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                <title>pharmaceutical - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>pharmaceutical RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान पर मंड़राया एक और बड़ा खतरा : युद्ध के बाद से दवाओं की भारी किल्लत, अब तक 25 फार्मास्युटिकल सुविधा केंद्र नेस्तनाबूद</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में अमेरिका-इजरायल हमलों ने फार्मास्युटिकल केंद्रों को निशाना बनाया है, जिससे जीवनरक्षक दवाओं का अकाल पड़ गया है। कैंसर और मधुमेह की दवाएं बाजार से गायब हैं और कीमतें आसमान छू रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों को 'युद्ध अपराध' करार दिया है, जबकि नागरिक हेल्पलाइन और स्थानीय नेटवर्क के सहारे संघर्ष कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/another-big-threat-looming-over-iran-huge-shortage-of-medicines/article-151913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran.jpg" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान पर अमेरिका-इजरायल संयुक्त हमलों के बाद से ईरानी दवाखानों में दवाओं की भारी कमी हो गई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक अमेरिका-इजरायल ने देश के विभिन्न प्रांतों में लगभग 25 फार्मास्युटिकल सुविधा केंद्रों पर हमले किए हैं। लक्ष्यों की सूची में बड़े और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं, जिनमें कैंसर, हृदय रोग, एनेस्थीसिया और मल्टीपल स्केलेरोसिस की दवाएं बनाने वाले फार्मास्युटिकल केन्द्र के साथ-साथ तेहरान में पाश्चर संस्थान (टीका निर्माता) भी शामिल है।</p>
<p>तेहरान के वलीअसर स्क्वायर के पास एक फार्मेसी में कार्यरत डॉ. पेजमान नईम ने स्पुतनिक को बताया, "मधुमेह और हृदय रोगों जैसी कुछ दवाएं बाजार में अत्यंत दुर्लभ हो गई हैं। युद्ध के दौरान भी इनकी आपूर्ति बहुत कम थी और नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है।" डॉ. नईम ने उल्लेख किया कि चुनौतियों के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। ईरानी अधिकारियों ने एक हेल्पलाइन स्थापित की है जिसके माध्यम से नागरिक यह जान सकते हैं कि कौन सी दवाएं स्टॉक में नहीं हैं और वे किन फार्मेसियों में उपलब्ध हैं। फार्मासिस्टों ने मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वयं एक नेटवर्क तैयार किया है। ईरानी सरकार दवा क्षेत्र को सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन प्रतिबंधों के कारण कुछ विशेष विदेशी दवाएं बाजार में बहुत कम मिलती हैं।</p>
<p>डॉक्टर के अनुसार, इन दवाओं के उत्पादन के लिए आवश्यक कुछ कच्चे माल को लेकर भी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा, "युद्ध का विनाशकारी प्रभाव पड़ा है, जिससे फार्मेसियों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। दवाओं की बिक्री गिर गई है और आसमान छूती कीमतों ने आम नागरिकों के लिए आवश्यक दवाएं खरीदना असंभव बना दिया है।" डॉ. नईम ने आशा व्यक्त की कि युद्धविराम के दौरान या युद्ध के बाद दवाओं की बिक्री में सुधार होगा और वे जनता के लिए अधिक सुलभ होंगी। ईरानी अधिकारियों ने दवा संयंत्रों पर अमेरिकी और इजरायली हमलों को बार-बार 'युद्ध अपराध' करार दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 13:58:43 +0530</pubDate>
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                <title>मैनकाइंड फार्मा का आईपीओ कल खुलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[फार्मा कंपनी मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) कल खुलेगा। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि आईपीओ के माध्यम से 40,058,844 शेयर जारी किये जायेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/mankind-pharmas-ipo-will-open-tomorrow/article-43732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। फार्मा कंपनी मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) कल खुलेगा। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि आईपीओ के माध्यम से 40,058,844 शेयर जारी किये जायेंगे। आईपीओ  27 अप्रैल को बंद होगा। एंकर निवेशकों द्वारा बोली लगाए जाने की तारीख 24 अप्रैल है। कंपनी एक रुपया अंकित मूल्य के शेयर के लिए मूल्य दायरा 1,026 प्रति शेयर से 1,080 प्रति शेयर के बीच तय किया है। न्यूनतम 13 शेयर और इसके बाद 13 शेयर के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।</p>
<p>उसने कहा कि 40,058,844 शेयरों के ऑफर में कंपनी के प्रवर्तकों रमेश जुनेजा के 3,705,443 शेयर, राजीव जुनेजा के 3,505,149 शेयर, शीतल अरोड़ा के 2,804,119 शेयर शामिल है। इसके साथ ही कंपनी के निवेशक शेयरधारकों  केयर्नहिल सीआईपीईएफ लिमिटेड के 17,405,559 शेयर,  केयर्नहिल सीजीपीई लिमिटेड के 2,623,863 शेयर, बेज लिमिटेड के 9,964,711 शेयर और लिंक इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के 50,000 शेयर शामिल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Apr 2023 19:43:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> दवा से 5 फीसदी जीएसटी हटाये सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[दवा विक्रय प्रतिनिधियों के संगठन एफएमआरएआई के तीन दिवसीय 26वें अखिल भारतीय अधिवेशन की शुरूआत 10 मार्च गरुवार को कोटा में हुई। सम्मेलन में तय किया गया कि दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने के लिये आंदोलन तेज किया जायेगा जीडीपी का 5% स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च होना चाहिये। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-should-abolish-5--gst-from-medicine/article-5897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bank.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दवा विक्रय प्रतिनिधियों के संगठन एफएमआरएआई के तीन दिवसीय 26वें अखिल भारतीय अधिवेशन की शुरूआत 10 मार्च गरुवार को कोटा में हुई। सम्मेलन में तय किया गया कि दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने के लिये आंदोलन तेज किया जायेगा जीडीपी का 5% स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च होना चाहिये। मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को रद्द करने के लिए आंदोलन तेज किया जायेगा तथा 28 और 29 मार्च 2022 को होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाया जाएगा।<br />संगठन के अध्यक्ष कॉमरेड रमेश सुंदर ने ध्वजारोहण किया। शहीद बलिवेदी पर पुष्पांजलि के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सम्मेलन का उद्घाटन कॉमरेड ज्ञान शंकर मजूमदार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सीटू ने किया। उन्होंने बताया कि एफ एम आर ए आई की जड़ें देश के स्वधीनता आंदोलन से जुड़ी हैं। देश के स्वतंत्रता सेनानियों में से कइयों ने आजादी के बाद दवा प्रतिनिधियों की यूनियन की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि मजदूर किसान एकता इस देश में एक बड़ी घटना है, जिसकी शुरूआत 26 नवंबर 2020 की आम हड़ताल से हुई। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिये मोदी सरकार को मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि 28 और 29 मार्च 2022 को होने वाली आम हड़ताल चार श्रम संहिताओं को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. इस दिन संयुक्त किसान मोर्चा ने मजदूरों के समर्थन में देशव्यापी कृषि बंदी का आह्वान किया है। एफ एम आर ए आई के जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड शांतनु चटर्जी ने कहा कि यह सम्मेलन देश के मजदूर आंदोलन को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। <br /><br />सम्मेलन की आयोजन समिति के अध्यक्ष कॉमरेड राकेश गालव ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कॉमरेड रविंद्र शुक्ला अध्यक्ष, स्वागत समिति, अध्यक्ष, सीटू राजस्थान ने सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए राजस्थान और कोटा शहर के शानदार मजदूर आंदोलन का इतिहास भी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति के पीछे की नीतियों को समझकर ही मजदूर आंदोलन को सफल किया जा सकता है।<br />उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुकेश गालव, जॉइंट जनरल सेक्रेटरी आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन , महामंत्री हिंद मजदूर सभा राजस्थान ने कहा कि देश बहुत ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है. रेलवे, कोयला, बैंकिंग, बीमा, रक्षा क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्रों के मजदूर अपने उद्योग को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय श्रम सम्मेलन की घोर अवहेलना की जा रही है, जो कि मजदूरों के प्रतिनिधियों, मालिकों के प्रतिनिधियों और सरकारी प्रतिनधियों का सर्वोच्च त्रिपक्षीय संस्थान है. श्रम सुधार के नाम पर सरकार ने उद्योपतियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और सभी श्रम कानूनों को खत्म करके चार लेबर कोड को जल्दबाजी में संसद में पारित कर दिया। गालव ने कहा कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट देश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. पश्चिम मध्य रेलवे में 65,000 कर्मचारियों की जगह 59,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे बेचने की साजिश को नाकाम कर दिया जाएगा। उन्ही कहा कि निजी रेल चलाने वाले अपने कर्मचारियों को तनख्वाह भी देने में सक्षम नहीं हैं. उन्होंने डिजिटल के द्वारा मजदूरों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने सम्मेलन की सफलता की कामना की। <br /><br />डॉक्टर संजय जायसवाल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोटा में यह राष्ट्रीय सम्मेलन होना कोटा शहर के लिये गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और मरीज के बीच दवा प्रतिनिधि एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमने समय निर्धारण करके सुनिश्चित किया कि दवा प्रतिनिधि अपना कार्य करके समय पर अपने परिवार के बीच पहुंच सकें। कॉमरेड दुली चंद, उपाध्यक्ष, किसान सभा राजस्थान ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि दवा प्रतिनिधियों के सभी आंदोलनों में किसान सभा के समर्थन का आश्वासन दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Mar 2022 16:55:32 +0530</pubDate>
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