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                <title>sweets - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मिठाइयों पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
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                        <![CDATA[नियम बने चार साल हो गए, विभाग अभी समझाइश ही कर रहा]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-111330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । हीटवेव व गर्मी के चलते इन दिनों मावा व पनीर और अन्य मिठाईयां जल्दी खराब हो रही है। दुकानदार फ्रीजर में रखी मिठाई  धडल्ले से बेच रहे है।  जैसे ही ग्राहक मिठाई खरीद कर घर ले जाता है उसमें खट्टापन आ जाता है।  ऐसे में ग्राहक अपने को ठगा ठगा महसूस करता है। उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी चार साल में  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।</p>
<p><strong>बासी मिठाई का नहीं चल पा रहा पता</strong><br />लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन  चार साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले साढे तीन साल से नए नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भी जांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br /><strong>- 4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई :</strong>  मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेवा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि।<br /><strong>- एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई :</strong> कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद।<br /><strong>- दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:</strong> दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।<br /><strong>- 7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट : </strong>फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली।<br /><strong>- एक महीने तक उपयोग होने वाली मिठाई:</strong> आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक व चक्की।</p>
<p><strong>नियम की नहीं हो रही पालना</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि था कि वो मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। लेकिन शहर मेें इसकी पालना नहीं हो रही है। 10 अप्रैल में मैने एक दुकान से मिठाई खरीदी घर जाने के बाद वो मिठाई कठोर हो गई और उसका ेखाया तो खट्टापन आ रहा था। अगर दुकान पर एक्सपायरी डेट लिखी होती तो में वो मिठाई नहीं खरीदता। सरकार को शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में मिठाई विक्रेताओं की जांच करनी चाहिए वो एक्सपायरी व निर्माण तिथि क्यों नहीं लिख रहे है। <br /><strong>- अशोक चौधरी, अधिवक्ता</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है  बडे दुकानदार तो पालना कर रहे लेकिन छोटे दुकानदार जो रोज मिठाई तैयार करते और बेचते वो एक्सपायरी डेट नहीं लिखते उनकी मिठाई रोज ही बिक जाती है। ऐसे खराब होने वाली बात ही नहीं रहती है।<br /><strong>- राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है।  बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाती है। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:47:33 +0530</pubDate>
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                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
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                        <![CDATA[एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-83405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/mithaiyop-pr-adhikansh-dukandar-nhi-likh-rhi-expiry-date...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी साढे तीन साल  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था।  बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम: बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। तीन साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नही</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भीजांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट</strong><br />फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली। </p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br />4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई: मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेर्वा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि। एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई : कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद। दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:  दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। द बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>- राजू अग्रवाल , मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:09:12 +0530</pubDate>
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                <title>अधिकांश खाद्य तेलों में गिरावट, दाल-दलहन और मीठे में तेजी</title>
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                        <![CDATA[ वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का अगस्त वायदा सप्ताहांत पर 54 रिंगिट गिरकर 3800 रिंगिट प्रति टन पर आ गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/decline-in-most-edible-oils--rise-in-pulses-and-sweets/article-53908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/630-400-size-की-कॉपी-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/नवज्योति, नई दिल्ली। विदेशी बाजारों में जारी गिरावट के दबाव और स्थानीय स्तर पर मांग सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में अधिकांश खाद्य तेलों के भाव गिर गए। जबकि दाल-दलहन और मीठे में तेजी का रुख रहा। <br /><br /><strong>तेल-तिलहन :</strong> वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का अगस्त वायदा सप्ताहांत पर 54 रिंगिट गिरकर 3800 रिंगिट प्रति टन पर आ गया। इसी तरह अगस्त का अमेरिकी सोया तेल वायदा 0.99 सेंट की गिरावट लेकर 61.12 सेंट प्रति पौंड बोला गया। सप्ताहांत पर सूरजमुखी तेल 146 रुपए, सोया रिफाइंड 146 और पाम ऑयल 67 रुपए प्रति क्विंटल सस्ता हो गया। वहीं, सरसों तेल, मूंगफली तेल और वनस्पति तेल के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे पुराने स्तर पर पडेÞ रहे। सप्ताहांत पर सरसों तेल 12088 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 20732 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 13407 रुपए प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 11868 रुपए प्रति क्विंटल, पाम ऑयल 8933 रुपए प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 11000 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा। <br /><br /><strong>दाल-दलहन : </strong>बीते सप्ताह दाल-दलहन के बाजार में तेजी का रुख रहा। सप्ताहांत पर चना 200 रुपए, दाल चना 200 रुपए, मसूर दाल 100 रुपए, मूंग दाल 100 रुपए और उड़द दाल 100 रुपए प्रति क्विंटल महंगी रही जबकि अरहर दाल में कोई बदलाव नहीं हुआ। सप्ताहांत पर चना 5150-5250, दाल चना 6150-6250, मसूर काली 7300-7400, मूंग दाल 8750-8850, उड़द दाल 10700-10800, अरहर दाल 10300-10400 रुपए प्रति क्विंटल रहे। अनाज : अनाज मंडी में टिकाव रहा। साप्ताहांत पर चावल और गेहूं के भाव पुराने स्तर पर पडेÞ रहे। इस दौरान (भाव प्रति क्विंटल) गेहूं दड़ा 2550-2650 रुपए और चावल 2900-3000 रुपए प्रति क्विंटल रहा। चीनी-गुड़ : बीते सप्ताह मीठे के बाजार में तेजी रही। इस दौरान चीनी 50 रुपए और गुड़ के भाव 50 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गए। साप्ताहांत पर चीनी एस 3590-3690, चीनी एम. 3850-3950, मिल डिलीवरी 3470-3570 और गुड़ 3750-3850 रुपए प्रति क्विंटल बोले गए। </p>]]>
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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 10:06:50 +0530</pubDate>
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                <title>खाद्य तेलों में उबाल</title>
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                        <![CDATA[ बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/despite-the-firmness-in-the-global-market--there-was-a-rise-in-the-market-of-pulses--pulses-and-sweets--with-the-rise-in-edible-oils-by-rs-1538-per-quintal-last-week-due-to-off-take-at-the-local-level/article-6100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/oil.jpg" alt=""></a><br /><p> नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में टिकाव के बावजूद स्थानीय स्तर पर उठाव होने से बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। तेल तिलहन : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मार्च वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 7093 रिंगिट प्रति टन पर स्थिर रहा। इसी तरह मार्च का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी सप्ताहांत पर 74.72 सेंट प्रति पाउंड पर टिका रहा। सप्ताहांत पर पाम ऑयल 1538 रुपए, वनस्पति तेल 1465 रुपए, सूरजमुखी तेल 1319 रुपए, मूंगफली तेल 1172 रुपए और सोया रिफाइंड 880 रुपए प्रति क्विंटल उबल गया। वहीं, सरसों तेल के भाव पिछले स्तर पर पड़े रहे। सप्ताहांत पर सरसों तेल 19341 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 18974 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 18754 रुपए प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 17729 रुपए प्रति क्विंटल, पाम आॅयल 16116 रुपए प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 17435 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा।</p>
<p><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : बीते सप्ताह उठाव मजबूत रहने से दाल-दलहन के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर उड़द दाल 350 रुपए, मूंग दाल 150 रुपए, चना 100 रुपए और दाल चना 100 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गई। वहीं मसूर दाल और अरहर दाल में टिकाव रहा। सप्ताहांत पर चना 4700-4800, दाल चना 5800-5900, मसूर  काली 8700-8800, मूंग दाल 8750-8850, उड़द दाल 9250-9350, अरहर दाल 8000-8100 रुपए प्रति क्विंटल रही। अनाज : बीते सप्ताह अनाज के बाजार में मिश्रित रुझान रहा। सप्ताहांत पर गेहूं 90 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया जबकि चावल में स्थिरता रही।  सप्ताहांत पर अनाज (भाव प्रति क्विंटल) : गेहूं दड़ा 2350-2450 रुपए और चावल : 2500-2600 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा। चीनी-गुड़ : आलोच्य सप्ताह मीठे के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर चीनी 20 रुपए और गुड़ 50 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गया। सप्ताहांत पर चीनी एस. 3360-3460, चीनी एम. 3720-3820, मिल डिलीवरी 3310-3410 और गुड़ 3100-3200 रुपए प्रति क्विंटल पर रहे।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:02:12 +0530</pubDate>
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