<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/startups/tag-14540" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>startups - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14540/rss</link>
                <description>startups RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्टार्टअप स्केलिंग के लिए सिस्टम की पैचिदगियां बड़ी चुनौती, एकल विंडो की जरूरत, आइडिया, टैलेंट, फंड और मजबूत तकनीक जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ यूनिकार्न के लिए प्रबंधन, बाजार की समझ और वित्तीय अनुशासन प्रभावी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/systemic-complexities-pose-a-major-challenge-for-scaling-startups--a-single-window-system-is-needed--alongside-ideas--talent--funding--and-robust-technology/article-160693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)86.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्टार्टअप को स्केल करने के लिए केवल फंडिंग ही पर्याप्त नहीं है। आइडिया, सही टीम, मजबूत तकनीक, प्रभावी प्रबंधन, बाजार की समझ और वित्तीय अनुशासन अपनाने पर ही स्टार्ट अप हाडौती में सफल हो सकते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बना सकते हैं। यह बात उभर कर आई दैनिक नवज्योति की बुधवार को हुई मासिक परिचर्चा में। दैनिक नवज्योति कार्यालय में आयोजित इस टॉक शो का विषय था हाडौती में स्टार्टअप स्केलअप होने के लिए किस तरह की चुनौतियां हैं( चैलेंजज इन स्केलिंगअप स्टार्ट अप इन हाडौती) । इस टॉक शो में इंडस्ट्री,व्यापार,नये और पुराने स्टार्टअप के फाउंडर,कोटा व्यापार संघ से जुडे सदस्य,एसएसआई के मैंबर, आई स्टार्ट के मेंटोर,चार्टर एकाउंटेंट, कंपनी सैकेट्री, सरकारी और प्राइवेट एजेसियों से जुड़े लोगों  ने हिस्सा लिया। प्रस्तुत हैं टॉक शो के उसके अंश-</p>
<p><strong>यह हैं स्टार्टअप स्केलअप के चैलेंज</strong><br />- स्टार्टअप के विस्तार के लिए पूंजी की कमी<br />- टैलेंट और कर्मचारियों की कमी<br />-राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना आसान नहीं होता<br />- तकनीकी प्रणाली मजबूत नहीं होने पर सेवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती <br />-मजबूत प्रबंधन टीम बनाने की आवश्यकता <br /> -नकदी प्रवाह का प्रबंधन<br /> -स्ट्रेटीजी तैयार हो, बाजार में बड़ी कंपनियां भी प्रवेश कर सकती हैं<br />- उत्पाद या सेवा की गुणवत्ता मेंग्राहक संतुष्टि बनाए रखना बड़ी चुनौती<br />- टैक्स, डेटा सुरक्षा, श्रम कानून, लाइसेंस और अन्य सरकारी नियमों का पालन बड़ी चुनौती<br />-सही समय पर, नियंत्रित और टिकाऊ विस्तार</p>
<p><strong>न्यूक्लियर पावर अपॉर्च्युनिटी</strong><br />हाड़ौती में न्यूक्लियर पावर की प्रचुरता है। इससे संबंधित स्टार्टअप पर फोकस कर उसे शुरू किया जाए तो उसका अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस क्षेत्र में कोटा व हाड़ौती के स्टार्टअप पूरे देश में अपनी पहचान बना सकते हैं और यहां से विकसित राजस्थान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। लेकिन अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। साथ ही स्टार्टअप शुरू करने व इन्हें प्रोत्साहित करने के सरकारी नियम तो बने हुए हैं उसमें कई तरह की छूट का प्रावधान भी किया गया है लेकिन उनका वास्तविक रूप में लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि शत प्रतिशत लाभ मिलने लगे तो कोई कारण नहीं हैं कि स्टार्टअप स्केलअप नहीं कर सकें। साथ ही युवाओं को रोजगार व उनकी आय के साधन भी मिलने लगेंगे।<br /><strong>-गोविंद राम मित्तल, फाउंडर प्रेसिडेंट द एसएसआई एसोसिएशन</strong></p>
<p><strong>पूरी रिसर्च से शुरू करें स्टार्टअप</strong><br />स्टार्टअप शुरू करना किसी बिजनेस से कम नहीं है। इसके लिए पहले पूरी तैयारी करने की जरूरत होती है। किसी भी काम के बारे में पूरी जानकारी करने के बाद ही शुरू करने पर उसमें सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि सरकार की ओर से स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए नियम व नीतियां तो अच्छी बनाई गई हैं। लेकिन सरकारी सिस्टम में कई कमियां हैं जिनके कारण युवा चाहकर भी अपना स्टार्टअप शुरू करने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ा पाते हैं। चीन में उद्योग बढने का कारण वहां सुुविधाएं अधिक है। जबकि तुलनात्मक रूप से भारत में उद्योग, व्यापार या स्टार्टअप को शुरू करने व आगे बढ़ाने में सुविधाएं बाधक बन जाती हैं।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी ,प्रेसिडंट होटल फेडरेशन आॅफ राजस्थान कोटा डिवीजन</strong></p>
<p><strong>स्टार्टअप की स्केल प्रोडक्ट पर निर्भर</strong><br />स्टार्टअप को शुरू हुए दस साल हो गए हैं। देशभर में अब तक दो लाख स्टार्टअप हो चुके हैं। हाड़ौती में 560 व कोटा में 490 स्टार्टअप हैं। नवम्बर 2025 के एक ही महीने में एक साथ 150 स्टार्टअप शुरू हुए थे। लेकिन बहुत कम स्टार्टअप ऐसे है जो व्यापक स्तर पर अपनी पहचान बना सके हैं। राजस्थान के दो ही स्टार्टअप देशभर में अपनी पहचान बना पाए हैं। स्टार्टअप स्केल की समस्या स्थानीय स्तर पर ही नहीं है पूरे देश की समस्या है। स्टार्टअप स्केल प्रोडक्ट पर निर्भर करता है। प्रोडक्ट की डिमांड अधिक होगी तो उसका मार्केट भी उतना ही बड़ा होगा। स्टार्टअप शुरू करने से पहले उससे संबंधित सभी पहलुओं की तैयारी करनी पड़ती है तभी सफलता संभव है।<br /><strong>-कोस्तुभ भट्टाचार्य, मेंटोर स्टार्टअप कंसलटेंट आई स्टार्ट राजस्थान</strong></p>
<p><strong>स्टार्टअप स्केलअपन में फंड मैनेजमेंट बड़ी समस्या</strong><br />स्टार्टअप का मतलब ही नए सिरे से किसी व्यवसाय को शुरू करना है। एक बार हिम्मत कर युवा स्टार्टअप शुरू कर भी देते हैं लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए फंड की आवश्यकता होती है। जबकि फंडिंग ही नहीं होने से युवा अपने स्टार्टअप को आगे नहीं बढ़ा पाते। हालांकि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए कनेक् शन भी होने चाहिए। उन्हें भी फंडिंग व कनेक् शन की समस्या का सामना करना पड़ा था लेकिन देर से ही सही समाधान भी मिला। अब वे गुजरात, मध्य प्रदेश व दिल्ली समेत कई जगह पर अपना काम कर रहे हैं।<br /><strong>-शुभम शर्मा फाउंडर सीबीएस प्लीवर स्टार्टअप</strong></p>
<p><strong>मार्केट की स्वीकार्यता बड़ी चुनौती</strong><br />कोई भी स्टार्टअप शुरू करना तो आसान है। लेकिन उसकी मार्केट में एक्सेबिलिटी भी होनी चाहिए। युवाओं द्वारा जो प्रोडक्ट तैयार किया जा रहा है उसकी मार्केट में डिमांड होगी तो वह ग्रो करेगा वरना परेशानी होती है। हालत यह है कि कई स्टार्टअप इसलिए भी आगे नहीं बढ़ पाते कि उनके द्वारा जो प्रोडक्ट तैयार किया जाता है उसका प्रमोशन नहीं होने से मार्केट नहीं मिल पाता। आरएनडी भी बड़ी समस्या रहती है। मार्केट के साथ उसका प्रमोशन उतना ही जरूरी है।<br /><strong>-सिद्धार्थ गुप्ता ,ट्रेजरार डिवी. चैम्बर आॅफ कामर्स</strong></p>
<p><strong>बेस्ट टैलेंट की कमी</strong><br />कोटा में स्टार्टअप तो कई शुरू हो रहे हैं। लेकिन ऐसे स्टार्टअप जो देश में अपनी पहचान बनाएं ऐसा स्टार्टअप शुरू करने के लिए यहां तकनीकी विशेषज्ञ या इंजीनियर ही नहीं है। टेलेंट व काम करने वालों की कमी है। लोग स्टार्टअप शुरू तो कर देते हैं लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए काम की गम्भीरता व जुनून भी होना चाहिए। बाहर से तकनीकी विशेषज्ञ मंगवाने पर उनकी कीमत अधिक चुकानी पड़ती है। साथ ही महिलाओं को स्टार्टअप शुरू करने या उनके प्रोडक्ट को मार्केट में पहचान दिलाने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पडता है।<br /><strong>-नेहा गुप्ता फाउंडर गेन बुक स्टार्टअप</strong></p>
<p><strong>माकेर्टिंग और प्रमोशन के साथ रिसर्च की जरूरत</strong><br />स्टार्टअप शुरू करने से पहले जो भी प्रोडक्ट तैयार किया जाए उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रोडक्ट तैयार करने व उसकी माकेर्टिंग और प्रमोशन के लिए फंड की आवश्यकता होती है। लेकिन स्टार्टअप के सामने सबसे बड़ी समस्या ही फंड की रहती है। साथ ही जिस स्तर का स्टार्टअप होना चाहिए उसमें काम करने के लिए उस स्तर का टेलेंट नहीं मिल पाता है। जिससे स्टार्टअप एक सीमित दायरे तक ही रह जाते हैं। कोटा व हाड़ौती के स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की जरूरत है। जिससे युवाओं को रोजगार के साथ ही उनके प्रोडक्ट की डिमांड भी बढ़े।<br /><strong>-सीए सुधांशु उपाध्याय सैकेट्री आईसीएआई</strong></p>
<p><strong>कई सरकारी औपचारिकताएं बाधक बन रही</strong><br />जिस तरह से कई विभागों में सीएसआर का फंड दिया जाता है। उसी तरह का फंड यदि स्टार्टअप को दिया जाए तो उन्हें आर्थिक सम्बल मिलेगा। स्टार्टअप को फंडिंग के लिए एक सिस्टम बनाने की आवश्यकता है। वहीं दूसरी तरफ स्टार्टअप शुरू करना तो आसान है लेकिन उसके ग्रो करने में कई सरकारी औपचारिकताएं बाधक बनती हैं। उन सिस्टम को सुधारने की जरूरत है। स्टार्टअप में प्रोडक्ट उत्पादन पर फोकस किया जाएगा तो अधिक लोगों को रोजगार भी दिया जा सकेगा।<br /><strong>-अमित सिंघल, डायरेक्टर इंडेक्सल इंजीनियरिंग</strong></p>
<p><strong>नई तकनीक पर आधारित स्टार्टअप ग्रो तेजी से करेंगे</strong><br />समय के साथ बदलाव बहुत जरूरी है। फिर चाहे व कोई प्रोडक्ट हो या शिक्षा का क्षेत्र। शिक्षा के क्षेत्र में भी नए-नए स्टार्टअप शुरू किए जा सकते हैं। लेकिन उनमें मेन पावर के साथ ही एआई का अधिक उपयोग किया जाएगा तो उनकी डिमांड व उपयोगिता अधिक होगी। एआई आधारित प्रोडक्ट की डिमांड अधिक होने से उस काम को करने वाले अधिक युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। नई तकनीक पर आधारित स्टार्टअप की कोटा व हाड़ौती में ही नहीं पूरे देश में डिमांड रहेगी तो स्टार्टअप ग्रो भी तेजी से करेंगे।<br /><strong>-सुदर्शन माथुर ,डायरेक्टर एलबीएस एजुकेशन ग्रुप</strong></p>
<p><strong>सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए </strong><br />स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए नियम व नीतियां तो बनी हुई हैं लेकिन सिस्टम में कई कमियां हैं। माइंड सेट ही नहीं है। जिनके कारण स्टार्टअप शुरू करने वालों को कई परेशाननियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी सिस्टम में सुधार करने की जरूरत है। साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया जाए तो युवाओं को सुविधा होगी और स्टार्टअप अधिक सुगमता से काम कर पाएंगे।<br /><strong>-समीर सूद, सैकेट्री एसएसआई एसोसिएशन</strong></p>
<p><strong>स्टार्टअप पर वर्तमान हालात की मार</strong><br />देश दुनिया में जो हालात हैं उससे स्टार्टअप भी अछूते नहीं हैं। इन पर असर पड़ रहा है। मार्केट ग्रोथ में 40 फीसदी कमी आई है। मैने नोएड़ा में वर्क किया पर वहां पर काफी कर्मचारी कोटा सहित अन्य जगहों के कर्मचारी मेरे पास काम करते थे। जिसमे कुछ तो इंटर करने के लिए आते थे तो कुछ अपना टैलेंट एक्सप्लोर करने के लिए आते थे।मेरी मैंटलिटी हमेशा से रही है कि मैं कोटा में ही रहकर काम करूं, इसके लिए मेरे प्रयास हमेशा ही रहत ेथे कि अधिक से अधिक पैसा बाहर से लाने की कोशिश करता हूं। अभी युद्ध से सहित अन्य विभिन्न कारणों से स्टार्टअप फील्ड और अन्य फील्ड में करीब 40 प्रतिशत गिरावट र्दज की गई हैं। इसके चलते हमने बड़ी-बड़ी कंसल्टेंसी कंपनियों को अभी रूक रखा हैं।<br /><strong>-सिद्धार्थ वशिष्ठ ,फाउंडर रिपोर्टस एन्ड इनसाइज बिजनस रिसर्चर </strong></p>
<p><strong>पानी बिजली कोचिंग बड़ी संभावनाएं </strong><br />कोटा में भारी संभावना है। हाड़ौती में पानी, बिजली सहित अन्य व्यवस्था यहां पर हैं। यहां तीन लाख बच्चे आते हैं। इसे टैलेंट में बदलना होगा। यह एक  अपॉर्चुनिटी है। कुछ समय पहले हमारी एसोसिएशन ने हाड़ौती में रोजगार और बिजनेस को लेकर क्या संभावना हैं। साथ ही हाड़ौती के लिए क्या कुछ कर सकते हैंं पर गंभीर चर्चा की। रोजगार बढ़े और अधिक से अधिक से लोग लाभांवित हो इसके लिए क्या करना चाहिए। पैरेंटस यहां पर केवल मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेज रहे हैं। पर हमे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे बच्चा यहां पर मेडिकल के साथ ही डिजिटल शिक्षा, स्किल डवलपमेंट सहित अन्य फील्ड में भी वहां शिक्षा प्राप्त कर सके। क्यो कि अभी पैरेंटस शहर में बच्चे को डर-डर के यहां पर भेज रहा हैं।<br /><strong>-राजेश गुप्ता , प्रेसिडंट डिवीजनल चैम्बर आॅफ कामर्स</strong></p>
<p><strong>मार्केट और सेल में खुद उतरना पड़ता है </strong><br />मैंने बिजनेस की शुरूआत पापड़ व मंगोड़ी बनाने सहित अन्य कार्य से की जिसमें घर-घर जाकर पापड़ बेचे। फिर शुरूआत में मेरे साथ एक महिला जुड़ी इस तरीके से मेरे साथ महिलाएं जुड़ती गई। अब करीब मेरे पास 80 महिलाएं काम करती हैं। शुरूआत में बिजनेस में लोन लेने के लिए भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्राहक भी प्रोडक्ट नहीं खरीदते थे उनको समझना पड़ता था। तब जाकर प्रोडक्ट कि सेल बढ़ी, उसके बाद मैंने लड्डू गोपाल कि पोशाक बनाना शुरू तो उसके बारे में इधर-उधर से जानकारी जुटाई और इस कार्य को आगे बढ़ाया। बहुत सी बार वर्कस को सुविधाएं देने के बाद भी वहां हमारे साथ कार्य नहीं करना चाहता है। तो इस दौरान हमको विभिन्न परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।<br /><strong>- भावना करमचंदानी .बिजनस वुमन</strong></p>
<p><strong>सीएसआर फंडिंग का एक हिस्सा स्टार्टअप्स के लिए भी निर्धारित हो</strong><br />स्टार्टअप के लिए इकोसिस्टम भी तेजी से उभर रहा है। सरकार और विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों से नवाचार को बढ़ावा मिला है। स्टार्टअप्स को बनाए रखने के लिए बेहतर प्रशिक्षण और उद्योग का एक्सपोजर देना होगा। सीएसआर फंडिंग का एक हिस्सा स्टार्टअप्स के लिए भी निर्धारित होना चाहिए, जिससे उन्हें शुरूआती स्तर पर अवसर मिल सके। सरकार को, उद्योग, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप्स से जोड़ने वाला एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए, जहाँ अपनी समस्या साझा करें और स्टार्टअप्स के लिए समाधान प्रस्तुत कर सकें।<br /><strong>- आयुष त्यागी, मेंटोर आई स्टार्टअप राजस्थान</strong></p>
<p><strong>फंड राइजर्स के लिए प्रयास ज़रूरी<br /></strong>मैंने पिछले सालों में करीब तीस हजार लोगों को रोजगार दिया साथ ही कई कंपनियों के साथ हम कार्य करते हैं। इसके तहत एमएसएमई संस्था प्राय सरकारी योजनाओं की विभिन्न सूचनाएं सहित अन्य सूचनाएं उद्योगों को उपलब्ध करती हैं। साथ ही विभिन्न सरकारी कार्यालय और उद्योगों केबीच संस्था सेतु का काम करती हैं। साथ ही हमारा प्रयास है कि 18-25 वर्ष तक का बच्चा कोटा शहर में रहकर की कार्य करें। साथ ही एमएसएमई के माध्यम से शॉर्ट टैंक से बातचीत करके शहर के उद्योगों को शॉर्ट टैंक से रिवॉर्ड लेकर आ रहे हैं।<strong><br />-दीपक मेहता , एसएसई एसोसिएशन अध्यक्ष</strong></p>
<p><strong>फंड के लिए विश्वास हासिल करना चुनौती<br /></strong> देखा जाएं तो स्टार्टअप में बेसिकली सबसे ज्यादा समस्या फंडिग की आती है क्योकि एंट्ररप्रेन्योर अभी बिजनेस बिल्ड करना चाहते हैं जिसको लेकर उनको परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।साथ ही जो पुरानी कंपनियां है फंडिग के लिए उनको प्राथमिकता मिलती हैं। जो पुराने बिजनेस करने वाले है वहां अपना कार्य का तरीका नहीं बदल पा रहे हैं। स्टार्टअप को फंड्स के लिए जल्द कोई तैयार नहीं होता। इस क्षेत्र में आप उतर रहे हैं तो मार्केट रिसर्च बहुत जरूरी है। टैलेंट और लिक्विट केपिटल पर भी ध्यान देना पड़ेगा।<strong><br />-दीक्षा दुग्गड़,कंपनी सचिव आईसीएसआई कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/systemic-complexities-pose-a-major-challenge-for-scaling-startups--a-single-window-system-is-needed--alongside-ideas--talent--funding--and-robust-technology/article-160693</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/systemic-complexities-pose-a-major-challenge-for-scaling-startups--a-single-window-system-is-needed--alongside-ideas--talent--funding--and-robust-technology/article-160693</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:29:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%281%2986.png"                         length="1378259"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के लिए राजनाथ सिंह का बड़ा आह्वान, उद्योगों से कहा- बनें इस राष्ट्रीय संकल्प के भागीदार</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत के निर्माण में क्षेत्रीय उद्योगों, नवाचार और आत्मनिर्भरता की अहम भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती, तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा देश की प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। गुजरात के उद्योगों और स्टार्टअप्स से राष्ट्रीय विकास, रक्षा विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध, प्रौद्योगिकी में सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश का संकल्प बताते हुए क्षेत्रीय उद्योगों से इस यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया है। सिंह ने मंगलवार को वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान उद्योगपतियों, उद्यमियों, युवा नवोन्मेषकों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "विकसित भारत सिर्फ़ आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से समृद्ध, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश बनाने का संकल्प है और क्षेत्रीय उद्योगों को इस यात्रा में भागीदार बनना चाहिए जिससे क्षेत्रीय ताकतों को राष्ट्रीय क्षमताओं में, स्थानीय नवाचारों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और औद्योगिक विकास को रणनीतिक ताकत में बदला जा सके। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह और गुजरात सरकार में महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील भी मौजूद थीं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तेज़ी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए, भारत की आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता और सामूहिक संकल्प आने वाले दशकों में वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका तय करेगा। उन्होंने कहा, "इतिहास हमें सिखाता है कि महान देश तीन ज़रूरी स्तंभों पर खड़े होते हैं: आर्थिक ताकत, तकनीकी कौशल, और राष्ट्रीय सुरक्षा ।आर्थिक खुशहाली और टेक्नोलॉजी में तरक्की से देश की सुरक्षा मज़बूत होती है, जबकि सुरक्षित देश वह स्थिरता देता है जिससे उद्योग और नवाचार फलते-फूलते हैं।" उन्होंने सुरक्षित सीमा और मज़बूत अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने के लिए बेहतर सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का विकास सिर्फ़ हथियारों और प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, यह एक बड़े आर्थिक इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से विनिर्माण और निर्यात में एक अहम देश के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी प्लेटफॉर्म की सफलता, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, और नवोन्मेषकों तथा स्टार्ट-अप के जोश ने मिलकर देश में एक मज़बूत रक्षा इकोसिस्टम बनाने में योगदान दिया है। </p>
<p>रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग होना नहीं है, इसका मतलब है एक ऐसा देश जो अपने पैरों पर मज़बूती से खड़ा हो और दुनिया के साथ एक बराबर के साझीदार के तौर पर जुड़े। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को पाने में गुजरात की अहम भूमिका है क्योंकि राज्य के पास एक मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और उद्यमिता की भावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:21:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/rajnath-singh1.png"                         length="371649"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की राजधानी में शुरू हुई &quot;प्लास्टइंडिया 2026&quot; प्रदर्शनी: विश्व के कई देश ले रहे हैं हिस्सा, विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत मंडपम में प्लास्टइंडिया 2026 शुरू हुआ। 2000+ अंतरराष्ट्रीय स्टॉल, शून्य कचरा तकनीक, स्टार्टअप फोकस। लक्ष्य आत्मनिर्भर विनिर्माण और रोजगार बढ़ाना। प्रदर्शनी 4-10 फरवरी चलेगी। वैश्विक भागीदारी मजबूत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/plastindia-2026-exhibition-started-in-the-countrys-capital-many-countries/article-142026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक प्लास्टइंडिया 2026 गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य तौर पर देश की प्लास्टिक का सामान बनाने में हुयी प्रगति को दिखाया गया है। 4 से 10 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक कार्यक्रम का यह सालाना संस्करण रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस मेले का मुख्य फोकस विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक आत्मनिर्भर औद्योगिक आधार बनाने पर है।</p>
<p>इसमें 2,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय स्टॉल लगे हैं और इनमें मशीनरी, कच्चे माल और अन्य चीजों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्लास्टइंडिया मेले में शून्य कचरा प्रौद्योगिकी को पहली बार ध्यान में रखा जा रहा है। साथ ही इसमें नयी चीजों की खोज एवं स्टार्ट-अप को विशेष ध्यान दिया गया है। गौरतलब है कि, भारतीय प्लास्टिक उद्योग का वर्तमान में लगभग तीन-साढे तीन लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/plastindia-2026-exhibition-started-in-the-countrys-capital-many-countries/article-142026</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/plastindia-2026-exhibition-started-in-the-countrys-capital-many-countries/article-142026</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 13:16:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%284%294.png"                         length="875644"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार्टअप्स में नए रिकॉर्ड बना रहे भारतीय युवा : मोदी ने युवाओं को दिया वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र  में तरक्की का श्रेय, कहा- इनका जोश विकसित भारत के सपने को साकार करने में बनेगा बड़ी ताकत </title>
                                    <description><![CDATA[लगातार कोशिशों से सबसे मुश्किल काम भी पूरे किए जा सकते हैं,  जैसे पानी की लगातार बूंदें समय के साथ चट्टान को भी घिस देती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-youth-are-creating-new-records-in-startups-modi-gave/article-139762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर देश के स्टार्टअप समुदाय को बधाई दी और कहा  कि भारतीय युवा स्टार्टअप्स में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दिन भारतीयों, खासकर युवाओं के 'साहस, नवाचार की भावना और उद्यमशीलता के जोश' का जश्न मनाने का समय है। उन्होंने युवाओं को वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र  में भारत की तरक्की का श्रेय दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पक्के इरादे और लगन से हमारे युवा दोस्त स्टार्टअप की दुनिया में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उनका जोश और जुनून विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। उन्होंने लगन के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया, जिसमें कहा गया है कि लगातार कोशिशों से सबसे मुश्किल काम भी पूरे किए जा सकते हैं,  जैसे पानी की लगातार बूंदें समय के साथ चट्टान को भी घिस देती हैं। </p>
<p>गौरतलब है कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में से एक के रूप में उभरा है, जिसमें दिसंबर 2025 तक दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) जैसे प्रमुख केंद्रों ने इस बदलाव का नेतृत्व किया है, घरेलू और वैश्विक निवेश को आकर्षित किया है। फिनटेक और हेल्थ टेक से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) तक के क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दिया है। सरकार ने वर्ष 2016 में शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम ने नियामक बोझ को कम करने, पूंजी तक पहुंच में सुधार करने और उद्यमियों के लिए एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें युवा-नेतृत्व वाले नवाचार पर विशेष जोर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-youth-are-creating-new-records-in-startups-modi-gave/article-139762</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-youth-are-creating-new-records-in-startups-modi-gave/article-139762</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 12:01:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/modi1.png"                         length="902506"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धौलावीरा की कुम्हार परंपरा से लेकर सौराष्ट्र का आधुनिक सिरेमिक उद्योग विश्व में भारत की बना रहा है पहचान: पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धौलावीरा की प्राचीन परंपरा से मोरबी के सिरेमिक उद्योग तक गुजरात वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पहचान बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>राजकोट। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र की 5,000 वर्ष पुरानी धौलावीरा कुम्हार परंपरा से लेकर मोरबी के आधुनिक सिरेमिक उद्योग तक, गुजरात की मिट्टी आज वैश्विक बा•ाार में भारत की पहचान बना रही है। उन्होंने वायब्रैंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा,'नवाचार, तकनीक और निवेश के संगम से सिरेमिक सेक्टर ईवी, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक में नई उड़ान भर रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सत्र सिरेमिक उद्योग पर केंद्रित थी। </p>
<p>केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के 225 से अधिक संकुल, 12 हजार से अधिक स्टार्टअप, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेजोड़ उद्यमशीलता के साथ सौराष्ट्र, वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनकर विकसित भारत 2047 की दिशा तय कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के 22 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जीवंत गाथा हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 2003 में यह शुरुआत की थी। वह छोटा सा बीज आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के सक्षम नेतृत्व में एक वटवृक्ष बनकर उद्योग, लघु और मझोली इकाइयों, स्टार्टअप इकाइयों और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में केवल गुजरात को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को विश्व से जोड़ रहा है।</p>
<p>पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया जिसमें कुसुम तथा पीएम सूर्यघर : मुफ्त बिजी योजना  कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पटेल के सशक्त नेतृत्व में गुजरात देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनकर निरंतर सशक्त हो रहा है। मोदी जी द्वारा 2003 में परिकल्पित वाइब्रेंट गुजरात आज नए भारत की आत्मा, आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता का प्रतीक बना है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, गुजरात जन विश्वास अधिनियम और सौराष्ट्र-कच्छ की कर्मठ भावना के साथ गुजरात विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। पीयूष गोयल ने मुखमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह विकसित गुजरात के लिए अपनी सरकार के प्रयासों से विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और संकल्प को गति दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:14:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/piyush-goyal.png"                         length="477835"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका–राजस्थान व्यापारिक संभावनाओं पर RCCI में विस्तृत संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) में पेंसिल्वेनिया स्टेट ऑफिस की डायरेक्टर सुप्रिया कानेटकर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसका उद्देश्य आईटी, हेल्थकेयर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/detailed-dialogue-in-rcci-on-us-rajasthan-trade-prospects/article-138620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rcci.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) में पेंसिल्वेनिया स्टेट ऑफिस–इंडिया की डायरेक्टर सुप्रिया कानेटकर के साथ अमेरिका–राजस्थान के बीच व्यापारिक, निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पेंसिल्वेनिया राज्य में व्यापार, निर्यात, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के अवसरों पर विस्तार से चर्चा करना रहा।</p>
<p>RCCI अध्यक्ष के. एल. जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत–अमेरिका व्यापार संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और पेंसिल्वेनिया राज्य राजस्थान के उद्योगों के लिए अनेक संभावनाएं प्रस्तुत करता है।</p>
<p>सुप्रिया कानेटकर ने पेंसिल्वेनिया की औद्योगिक एवं निवेश नीतियों, MSME और स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन योजनाओं, निर्यात सहयोग तंत्र तथा शिक्षा, हेल्थकेयर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, लॉजिस्टिक्स और एग्री-बिजनेस क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान के उद्यमियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।</p>
<p>बैठक में उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, मानद महासचिव आनंद महरवाल, ब्रज बिहारी शर्मा, जेमोलोजिकल साइंस इंटरनेशनल की निदेशिका मीनू ब्रजेश व्यास, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर योगेश नारायण माथुर, सचिव दिनेश कानूनगो सहित बड़ी संख्या में निर्यातक व उद्यमी उपस्थित रहे।<br />चर्चा के दौरान अमेरिकी बाजार में प्रवेश, निर्यात प्रक्रियाएं, नियामक ढांचा, निवेश सुविधा और बिजनेस मैचमेकिंग जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। अंत में आनंद महरवाल ने आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/detailed-dialogue-in-rcci-on-us-rajasthan-trade-prospects/article-138620</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/detailed-dialogue-in-rcci-on-us-rajasthan-trade-prospects/article-138620</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:28:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/rcci.png"                         length="1014289"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली एंड डेकोर की थीम पर सजेगा शिमर एग्जिबिशन का 37 वां संस्करण</title>
                                    <description><![CDATA[महिला उद्यमी, डिजाइनर और यंग एंटरप्रेन्योर्स एंड स्टार्टअप अपने 1000 से ज्यादा प्रोडक्ट व इंटरनेशनल ब्रांड्स के फेस्टिव कलेक्शन की विशाल रेंज डिस्प्ले करेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-37th-edition-of-shimmer-exhibition-will-be-organized-on/article-93025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आने वाले फेस्टिव सीजन करवा चौथ और दिवाली को देखते हुए एग्जीबिशन शिमर दिवाली एंड डेकोर की थीम पर 17 व 18 अक्टूबर को क्वींस रोड स्थित केसरी बाग बैंक्वेट्स ,वैशाली नगर में आयोजित किया जा रहा है। यह सेलिब्रेशन ग्रुप का 37 वां संस्करण है। और इसका कांसेप्ट है स्पार्कल एंड शाइन। </p>
<p>जयपुर सहित मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बैंगलोर, बनारस, अजमेर, जोधपुर, और विभिन्न शहरों से 60 से ज्यादा महिला उद्यमी, डिजाइनर और यंग एंटरप्रेन्योर्स एंड स्टार्टअप अपने 1000 से ज्यादा प्रोडक्ट व इंटरनेशनल ब्रांड्स के फेस्टिव कलेक्शन की विशाल रेंज डिस्प्ले करेंगे। जिसमे सभी के लिए डिजाइनर ड्रेसेस, बनारसी साड़ी, दिवाली गिफ्ट हैंपर्स, करवा चौथ कस्टमाइज्ड पूजा थाली और  गिफ्ट्स, गोल्ड एंड सिल्वर ज्वेलरी, हर्बल स्किन केयर, ऑर्गेनिक प्रोडिक्ट्स, हेयर एसेसरीज, बैग्स,  होम फर्निशिंग,  हैंडिक्रफ्ट, कंप्लीट दिवाली डेकोर एंड कॉरपोरेट गिफ्टिंग्स एग्जीबिशन का मुख्य आकर्षण  होंगे।</p>
<p>एग्जीबिशन में डिजाइनर्स स्टार्टअप गैलरी होगी खास जिसमे नए कांसेप्ट के साथ उभरते एंटरप्रेन्योर्स अपना डेब्यू शिमर से करेंगे । एग्जीबिशन के पहले दिन  करवा चौथ  सेलिब्रेशन पे होगा खास फोटो शूट ।जिसमे मेकअप आर्टिस्ट पूर्णिमा गोयल  करवा चौथ लुक पे देंगी मॉडल्स पे  लाइव सेशन। मॉडल्स डिजाइनर्स आउटफिट पे करेंगे फैशन वॉक। साथ ही  स्ट्रीट्स ऑफ मुंबई के भव्य  फूड का आनंद विजीटर्स ले सकेंगे। विजीटर्स के लिए हर घंटे लकी ड्रॉ भी निकाला जाएगा। एग्जीबिशन का समय प्रातः 11 से रात 8:00 बजे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-37th-edition-of-shimmer-exhibition-will-be-organized-on/article-93025</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-37th-edition-of-shimmer-exhibition-will-be-organized-on/article-93025</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Oct 2024 15:33:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-size-%281%2915.png"                         length="520960"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार्ट अप, नवाचार और वित्तीय सहायता के लिए टेक्नो हब का किया दौरा </title>
                                    <description><![CDATA[जेईसीआरसी जयपुर के 70 छात्रों ने टेक्नो हब, जयपुर का दौरा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/visited-techno-hub-for-start-up-innovation-and-financial-support%C2%A0/article-88325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/pze-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेईसीआरसी जयपुर के 70 छात्रों ने टेक्नो हब, जयपुर का दौरा किया। इस दौरान आईस्टार्ट के मेंटर मिस्टर सिद्धार्थ ने आईस्टार्ट कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के माइलस्टोन्स, स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध लाभ, विभिन्न स्टार्टअप्स के चरण, वित्तीय सहायता, और राजस्थान में राज्य इनक्यूबेटर के क्यूरेशन और ई-बाजार के मेकेनिज़्म के बारे में विस्तार से बताया। इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्टार्टअप्स इकोसिस्टम के अवसरों से अवगत कराना और राज्य के विकास में स्टार्टअप्स की भूमिका के बारे में जागरूक करना था।</p>
<p>इसके बाद, टिंकरिंग लैब के इन्चार्ज मिस्टर मयंक ने छात्रों को रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, और ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन दिखाया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों को लैब में उपलब्ध व्यावहारिक शिक्षा के अवसरों से परिचित कराना था।</p>
<p>अंत में, छात्रों ने डिजिटल संग्रहालय का दौरा किया, जहाँ उन्हें एआर/वीआर/एमआर/एक्सआर तकनीकी उपकरणों की जानकारी दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/visited-techno-hub-for-start-up-innovation-and-financial-support%C2%A0/article-88325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/visited-techno-hub-for-start-up-innovation-and-financial-support%C2%A0/article-88325</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 18:30:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/pze-%284%295.png"                         length="442226"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नौ वर्षों में देश में स्टार्ट अप की संख्या 300 गुना बढी : डॉ. सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[ डॉ. सिंह ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा स्थापित ' राष्ट्रीय नवप्रवर्तन पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि 2014 से पहले देश में लगभग 350 स्टार्ट- अप ही थे, लेकिन 2016 में विशेष स्टार्ट - अप योजना शुरू करने के बाद से यह संख्या 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ 90,000 से अधिक हो गयी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-number-of-startups-in-the-country-has-increased-300/article-42385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/index.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पिछले 9 वर्षों में देश में स्टार्ट-अप की संख्या 300 गुना बढी है।  डॉ. सिंह ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा स्थापित ' राष्ट्रीय नवप्रवर्तन पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि 2014 से पहले देश में लगभग 350 स्टार्ट- अप ही थे, लेकिन 2016 में विशेष स्टार्ट - अप योजना शुरू करने के बाद से यह संख्या 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ 90,000 से अधिक हो गयी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया, जिससे अंतरिक्ष क्षेत्र में लगभग तीन वर्षों के भीतर 100 से अधिक स्टार्टअप हो गए। इसी तरह जैवप्रौद्योगिकी ( बायोटेक ) स्टार्ट - अप लगभग 50 से बढ़कर लगभग 6,000 हो गए हैं।</p>
<p>डॉ. सिंह ने कहा कि देश में युवाओं में प्रतिभा, क्षमता, नवाचार और रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके पास राजनीतिक नेतृत्व से मिलने वाले अनुकूल माहौल और उचित संरक्षण की कमी थी। अब यह भी स्पष्ट है कि  ग्रामीण युवाओं में भी इतनी नवीन प्रतिभा है जो बताती है कि औपचारिक शिक्षा की डिग्री तथा नवाचार क्षमताओं के बीच कोई संबंध नहीं होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान करने के लिए सरकार से ऐसी राष्ट्रीय शिक्षा नीति  लाने  का आग्रह किया गया था जो शैक्षणिक डिग्री के आधार पर व्यक्ति को उसकी योग्यता और कौशल के अनुसार आजीविका कमाने के लिए तैयार  करने के साथ ही कौशल पर भी जोर दे। डा सिंह ने कहा कि आज के पुरस्कारों की प्रकृति और पुरस्कार हासिल करने वालों का परिचय यह सिद्ध  करता है कि देश में बड़ी संख्या में ' जमीनी स्तर पर जमीन से जुड़े नवप्रवर्तक ग्रासरूट इनोवेटर्स उपलब्ध हैं, जिनके पास बहुत उच्च औपचारिक शिक्षा नहीं है, लेकिन जो सफलता की कहानियां रचने अपने लिए आजीविका के आकर्षक साधन पैदा करने  में सक्षम हैं । </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-number-of-startups-in-the-country-has-increased-300/article-42385</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-number-of-startups-in-the-country-has-increased-300/article-42385</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 19:59:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/index.jpg"                         length="172619"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए वाईस्टोरीज स्टार्टअप मीडिया प्लेटफॉर्म की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश में पढ़ाई करने के बाद इन दोस्तों ने लाखों की नौकरी छोड़ दी और कुछ अलग दिखाने के जुनून के साथ एक स्टार्टअप मीडिया प्लेटफॉर्म वाईस्टोरीज नाम से स्टार्टअप शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/wstories-startup-media-platform-launched-to-promote-startups-in-india/article-6136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/71.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा स्टार्टअप इंडिया के सपने को साकार करने के लिए तीन दोस्त श्याम नागा, गौरव कुमावत और अजय कुमावत जुट गए हैं। विदेश में पढ़ाई करने के बाद इन दोस्तों ने लाखों की नौकरी छोड़ दी और कुछ अलग दिखाने के जुनून के साथ एक स्टार्टअप मीडिया प्लेटफॉर्म वाईस्टोरीज नाम से स्टार्टअप शुरू किया। तीनो दोस्त राजस्थान के जयपुर जिले के रहने वाले हैं। <br /><br />जीवन की कई चुनौतियों और उतार-चढ़ाव का सामना करने के बाद भी अगर सफलता मिल जाती है तो इसे एक सच्ची उपलब्धि माना जाता है। ऐसी थी इन तीन दोस्तों की जिंदगी, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुकाम बनाया। श्याम ने वाईस्टोरीज को आईडिया से मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने में काफी मेहनत की । लंदन में अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद, गौरव एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में शामिल होने के बजाय इस प्लेटफार्म में शामिल हो गए, और अजय भी इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में इसमें शामिल हो गए।<br /><br />कोरोना महामारी ने हम सभी के जीवन को प्रभावित किया है। कोरोना के कहर के बाद बहुत लोगो की नौकरी चली गई, लेकिन कुछ लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। नौकरी चले जाने के बाद लोगो ने या तो अकेले या फिर दो तीन लोगो ने मिलकर खुद का स्टार्टअप शुरू किया। वाईस्टोरीज, कुछ इसी तरह के लोगो के संघर्ष, प्रयास और कठिन मेहनत से बनाये गए स्टार्टअप्स की प्रगति और उन्नति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया अवधारणा को ध्यान में रखते हुए इन दोस्तों ने वाईस्टोरीज को 13 अक्टूबर, 2020 को लॉन्च किया था।<br /><br />वाईस्टोरीज, स्टार्टअप उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए काम कर रही है, जिसका देश के स्टार्टअप इको-सिस्टम पर जबरदस्त सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वाईस्टोरीज विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्टअप और उद्यमियों के सफर को कवर करता है। आर्टिकल और वीडियो के साथ साथ स्टार्टअप बिजनेस से रिलेटेड जानकारी पब्लिश करता है जैसे बिजनेस-स्टार्टअप के आर्टिकल्स, फंडिंग अलर्ट, नया प्रोडक्ट, सर्विस लॉन्च, स्टार्टअप प्रेस रिलीज और स्टार्टअप न्यूज़ आदि।</p>
<p><br />वाईस्टोरीज ने पिछले 18 महीनों में भारत में 1,000 से अधिक कहानियाँ और लेख प्रकाशित किए हैं। इन कहानियों के माध्यम से, वाईस्टोरीज ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप को बड़ी पहचान दिलाई है और जिसके चलते कुछ स्टार्टअप्स को निवेशकों के द्वारा वित्तीय सहायता भी मिली हैं। वाईस्टोरीज महिला उद्यमिता, छात्र स्टार्टअप और ग्रामीण स्टार्टअप को बढ़ावा देता है। वाईस्टोरीज का हाल ही मैं आइस्टार्ट, डिपार्टमेंट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कम्युनिकेशन, राजस्थान सरकार तथा अटल इन्क्यूबेशन सेंटर्स की साथ MOU हुआ है।<br /><br />भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानते हैं कि देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में स्टार्टअप उद्योग की बड़ी क्षमता है और इसके लिए उन्होंने 16 जनवरी को नेशनल स्टार्टअप डे मनाने का भी फैसला किया। वर्तमान में वाईस्टोरीज हिंदी और अंग्रेजी भाषा में चल रहा है और निकट भविष्य में क्षेत्रीय भाषाओं में शुरू करने का प्लान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/wstories-startup-media-platform-launched-to-promote-startups-in-india/article-6136</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/wstories-startup-media-platform-launched-to-promote-startups-in-india/article-6136</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 15:35:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/71.jpg"                         length="89773"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        