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                <title>growth - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण: राजस्थान में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ संख्या 721,  8 प्रतिशत की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में तेंदुओं की संख्या 51.5% बढ़कर 721 हो गई है। सरिस्का और रणथंभौर जैसे अभयारण्य इस वृद्धि के प्रमुख केंद्र रहे। देशभर में तेंदुओं की कुल आबादी अब 13,874 तक पहुँच गई है, जो सफल वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों का एक सुखद परिणाम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-number-of-leopards-increased-in-india-with-a-51/article-152522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/समवख्चंतक.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  फरवरी 2024 में जारी 'भारत में तेंदुओं की स्थिति, 2022 रिपोर्ट' ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्साहजनक तस्वीर पेश की। देशभर में तेंदुओं की संख्या 2018 के 12,852 से बढ़कर 2022 में 13,874 हो गई। जो करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस सूची में मध्य प्रदेश 3,907 तेंदुओं के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु भी प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।  राजस्थान की बात करें तो यहां तेंदुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में जहां यह संख्या 476 थी, वहीं 2022 में बढ़कर 721 हो गई। यानी करीब 51.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार सरिस्का टाइगर रिजर्व में 167, रणथंभौर में 87, मुकुंदरा हिल्स में 49 और रामगढ़ विषधारी में 19 तेंदुए पाए गए हैं। इसके अलावा उदयपुर क्षेत्र में 56 और जयपुर के झालाना व आमागढ़ में 40 तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:39:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान: रूफ टॉप सौर ऊर्जा में राजस्थान तीसरे स्थान पर, 1.44 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान रूफ टॉप सोलर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश में 2.45 लाख से अधिक संयंत्र लग चुके हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। ₹78,000 तक की सब्सिडी और आसान ऋण सुविधाओं के कारण हर दिन लगभग 700 नए परिवार सौर ऊर्जा अपना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/solar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक घरेलू, अघरेलू और औद्योगिक श्रेणी में 2.45 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 1.43 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। कुल 2090 मेगावाट क्षमता के साथ राजस्थान देश में रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य में अब तक 1.77 लाख संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 686 मेगावाट है। प्रतिदिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। मार्च माह में 20,343 संयंत्र स्थापित हुए, जबकि एक दिन में सर्वाधिक 910 संयंत्र लगाए जाने का रिकॉर्ड भी बना। योजना के तहत उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है, जबकि 150 यूनिट योजना में 17 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 1.52 लाख उपभोक्ताओं को 1185 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, बैंकों से लगभग 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण और सरल प्रक्रियाओं के कारण प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना लगातार तेज़ी से बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिला भागीदारी की अद्भुत गौरवगाथा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा और तकनीकी पराक्रम का जब भी कोई उदाहरण प्रस्तुत करना हो, तो जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बना चिनाब रेल ब्रिज सर्वोच्च स्थान रखता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/amazing-glory-of-women-participation/article-116936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer55.png" alt=""></a><br /><p>भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा और तकनीकी पराक्रम का जब भी कोई उदाहरण प्रस्तुत करना हो, तो जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बना चिनाब रेल ब्रिज सर्वोच्च स्थान रखता है। यह न केवल दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है, बल्कि यह भारतीय समर्पण, साहस और संकल्प का अद्भुत प्रतीक भी है। इस अद्वितीय संरचना को साकार करने में जिन व्यक्तित्वों का योगदान अविस्मरणीय है, उनमें एक प्रमुख नाम है माधवी लता का। माधवी लता का जन्म आंध्र प्रदेश के एक सामान्य परिवार में हुआ। बाल्यकाल से ही वे पढ़ाई में मेधावी थीं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में स्रातक की डिग्री प्राप्त की और आगे चलकर संरचनात्मक डिजाइन तथा जटिल परियोजनाओं में विशेषज्ञता हासिल की। शिक्षा उनके लिए केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि सामाजिक योगदान का माध्यम थी। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय रेलवे और कोकण रेलवे जैसी संस्थाओं में काम किया। उन्होंने पुल निर्माण, सुरंग प्रणालियां, पर्वतीय परियोजनाएं और जोखिम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लगभग दो दशकों तक गहन अनुभव प्राप्त किया। माधवी लता की खास बात यह थी कि वे केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मैदान में जाकर चुनौतियों का प्रत्यक्ष रूप से सामना करना उनका कार्यशैली का हिस्सा रहा। चिनाब रेल ब्रिज एक बड़े सपने के साथ साथ एक कड़े संघर्ष की भी गौरवगाथा है। चिनाब ब्रिज चिनाब नदी पर बक्कल और कौरी गांवों के बीच बना एक आर्क ब्रिज है, जिसकी कुल ऊंचाई नदी की सतह से 359 मीटर है। यह एफिल टॉवर से भी अधिक ऊंचा है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना का अहम हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर को भारत के शेष हिस्से से स्थायी रेल संपर्क देता है। इस परियोजना में किसी सामान्य पुल का निर्माण नहीं था,बल्कि चुनौतियों से भरे भौगोलिक क्षेत्र में दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज का निर्माण करना था।</p>
<p>यद्यपि सभी चुनौतियों को अनुभव कर पाना कठिन है फिर भी कुछ का जिक्र करना अति आवश्यक हो जाता है जैसे भूगर्भीय और स्थलाकृतिक चुनौतियां, पुल जिस क्षेत्र में बनाए वह एक अत्यंत जटिल और भूस्खलन-प्रवण पर्वतीय इलाका है। यहां की चट्टानें अस्थिर थीं, जिससे नींव डालना कठिन था। गली माधवी लता ने विस्तृत जियो टेक्निकल सर्वे और सटीक रॉक एनालिसिस के जरिए टिकाऊ डिजाइन तय किया। भूकंपीय और पवन-गति संबंधी जोखिम, यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोन में आता है और यहां पवन वेग 266 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए पुल के डिजाइन में डंपर्स,विंड टनल टेस्टिंग और सीस्मिक रेस्टरेंट सिस्टम जोड़े गए।</p>
<p>सामरिक और सुरक्षा दृष्टिकोण, पुल का निर्माण एक रणनीतिक क्षेत्र में हो रहा था, जहां सुरक्षा जोखिम अधिक थे। इस परिस्थिति में निर्माण कार्य को लगातार जारी रखना और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे माधवी लता ने कुशलता से निभाया। मौसम की चरम स्थितियां जैसे सर्दियों में तापमान.20 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता था और बर्फबारी से काम बंद हो जाता था। ऐसे में सीजनल रिसोर्स प्लानिंग और हाइ एल्टीट्यूड वर्क प्रोटोकॉल्स तैयार किए गए, ताकि निर्माण कार्य स्थगित न हो। प्रौद्योगिकीय नवाचार की आवश्यकताए इस प्रोजेक्ट में कई अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग हुआ जैसे कि इंक्रीमेंटल लॉन्चिंग, वैदर रेजिस्टेंट स्टील और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम्स, जिनका समन्वय और क्रियान्वयन गली माधवी लता जैसे अनुभवी इंजीनियर ही कर सकते थे।</p>
<p>माधवी लता ने केवल तकनीकी टीम का नेतृत्व नहीं किया, बल्कि सामाजिक समावेशन पर भी बल दिया। उन्होंने स्थानीय कश्मीरी युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें परियोजना से जोड़ा, जिससे न केवल स्थानीय विश्वास बढ़ा, बल्कि रोजगार भी सृजित हुआ। वे भारतीय अभियंता बिरादरी में महिला सशक्तिकरण का एक उज्ज्वल उदाहरण हैं। कठिन परिस्थितियों में भी उनकी स्पष्ट दृष्टि, अनुशासन और संवेदनशील नेतृत्व ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में शीर्ष नेतृत्व कर सकती हैं। माधवी लता का जीवन केवल एक व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह राष्टÑनिर्माण में तकनीकी नेतृत्व की भूमिका का प्रतीक है।</p>
<p>चिनाब ब्रिज आज भारत के गौरव का प्रतीक है और इसके निर्माण में माधवी लता का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। जब ज्ञान, साहस और सेवा भावना एक साथ चलते हैं, तो सबसे कठिन लक्ष्य भी साकार हो सकते हैं।</p>
<p><strong>-राजेंद्र कुमार शर्मा</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 11:48:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वस्थ और स्वच्छ दिल्ली बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : पिछली सरकारें झुग्गियों को समझती थी वोट बैंक, रेखा गुप्ता ने कहा- हमारी सरकार ने विकास के लिए 700 करोड़ का किया प्रावधान</title>
                                    <description><![CDATA[रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और गरिमामई बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/governments-committed-to-the-previous-governments-committed-to-make-healthy/article-115963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer69.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और गरिमामई बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। गुप्ता ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 100 दिन सेवा के, काम करने वाली सरकार के एक कार्यक्रम में कहा कि मुझे बहुत दुख होता है, जब मैं उन लोगों के बारे में सोचती हूं, जो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर सुरक्षा बलों पर सवाल उठाते थे और देश के दुश्मनों से हाथ मिलाते थे। ऑपरेशन सिंदूर ने महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देती हूं। देश की सभी महिलाएं दुश्मन के इलाके में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए सशस्त्र बलों को सलाम करती हैं प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश का स्वाभिमान बढ़ाने का काम किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें झुग्गियों को सिर्फ वोट बैंक समझती थी, इसलिए उनके इलाके में कोई विकास का काम नहीं किया गया, लेकिन हमारी सरकार ने पहले बजट में ही झुग्गी वाले इलाके के विकास के लिए 700 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया है। अब हर झुग्गी वाले इलाके में कोई न कोई काम शुरू हो गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जब तक पक्का मकान नहीं मिल जाता तब तक वहीं रहेंगे।</p>
<p>रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सम्मान के साथ उनकी हर आशाओं को पूरा करना उनका दायित्व है। उन्होंने महिलाओं को ढाई हजार देने का जो वादा किया गया था उसे योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सभी योग्य पात्रों को इसका लाभ दिया जाएगा। गुप्ता ने कहा- पिछले दस साल में दिल्ली की जनता को जो जख्म मिले हैं, उनको पाँच साल में भरने की हमारी कोशिश होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा है कि पिछले 10 साल में दिल्ली की सत्ता में जो सरकार रही वह कूड़े के पहाड़ को एक इंच भी कम नहीं कर पाई। हमारी सरकार आने के बाद कूड़े के निष्पादन का काम तेज किया गया है। दिल्ली को ई-वेस्ट मुक्त बनाना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए हमारी जिम्मेदारी है। सरकार ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर ठोस नीति और दीर्घकालिक समाधान के साथ आगे बढ़ रही है यही है हमारी सेवा और संकल्प का रास्ता है।</p>
<p>गुप्ता ने कहा कि पहले हर काम में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब सरकार हर काम में पारदर्शिता लेकर आई है और भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा- स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली वालों को उनका हक नहीं मिला था, लेकिन हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में दिल्ली वालों को आयुष्मान योजना लागू करने का फैसला किया। पिछले 100 दिनों में आयुष्मान योजना में 3.5 लाख लोगों ने पंजीकरण करा लिया है जिसे 10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तृत योजना बनाई है और उस पर काम किया जा रहा है। दिल्ली के सभी 250 वार्डों में प्रत्येक वार्ड चार-चार पानी छिड़काव के मशीनों को लगाया जाएगा। इसके अलावा ऊंची इमारतों पर भी एंटी-स्मॉग गन लगाये जाएँगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में यमुना केवल 48 किलोमीटर बहती है, लेकिन उसे साफ करने को पहले की सरकारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। हमारी सरकार ने 100 दिन में पहले इस समस्या को समझा, फिर कार्रवाई शुरू की और 22 बड़े नालों को चिह्नित किया गया है जहां से गंदगी यमुना में जाती है। नए एसटीपी लगाने और पुराने एसटीपी का पुनरुद्धार करने के काम किया जा रहा है।</p>
<p>गुप्ता ने दिल्ली में बढ़ती स्कूल फीस पर चिंता जताते हुए कहा कि हम एक नया फीस एक्ट लेकर आए हैं, जिससे बिना अभिभावक से चर्चा किए कोई स्कूल फीस नहीं बढ़ा पाएगा। दिल्ली सरकार के एक सौ दिन पर आयोजित कार्यक्रम में अभिनेता अनुपम खेर ने मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 15:43:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monetary Policy Meeting: रिजर्व बैंक ने आधी फीसद बढ़ाया विकास अनुमान, दरें यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रूख  से पीछे हटने का निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/monetary-policy-meeting-reserve-bank-increased-growth-forecast-rates-by/article-63672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/shaktikant-das.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के आर्थिक विकास के सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुये 7.6 प्रतिशत की दर से बढऩे से उत्साहित भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान में आधी फीसदी की बढोतरी करने के साथ ही खुदरा महंगाई बढऩे के जोखिम को ध्यान में रखते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे घर, वाहन आदि ऋण की किश्तों में कोई वृद्धि नहीं होगी। </p>
<p>रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक में आज लिए गये निर्णयों की जानकारी देते हुये गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर गति से आगे बढ़ रही है और वह सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुये दूसरी तिमाही में 7.6 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ा  है। इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को पहले के 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर अब 7.0 प्रतिशत कर दिया गया है।  उन्होंने कहा के समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। </p>
<p>दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समायोजन वाले रूख  से पीछे हटने का निर्णय लिया है।</p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 7.0 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में विकास अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही के अनुमान को 6.0 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर के 6.7 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में इसके 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक का पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.4 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। तीसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.0 प्रतिशत और तीसरी तिमाही 4.7 प्रतिशत रह सकती है।      </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Dec 2023 11:16:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभेड़ा में गब्बर बन रहे बाघिन टी-114 के लाड़ले</title>
                                    <description><![CDATA[शावक दिनभर आराम और रात को मूवमेंट करते हैं। इस बीच दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते हैं। नाइट शेल्टर में उछल कूद करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tigress-t-114-s-darling-is-becoming-gabbar-in-abheda/article-44550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/abheda-mein-gabbar-ban-rahe-baghin-tee-114-ke-ladale...kota-news-03-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन टी-114 के शावकों को शिफ्ट किए तीन माह पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में दोनों शावकों के वजन में 21 से 27 किलो की वृद्धि हुई है। दोनों को भरपूर डाइट मिल रही है। चिकित्सक और स्टाफ शावकों की देखरेख में पूरी गंभीरता बरत रहे हैं। इसी का नतीजा है कि शावकों का प्रतिदिन करीब 300 ग्राम वजन बढ़ रहा है। इन दिनों दोनों की डाइट में भी इजाफा हुआ है। शिफ्टिंग के दौरान शावकों का वजन 7 किलो था जो अब बढ़कर 35 किलो हो गया है। उन्हें नाइट शेल्टर में नेचुरल हैबिटॉट दिया जा रहा है, ताकि उन्हें जंगल का अहसास होता रहे। वहीं, समय के साथ जरूरी इंतजामों में बढ़ोतरी की जा रही है। </p>
<p><strong>24 घंटे हो रही मॉनिटरिंग</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में दोनों शावकों की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। उनकी सुरक्षा व देखरेख के लिए वरिष्ठ चिकित्सक व कर्मचारियों की टीम लगी हुई है, जो सीसीटीवी के माध्यम से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। गर्मी से बचाव के लिए नाइट शेल्टर में डक्टिंग चालू कर दी गई है। वहीं, कराल एरिया में सुबह-शाम पानी का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही उन्हें पूरी तरह से वाइल्ड रखा जा रहा है। भविष्य में दोनों शावकों को जंगल में रहने के लिए तैयार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>शावकों की तीन गुना बढ़ी डाइट</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. विलासराव गुलहाने ने बताया कि दोनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं और तेजी से वजन ग्रोथ कर रहे हैं। समय के साथ उनकी डाइट में भी तीन गुना इजाफा हुआ है। पहले दोनों शावकों को डेढ़ से 2 किलो बॉयलर मीट दिया जाता था। लेकिन, अब इन्हें 5 किलो बॉयलर और आधा किलो बकरा मीट दिया जा रहा है। वहीं, कैटलेट मिल्क पाउडर 25 से 30 ग्राम दिया जा रहा है। इस बीच उन्हें शिकार करने की कला भी सिखाई जा रही है। उनके सामने लाइव बॉयलर छोड़ा जाता है, जिसका वे शिकार कर अपने पंजों की पकड़ और नाखूनों की धार मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैटलेक मिल्क रिप्लेसर को मांस में मिलाकर दिया जाता है। यह विशेष रूप तैयार किया गया मिल्क पाउडर होता है। इसमें वे सभी जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो मां के दूध से बच्चों को मिलते हैं। इन शावकों की मां नहीं है, ऐसे में मां के दूध की कमी पूरी करने के लिए विशेष रूप से मिल्क रिप्लेसर दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रतिदिन 300 ग्राम वजन में हो रही बढ़ोतरी</strong><br />चिकित्सक गुल्हाने ने बताया कि गत 1 फरवरी को रणथम्भौर से दोनों शावकों को अभेड़ा में शिफ्ट किया गया था। उस समय यह दो से ढाई माह के थे। वर्तमान में इन्हें यहां रहते हुए तीन माह से अधिक समय बीत चुका है। दोनों की उम्र साढ़े पांच माह हो चुकी है। इस अवधि में शावक प्रतिदिन 300 ग्राम वजन ग्रोथ कर रहे हैं। वहीं, प्रतिमाह वजन में 9 किलो की बढ़ोतरी हो रही है। पहले इनमें से एक का वजन 7 किलो 200 ग्राम था, जो अब बढ़कर 35 किलो हो गया है। यानी 90 दिन में 27 किलो की ग्रोथ हुई है। वहीं, दूसरा शावक 4 किलो 900 ग्राम से 26 किलो का हो चुका है। इसके वजन में 21 किलो की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p><strong>मां के बिना परवरिश कठिन  </strong><br />दोनों शावकों की उम्र कम होने व अपनी मां से दूर हो जाने की स्थिति में इनकी परवरिश करना कठिन कार्य था। क्योंकी, इस उम्र में इनका इम्यूनिटी सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते। ऐसे में इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है। फरवरी व मार्च माह इनके लिए चुनौतीपूर्ण था, जो सफलतापूर्वक गुजर गया। अभेड़ा में तीन महीने में शावकों ने कई उतार-चढ़ाव देखे।  वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अधिकारी सीसीटीवी कैमरों में देख शावकों के व्यवहार की जानकारी लेकर मौका स्थिति को परख रहे हैं। दोनों शावकों की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है।</p>
<p><strong>चमक के लिए दे रहे ओमेगा</strong><br />शावकों की डाइट में ओमेगा-6 व 3 सीरप को शामिल किया है। स्किन व बालों में चमक के लिए उन्हें भोजन के साथ ओमेगा सीरप दिया जा रहा है। जिससे उम्र के साथ-साथ शावकों की स्किन व बालों में शाइनिंग बढ़ती रहे। क्योंकि, बचपन से ही यह मां के साय से दूर हो गए, जिससे उनके शरीर में प्राकृतिक रूप से जो बदलाव व चमक आनी चाहिए थी वो नहीं आ पाई। </p>
<p><strong>दिन में आराम, रात को मस्ती  </strong><br />चिकित्सक गुलहाने ने बताया कि शावक दिनभर आराम और रात को मूवमेंट करते हैं। इस बीच दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते हैं। नाइट शेल्टर में उछल कूद करते हैं। अठखेळयां करते सीसीटीवी में नथ्जर आते हैं। इनके रहने की जगह की सफाई की जाती है। स्वास्थ्य व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। नाइट शेल्टर को विषाणुनाशक व जीवाणुनाशक औषधी से सेनेटाइज करवाते हैं।</p>
<p>बाघिन टी-114 के दोनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें वाइल्ड रखा जा रहा है। उनकी परवरिश में किसी तरह की कोई कमी नहीं रखी जा रही। स्टाफ 24 घंटे नियमित मॉनिटरिंग में लगा है। अभेड़ा में रहते हुए उन्हें तीन महीने हो चुके हैं और उनका वजन भी तेजी से ग्रोथ हो रहा है। गर्मी से बचाव के लिए नाइट शेल्टर में डक्टिंग चालू कर दी गई है। डाइट में भी इजाफा किया है। चिकित्सकों की टीम सीसीटीवी के माध्यम से शावकों की गतिविधियों पर बारिकी से नजर रख रही है, जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। <br /><strong>- सुनील गुप्ता, डीएफओ, वन्यजीव विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 May 2023 13:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स हरा, छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली से शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-green-the-stock-markets-growth-slowed-down-due-to-selling-in-small-and-medium-companies/article-12679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex5.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.42 अंकों की तेजी के साथ 51597.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 56.65 अंकों की बढ़त के साथ 15350.15 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में लिवाली से जहां सेंसेक्स को बढ़त हासिल करने में मदद मिली वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर बिकवाली की गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.95 प्रतिशत उतरकर 20999.37 अंक पर और स्मॉलकैप 2.95 प्रतिशत गिरकर 23422.16 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में कुल मिलाकर 3578 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2725 को नुकसान हुआ जबकि 689 बढ़त हासिल करने में सफल रही। इस दौरान 164 कंपनियां उतार चढ़ाव के बीच स्थिर रही।<br /><br />बीएसई में शामिल अधिकांश समूह लाल निशान में दिखे जिसमें धातु में सबसे अधिक 4.46 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह से तेल एवं गैस में 3.48 प्रतिशत, एनर्जी में 3.26 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स में 2.30 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स में 2.14 प्रतिशत की गिरावट रही। बीएसई में शामिल मात्र चार समूह ही बढ़त में रहा जिससे सेंसेक्स हरे निशान में रहा। इसमें एफएमसीजी 1.21 प्रतिशत, वित्त 0.32 प्रतिशत, सीडी 0.41 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.17 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />वैश्विक स्तर पर यूरोपीय बाजार में तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिश्रित रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.99 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इस दौरान जापान का निक्केई 0.74 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.04 प्रतिशत उतर गया। <br /><br />बीएसई का सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 51470.03 अंक पर खुला। शुरूआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने बढ़क को गंवाकर 51062.93 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन इसके बाद फिर से लिवाली शुरू हुयी। उतार चढ़ाव के बीच सत्र के अंतिम समय में यह लिवाली के बल पर 51714.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 51360.42 अंक की तुलना में 237.42 अंक अर्थात 0.46 प्रतिशत बढ़कर 51597.84 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 41अंकों की बढ़त के साथ 15334.50 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15191.10 अंक के निचले स्तर तक टूटा लेकिन लिवाली के बल पर यह 15382.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 15293.50 अंक की तुलना में 0.37 प्रतिशत अर्थात 56.65 अंक बढ़कर 15350.15 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 27 हरे निशान में और 23 लाल निशान में रही। <br /><br />सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 17 हरे निशान में और 13 लाल निशान में रही। बढ़त में रहने वालों में एचडीएफसी 3.97 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलवर 3.95 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 2.96 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.47 प्रतिशत, विप्रो 2.30 प्रतिशत, इंफोसिस 1.95 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 1.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.47 प्रतिशत, सन फार्मा 1.44 प्रतिशत, टाइटन 1.40 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, टीसीएस 0.78, कोटक बैंक 0.27प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.23 प्रतिशत और एचसीएलटेक 0.11 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />गिरावट में रहने वालों में टाटा स्टील 5.03 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 2.92 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.17 प्रतिशत, रिलायंस 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.56प्रतिशत, महिंद्रा 1.54प्रतिशत, स्टेट बैंक 1.53 प्रतिशत, एल टी 1.23 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.20 प्रतिशत , मारूति 0.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.39 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.38 प्रतिशत और एयरटेल 0.36 प्रतिशत शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 19:10:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पिछले 8 साल में धीमा पड़ा आर्थिक विकास, आर्थिक नीतियों पर पुनर्विचार हो: चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार को बढ़ती महंगाई को देखते हुए आर्थिक नीतियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--economic-growth-slowed-in-last-8-years--economic-policies-should-be-reconsidered--chidambaram/article-9734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nav.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की पिछले आठ वर्षों में धीमी आर्थिक विकास दर बड़ी चिंता का विषय है। मोदी सरकार आर्थिक नीतियों में पूरी तरह विफल साबित हुई है। केंद्र सरकार को बढ़ती महंगाई को देखते हुए आर्थिक नीतियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उदयपुर में कांग्रेस चिंतन शिविर में पहुंचे चिदंबरम ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उदारीकरण के 30 साल के बाद अब आर्थिक नीतियों को फिर से तय करने पर विचार किया जाए। वैश्विक और स्थानीय घटनाक्रमों के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है। मेरी इस मांग का यह मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस उदारीकरण से पीछे हट रही है, बल्कि उदारीकरण के बाद पार्टी आगे की ओर कदम बढ़ा रही है। आज भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।</p>
<p><br />चिदंबरम ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार के दौरान कई तरह की कठिनाइयां रही है। पिछले पांच महीनों के दौरान समय समय पर ताजा विकास दर का आकलन कम किया जाता रहा है। आज महंगाई जिस स्तर पर पहुंच गई है, वह जनता को स्वीकार नहीं है, क्योंकि यह आगे भी और बढ़ने की आशंका है। गैर भाजपा शासित राज्यों से केंद्र सरकार भेदभाव पूर्ण रवैया कर रही है। राज्यों को उनका जीएसटी हिस्से का पैसा नहीं दिया जा रहा, जिससे गैर भाजपा शासित राज्यों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। केंद्र और राज्यों के बीच के राजकोषीय संबंधों की समग्र समीक्षा की जानी चाहिए। भारत सरकार कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर महंगाई का ठीकरा नहीं फोड़ सकती। किसान विरोधी केंद्र सरकार पर्याप्त गेहूं खरीदने में विफल रही है। आज देश में बेरोजगारी बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। रुपया और डॉलर की कीमत में आए अंतर पर चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार 2014 में डॉलर के मुकाबले 40 रुपए लाने की बात करती थी लेकिन वह आज तक ऐसा नहीं कर पाए।</p>
<p>पूजा स्थल कानून- 1991 के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए: पी. चिदंबरम</p>
<p>कांग्रेस ने कहा है कि पूजा स्थल कानून- 1991 के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। बल्कि इसकी भावना को बनाए रखा जाना चाहिए। कानून का पालन सभी के हित में होगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने आज यहां एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व पीएम नरसिंह राव सरकार के कार्यकाल में यह कानून बनाया गया था। ऐसे में देश के सभी पूजा स्थालों की साल 1947 के पूर्व की स्थिति में बनाए रखा जाना चाहिए। असल में, चिदंबरम से वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद एवं आगरा के ताजमहल में प्रस्तावित सर्वे को लेकर सवाल किया गया था। जिस पर चिदंबरम ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज में ध्रुवीकरण करने का कोई मेल नहीं है। ध्रुवीकरण हमेशा राजनीतिक मकसद से किया जाता है। ऐसे में पूजा स्थल कानून- 1991 की भावना का ख्याल जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की कोशिश नहीं होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 12:51:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंडिया रेटिंग्स ने घटाया भारतीय आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान: जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आठ से घटाकर 7.2 प्रतिशत </title>
                                    <description><![CDATA[पहली मान्यता के अनुसार 2022-23 में आर्थिक वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि दूसरी परिस्थिति में रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि देश की आर्थिक वृद्धि घटकर 7.0 प्रतिशत रह सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/india-ratings-slashes-indian-economic-growth-forecast--gdp-growth-forecast-has-been-reduced-from-eight-to-7-2-percent/article-7036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/gdp.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न समस्यायों के बीच क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 7.0-7.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले मंगलवार को रेटिंग इजेंसी इकरा ने भारत के जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आठ से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया था। इंडिया रेटिंग्स ने दो तरह की परिस्थितियों को सामने रखकर अलग-अलग अनुमान लगाए हैं। <br /><br />इस एजेंसी की बुधवार को जारी रिपोर्ट में एक अनुमान तेल के दामों के तीन माह तक ऊंचा रहने और दूसरे में छह माह तक ऊंचा रहने की मान्यता के आधार पर है। पहली मान्यता के अनुसार 2022-23 में आर्थिक वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि दूसरी परिस्थिति में रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि देश की आर्थिक वृद्धि घटकर 7.0 प्रतिशत रह सकती है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों परिस्थितियों में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार दीर्घकालीन प्रवृति की संभावनाओं की तुलना में क्रमश: 10.6 प्रतिशत और 10.8 प्रतिशत कम रहेगा। <br /><br />इंडिया रेटिंग के प्रधान अर्थशास्त्री और निदेशक (लोक वित्त) सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि निजी पूर्ण उपभोग व्यय (पीएफसीसी) के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में उपभोग की मांग धीमी रही। यद्यपि वर्ष के दौरान त्योहारी सीजन में कुछ चुनिंदा टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में तेजी देखी गयी। उन्होंने कहा,'' उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के उपभोक्ता आत्मविश्वास सर्वेक्षण के जनवरी 2022 के चक्र में वर्तमान स्थिति सूचकांक में हल्का सुधार दिखा, लेकिन अब भी यह निराशा के क्षेत्र में बना हुआ है। जनवरी 2022 में कोविड-19 के संक्रमण के फिर बढऩे से प्रत्याशा सूचकांक में भी नरमी आयी।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 18:42:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>2021 में मोबाइल ब्रॉडबैंड डेटा में सबसे अधिक वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[भारत को 2025 तक एक लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में 5जी एक अहम भूमिका अदा कर सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/highest-growth-in-mobile-broadband-data-in-2021/article-6204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/broadband.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  देश में 2021 में मोबाइल ब्रॉडबैैंड उपभोक्ताओं की संख्या के 34/5 करोड़ से बढ़कर 76/5 करोड़ पर पहुंचने से 4 जी मोबाइल डेटा उपयोग में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और भारत को 2025 तक एक लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में 5जी एक अहम भूमिका अदा कर सकता है। नोकिया वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक रिपोर्ट 2022 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में साल दर साल 53 प्रतिशत की वृद्धि दर से भारत विश्व में सबसे अधिक डेटा उपयोग करने वाले देशों में से एक बन गया है। डेटा यूजरों की बढ़ती संख्या और प्रति यूजर उपभोग से इस देश को डिजिटल इंडिया का विजन साकार करने की दिशा में आगे बढऩे में मदद मिल रही है।<br /><br />इसमें कहा गया है कि वर्ष 2021 में डेटा ट्रैफिक 31 प्रतिशत तक बढ़ा जिसमें औसत मोबाइल डेटा खपत प्रति यूजर 17 जीबी प्रति माह पहुंच गया। भारत के बढ़ते 4जी नेटवर्क ने 2021 में लगभग सभी मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक को संभाला। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में 4 करोड़ से अधिक उपभोक्ता जोड़े गए या 4 जी सेवाओं में अपग्रेड किए गए।डिजिटलीकरण के निरंतर बढ़ते रहने से यह संख्या आगे और बढ़ेगी। पहले की तुलना में महानगरों में ट्रैफिक उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।  <br /><br />4 जी सामथ्र्य वाले उपकरणों के बढऩे से 4जी उपभोक्ताओं और डेटा की खपत में वृद्धि को बल मिल रहा है। भारत में 2021 में 3 करोड़ 5जी उपकरणों सहित 16 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन की बिक्री दर्ज की गई है जो अबतक की सबसे अधिक बिक्री है। 4 जी सामथ्र्यवाले एक्टिव उपकरण 80 प्रतिशत से अधिक हैं, जबकि 5जी सामथ्र्य वाले उपकरणों की संख्या एक करोड़ का स्तर पार की गई है। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2025 तक यूजर एडाप्शन बढ़कर स्मार्टफोन यूजर आधार के 60-75 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों के स्मार्टफोन अपनाने से ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल ब्रॉडबैंड और वीडियो कंटेंट की व्यापक खपत होगी।<br /><br />रिपोर्ट का अनुमान है कि 5जी सेवाओं से राजस्व पांच वर्षों में 164 प्रतिशत की दर से बढऩे की संभावना है। यह 5जी के वैश्विक उपभोग के मुताबिक है। इस प्रौद्योगिकी के 2030 तक 1 प्रतिशत तक की वैश्विक जीडीपी या राजस्व में एक लाख 30 हजार लाख करोड़ डॉलर का योगदान करने की संभावना है और यह स्वास्थ्य, जनोपयोगी सेवाओं, अगली पीढ़ी के मीडिया एप्लीकेशंस, विनिर्माण और स्मार्टसिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के अनूठे मामलों से संचालित होगा।<br /><br />रिपोर्ट के अनुसार भारत में डिजिटल विज्ञापन बाजार में लघु वीडियो सेगमेंट 20 प्रतिशत योगदान कर सकता है और इसके 2030 के अंत तक 25-30 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। भारतीय जेन जेड प्रतिदिन ऑनलाइन पर औसतन 8 घंटे खर्च करता है। भारत में 90 प्रतिशत इंटरनेट यूजर अपनी स्थानीय भाषा में कंटेंट का उपभोग करना पसंद करता है। भारत में 5 जी उपयोग के मामलों में नवप्रवर्तन, डिजिटलीकरण का दबदबा होगा और मोबाइल ब्रॉडबैंड की पैठ 80 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है जिसमें औसत उपयोग 40 जीबी हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Mar 2022 18:17:46 +0530</pubDate>
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