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                <title>putin's - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>putin's RSS Feed</description>
                
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                <title>विनाश की तैयारी न्यूक्लियर सुनामी ला सकती है पुतिन की महाविनाशक सबमरीन!</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को। रूस और यूक्रेन का युद्ध लगातार जारी है। इस बीच रूस की ताकत में एक बड़ा इजाफा हुआ है। रूस की नौसेना को दुनिया की सबसे लंबी महाविनाशक पंडुब्बी बेलगोरोड मिल गई है। ये पनडुब्बी एक स्कूल बस के बराबर न्यूक्लियर टॉरपीडो से लैस है, जो एक रेडियोएक्टिव सुनामी लाने की ताकत रखती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/preparing-for-destruction-nuclear-tsunami-could-bring-putin-s-great-destroyer-submarine/article-14056"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/62.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस और यूक्रेन का युद्ध लगातार जारी है। इस बीच रूस की ताकत में एक बड़ा इजाफा हुआ है। रूस की नौसेना को दुनिया की सबसे लंबी महाविनाशक पंडुब्बी बेलगोरोड मिल गई है। ये पनडुब्बी एक स्कूल बस के बराबर न्यूक्लियर टॉरपीडो से लैस है, जो एक रेडियोएक्टिव सुनामी लाने की ताकत रखती है। पनडुब्बी 184 मीटर लंबी है। ये पिछले 30 साल में बनने वाली अब तक की सबसे बड़ी पनडुब्बी है। अमेरिकी नेवल इंस्टीट्यूट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 30 हजार टन वजनी इस पनडुब्बी में 80 फुट के छह पोसाइडन न्यूक्लियर टॉरपीडो ड्रोन लगे हैं, जिनमें 100 मेगाटन न्यूक्लियर पेलोड भरा है। ये हथियार इतने घातक हैं कि इनके फटने से समुद्र का पानी 500 मीटर ऊंचे तक उछल सकता है जो एक बड़ी लहर पैदा करने के लिए काफी है। इसके साथ ही जहां-जहां भी ये पानी जाएगा वो अपने साथ न्यूक्लियर रेडिएशन लेकर चलेगा। पोसाइडन टॉरपीडो को आर्थिक गतिविधि वाले तटीय शहरों को तबाह करने के लिए बनाया गया है। क्योंकि इससे लंबे समय तक रेडिएशन रहेगा। 2015 में लीक हुए एक डॉक्यूमेंट में ये बात सामने आई थी।<br /><br /><strong>कोवर्ट मिशन के लिए होगा इस्तेमाल</strong><br />8 जुलाई को रूस के नेवी कमांडर इन चीफ निकोलाय टेवमेनोव पनडुब्बी के डिलीवरी सेरेमनी में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ये शोध और विज्ञान में इस्तेमाल की जाएगी। हालांकि इससे पहले रूस ने कहा था कि ये पनडुब्बी उसे 31 जुलाई तक मिलेगी, लेकिन ये पहले ही मिल गई है। एक रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि ये पश्चिम की किसी भी पनडुब्बी से बड़ी है और इसमें पानी के ड्रोन हैं। युद्ध से ज्यादा इसका इस्तेमाल कोवर्ट मिशन में किया जाएगा, जैसे अंडर वाटर इंटरनेट की केबल को काटना जो पश्चिमी देशों को दुनिया से अलग कर सकते हैं।<br /><br /><strong>लीक किए डॉक्यूमेंट</strong><br />लीक डॉक्यूमेंट में इस हथियार की रेंज हाजारों किमी बताई गई। जिस आकार के वॉरहेड इस पनडुब्बी में है वह अमेरिकी तट को एक खतरनाक रेडियोएक्टिव सुनामी से तबाह कर सकते हैं। कहा जाता है कि 2015 में रूस ने जानबूझ कर इस पनडुब्बी की खासियत को लीक कर दिया था। ताकि अमेरिका को इसके जरिए एक वॉर्निंग सिग्नल मिल सके। मई 2020 में रूस की न्यूज एजेंसी ने बताया था कि इसका पेलोड दो मेगाटन तक हो सकता है, जो दुश्मनों के नौसेना अड्डों को तबाह कर सकता है। ये पनडुब्बी एक किमी की गहराई तक जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 14:48:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पुतिन की चेतावनी: यूक्रेन में दखलंदाजी ना दें पश्चिमी देश</title>
                                    <description><![CDATA[पुतिन ने  पश्चिम पर रूस का 'आर्थिक रूप से दम घोंटने' का आरोप लगाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/putin-s-warning--western-countries-should-not-interfere-in-ukraine/article-8788"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/putin.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। 2 महीने से ज्यादा वक्त से रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। ऐसे में यूक्रेन को हाथियार देने पर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी  है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में पश्चिमी देशों के दखल देने पर 'बिजली की तेजी' से जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।<br /><br /> पुतिन ने बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग में सांसदों को संबोधित करते हुए पश्चिम पर रूस का 'आर्थिक रूप से दम घोंटने' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''अगर कोई यूक्रेन में जारी घटनाओं में बाहर से हस्तक्षेप करने का इरादा रखता है और हमारे लिए अस्वीकार्य रणनीतिक खतरे पैदा करता है, तो उसे पता होना चाहिए कि हमारी प्रतिक्रिया बिजली से भी तेज होगी।''<br /><br />रूस के हालिया हाइपरसोनिक और इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षणों का उल्लेख करते हुए पुतिन ने कहा, ''हमारे पास इसके लिए सभी उपकरण हैं - जिनके बारे में कोई भी डींग नहीं मार सकता है। हम डींग नहीं मारेंगे। जरूरत पडऩे पर हम उनका इस्तेमाल करेंगे और मैं चाहता हूं कि यह सभी को पता चले। इस संबंध में सभी निर्णय लिये जा चुके हैं।''<br /><br /> पुतिन ने दावा किया है कि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध में धकेला है और यूक्रेन में उनके सैनिकों ने क्षेत्र में सामने आने वाले 'एक बड़े युद्ध के वास्तविक खतरे' पर लगाम लगा दी है। पुतिन का यह बयान रूस द्वारा आईसीबीएम आरएस-28 सरमत के परीक्षण की घोषणा के एक हफ्ते बाद आया है। यह दुनिया भर में सबसे अधिक विनाशकारी मिसाइलों में से एक है। 'द इंडिपेंडेंट' ने मंगलवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के हवाले से चेतावनी दी थी कि परमाणु युद्ध का जोखिम अब काफी बढ़ गया है क्योंकि पश्चिमी देश यूक्रेनी सेना को हथियारों की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Apr 2022 15:10:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ब्रिटेन का दावा: रूसी सैनिकों ने पुतिन का आदेश मानने से किया इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[ फ्लेमिंग के हवाले से कहा कि ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने यूक्रेन सरकार और सैन्य प्रणालियों को बाधित करने के रूस के निरंतर इरादे को देखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/britain-s-claim--russian-soldiers-refused-to-obey-putin-s-order/article-7106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/russia1.jpg" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ब्रिटिश खुफिया प्रमुख जेरेमी फ्लेङ्क्षमग ने गुरुवार को कहा कि कुछ रूसी सैनिकों ने हथियारों और मनोबल की कमी के कारण अपने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेशों का यूक्रेन में पालन करने से इनकार कर दिया है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसी जीसीएचक्यू फ्लेमिंग ने कैनबरा में कहा कि ऐसा लगता है कि  पुतिन ने स्थिति का बड़े पैमाने पर गलत आकलन किया है। यह स्पष्ट है कि उन्होंने यूक्रेन के लोगों के प्रतिरोध को गलत आकलन किया।<br /><br />उन्होंने कहा कि हमने रूसी सैनिकों को हथियारों और मनोबल की कमी के कारण  आदेशों को पूरा करने से इनकार करते हुए, अपने स्वयं के उपकरणों में तोडफ़ोड़ करते हुए और यहां तक कि गलती से स्वयं के विमानों को मार गिराते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि भले ही हम मानते हैं कि पुतिन के सलाहकार उन्हें सच बताने से डरते हैं। क्या हो रहा है और इन गलत निर्णयों की सीमा शासन के लिए स्पष्ट होनी चाहिए। </p>
<p> फ्लेमिंग के हवाले से कहा कि ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने यूक्रेन सरकार और सैन्य प्रणालियों को बाधित करने के रूस के निरंतर इरादे को देखा है। साथ ही उन संकेतकों को देखा है कि रूस के साइबर अभिनेता क्रेमलिन के कार्यों का विरोध करने वाले देशों में लक्ष्य की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने वैगनर समूह सहित यूक्रेन में भाड़े के सैनिकों और विदेशी लड़ाकों का उपयोग करने वाले रूस को लेकर कहा,'' समूह रूसी सेना की छाया शाखा के रूप में काम करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 18:43:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका की दो टूक: रूस को अगर मदद देगा चीन तो भुगतने होंगे परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसी चेतावनी सोमवार को रोम में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और चीन के विदेश नीति सलाहकार येन जीकी के बीच होने जा रही बैठक से कुछ घंटों पहले ही सामने आयी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-will-target-the-consignment-of-weapons-being-sent-to-ukraine--america-in-tension-due-to-putin-s-warning/article-6113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/flag.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका ने चीन को चेतावनी दी है कि वह अगर यूक्रेन में हमला करने वाले रूस की किसी भी तरह से मदद करता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी मीडिया में आयी रिपोट्स में यह जानकारी दी गयी। ऐसी चेतावनी सोमवार को रोम में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और चीन के विदेश नीति सलाहकार येन जीकी के बीच होने जा रही बैठक से कुछ घंटों पहले ही सामने आयी है।<br /><br />यूक्रेन में रूस के हमले के बाद से दोनों देशों के बीच यह उच्च स्तरीय बैठक से ठीक पहले एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आयी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने चीन से यूक्रेन में ड्रोन सहित अन्य सैन्य मदद की मांग की है। अमेरिकी मीडिया में आयी रिपोर्ट में नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों के हवाले से रविवार को बताया गया कि रूस ने यूक्रेन पर हमले के दो सप्ताह बाद ही 24 फरवरी को सैन्य मदद मांगी थी। दूसरी ओर अमेरिका में चीनी दूतावास ने ऐसे किसी तरह के अनुरोध की जानकारी होने से इंकार किया है।  <br /><br /> इस युद्ध के शुरू होने से ही चीन ने रूस को अपना समर्थन दिया था लेकिन उसके द्वारा सार्वजनिक रूप से रूस की सैन्य या आर्थिक मदद दिये जाने की कोई जानकारी नहीं है। यदि रूस ने ऐसा अनुरोध किया भी है तो चीन ने इस पर क्या जवाब दिया यह अभी तक पता नहीं है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियु पेंग्यू ने रविवार को सीएनएन को बताया कि उन्हें रूस से किये गये इस तरह के किसी अनुरोध की जानकारी नहीं है। <br /><br />सीएनएन अमेरिका में रूसी दूतावास से भी इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर पाया है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सीएनएन को रविवार को बताया कि चीन यदि रूस को मदद देगा तो यह हमारे लिए ङ्क्षचता की बात है। उन्होंने कहा कि हम भी देख रहे हैं कि अगर चीन रूस को किसी भी तरह से मदद करता है तो यह हमारे लिए ङ्क्षचता का विषय है और हमने चीन का साफ साफ बता दिया है कि अगर वह ऐसा करता है तो उसे इसके बड़ेे परिणाम झेलने होंगे। </p>
<p>दूसरी ओर चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा '' मैंने कभी नहीं सुना कि यूक्रेन की स्थिति को लेकर चीन कभी चिंतित हुआ है हम पूरी गंभीरता के साथ उम्मीद करते हैं कि स्थिति सामान्य होगी और जल्द ही इस इलाके में शांति स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि अभी सबसे जरूरी यह है कि स्थिति को और तनावपूर्ण होने से रोका जाए ताकि बात हाथ से न निकल जाए। अगर ऐसा होता है तो युद्ध में शामिल दोनों देशों के साथ साथ पूरी दुनिया को इसके प्रभाव झेलने होंगे। चीन इस तनाव को कम करने और मानवीय संकट को रोकने की अपील करता है। चीन यूक्रेन को मानवीय मदद मुहैया करा रहा है और आगे भी कराता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 13:16:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेन भेजे जा रहे हथियारों की खेप को निशाना बनाएगा रूस</title>
                                    <description><![CDATA[लड़ाकू विमान बन सकते हैं तीसरे विश्व युद्ध का कारण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/russia-will-target-the-consignment-of-weapons-being-sent-to-ukraine--america-in-tension-due-to-putin-s-warning/article-6110"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/asla.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूस और यूक्रेन में लगातार 17वें दिन भी युद्ध जारी है। रूसी सेनाओं ने यूक्रेन की राजधानी कीव की घेराबंदी को और ज्यादा कड़ा कर दिया है। तीन दिशाओं से रूसी फौज कीव की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है। इस बीच रूस ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है कि यूक्रेन को दिए जा रहे हथियारों की खेप को लक्ष्य के रूप में देखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि रूस अब अमेरिका और नाटो देशों से आ रहे हथियारों के खेप पर हमला कर सकता है। जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि रूस के ऐसे किसी भी ऐक्शन से संघर्ष और ज्यादा भड़क सकता है।<br /><br /><strong>लड़ाकू विमान बन सकते हैं तीसरे विश्व युद्ध का कारण</strong><br />रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिका को चेतावनी दी कि कई देश यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं। यह सिर्फ एक खतरनाक कदम नहीं है, यह एक ऐसी कार्रवाई है जो उन काफिले को वैध लक्ष्य बनाती है। जो बाइडेन ने व्यक्तिगत रूप से पोलैंड के मिग विमानों की शिपमेंट रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। उन्हें डर था कि यूक्रेन को दिए जा रहे लड़ाकू विमान तीसरे विश्व युद्ध का कारण बन सकते हैं।<br /><br /><strong>सहायता काफिले को रोका</strong><br />यूक्रेन में रूसी हमलों के 18वें दिन रूसी सुरक्षा बलों ने बंदरगाह शहर मारियुपोल में अपने हमले तेज कर दिए हैं और शहर के कई इलाकों में भारी बमबारी जारी है, जिसके कारण भोजन, पेयजल और दवाई समेत राहत सामग्री लेकर आ रहे सहायता काफिले को रोकना पड़ा है। इनमें वह इलाका भी शामिल है, जहां एक मस्जिद में बच्चों सहित 80 से अधिक लोग शरण लिए हुए थे।</p>
<p><br /> खलीज टाइम्स ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यहां रूसी सुरक्षा बलों की निरंतर गोलीबारी से लोग अपनी सुरक्षा के लिए कहीं न कहीं छिपे हुए हैं। इनमें एक मस्जिद भी है, जहां कई सारे लोग रह रहे हैं। राजधानी कीव के बाहरी क्षेत्र सहित कई अन्य शहरों में भी भारी तबाही मची हुई है। यूक्रेन में जारी रूसी हमलों में मारियुपोल सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसके कारण 430,000 की आबादी वाले इस शहर में सहायता के रूप में भोजन, पेयजल और दवाई वगैरह लाने के कई प्रयास विफल हो गए हैं। यहां फंसे हुए नागरिकों को बाहर निकालने की कोशिश को भी अंजाम नहीं दिया जा सका है। मारियुपोल में अब तक 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। आलम यह है कि भारी गोलीबारी की वजह से मृत लोगों को दफनाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन के लिए हथियारों, सैन्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए 20 करोड़ डॉलर तक की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि कीव के सभी नागरिकों को मौत के घाट उतारने के बाद ही रूस इस पर कब्जा जमा पाएगा। उन्होंने कहा कि रूस उनके देश को तोड़ने के लिए यूक्रेन में नए छद्म गणराज्य बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने खेरसॉन सहित यूक्रेन के सभी क्षेत्रों से अपील की कि वे डोनेट््स्क और लुहांस्क में जो हुआ, उसे दोबारा होने नहीं दें। उल्लेखनीय है कि खेरसॉन पर रूसी बलों ने कब्जा कर लिया है। रूस समर्थक अलगाववादियों ने 2014 में पूर्वी क्षेत्रों डोनेट््स्क और लुहांस्क में यूक्रेनी सेना से लड़ाई शुरू की थी। फरवरी में यूक्रेन पर हमला बोलने से पहले रूस ने डोनेट््स्क और लुहांस्क को दो अलग-अलग देशों के रूप में मान्यता दी थी।<br /><br /><strong>जेलेंस्की ने रूसी सेना पर बच्चों को गोली मारने का आरोप लगाया</strong><br />इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी सेना पर बच्चों को गोली मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि व्लादिमीर पुतिन की सेना कीव पर तभी कब्जा कर सकती है, जब वह इसे पूरी तरह से बर्बाद कर दे। रूसी सेना कीव के काफी नजदीक पहुंच गई है, जिससे राजधानी से बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद पड़ गए हैं। वहीं, रूसी सेना के मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स ने कीव को नो फ्लाई जोन बना दिया है। दावा किया गया था कि बेलारूस में तैनात रूसी एस-400 मिसाइल सिस्टम ने कीव के ऊपर उड़ रहे एक लड़ाकू विमान को मार गिराया था।<br /><br /><strong>पश्चिमी देशों पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की</strong><br />उधर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों की खूब खिंचाई की। उन्होंने कहा कि मैंने सहयोगी देशों से भागीदारी के लिए अनुरोध किया था। उनसे अधिक से अधिक एंटी मिसाइल सिस्टम के लिए पैसे देने का आॅफर भी दिया था। लेकिन, इसके जवाब में यूक्रेन की सरकार की मदद के लिए राजनयिक कदम उठाने के हल्के-फुल्के वादे ही किए गए। जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक 1,300 यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं और 500 रूसियों ने कल आत्मसमर्पण किया था।<br /><br /><strong>बेनेट-जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे पर की बात</strong><br />यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने वोलोडिमिर जेलेंस्की से रूस- यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की है। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है। पीएमओ ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच शनिवार शाम को फोन पर हुई बातचीत एक घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों और इस संबंध में इजरायल के प्रयासों पर चर्चा की। उधर ज़ेलेंस्की ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने शनिवार को बेनेट के साथ शांति वार्ता की संभावनाओं पर चर्चा की।</p>
<p><strong>रूसी आक्रमण से पूरे यूरोप में लोकतंत्र और सुरक्षा को खतरा</strong><br />वाशिंगटन। अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप के लोकतंत्र और सुरक्षा को खतरा है। हैरिस ने अमेरिका और उसके नाटो एवं यूरोपीय सहयोगियों के बीच एकता पर प्रकाश डाला तथा साथ ही चेतावनी दी कि यूक्रेन पर रूस का अकारण आक्रमण सभी लोकतंत्रों के लिए खतरा है। सीएनएन ने शनिवार को वाशिंगटन डीसी में डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी की शीतकालीन बैठक में हैरिस के हवाले से कहा कि रूस के आक्रमण से न केवल यूक्रेन के लोकतंत्र को खतरा है।  बल्कि यह पूरे यूरोप में लोकतंत्र और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि हमें अलग करने वाला सागर हमें इस आक्रामकता से अछूता नहीं रखेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत इसकी एकता है। उसने पोलैंड और रोमानिया दोनों की अपनी हालिया यात्राओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका नाटो गठबंधन के बचाव में यूक्रेन की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है।<br /><br /><strong>यूक्रेन में एक और मेयर का अपहरण</strong><br />कीव। यूक्रेन ने रविवार को रूस पर निप्रोरुडने के मेयर येवेन माटेयेव का अपहरण करने का आरोप लगाया। यूक्रेन में मेलिटोपोल के मेयर के कथित अपहरण के बाद इस तरह की यह दूसरी घटना है। यूक्रेनी  विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि रूस ने एक और मेयर का अपहरण कर लिया है। कुलेबा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडिल पर लिखा कि आज रूसी युद्ध अपराधियों ने लोकतांत्रिक रूप से चुने गए एक और यूक्रेनी मेयर, निप्रोरुडने के प्रमुख येवेन माटेयेव का अपहरण कर लिया। उन्होंने वैश्विक संगनों से यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण को रोकने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब कहीं से कोई समर्थन नहीं प्राप्त होता है। तब आक्रमणकारी आतंक में तब्दील हो जाते हैं। मैं सभी देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यूक्रेन और लोकतंत्र के खिलाफ रूसी आतंकवाद को रोकने का आह्वान करता हूं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले शुक्रवार को मेलिटोपोल के मेयर इवान फेडोरोव का भी कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था।<br /><br /><strong>यूक्रेन की सेना को घेरने की कोशिश कर रहा रूस: ब्रिटेन</strong><br />एजेंसी/लंदन। ब्रिटेन ने रविवार को कहा कि रूसी सेना यूक्रेन के पूर्व में यूक्रेनी सेना को घेरने की कोशिश कर रही है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक कॉर्पोरेट समाचार चैनल ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा कि रूसी सेना देश के पूर्व में यूक्रेनी सेना को घेरने का प्रयास कर रही है। वे उत्तर में खार्किव और दक्षिण में मारियुपोल की दिशा से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रीमिया से आगे बढ़ने वाली रूसी सेनाएं मायकोलाइव को दरकिनार करने का प्रयास कर रही हैं क्योंकि वे ओडेसा की ओर पश्चिम की ओर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रूस प्रत्येक अग्रिम के लिए एक उच्च कीमत चुका रहा है क्योंकि यूक्रेनी सशस्त्र बल देश भर में कट्टर प्रतिरोध की पेशकश करना जारी रख रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:56:27 +0530</pubDate>
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