हजार से ज्यादा अस्पताल: 4.4 करोड़ जांचे हुई, 100 से ज्यादा मुफ्त जांच,  150.34 करोड़ खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब मंहगी एमआरआई, सीटी स्कैन,  डायलिसिस सहित सभी फ्री होंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">डॉक्टर की जरूरत जल्द पूरी होने की आस, अभी 4200 डॉक्टर बन रहे है, जल्द 7000 तक मिलने लगेंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 साल पहले 8 मेडिकल कॉलेज:  जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, झालावाड़ और जयपुर में आरयूएचएस थे, कुल सीटें 1900।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब नए 7 नए मेडिकल कॉलेज और शुरू: भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर, सीकर कुल सीटें 980।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">
<p style="text-align:left;">नए प्रस्तावित कॉलेज: 15 को मंजूरी, 2023 तक शुरू होंगे।</p>
<p style="text-align:left;">तीन जिलों में जंहा और कॉलेज की कवायद: राजसमंद, जालौर, प्रतापगढ़।</p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong>     <br />    <br />   <br />    <br />   <br />    <br />    <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 10:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाने के लिए नियमों में हो बदलाव : सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार देश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के नियमों को अधिक सरल एवं व्यावहारिक बनाए, जिससे सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी अधिकाधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित हो सकें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changes-in-rules-for-medical-colleges--says-gehlot/article-5748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cm-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार देश में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के नियमों को अधिक सरल एवं व्यावहारिक बनाए, जिससे सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी अधिकाधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित हो सकें। इससे मेडिकल एजुकेशन का दायरा बढ़ेगा और लोगों को अपने निकटतम स्थान पर बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान यूक्रेन संकट के बाद जरूरी हो गया है कि देशभर में मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछे। गहलोत सीएमआर से वीसी के जरिए नागौर एवं अलवर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए केन्द्र एवं राज्य की हिस्सा राशि का अनुपात 75:25 था, जिसे बढ़ाकर अब 60:40 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए केन्द्र सरकार को अपनी हिस्सा राशि बढ़ानी चाहिए।</p>
<p><strong>मेडिकल कॉलेज खुलने से आर्थिक तंत्र का निर्माण: मनसुख मांडविया</strong><br />केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि केन्द्र सरकार का प्रयास है कि देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़े और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के खुलने से केवल चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों को ही लाभ नहीं होता बल्कि स्थानीय लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं और वहां एक आर्थिक तंत्र का निर्माण होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेजों का काम समय पर पूरा हो सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि अलवर और नागौर में 650 करोड़ की लागत से नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करवाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changes-in-rules-for-medical-colleges--says-gehlot/article-5748</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 10:27:17 +0530</pubDate>
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