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                <title>riico - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>युवा उद्यमियों के लिये सुनहरा अवसर, सभी संभागीय स्तरों पर मिलेगी प्लग एंड प्ले सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में एमएसएमई (MSME) को बढ़ावा देने के लिए रीको ने संभागीय स्तरों और किशनगढ़ में 'प्लग एंड प्ले' सुविधा शुरू की है। इसके तहत उद्यमियों को तैयार बुनियादी ढांचे के साथ भूखंड 15 साल के रेंटल आधार पर मिलेंगे। ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटन होगा, जिससे कम लागत और कम समय में उद्योग शुरू करना आसान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/golden-opportunity-for-young-entrepreneurs-plug-and-play-facility-will/article-151238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/scaled_1001893513.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रीको ने ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा देने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप, रीको द्वारा बजट घोषणा की क्रियान्विति के लिए संभागीय स्तरों एवं किशनगढ़ में प्लग एण्ड प्ले सुविधा विकसित करने के लिए भूखण्डों का चयन कर लिया है। यह अत्याधुनिक ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा रीको के औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित की जाएगी, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को बहुत कम समय और कम लागत में अपना उद्योग प्रारंभ करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।</p>
<p>राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों यथा जयपुर में सीतापुरा फेज-तृतीय, बीकानेर में करणी औद्योगिक क्षेत्र, बोरानाडा (जोधपुर) में एग्रो फूड पार्क, भरतपुर में ब्रज औद्योगिक क्षेत्र, किशनगढ़ में खोड़ा, उदयपुर में आईआईडी सेन्टर कलड़वास, कोटा में एग्रो फूड पार्क-रानपुर और अजमेर में आईटी पार्क-माकडवाली औद्योगिक क्षेत्र में इन आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उक्त भूखण्ड़ों का आवंटन ऑनलाईन ई-ऑक्शन के माध्यम से रेन्टल बेसिस पर 15 वर्षों के लिए किया जायेगा। तत्पश्चात् 10 वर्षों का विस्तार दिया जा सकेगा। उपरोक्त भूखण्ड़ के आवंटन हेतु किराये के लिए बोली शुरू करने की आधार दर संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की प्रचलित दर (Prevailing Rate) की 5% प्रतिवर्ष प्रतिवर्गमीटर होगी। किराये में वार्षिक वृद्धि प्रारंभिक किराये पर 5% प्रतिवर्ष होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:13:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - रीको ने शुरू की अपने क्षेत्र में सफाई, कई ट्रॉली कचरा उठवाया</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही रीको अधिकारियों ने मौके पर टीम भेजकर सफाई करवाना शुरू कर दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---riico-begins-cleaning-its-area--removes-several-trolleys-of-garbage/article-133622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(16)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया में रीको ने मंगलवार को सफाई करवाना शुरू कर दिया है। पहले दिन कई ट्रॉली कचरा उठाया गया।स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया में कई जगह पर मुख्य रोड पर ही गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। कचरा भी इतना अधिक कि जैसे कई दिन से सफाई ही नहीं हो। इतना ही नहीं जहां कचरा डालना बना है का बोर्ड लगा है वहां भी कचरा डाला जा रहा है।हालांकि यह कचरा अधिकतर स्थानीय फैक्ट्रियों व आसपास के लोगों द्वारा ही डाला जा रहा है। लेकिन रीको एरिया होने से नगर निगम वहां सफाई नहीं करवाता। वहीं रीको की ओर से भी सफाई पर ध्यान नहीं देने से कचरे का ढेर एकत्र हो गया था। जिससे वहां रहने वालों के साथ ही राहीगरों तक के लिए बीमारी और दुर्गंध का खतरा बना हुआ था। साथ ही कचरा मेन रोड तक फेलने से वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करने के साथ ही उस क्षेत्र की दशा भी बिगड़ी हुई थी।</p>
<p>रीको की ओर से मंगलवार को एक जगह से कचरा उठवाना शुरू किया है। दिन के समय वहां से कई ट्रॉली कचरा उठाया गया। जिससे वहां कचरे का ढेर पहले से कम तो हुआ है। साथ ही अन्य जगहों से भी कचरा उठाने का काम किया जा रहा था।<br />रीको के अधिकारी वी.के. विजय ने बताया कि स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया में सफाई का काम शुरू करवा दिया है। जल्दी ही पूरे क्षेत्र में जहां भी कचरा पड़ा हुआ है उसे साफ करवा दिया जाएगा। साथ ही संबंधित टीम को निर्देश दिए गए हैं कि समय-समय पर ध्यान रखकर जहां भी कचरे का ढेर हो उसे नियमित साफ कराया जाए।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि रीको क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लगे कचरे के ढेर व उससे आमजन को होने वाली परेशानी के बारे में दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 24 नवम्बर के अंक में पेज 5 पर' अक्स गंदा लेकिन आईना चमका रहे शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसमें इस समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होते ही रीको अधिकारियों ने मौके पर टीम भेजकर सफाई करवाना शुरू कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 14:33:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में 196 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड उपलब्ध, सरकार नए क्षेत्रों के विकास पर भी कर रही विचार</title>
                                    <description><![CDATA[हालांकि, सीतापुर में मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र को जनरल जोन में परिवर्तित करने अथवा नए सेक्टर स्थापित करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-is-also-considering-the-development-of-new-areas-available/article-125678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/vidhan-shbha-02.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में रीको की ओर से स्थापित 196 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। इनमें अजमेर, अलवर, बाड़मेर, सीकर, चुरू समेत विभिन्न जिलों के औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। राजस्थान विधानसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के जवाब  में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जानकारी दी है। सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी विचार कर रही है। मंत्री ने बताया कि बजट घोषणाओं के तहत समय-समय पर नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाती है।</p>
<p>साथ ही, उद्यमियों की मांग, कच्चे माल की उपलब्धता तथा भूमि की उपलब्धता को ध्यान में रखकर भी औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जाता है। हालांकि, सीतापुर में मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र को जनरल जोन में परिवर्तित करने अथवा नए सेक्टर स्थापित करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। प्रदेश सरकार का मानना है कि औद्योगिक विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह कदम राजस्थान को निवेश और उद्योगों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 14:41:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में रीको के प्रबंध निदेशक का दौरा, समस्याओं के समाधान का आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[संस्था ने राइजिंग राजस्थान अभियान में भी अपने सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे राज्य में उद्योगों के विकास को गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/riico-managing-director-visits-vishwakarma-industrial-area-assures-solution-of/article-92842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के दौरे पर रीको के प्रबंध निदेशक इंद्रजीत सिंह आए। उनके आगमन पर रीको कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। प्रबंध निदेशक महोदय को संस्था के अध्यक्ष जगदीश सोमानी, महासचिव  पुष्प कुमार स्वामी, कोषाध्यक्ष राजेश पोद्दार, रीको कमेटी चैयरमैन डॉ. अरुण अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुशांत गोयल, वरिष्ठ संयुक्त सचिव  बाबूलाल शर्मा, संयुक्त सचिव आशीष सहरिया, उद्यमी दीपक धनोतिया और अतुल घीया आदि ने दुपट्टा और साफा पहनाकर स्वागत किया।</p>
<p><strong>औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा<br /></strong>औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए एक ज्ञापन प्रबंध निदेशक को सौंपा गया। ज्ञापन में आंकेडा डूंगर के विकास, ईएसआई डिस्पेंसरी के विस्तार, अतिक्रमण और जाम की समस्याओं का समाधान, सड़क और नाली निर्माण, ऑडिटोरियम और नया अस्पताल बनाने, गोदामों को उद्योग का दर्जा देने तथा रीको के नियमों में सरलीकरण की मांग की गई।</p>
<p><strong>राइजिंग राजस्थान में योगदान का आश्वासन<br /></strong>संस्था ने राइजिंग राजस्थान अभियान में भी अपने सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे राज्य में उद्योगों के विकास को गति मिलेगी। प्रबंध निदेशक ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन देते हुए विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र को एक आदर्श औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का विश्वास दिलाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Oct 2024 18:55:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भीलवाड़ा जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए रीको को 99.72 हैक्टेयर भूमि का होगा आवंटन</title>
                                    <description><![CDATA[औद्योगिक विकास के साथ ही स्थानीय स्तर पर होगा रोजगार का सृजन    ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/9972-hectares-of-land-will-be-allotted-to-riico-for/article-84464"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cm-bhajan-lal-lharma.png-4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भीलवाड़ा जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम लिमिटेड (रीको) को भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।</p>
<p>प्रस्ताव के अनुसार भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील में ग्राम मोड का निम्बाहेड़ा में 99.72 हैक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। ये भूमि राजस्थान भू-राजस्व (औद्योगिक क्षेत्र आवंटन) नियम-1959 के तहत आवंटित की जाएगी। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने तथा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके इस निर्णय से भीलवाड़ा जिले में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 12:44:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जमीन उद्योग की, बन गए हॉस्टल और आवास</title>
                                    <description><![CDATA[गौरतलब है कि इन भूखण्डों पर ये हॉस्टल खड़े तो कर लिए गए लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन औद्योगिक उपयोग के लिए ही बना रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-land-belonged-to-the-industry-and-became-hostels-and-residences/article-64545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/11116.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर को देश के कोचिंग हब से रूप में जाना जाता है जहां हर साल लाखों विद्यार्थी जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। देश के कोने कोने से आने वाले इन विद्यार्थियों की बदोलत शहर की लगभग आधी आबादी को रोजगार मिलता है। वहीं रोजगार दिलाने वाले साधनों में कोचिंग संस्थानों के बाद हॉस्टल्स का ही नम्बर आता है। इसी क्रम में शहर के कई इलाकों में हजारों की संख्या में हॉस्टल संचालित हैं। जो हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन शहर के रीको इण्डस्ट्रियल एरिया में बने सैकड़ों हॉस्टल ऐसे हैं जो नियमानुसार बिल्कुल अवैध चल रहे हैं। किसी भी शहर में रीको की जमीन केवल औद्योगिक गतिविधि के लिए ही उपयोग की जा सकती है, उस पर किसी भी प्रकार का कमर्शियल या रिहायशी उपयोग अवैध है। लेकिन बावजूद इसके इस क्षेत्र में करीब 150 से 200 हॉस्टल नियमानुसार अवैध रूप से चल रहे हैं। वहीं इस मामले में रीको भी आंख मूंद कर बैठा नजर आता है, जो मात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।</p>
<p><strong>उद्योग के लिए आवंटित है जमीन</strong><br />रीको क्षेत्र की सारी जमीन और प्लॉट आद्यौगिक गतिविधि के लिए आवंटित है जिसे सरकार द्वारा 99 साल की लीज पर आवंटित किया गया था। लेकिन शहर की इण्डस्ट्री का रूप समय के साथ बदलता गया। शहर का औद्योगिक स्वरूप जो कोटा स्टोन, ग्रेनाइट, सेंड स्टोन और अन्य इण्डस्ट्री के रूप में चल रहा था वो साल 2010 के बाद कोचिंग इण्डस्ट्री में तब्दील हो गया। जिसका सीधा प्रभाव रीको क्षेत्र पर हुआ जहां पर व्यापारियों ने फैक्ट्रियां बंद करके कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल का निर्माण शुरू कर दिया। </p>
<p><strong>3098 में से 2996 में उद्योग संचालित</strong><br />गौरतलब है कि इन भूखण्डों पर ये हॉस्टल खड़े तो कर लिए गए लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन औद्योगिक उपयोग के लिए ही बना रहा। रीको प्रशासन की माने तो शहर में वर्तमान में करीब 3098 भूखण्डों पर औद्योगिक गतिविधि की अनुमति दी हुई है, जिनमें से 2996 भूखण्डों पर अभी भी उद्योग संचालित हैं वहीं शेष भूखण्डों पर या तो उद्योग बंद हो गए हैं या उन्हें किसी अन्य कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। उधर आंकडों से इतर बात करें तो इस क्षेत्र में करीब 150 से 200 हॉस्टल संचालित हैं। </p>
<p><strong>करोडों के राजस्व का नुकसान</strong><br />इस क्षेत्र में चल रहे इन हॉस्टलों के कारण सरकार को भी लाखों करोड़ों रूपयों का नुकसान हो रहा है। क्योंकि किसी स्थान पर उद्योग के चलने से सरकार को भी उस स्थान से औद्योगिक कर के रूप में आय होती है जो इन हॉस्टलों के संचालन से होना मुश्किल है। वहीं इसके अलावा इन हॉस्टलों के औद्योगिक क्षेत्र में बने होने से इन हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को धूल और प्रदूषण का सामना करना पड़ता है क्योंकि ये हॉस्टल स्टोन इण्डस्ट्री के साथ में अन्य कई प्रकार की औद्योगिक ईकाइयों के बीच मौजूद हैं। इन फैक्ट्रियों से निकला धुंआ और धूल सीधे हॉस्टालों में जाता है। दूसरी ओर फैक्ट्रियों के होने से यहां पर दिनभर भारी वाहनों का आवागमन होता है जो भी प्रदूषण को और बढ़ा देता है। </p>
<p><strong>नियमों से अटका डायवर्जन का मामला</strong><br />इन सभी भूखण्डों पर पहले औद्योगिक इकाइयां संचालित थी, लेकिन कोटा स्टोन की घटती डिमांड और बाजार में बढ़ते तकनीक से ये इकाइयां घाटे में जाती रहीं और कोटा में बढ़ती कोचिंग इण्डस्ट्री को देखते हुए फैक्ट्रियों के मालिकों ने उद्योग बंद कर हॉस्टल्स का निर्माण शुरू कर दिया। जिसे लेकर व्यापार महासंघ और कोटा हॉस्टल एसासिएशन की ओर से रीको प्रशासन को कई बार भूखण्डों के डायवर्जन के लिए पत्र लिखकर मांग की जा चुकी है लेकिन रीको प्रशासन की तरफ से आगे की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। <br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव, कोटा व्यापार महासंघ</strong></p>
<p>इन भूखण्डों पर बने हॉस्टल पूर्ण रूप से अवैध हैं जिसे लेकर करीब 150 हॉस्टल मलिकों को नोटिस दिए हुए हैं, वहीं जिन प्लॉटों पर ये हॉस्टल बने हुए हैं उनके औद्योगिक लाइसेंस भी निरस्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा हॉस्टल एसोसिएशन की ओर से भी लैंड डायवर्जन की मांग की गई थी जिसके बारे में जयपुर मुख्यालय को पत्र लिखकर बताया जा चुका है। कोई नया आदेश आने पर ही आगे की कारवाई की जाएगी।<br /><strong>- महेंद्र कुमार शर्मा, सीनियर डीजीएम, रीको कोटा यूनिट </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Dec 2023 19:36:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रीको प्रबंधक, कलेक्टर व  नगर निगम सीएफओ को नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[रीको इंडस्ट्रीज एरिया उद्योग स्थापित करने के लिए है वहां केवल व्यावसायिक गतिविधियां हो सकती हैं लेकिन क्षेत्र में आवासीय हॉस्टल बन गए ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-to-riico-manager--collector-and-nagar-nigam-cfo/article-47939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/court-hammer011.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्थाई लोक अदालत ने रीको इंडस्ट्री एरिया में व्यावसायिक गतिविधियां एवं आवासीय हॉस्टल बनाने के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक , नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी और जिला कलेक्टर  को नोटिस जारी करते हुए 27 जून 2023 तक जवाब तलब किया है । इस मामले में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी और रामरेखा सैनी ने संयुक्त रूप से न्यायालय में एक जनहित याचिका पेश की। उसमें बताया कि रीको इंडस्ट्रीज एरिया उद्योग स्थापित करने के लिए है। वहां केवल व्यावसायिक गतिविधियां हो सकती है, लेकिन क्षेत्र में आवासीय हॉस्टल बन गए, जो अवैध रूप से संचालित हो रहे।</p>
<p>इन हॉस्टलों में हजारों बच्चों का भविष्य एवं जीवन खतरे में डाला जा रहा है । याचिका में  बताया  कि  कोटा में हर वर्ष करीब 200000 से अधिक विद्यार्थी देश  के कोने-कोने से आकर मेडिकल - इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं।  ऐसे में बहुमंजिला हॉस्टल बन रहे हैं । इनका निर्माण ऐसी जगह पर हो चुका है जहां केवल उद्योग लगाए जा सकते हैं।   कई केमिकल उद्योग लगे हुए हैं । पूर्व में आग लगने व गैस का रिसाव होने  की  घटनाएं  हो चुकी हैं। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए रीको प्रबंधक , कलेक्टर और नगर निगम सीएफओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2023 16:07:44 +0530</pubDate>
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                <title>इंडस्ट्रियल एरिया में खड़ी हो गई आवासीय हॉस्टल की मंडी</title>
                                    <description><![CDATA[इंडस्ट्रीयल एरिया में रीको द्वारा सिर्फ उद्योग लगाने के लिए भूख़ड आवंटित किए गए लेकिन नए उद्योग लगाने की जगह कुछ लोगों ने वहां आवासीय हॉस्टल बना लिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/residential-hostel-market-stood-up-in-industrial-area/article-47519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/industrial-area-mei-khadi-ho-gai-awasiya-hostel-ki-mandi..kota-news-2.6.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। वैसे तो रीको का इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योग लगाने के लिए है। वहां सिर्फ व्यवसायिक गतिविधियां ही हो सकती है। लेकिन हकीकत में उस क्षेत्र में उद्योगों के नाम पर आवासीय हॉस्टल खड़े हो गए हैं। अवैध रूप से संचालित हो रहे इन हॉस्टलों में हजारों बच्चों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। रीको के अधिकारियों ने भी ऐसे हॉस्टलों के भूखंड निरस्त कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्रीे कर ली है। शिक्षा नगरी कोटा में जहां हर साल करीब दो  लाख से अधिक विद्यार्थी देशभर से यहां आकर मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके रहने के लिए बहुमंजिला हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। ये हॉस्टल नए कोटा शहर के अलावा नदी पार लैंड मार्क सिटी और बारां रोड पर कोरल पार्क तक में बने हुए हैं। लेकिन हालत यह है कि हॉस्टलों का निर्माण ऐसी खतरनाक जगह पर भी हो गया है जहां सिर्फ उद्योग लगाए जा सकते हैं। वह भी शहर के बीच और अधिकारियों की नाक के नीचे।  झालावाड़ रोड स्थित रीको इंडस्ट्रील एरिया में जहां कैमिकल फैक्ट्री जैसे उद्योग लगे हुए हैं। जहां कभी भी किसी तरह की कोई घटना हो सकती है। उस क्षेत्र में रीको द्वारा सिर्फ उद्योग लगाने के लिए भूख़ड आवंटित किए गए। लेकिन नए उद्योग लगाने की जगह कुछ लोगों ने वहां आवासीय हॉस्टल बना लिए। वह भी एक दो नहीं बड़ी संख्या में हॉस्टलों की बाढ़ सी आई हुई है। </p>
<p><strong>हॉस्टल बनते समय नहीं दिया ध्यान</strong><br />रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में उद्योगों के आस-पास ही थोड़ी-थोड़ी दूरी पर हॉस्टल बने हुए हैं। वह भी एक दो मंजिला नहीं बहुमंजिला हैं। उन हॉस्टलों को बनने में महीनों का समय लगा होगा। लेकिन उस समय रीको के अधिकारियों ने उस पर ध्यान ही नहीं दिया। नतीजा एक के बाद एक लगातार वहां कई हॉस्टल बनते गए।  हॉस्टलों की बाढ़ सी आ गई। हॉस्टल बनने के बाद अधिकारियों की नींद खुली। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिससे रीको की कार्रवाई का किसी पर कोई असर नहीं हुआ। हॉस्टल अभी भी अपनी जगह पर हैं। जहां हजारों बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर उन हॉस्टलों में रह रहे हैं।</p>
<p><strong>पहले हो चुके कई हादसे</strong><br />रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में जहां कई कैमिकल के उद्योग लगे हुए हैं। वहां गैसों का काम होता है। उस क्षेत्र में पूर्व में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ समय पहले एक कैमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। आग से कैमिकल के कारण दूर-दृूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। उद्योगपतियों से लेकर जिला प्रशासन तक में हडकम्प मच गया था। हालांकि उस फैक्ट्री के नजदीक कोई हॉस्टल नहीं था। लेकिन उस क्षेत्र में कई हॉस्टल बने हुए हैं। जिससे गैस का रिसाव होने से उस क्षेत्र में परेशानी हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले उसी क्षेत्र में एक स्क्ै प की फैक्ट्री में गैस रिसाव होने की घटना हुई थी। उस फैक्ट्री के परिसर में ही हॉस्टल बना हुआ था। जिससे गैस के कारण कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई थी। जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा था। उस समय भी यह मामला आया था कि इस क्षेत्र में हॉस्टल बनाना गलत है। लेकिन उसके बाद भी न तो किसी हॉस्टल संचालक पर कार्रवाई हुई और न ही हॉस्टल बनना रूके। इन घटनाओं के बाद भी रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में हॉस्टलों का अम्बार है। जहां हजारों बच्चों का जीवन खतरे में है। </p>
<p><strong>अग्निशमन विभाग ने भी हॉस्टलों पर नहीं की कार्रवाई</strong><br />रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में अधिकारियों की अनदेखी से बहुमंजिला हॉस्टल तो बन गए। लेकिन अवैध रूप से बने इन हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। वहां आग से सुरक्षा के इंतजाम हैं या नहीं। इस बारे में निगम के अग्निशमन विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे हॉस्टल मालिक व संचालकों के हौंसले बुलंद है। उन्हें किसी का डर नहीं है जबकि वे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं।</p>
<p><strong>इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स में भी अवैध हॉस्टल</strong><br />इतना ही नहीं डकनिया रेलवे स्टेशन रोड स्थित इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स एरिया भी उद्योगों के लिए है। लेकिन वहां भी होटल व उद्योग के नाम पर बहुमंजिला हॉस्टलों का निर्माण हो चुका है। अवैध रूप से बने इन हॉस्टलों पर न तो कोई कार्रवाई हो रही है और न ही रीको के अधिकारियों पर।  </p>
<p><strong>इंडस्ट्रीयल एरिया में हॉस्टल बनाना गलत</strong><br />विज्ञान नगर निवासी अजय यादव का कहना है कि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया उद्योग लगाने के लिए है। वहां कई तरह के उद्योग लगे हुए भी हैं। ऐसे में उन एरिया में हॉस्टल बनाना गलत है। फैक्ट्रियों में कभी भी कोई  घटना होने पर बच्चों के जीवन पर खतरा हो सकता है।  तलवंडी निवासी संजय जैन का कहना है कि इंडस्ट्रीयल एरिया में सिर्फ इंडस्ट्री लगाई जानी चाहिए। वहां हॉस्टल बने हैं तो गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बाहर से आने वाले बच्चे कोटा वालों के भरोसे हैं। ऐसे में वहां यदि उनके साथ कोई घटना होती है तो कोटा की बदनामी होगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में कुछ पार्ट व्यवसायिक गतिविधियों के लिए दिया हुआ है। जहां कोचिंग संस्थान बने हुए हैं। पेट्रोल पम्प भी खोले गए हैं। ऐसे में उस क्षेत्र में हॉस्टल निर्माण की मांग की जा रही है। यदि बिना अनुमति के हॉस्टल बने हैं तो वह गलत है। <br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ    </strong></p>
<p>रीको इंडस्ट्रीयल व इलेकट्रोनिक कॉम्पलेक्स में बड़ी संख्या में अवैध ॅरूप से हॉस्टल बनाना गलत है। वहां आग से सुरक्षा के मापदंड अपनाए जा रहे हैं या नहीं इस संबंध में अग्निशमन विभाग ने पूृर्व में नोटिस देने की कार्रवाई की होगी। लेकिन अब वहां दोबारा से हॉस्टलों की जांच की जाएगी। यदि फायर उपकरण लगे हुए नहीं हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>रीको इंडस्ट्रेयल एरिया में हॉस्टल बनाना गलत है। यहां सिर्फ उद्योग ही लगाए जा सकते हैं। इस क्षेत्र में हॉस्टल बनने पर पहले उन्हें नोटिस दिए गए। बिना अनुमति बने हॉस्टल सभी अवैध हैं। नोटिस के बाद  हॉस्टल वाले 53 भूखंडों को निरस्त कर दिया गया है। जिससे ये सभी अवैध हो गए। भूखंड निरस्त होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। क्योंकि अधिकतर हॉस्टल संचालक अदालत में चले गए। <br /><strong>- एम.के. शर्मा, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2023 14:44:25 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रीको सीमा ज्ञान के बाद करेगा कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रीको की ओर से संबंधित रकबों का सीमाज्ञान के उपरान्त मौके पर रीको की भूमि डिमारकेट कर, ले-आउट प्लान के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industries-minister-shakuntala-rawat-said-in-the-vidhan-sabha--that-after-demarcating-the-respective-acreages-on-behalf-of-riico-in-jaipur-s-sitapura-industrial-area--action-would-be-taken-by-demarcating-riico-s-land-on-the-spot/article-5797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/shankuntla-rawat.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रीको की ओर से संबंधित रकबों का सीमाज्ञान के उपरान्त मौके पर रीको की भूमि डिमारकेट कर, ले-आउट प्लान के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।<br /><br />रावत ने प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि रीको सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र के विकास/विस्तार के लिए ग्राम सुखपुर,चतरवाला,दहलावास,श्योपुर एवं खूसर, तहसील सांगानेर की खसरा संख्या 1700, 1701,1702, 1700/2360, 1708, 1709, 1701/1 एवं 1711 की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा के ले-आउट प्लान में सर्विसेज क्षेत्र तथा सड़क के लिए नियोजित की गई है। उन्होंने बताया कि सड़क में आने वाली भूमि को छोड़कर सर्विसेज हेतु नियोजित भूमि समीपस्थ स्थित अन्य खातेदारों की निजी भूमि से लगी हुई होने के कारण तथा मौके पर अतिक्रमण की शिकायत विभाग को 5 सितंबर 2019 को प्राप्त हुई तो विभाग द्वारा 6 सिंतबर 2019 को शिकायत दर्ज करवा दी गई तथा सीमाज्ञान शुल्क की राशि रुपये 10 हजार भी जमा करा दी गई है। साथ ही. मौके से अतिक्रमण हटाने की त्वरित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन रकबों को अवार्ड देकर अवाप्त कर लिया गया है, तथा उन रकबों को मुआवजा भी दे दिया गया, उन रकबों को खाली करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि में मंदिर भी है इसलिए धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए इन रकबों का खाली करवाने की शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 17:29:23 +0530</pubDate>
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