<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/shashi-tharoor/tag-14358" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>shashi tharoor - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14358/rss</link>
                <description>shashi tharoor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शशि थरूर का केरल मतदाताओं से आग्रह : सत्ता-विरोधी वोट केंद्र को नहीं, बल्कि यूडीएफ को दें</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद शशि थरूर ने केरल के मतदाताओं से सत्ता विरोधी लहर के बीच UDF का समर्थन करने का आग्रह किया है। उन्होंने एलडीएफ और भाजपा के बीच 'गुप्त समझौते' का आरोप लगाते हुए विकास के दावों को भ्रामक बताया। थरूर ने चेतावनी दी कि भाजपा को वोट देना व्यर्थ है, जबकि कांग्रेस गठबंधन ही राज्य में वास्तविक प्रगति ला सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shashi-tharoor-urges-kerala-voters-to-cast-anti-incumbency-vote-not/article-149454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sahshi.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और सांसद शशि थरूर ने केरल के मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे राज्य में सरकार विरोधी भावना के चलते भारतीय जनता पार्टी को वाेट नहीं दें क्योंकि ऐसा करने से कोई सार्थक बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि अगर लोग बदलाव के लिए वोट दे रहे हैं, तो इससे यूडीएफ को फायदा होना चाहिए, जो अगली सरकार बनाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है। थरूर ने कहा कि केंद्र सरकार को भी केरल में बड़े चुनावी लाभ की उम्मीद नहीं है और उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार व्यावहारिक रूप से क्या विकल्प पेश कर सकती है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में अपनी वित्तीय शक्ति का उपयोग करते हुए ज़ोरदार प्रचार अभियान चला रही है लेकिन उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के मतदाताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नेमोम और कझाक्कुट्टम जैसे निर्वाचन क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केरल की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबला कोई नई बात नहीं है। सत्ता विरोधी लहर का उल्लेख करते हुए थरूर ने कहा कि राजनीतिक दलों से परे युवा तेजी से यूडीएफ का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने एलडीएफ सरकार के विकास के दावों की आलोचना करते हुए कहा कि एक दशक से अधिक समय से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बावजूद भी सरकार पूर्व ओमन चांडी सरकार की उपलब्धियों के बराबर नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने आगे कहा कि विझिंजम बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और गेल पाइपलाइन जैसी प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का श्रेय पूरी तरह से मौजूदा सरकार को नहीं दिया जा सकता है।</p>
<p>शशि थरूर ने एलडीएफ पर विकास के नाम पर भ्रामक आंकड़े पेश करने का भी आरोप लगाया जिसमें वैश्विक स्टार्टअप रैंकिंग भी शामिल है। उन्होंने कहा कि विसंगतियों का एहसास होने के बाद उन्होंने पहले की गई समर्थनात्मक टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने विकास के प्रति वामपंथियों के दृष्टिकोण में बदलाव का आह्वान किया और कहा कि कई परियोजनाएं जो अब लागू की जा रही हैं उनका पहले वामपंथियों ने विरोध किया था जिसके कारण केरल का विकास रुका हुआ है। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में एलडीएफ और भाजपा के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाते हुए, थरूर ने दावा किया कि दोनों गठबंधन कांग्रेस को हाशिए पर धकेलने के साझा उद्देश्य को पूरा करने में लगे हैं। हालांकि, उन्होंने आशा व्यक्त की कि मतदाताओं ने इसे पहचान लिया है और यूडीएफ की निर्णायक जीत होगी।</p>
<p>शशि थरूर ने राष्ट्रीय मुद्दों पर चेतावनी दी कि चुनाव के तुरंत बाद एफसीआरए कानून में संशोधन फिर से पेश किए जा सकते हैं। प्रस्तावित परिवर्तनों को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने मांग की कि विधेयक को विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shashi-tharoor-urges-kerala-voters-to-cast-anti-incumbency-vote-not/article-149454</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shashi-tharoor-urges-kerala-voters-to-cast-anti-incumbency-vote-not/article-149454</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 16:58:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/sahshi.png"                         length="833558"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को शशि थरूर ने ठहराया गलत, खामेनेई की मौत पर चुप्पी साधने पर केंद्र सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद शशि थरूर ने ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की निंदा करते हुए इसे "सैद्धांतिक रूप से गलत" बताया है। उन्होंने निर्दोष नागरिकों की मौत और भारतीय हितों पर खतरे पर चिंता जताई। थरूर ने कहा कि महात्मा गांधी की धरती होने के नाते भारत को इस वैश्विक अस्थिरता पर चुप रहने के बजाय अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shashi-tharoor-condemned-the-us-israeli-attack-on-iran-as-wrong/article-146365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shashi-tharoor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पार्टी के लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने कहा है कि अमेरिका तथा इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरना गलत था लेकिन ईरान ने भी उन देशों पर हमला कर गलत ही किया है जो युद्ध में शामिल ही नहीं हैं। शशि थरूर ने शुक्रवार को यहां संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान से खेलना ठीक नहीं है। उनका यह भी कहना था कि जो हालात अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और फिर ईरान के पड़ोसी देशों में किए जा रहे हमले से बन रहे हैं वह गंभीर है। उनका कहना था कि इन सब स्थितियों के बीच भारत का चुप रहना भी ठीक नहीं है।</p>
<p>अमेरिका और इज़रायल के हमले को सैद्धांतिक रूप से गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां आत्मरक्षा वाली बात को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनका कहना कि जब बातचीत चल रही थी और ईरान बात मानने के लिए भी तैयार था तो इसमें आत्मरक्षा की बात कहां से आती है।</p>
<p>उन्होंने युद्ध में शामिल न होने वाले देशों पर ईरान के हमलों को भी गलत बताया और कहा कि निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है और इस कार्रवाई को कहीं से भी जायज नहीं कहा जा सकता है। हमलों में कुछ निर्दोष भारतीय नागरिकों की भी मृत्यु हुई है। ये सभी नागरिक निर्दोष थे और किसी के पक्ष में युद्ध नहीं लड़ रहे थे।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि अब हालात यह हो गये हैं कि कोई भी सुरक्षित नहीं है। यह भी खबर है कि एक टैंकर पर हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि यह टैंकर थाईलैंड के ध्वज वाला था। उनका कहना था कि इस तरह से हमले ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा "हम अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की धरती के लोग हैं। हम शांति चाहते हैं और हमारे विदेश मंत्री भी खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बात कर रहे हैं और मुझे लगता है कि भारत को और अधिक सक्रिय होना चाहिए। इस माहौल में हम चुप नहीं बैठ सकते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/shashi-tharoor-condemned-the-us-israeli-attack-on-iran-as-wrong/article-146365</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/shashi-tharoor-condemned-the-us-israeli-attack-on-iran-as-wrong/article-146365</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 16:40:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/shashi-tharoor.png"                         length="798903"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन? केरल में कांग्रेस को सत्ता में वापसी की उम्मीद, सीएम उम्मीदवारी की रेस में थरूर भी</title>
                                    <description><![CDATA[केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। सुनील कनुगोलू के सर्वे में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सीएम पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। केसी वेणुगोपाल और दिग्गज रमेश चेन्निथला भी रेस में हैं, जबकि शशि थरूर की वैश्विक छवि उन्हें चर्चा में बनाए हुए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-hopes-to-return-to-power-in-kerala-tharoor-also/article-146044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केरल में बरसों से एक परंपरा चली आ रही थी, जिसे मुख्यमंत्री पी. विजयन ने पांच साल पहले तोड़ दी थी। केरल में, असल में, हर पांचवें साल सत्ता बदल जाती थी, लेकिन पी. विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन ने 2021 में सत्ता में वापसी कर ली - लेफ्ट के लगातार 10 साल के शासन के बाद कांग्रेस और बीजेपी बदलाव की उम्मीद लगाए हुए हैं।</p>
<p>कांग्रेस को केरल की सत्ता पर कब्जा दिलाने के लिए राहुल गांधी ने भी पिछले चुनाव में खूब मेहनत की थी। तब राहुल गांधी केरलम के ही वायनाड से सांसद हुआ करते थे। 2019 के चुनाव में अमेठी की हार के बाद वायनाड ही संबल बना था और राहुल गांधी संसद पहुंचे थे। वायनाड ने तो 2024 में भी राहुल गांधी को संसद भेजा था, लेकिन उन्होंने रायबरेली सीट अपने पास रखी, और वायनाड अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के हवाले कर दिया। प्रियंका गांधी उपचुनाव जीतकर वायनाड की सांसद बनी हैं, लेकिन, प्रियंका गांधी को केरलम के बजाय असम विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में जबकि कांग्रेस केरल विधानसभा चुनाव में बड़ा मौका देख रही है, मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में भी होड़ मची हुई है - और कई कांग्रेस नेता तो अभी से इलाके में एक्टिव बताए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>कौन बनेगा कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा?</strong></p>
<p>कुछ दिन पहले कांग्रेस ने केरल में एक सर्वे कराया था। सर्वे में मुख्य तौर पर 12 सवाल पूछे गए थे। सर्वे में लोगों से उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री के बारे में भी पूछा गया था। मौजूदा सरकार की कमियों को लेकर भी सवाल पूछे गए थे। हर विधानसभा सीट के लिए सर्वे में शामिल लोगों से 6 संभावित उम्मीदवारों का आकलन करने को कहा गया था, जिनमें कुछ उम्मीदवार ऐसे भी थे जो इलाके से बाहर के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव रणनीतिकार सुनील कनुगोलू की तरफ से कराए गए सर्वे में मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरे सामने आए हैं, जिनमें वीडी सतीशन प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं. वीडी सतीशन फिलहाल केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।  सर्वे नतीजों के आधार पर ही कांग्रेस के चुनाव जीतने की स्थिति में मुख्यमंत्री कैंडिडेट फाइनल हो पाएगा?</p>
<p>वीडी सतीशन: केरलम में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में वीडी सतीशन उभरे हैं। 2021 में कांग्रेस ने वीडी सतीशन को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया था। वीडी सतीशन पांचवीं बार विधायक बने हैं। पेशे से वकील वीडी सतीशन पहली बार 2001 में विधानसभा चुनाव जीते थे, जब वो केरल हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। कई और भी सर्वे कराए गए हैं, जिनमें उनका नाम सबसे ऊपर पाया गया है।</p>
<p>केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में एक बड़ा नाम केसी वेणुगोपाल है। केसी वेणुगोपाल फिलहाल कांग्रेस महासचिव संगठन हैं, और अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। अब केसी वेणुगोपाल को अलाप्पुझा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाए जाने की भी चर्चा हो रही है। </p>
<p>रमेश चेन्निथला: सर्वे में वीडी सतीशन के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में रमेश चेन्निथला का नाम आया है। रमेश चेन्निथला कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में शुमार हैं। 2016 में वह केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए थे - और 2019 का आम चुनाव उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, जब अमेठी के साथ साथ वायनाड से राहुल गांधी भी चुनाव मैदान में थे।</p>
<p>शशि थरूर: कांग्रेस नेतृत्व से गहरे मतभेद के बावजूद शशि थरूर भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल किए जा सकते हैं। शशि थरूर की अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी है, और राष्ट्रीय राजनीति में भी वह अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन, केरल के लोग बताते हैं कि उनके प्रभाव का दायरा उनके संसदीय क्षेत्र तक ही सिमटा हुआ है।</p>
<p>शशि थरूर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के प्रति उनके बयानों से नजदीकी देखी जाती है, लेकिन केरल कांग्रेस के कई नेता भी ऐसी बातों से इनकार करते हैं। शशि थरूर खुद भी बीजेपी में जाने की बातों को खारिज कर चुके हैं और सावरकर के नाम पर अवॉर्ड को ठुकराकर अपनी तरफ से संदेश देने की भी कोशिश की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-hopes-to-return-to-power-in-kerala-tharoor-also/article-146044</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-hopes-to-return-to-power-in-kerala-tharoor-also/article-146044</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:39:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/200-x-60-px%29-%287%293.png"                         length="900455"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शशि थरूर के बेटे की गई नौकरी : छंटनी का हुए शिकार, कहा- 300 लोगों को नौकरी से निकाला</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कर्मचारियोंकी छंटनी की है। इस छंटनी में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की भी वॉशिंगटन पोस्ट से नौकरी चली गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shashi-tharoors-son-became-a-victim-of-job-retrenchment-said/article-141971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कर्मचारियोंकी छंटनी की है। इस छंटनी में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की भी वॉशिंगटन पोस्ट से नौकरी चली गई है। अमेरिकी अख़बार ने बड़े पैमाने पर छंटनी करते हुए करीब एक तिहाई कर्मचारियों को हटाया है। रिपोर्ट के मुताबिक 800 पत्रकारों में से 300 से अधिक को निकाला गया है, जिसमें ईशान थरूर भी शामिल हैं।</p>
<p dir="ltr">ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अनुभवी पत्रकारों को भी बाहर किया गया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकारों के लिए उन्हें गहरा दुख है, जिनके साथ उन्होंने करीब 12 साल तक काम किया। ईशान ने 2017 में ‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम की शुरुआत की थी और उन्होंने अपने 5 लाख नियमित पाठकों का आभार जताया। वह अख़बार में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर कार्यरत थे। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ईशान थरूर को बेहतरीन पत्रकार बताते हुए वॉशिंगटन पोस्ट के फैसले की आलोचना की है।</p>
<p dir="ltr"> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/shashi-tharoors-son-became-a-victim-of-job-retrenchment-said/article-141971</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/shashi-tharoors-son-became-a-victim-of-job-retrenchment-said/article-141971</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 10:01:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%281200-x-600-px%298.png"                         length="766803"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'G-RAM-G’ बिल पर लोकसभा में भारी हंगामा: MGNREGA का नाम बदलने पर शशि थरूर का पहला रिएक्शन, बोलें-महात्मा गांधी की विरासत का अपमान करना सही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मनरेगा का नाम बदले जाने पर लोकसभा में तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने विरोध जताया, जबकि शशि थरूर ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया। सरकार ने आरोप खारिज करते हुए विधेयक पारित कराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/huge-uproar-in-lok-sabha-over-ji-ram-ji-bill/article-136142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sashi-tharoor-on-mnrega.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महात्मा गांधी के नाम पर जारी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना “मनरेगा” का बीजेपी द्वारा नाम बदले जाने पर अखिलेश यादव ने आज लोकसभा में विरोध किया। इस दौरान शशि थरूर ने कहा कि जिस राष्ट्रपिता के सामने पूरी दुनिया झुकती है बीजेपी वाले उस महापुरुष का अपमान कर रहे है…ये बहुत ही शर्मनाक बात है।</p>
<p>कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया कि सरकार का G-RAM-G बिल में MGNREGA का नाम बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा ग्राम स्वराज और रामराज्य कभी प्रतिस्पर्धी नहीं थे, ये गांधीजी की चेतना के दो स्तंभ हैं। इसके आगे शशि थरूर ने कहा, महात्मा गांधी की विरासत का सम्मान करें और बिना कारण विभाजन न बनाएं।</p>
<p>इसके आगे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "बिल का नाम सही नहीं है क्योंकि इसमें 2 भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है, जबकि संविधान के अनुसार एक ही भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। महात्मा गांधी का नाम हटाना अपने आप में अच्छा नहीं है, लेकिन उन्होंने इसमें 'राम' को शामिल करने के लिए कई भाषाओं का इस्तेमाल किया। यह कोई गंभीर मामला नहीं है। महात्मा गांधी राम राज्य के बारे में बात करते थे और उनके लिए राम राज्य और ग्राम स्वराज का विज़न एक ही था। हमारे देश में राम राज्य तभी आएगा जब ग्राम स्वराज होगा... हम भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कई दूसरे संदर्भों में कर सकते हैं, लेकिन महात्मा गांधी का नाम हटाना? इसीलिए मैंने कहा था कि भगवान राम के नाम का अपमान मत करो, लेकिन उन्होंने वही किया..."</p>
<p>शशि थरूर ने कहा, "नए नियमों के अनुसार, कई राज्यों के पास 40% मज़दूरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। केरल में सरकार पहले से ही दिवालिया है, जिसका मतलब है कि अगर पैसे नहीं होंगे तो बेरोज़गारी बढ़ेगी... इसका मतलब है कि सरकार ने इस बारे में ठीक से नहीं सोचा और संसद में इस पर अच्छी चर्चा होनी चाहिए..."</p>
<p>दरअसल, लोकसभा में मनरेगा का नाम बदलने को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पेश किया । विपक्ष के ज़ोरदार हंगामे के बीच सदन में विधेयक पारित हो गया । विपक्ष के ज़ोरदार हंगामे के जवाब में शिवराज बोले कि महात्मा गांधी का सरकार पूरा सम्मान करती है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई योजनाओं के नाम बदले गए हैं । विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के नाम पर चल रही रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या वो नेहरू का अपमान था ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/huge-uproar-in-lok-sabha-over-ji-ram-ji-bill/article-136142</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/huge-uproar-in-lok-sabha-over-ji-ram-ji-bill/article-136142</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 17:37:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/sashi-tharoor-on-mnrega.png"                         length="780569"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्यों कांग्रेस नेता शशि थरुर ने ठुकराया ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’? बताई चौकाने वाली वजह</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता शशि थरूर ने वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 लेने से इंकार कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। थरूर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। आयोजकों पर बिना अनुमति नाम घोषित करने का आरोप लगाया। इससे पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/why-did-congress-leader-shashi-tharoor-reject-the-veer-savarkar/article-135461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/shashi-tharoor-skips.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। हमेशा विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आज फिर सबको चौका दिया। मौका था वीर सावरकर अवॉर्ड लेने का, लेकिन शशि थरूर ये अवॉर्ड लेने से इंकार कर दिया। बता दें कि शशि थरूर का इन दिनों भाजपा की तरफ झुकाव ज्यादा होने के कारण लोगों में पार्टी छोड़ने की काफी चर्चा थी, लेकिन शशि थरूर ने अवॉर्ड लेने से इंकार करने के इस फैसले ने उन सभी कयासों को विराम लगा दिया।  </p>
<p>बता दें कि 10 दिंसबर को दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में पहला वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 मिलना था जिसके लिए कांग्रेस नेता शशि थरूर का नाम आगे आया था, लेकिन कांग्रेस नेता से ये अवॉर्ड लेने से इंकार कर दिया। कांग्रेस नेता ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि, मुझे इस अवॉर्ड के बारे में न तो बनया गया और ना ही मैं इसे स्वीकार करूंगा। इसके अलावा कांग्रेस नेता ने बिना सहमति के नाम घोषित करने के लिए आयोजकों पर गैर जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। बता दें कि, इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिंन्हा को आना था।</p>
<p>इसके साथ ​ही बता दें कि, हाल ही में काग्रेस नेता शशि थरूर को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि उनका झुकाव भाजपा की तरफ ज्यादा हो रहा है जिसके कारण वो पार्टी से बगावत कर सकते हैं, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद शशि थरुर भारत के प्रतिनिधित्व करने के लिए कई देशों की यात्रा पर भी गए। इसके अलावा हाल ही में, पुतिन की भारत यात्रा के दौरान पूरी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर केवल शशि थरूर को ही पुतिन से मिलने के लिए बुलावा भेजा गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/why-did-congress-leader-shashi-tharoor-reject-the-veer-savarkar/article-135461</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/why-did-congress-leader-shashi-tharoor-reject-the-veer-savarkar/article-135461</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 13:29:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/shashi-tharoor-skips.png"                         length="377598"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का गंभीर आरोप, विपक्ष के नेता को विदेशी मेहमानों से नहीं मिलने देती सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को विपक्ष के नेता से मिलने नहीं देती, जबकि यह पूर्व सरकारों में परंपरा थी। पुतिन की भारत यात्रा पर उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर विपक्ष को अलग रखती है। शशि थरूर ने भी लोकतांत्रिक मुलाकातों का समर्थन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-serious-allegation-on-the-central-government-the-government/article-134747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi-on-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य मेहमानों से मिलने नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी ने आज यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पहले जो भी विदेशी मेहमान आते थे, तो उन्हें विपक्ष के नेता से मिलने दिया जाता था। यह परंपरा सरकार के आने से पहले तक जारी रही है, लेकिन अब नहीं मिलने दिया जाता। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी गणमान्य अतिथि से मिलने की इजाजत होनी चाहिए लेकिन सरकार और विदेश मंत्रालय इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।</p>
<p>रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पूछे गये सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, आमतौर पर यह परंपरा है कि जो भी बाहर से आता है वह विपक्ष के नेता से भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और डॉ मनमोहन सिंह की सरकारों के दौरान यही होता था। यह एक परंपरा रही है, लेकिन अब विदेशी गणमान्य मेहमान आते हैं या जब मैं विदेश यात्रा पर जाता हूं, तो सरकार उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलने के लिए कहती है। यह उनकी नीति है और वे हर बार ऐसा ही करते हैं। मैं भी जब विदेश जाता हूं तो बताया जाता है कि सरकार का परामर्श है कि इनसे नहीं मिलना है।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को लेकर पूछे गये एक प्रश्न पर उन्होंने कहा, हमारे सभी के साथ संबंध हैं। एलओपी एक अलग दृष्टिकोण देता हैं। हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले जबकि मिलने की परंपरा रही है लेकिन विदेश मंत्रालय इस नियम और ऐसे मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में देश में आने वाले गणमान्य मेहमान से मिलने की इजाजत देना अच्छा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-serious-allegation-on-the-central-government-the-government/article-134747</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-serious-allegation-on-the-central-government-the-government/article-134747</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 17:18:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/rahul-gandhi-on-parliament.png"                         length="1095526"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार विधानसभा चुनाव :'एनडीए बड़ी बढ़त के साथ आगे', नतीजों पर शशि थरूर और अखिलेश का बयान, कहा-SIR ने किया खेल</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा 2025 के शुरुआती रुझानों में NDA 200 सीटों पर आगे है, जबकि महागठबंधन 38 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। शशि थरूर और अखिलेश यादव ने अपील की है कि आधिकारिक नतीजों का इंतजार किया जाए और किसी भी झूठी खबर पर भरोसा न किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nda-with-big-lead-shashi-tharoor-and-akhilesh-yadavs-shocking/article-132410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/.fggggg.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बिहार विधानसभा 2025 के वोटों की आज सुबह 8 बजे से गिनती जारी है और रूझानों में NDA 200 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, महागठबंधन केवल 38 सीटों पर आगे चल रही है। बिहार विधानसभा चुनावों के रूझानों को लेकर कांग्रेस के शशि थरूर और अखिलेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि, हम सभी को चुनाव आयोग की ओर से परिणामों की घोषणा का इंतजार करना चाहिए और किसी भी झठी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इसके आगे कांग्रेस नेता ने कहा कि, चुनाव में हार जीत कई कारणों पर निर्भर करती है।</p>
<p><strong>हार के कारणों की करनी चाहिए समीक्षा: शशि थरूर</strong></p>
<p>कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, हम सबको हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए और उन कारणों का विस्तार से अध्ययन करना चाहिए जिससे की हमें हार मिली है। इसके आगे सांसद ने कहा कि, हम सबको अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा ताकि आने वाले समय में हम अपनी क्षमता में सुधार कर सके। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी को नसीदत देते हुए कहा कि, चुनावी हार जीत कई मामलों पर निर्भर करती है और हमें अपने प्रदर्शन की समग्रता पर गौर करना चाहिए।</p>
<p><strong>भाजपा दल नहीं छल :अखिलेश यादव</strong></p>
<p>बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा, क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/nda-with-big-lead-shashi-tharoor-and-akhilesh-yadavs-shocking/article-132410</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/nda-with-big-lead-shashi-tharoor-and-akhilesh-yadavs-shocking/article-132410</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 14:37:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/.fggggg.png"                         length="346111"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का कूटनीतिक शौर्य : कोलंबिया ने पाकिस्तान पर अपना बयान वापस लिया, अब भारत के समर्थन में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौतों पर दुख जताया</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कोलंबिया के बोगोटा में बताया कि कोलंबिया सरकार ने पाकिस्तान के समर्थन में अपना बयान वापस ले लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/diplomatic-shaurya-colombia-a-diplomatic-of-tharoor-withdrew-its-statement/article-116018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(9).png" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष रखने के लिए गए सात डेलिगेशन्स में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के कूटनीतिक शौर्य के चलते कोलम्बिया ने पाकिस्तान के पक्ष में दिए अपने बयान को वापिस ले लिया है। थरूर के  नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा था। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कोलंबिया के बोगोटा में बताया कि कोलंबिया सरकार ने पाकिस्तान के समर्थन में अपना बयान वापस ले लिया है। कोलंबियाई सरकार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन करते हुए नया बयान जारी करेगी। वहीं रोसा योलांडा ने कहा कि भारत की तरफ से हमें पूरी स्थिति की डिटेल जानकारी मिली है।<br /> <br />कश्मीर में जो कुछ हुआ, वहां संघर्ष की वास्तविक स्थिति के बारे में भारत ने हमें जो कुछ भी बताया है, वह जानने के बाद हम बातचीत जारी रख सकते हैं। डेलिगेशन में भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, खटट सांसद सरफराज अहमद, ळऊढ सांसद जीएम हरीश बालयोगी, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा, शिवसेना के मल्लिकार्जुन देवडा और अमेरिका में पूर्व भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/diplomatic-shaurya-colombia-a-diplomatic-of-tharoor-withdrew-its-statement/article-116018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/diplomatic-shaurya-colombia-a-diplomatic-of-tharoor-withdrew-its-statement/article-116018</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 12:34:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/news-%289%29.png"                         length="259832"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शशि थरूर को मोदी सरकार देने जा रही अहम जिम्मेदारी, विदेशों में पाक की खोलेंगे पोल</title>
                                    <description><![CDATA[सूत्रों के अनुसार, उन्हें इस मामले में भारत का पक्ष रखने के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-important-responsibility-going-to-give-modi-government-to-shashi/article-114429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtyggrer-(3).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर के ऑपरेशन सिंदूर पर दिए गए बयान से पार्टी के कुछ नेता नाराज थे। उन्हें लगा कि थरूर ने लक्ष्मण रेखा पार कर दी है। लेकिन अब खबर है कि पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित आतंकवाद के खिलाफ वह दुनियाभर में भारत की राय रखेंगे। थरूर को पाकिस्तान से संचालित आतंकवाद के खिलाफ दुनिया भर में भारत की तरफ से एक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें इस मामले में भारत का पक्ष रखने के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।</p>
<p><strong>प्रतिनिधिमंडल में कई सांसद होंगे शामिल</strong><br />इस योजना के तहत कई प्रतिनिधिमंडल बनाए जाएंगे। हर प्रतिनिधिमंडल में पांच से छह सांसद होंगे। उनके साथ विदेश मंत्रालय का एक प्रतिनिधि और सरकार का एक और अधिकारी भी होगा। सांसदों को कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज तैयार रखें। एमईए यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं करेगा। सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल 22 मई के आसपास भारत से रवाना होगा और जून के पहले हफ्ते में वापस आएगा। कुछ सांसद भी इन प्रतिनिधिमंडलों में शामिल हो सकते हैं। इनमें समिक भट्टाचार्य, अनुराग ठाकुर, मनीष तिवारी, अमर सिंह, प्रियंका चतुर्वेदी, सस्मित पात्रा, सुप्रिया सुले, श्रीकांत शिंदे और डी पुरंदेश्वरी के नाम शामिल हैं।</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर की सफाई</strong><br />ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर के समर्थन के बाद कांग्रेस पार्टी में कुछ लोग उनसे नाराज थे। इसके बाद थरूर ने अपनी बात साफ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह एक भारतीय नागरिक के तौर पर उनकी निजी राय थी, न कि पार्टी का आधिकारिक रुख। थरूर ने कहा, इस समय, संघर्ष के समय, मैंने एक भारतीय के रूप में बात की। मैंने कभी भी किसी और के लिए बोलने का दिखावा नहीं किया। मैं पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं। मैं सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं। मैंने जो कुछ भी कहा है, आप उससे सहमत हो सकते हैं या असहमत हो सकते हैं, इसके लिए मुझे व्यक्तिगत रूप से दोषी ठहरा सकते हैं, और यह ठीक है।</p>
<p><strong>पाकिस्तान से आतंकवाद कैसे फैलता, थरूर बताएंगे</strong><br />भारत सरकार दुनिया को बताना चाहती है कि पाकिस्तान से आतंकवाद कैसे फैलता है। इसके लिए सरकार एक खास योजना बना रही है। शशि थरूर, जो भारत में विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष भी हैं, इस काम में आगे रह सकते हैं। सूत्रों के हवाले से बताया कि वह विभिन्न देशों का दौरा करने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में अलग-अलग पार्टियों के सदस्य होंगे। शशि थरूर के करीबियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने उनसे इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए संपर्क किया है। सूत्रों ने बताया, सरकार चाहती है कि थरूर खासकर अमेरिका में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें। क्योंकि वह विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। हालांकि, शशि थरूर ने सरकार से पहले कांग्रेस पार्टी से बात करने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-important-responsibility-going-to-give-modi-government-to-shashi/article-114429</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-important-responsibility-going-to-give-modi-government-to-shashi/article-114429</guid>
                <pubDate>Sat, 17 May 2025 13:30:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/rtyggrer-%283%29.png"                         length="468207"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरुर और के एन त्रिपाठी ने भरा नामांकन, दिग्विजय हुए रेस से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरुर ने नामांकन भरा वहीं दिग्विजय सिंह ने खुद को रेस से बाहर कर लिया। इसी बीच एक और उम्मीदवारी सामने आई। के एन त्रिपाठी ने भी अपना नामांकन भर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mallikarjun-kharge-shashi-tharoor-file-nomination-for-congress-presidents-post/article-25010"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/dvcdsvsbv-380x214.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उम्मीदवारी बिल्कुल साफ हो गई है। जहां मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरुर ने नामांकन भरा वहीं दिग्विजय सिंह ने खुद को रेस से बाहर कर लिया। इसी बीच एक और उम्मीदवारी सामने आई। के एन त्रिपाठी ने भी अपना नामांकन भर दिया। अब तक के उम्मीदवारों में खड़गे सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। जी 23 के नेताओं ने भी उनका समर्थन किया है। अशोक गहलोत नामांकन दाखिल करवाने के लिए खड़गे के प्रस्तावक के रुप में पहुंचे। वहीं थरुर ने नामांकन के बाद घोषणापत्र भी जारी किया।</p>
<p>कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव अधिकरण के संयोजक मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि उन्हें कुल 20 फॉर्म मिलें। उनमें 14 खड़गे, 5 थरुर और एक के एन त्रिपाठी ने जमा किए। इनमें से कोई भी पार्टी अधिकृत प्रत्याशी नहीं है। सोनिया गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं। ना ही किसी प्रत्याशी को पार्टी का समर्थन है। सभी अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं। 24 साल बाद यह पहली बार होगा की कोई गांधी परिवार से अगल कांग्रेस का अध्यक्ष बनेगा। इससे पहले 1998 में सीताराम केसरी के हटने के बाद सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थी। 2017 में राहुल गांधी और अगस्त 2019 में सोनिया गांधी फिर से अध्यक्ष बन गई थी। <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/mallikarjun-kharge-shashi-tharoor-file-nomination-for-congress-presidents-post/article-25010</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/mallikarjun-kharge-shashi-tharoor-file-nomination-for-congress-presidents-post/article-25010</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 18:37:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/dvcdsvsbv-380x214.jpg"                         length="65510"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोक गहलोत ने दिए कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के संकेत, थरुर भी एक्टिव</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा कि वह राहुल गांधी से अध्यक्ष बनने की बात करेंगे अगर वह अब भी इंकार करते है, तो जो आलाकमान का आदेश होगा। वह उसकी पालना करेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ashok-gehlot-gave-indications-of-contesting-for-the-post-of/article-23808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ashok_shashi-tharoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सियासी गलियारों में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर हलचल मची हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर सोनिया गांधी के किसी भी सक्रिय भूमिका में ना रहने की बात साफ होने के बाद से अलग- अलग नामों के कयास लगने शुरु हो गए हैं। इसमें अशोक गहलोत का नाम सबसे पहले आ रहा है। अशोक गहलोत ने भी इसके संकेत दिए है। गहलोत ने कहा कि वह राहुल गांधी से अध्यक्ष बनने की बात करेंगे अगर वह अब भी इंकार करते है, तो जो आलाकमान का आदेश होगा। वह उसकी पालना करेंगे। </p>
<p>वहीं दूसरी ओर तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर भी काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि थरूर ने सोनिया गांधी के साथ मुलाकात में अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। विधायकों की बैठक में अशोक गहलोत ने यह बात जाहिर की है कि वह प्रदेश से बाहर जा सकते हैं। विधायको के अनुसार उन्होने कहा कि वह राहुल गांधी को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे अगर राहुल नहीं मानते हैं तो उन्हें मैदान में उतरना पड़ेगा। ऐसे में अगर उन्हें राज्य से बाहर भी जाना पड़ा तो वह राज्य की देखभाल जारी रखेंगे। पार्टी के नेता अभी भी राहुल को मनाने के लिए लगे हुए हैं। 11 राज्यों की कांग्रेस कमिटी ने राहुल को अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पास  किया है।</p>
<p>अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बनने पर उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। वह गांधी परिवार के  करीबी माने जाते है और पार्टी उन्हे गांधी परिवार के विकल्प के रुप में देखेगी। कांग्रेस पार्टी इन्हें समय- समय पर बड़ी जिम्मेदारियां देती रही है। गहलोत के पास लंबा प्रशासनिक अनुभव भी है। राहुल गांधी के समर्थको के भी अशोक गहलोत के साथ आने की संभावना जताई जा रही है। गहलोत 3 बार केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं और 3 बार सीएम भी रह चुके हैं। वहीं शशि थरुर की उम्मीदवारी को केरल में भी समर्थन नहीं मिल रहा है। स्थानीय नेताओ का कहना है कि ऐसा करने से पहले उन्होने सहमति नहीं ली थी। थरुर ने सोनिया गांधी को पार्टी में सुधार के लिए पत्र भी लिखा था। हाल के दिनों में उन्होंने प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की है। आगामी 17 अक्टूबर को कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं। देखना यह होगा कि यह मुकाबला कैसा होने वाला है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/ashok-gehlot-gave-indications-of-contesting-for-the-post-of/article-23808</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/ashok-gehlot-gave-indications-of-contesting-for-the-post-of/article-23808</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Sep 2022 15:56:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/ashok_shashi-tharoor.jpg"                         length="40178"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        