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                <title>जाते-जाते बोर्ड कर गया पार्षदों के लिए एक-एक लाख का खेल, कोटा उत्तर में अधिकतर पार्षदों को मिली खेल सामग्री</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों निगम के 150 पार्षदों को किया उपकृत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/before-dissolving--the-board-approved-a-one-lakh-rupee-sports-equipment-allocation-for-each-councilor--most-councilors-in-kota-north-have-already-received-the-equipment/article-131164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/y-of-news-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम का वर्तमान बोर्ड भंग होने से पहले कोटा उत्तर व दक्षिण के सभी 150 पार्षदों को एक-एक लाख रुपए की खेल सामग्री मिलेगी।  इसके लिए पार्षदों से डिमांड ली गई है। कोटा उत्तर में तो शुक्रवार को अधिकतर पार्षदों को यह मिल भी गई जबकि दक्षिण निगम में इसकी पत्रावली अंतिम दौर में है। नगर निगम की ओर से हर साल पार्षदों को एक-एक लाख रुपए की खेल सामग्री देने का प्रावधान किया हुआ है। यह सामग्री पार्षदों द्वारा उनके वार्डों में बच्चों व खिलाड़ियों को खेलने के लिए उपलब्ध करवाई जाती है। पूर्व में भी यह सामग्री कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में बांटी जा चुकी है। नगर निगम बोर्ड का वर्तमान कार्यकाल 2 नवम्बर को समाप्त होने वाला है। इससे पहले सभी पार्षदों को अंतिम बार खेल सामग्री दी जानी है।  इस बार भी खेल सामग्री दी जानी है। जिसके लिए कोटा दक्षिण निगम प्रशासन द्वारा सभी 80 पार्षदों से उनके वार्ड व जरूरत के हिसाब से खेल सामग्री की डिमांड ली गई है। अधिकतर पार्षदों ने तो डिमांड दे दी है। वहीं निगम प्रशासन की ओर से खेल सामग्री उपलब्ध करवाने की पत्रावली भी आगे बढ़ा दी गई है। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार पिछली बार आवंटित की गई खेल सामग्री की दर से इस बार दर में दो से तीन गुना का अंतर आ रहा है। हर खेल सामग्री की दर काफी अधिक बढ़ाकर दी गई है। जिसके कारण इसे फाइनल करने  में देरी हो रही है। इस फाइल पर लेखा शाखा द्वारा आपत्ती करने से अभी तक खेल सामग्री नहीं बांटी गई है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि बोर्ड का कार्यकाल ही समाप्त होने वाला है। ऐसे में जल्दबाजी में खेल सामग्री आवंटित करने के लिए सभी पार्षदों से डिमांड तो ले ली है। लेकिन सामग्री की राशि को लेकर आपत्ती होने से इसके आवंटन में देरी हो रही है। पार्षदों का आरोप है कि बोर्ड भंग होने के बाद भाजपा पार्षद गुप-चुप तरीके से खेल सामग्री ले सकते है। जबकि कांग्रेस पार्षदों को बोर्ड भंग होने का बहाना बनाकर टाला जा सकता है। </p>
<p> इधर भाजपा पार्षदों का कहना है कि निगम की ओर से पारित बजट में खेल सामग्री का प्रावधान किया हुआ है। खेल सामग्री की डिमांड ली जा चुकी है। उसके टेंडर भी हो गए है। संभावना है कि बोर्ड भंग होने से पहले कार्यादेश जारी हो  जाएंगे तो सामग्री तो बाद में भी दी जा सकती है।  इधर कोटा दक्षिण महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि खेल सामग्री आवंटित करने की पत्रावली प्रक्रियाधीन है। बोर्ड भंग होने से पहले खेल सामग्री के कार्यादेश जारी होने की संभावना है। जिससे जाते-जाते पार्षदों को खेल सामग्री अपने वार्डों में खिलाड़ियों व बच्चों के  लिए मिल सकेगी।   इधर नगर निगम कोटा उत्तर में खेल सामग्री के कार्यादेश कई दिन पहले ही हो गए थे। उसका वितरण भी शुक्रवार को शुरु हो गया। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को बोर्ड का अंतिम दिन होने से अधिकतर पार्षद तो खेल सामग्री लेकर भी चले गए। गिनती के ही पार्षद शेष हैं वे भी शीघ्र ही खेल सामग्री प्राप्त कर लेंगे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:32:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीएसएनएल ने 4जी का दायरा बढ़ाया जयपुर में 141 साइट पर 4जी उपकरण लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[भारत संचार निगम लिमिटेड (बी एस एन एल) ने जयपुर, दौसा जिलो में अपनी 4जी सेवाओं का विस्तार करते हुए शानदार प्रगति दर्ज की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bsnl-expanded-the-scope-of-4g-installed-4g-equipment-at/article-97116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/bsnl.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत संचार निगम लिमिटेड (बी एस एन एल) ने जयपुर, दौसा जिलो में अपनी 4जी सेवाओं का विस्तार करते हुए शानदार प्रगति दर्ज की है। अभी हाल ही में जयपुर शहर में 141 साइटों पर 4जी के अत्याधुनिक उपकरण लगाये गये है जिससे कि मोबाइल इन्टरनेट सेवा की स्पीड में काफी तेजी आयी है एवं इस पर लगातार कार्य जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार सेवाएं: बीएसएनएल ने डिजिटल समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जयपुर व्यवसायिक क्षेत्र (जयपुर, दौसा, टोंक एवं सवाई माधोपुर) के 60 गांवों में 4जी की सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। यह सेवाए उन क्षेत्रों में प्रारम्भ की गई जहाँ किसी भी मोबाइल सेवा कम्पनी का सिग्नल नही था। इलाके के लम्बे समय से बी एस एन एल की 4जी इन्टरनेट सेवाओ का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओ को राहत मिली है और ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, एवं डिजिटल इंडिया के सपने को मजबूती मिली है।</p>
<p>सभी टावरों के उपकरण स्वदेशी : बी एस एन एल के टावरों पर इस्तेमाल किए गए सभी 4जी  के उपकरण पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। यह पहल न केवल भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को भी मजबूती प्रदान करती है।<br />बी एस एन एल का लक्ष्य और प्रयास: बी एस एन एल का उद्देश्य डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। वर्तमान में कंपनी उन्नत तकनीक और विश्वसनीय सेवाओं के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 14:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>डॉक्टरों और उपकरणों का अभाव, कैसे कराए उपचार?</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बेवासियों ने बताया कि इस परेशानी से क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/lack-of-doctors-and-equipment--how-to-get-treatment/article-86283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size32.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरू नगर पालिका मुख्यालय पर उपजिला स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के साथ-साथ उपकरणों का अभाव होने से यहां आ रहे रोगियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। यहां इलाज कराने आए मरीज ही असमंजस की स्थिति में रहता है कि आखिर इलाज कराए तो कैसे कराए? स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों का टोटा पूरा नहीं हुआ। मात्र दो चिकित्सक रह गए। जिनमें मुकेश नागर व राहुल राणा है। दो चिकित्सक यूटीबी से है। जिनमे एक डेंटिस्ट पद पर है। एक चिकित्सक अवकाश पर जाने व एक चिकित्सक के डेंटल में लगे होने के कारण एक ही चिकित्सक इन दिनों आम मरीजों को देख रहा है। ऐसे में कई रोगी बिना उपचार के लौट रहे है। यहां स्थिति यह है कि स्वयं खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी केशव नागर को अपनी सेवाएं देनी पड़ रही है। यहां चिकित्सक न होने से सड़क दुर्घटना में घायलों को आते ही बारां रैफर किया जाता है। यहां पर वरिष्ठ चिकित्सक नहीं होने के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। कस्बेवासियों ने बताया कि इस परेशानी से क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा। यहां पर उपजिला अस्पताल के नाते 22  चिकित्सकों को बैठना चाहिए जबकि 2 ही चिकित्सक यहां उपलब्ध हैं।</p>
<p><strong>महिला चिकित्सक का स्थानांतरण होने से महिलाएं परेशान</strong><br />गत दिनों स्वास्थ्य केंद्र से महिला चिकित्सक प्रविंद्र मीणा का भी स्थानांतरण कर दिया। जिससे महिलाओं को अपनी बीमारियों के लिए बारां,कोटा भागना पड़ रहा है। जिससे महिला चिकित्सक के अभाव में महिलाओं को इलाज कराने में परेशानियों  का सामना करना पड़ रहा है। इससे यहां चिकित्सक की कमी और बढ़ गई। इस बाबत विधायक राधेश्याम बैरवा से भी कहा गया है। </p>
<p><strong>इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप</strong><br />वहीं इन दिनों मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या 800 से 1000 हो गई है। मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में असुविधा हो रही है। वहीं स्टाफ की कमी से आमजन परेशान है। बीते दो दिन पूर्व भी चिकित्सकों की लिस्ट निकली। जिसमे अटरू का कहीं नाम नहीं आया। उधर पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने बताया कि यदि चिकित्सालय के हालात नहीं सुधारे तो जनांदोलन किया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और उपकरणों की कमी से मरीज असमंजस में है कि आखिर इलाज कराए तो कैसे कराए। यहां असुविधाओं का आलम बना हुआ है। <br /><strong>- रामनारायण, कस्बेवासी।</strong> </p>
<p>महिला चिकित्सक नहीं होने से महिलाओं से संबंधित बीमारी के लिए बारां चिकित्सालय जाना पड़ता है। जिससे समय और पैसों की बर्बादी हो रही है। <br /><strong>- गीतादेवी, कस्बेवासी।</strong></p>
<p>समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक, राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को अवगत करा चुके है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहे है। <br /><strong>- सुनील, समाजसेवी।</strong></p>
<p>सर्वाधिक मरीज बुखार ,वायरल, टायफायड के आ रहे हें। मौसम की प्रतिकूलता से बीमारियों में इजाफा हो रहा है। <br /><strong>- सौरभ सुमन,  लेबोरेट्री प्रभारी। </strong></p>
<p>स्वास्थ्य केंद्र में आ रही समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।<br /><strong>- डॉ. केशव नागर, खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 16:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश में आरटीओ के उपकरण हुए खराब </title>
                                    <description><![CDATA[खराबी के चलते कार्यालय पर मंगलवार को लाइसेंस के टेस्ट का कार्य ठप रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rto-equipment-got-damaged-in-the-rain/article-82790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/baarish-me-rto-k-upkaran-hue-khrab...kota-news-26-06-2024.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में सोमवार को हुई प्री मानसून की मूसलाधार बारिश के कारण जगपुरा स्थित परिवहन विभाग कार्यालय के स्वचालित उपकरण खराब हो गए। जिससे मंगलवार को परिवहन कार्यालय के लाइसेंस से संबंधित कार्य ठप पड़ गए हैं। गौरतलब है कि कोटा में सोमवार को तेज मूसलाधार बारिश हुई थी जिससे शहर का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। इसके साथ ही परिवहन कार्यालय में स्थित ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट लेने वाले हाई डेफिनेशन कैमरा खराब हो गए। विभाग के सूत्रों के अनुसार अधिकतर उपकरण बिना किसी ढकान के लगे हुए थे। ऐसे में तेज बारिश का पानी कैमरों के भीतर घुस गया और शॉर्ट सर्किट के कारण उनमें खराबी आ गई। खराबी के चलते कार्यालय पर मंगलवार को लाइसेंस के टेस्ट का कार्य ठप रहा। </p>
<p><strong>कार्य ठप होने से लोगों को होगी परेशानी</strong><br />परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन 100 से 150 लाइसेंस के टेस्ट लिए जाते हैं। वहीं कार्यालय में लगे उपकरणों को ठीक कराने में अभी दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। ऐसे में इन दिनों की टेस्ट स्लॉट वालों को थोडेÞ दिन का और इंतजार करना पड़ सकता है। साथ ही दूसरी ओर कोटा में अभी तक निजी ड्राइविंग स्कूलों में भी अभी तक लाइसेंस बनना शुरू नहीं हुआ है, जिससे परेशानी बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />मेरा लर्निंग लाइसेंस जारी है जिसके बाद 25 जून को ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए स्लॉट बुक था। कार्यालय पर आया तो पता चला कि हाई डेफिनेशन वाले कैमरा खराब हो गए हैं, जिन्हें ठीक होने में दो तीन दिन का समय लगना बता रहे हैं।<br /><strong>- राजेन्द्र नायक, रायपुरा</strong></p>
<p><strong>दो से तीन दिन का लग जाएगा समय</strong><br />खराब हुए कैमरों और उपकरणों को दिखाने का कार्य किया जा रहा है। जिन उपकरणों या कैमरों में खराबी आई है उन्हें जल्द ठीक करवाने का कार्य किया जाएगा। अभी फिलहाल कार्यालय पर किसी भी प्रकार का टेस्ट नहीं किया जा रहा है। उपकरणों के ठीक होने के बाद प्रक्रिया सामान्य होेने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। <br /><strong>- दिनेश सिंह सागर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 16:00:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ये कैसे इंतजाम! : दस माह में भी मदर मिल्क बैंक के उपकरण नहीं मंगवा सके</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यूडी द्वारा अस्पताल प्रशासन को भवन हस्तांतरित भी कर दिया लेकिन अभी बच्चे मदर मिल्क के दूध से दूर है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-this-arrangement----mother-milk-bank-s-equipment-could-not-be-ordered-even-in-ten-months/article-54601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/ye-kese-intezaam--das-maah-me-bhi-mother-milk-k-upkaran-nhi-mangwa-ske...kota-news-14-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जेकेलोन अस्पताल प्रशासन के ढीली कार्य शैली का भुगतान कुपोषित व बिन मां के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। मदर मिल्क बैंक भवन बनकर तैयार हुए दस माह से अधिक हो गए उसके बावजूद अभी तक उपकरण पूरे नहीं लगे। अस्पताल प्रशासन ने पहले मार्च मशीन आने और इसके शुरू होने की बात की उसको छह माह बीत गए। मदर मिल्क बैंक में एक एक उपकरण आने और उसको स्टॉल करने में ही समय निकाला जा रहा है। जिसके चलते मासूमों का इंतजार लंबा हो रहा है। दो साल से लंबे इंतजार के बाद तो भवन तैयार हुआ । अब भवन तैयार है तो उपकरण के नाम पर देरी हो रही है। खास बात ये है कि जेकेलोन अस्पताल परिसर में बहुप्रतीक्षित  मदर मिल्क बैंक भवन बनकर हो गया है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अस्पताल प्रशासन को भवन हस्तांतरित भी कर दिया लेकिन अभी बच्चे मदर मिल्क के दूध से दूर है। कारण की भवन में कई उपकरण अभी आना बाकी है। </p>
<p><strong>कपड़े सुखाने के काम आ रहा</strong><br />अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मदर मिल्क बैंक में कई आवश्यक उपकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आ रहे जिससे ये देरी हो रही है।  मदर मिल्क बैंक के भवन को हस्तांतरित किए करीब 10 माह से अधिक हो गया है, जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है । इधर बंद पड़ा भवन मरीजों के परिजनों के कपड़े सुखाने के काम आ रहा है। उल्लेखनीय है कि 84 लाख की लागत से तैयार भवन में एसी से लेकर बाकी सभी सुविधाएं लग गई लेकिन मिल्क को संग्रहण से लेकर अन्य आधुनिक उपकरणों को स्थापित करने में अभी समय लग रहा है। दो साल से बेसब्री इंतजार कर रहे नौनिहालों इंतजार कब खत्म होगा ये यक्ष प्रश्न बना हुआ है।</p>
<p><strong>नवजात बच्चों को कुपोषण से बचाने का लंबा हो रहा इंतजार</strong><br />बालपोषण संस्थाओं के अनुसार जन्म के आधे घंटे के भीतर मां का पहला दूध बच्चे के लिए पीना जरूरी है, लेकिन किसी कारणवश देश में 95 प्रतिशत बच्चों को यह दूध नहीं मिल पाता। यही वजह है कि भारत में हर दूसरा बच्चा कुपोषित है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोटा में मदर मिल्क बैंक तैयार करने की कवायद की लेकिन अस्पताल प्रशासन इसको लेकर अभी तक गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इसका खामियाजा नवजात शिशुओं को उठाना पड़ रहा है। ये मदर मिल्क बैंक शुरू हो जाता तो नवजात (0-1 साल) बच्चों को कुपोषित होने और दूध के अभाव में मौत के मुंह में समाने से रोका जा सकता है। </p>
<p><strong>अस्थाई मदर मिल्क बैंक होता तो ये समस्या नहीं आती</strong><br />जेके लोन मातृ एवं शिशु अस्पताल में मार्च 2021 में अस्पताल के दो कमरों में अस्थाई मदर मिल्क बैंक शुरू करने की कवायद शुरू की थी। अप्रैल 2021 में दो कमरे और किचन बनकर तैयार भी हो गया था।  इसकी शुरुआत अप्रैल 2021 में करनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं बंद होने से मदर मिल्क के लिए आवश्यक मशीनें कोटा नहीं पहुंच सकी। जिससे  मदर मिल्क बैंक मूर्तरूप नहीं ले सका । अगर उस समय ये अस्थाई मदर मिल्क मूर्तरूप ले लेता तो आज उसमें लगी मशीन शिफ्ट हो जाती और बच्चों को मां के दूध से वंचित नहीं रहना पड़ा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जेकेलोन अस्पताल में मदर मिल्क बैंक भवन तैयार है उसके कई उपकरण तो आ चुके कुछ बाकी है।  उसके आते ही इसको चालू किया जा रहा है। अभी एक एक उपकरण आ रहे उनको स्टॉल कर रहे है। <br /><strong>- डॉ. आशुतोष शर्मा,  अधीक्षक जेकेलोन अस्पताल</strong> </p>
<p>मदर मिल्क बैंक को शीघ्र शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ उपकरण स्टॉल होना बाकी है। उसके बाद ही ये शुरू होगा। आवश्यक उपकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आ रहे है। जिससे समय लग रहा है।<br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 18:28:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेतों में लगी आग, ईंधन सहित कृषि उपकरण जले</title>
                                    <description><![CDATA[उपखण्ड की ग्राम पंचायत बांसेडा के गांव रघुनाथपुरा के खेतों में अज्ञात कारणों से आग लगने से र्इंधन, पाइप सहित कृषि उपकरण जलकर राख हो गए। सूचना पर मौके पर दमकल पहुंचकर आग पर काबू पाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/fire-in-the-fields-burning-of-agricultural-equipment-including-fuel/article-12099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> टोडारायसिंह।</strong> उपखण्ड की ग्राम पंचायत बांसेडा के गांव रघुनाथपुरा के खेतों में अज्ञात कारणों से आग लगने से ईंधन, पाइप सहित कृषि उपकरण जलकर राख हो गए। सूचना पर मौके पर दमकल पहुंचकर आग पर काबू पाया गया। दमकलकर्मी राजेंद्र मीणा ने बताया कि दोपहर बाद सूचना मिली कि पंचायत बांसेडा के गांव रघुनाथपुरा के देवलाल, छोटूलाल तथा रामकिशन गुर्जर के खेतों में अज्ञात कारणों से आग लगी है।</p>
<p>सूचना पर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास किए गए, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकलकर्मी ने बताया कि आग में र्इंधन, हस्ती पाइप, कृषि उपकरण सहित अन्य सामान जलकर राख हो गए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 12:30:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खानों में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे है श्रामिक</title>
                                    <description><![CDATA[खान प्रबन्धन की अनियमितता के कारण क्षेत्र में संचालित दर्जनों खानों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के जोखिम में श्रमिक काम कर रहे है। खान विभाग के निर्देशानुसार  हैलमेट का खान परिसर में प्राथमिक उपचार बॉक्स होना निर्धारित है, लेकिन यह सब नियम खान मालिकों के लिए महज कागजी खानापूर्ति है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-workers-are-working-in-mines-without-equipment/article-9391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/marble-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रागपुरा। खान प्रबन्धन की अनियमितता के कारण क्षेत्र में संचालित दर्जनों खानों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के जोखिम में श्रमिक काम कर रहे है। खान विभाग के निर्देशानुसार  हैलमेट का खान परिसर में प्राथमिक उपचार बॉक्स होना निर्धारित है, लेकिन यह सब नियम खान मालिकों के लिए महज कागजी खानापूर्ति है। वास्तविकता तो यह है कि हैलमेट व जूते तो दूर प्राथमिक उपचार बॉक्स तक खानों पर उपलब्ध नहीं है। खान विभाग के द्वारा सुरक्षा उपकरणों में जूते, हैलमेट सहित चिकित्सा व्यवस्था निर्धारित हैं। श्रमिक जूतों के बिना चप्पलों में काम करते हैं। चप्पलों में काम करने के कारण श्रमिक आए दिन फिसल कर गिरते पड़ते रहते हैं, लेकिन पेट पालने के लिए खान प्रबन्धन के आगे जुबां नहीं खोल पाते हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के प्रतिवर्ष दो-तीन हादसे होते हैं, लेकिन खान मालिक व इनके स्थानीय सहयोगी हादसे में मृत व्यक्ति के परिजनों का नकद राशि आदि देकर मामले का रफादफा कर देते हैं। क्षेत्र सहित आसपास में संचालित कई पत्थर की खानों पर नवज्योति संवाददाता ने जाकर देखा तो मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के खान पर काम करते नजर आए। खानों पर श्रमिक दिन व रात दोनों पारियों में काम करते हैं। रात के समय दुर्घटना का अन्देशा अधिक हो जाता है।</p>
<p>पत्थर सहित अन्य खानों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए खान विभाग की ओर से कई नियम बनाए गए हैं। लेकिन विभाग की ओर से समय समय पर खानों का निरीक्षण नहीं किए जाने के कारण खान मालिक लापरवाही बरत रहे हैं। खान में करने वाले श्रमिकों को जूते, हैलमेट पहनना अनिवार्य कर रखा है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार बॉक्स रखना भी अनिवार्य है, ताकि हादसा होने के बाद घायल को प्राथमिक उपचार दिया जा सके। लेकिन खानों में काम करने वाले श्रमिक परिवार का पेट भरने के लिए जान हथेली पर रखकर काम करते हैं। ऐसे में खान मालिकों की अनियमितता मजदूरों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। अगर समय समय पर विभाग के अधिकारियों की ओर से इन खानों का निरीक्षण किया जाए तो खान मालिकों की अनियमितता उजागर हो सकती है। विभाग को ऐसे खान मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।</p>
<p>सहायक खान अभियन्ता का काम अवैध खनन रोकना व खानों पर सुरक्षा की व्यवस्था करना है। एएमई कोटपूतली को खानों पर पूरी सुरक्षा करवाने के लिए पाबन्द किया जाएगा। <br /><strong>- राजवीर सिह यादव, उप जिला कलेक्टर पावटा   </strong></p>
<p>बिना सुरक्षा उपकरणों के चल रही खानों की जानकारी कर इनको सुरक्षा उपकरण काम में लेने के लिए पाबन्द किया जाएगा। <br /><strong>- अमीचन्द दुवारिया, सहायक खान अभियंता</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 11:05:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन को अमेरिका देगा रक्षा पैकेज में अत्याधुनिक उपकरण </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका प्रशासन के हालिया रक्षा पैकेज के एक हिस्से के रूप में अमेरिका यूक्रेन को हॉवित्जर आर्टिलरी सिस्टम और एमआई -17 परिवहन हेलीकॉप्टर सहित कई अत्याधुनिक उपकरण देगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/america-will-give-equipment-in-defense-package-of-ukraine/article-7898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/am-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका प्रशासन के हालिया रक्षा पैकेज के एक हिस्से के रूप में अमेरिका यूक्रेन को हॉवित्जर आर्टिलरी सिस्टम और एमआई -17 परिवहन हेलीकॉप्टर सहित कई अत्याधुनिक उपकरण देगा। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इसकी जानकारी दी है। इस पैकेज में जिन उपकरणों को शामिल किया जा रहा है, उनमें 155 मिमी की 18 होवित्जर तोपें, 40,000 गोले, 300 स्विचब्लेड ड्रोन, 500 जेवलिन एंटी-आर्मर मिसाइल, 200 सैन्य परिवहन हेलीकॉप्टर एम113 और 11 एमआई-17 हेलीकॉप्टर सहित कई और भी हैं।</p>
<p>पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि इस पैकेज में यूक्रेन के लिए पहली बार हॉवित्जर आर्टिलरी सिस्टम को शामिल किया जा रहा है। यूक्रेनी सरकार के अनुरोध पर इसे भेजा जा रहा है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/america-will-give-equipment-in-defense-package-of-ukraine/article-7898</link>
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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 14:54:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक घंटा बंद रखें उपकरण</title>
                                    <description><![CDATA[अर्थ ऑवर डे पर राजस्थान में शनिवार शाम साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक एक घंटे तक बिजली उपकरण बंद रहेंगे। राजस्थान में इस साल एक घंटे की बिजली बंद रखने पर करीब 500 मेगावाट (पांच लाख यूनिट) बिजली बचेगी, जिसकी बचत राशि 45 से 50 लाख रुपए होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/keep-equipment-off-for-one-hour--500-mw-power-will-be-left-in-the-state--electricity-equipment-will-be-closed-for-one-hour-from-8-30-pm-to-9-30-pm-in-rajasthan-on-earth-hour-day/article-6752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/electricity.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इस दिन लोग स्वेच्छा से घरों की लाइट एक घंटे बंद करके ऊर्जा की बचत, बिजली बचाने और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हैं। राजस्थान में भी 2009 के बाद से यह डे मनाया जाता है। पिछले कुछ सालों में इस दिन के लिए शहरी क्षेत्र में अधिक जागरूकता आई है। राज्य में हर साल बिजली की डिमांड और खपत बढ़ने से इस दिन का महत्व भी बढ़ने लगा है।</p>
<table>
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;" colspan="4"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>पिछले पांच साल में बिजली उत्पादन क्षमता</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:122px;">
<td style="height:122px;">बिजली श्रेणी    </td>
<td style="height:122px;">
<p> उत्पादन क्षमता  </p>
<p>2017-18</p>
<p>(मेगावाट)</p>
</td>
<td style="height:122px;">
<p>उत्पादन क्षमता  </p>
<p>2021-22</p>
<p>(मेगावाट)</p>
</td>
<td style="height:122px;">
<p>उत्पादन</p>
<p>वृद्धि दर</p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">सोलर   </td>
<td style="height:41px;">1,657    </td>
<td style="height:41px;">2,958    </td>
<td style="height:41px;">16 प्रतिशत</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">कोल    </td>
<td style="height:41px;">10,515    </td>
<td style="height:41px;">13,315   </td>
<td style="height:41px;">6 प्रतिशत</td>
</tr>
<tr style="height:57px;">
<td style="height:57px;"><br />न्यूक्लियर    </td>
<td style="height:57px;">457    </td>
<td style="height:57px;">457    </td>
<td style="height:57px;">0 प्रतिशत</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">विंड   </td>
<td style="height:41px;">4,137    </td>
<td style="height:41px;">3,734    </td>
<td style="height:41px;">- 3 प्रतिशत</td>
</tr>
<tr style="height:58.4667px;">
<td style="height:58.4667px;"><br />हाईडेल   </td>
<td style="height:58.4667px;">1,860    </td>
<td style="height:58.4667px;">1,962   </td>
<td style="height:58.4667px;">1 प्रतिशत</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>औसत बिजली खरीद कीमत</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td>वर्ष </td>
<td>
<p>खरीद दर</p>
<p>(रुपए प्रति यूनिट)</p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>2017-18    </td>
<td>4.38</td>
</tr>
<tr>
<td>2018-19   </td>
<td>4.59</td>
</tr>
<tr>
<td>2019-20    </td>
<td>4.81</td>
</tr>
<tr>
<td><br />2020-21    </td>
<td>4.78</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p>2021-22</p>
<p>(जनवरी 22 तक)   </p>
</td>
<td>4.61</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><strong>ऐसे हुई शुरुआत</strong><br />अर्थ ऑवर डे दुनियाभर में 180 देशों में मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वन्यजीव और पर्यावरण संगठन वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर ने 31 मार्च, 2007 में की थी। पहली बार आस्ट्रेलिया के सिडनी में कार्यक्रम हुआ। भारत में इसकी शुरुआत 2009 में हुई, इसमें 58 शहरों में 50 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। 2010 में 128 शहरों के 70 लाख लोग शामिल हुए। साल दर साल यह सिलसिला बढ़ता रहा। 27 मार्च, 2021 को अर्थ ऑवर डे पर 8705.94 मेगावाट डिमांड की तुलना में 8531.83 मेगावाट बिजली खर्च हुई, यानी कुल 174.11 मेगावाट बिजली बची। इससे 8.03 लाख रुपए की बिजली बची। इस साल लोगों ने जागरूकता से हिस्सा लिया।<br /><br />अर्थ ऑवर डे के जरिए ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाता है। पिछले कुछ सालों में लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है। प्रदेश की जनता से अपील है कि ऊर्जा बचत की इस मुहिम में अपना योगदान दें।<br />-<strong>भंवर सिंह भाटी, ऊर्जा मंत्री</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 11:41:01 +0530</pubDate>
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                <title>जेहादी साहित्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[‘रिमोट बेस स्लीपर सेल’ कर रहे थे तैयार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jihadi-literature--electronic-equipment-and-other-material-seized--four-members-of-bangladesh-s-banned-terrorist-organization-jmb-caught-in-bhopal--preparing--remote-base-sleeper-cell/article-6091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ats.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाओं के आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बांग्लादेश से संबंधित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात ए मुजाहिद्दीन (जेएमबी) के चार सक्रिय सदस्यों को यहां से गिरफ्तार कर लिया। एटीएस की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार चारों को कल मध्य रात्रि में यहां सघन आबादी वाले क्षेत्र में छापेमारी की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एटीएस की ओर से अन्य कदम भी उठाए जाने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि जेएमबी के चारों सक्रिय सदस्य बांग्लादेश के निवासी बताए गए हैं, जो भोपाल में निवास कर रहे थे। इनके कब्जे से इलेक्ट्रानिक उपकरण, आपत्तिजनक साहित्य और अन्य सामग्री जब्त की गई है। चारों सदस्य ‘जेहादी गतिविधियों’ में संलिप्त थे और भोपाल में वे ‘रिमोट बेस स्लीपर सेल’ तैयार कर रहे थे। <br /><br />इनकी योजना भविष्य में देशविरोधी घटनाओं को अंजाम देने की थी। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादियों में फजहर अली, मोहम्मद अकील, जहूरउद्दीन उर्फ इब्राहिम और फजहर जैनुल शामिल। सूत्रों ने कहा कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में जेहादी साहित्य, इलेक्ट्रानिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। इन्हीं के आधार पर आरोपियों की पहचान जमात ए मुजाहिद्दीन, बंग्लादेश (जेएमबी) के सक्रिय सदस्य के रूप में हुई है। जेएमबी ने वर्ष 2005 में बंग्लादेश के 50 शहरों और कस्बों में लगभग 300 स्थानों पर लगभग 500 बम विस्फोट किए थे।  </p>
<p><strong>भोपाल से पकड़े गए चार संदिग्धों के मामले की जांच के लिए बनाई जा रही एसआईटी : गृह मंत्री</strong><br /><br /> मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि भोपाल से पकड़े गए चार संदिग्धों के मामले में जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया जा रहा है। डॉ मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए संदिग्धों के पास से जेहादी साहित्य, संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। मामले की तह में जाने की जरूरत है। अभी एसआइटी बनाई जा रही है, जो मामले की गंभीरता से जांच करेगी। उन्होंने बताया कि चार में से तीन ने बांग्लादेश का निवासी होना स्वीकार कर लिया है। कौन कितने समय से यहां था, इस बारे में अभी अलग-अलग जानकारी मिल रही हैं। सभी से अलग-अलग पूछताछ कर स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी। इसी के साथ उन्होंने बताया कि सभी पुलिस थानों को अलर्ट किया गया है। पुलिस को संदिग्धों की जानकारी एकत्रित करने को कहा है।<br /><br />संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाओं के आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बांग्लादेश से संबंधित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात ए मुजाहिद्दीन (जेएमबी) के चार सक्रिय सदस्यों को कल यहां से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादियों में फजहर अली, मोहम्मद अकील, जहूरउद्दीन उर्फ इब्राहिम और फजहर जैनुल शामिल हैं। उनके कब्जे से जेहादी साहित्य, इलेक्ट्रानिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज जब्त हुए हैं।<br /><br /><strong>कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के चार सहयोगी गिरफ्तार</strong><br />श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पुलिस ने रविवार को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के चार सक्रिय सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिले में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए रसद, परिवहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले जैश-ए-मोहम्मद के चार सक्रिय सहयोगियों को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में गिरफ्तार किया गया।<br /><br /><strong>सीआरपीएफ जवान की हत्या में शामिल आतंकी समेत दो गिरफ्तार</strong><br />केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान की हत्या में शामिल एक आतंकवादी और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया है। शोपियां जिले के पुलिस अधीक्षक अमृत पॉल सिंह ने बताया कि सीआरपीएफ के जवान मुख्तार अहमद डोई पर पीछे से हमला किया गया था। उन पर तीन राउंड गोलियां चलाई गईं। मुख्तार के मारे जाने के बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान पुलिस ने एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया जिसकी पहचान रुखसार अहमद थोकर के रूप में हुई है। एसएसपी ने कहा, उसके खुलासे पर, एक पिस्तौल बरामद की गई और आमिर अहमद दीवान के रूप में पहचाने जाने वाले एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को भी गिरफ्तार किया गया। वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली गई है। यह हमला लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के कमांडर आबिद रमजान शेख के इशारे पर किया गया था। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 11:12:15 +0530</pubDate>
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