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                <title>chintan shivir - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>चिंतन शिविर के बीच कांग्रेस को झटका:सुनील जाखड़ ने छोड़ी कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shock-to-congress-amid-chintan-shivir--sunil-jakhar-left-congress/article-9774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sunil-jhakhar-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चिंतन शिविर के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया है। पार्टी को छोड़ते वक़्त उन्होंने सोशल मीडिया पर गुड लक और गुडबाय कांग्रेस लिखा। कांग्रेस ने पंजाब में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पिछले महीने उन्हें सभी पदों से हटा दिया था। जाखड़ ने यह निर्णय तब लिया है, जब उदयपुर में कांग्रेस का तीन दिवसीय महा चिंतन शिविर चल रहा है। जाखड़ ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर, कांग्रेस पार्टी छोड़ने के फैसले की घोषणा की है। जाखड़ ने कहा कि पार्टी के लिए मेरी विदाई उपहार है और भविष्य के लिए शुभकामनाएं और अलविदा कांग्रेस।</p>
<p>जाखड़ 11 अप्रैल को उन्हें मिले कारण बताओ नोटिस को लेकर कांग्रेस से नाराज थे। पूर्व सांसद ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की आलोचना की थी और उन्हें पंजाब में आम आदमी पार्टी से कांग्रेस की हार के बाद, पार्टी के लिए बोझ बताया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 19:38:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उदयपुर के चिंतन शिविर से सोनिया गांधी का संबोधन हू-ब-हू</title>
                                    <description><![CDATA[बीजेपी पर लगाया  ध्रुवीकरण का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/sonia-gandhi-s-speech-from-udaipur-s-chintan-shivir/article-9704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sonia-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। कांग्रेस के उदयपुर में जारी नव संकल्प चिंतन शिविर पर कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं से सहित देशभर की निगाहें टिकी है। हर कोई जानना चाहता है कि शिविर के पहले दिन सोनिया गांधी ने संबोधित करते हुए क्या कहा। ऐसे में हम आपको सोनिया गांधी के हर एक अल्फाज से रूबरू करवाते है।</p>
<p><strong>यह बोला सोनिया ने.....</strong></p>
<p>साथियों,<br />      - इस ऐतिहासिक शहर की एक बहुत ही कीर्तिवान विरासत है। यहां जो हमारा चिंतन शिविर हो रहा है, उसका प्रसंग है ‘नव संकल्प’।<br />      यह हम सबको एक अवसर देता है, जहां हम सब विचार-विमर्श करें, उन तमाम चुनौतियों पर, जो भाजपा की नीतियों और RSS से जुड़ी हुई संस्थाओं की गतिविधियों के चलते, आज देश के सामने हैं।<br />      - एक राजनीतिक दल की हैसियत से, हमारे लिए भी यह एक अवसर है, कि हम विमर्श करें अपने आगे के रास्ते पर।<br />      - एक तरह से यह न केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर एक चिंतन है, बल्कि एक आत्म-चिंतन भी है।<br />      - मैं जानती हूं, हमारे कई साथी यहां आना चाहते थे। इस चिंतन शिविर में भाग लेना चाहते थे। लेकिन कई कारणों से हमें संख्या को सीमित रखना पड़ा। मुझे पूरा भरोसा है, कि वे इस बात को समझेंगे। इसका यह मतलब नहीं है, कि संगठन को मज़बूत बनाने में उनका योगदान किसी से भी कम है।  <br />      - अब तो यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है, कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगी जो बार-बार दोहराते हैं ‘maximum governance &amp; minimum government’ इससे उनका असली चेहरा निकल कर सामने आ गया है। <br />     -  इसका असली अर्थ है, देश को निरंतर ध्रुवीकरण में रखना और लोगों को चिंता, भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मज़बूर करना। <br />      - इसका असली अर्थ है, अल्पसंख्यक जो हमारे गणतंत्र के बराबर के नागरिक हैं, जो हमारे समाज के अटूट अंग हैं, उन्हें जान-बूझकर निशाना बनाना और उन पर क्रूरता से हमला करना। <br />      - इसका असली अर्थ है, समाज में युगों से चली आ रही विविधता का दुरूपयोग करके उसे बांटना और समाज में बड़ी सावधानी से पालन-पोषण किए गये अनेकता में एकता के सिद्धांत को तबाह करना। <br />     -  इसका असली अर्थ है, अपने राजनीतिक विरोधियों को डराना, धमकाना, उनकी छवि को नुक़सान पहुंचाना, उन्हें झूठे बहानों से जेल में डालना और उनके खि़लाफ़ जांच एजेंसियों का ग़लत इस्तेमाल करना। <br />     -  इसका असली अर्थ है, तमाम लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ खिलवाड़ करना। <br />      - इसका असली अर्थ है, इतिहास के नाम पर थोक में झूठ परोसना और हमारे महान् नेताओं को, विशेष तौर पर जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना। उनके योगदान, उपलब्धियों और बलिदानों को एक सोची समझी रणनीति के तहत नीचा दिखाना या उनका खंडन करना। <br />     -  इसका असली अर्थ है, महात्मा गांधी के हत्यारों और उनके वैचारिक पथ प्रदर्शकों का महिमा मंडन करना। <br />      इसका असली अर्थ है, देश के संविधान के सिद्धांतों, आदर्शों  और उसके चार स्तंभ- न्याय, स्वतंत्रता, समानता व भाई-चारे का खुलकर उल्लंघन करना। <br />      इसका असली अर्थ है, भय के माध्यम से नौकरशाही, उद्योगपतियों, व्यापारियों और Civil Society को क़ाबू में रखना। <br />      - इसका असली अर्थ है, खोखले नारे, भटकाने की तरक़ीबें और जब मरहम की सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब भी बड़-बोले प्रधानमंत्री मोदी जी की हैरान कर देने वाली खामोशी। <br />      - आज न केवल लंबे समय से पोषित हमारे संवैधानिक मूल्य ख़तरे में हैं, बल्कि नफ़रत और कलह की जो आग भड़काई जा रही है, उस आग ने, कई लोगों का जीवन तबाह कर दिया है। इन लपटों के गंभीर सामाजिक विकट परिणाम- अशांति और हिंसा के रूप में दिखते हैं। <br />     -  हर एक भारतवासी शांति, मेल-जोल और आपसी समन्वय के साथ जीना चाहता है। लेकिन भाजपा, उसके सहयोगी संगठन और उनके cheerleaders लोगों को हमेशा उत्तेजित और टकराव की स्थिति में रखना चाहते हैं, उन्हें उकसाना चाहते हैं, भड़काना चाहते हैं, नफ़रत और बदले की आग में जलाना चाहते हैं। हमें बिना किसी समझौते के, विभाजन के इस virus से लड़ना है, जिसे जान-बूझकर फ़ैलाया जा रहा है, हमें इसे फैलने से रोकना है। <br />      - अपने युवा वर्ग को रोज़गार के अवसर मुहैया कराने, समाज कल्याण कार्यक्रमों के लिए धनराशि उपलब्ध कराने और आम जनता के जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए, एक उच्च आर्थिक वृद्धि को कायम रखना ज़रूरी है। लेकिन कट्टरता और सामाजिक अनुदारवाद/संकीर्णता का माहौल आर्थिक वृद्धि की नींव को हिला कर रख देते हैं। <br />      - नवंबर, 2016 में हुई नोटबंदी से, अर्थ-व्यवस्था लगातार मंदी के दौर से ग्रसित है। <br />       - भारी तादाद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग पंगु हो गये। बेरोज़गारी ख़तरनाक तरीक़े से बढ़ गयी, और यह पहली बार देखने को मिल रहा है, कि एक बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने नौकरी ढूंढना ही बंद कर दिया। <br />      - जो भी राहत, केंद्र सरकार पिछले दो वर्षों में दे पायी है, वह कांग्रेस पार्टी की दो ऐतिहासिक कानूनों के चलते ही संभव हो पाया, महात्मा गांधी नरेगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम। <br />      - अपने तप और बे-मिसाल आंदोलन से हमारे देश के किसान, तीन काले कानूनों को रद्द करवाने में सफ़ल रहे। मुझे इस बात का संतोष है, कि इन कानूनों के खि़लाफ़ संसद के अंदर और बाहर, कांग्रेस पार्टी अन्नदाता किसानों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी रही। लेकिन दुःख की बात है, कि मोदी सरकार ने, किसानों से जो वादे किए थे, वो अभी भी पूरे नहीं हुए। इस दौरान गेहूं की सरकारी ख़रीद में आने वाली भारी गिरावट से, देश की खाद्य सुरक्षा को गंभीर संकट पैदा हो सकता है। <br />      - रोज़-मर्रा की चीज़ें, जैसे रसोई गैस, तेल, दालें, सब्जियां, खाद, Petrol, Diesel आदि की लगातार बढ़ती क़ीमतें, करोड़ों परिवारों पर, एक असहनीय बोझ बन गयी हैं। <br />     -  आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों को दिमाग़ में रखते हुए, योजनाबद्ध तरीक़े से, public sector की कंपनियां कांग्रेस की सरकारों ने स्थापित की थीं। आज उन्हें चुनिंदा लोगों के हाथों बेचा जा रहा है। इससे बाक़ी नुक़सान के अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए, निश्चित रोज़गार के अवसर भी बंद होते जा रहे हैं।</p>
<p><br />सोनिया गांधी ने अपने संबोधन जारी रखते हुए कहा साथियों,<br />      - हमारे इस महान और सशक्त संगठन से, समय-समय पर अपने लचीलेपन को दर्शाने की उम्मीद की जाती रही है। और हर बार हमारे संगठन ने, असरदार तरीक़े से, अपनी प्रतिक्रिया दर्शाई है। <br />      - एक बार फिर हमसे यह आशा की जा रही है, कि हम अपना साहस, हौसला और समर्पण की भावना का परिचय दें।<br />      - लेकिन आज जो हमारे संगठन के सामने परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, वे अभूतपूर्व हैं। असाधारण परिस्थितियों का मुक़ाबला, असाधारण तरीक़े से ही किया जा सकता है। इस बात के प्रति मैं पूरी सचेत हूं। <br />      - हर संगठन को, न केवल जीवित रहने के लिए, बल्कि बढ़ने के लिए भी समय-समय पर, अपने अंदर परिवर्तन लाने होते हैं। हमें सुधारों की सख़्त ज़रूरत है-- रणनीति में बदलाव, ढांचागत सुधार और रोज़ाना काम करने के तरीक़े में परिवर्तन। एक तरह से यह सबसे बुनियादी मुद्दा है। लेकिन मैं यह भी ज़ोर देकर कहना चाहती हूं, कि हमारा पुनरुत्थान सिर्फ़ विशाल सामूहिक प्रयासों से ही हो पाएगा। और वो विशाल सामूहिक प्रयास, न टाले जा सकते हैं, न ही टाले जाएंगे। यह शिविर इस लंबे सफ़र में एक प्रभावशाली क़दम है। <br />     - हमारे लंबे और सुनहरे इतिहास में, आज एक ऐसा समय आया है, जब हमें अपनी निजी आकांक्षाओं को, संगठन के हितों के आधीन रखना होगा। पार्टी ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है। अब समय है कर्ज़ उतारने का। मैं समझती हूं, इससे आवश्यक और कुछ नहीं है। <br />साथियों,<br />     - मैं आप सबसे आग्रह करती हूं, कि अपने विचार खुल कर रखें। मग़र, बाहर सिर्फ़ एक ही संदेश जाना चाहिए- संगठन की मज़बूती, दृढ़ निश्चय और एकता का संदेश। यह निश्चय बरक़रार रखना होगा। <br />     - हाल में मिली नाकामयाबियों से, हम बेख़बर नहीं हैं। न ही हम बेख़बर हैं, उस संघर्ष से या उस संघर्ष की कठिनाइयों से, जिसे हमें करना है और जीतना है। लोगों की हमसे जो उम्मीदें हैं, उनसे हम अंजान नहीं हैं। <br />      - व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से यह प्रण लेने के लिए हम एकत्रित हुए हैं, हम देश की राजनीति में अपनी पार्टी को फिर से उसी भूमिका में लाएंगे,जो भूमिका पार्टी ने सदैव निभाई है और जिस भूमिका की उम्मीद इन बिगड़ते हुए हालातों में देश की जनता हमसे करती है। <br />     - हम यहां पूरी विनम्रता के साथ आत्म निरीक्षण तो कर रहे हैं, लेकिन आज हम तय करें, कि जब हम यहां से निकलेंगे, तो हम एक नये आत्म-विश्वास, एक नयी ऊर्जा के साथ और एक नयी प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर निकलेंगे। <br />      धन्यवाद, जय-हिंद।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 17:16:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उदयपुर में कांग्रेस के बड़े कार्यक्रम से पहले पायलट का बयान, ' चिंतन शिविर में युवाओं को प्राथमिकता, ग्राउंड रिपोर्ट आधार पर संगठन की आगामी रणनीति होगी तय'</title>
                                    <description><![CDATA[ दो तीन राज्यों के चुनाव इस साल है और अगले सालों में भी कई राज्यों के चुनाव होने हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-sachin-pilot-s-statement-before-the-big-program-of-congress-in-udaipur--priority-to-youth-in-chintan-shivir--the-upcoming-strategy-of-the-organization-will-be-decided-on-the-basis-of-ground-report/article-9563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sachin-pilot-1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहां है कि उदयपुर कांग्रेस चिंतन शिविर में पार्टी ने देशभर के युवाओं को प्राथमिकता दी है। सभी नेताओं से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर पार्टी की आगामी रणनीति तय की जाएगी शिविर के माध्यम से निकले निष्कर्ष के बाद संगठन में भी नई ऊर्जा के साथ बदलाव देखने को मिलेंगे।</p>
<p><br />अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि नव संकल्प चिंतन शिविर बहुत महत्वपूर्ण समय पर बुलाया गया है। क्योंकि दो तीन राज्यों के चुनाव इस साल है और अगले सालों में भी कई राज्यों के चुनाव होने हैं। सत्ताधारी दल भाजपा को चुनौती देकर राष्ट्रीय स्तर पर केवल कांग्रेस हरा सकती है। केंद्र सरकार पिछले 8 साल से शासन में है लेकिन देश के ज्वलंत मुद्दों पर केवल जनता का ध्यान भटका रही है। शिविर के माध्यम से हम सब मिलकर एक ऐसी रणनीति बनाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान नहीं हटा सके। अर्थव्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर देश में बुरा हाल है। भाजपा को अपने 8 साल के कार्यकाल में के कार्यों के आधार पर अपनी पार्टी को आगे ले जाना चाहिए लेकिन वह केवल पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस के ऊपर आरोप लगाकर अपनी राजनीति चला रहे हैं। पिछले 8 साल में उन्होंने क्या किया उस पर यह जवाब नहीं देते। चिंतन शिविर के बाद हम आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के नौजवान वर्ग और मध्यम वर्ग की आवाज बन कर सड़कों पर आएंगे।</p>
<p><br /><strong>बनेगा रोडमैप, संगठन में होगा बदलाव:</strong><br />पायलट ने कहा कि शिविर में चर्चा के बाद युवाओं और बेरोजगारों के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार होगा। भाजपा स्पष्ट बहुमत के बाद भी जनता के प्रति अपना फर्ज नहीं निभा पाए, इसलिए कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका में उतरेगा। राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने और जनता का भरोसा जीतने के लिए कांग्रेस को और मजबूत किया जाएगा। पायलट ने कहा कि शिविर में खास बात यह है कि करीब आधे प्रतिनिधि 40 साल से कम उम्र के हैं। पूरे देश भर से आए इन युवा नेताओं से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर कॉन्ग्रेस आगामी रणनीति तैयार करेगी। इस शिविर के बाद पार्टी जल्द ही देश में संगठनात्मक बदलाव करेगी। हम सब मिलकर एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मजबूती से काम करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 16:37:03 +0530</pubDate>
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                <title>चिंतन शिविर: राहुल दिल्ली से उदयपुर रेल से करेंगे सफर, क्या सोनिया गांधी भी रहेंगी साथ?</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी 12 मई की रात दिल्ली से रेल में रवाना होंगे। कांग्रेस का चिंतन शिविर 13 से 15 मई तक उदयपुर में हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chintan-shivir--rahul-will-travel-from-delhi-to-udaipur-by-rail--will-sonia-gandhi-also-be-with-him/article-9484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rahul-gandhi.jpg1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी उदयपुर में होने वाले पार्टी के चिंतन शिविर में हिस्सा लेने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ रेल से जाएंगे और इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य कई वरिष्ठ नेता भी रेल से ही सफर करेंगे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि गांधी 12 मई की रात दिल्ली से रेल में रवाना होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी इसी ट्रेन से चिंतन शिविर में हिस्सा लेने के लिए जाने की बात की जा रही है लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनके हवाई मार्ग से जाने की संभावना है।<br /><br />उन्होंने बताया किगांधी जिस ट्रेन से जा रहे हैं उसमें दो कोच अलग से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए बुक किये गये हैं। पार्टी की एक प्रमुख महिला नेत्री ने बताया कि पार्टी की ओर से कई कार्यकर्ताओं से ट्रेन में गांधी के साथ जाने के लिए कहा गया है। इस शिविर में देशभर से 422 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।<br /><br />कांग्रेस का चिंतन शिविर 13 से 15 मई तक उदयपुर में हो रहा है जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों में नये जोश के साथ जनता के बीच जाने और 2024 के आम चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी की रणनीति विचार किया जाएगा। कार्य समिति की सोमवार को हुई बैठक में भी निर्णय लिया गया है कि इस चिंतन शिविर के माध्यम से कांग्रेस को जनता के बीच ज्यादा आक्रामक रूप से सक्रिय बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।<br /><br />कुछ माह पहले पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कार्य समिति की बैठक में गांधी ने पार्टी को नये जोश के साथ तैयार करने के लिए संसद के बजट सत्र के बाद चिंतन शिविर आयोजित करने का ऐलान किया था और उसी के अनुरूप यह शिविर उदयपुर में आयोजित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 16:45:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नरेगा संविदा कार्मिकों का ऐलान: उदयपुर में चिंतन शिविर के बाहर करेंगे धरना प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[इसके बावजूद भी यदि राजस्थान सरकार नरेगा कार्मिकों की मांग नहीं मानी तो 31 मई को सम्पूर्ण राजस्थान में नरेगा के समस्त संविदा कार्मिक मुख्यमंत्री को सामुहिक इस्तीफे प्रस्तुत करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--announcement-of-nrega-contract-workers--will-hold-a-sit-in-protest-outside-chintan-shivir-in-udaipur/article-9429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dharna-pradarshan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नियमितीकरण की मांग को लेकर 4 मई से हड़ताल कर रहे नरेगा संविदा कार्मिकों ने कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर में पहुंच कर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।</p>
<p>महात्मा गांधी नरेगा लेखा कार्मिक संघ राजस्थान के महासचिव नरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा कार्मिक संघ, राजस्थान 04 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। राजस्थान के प्रत्येक ब्लॉक पर महात्मा गांधी नरेगा के समस्त कैडर नियमितिकरण को लेकर  अनिश्चितकालीन धरने प्रदर्शन किया जा रहे हैं। सरकार ने यदि मांग नहीं मानी तो मनरेगा संविदा कार्मिक चिंतन शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष अपना विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगे रखेंगे। वहां 13 मई से 15  मई तक उदयपुर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद भी यदि राजस्थान सरकार नरेगा कार्मिकों की मांग नहीं मानी तो 31 मई को सम्पूर्ण राजस्थान में नरेगा के समस्त संविदा कार्मिक मुख्यमंत्री को सामुहिक इस्तीफे प्रस्तुत करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चिंतन शिविर : नहीं मिलेगा मेवाड़ी रीत से मेजबानी का मौका</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर। उदयपुर में 13 से 15 मई तक होने वाले कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें मेवाड़ के पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधियों को मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि उन्होंने मेवाड़ी रीत से मेजबानी का मौका नहीं मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--chintan-shivir--will-not-get-a-chance-to-host-mewari-way/article-9311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/cong_new.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। उदयपुर में 13 से 15 मई तक होने वाले कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें मेवाड़ के पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधियों को मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि उन्होंने मेवाड़ी रीत से मेजबानी का मौका नहीं मिलेगा।</p>
<p><br />दरअसल, इन जन प्रतिनिधियों ने देशभर से जुटने वाले कांग्रेस नेताओं का मेवाड़ी परंपरानुसार अभिनंदन कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा था, जो बेणेश्वर या खेरवाड़ा में प्रस्तावित किया गया था। इस समारोह में मेवाड़ी खान-पान से लेकर आदिवासी संस्कृति की झलक पेश करने की योजना थी। इस कार्यक्रम पर एआईसीसी ने मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय होने का हवाला देते हुए कैंची चला दी है। बताया गया कि 12 मई से इस चिंतन शिविर की कमान एआईसीसी ही संभालेगी। इसमें कुछ चुनिंदा पूर्व व वर्तमान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इसकी सूचना 12 मई को संबंधित जनप्रतिनिधि तक पहुंचा दी जाएगी। इधर, चिंतन शिविर में व्यवस्था को लेकर आने वाले सहयोगियों के लिए आनंद भवन और लक्ष्मीविलास आदि होटलों में कमरे बुक करवाए गए हैं। <br /><br /><strong>डीनर के लिए पूछा जाएगा विकल्प</strong><br />जानकारी के अनुसार चिंतन शिविर में जुटने वाले कांग्रेस नेताओं का लंच आयोजन स्थल पर ही होगा, जबकि डीनर के लिए विकल्प पूछे जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि यह प्रयास किया जा रहा है कि शिविर में आने वाले कांग्रेस नेताओं को डीनर में मेवाड़ी स्वाद का चटखारा लगाने का मौका दिया जाए, इसलिए डीनर के लिए विकल्प पूछे जाएंगे। यदि कोई मेवाड़ी भोज का सेवन नहीं करना चाहता है तो उसकी व्यवस्था शिविर स्थल और होटल में भी रहेगी। बताया गया कि चिंतन शिविर में बाहर से न तो कोई शैफ आएंगे और न ही कोई कैटरिंग सर्विस। यदि कोई विशेष मांग होती है तो स्थानीय रसोइयों से ही यह कार्य करवाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 10:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
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                <title>जल्द होगा पार्टी का चिंतन शिविर :  कांग्रेस में होंगे व्यापक और आवश्यक बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि वह संगठन में सभी जरुरी एवं आवश्यक बदलाव करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-party-s-chintan-shivir-will-soon-happen--comprehensive-and-necessary-changes-will-happen-in-congress--mandate-humbly-accepted-at-cwc/article-6084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ashok-g2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में जल्द ही व्यापक और आवश्यक बदलाव देखने को मिलेंगे। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि वह संगठन में सभी जरुरी एवं आवश्यक बदलाव करें। पार्टी की जो भी कमियां एवं खूबियां हैं, उन पर चिंतन शिविर के जरिए गंभीर मंत्रणा की जाएगी। रविवार को करीब पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद पार्टी ने तय किया है कि संसद के तुरंत बाद एक व्यापक चिंतन शिविर होगा, ताकि लोकसभा चुनाव एवं इससे पहले होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी पूरी मजबूती से सत्ताधारी भाजपा का सामना करने के लिए तैयार हो सके।</p>
<p><br /><strong>सोनिया की अगुवाई में ही आगे बढ़ेगी कांग्रेस</strong><br />सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव के जरिए साफ  कर दिया कि कांग्रेस फिलहाल सोनिया गांधी की अगुवाई में ही आगे बढ़ेगी। प्रस्ताव में सोनया गांधी को खुली छूट दी गई कि वह सभी जरुरी बदलाव करें। कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी के प्रति पूरी आस्था एवं निष्ठा जताई गई। ऐसे में स्पष्ट है कि संगठन चुनाव तक कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी।<br /><br /><strong>चुनावी राज्यों की रिपोर्ट पेश</strong><br />बैठक में चुनावी रिपोर्ट संबंधित नेताओं द्वारा पेश की गई। जहां पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी ने अपनी रिपोर्ट पेश की। तो यूपी की रिपोर्ट प्रियंका गांधी ने प्रस्तुत की। इसी प्रकार गोवा की पी. चिदंबरम एवं हरीश रावत ने चुनाव अभियान समिति के प्रमुख के नाते उत्तराखंड की जानकारी दी।<br /><br /><strong>खुले मन से चर्चा हुई</strong><br />बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि बैठक में सभी मुद्दों पर खुले मन से चर्चा हुई। सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। पार्टी के समक्ष खड़ी भावी चुनौतियों पर मंत्रणा की गई। उन्होंने माना कि समय रहते पंजाब में सत्ता विरोधी लहर पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। जबकि पार्टी भाजपा के कुशासन को जनता के सामने उजागर नहीं कर सकी, जिससे पार्टी को असफलता मिली, लेकिन पार्टी जिम्मेदार विपक्ष के नाते भाजपा की जनविरोधी रीति नीति का प्रबल विरोध जारी रखेगी।<br /><br /><strong>राहुल गांधी के दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनने की वकालत की</strong><br /><strong>गहलोत बोले : कांग्रेस ने कई हार और जीत एवं उतार-चढ़ाव देखें</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को यहां केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार एवं भाजपा पर जमकर निशाना साधा। पांच राज्यों में पार्टी की करारी हार पर सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक जीवन में हार-जीत एवं कई उतार-चढ़ाव देखें है। इससे हम कतई परेशान नहीं हैं। पार्टी का कार्यकर्ता सब समझता है और उसे आगे क्या करना है। सीएम गहलोत ने एक बार फिर से राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की वकालत की है। मुख्यमंत्री गहलोत यहां पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के फिर से यह जिम्मेदारी संभालने की पुरजोर वकालत की। सीएम गहलोत ने कहा कि आज जिस प्रकार के देश में हालात बन गए हैं। उस स्थिति में राहुल गांधी को दोबारा से पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। क्योंकि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है। सीएम गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा आज धु्रवीकरण एवं हिन्दुत्व की राजनीति कर रही है। जिसका मुकाबला कांग्रेस ही कर सकती है। कांग्रेस समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। गहलोत ने कांग्रेस में परिवारवाद के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने पिछले 30 साल से कोई सरकारी ओहदा नहीं संभाला है। बल्कि गांधी परिवार ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि आग लगाना बहुत आसान है। लेकिन उसे बुझाना कठिन काम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 10:30:29 +0530</pubDate>
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