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                <title>shaktikant das - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>RBI MPC Meeting : अब यूपीआई से पांच लाख रुपए तक के टैक्स का होगा भुगतान, कुछ घंटों में होगा चेक क्लीयरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) से लेनदेन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए यूपीआई के जरिये कर भुगतान करने की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-mpc-meeting-now-tax-up-to-rs-5-lakh/article-87201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) से लेनदेन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए यूपीआई के जरिये कर भुगतान करने की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है।</p>
<p>शक्तिकांत दास ने बताया कि चेक ट्रंकेशन प्रणाली (सीटीएस) वर्तमान में दो कार्य दिवसों तक के समाशोधन के साथ चेक क्लियर करता है। चेक क्लीयरेंस की दक्षता में सुधार करने और प्रतिभागियों के लिए निपटान जोखिम को कम करने तथा ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बैच प्रोसेसिंग के वर्तमान दृष्टिकोण से सीटीएस को ऑन-रियलाइजेशन-सेटलमेंट के साथ निरंतर क्लीयरेंस में बदलने का प्रस्ताव है।</p>
<p>इसके तहत चेक को कुछ ही घंटों में स्कैन, प्रस्तुत और पास किया जाएगा तथा यह कार्य कारोबारी घंटों के दौरान निरंतर आधार पर किया जाएगा। समाशोधन चक्र वर्तमान टी+1 दिनों से घटकर कुछ घंटों का रह जाएगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की और कहा कि यूपीआई अपनी खासियतों  के कारण भुगतान का सबसे पसंदीदा तरीका बन गया है। वर्तमान में यूपीआई के लिए लेन-देन की सीमा एक लाख रुपये है। हालांकि रिजर्व बैंक ने समय-समय पर पूंजी बाजार, आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) सदस्यता, ऋण संग्रह, बीमा, चिकित्सा और शैक्षिक सेवाओं जैसी कुछ श्रेणियों के लिए यूपीआई लेनदेन सीमाओं की समीक्षा की है और उन्हें बढ़ाया है।</p>
<p>दास ने कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर भुगतान आम, नियमित और उच्च मूल्य के हैं। इसलिए, यूपीआई के माध्यम से कर भुगतान की सीमा को एक  लाख रुपये से बढ़ाकर पांच  लाख रुपये प्रति लेनदेन करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आवश्यक निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर ने बताया कि यूपीआई से लेनदेन करने वाले ग्राहकों की संख्या 42.4 करोड़ पर पहुंच गई है। साथ ही यूपीआई से लेनदेन करने वालों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की पूरी  संभावना है। ऐसे में यूपीआई में'प्रत्यायोजित भुगतान शुरू करने का प्रस्ताव है। प्रत्यायोजित भुगतान एक व्यक्ति (प्राथमिक उपयोगकर्ता) को उनके बैंक खाते पर किसी अन्य व्यक्ति (द्वितीयक उपयोगकर्ता) के लिए यूपीआई  लेनदेन सीमा निर्धारित करने की अनुमति देगा। इससे पूरे देश में डिजिटल भुगतान की पहुंच  और उपयोग में वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 14:36:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>RBI के नीतिगत दरें यथावत रखने के निर्णय से शेयर बाजार धड़ाम</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stock-market-boomed-due-to-rbis-decision-to-keep-policy/article-87182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/stock-market-1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों को लगातार नौवीं बार यथावत रखने के निर्णय से निराश निवेशकों की बिकवाली से आज शेयर बाजार करीब आधी फीसदी लुढ़क गया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। समिति के छह में से चार सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और उदार मौद्रिक नीति के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।</p><p>इस बार ब्याज दर में कम से कम 0.25 प्रतिशत तक की कटौती किए जाने की उम्मीद लगाए कारोबारियों को रिजर्व बैंक का फैसला रास नहीं आया, जिससे आरबीआई गवर्नर का स्पीच शुरू होते ही बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 351.65 अंक अर्थात 0.44 प्रतिशत लुढ़ककर 79,116.36 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 112.75 प्रतिशत यानी 0.46 टूटकर 24,184.75 अंक पर आ गया।</p><p>शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 48 अंक उतरकर 79,420.49 अंक पर खुला लेकिन थोड़ी देर बाद 79,422.15 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा लेकिन आरबीआई की घोषणा के साथ हुई बिकवाली से 78,897.92 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 12:20:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monetry Policy Committee : रेपो रेट लगातार सातवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-committee-repo-rate-remains-unchanged-at-65-percent/article-74508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी का हवाला देते हुए एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार सातवीं बार नीतिगत दर को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। </p>
<p>मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। </p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की  पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और समायोजन के रूख को वापस लेने का निर्णय लिया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Apr 2024 12:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI Monetry Policy Committee Meeting: आम आदमी निराश, रेपो दर लगातार छठी बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद अप्रैल 2023 में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetary-policy-committee-meeting-common-man-disappointed-repo-rate/article-69495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुए लगातार छठी बार नीतिगत दर को यथावत रखने का फैसला किया, जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाए आम लोगों को निराशा हाथ लगी है क्योंकि फिलहाल उनके घर, कार और अन्य ऋणों पर ब्याज दरें कम नहीं होंगी।</p>
<p>मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद अप्रैल 2023 में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है।</p>
<p>आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मौद्रिक नीति को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर रेपो दर के साथ ही सभी प्रमुख नीतिगत दरें यथावत हैं और समायोजन के रुख को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>दास ने घोषणा करते हुए कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रुख से पीछे हटने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में शिथिलता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र सशक्त और मजबूत बना हुआ। भू-राजनीतिक तनाव से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है और जिंसों खासकर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। एमपीसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए समायोजन वापसी पर ध्यान केंद्रित रखने का भी निर्णय लिया कि विकास को समर्थन देते हुए मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप हो। ये निर्णय विकास का समर्थन करते हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति के चार प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य के अनुरूप हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 12:50:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोविड के समय सार्वजनिक संवाद से आरबीआई को मिली बड़ी मदद : शक्तिकांत दास</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को कहा कि कोविड19 संकट के दौरान  समुचित सार्वजनिक संवाद की व्यवस्था से लोगों का भरोसा जमाए रखते हुए चुनौती से निपटने में मदद मिली ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shaktikanta-das-a-big-help-to-rbi-through-public-dialogue/article-48713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-की-कॉपी-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को कहा कि कोविड19 संकट के दौरान  समुचित सार्वजनिक संवाद की व्यवस्था से लोगों का भरोसा जमाए रखते हुए चुनौती से निपटने में मदद मिली तथा सार्वजनिक संवाद केंद्रीय बैंक के लिए उसकी समग्र नीतिगत कवायदों का अतिरिक्त सहारा बन गया था।</p>
<p>दास ब्रिटेन के सेंट्रल बैंकिंग संस्थान की ग्रीष्मकालीन बैठकों के अंतर्गत लंदन में  ''अनिश्चितताओं के समय में केंद्रीय बैंकिंग : भारत का अनुभव" विषय पर आयोजित सम्मेलन के प्रथम पूर्ण अधिवेशन में  बोल रहे थे। आरबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए उनके संबोधन के पाठ के अनुसार गवर्नर दास ने कहा कि हमने प्रभावशाली संवाद के माध्यम से बाजार और सामान्य जन का मार्गदर्शन किया और उनमें विश्वास जगाया। संवाद की यह व्यवस्था लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को समुचति तरीके से संभाले रखने के हमारे प्रयासों का हिस्सा थी।आरबीआई गवर्नर ने इसी संदर्भ में अप्रैल 2020 में  कोविड19 महामारी के शुरू के कठिन दौर में अपने उस वक्तव्य का विशेष रूप से उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था ' सामाजिक दूरी के नियम ने यद्यपि हमें एक दूसरे से दूर जरूर कर दिया है, हम एक हैं और हमारा संकल्प मजबूत है। अंत: हम ठीक रहेंगे, ठीक ही करेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jun 2023 20:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>आरबीआई की मौद्रिक नीति की बैठक, जानिए आज से आर्थिक नीतियों में क्या होगा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbis-monetary-policy-meeting-know-what-will-be-the-change/article-48170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rbi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अलनीनो के प्रभाव से मानूसन के प्रभावित होने के जोखिम पर नजर लगाते हुये महंगाई को लक्षित दायरे में रखने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। </p>
<p>समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। चालू वित्त वर्ष में समिति की पहली तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि पिछले वर्ष मई से अब तक रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की बढोतरी की जा चुकी है। फिलहाल इसमें कोई बढोतरी नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिए गये निर्णयों की मुख्य बातें इस प्रकार है: </strong></p>
<p>1. रेपो दर 6.50 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>2. स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत पर स्थिर</p>
<p>3. मार्जिनल स्टैंडिेंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>4. बैंक दर 6.75 प्रतिशत स्थिर</p>
<p>5. फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत बरकरार</p>
<p>6. नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत पर </p>
<p>7. वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत</p>
<p>8. चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया गया</p>
<p>9. पहली तिमाही में जीडीपी 8 प्रतिशत रह सकता है</p>
<p>10. दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.0 प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती</p>
<p>11. मार्च 2023 में समाप्त वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत रही </p>
<p>12. चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान </p>
<p>13. पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 4.6 प्रतिशत पर </p>
<p>14. दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत पर</p>
<p>15. तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.4 प्रतिशत पर </p>
<p>16. चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत रह सकती </p>
<p>17. मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 8 से 10 अगस्त 2023 को होगी</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। हालांकि चालू वित्त वर्ष में 5.1 प्रतिशत रह सकती है। पहली तिमाही में यह 4.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 14:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बिना इंटरनेट कनेक्शन के होगा डिजिटल भुगतान </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फीचर फोन के जरिए बिना इंटरनेट कनेक्शन के डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की है। आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने यूपीआई123पे की इस सुविधा का उद्घाटन किया जिसके अंतर्गत ग्राहक तीन चरण के प्रक्रिया अपनाते हुए सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/digital-payment-will-be-without-internet/article-5762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rib-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फीचर फोन के जरिए बिना इंटरनेट कनेक्शन के डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की है। आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने यूपीआई123पे की इस सुविधा का उद्घाटन किया, जिसके अंतर्गत ग्राहक तीन चरण के प्रक्रिया अपनाते हुए सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इस सुविधा से देश में स्मार्ट फोन और समान्य फोन का उपयोग करने वाले ग्राहक डिजिटल लेन-देन की सुविधा के अवसर के मामले में बराबरी पर आ गए हैं। 40 करोड़ लोगों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल सकती है जो अभी फीचर फोन का ही इस्तेमाल करते हैं। इस सफलता में यूपीआई की बड़ी भूमिका रही है, जिसमे फरवरी 2022 में 8.26 लाख करोड़ रुपए के 453 करोड़ सौदे हुए हैं। यह संख्या बीते वर्ष इसी माह की तुलना में दोगुनी है।</p>
<p><strong>100 लाख करोड़ का लक्ष्य</strong><br />सेवा एवं समाधान प्रदाताओं, एनपीसीआई(नेशनल पेमेंट््स कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया) और रिजर्व बैंक के अपने साथियों के सहयोग से यूपीआई पर 100 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन के लक्ष्य तक पहुंच चुके होंगे। भारत में 118 करोड़ मोबाइल फोनधारक हैं, इनमें से 74 प्रतिशत स्मार्ट फोन वाले हैं। स्मार्ट फोन रखने वाले इंटरनेट के जरिए विभिन्न प्रकार की डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि फीचर फोन पर इसके विकल्प सीमित हैं।      ‘यूपीआई123पे’ में चार अलग-अलग तकनीके अपनायी गयी हैं। जिसमें आईवीआर (फोन से मौखिक निर्देश), एप जैसे कार्य, नजदीक से आवाज के आधार पर भुगतान और मिस्ड कॉल का तरीका शामिल है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/digital-payment-will-be-without-internet/article-5762</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 12:29:11 +0530</pubDate>
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