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                <title>snakes - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोबरा के बाद अब शहर में अजगर भी मचा रहा दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के सीजन में हर दिन घरों से हो रहे रेस्क्यू ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-cobra--now-python-is-also-creating-panic-in-the-city/article-124703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(5)36.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बारिश के दिनों में सांपों का भूमिगत बिलों से बाहर निकल रिहायशी इलाकों में पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। शहर में कोबरा, वाइपर व करैत, गोयरा के बाद अब अजगर की भी दस्तक बढ़ गई है। शनिवार को चंबल गार्डन की नर्सरी में अजगर आने के बाद रविवार को फिर से गार्डन के टिकट विंडो पर 8 फीट लंबा अजगर आ धमका। जिसे देख पर्यटक व टिकट काट रहे कर्मचारियों में दहशत मच गई। वहीं, आए दिन विभिन्न प्रजातियों के सांप घरों की चौखट दस्तक दे रहे हैं।</p>
<p><strong>पर्यटक व राहगीरों में मचा हड़कम्प </strong><br />चंबल गार्डन के मुख्य द्वारा पर बनी टिकट विंडो के पास रविवार दोपहर 3 बजे 8 फीट अजगर निकल आया। वह पास की दीवार में हो रहे गड्ढ़े में छिप गया। सूचना पर स्नेक केचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू किया जा सका। बाद में उसे जंगल में सुरक्षित रिलीज कर दिया गया। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि इससे पहले अजगर को सड़क पर चलता देखा गया था, वह बाद में गार्डन में चला गया था, जो अब पकड़ में आया। </p>
<p><strong>प्रतिमाह 60 से ज्यादा सांप हो रहे रेस्क्यू </strong><br />स्नैक कैचर्स के मुताबिक, सांप के भूमिगत बिलों से बाहर निकल कर रिहायशी इलाकों में पहुंचने के मामले मानसून में अधिक होते हैं। बरसात से उनके बिलों में पानी भर जाने व जमीन में गर्मी का दबाव अधिक बढ़ने से सांप बाहर निकल आते हैं और भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।  शहर में प्रतिमाह 60 से ज्यादा सांप रेस्क्यू हो रहे हैं। वहीं, कई जगहों पर तो सांप आने और जाने का पता नहीं लग पाता। ऐसे में इनकी संख्या का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। </p>
<p><strong>नर्सरी में महिला श्रमिकों पर हमले की थी कोशिश</strong><br />रेस्क्यूअर शर्मा ने बताया कि शनिवार दोपहर को चंबल उद्यान में स्थित नर्सरी में महिलाएं काम कर रही थीं। इसी दौरान एकाएक अजगर आ गया। उसने महिलाओं पर हमला करने की कोशिश की। अजगर को देखकर महिलाएं घबरा गई। बाद में पत्थरों की दीवार में छिप गया। जिसे 20 मिनट की मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया जा सका।  </p>
<p><strong>गांधी उद्यान व टापरी में निकला कोबरा</strong><br />गत दो अगस्त को तालेड़ा कस्बे में एक किसान की टापरी में साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा सांप छिपा हुआ था। यहां रेस्क्यूअर रॉकी डेनियाल ने कमरे में रखी लकड़ियों के ढेर में छिपा कोबरा को रेस्क्यू किया। इसी तरह चंबल गार्डन के गांधी उद्यान में बने आॅफिस के पास ब्लैक कोबरा घात लगाए बैठा था। कर्मचारियों की नजर पड़ने पर हड़कम्प मच गया। सूचना पर पहुंचे रेस्क्यूअर गोविंद शर्मा ने उसे रेस्क्यू किया। </p>
<p><strong>बाल-बाल बची थी जान, बाटी के ओवर में कोबरा</strong><br />गोविंद ने बताया कि कुछ माह पहले रावतभाटा रोड स्थित नयागांव में देवनारायण मंदिर के पीछे बने मकान में करीब साढ़े 4 फीट लंबा कोबरा रसोई में घुस गया था। वह बाटी बनाने के ओवन में जाकर छिपा गया। तभी परिवार की महिला बाटी बनाने के लिए ओवन के ऊपर का ढक्कन हटाया तो कोबरा फन फैलाकर बैठा था। जिससे परिवार में हड़कम्प मच गया। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 16:06:12 +0530</pubDate>
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                <title>अभी तक पार्क में स्नैक आए ना पक्षी, सीजेडए की अनुमति के बाद भी पक्षीशाला नहीं हुई शुरु </title>
                                    <description><![CDATA[ पार्क को शुरू हुए करीब डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/till-now-neither-snakes-nor-birds-have-come-to-the-park--even-after-the-permission-of-cza-the-aviary-has-not-started/article-116147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर में एक तरफ तो लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ सीजेड की अनुमति मिलने के बाद भी अभी तक न तो स्नेक पार्क शुरु हो सका है और न ही पक्षी शाला। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर स्नेक पार्क व आॅक्सीजोन पार्क में पक्षी शाला का निर्माण कराया गया है। बूंदी रोड स्थित हर्बल पार्क के पास रा’य का पहला स्नेक पार्क बनाया गया है। करीब 7 करोड़ से अधिक की राशि से इसका दो मंजिला भवन तो काफी समय पहले ही बनकर तैयार हो गया है। साथ ही करीब डेढ़ साल पहले दिसम्बर 2023 में सेन्ट्रल जू अथोरिटी आॅफ इंडिया(सीजेडए) से स्नेक पार्क को शुरु करने की अनुमति भी मिल चुकी है। उसके बाद भी अभी तक यहां न तो स्नेक आए हैं और न ही इसे शुरु किया गया है। </p>
<p><strong>केडीए आयुक्तने किया था गत दिनों दौरा</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त रिषभ मंडल ने पदभार ग्रहण करने के बाद गत दिनों स्नेक पाक का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वहां स्नेक लाने की सभी संभावनाओं को तलाशने के साथ ही इसे शीघ्र शुरु करने की व्यवस्थाओं को देखा था। करीब ढाई महीना होने के बाद भी अभी तक इसे शुरु नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>पक्षी शाला का ढांचा</strong><br />इधर केडीए की ओर से आईएल परिसर में करोड़ों की लागत से आॅक्सीजोन पार्क बनाया है। उसमें विशाल पक्षी शाला का निर्माण भी कराया गया है। इस पक्षी शालाो में भी देशी विदेश प्रजातियों के कई तरह के पक्षियों को लाने की योजना है। हालत यह है कि पार्क को शुरू हुए तो करीब डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया। साथ ही यहां पक्षी लाने के लिए सीजेड से भी अनुमति मिल चुकी है। उसके बाद भी अभी तक यहां सिर्फ पक्षी शाला का ढांचा ही नजर आ रहा है। उसमें पक्षी देखने के लिए लोग इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर में जब कोई चीज बनी है और उस पर करोड़ों रुपए का खर्चा किया गया है तो उसका लोगों को लाभ भी मिलना चाहिए। बसंत विहार  निवासी नीरज गौतम का कहना है कि केडीए हो या नगर निगम। जनता के धन से शहर में कोई विकास कार्य कराया गया है या कोई अच्छी चीज बनाई गई है तो उसे शुरु भी किया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>29 प्रजातियों के आने हैं स्नैक</strong><br />स्नेक पार्क में देशी विदेशी 29 प्रजातियों के करीब 200 स् नेक आने हैं। जिनमें 25 देशी व 4 विदेशी प्रजातियों के स् नेक लाए जाएंगे। ये स्नेक देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्नेक पार्क से ही यहां लाने की योजना है। हालत यह है कि अभी तक भी केडीए अधिकारी यहां स्नेक लाने से लेकर इसे शुरु करने तक का काम पूरा नहीं कर सके हैं। </p>
<p>आॅक्सीजोन पार्क की शोभा है पक्षीशाला। लेकिन उसका खाली ढांचा कब तक देखते रहेंगे। जब सीजेड से अनुमति मिल ही गई है तो अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करते हुए पक्षियों को लाना चाहिए। <br /><strong>- महेश जैन तलवंडी निवासी </strong></p>
<p>स्नेक पार्क और पक्षी शाला में  स्नेक व पक्षी  लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। व्यवस्थाओं में कुछ समय लग रहा है। शीघ्र ही इन दोनों को शुरु किया जाएगा। <br /><strong>- ऋषभ मंडल, आयुक्त, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 17:09:51 +0530</pubDate>
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                <title>घर में घुसे एक साथ तीन सांप, परिवार में मची दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[घर में छिपे तीनों सांपों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/three-snakes-entered-the-house-together--panic-in-the-family/article-85329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/47.png" alt=""></a><br /><p>क ोटा। रिहायशी इलाकों में आए दिन भुजंग के आतंक से लोगों में दहशत बनी हुई है। बरसात के बाद घरों में सांपों की घुसपैठ के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। ताजा मामला शुक्रवार सुबह अनंतपुरा इलाके का है। यहां तलाब गांव में स्थित एक घर में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब घर में एक साथ तीन सांप घुस आए। जिसकी दहशत से परिवार आधे घंटे तक घर के बाहर रहा। मोहल्ले में लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में रेक्यूअर आसिम हुसैन ने मौके पर पहुंच तीनों सांपों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। टिंÑकेट प्रजाति के थे तीनों सांप: मानव कल्याण समिति के सदस्य स्नैक कैचर आसीम ने बताया कि सुबह 10 बजे घर में एक साथ तीन सांप निकलने की सूचना मिली थी। इस पर 15 मिनट में मौके पर पहुंचा तो वहां लोगों की भीड़ लगी हुई थी। परिवार दहशत में घर के बाहर खड़ा था। अंदर जाकर देखा तो ट्रिंकेट प्रजाति के तीनों सांप टीनशेड का बना कच्चे घर में छिपे हुए थे। जिसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रजाति के सांप जहरीले नहीं होते हैं लेकिन इनकी लंबाई देख लोग डर जाते हैं। </p>
<p><strong>पेड़ों पर चढ़ पक्षियों का कर लेता शिकार</strong><br />आसिम ने बताया कि ट्रिंकेट प्रजाति के सांप अक्सर रिहायशी इलाकों के आसपास नजर आता है। यह पेड़ों पर चढ़ पक्षियों का शिकार कर लेता है। यह चिड़िया, गिलहरी, घौंसलों में रखे अंड़े व जमीन पर चूहों का शिकार करता है। बरसात में भूमिगत बिलों में पानी भरने से यह बाहर आ जाते हैं।  उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही अनंतपुरा स्थित एक दुकान से पांच फीट लंबे कोबरा का रेस्क्यू किया था। </p>
<p><strong>रसोई में सिलेंडर के छिपा कोबरा</strong><br />नयागांव इलाके में 2 जुलाई को एक घर की रसोई में 6 फीट लंबा कोबरा छिपा बैठा था। जबकि, महिला भोजन बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी उसकी नजर कोबरा पर पड़ी तो तुरंत रसोई से बाहर निकल जान बचाई। महिला नीतू व गीताबाई ने बताया कि कोबरा सिलेंडर के पीछे फन फैलाकर बैठा था। गनीमत रही कि समय पर नजर आने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p><strong>इधर, घर के गेट पर तो उधर, दुकान में घुसा कोबरा</strong><br />भीमगंजमंडी पुलिस थाने के पीछे स्थित कॉलोनी में एक घर के मुख्य गेट के बाहर कोबरा बैठा हुआ था। राहगीरों की सूचना पर परिवार के लोगों ने स्नैक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया। इसके बाद उन्होंने साढ़े चार फीट लंबा कोबरा को रेस्क्यू किया। इसी तरह धाकड़खेड़ी हाइवे स्थि विकास नगर में घर में बनी किराने की दुकान में कोबरा आ धमका। उस वक्त  परिवार में 16वर्षीय बालिका थी। जिसकी नजर पड़ते ही वह घबरा गई। परिजनों व पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद गोविंद ने मौके पर पहुंच कोबरा को रेस्क्यू किया। </p>
<p><strong>फैक्ट्री में कोबरा ने मचाई थी दहशत</strong><br />इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया में 3 जुलाई को एक फैक्ट्री में साढ़े पांच फीट लंबे कोबरा ने कर्मचारियों में दहशत फैला दी। यहां श्रमिक वेल्डिंग का काम कर रहे थे। तभी, वहां बजरी से भरे कट्टों के पीछे अजीब आवाज आने पर श्रमिक ने वहां देखा तो कोबरा फन फैलाकर बैठा था।  </p>
<p><strong>यहां सोफा फाड़कर किया था रेस्क्यू</strong><br />स्नैक केचर शर्मा ने बताया कि 13 जुलाई को कोटा यूनिवर्सिटी स्थित इलाके में एक कमरे में सांप सोफे में जा छिपा। अजीब तरह की आवाज आने पर दीपक कुमार को सोफे में सांप छिपे होने की आशंका होने पर सूचना दी। मौके पर जाकर देखा तो वह कभी सोफे के अंदर तो नीचे नजर आया। इस पर सोफा फाड़कर उसे बाहर निकाल रेस्क्यू किया। </p>
<p><strong>कार व स्कूटर से भी निकले सांप-गोयरा</strong><br />नयागांव इलाके में 4 जुलाई को एक कार में कोबरा निकल आने का मामला सामने आया था। वह कभी बोनट तो कभी इंजन व कार के अंदर नजर आता रहा। जब उसे रेस्क्यू करने की कोशिश करते तो वह कहीं छुप जाता। जिसे स्नेक कैचर द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया जा सका।  इसी तरह शिवपुरा इलाके में 11 जुलाई को दो फीट लंबा गोयरा दो दिन से एक स्कूटी में छिपा हुआ था। वह कभी डिग्गी तो कभी हैड लाइट व हॉर्न की जगह पर छिपता रहा। गत शुक्रवार को चालक स्कूटी लेकर जा रहा था तो वह अचानक से बाहर निकल आया, जिसे रेस्क्यू करवाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 15:14:55 +0530</pubDate>
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                <title>भुजंग मचा रहा दहशत, जंगल से घरों की दहलीज तक पहुंचे सांप </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा बैराज परिसर में शुक्रवपार को 7 फीट लंबा अजगर नजर आने से कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bhujang-is-creating-panic--snakes-have-reached-the-doorsteps-of-houses-from-the-jungle/article-83857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बारिश के दिनों में सांपों का बिलों से बाहर निकल रिहायशी इलाकों में पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। शिक्षा नगरी में कोबरा, वाइपर, करैत के बाद अब अजगर ने भी दस्तक दे दी है। ताजा मामला शुक्रवार को कोटा बैराज परिसर का है। यहां 7 फीट लंबा अजगर गेट नम्बर 19 के नजदीक दीवार के बीच हो रहे गड्ढ़ों में घुसा हुआ था। वहीं, हाल ही में एक घर की रसोई में सिलेंडर के पीछे साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा छिपा बैठा था और वहां महिला खाना बना रही थी। नजर पड़ने के बाद महिला ने भागकर जान बचाई। घटना से पूरा परिवार दहशत में रहा। रिहायशी इलाकों में आए दिन विभिन्न प्रजाति के सांप घरों में घुसने के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले कोबरा के आ रहे हैं। जबकि, कोबरा सांप सबसे ज्यादा जहरीला माना जाता है। ऐसे में विशेषज्ञ बरसात के दिनों में घरों में कबाड़ा न रखने, साफ-सफाई रखने और घास पर नंगे पैर न चलने की हिदायत देते हैं।  वहीं, सांप के काटने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी है। </p>
<p><strong>बैराज पर आया 7 फीट लंबा कोबरा</strong><br />कोटा बैराज परिसर में शुक्रवपार को 7 फीट लंबा अजगर नजर आने से कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। अजगर बैराज के 19 नंबर गेट के नजदीक दीवार पर बने हॉल में घुसा हुआ था। बैराज के कर्मचारियों ने देखा तो स्नैक केचर गोविंद शर्मा को सूचना दी। उन्होंने मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू किया जा सका। उन्होंने बताया कि डेम के गेट के पास की दीवार में पत्थरों के बीच बने छेद में अजगर फंसा हुआ था। जिसे बाहर निकालने के लिए दीवार का एक पत्थर हटाया फिर इसे रेस्क्यू किया जा सका। बाद में लाडपुरा रेंज में सुरक्षित रिलीज कर दिया गया।</p>
<p><strong>रसोई में सिलेंडर के छिपा था कोबरा</strong><br />नयागांव इलाके में 2 जुलाई को एक घर की रसोई में 6 फीट लंबा कोबरा छिपा बैठा था। जबकि, महिला भोजन बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी उसकी नजर कोबरा पर पड़ी तो तुरंत रसोई से बाहर निकल जान बचाई। महिला नीतू व गीताबाई ने बताया कि कोबरा सिलेंडर के पीछे फन फैलाकर बैठा था। गनीमत रही कि समय पर नजर आने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p><strong>फैक्ट्री में कोबरा ने मचाई दहशत</strong><br />स्नैक केचर गोविंद ने बताया कि इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया में 3 जुलाई को एक फैक्ट्री में साढ़े पांच फीट लंबे कोबरा ने कर्मचारियों में दहशत फैला दी। यहां श्रमिक वेल्डिंग का काम कर रहे थे। तभी, वहां बजरी से भरे कट्टों के पीछे अजीब आवाज आने पर श्रमिक ने वहां देखा तो कोबरा फन फैलाकर बैठा था। जिसे देख कर्मचारी व श्रमिक घबरा गए। सूचना के बाद उसे तुरंत रेस्क्यू कर लिया गया।</p>
<p><strong>दो दिन कार में छिपा रहा सांप</strong><br />नयागांव इलाके में 4 जुलाई को एक कार में कोबरा के निकल आने का मामला सामने आया। कोबरा कभी बोनट तो कभी इंजन व कार के अंदर नजर आता रहा। जब उसे रेस्क्यू करने की कोशिश करते तो वह कहीं छुप जाता। जिसे गुरुवार को स्नेक कैचर द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया जा सका। कार चालक पंकज ने बताया कि कई बार गेट व बोनट खोलकर देखा, लेकिन कोबरा कहीं छिप जाता था। हादसे का डर बना रहता था। </p>
<p><strong>जिले में प्रतिमाह 100 से ज्यादा सांप हो रहे रेस्क्यू </strong><br />स्नैक कैचर्स के मुताबिक, सांप के भूमिगत बिलों से बाहर निकल कर रिहायशी इलाकों में पहुंचने के मामले मानसून में अधिक होते हैं। बरसात से उनके बिलों में पानी भर जाने व जमीन में गर्मी का दबाव अधिक बढ़ने से सांप बाहर निकल आते हैं और भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। स्नैक कैचर के मुताबिक, शहर व ग्रामीण इलाकों में प्रतिमाह 100 से ज्यादा सांप रेस्क्यू हो रहे हैं। वहीं, कई जगहों पर तो सांप आने और जाने का पता नहीं लग पाता। ऐसे में इनकी संख्या का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 16:50:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - वन विभाग की टीम ने कोटा यूनिवर्सिटी पर छापा मारा</title>
                                    <description><![CDATA[विवि प्रशासन द्वारा लैब से कोबरा व करेत की डेढ़ बॉडी और हड्डियां गायब  किए जाने के बाद वन विभाग की टीम फोटो व वीडियोग्राफी करने लगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news----forest-department-team-raided-kota-university/article-60081"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka--van-vibhag-ki-team-ne-kota-university-par-chhapa-mara-...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी की वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की लैब में अवैध रूप से रखे गए शेड्यूल-1 व 2 के वन्यजीवों की डेडबॉडी और कंकाल की खबर नवज्योति में प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया। सोमवार दोपहर रेंजर की अगुवाई में 4 सदस्यीय टीम ने विश्वविद्यालय में छापा मारा। वन अधिकारी व कर्मचारियों को देख यूनिवर्सिटी में हड़कम्प मच गया। टीम ने विभाग कोर्डिनेटर के कक्ष में पहुंच साक्ष्य खंगाले, कुछ साक्ष्यों को जब्त किया। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लैब में रखे कोबरा और करेत सांप के मृत शरीर और हड्डियां गायब कर दी। इस मामले को लेकर  सर्च के दौरान विवि के अनुशासन अधिकारी और रेंजर के बीच गर्मा-गर्मी हो गई। </p>
<p><strong>प्रोक्टर और रेंजर में गहमा-गहमी </strong><br />विवि प्रशासन द्वारा लैब से कोबरा व करेत की डेढ़ बॉडी और हड्डियां गायब  किए जाने के बाद वन विभाग की टीम फोटो व वीडियोग्राफी करने लगी। इस दौरान यूनिवर्सिटी के प्रोक्टर चक्रपाणी गौतम वहां आ गए और वन टीम को फोटोग्राफी से रोकने लगे। इस बात पर उनकी रेंजर से गहमा-गहमी हो गई। करीब 20 मिनट तक दोनों के बीच हॉट टॉक चलती रही। हंगामे की स्थिति बनी रही। रजिस्ट्रार से परमिशन मिलने के बाद वनकर्मियों ने लैब में सर्च आॅपरेशन को अंजाम दिया। सांपों के मृत शरीर गायब करने व परमिशन से संबंधित जानकारी को लेकर डॉ. रंजना के बयान दर्ज किए। </p>
<p><strong>लैब से गायब किए कोबरा-करेत और हड्डियां</strong><br />वन विभाग की टीम दोपहर करीब 2 बजे यूनिवर्सिटी पहुंची थी। वहां वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट में पहुंचे। जहां कोर्डिनेटर डॉ. रंजना गुप्ता से शेड्यूल-1 व 2 के कोबरा और करेत रखे जाने की परमिशन लेटर मांगा, जिस पर उन्होंने आवेदन की कॉपी सौंपी लेकिन परमिशन मिलने का कोई प्रमाण नहीं सौंपा। बयान लेने के बाद टीम जैसे ही लैब में पहुंची तो पूर्व में वहां रखे कोबरा-करैत की डेढ़ बॉडी और सांप की हड्डियां गायब कर दी गई। जब इसके बारे में पूछा तो कोर्डिनेटर जवाब नहीं दे सकी। वन अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा आधे घंटे तक लैब को खंगालने के बावजूद मृत सांपों के शरीर व हड्डियां नहीं मिली। </p>
<p><strong>यूनिवर्सिटी में दिनभर चर्चा में रहा नवज्योति</strong><br />यूनिवर्सिटी कैम्पस में दिनभर नवज्योति में प्रकाशित खबर चर्चा में रही। विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर गु्रप बनाकर खबर को लेकर बतियाते नजर आए। हर कोई लैब में रखे सांपों के मृत शरीर एकाएक कैसे गायब होने का सवाल खोजते नजर आए। </p>
<p><strong>विनीत महोबिया लेकर आए लैब में कोबरा और करेत </strong><br />वनमंडल के डीएफओ जयराम पांड्ेय का कहना है कि टीम ने वन्यजीव विभाग की कोर्डिनेटर रंजना गुप्ता से शेड्यूल-1 व 2 के कोबरा और करेत सांप किससे लिए, कौन लेकर आया? सहित अन्य सवाल किए, जिसके जवाब देते हुए उन्होंने यह सांप रेप्टियल साइंस की फैकल्टी व कोर्डिनेटर विनीत महोबिया द्वारा लाया जाना बताया गया। लेकिन, लैब में यह दोनों ही सांप व अवशेष गायब मिले। </p>
<p><strong>इन सवालों का नहीं मिला संतोषजनक जवाब</strong><br />वन विभाग की टीम ने कोर्डिनेटर डॉ. रंजना से चैकर्ड कीलबैक कहां से लाए, बिना अनुमति के लैब में क्यों रखा, किसकी अनुमति से रखा, सांप की हड्डियां कहां से लाई गई, किस प्रजाति के सांप के थे यह अवशेष, मृत सांपों को प्रिजर्व रखने से पहले वन मंडल को सूचित क्यों नहीं किया, लैब में चैकर्ड कीलबैक सांप रखने का चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन द्वारा जारी किया गया परमिशन लेटर दिखाने सहित कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए। ऐसे में अब मामले का अनुसंधान शुरू कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जांच अधिकारी द्वारा प्रथम दृष्टया संबंधित डिपार्टमेंट पर जुर्म साबित हो रहा है। इनके खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत धारा-9, 39, 38 50 व 51 के अंतर्गत दोषी मानते हुए जांच की कार्रवाई की जा रही है। विवि की वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के लोगों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। अब रजिस्ट्रार के नाम पत्र लिख आगे की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- जयराम पांड्ेय, उप वन संरक्षक वन मंडल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 15:58:03 +0530</pubDate>
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                <title>कोबरा ही नहीं अजगर भी दे रहा घरों तक दस्तक</title>
                                    <description><![CDATA[विशेषज्ञों के मुताबिक भूमिगत बिलों में पानी भरने के बाद ठंडे खून वाले सांप खुले में बाहर आने और गर्म स्थानों पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-only-cobra--python-is-also-knocking-on-houses/article-53790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/cobra-hi-nhi-ajgar-bhi-de-rha-gharo-me-dastak...kota-news-05-08-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बारिश के दिनों में सांप बिलों से बाहर निकल रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। शिक्षा नगरी कोटा में कोबरा, वाइपर व करैत के बाद अब अजगर भी घरों की चौखट पर दस्तक देना लगा है। घरों में घुसकर कभी फन उठाता तो कभी फुफकार कर लोगों में दहशत मचाता भुजंग के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। वहीं, स्नैक केचर गोविंद शर्मा जान दांव पर लगा जहरीले सांपों को रेस्क्यू कर शहरवासियों को राहत पहुंचाकर सर्पसरी जंतुओं की जान भी बचा रहे हैं। दरअसल, मानसून के साथ ही शहर में सांप निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी है। पिछले सात दिनों में ही विभिन्न इलाकों में करीब तीन दर्जन से अधिक सांप निकलने के मामले सामने आ चुके हैं। ताजा मामला, गुरुवार देर रात आरकेपुरम-बी में स्कूल से निकलकर घर की चौखट पर अजगर आ गया। वहीं, शुक्रवार को एक ही दिन में दो जगह आबादी के बीच कोबरा निकल आया। लोगों में हड़कम्प मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे स्नैक कैचर गोविंद शर्मा ने सांपों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। </p>
<p><strong>घर के बाहर बैठा 8 फीट लंबा अजगर</strong><br />आरकेपुरम-बी में गुरुवार रात उस वक्त हड़कम्प मच गया जब 8 फीट लंबा और 15 किलो वजनी अजगर घर की दहलीज पर आ बैठा। जिसे देख इलाके में हड़कम्प  मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर रात स्नैक कैचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक अजगर घर के पास झाड़ियों में जाकर छिप गया। जिसे तलाशने की काफी कोशिश की गई लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। बाद में टॉर्च व एलोजन लाइट की रोशनी में फिर से सर्च किया। इस दौरान एक घंटे की मशक्कत के बाद पेड़-पौधों के पत्तों के बीच बैठा नजर आया। इस पर तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में रिलीज कर दिया। शर्मा ने बताया कि अजगर इलाके के सरकारी स्कूल की बाउंड्री पार कर घर की चौखट पर पहुंच गया था। अजगर जहरीला नहीं होता है। लोग लंबाई-चौड़ाई देखकर डर जाते हैं। संभवत: भोजन की तलाश में पायथन रिहायशी इलाके में पहुंचा है।</p>
<p><strong>पानी के टैंक में मिला ब्राउन कोबरा</strong><br />शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह रावतभाटा रोड स्थित रोझड़ी गांव में पानी की टंकी में 5 फीट लंबा कोबरा पड़ा हुआ था। बच्चे वहां खेल रहे थे, तभी एक बच्चे की टंकी में पानी में पड़े सांप पर नजर पड़ी तो मोहल्लेवासियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचा और दस मिनट में कोबरा को रेस्क्यू कर जंगल में रिलीज कर दिया। उन्होंने बताया कि कोबरा ब्राउन नहीं ब्लैक था। लेकिन, कैचुली आने के कारण वह ब्राउन नजर आ रहा था। यह कितने दिनों से पानी से भरी टंकी में पड़ा था, यह स्पष्ट नहीं हो सका। संभावना है कि वह चूहों के शिकार को आया और टंकी में गिर गया। पानी भरा होने के कारण निकल नहीं पाया। </p>
<p><strong>किस सांप के काटने से क्या होता है असर</strong><br />कोबरा: यह पूंछ हिलाता हुआ चलता है, इसे नाग भी कहते हैं, यह जहरीला होता है। खतरा महसूस होने पर यह फन उठाता है और फुफकारते हैं। इसके काटने पर मरीज की सांस रुक जाती है।<br /><br />रसैल वाइपर: यह प्रेशर कूकर की सीटी की तरह आवाज निकालता है। अजगर की तरह दिखता है और सबसे ज्यादा खेतों में मिलता है। इसके काटने पर शरीर में खून पतला हो जाता है और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।<br /><br />करैत: यह काले रंग का होता है और सफेद रंग की इस पर रिंग जैसे बैंड बने होते हैं। यह घरों में गर्मी की तलाश में और चूहे खाने आता है। इसके काटने पर भी खून पतला होता है और ब्लीडिंग होती है।<br /><br />धामन : इस प्रजाति के सांप जहरीला नहीं होता लेकिन इसकी लंबाई और चौड़ाई देख लोगों में दहशत बढ़ जाती है। यह दिखने में कोबरा जैसा नजर आता है। </p>
<p><strong>कलेक्ट्रेट में दौड़ा कोबरा</strong><br />जिला कलेक्ट्रेट परिसर में शाम साढ़े सात बजे पांच फिट लंबा कोबरा सड़क पर दौड़ता नजर आया। जिसे देख लोगों में हड़कम्प मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कर्मचारियों ने स्नैक कैचर गोविंद को सूचना दी। इस पर उन्होंने मौके पर पहुंच कोबरे को रेस्क्यू कर लिया। शर्मा ने बताया कि कोबरा कॉन्फ्रेंसिंग रूम से बाहर निकल सड़क पर आया और लोगों को देख गैलरी में जा घुसा। रेस्क्यू के बाद उसे लाड़पुरा के जंगल में रिलीज कर दिया। </p>
<p><strong>डर और उकसावे पर काटता है सांप</strong><br />विशेषज्ञों के मुताबिक भूमिगत बिलों में पानी भरने के बाद ठंडे खून वाले सांप खुले में बाहर आने और गर्म स्थानों पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है। डर और उकसावे की वजह से डंसते हैं। क्षेत्र में कोबरा, वाइपर, करैत, धामन सांप की प्रजाति पाई जाती है। इनके काटने पर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिले तो मौत भी हो सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 17:17:30 +0530</pubDate>
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                <title>ये पांच महिलाएं करती हैं सांप, हाइना, मोनिटर लिजार्ड और मगरगच्छ का रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग में कार्यरत प्रदेश की पांच महिलाएं अलग-अलग जिलों में बिना डर के सांपों के रेस्क्यू जैसे चैलेंजिंग काम कर रही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/these-five-women-rescue-snakes--hyenas--monitor-lizards-and-crocodiles/article-6087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/011.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोबरा सांप का नाम सुनते ही खौफ और डर जेहन में छा जाता है, लेकिन वन विभाग में कार्यरत प्रदेश की पांच महिलाएं अलग-अलग जिलों में बिना डर के सांपों के रेस्क्यू जैसे चैलेंजिंग काम कर रही हैं। ये महिलाएं 60 से 70 फुट गहरें कुएं में जाकर सांपों के साथ हाइना जैसे एनिमल्स को रेस्क्यू करती हैं।<br /><br />वन विभाग में सिरोही में रेस्क्यू इंचार्ज और फोरेस्ट गार्ड के पद पर कार्यरत 38 वर्षीय अंजु चौहान ने साल 2016 में नौकरी ज्वाइन की। वह अब तक अजगर, कोबरा, रसैल वाइपर, कॉमन स्नैक, मगरमच्छ, स्लोथ बियर, नीलगाय, हायना को रेस्क्यू कर चुकी हैं। इनमें सांपों की संख्या तकरीबन 1500 से ज्यादा है। परिवार का सपोर्ट रहता है। बेटा थैलेसिमिया से पीड़ित है, लेकिन रात को भी रेस्क्यू कॉल आने पर निकल जाती हैं।  <br /><br />सीकर में वन रक्षक के पद पर कार्यरत 25 वर्षीय बिमला धाकड़ ने 2016 में नौकरी ज्वाइन की। अब तक वह तकरीबन 30 से अधिक कोबरा सांप, मोनिटर लिजार्ड सहित अन्य प्रजातियों के सांपों का रेस्क्यू कर चुकी हैं। पहले पिताजी मुझे रेस्क्यू देख घबराते थे, लेकिन एक दिन घर में घुसे सांप को रेस्क्यू कर दिखाया तो उनका डर खत्म हो गया। <br /><br />बाड़मेर में वनरक्षक पद पर कार्यरत 27 वर्षीय प्रियंका चौधरी ने अब तक करीब 100 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के सांपों का रेस्क्यू किया है। इसमें सबसे ज्यादा कोबरा है। प्रियंका का कहना है कि परिवार और खासकर पति का सपोर्ट रहा। तभी मैं इस चैलेंजिंग कार्य को कर पा रही हूं।<br /><br />जैसलमेर के मोहनगढ़ में सहायक वनपाल के पद पर कार्यरत 29 वर्षीय झमकू ने 2011 में वन विभाग में आई। ट्रेनिंग के बाद विभिन्न प्रजातियों के करीब 50 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुकी हैं, जिनमें कोबरा, अजगर आदि शामिल हैं।<br /><br />वन मंडल प्रतापगढ़ में वनपाल के पद पर कार्यरत 27 वर्षीय सोनम कुमारी मीणा कोबरा, रसैल वाइपर सहित तकरीबन 60 प्रजातियों के सांपों को रेस्क्यू कर चुकी हैं। सोनम ने बताया कि पथरीला और चट्टानी इलाका होने के कारण यहां अजगर ज्यादा निकलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 10:48:12 +0530</pubDate>
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