<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/startup/tag-14538" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>startup - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14538/rss</link>
                <description>startup RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नीदरलैंड में पीएम का भव्य स्वागत: भारत अवसरों की भूमि, निवेश और सहयोग का किया आह्वान, भारतीय समुदाय से की मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत को अवसरों की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। प्रवासियों को संबंधों की असली ताकत बताते हुए उन्होंने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए OCI कार्ड की पात्रता बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक करने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/grand-welcome-for-pm-in-netherlands-india-is-the-land/article-154100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>द हेग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21वीं सदी के भारत को अवसरों की भूमि बताते हुए नीदरलैंड में भारतीय समुदाय से भारत में निवेश तथा सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि विकसित भारत की यात्रा में वैश्विक भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका होगी। पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की यात्रा पर शुक्रवार रात यहां पहुंचे मोदी ने शनिवार को भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने उन लोगों को दोनों देशों के संबंधों की असली ताकत तथा जीवंत सेतु करार दिया और कहा कि सरकार ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए ओसीआई कार्ड पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दी है। </p>
<p><strong>दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा देश</strong></p>
<p>मोदी ने आर्थिक, प्रौद्योगिकी क्षेत्र और लोकतांत्रिक उपलब्धियों को रेखांकित किया तथा उन लोगों से भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई ऊंचाई देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत आज असीम आकांक्षाओं और असीम प्रयासों के साथ दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। </p>
<p><strong>भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना</strong></p>
<p>भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न थे जबकि आज यह संख्या करीब 125 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/grand-welcome-for-pm-in-netherlands-india-is-the-land/article-154100</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/grand-welcome-for-pm-in-netherlands-india-is-the-land/article-154100</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:44:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi-1.png"                         length="253913"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ ​सिंह का बड़ा बयान: बोले-ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता जरूरी, विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन' में भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए MSMEs और स्टार्टअप्स को AI व रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर 'अदिति' और 'iDEX' चुनौतियों के नए संस्करण भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत को मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने के मिशन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। </p>
<p>राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को 'उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियां' विषय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार विजेताओं, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी रक्षा कंपनियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान और इजराइल के बीच तनाव तक चल रहे संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और प्रतिरोधी ड्रोन प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता केवल उत्पाद स्तर पर ही नहीं बल्कि कलपुर्जे के स्तर पर भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ड्रोन के ढांचों से लेकर उसके सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरियों तक, सब कुछ भारत में ही निर्मित होना चाहिए। यह कोई आसान कार्य नहीं है। अधिकांश देशों में जहां ड्रोन बनाए जाते हैं, वहां अनेक महत्वपूर्ण कलपुर्जे वर्तमान में चीन से आयात किए जाते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण बड़े उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों और नवोन्मेषकों के योगदान पर निर्भर करता है, साथ ही सरकार की स्पष्ट नीतिगत दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जो देश की विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने निजी क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया ताकि भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के 14वें संस्करण और आईडेक्स ढांचे के अंतर्गत 'अदिति चुनौतियों' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। रक्षा बलों, भारतीय तटरक्षक बल और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त कुल 107 समस्या विवरण जारी किए गए, जिनमें 82 रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के अंतर्गत और 25 अदिति चुनौतियों के अंतर्गत शामिल हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों से संबंधित 101 नवाचार चुनौतियों की एक नई पहल भी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों द्वारा डिजाइन-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना है। इन चुनौतियों को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और विजेता नव-उद्यमों को मार्गदर्शन, परीक्षण सुविधाएँ तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित एकीकरण के अवसर प्रदान किए जाएँगे।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने आईडेक्स और अदिति को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नव-उद्यमों, नवोन्मेषकों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रक्षा बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक लगभग 676 नव-उद्यम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा व्यक्तिगत नवोन्मेषक रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ चुके हैं। अब तक 548 अनुबंध किए जा चुके हैं और 566 चुनौतियाँ शुरू की गई हैं। इनमें से 58 प्रतिरूपों को लगभग 3853 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीद के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त लगभग 2326 करोड़ रुपये के 45 खरीद अनुबंध पहले ही किए जा चुके हैं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नवाचार धीरे-धीरे ठोस उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित हो रहा है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, स्वचालन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जो एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है। उन्होंने इन उद्यमों और नव-उद्यमों से इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समेकित करने का आह्वान किया ताकि संसाधनों और क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी और संयोगात्मक विनिर्माण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं, जबकि डिजिटल ट्विजन और उन्नत अनुकरण उपकरण नई संभावनाओं को खोल रहे हैं। डिजिटल ट्विजन का अर्थ वास्तविक प्रणाली का आभासी मॉडल तैयार करना है, जिससे जटिल प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इन्हें इक्विटी, तरलता और व्यावसायिक समर्थन प्रदान करने के लिए तीन स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे ये अग्रणी उद्यम बन सकें। इसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। पंजीकरण और पहचान को सरल बनाने के लिए उद्यम पोर्टल और उद्यम सहायक पोर्टल जैसे डिजिटल मंच शुरू किए गए हैं, ताकि छोटे उद्योगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या 2012-13 में लगभग 4.67 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि नव-उद्यम अपने अनूठे विचारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं और कई अल्प समय में ही यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त कर रहे हैं। निकट भविष्य में और भी ऐसे उद्यम सामने आएँगे। इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों से नवाचार करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।</p>
<p>रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना तथा डिजाइन, विकास और निर्माण से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि 200 समस्या विवरण इन उद्यमों, उद्योगों, नव-उद्यमों और युवा नवोन्मेषकों को आधुनिक उत्पाद विकसित करने और अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर देंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को सुधार वर्ष के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाना, गुणवत्ता प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना शामिल है। रक्षा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों का एक डिजिटल डाटाबेस 'सृजन दीप' भी बनाया गया है, जिसमें 40,000 से अधिक उद्योग सूचीबद्ध हैं, ताकि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन विभाग के पाँच प्रकाशनों का विमोचन भी किया, जिनका उद्देश्य नीतिगत पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करना और उद्योग हितधारकों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें 20 बड़ी रक्षा कंपनियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भागीदार, आपूर्तिकर्ता और नवोन्मेषक के रूप में शामिल करने के लिए अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, संयोगात्मक विनिर्माण और स्मार्ट सामग्री का प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:37:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rajnath-singh.png"                         length="525371"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई दौरे पर होंगे पीएम मोदी, भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का करेंगे उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और 'भारत-फ्रांस नवाचार 2026' का उद्घाटन कर स्टार्टअप्स को संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-be-on-mumbai-tour-with-french-president/article-143338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रो इस दौरान भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। दोनों नेता इस दौरान भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत के औपचारिक दौरे पर रहेंगे। वह भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों 17 फरवरी को अपराह्न सवा तीन बजे मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।</p>
<p>उनकी चर्चा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने और इसे नये तथा उभरते क्षेत्रों में और विस्तारित करने पर केंद्रित होगी। पीएम मोदी और श्री मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे। आधिकारिक सूचना के अनुसार दोनों नेता मंगलवार शाम 5.15 बजे भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के व्यावसायिक नेताओं, स्टार्ट-अप, शोधकर्ताओं और अन्य नवोन्मेषकों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-be-on-mumbai-tour-with-french-president/article-143338</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-be-on-mumbai-tour-with-french-president/article-143338</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%287%292.png"                         length="727914"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डिजिफेस्ट–टाई ग्लोबल समिट 2026 में आमंत्रित कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वैश्विक निवेशकों से मुलाकात कर राजस्थान को आईटी हब बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्टार्टअप और एआई क्षेत्र में निवेश हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-met-the-delegation-of-companies/article-138314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान डिजिफेस्ट–टाई ग्लोबल समिट–2026 में आमंत्रित देश-विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का प्रमुख हब बनाने का आह्वान किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आईटी और डिजिटल सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण, आधुनिक अधोसंरचना और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य में निवेश करने वाली कंपनियों को हर संभव सहयोग, सुविधा और त्वरित स्वीकृतियां प्रदान की जाएंगी।</p>
<p>भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजिफेस्ट–टाई ग्लोबल समिट–2026 राज्य में तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से राज्य में आईटी, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने राजस्थान में निवेश के अवसरों, सरकार की नीतियों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए समिट के माध्यम से सहयोग को और मजबूत करने की बात कही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-met-the-delegation-of-companies/article-138314</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-met-the-delegation-of-companies/article-138314</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 14:05:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/cm.png"                         length="1135153"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सांसद लुंबाराम चौधरी ने किया मेगा एग्जीबिशन &quot;विजन राजस्थान&quot; के  पोस्टर का लोकार्पण </title>
                                    <description><![CDATA[जालौर-सिरोही में 19 से 21 जनवरी 2026 तक मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान आयोजित होगा। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्टार्टअप, रक्षा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों की उपलब्धियां प्रदर्शित होंगी। सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि यह आयोजन निवेश, नवाचार और प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mp-lumbaram-chaudhary-inaugurates-poster-of-mega-exhibition-vision-rajasthan/article-132474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान राज्य में निवेश के नए अवसर खोलने और स्थानीय स्तर पर कौशल व रोजगार के नए आयाम विकसित करने के लिए जालौर-सिरोही जिले में मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान का आयोजन होने जा रहा है। इसमें कृषि, उद्योग, शिक्षा, तकनीकी अनुसंधान, स्टार्टअप, स्वास्थ्य, पर्यटन, रक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा। जालौर- सिरोही से सांसद लुंबाराम चौधरी ने मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान 2026 का पोस्टर लोकार्पण करते हुए कहा कि यह आयोजन राजस्थान में निवेश, कौशल, नवाचार और विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा। सांसद चौधरी ने बताया कि यह भव्य प्रदर्शनी 19, 20 और 21 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। </p>
<p><strong>प्रदेश को मुख्य धारा में मजबूती से स्थापित किया जा सकेगा</strong></p>
<p>सांसद ने अपेक्षा जताई कि इस कार्यक्रम से प्रदेश के हर वर्ग युवा, महिला, किसान, उद्योगपति और शोधकर्ता को समान रूप से लाभ मिलेगा और राजस्थान को राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में और अधिक मजबूती से स्थापित किया जा सकेगा।  सांसद चौधरी ने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि विजन राजस्थान 2026 के माध्यम से राज्य के अगले दशक के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करेगा। </p>
<p><strong>प्रदेश के समग्र विकास का अभियान</strong></p>
<p>लुंबाराम ने कहा कि विजन राजस्थान 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का अभियान है, जो युवाओं, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को साझा मंच प्रदान करेगा।  सांसद चौधरी ने यह भी कहा कि सिरोही सहित पूरे प्रदेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा और इस आयोजन से हर वर्ग को लाभ पहुंचेगा। यह एग्जिÞबिशन इन संभावनाओं को न केवल पहचान देगा, बल्कि उन्हें वास्तविक विकास में बदलने का कार्य करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mp-lumbaram-chaudhary-inaugurates-poster-of-mega-exhibition-vision-rajasthan/article-132474</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mp-lumbaram-chaudhary-inaugurates-poster-of-mega-exhibition-vision-rajasthan/article-132474</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 10:48:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/500-px%29-%283%293.png"                         length="407367"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलेक्टर ने किया आईस्टार्ट नेस्ट जोधपुर का दौरा, गौरव अग्रवाल- स्टार्टअप्स की उड़ान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध </title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आईस्टार्ट नेस्ट जोधपुर इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/collector-visited-istart-nest-jodhpur-gaurav-aggarwal-administration-committed-to/article-111908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(6)13.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आईस्टार्ट नेस्ट जोधपुर इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा कर जोधपुर के नवाचार और उद्यमशीलता वातावरण को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर ‘अनलॉकिंग ग्रोथ’ नामक एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर अग्रवाल ने जोधपुर के स्टार्टअप समुदाय के साथ संवाद स्थापित किया।</p>
<p><strong>नवाचार व नीतिगत सहयोग पर केंद्रित संवाद :</strong></p>
<p>संवाद का उद्देश्य शासन और नवाचार के बीच सेतु निर्माण करना था, जिससे स्थानीय स्टार्टअप्स को मजबूती मिल सके। कलेक्टर अग्रवाल ने युवाओं की भूमिका, नीतिगत सहयोग, और स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शासन नवोदित उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तत्पर है।</p>
<p><strong>स्टार्टअप्स को दिया मार्गदर्शन और प्रेरणा :</strong></p>
<p>अग्रवाल ने उपस्थित स्टार्टअप संस्थापकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और व्यवसाय वृद्धि, सरकारी सहायता व अनुकूल स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को लेकर व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने आत्म-अनुशासन, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और सही को-फाउंडर के चुनाव को स्टार्टअप सफलता की कुंजी बताया। अपनी व्यक्तिगत यात्रा से उदाहरण देते हुए उद्यमशीलता की मूलभूत बातों को सरल और प्रभावी ढंग से साझा किया।</p>
<p><strong>स्थानीय स्टार्टअप्स को मिला मंच व अवसर :</strong></p>
<p>यह सत्र नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और आकांक्षी उद्यमियों के लिए शासन से प्रत्यक्ष जुड़ने का अवसर बना, जहाँ उन्हें आवश्यक जानकारी, संसाधनों और संभावित सहयोगी अवसरों की जानकारी प्राप्त हुई। स्टार्टअप समुदाय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।</p>
<p>आईस्टार्ट नेस्ट जोधपुर, राजस्थान सरकार की आईस्टार्ट पहल के तहत संचालित एक प्रमुख इनक्यूबेशन सेंटर है, जो मेंटरशिप, नेटवर्किंग और आवश्यक संसाधनों की सुविधा प्रदान करता है। यह केंद्र क्षेत्रीय प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें सफल स्टार्टअप्स में परिवर्तित करने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है।</p>
<p>अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की उपनिदेशक एवं इनक्यूबेशन सेंटर प्रभारी मनीषा चौहान, मेंटर रौनक सिंघवी और गुलाब पोटलिया भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/collector-visited-istart-nest-jodhpur-gaurav-aggarwal-administration-committed-to/article-111908</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/collector-visited-istart-nest-jodhpur-gaurav-aggarwal-administration-committed-to/article-111908</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 18:55:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/news-%286%2913.png"                         length="466329"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंटरनेशनल इन्नोवेटिव स्टार्टअप्स में हो रहे है विभिन्न कार्यक्रम </title>
                                    <description><![CDATA[आगामी राईजिंग राजस्थान इंवेस्ट समिट के प्रमोशन में ये आयोजन एक महती भूमिका निभाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/various-programs-are-being-organijed-in-international-innovative-startup/article-94579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(10).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 3 दिवसीय इंटरनेशनल इन्नोवेटिव फर्स्ट और स्टार्टअप्स में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में नए स्टार्टअप्स अपने इतिहास प्रस्तुत कर रहे है। पोद्दार ग्रुप के चेयरमेन डॉ. आनंद पोद्दार ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को बढावा देना एवं प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढाना है। उन्होंने बताया कि आगामी राईजिंग राजस्थान इंवेस्ट समिट के प्रमोशन में ये आयोजन एक महती भूमिका निभाएगा। </p>
<p>इस आयोजन की ऑर्गेनाइजिंग सैक्रेट्री सरगम पोद्दार ने बताया कि आयोजन के तीनों ही दिन देश के विभिन्न हिस्सों से विभिन्न नामचीन हस्तियां शिरकत करेंगी। इस दौरान पहले दिन एमएसएमई बिजनेस फोरम इंडिया के निदेशक रवि नंदन सिन्हा, दीपक गादिया, एमएसएमई ब्रांडिंग एक्सपर्ट हिमाद्री सिन्हा, आईआईटी के डीन समेत अन्य नामचीन हस्तियां शामिल होगी। इसके साथ ही देश की नामचीन वूमेन आंत्रप्रेन्योरशिप देश की महिला उद्यमिता को भी आयोजन के दौरान बढावा देंगी। पोद्दार ने बताया कि इस आयोजन में शार्ट टैंकर स्टार्टअप्स गोल्डन फैदर, ग्लेडफुल नीमा एआइ, लाईफ केयर फार्मेसी इंडीगिफ्ट भी पार्टिसिपेट करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/various-programs-are-being-organijed-in-international-innovative-startup/article-94579</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/various-programs-are-being-organijed-in-international-innovative-startup/article-94579</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 14:10:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6630400-sizee-%2810%29.png"                         length="358010"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में कल से शुरू होगा सबसे बड़ा स्टार्टअप एक्सपो</title>
                                    <description><![CDATA[यह आयोजन जयपुर में स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां उन्हें न केवल निवेशकों से मिलने का मौका मिलेगा, बल्कि अपने आइडियाज को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन और समर्थन भी मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-biggest-startup-expo-will-start-from-tomorrow-in-jaipur/article-90161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कम्युनिकेशन (iStart) और एसोसिएशन चेम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया (ASSOCHAM) के सहयोग से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप एक्सपो 11 सितंबर से शुरू होगा । इस आयोजन में देशभर के 3000 से अधिक स्टार्टअप्स, एंजेल इन्वेस्टर्स, बॉलीवुड और ओटीटी स्टार्स, और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स हिस्सा लेंगे। </p>
<p><strong>राजस्थान में इनोवेशन और रोजगार</strong><br />एक्सपो के दौरान आईटी, गेमिंग, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन पर चर्चा होगी। साथ ही, राज्य में इनोवेशन के माध्यम से रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर भी विशेष फोकस होगा।</p>
<p><strong>मुख्य आकर्षण</strong><br />इस दो दिवसीय समिट का उद्घाटन राजस्थान के युवा मामलों और खेल विभाग के मंत्री, राज्यवर्द्धन राठौर करेंगे। पहले दिन 40 सेशन और राउंडटेबल्स आयोजित होंगे, जिनमें स्टार्टअप्स को कैसे आगे बढ़ाएं, फाइनेंसिंग, गेमिंग, आईटी, नवाचार और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा होगी। </p>
<p><strong>सफलता की राह</strong><br />एसोचैम राजस्थान के अध्यक्ष तुषार सोगानी ने बताया कि इस आयोजन में भाग लेने वाले सफल स्टार्टअप्स के फाउंडर्स और अन्य इंडस्ट्री लीडर्स अपने सफलता के अनुभव साझा करेंगे और युवाओं को उनके स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप्स को फंडिंग के अवसर और निवेशकों के सामने अपने बिजनेस आइडियाज पेश करने का मौका भी मिलेगा।</p>
<p><strong>नेटवर्किंग और मास्टरक्लास<br /></strong> समिट के दौरान विभिन्न पैनल डिस्कशन, मास्टरक्लास, प्रोडक्ट डेमोंस्ट्रेशन, और नेटवर्किंग सेशन्स भी होंगे, जो युवाओं को उद्योग के दिग्गजों से जुड़ने और सीखने का मौका देंगे। </p>
<p>यह आयोजन जयपुर में स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां उन्हें न केवल निवेशकों से मिलने का मौका मिलेगा, बल्कि अपने आइडियाज को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन और समर्थन भी मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-biggest-startup-expo-will-start-from-tomorrow-in-jaipur/article-90161</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-biggest-startup-expo-will-start-from-tomorrow-in-jaipur/article-90161</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 16:59:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/pze15.png"                         length="323827"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  पापा का मिला साथ तो हौसलों को दी उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 85 लाख रुपए लगाकर उन्होंने अपना स्वयं का कारखाना शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-the-support-of-father--he-gave-wings-to-his-courage/article-81842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपनों का साथ मिले तो कोई भी अपने सपने पूरे कर सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ है परमेश प्रजापति के साथ। उन्हें अपने पापा का साथ मिला और उन्होंने अपने हौंसलों को उड़ान दी। आज वे केबल क्लिप की सप्लाई देशभर में कर रहे हैं। परमेश ने 26 जनवरी 2022 में एक प्लांट की शुरुआत की थी जिसका नाम है केपी इलेक्ट्रोमेक। जिसका वर्तमान में वार्षिक टर्नओवर करीब 2.8 करोड़ के आसपास है। इतना ही नहीं उन्होंने इस प्लांट में जहां पर आठ लोगों को रोजगार भी दे रखा है। जिसमें चार महिलाएं है। उनके प्लांट में केबल बनाने का पहला आर्डर मात्र 2 हजार 30 रुपए का मिला था। लेकिन हौसला नहीं हारा और अपने काम के प्रति लगन और मेहनत से आज एक मुकाम हालिस कर लिया है। उनको केबल क्लिप बनाने का आइडिया इंडस्ट्रीज और बाजार से आया आइडिया।  बीटेक में मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके परमेश बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपना ही बिजनेस करने की ठान रखी थी। इसी सपने को पूरा किया उनके पापा ने। परमेश के पिता केसरीलाल प्रजापति का भी मैन्युफेक्चरिंग का ही कारोबार है। पिता को देखकर ही उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद बिजनेस करने को ही प्राथमिकता दे रखी थी। करीब 85 लाख रुपए लगाकर उन्होंने अपना स्वयं का कारखाना शुरू किया। शुरुआत दौर में हालांकि उन्हें कम ही आर्डर मिले थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनके काम की पहचान होने लगी और वे अपने सपनों को पूरा करने में पूरी तरह से जुट गए । </p>
<p><strong>सात मशीनों पर होता है केबल क्लिप बनाने का काम</strong><br />केपी इलेक्ट्रोमेक के नाम से इस प्लांट में वर्तमान में 7 मशीने लगी हुई है। जिन पर 8 कर्मचारी काम करते हैं। यहां पर केबल क्लीप तैयार की जाती है। आर्डर मिलने के अलावा भी तैयार कर दी जाती है। ताकि अचानक आर्डर मिलने पर तुरंत ही भेजा जा सके। शुरुआत में इस प्लांट पर करीब 85 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इसके बाद जिला उद्योग केंद्र से करीब 35 लाख का लोन मिला था। जिसमें से सब्सिडी भी मिली है। </p>
<p><strong>यहां पर आती है काम</strong><br />क्लिप का अधिकतर उपयोग इंडस्ट्रीज, घरों व दुकानों पर बिजली फीडिंग करते समय केबल को दीवारों पर सही तरीके से बांधकर रखने के लिए किया जाता है। इससे एक तो जहां पर तार उलझते नहीं है। वहीं अधिक से अधिक वायर भी एक साथ ही क्लिप में बांधकर लगाने से सुंदरता भी दिखती है। केबल को बांधकर रखने में इसका ज्यादा उपयोग होता है। इसके बाजार में आने के बाद से लोहे के तार की उपयोगिता कम हो गई है। प्लास्टिक से बनने वाली केबल क्लीप ज्यादा उपयोग में ली जाने लगी है। </p>
<p><strong>यहां से मिलता है रॉ-मेटेरियल</strong><br />केबल क्लिप को बनाने के लिए कोटा में लगे इस प्लांट में रॉ-मेटेरियल रिलायंस, आईसीसीएल, गेल, एमआरपीएल, भरुच, जेपीसी, ईरान तथा यूएसए से मिलता है। क्लिप को बनाने में एचडीपीई, पीपी और पीपीसीपी नामक कच्चा माल उपयोग में लिया जाता है। जिससे प्लास्टिक की केबल क्लीप अलग-अलग साइजों में तैयार की जाती है। बिजली के तारों को जो कि पतले होते हैं उनको बांधकर रखने के लिए छोटे साइज की क्लिप प्रयोग में ली जाती है। वहीं इंडस्ट्रीज में मोटी साइज की केबल उपयोग में ली जाती है, जिसके लिए बड़ी क्लिप का प्रयोग किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-the-support-of-father--he-gave-wings-to-his-courage/article-81842</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-the-support-of-father--he-gave-wings-to-his-courage/article-81842</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 16:51:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/uu11rer-%281%299.png"                         length="460780"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मक्के के दाने से बना रहे थैलियां, पॉलीथिन को कर रहे रिप्लेस</title>
                                    <description><![CDATA[नई सोच के साथ ही आगे बढ़ने का प्रयास करते रहते हैं, नवाचार करते रहते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/making-bags-from-corn-grains--replacing-polythene/article-79909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/makke-k-dane-s-bna-rhe-theliya,-polythin-to-kr-rhe-replace...kota-news-30-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। यूं तो हर पढ़े-लिखे नौजवान में कुछ करने की ख्वाहिश होती है। मगर जो सबसे हटकर अपने को सिद्ध करे वो बिरले ही होते हैं। कुछ ऐसे ही शख्सियत है कोटा के मोहक व्यास की। कोरोना वारयस ने जब देश में एंट्री की तो बहुत से ऐसे युवा थे जो अपनी जॉब छोड़कर घरों को लौट आए थे। इनमें से कुछ ने तो कोई छोटी-मोटी जॉब ही अपने शहर या आसपास ही फिर से ज्वाइन कर ली। लेकिन जिनमें अपनी ही बिजनेस करने की शुरू से ही ख्वाहिश थी। ऐसे नौजवान अब अपने लक्ष्य को साधने के लिए निकल पड़े थे। इनमें से एक है मोहक। हालांकि शुरुआती दौर में सफलता नहीं मिली, लेकिन धीरे-धीरे अपनी मुकाम हासिल करने में प्रयासरत है। अभी तो उनको अपना स्टार्टअप शुरू किए मात्र दो साल ही हुए हैं। इतने कम समय में ही उन्होंने अपनी कंपनी का टर्नओवर प्रतिवर्ष लगभग 1.10 करोड़ के आसपास पहुंचा दिया है। जिसमें से कुल लाभांश करीब-करीब 10-15 लाख रुपए तक है। इस स्टार्टअप में उनके कॉलेज के एक मित्र भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।</p>
<p><strong>14 अगस्त 2022 में की थी शुरुआत</strong><br />मोहक ने अपनी कंपनी की शुरुआत 14 अगस्त 2022 में की थी। इस दौरान उनकी कॉलेज का मित्र मोहम्मद आसिफ उनके साथ था। दोनों ने मिलकर एक आइडिया सोचा और उसको अंजाम तक पहुंचाने के प्रयास में जुट गए। अपनी सोच को धरातल पर उतारने के लिए हाथ-पांव मारना शुरू किया और दोनों ने मिलकर करीब 70 लाख रुपए से अपना स्टार्टअप शुरू किया। इसके लिए उन्होंने 3 हजार स्क्वायर फीट जमीन किराए पर ली और अहमदाबाद से मशीन खरीद कर लेकर कोटा आए तथा अपना व्यवसाय शुरू किया। प्रारंभ में इन्होंने एक ही मशीन चलाने के लिए कर्मचारी रखा था। बाकी सभी काम मोहक व आसिफ दोनों मिलकर करते थे। इतना ही नहीं दोनों बाजार का काम भी देखते थे। अपनी कंपनी को ऊंचाई देने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं। नई सोच के साथ ही आगे बढ़ने का प्रयास करते रहते हैं। नवाचार करते रहते हैं। वर्तमान में इनके पास पांच स्कील्ड लेबर और 3 हेल्पर काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>एक टन प्रतिदिन का प्रोडक्शन</strong><br />मोहक व्यास ने बताया कि डा. अर्थ पैकिंग सोल्यूशन नाम से चल रही इस कंपनी में प्रतिदिन करीब एक टन का उत्पादन वर्तमान में किया जा रहा है। इस कार्य में पांच स्कील्ड लेबर और 3 हेल्पर लगे हुए हैं। इसी तरह एक माह में करीब 15 से 18 टन माल बाजार में बेच देते हैं। उन्होंने बताया कि एक कस्टमर से अभी तक का सबसे बड़ा आर्डर 8 टन का मिला था। जो समय पर पूरा कर दिया गया था। इसके अलावा सबसे छोटा आर्डर भी हमें 30 किलोग्राम का मिला था। हालांकि इसमें कोई ग्राहक छोटा या बड़ा नहीं होता। सभी को एक ही नजर से देखा जाता है। कोई भी दुकानदार कंपनी से प्रोडक्ट तैयार करवा सकता है।</p>
<p><strong>बीटेक में मैकेनिकल इंजीनियर हैं मोहक</strong><br />मोहक व्यास ने वर्ष 2018 में बीटेक की थी। जिसमें उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद उनकी जॉब लग गई और वे पुणे में जॉब करने लगे। वर्ष 2019 से लेकर वर्ष 2021 तक उन्होंने पुणे में जॉब की। इसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते वे अपने घर कोटा आ गए। जहां पर 14 अगस्त 2022 को अपने कॉलेज के मित्र आसिफ के साथ मिलकर एक नई शुरुआत करते हुए मक्के के दाने से थैलियां बनाने का कार्य शुरु किया। इसके लिए वे पहले से ही तैयार नहीं थे। पहले मोहक व्यास प्लास्टिक रि-साइकलबिन का स्टार्टअप करना चाहते थे। मगर उस कार्य में लागत ज्यादा और अपने पास पूंजी की कमी के कारण इन्होंने इस कंपनी की शुरुआत की। हालांकि इसमें भी अब कंपनी को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। दो साल ही में उन्होंने कंपनी का सालाना टर्नओवर 20 लाख से बढ़ाकर करीब 1 करोड़ से ज्यादा कर दिया है। इसमें लाभांश का प्रतिशत भी करीब-करीब 20 से 25 प्रतिशत तक है।</p>
<p><strong>दो साल में ही 220 टन प्लास्टिक रिप्लेस</strong><br />मोहक बताते हैं कि उनकी कंपनी का यह बहुत बड़ा एचीवमेंट है कि उन्होंने देशभर के अलग-अलग संस्थान में अपनी कंपनी के बनाए उत्पात बेचकर केवल दो साल की छोटी सी अवधि में ही लगभग 220 टन से ज्यादा का प्लास्टिक रिप्लेस कर दिया है। अभी तो उनका शुरुआत दौर है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/making-bags-from-corn-grains--replacing-polythene/article-79909</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/making-bags-from-corn-grains--replacing-polythene/article-79909</guid>
                <pubDate>Thu, 30 May 2024 16:44:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/makke-k-dane-s-bna-rhe-theliya%2C-polythin-to-kr-rhe-replace...kota-news-30-05-2024.jpg"                         length="618464"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा का पहला स्टार्टअप अपनी उड़ान भरने से पहले ही दम तोड़ने लगा</title>
                                    <description><![CDATA[ये लिमिटेड कंपनी होने व अनलिस्टेड होने की वजह से इसे लोन या अन्य कोई सहायता नहीं मिली। इसके बने हुए प्रोडक्ट को भी सरकारी निर्माण में प्राथमिकता नहीं दी गई। विभाग ने भी उदासीनता दिखाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-first-startup-died-even-before-it-could-take-off/article-77930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा स्टोन से निकलने वाली स्लरी से टाइल्स बनाने का उद्योग अपने शुरुआती दौर में पूरे उछाल पर रहा। किंतु बाद में बैंकों और राज्य सरकार की ओर से फंड उपलब्ध नहीं कराने के कारण इसकी स्थिति बिगड़ी गई और अब हालात यह है कि इससे टाइल्स बनाना लगभग बंद सा हो गया है। कोटा में देश का पहला स्टार्टअप अपनी उड़ान भरने से पहले ही दम तोड़ने लगा है। जनसेवा और शहर में स्लरी से बढ़ रही समस्या के समाधान को लेकर जिन्होंने इस उद्योग को चालू करने में मेहनत की वह सफल नहीं हो पाई। वर्तमान में यह उद्योग लगभग मृतप्राय: हो चुका है। </p>
<p><strong>प्रोडक्ट को सरकारी निर्माण में नहीं दी प्राथमिकता</strong><br />हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व महासचिव मुकेश त्यागी ने बताया कि राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार इस तरह के प्लांट को लगाने के लिए कंपनी एक्ट के सेक्शन 8 में एसपीवी (विशेष उद्देश्यों के लिए बनाई गई कंपनी) बनाई, जो पाषाण वेलफेयर फाउंडेशन के नाम से रजिस्टर्ड की गई थी। ये लिमिटेड कंपनी होने व अनलिस्टेड होने की वजह से इसे लोन या अन्य कोई सहायता नहीं मिली। इसके बने हुए प्रोडक्ट को भी सरकारी निर्माण में प्राथमिकता नहीं दी गई। विभाग ने भी उदासीनता दिखाई।</p>
<p><strong>सरकार बदली तो प्लांट को लगा ग्रहण</strong><br />तत्कालीन भाजपा सरकार ने कोटा स्टोन की स्लरी का उपयोग जनसेवा में करने तथा लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से यहां पर कोटा में स्वच्छ भारत अभियान के तहत इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया में कोटा स्टोन स्लरी से टाइल्स, इंटरलॉक, पेवर ब्लॉक व सीएलसी ब्लॉक बनाने के लिए पहले स्टार्टअप की शुरुआत जून, 2018 में की थी। जिसके लिए रीको ने पाषाण वेलफेयर फाउंडेशन को डम्पिंग यार्ड के पास 15 हजार मीटर जमीन निशुल्क आवंटित की थी और तत्कालीन राज्य सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस प्लांट व मशीनरी के लिए करीब 80 लाख रुपए अनुदान देने की घोषणा की थी। लेकिन दिसंबर 2018 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही इस उद्योग पर जैसे ग्रहण सा लग गया। सरकार ने इस ओर ध्यान देना ही बंद कर दिया और यह प्लांट गर्त में जाने लगा। बैंकों ने लिमिटेड कंपनी होने के कारण इसको फंड उपलब्ध नहीं कराया। ऐसे में यह प्लांट बंद होने के कगार पर है।</p>
<p><strong>सीबीआरआई रिसर्च से निकले थे प्रॉडक्ट</strong><br />आईआईटी, रूड़की स्थित सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) के वैज्ञानिकों ने कोटा स्टोन स्लरी के उपयोग पर निरंतर अनुसंधान कर सके मिश्रण से टाइल्स, पेवर ब्लॉक, इंटरलॉक एवं सीएलसी ब्लॉक बनाने में सफलता पाई। तत्कालीन भाजपा सरकार एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस प्लांट व मशीनरी के लिए अनुदान की घोषणा की थी।</p>
<p><strong>शहर ही नहीं ग्राम पंचायतों में भी लगी है टाइल्स</strong><br />कोटा शहर के स्वामी विवेकानगर, इंद्रा विहार और कोटा जेल में स्लरी से बनी टाइल्स का ही उपयोग हुआ है। स्वामी विवेकानगर में तो करीब 6-7 लाख टाइल्स लगी हुई है। इतना ही नहीं जिले की कई ग्राम पंचायतों में भी स्लरी से बनी हुई टाइल्स का उपयोग किया गया है। प्लांट के शुरुआती दौर में स्लरी से बनी टाइल्स की जमकर बिक्री हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-first-startup-died-even-before-it-could-take-off/article-77930</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-first-startup-died-even-before-it-could-take-off/article-77930</guid>
                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:23:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/photo-size-%282%296.png"                         length="271824"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित राष्ट्र की दिशा में प्रगति में स्टार्टअप की भूमिका महत्वपूर्ण : गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार गुजरात, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु को शीर्ष पुरस्कार मिले। गोयल ने इस अवसर पर मार्च 2024 में ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ का आयोजन करने की घोषणा की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/role-of-startup-is-important-in-progress-towards-developed--says-goyal/article-67225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में स्टार्टअप उद्यमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। गोयल ने पिछले 8 वर्ष में भारत में स्टार्टअप इकाइयों के तेजी बढ़ने के वातावरण के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि जो कभी नई बात हुआ करती थी, अब वह राष्ट्रीय मुख्यधारा का अभिन्न अंग बन गई है। गोयल के पास एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा वस्त्र मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। वह यहां स्टार्टअप पुरस्कार और राज्य रैंकिंग पुरस्कार समारोह को सबोधित कर रहे थे। </p>
<p>इस बार गुजरात, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु को शीर्ष पुरस्कार मिले। गोयल ने इस अवसर पर मार्च 2024 में ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ का आयोजन करने की घोषणा की। उन्होंने स्टार्टअप इको-सिस्टम के लिये निरंतर सरकारी मदद का आश्वासन दिया तथा उद्यमियों को विशाल उपभोक्ता बाजार का लाभ उठाने और एक उभरती हुई स्टार्टअप प्रणाली को विकसित स्टार्टअप प्रणाली में बदलने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करने के लिए आमंत्रित किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/role-of-startup-is-important-in-progress-towards-developed--says-goyal/article-67225</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/role-of-startup-is-important-in-progress-towards-developed--says-goyal/article-67225</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jan 2024 12:28:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/photo-%286%292.png"                         length="418667"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        