<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/injection/tag-13968" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>injection - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13968/rss</link>
                <description>injection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गलत इंजेक्शन लगाने के बाद एमबीएस अस्पताल में दो मरीजों की एक साथ मौत, शवों को सड़क पर लाकर परिजनों ने किया प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[ पुलिस औैर प्रशासन के लोगों ने पीड़ितों को समझाइश देकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/simultaneous-deaths-of-two-patients-at-mbs-hospital-following-administration-of-wrong--injection/article-153947"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)82.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल व जेकेलोन में प्रसूताओं की मौत का मामला अभी खत्म भी नहीं हुआ कि शुक्रवार को संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाने से दो लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह हुए इस हादसे के बाद मृतकों के परिजन आक्रोशित हो गए। जानकारी के अनुसार, लोगों ने अस्पातल में तोड़फोड़ भी की और एक रेजीडेंट के साथ मारपीट भी की बताते हैं। परिजन स्ट्रेचर पर रखे शवों को एमबीएस अस्पताल मुख्य मार्ग पर खींच लाए और शवों को रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिजन इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर रहेथे।  इस दौरान सड़क के दोनों तरफ जाम लग गया। लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। थोड़ी देर बाद पुलिस औैर प्रशासन के लोगों ने पीड़ितों को समझाइश देकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार, टोंक जिले की उनियारा तहसील के एक गांव निवासी किशन तथा बड़गांव बूंदी निवासी मदन की इस घटना में मौत हुई है। उनियारा निवासी मरीज के पाव में संक्रमण फैला था जब कि बूंदी बड़गांव निवासी मरीज को पेट में कब्ज के चलते सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। दोनों को एमबीएस अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि ड्र्पि  में इंजेक्शन लगने से पहले दोनों मरीज गंभीर नहीं थे। इंजेक्शन लगते ही दोनों की हालत खराब होने लगी और थोड़ी ही देर में दोनों की मौत हो गई। घटना की विस्तृत जानकारी फिलहाल नहीं मिली।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/simultaneous-deaths-of-two-patients-at-mbs-hospital-following-administration-of-wrong--injection/article-153947</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/simultaneous-deaths-of-two-patients-at-mbs-hospital-following-administration-of-wrong--injection/article-153947</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:33:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%2982.png"                         length="1553293"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गलत इंजेक्शन से महिला की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[एमआईए क्षेत्र स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए आई महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने नर्सिंग कर्मी पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-woman-killed-to-wrong-injection/article-8995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/injection-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। एमआईए क्षेत्र स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए आई महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने नर्सिंग कर्मी पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार पूजा जांगिड़ के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे एमआईए स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए लेकर आए। यहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने पर नर्सिंगकर्मी ने चिकित्सक से बात कर महिला को इंजेक्शन व ड्रीप लगा दी।</p>
<p>इसके बाद महिला की स्थिति खराब हो गई। महिला को यहां से सोलंकी हॉस्पिटल भेज दिया, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। मृतका के भाई ने जितेंद्र का कहना है कि नर्सिंग कर्मी ने उसकी बहन को गलत इंजेक्शन लगाया। इसके कारण उसकी अधिक तबीयत खराब होने से मौत हो गई। एमआईए स्थित निजी अस्पताल की चिकित्सक का कहना है कि महिला ने पहले से ही जहर का सेवन कर रखा था। इससे उसकी मौत हुई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अलवर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-woman-killed-to-wrong-injection/article-8995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-woman-killed-to-wrong-injection/article-8995</guid>
                <pubDate>Mon, 02 May 2022 11:55:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/injection-copy.jpg"                         length="81451"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चार से पांच माह में खराब हो जाएंगे 3 करोड़ के रेमडेसिवर इंजेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड की दूसरी लहर में सर्वाधिक काम में आने वाले रेमडेसिवर खराब होने की स्थिति में पहुंच गए है। चार से पांच माह में इनका उपयोग नहीं हुआ तो करीब 3 करोड़ के इंजेक्शन अनुपयोगी हो जाएंगे। कोटा को करीब 10 हजार इंजेक्शन भेजे थे, लेकिन कोविड की तीसरी लहर में इनका उपयोग नहीं हो सका था। ऐसे में धरे रह गए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-3-crore-remdesivir-injections-will-be-spoiled-in-four-to-five-months/article-5767"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/09.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोविड की दूसरी लहर में सर्वाधिक काम में आने वाले रेमडेसिवर खराब होने की स्थिति में पहुंच गए है। चार से पांच माह में इनका उपयोग नहीं हुआ तो करीब 3 करोड़ के इंजेक्शन अनुपयोगी हो जाएंगे। दरअसल, कोविड की तीसरी लहर से पूर्व चिकित्सा विभाग ने बड़ी संख्या में रेमडेसिविर मेडिकल कॉलेज की एमसीडीडब्लू (मेडिकल कॉलेज ड्रग वेयर) को भेज दिए गए थे। कोटा को करीब 10 हजार इंजेक्शन भेजे थे, लेकिन कोविड की तीसरी लहर में इनका उपयोग नहीं हो सका था। ऐसे में धरे रह गए है। कुछ ही इंजेक्शन की खपत हुई है। ऐसे में अधिकांश इंजेक्शन बचे है। एमसीडी के अनुसार अभी 5 हजार 339 इंजेक्शन बचे है। इसके अलावा इतने इंजेक्शन अन्य अस्पतालों को भेज दिए गए है। एक इंजेक्शन की कीमत करीब तीन हजार के आसपास है। इस तरह से करोड़ों के इंजेक्शन अभी पड़े हुए है। हालांकि, इनका उपयोग नहीं होना भी अच्छी बात है। क्योंकि, कोई भी नहीं चाहता है कि पुराने दिन वापस आए। फिर भी काफी राशि के इंजेक्शन है। इनको अन्य जगह पर भेजने की जरुरत है, ताकि वो इनको काम में ले सके।<br /><br /><strong>द्वितीय लहर में अधिक मांग</strong><br />कोविड लहर की शुरुआत से रेमडेसिवर इंजेक्शन की काफी मांग रही है। दूसरी लहर में स्थिति ऐसी थी कि इनको 10 हजार रुपए में बेचा गया। बड़ी संख्या में कालाबाजारी हुई। लोगों का मानना था कि कोविड का कोई उपचार नहीं है। कोविड को केवल रेमडेसिवर से ठीक किया जा सकता है, जिसके चलते ऐसी दिक्कत हुई। इंजेक्शन के लिए लोग गिडगिडाते नजर आए। इसके मामले काफी सूर्खियों में रहे। हालांकि, कोविड की तीसरी लहर में इनका कोई उपयोग नहीं रहा। गिनती के मरीजों पर इसको प्रयोग हुआ। यहीं वजह है कि ये इंजेक्शन बच गए है।<br /><br /><strong>आईसीएमआर ने ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से हटाया</strong><br />शुरूआत में इसकी काफी मांग रही थी, लेकिन बाद में इंडियन मेडिकल काउंसिल आॅफ रिसर्च (रिसर्च) ने इसको ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से हटा दिया। इसके साथ ही एंजीथ्रोमाइसिन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को भी मरीजों के उपचार में शामिल करने का नहीं कहा था। उनका कहना था कि रेमडेसिवर से कोविड मरीजों को लाभ नहीं मिलता है। उलटा इससे तो हार्ट, शुगर और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इसके बावजूद भी इसका प्रयोग किया। फिलहाल इसका उपयोग कम हो गया है। <br /><br />एमसीडीडब्लू के पास करीब 5 हजार से अधिक इंजेक्शन है। इतने इंजेक्शन अन्य अस्पतालों के पास है। इस तरह से 10 हजार इंजेक्शन है।<br /><strong>- डॉ सुशील सोनी, प्रभारी, एमसीडीडब्लू</strong><br /><br />इंजेक्शन से अधिक जरूरी है लोगों का स्वास्थ्य है। क्योंकि, पूर्व में भी अचानक डिमांग हो गई थी। जिसके चलते परेशानी हुई।<br /><strong>- डॉ विजय सरदाना, प्राचार्य, न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-3-crore-remdesivir-injections-will-be-spoiled-in-four-to-five-months/article-5767</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-3-crore-remdesivir-injections-will-be-spoiled-in-four-to-five-months/article-5767</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 15:05:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/09.jpg"                         length="299899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        