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                <title>Dengue - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रोज 720 टीमें कर रही सर्वे, नहीं दिख रहा असर, पनप रहे मच्छर </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के  खाली प्लॉट, पार्क के फव्वारों व ब्लैक स्पोट में पनप रहे मच्छर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/720-teams-are-conducting-surveys-every-day--no-effect-is-visible--mosquitoes-are-breeding/article-119819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/882roer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मानसून पूर्व  मलेरिया डेंगू, स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए जो कमर कसी थी उसकी पेटी अब खुल गई है। बारिश पूर्व विभाग ने खाली प्लॉट, गड्ढो की जो कवायद की थी वो पूरी नहीं होने से शहर में कई जगह बारिश का पानी जमा हो गया उसमें अब मच्छर पनप रहे जिससे लोग अब इसकी चपेट में आना शुरू हो गए है। विभाग की ओर से  व्यापक प्रचार प्रसार और सर्वे के बावजूद भी लोग डेंगू की चपेट में आ रहे है।  उल्लेखनीय है कि  इस बार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने घरों में सर्वे करने के साथ ही गली मोहल्लों के गड्ढो जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है उनको चिहिंत करने का काम शुरू किया है।  लेकिन वो पूरी तरह मूर्तरूप नहीं ले सका। शहर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 720 टीमें प्रतिदिन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर मौसमी बीमारियों का तो सर्वे लेकिन उसका असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। </p>
<p><strong>शहर में मच्छरों की उत्पत्ति के 50 से अधिक ब्लैक स्पॉट </strong><br />मानूसन जल्दी सक्रिय होने से विभाग को गड्ढे भरने का समय ही नहीं मिला जिससे शहर में करीब 50 से अधिक ऐस ब्लैक स्पॉट है जहां डेंगू मलेरिया के मच्छर पनप रहे है। एमबीएस अस्पताल के पीछे बने क्वॉटर पीछे पानी का तालाब बना हुआ है। वहीं शहर के विभिन्न कॉलोनियों में भी खाली प्लाट व गड्ढों में पानी जमा हो रहा है। शहर के विभिन्न पार्क में बने जलाशय और फव्वारों जमा पानी में मच्छर पनप रहे है।  इस बार  डेंगू, मलेरिया के मरीज बढ़ने  की संभावनों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कागजों में तो अलर्ट मोड पर चल रहा है।  लेकिन वास्तव में शहर में तेजी से मच्छर पनप रहे है। प्रतिदिन 12 हजार से अधिक घरों का सर्वे कर एंटी लार्वा गतिविधियां की जा रही है। उसके बावजूद मच्छर का आंतक बढ़ रहा है।  कोटा शहर में करीब 50 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिहिंत किए  जहां सबसे ज्यादा मच्छर पनपते है। कोटा में पिछले साल कोटा में डेंगू काफी फैला था जिसके कारण कई लोगों की जान पर बन आई थी। इस बार इसके फैलाव से पहले विभाग इसकी रोकथाम में जुटा है।  </p>
<p><strong> जगह जगह गड्ढों में  पनप रहे लार्वा</strong><br />शहर में जगह जगह बने गड्ढो खाली प्लाट में बारिश का पानी जमा होने से मच्छर तेजी से पनप रहे है। वहीं नालों व नदियों की सफाई बेहतर तरीके से नहीं हुई जिसके कारण मच्छरों के लार्वा इनमें पनप रहे है। चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग की टीमे घरों का तो सर्वे कर कूलर, परिडों में एंटी लार्वा गतिविधियां कर रही है लेकिन शहर में कई ऐसे स्थान है जहां जहां मच्छरों का अड्डा बना हुआ है।   पिछले साल महावीर नगर, विज्ञान नगर, नया कोटा में डेंगू बेलगाम हो गया था। नगर निगम को नालों की सफाई कराकर यहां एंटी लार्वा गतिविधियां करानी चाहिए। नदी- नालों की सफाई के नाम कचरा निकालकर ढेर बना दिया जाता है।  वहां से संबंधित कचरे को हटाया नहीं जाता।  जिसकी वजह से मच्छरों के पनपने के अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई। <br /><strong>-अजय पानेरी, विज्ञान नगर </strong></p>
<p><strong>इन इलाकों में सबसे ज्यादा आए डेंगू के मरीज</strong><br />पिछले साल मच्छर जनित बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज जवाहर नगर, इंद्रा विहार, तलवंडी सेक्टर ए ,सी,एसएफएस सहित महावीर नगर सैकंड से आए। इसके अलावा अनंतपुरा,भीमगंजमंडी, नयागांव,रंगबाड़ी, महावीर नगर,केशवपुरा  पुरोहित जी की टापरी, डीसीएम, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी, बोरखेड़ा, नयापुरा, स्टेशन, काला तालाब, डकनिया, शॉपिंग सेंटर,छावनी, कुन्हाडी, नांता सहित करीब 50 से अधिक ब्लैक स्टॉप है यहां अधिक मच्छर के लार्वा पनप रहे है। इन इलाकों से पिछले साल ज्यादा लोग बीमार हुए थे। <br /><strong>-रामनारायण गुर्जर, निवासी नांता</strong></p>
<p><strong>मलेरिया और डेंगू के लक्षण</strong><br /><strong>डॉ. संजय शायर ने बताया</strong> कि  मलेरिया में सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना है। उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतरने के बाद पसीना निकलना, कमजोरी होना आदि मलेरिया के लक्षण है। वहीं, डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने, चकत्ते पड़ जाना, खून की उल्टी, पेशाब और मल में खून आना, अत्याधिक घबराहट होना आदि डेंगू के लक्षण हैं।</p>
<p><strong>पानी भराव स्थानों कोकर रहे चिंहित </strong><br />शहर में रोज टीमें घरों में कूलर पानी टंकी में पनपने वाले लार्वा को नष्ट करा रही है।  साथ प्रतिदिन 720 टीमें 12 हजार घरों के साथ ही मोहल्लों में बारिश के दौरान पानी जमा होने वाले खाली प्लाट, गड्ढों को चिंहित कर उन्हें भरवाया जा रहा है। जिससे डेंगू के लार्वा नहीं पनपे। इस लार्वा मिलने पर लोगों नोटिस भी दिए जा रहे है। <strong>-डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओं</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:58:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मंकीपॉक्स से लेकर जीका वायरस तक, साल 2024 में इन बीमारियों ने फैलाई दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[2024 में दुनिया ने कई गंभीर बीमारियों का सामना किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/from-monkeypox-to-zika-virus-these-diseases-spread-panic-in/article-99072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/555456.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। साल 2024 का आखिरी महीना चल रहा है। कुछ ही दिनों में दुनिया नए साल का स्वागत करेगी। अब जब साल 2024 के आखिरी कुछ दिन बचे हैं, तब वक्त है इस साल की घटनाओं और स्वास्थ्य संकटों पर नजर डालने का है। 2024 में दुनिया ने कई गंभीर बीमारियों का सामना किया। इन बीमारियों ने ना केवल लाखों लोगों को प्रभावित किया, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव भी डाला है। </p>
<p><strong>मंकीपॉक्स :</strong></p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 12 जून, 2024 तक दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 97,281 मामले दर्ज किए गए थे। इतना ही नहीं, दुनिया में मंकीपॉक्स के कारण 208 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी भी घोषित किया था। अफ्रीका के कई देशों को अपनी चपेट में लेने के बाद यह बीमारी यूरोप और एशिया तक फैल गई थी। </p>
<p><strong>डेंगू :</strong></p>
<p>2024 में डेंगू बुखार ने एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित किया। एशियाई देशों में होने वाली बारिश के कारण डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 30 अप्रैल 2024 तक 7.6 मिलियन से अधिक डेंगू के मामले दर्ज किए गए थे। साल 2024 में डेंगू की वजह से 3000 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।</p>
<p><strong>कोविड-19 का एक्सबीबी वेरिएंट :</strong></p>
<p>2024 में कोरोना वायरस का कहर एक एक बार फिर देखने को मिला। इस साल कोरोना के नए वेरिएंट एक्सबीबी ने दुनिया भर में तबाही मचाई। कोविड-19 का एक्सबीबी वेरिएंट ने ना सिर्फ वैक्सीन की प्रभावशीलता को कम किया है, बल्कि कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। कोरोना का यह वेरिएंट तेजी से फैलने वाला था और बच्चों व बुजुर्गों पर अधिक प्रभाव डाल रहा था।</p>
<p><strong>निपाह वायरस :</strong></p>
<p>भारत के दक्षिणी राज्य केरल में 2024 में निपाह वायरस का प्रकोप देखने को मिला। निपाह वायरस चमगादड़ों और सूअरों से फैलता है। कोरोना की तरह की निपाह भी एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है। निपाह वायरस की चपेट में आने से केरल में कई लोगों की मौत हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 12:23:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डरा रहा डेंगू का डंक, 12 हजार 300 से ज्यादा केस अब तक आए, अब स्वाइन फ्लू का भी खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में इस साल एक जनवरी से अब तक मौसमी बीमारियां काफी हावी रहीं हैं। इनमें डेंगू प्रदेश में सबसे ज्यादा हावी रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-sting-of-dengue-is-scaring-more-than-12-thousand/article-97277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(23).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इस साल एक जनवरी से अब तक मौसमी बीमारियां काफी हावी रहीं हैं। इनमें डेंगू प्रदेश में सबसे ज्यादा हावी रहा है। इसके साथ ही स्क्रब टायफस, स्वाइन फ्लू, मलेरिया जैसी बीमारियों ने भी आमजन को खासा परेशान किया है। डेंगू के प्रदेश भर में अब तक 12 हजार 332 पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं। इसका ज्यादा असर जयपुर जिले में देखने को मिला है। जयपुर जिले में इस साल अब तक 2065 केस डेंगू के दर्ज हो चुके हैं जो प्रदेश में किसी भी जिले में सबसे ज्यादा हैं। इनमें 1314 मरीज जयपुर शहर और 751 डेंगू पॉजीटिव जयपुर ग्रामीण में दर्ज हुए हैं। वहीं चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में डेंगू से अब तक प्रदेश में चार ही मौत दर्ज हैं, जबकि इससे कहीं ज्यादा मौतें तो अकेले जयपुर जिले में हो चुकी हैं जो विभाग के रिकॉर्ड में कहीं नही हैं। जयपुर में भी मात्र एक ही मौत विभाग के आंकड़ों में दर्शाई गई है। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं आंकड़े</strong><br />चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 12332 पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं और चार मौतें हुई हैं। डेंगू के बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रकोप स्क्रब टायफस का देखने को मिला है। स्क्रब टायफस के अब तक 3396 मरीज मिल चुके हैं और 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मलेरिया के 2147 केस और एक मौत, चिकनगुनिया के 1140 पॉजीटिव मिले हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 598 पॉजिटव उदयपुर में, दूसरे नंबर पर जयपुर है जहां 503 पॉजीटिव मिले हैं। वहीं मलेरिया के सबसे ज्यादा 450 केस उदयपुर में और चिकनगुनिया के भी सबसे ज्यादा 276 केस उदयपुर में ही दर्ज हुए हैं। </p>
<p><strong>अब स्वाइन फ्लू का भी रहेगा खतरा</strong></p>
<p>तेज ठंड में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के कारण फैलने वाला यह रोग सर्दियों में ज्यादा फैलता है। ऐसे में अब मौसमी बीमारियों के बीच स्वाइन फ्लू भी आमजन को परेशान कर सकता है। वहीं चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्वाइन फ्लू के अब तक प्रदेश में 1148 पॉजीटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 591 जयपुर में दर्ज हुए हैं। स्वाइन फ्लू से मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 242 पॉजिटव उदयपुर में, मलेरिया के 251 केस बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 21 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। </p>
<p>इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। तेज ठंड का असर है और ऐसे में आमजन को सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार के साथ ही डेंगू जैसी बीमारियां भी अपना असर दिखा रही है। ऐसे में एहतियात बरतें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें। <br /><strong>-डॉ. श्याम सुदंर, सीनियर फिजिशियन, जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 10:37:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उदयपुर की डीआईजी स्टॉम्प्स की डेंगू से मौत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में डेंगू से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। एक जनवरी से अब तक प्रदेश में 5301 डेंगू पॉजिटिव मरीज चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज हो चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-dig-stomps-dies-of-dengue/article-92397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। उदयपुर की आरएएस ऑफिसर तरु सुराणा (42) की डेंगू से मौत हो गई। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर चेन्नई ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्तमान में वे पंजीयन और मुद्रांक विभाग में उप महा निरीक्षक के पद पर कार्यरत थीं।</p>
<p>उनके भाई शुभव ने बताया कि 6 सितंबर को उन्हें तेज बुखार आना शुरू हुआ था। 4 दिन उन्होंने घर पर ही इलाज लिया। 11 सितंबर को जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो शहर के ही गीतांजलि हॉस्पिटल में चेकअप कराया। यहां जांच में पता चला कि उन्हें डेंगू है। इसके बाद 13 सितंबर को गीतांजलि हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। उनकी प्लेटलेट्स नहीं गिरी थी, लेकिन बुखार लगातार बना हुआ था।</p>
<p>जब तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो चेन्नई के एमजीएम हॉस्पिटल के डॉक्टर्स से सम्पर्क किया। 18 सितंबर को एमजीएम हॉस्पिटल की टीम गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंची और उसी दिन उन्हें एयर लिफ्ट कर चेन्नई ले गए थे।</p>
<p><strong>2012 में आरएएस बनी</strong><br />तरु सुराणा सन्-2012 में आरएएस बनी, वे राजसमंद में सहायक कलक्टर, राजसमंद के आमेट में एसडीएम, बांसवाड़ा के गढ़ी में एसडीएम, राजसमंद के रेलमगरा में एसडीएम, उदयपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग में डिप्टी डायरेक्टर, यूआईटी उदयपुर में एलएओ, आरएसएमएम उदयपुर में सीनियर मैनेजर और टीआरआई उदयपुर में डायरेक्टर के पद पर रह चुकी हैं। </p>
<p><strong>प्रदेश में डरा रहा डेंगू, अब तक 5300 से ज्यादा मरीज मिले पॉजिटिव</strong><br />राजस्थान में डेंगू से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। एक जनवरी से अब तक प्रदेश में 5301 डेंगू पॉजिटिव मरीज चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज हो चुके हैं। दस दिनों में एक हजार से ज्यादा डेंगू पॉजिटिव मरीज इन दस दिनों में सामने आए हैं। वहीं उदयपुर में आरएएस अफसर की डेंगू से मौत हो गई। इससे पहले चूरू में डेंगू पॉजिटिव महिला की एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले पाली में एक बिजनेसमैन, कोटा में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की स्टूडेंट, दौसा में सरकारी डॉक्टर, जयपुर में पांच वर्ष की बच्ची की निजी अस्पताल में और बांसवाड़ा में 37 वर्षीय युवक डेंगू के कारण दम तोड़ चुका है। हालांकि चिकित्सा विभाग के अधिकारिक आंकड़ों में डेंगू से अब तक सिर्फ दो ही मौतें दर्ज की गई है। इनमें एक कोटा और एक जयपुर ग्रामीण में हुई है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Oct 2024 11:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश थमी, मौसमी बीमारियों का खतरा : मलेरिया-डेंगू, स्क्रब टायफस जैसी बीमारियां होने लगी हावी</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rain-stopped-threat-of-seasonal-diseases-diseases-like-malaria-dengue/article-90704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इन दिनों मानसून का सीजन है, हालांकि कुछ दिनों से मानसून थम गया है और धूप खिली हुई है। ऐसे में अब मौसम में फिर से गर्मी का असर बढ़ गया है। ऐसे में बारिश के बाद मौसमी बीमारियों आमजन पर हावी हो जाती हैं और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा अब बढ़ गया है। बार-बार बदल रहे मौसम के चलते लोग काफी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया के केस तेजी से बढ़ते हैं। </p>
<p>ग्रामीण इलाकों में स्क्रब टायफस के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इस बीच जयपुर में डेंगू अपने पैर तेजी से पसार रहा है। जयपुर जिले में इस साल अब तक 472 केस डेंगू के दर्ज हो चुके हैं। जो कि प्रदेश में किसी भी जिले में सबसे ज्यादा हैं। इनमें 236 जयपुर शहर और 236 जयपुर ग्रामीण में दर्ज हुए हैं। वहीं स्क्रब टायफस के जयपुर में 215 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि चिकित्सा विभाग ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए एंटीलार्वा गतिविधियां शुरू करने का दावा किया है, लेकिन हकीकत में मौसमी बीमारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है।</p>
<p><strong>स्वाइन फ्लू के 1085 केस पॉजीटिव मिले, 12 की मौत, जयपुर में सबसे ज्यादा 559 रोगी</strong><br /><strong>स्क्रब टायफस और डेंगू ने बढ़ाई चिंता</strong><br />चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं। डेंगू के बाद प्रदेश में इन दिनों सबसे ज्यादा प्रकोप स्क्रब टायफस का देखने को मिल रहा है। स्क्रब टायफस के अब तक 1366 मरीज मिल चुके हैं। वहीं मलेरिया के 872, चिकनगुनिया के 113 पॉजीटिव मिले हैं। इन बीमारियों से इस साल अब तक कोई मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं है। स्वाइन फ्लू के अब तक 1085 पॉजीटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 528 जयपुर में दर्ज हुए हैं। स्वाइन फ्लू से मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 242 पॉजीटिव उदयपुर में, मलेरिया के 251 केस बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 21 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Sep 2024 09:37:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश में मच्छरों का प्रकोप, मलेरिया डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[एक जनवरी से अब तक डेंगू के 1451, मलेरिया 604, चिकनगुनिया 95 और स्क्रब टायफस के 511 रोगी मिले, स्वाइन फ्लू के 1026 केस पॉजिटिव मिले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mosquito-outbreak-in-rain-increases-the-risk-of-malaria-dengue/article-88448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इन दिनों मानसून का सीजन है। हाल ही में राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर कई दिनों तक लगातार जारी रहा। हालांकि बीते करीब एक सप्ताह से बारिश का दौर कम हो गया है और धूप भी खिलने लगी है। ऐसे में बारिश के दौरान हुए गड्ढ़ों और नालों में भरे पानी में अब खतरनाक मच्छर पनपने लगे हैं। धूप खिलने और मौसम खुलने के साथ ही ये मच्छर अब हर घर में परेशानी का सबब बन गए हैं।</p>
<p>इन मच्छरों से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बार-बार बदल रहे मौसम के चलते लोग काफी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के सीजन में मच्छरों से बचाव करके ही इन बीमारियों से बचा जा सकता है।</p>
<p><strong>तेजी से फैल रहा डेंगू, सरकारी आंकड़ों में मौतें नहीं</strong></p>
<p>चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से 22 अगस्त 2024 तक डेंगू के 1451 पॉजिटिव मरीज मिले चुके हैं। मलेरिया के 604, चिकनगुनिया के 95 और स्क्रब टायफस के 551 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इन बीमारियों से इस साल अब तक कोई मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं है। स्वाइन फ्लू के अब तक 1026 पॉजिटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 528 जयपुर में दर्ज हुए हैं लेकिन मौत एक भी दर्ज नहीं है। जबकि मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 120 पॉजिटव उदयपुर में, डेंगू के सबसे ज्यादा 218 बीकानेर में, मलेरिया के 151 बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 18 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। </p>
<p><strong>स्वाइन फ्लू से किस जिले में कितनी मौतें</strong></p>
<p>जिला            मौतें</p>
<p>उदयपुर         4<br />भीलवाड़ा       3<br />कोटा            2<br />बीकानेर        2<br />चित्तौड़गढ़     1</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:19:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मौसमी बीमारियों की नियमित रूप से करें मॉनिटरिंग : शुभ्रा सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[डेंगू पॉजिटिव केसों के संबंध में निरन्तर फीडबैक लेने, मेडिकल कॉलेज एवं अन्य जांच केन्द्रों से प्रतिदिन डेंगू रोगियों की पूरी सूचना प्राप्त करने तथा नियमित रूप से इनकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/regular-monitoring-of-seasonal-diseases-instructions-to-be-extra-cautious/article-78715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/shubhra-singh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह ने मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया आदि से बचाव एवं नियंत्रण हेतु विभिन्न गतिविधियां नियमित रूप से करने एवं इनकी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। बीकानेर जोन में विगत कुछ समय में बढ़ते डेंगू के मामलों के दृष्टिगत अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p>निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि बीकानेर जोन की राज्य स्तर से नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही राज्य स्तर की टीम ने भी वहां दौरा कर मौसमी बीमारियों से बचाव संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों में सुधार के लिए बीकानेर के संयुक्त निदेशक जोन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिले में डेंगू प्रभावित इलाकों की विजिट कर सभी आवश्यक कदम उठाने एवं अन्तर्विभागीय प्रकरणों का जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाली साप्ताहिक बैठक में निस्तारण करने एवं नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p>डॉ. माथुर ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु की जा रही गतिविधियों में सुधार के लिए फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण करवाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। साथ ही, डेंगू पॉजिटिव केसों के संबंध में निरन्तर फीडबैक लेने, मेडिकल कॉलेज एवं अन्य जांच केन्द्रों से प्रतिदिन डेंगू रोगियों की पूरी सूचना प्राप्त करने तथा नियमित रूप से इनकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 May 2024 19:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan में डेंगू के मामले बढ़े, इस साल चिकनगुनिया-मलेरिया से भी आगे</title>
                                    <description><![CDATA[एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू, गंभीर स्थितियों में प्लेटलेट्स काउंट्स ज्यादा गिरने से हो सकती है मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dengue-cases-increased-in-rajasthan-this-year-ahead-of-chikungunya/article-78161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/dengue-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डेंगू के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। गंभीर स्थितियों में डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू के जोखिमों और बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है। डेंगू का वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता हैं। इनमें ए. एजिप्टी और ए. एल्बोपिक्टस मच्छर प्रमुख हैं। ये मच्छर जीका, चिकनगुनिया और अन्य वायरस भी फैलाते हैं। डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक सक्रिय होते हैं। इसके काटने से तेज बुखार, शरीर-मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी-दस्त और कुछ गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग के कारण शौच के साथ खून आने की समस्या हो सकती है। गंभीर स्थिति में ब्लड प्लेटलेट्स काफी तेजी से कम होने लगते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।</p>
<p><strong>प्रदेश में अब तक 814 केस सामने आए, बीकानेर में सबसे ज्यादा 160 </strong><br />प्रदेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल एक जनवरी, 2024 से लेकर 15 मई, 2024 तक डेंगू के 814 केस पॉजिटिव मिल चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि एक भी व्यक्ति की मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में रिपोर्टेड नहीं है। वहीं पॉजिटिव मामलों की बात करें तो सबसे ज्यादा बीकानेर में 160 केस अब तक सामने आए हैं। इसके बाद 107 केस जयपुर ग्रामीण में और जयपुर शहर में 55 केस मिले हैं।</p>
<p><strong>डेंगू के प्रकोप से ऐसे बचें</strong><br />घरों में मच्छरों को पनपने न दें, पानी एकत्रित न होने दें। अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। मच्छरों से बचें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव कराएं, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। डेंगू के लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:56:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राजील में डेंगू का बढ़ता प्रकोप, पिछले चार माह में 40 लाख से अधिक मामले</title>
                                    <description><![CDATA[लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील में इस साल पिछले चार महीनों में डेंगू के 40 लाख से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/dengue-outbreak-increasing-in-brazil-more-than-40-lakh-cases/article-76309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/dengue.jpg" alt=""></a><br /><p>साओ पाउलो । लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील में इस साल पिछले चार महीनों में डेंगू के 40 लाख से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं।देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार ब्राजील में गत जनवरी से अप्रैल की अवधि में डेंगू के 41 लाख 27 हजार 571 मामले सामने आये। पिछले साल इसी अवधि में 9 ,02,174 मामले दर्ज किये गये थे। </p>
<p>मंत्रालय के अनुसार पिछले चार माह में डेंगू के संक्रमण से 1,937 मौतें हुयी हैं। इसके अलावा 2,345 संदिग्ध मौतों के मामलों की जांच जारी है , जिसको लेकर अनुमान जताया जा रहा है कि यह भी डेंगू के कारण हो सकते हैं।सिटी हॉल की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े शहर साओ पाउलो में डेंगू से प्रत्येक घर का एक न एक सदस्य ग्रसित है।मंत्रालय के अनुसार इस साल मामलों में वृद्धि जलवायु परिवर्तन और डेंगू वायरस के कई सीरोटाइप के प्रसार जैसे कारकों से संबंधित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 15:05:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>चिली में डेंगू के 135 मामले दर्ज, पीड़ित दूसरे देशों की यात्रा के दौरान हुए संक्रमित </title>
                                    <description><![CDATA[गार्सिया ने बताया कि चिली में स्थानीय स्तर पर डेंगू संक्रमण का कोई मामला नहीं है तथा इससे पीड़ति सभी लोग दूसरे देशों की यात्रा के दौरान संक्रमित हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/135-cases-of-dengue-recorded-in-chile-victims-infected-while/article-75219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/dengue.png" alt=""></a><br /><p>सैंटियागो। लैटिन अमेरिकी देश चिली में अब तक डेंगू के 135 मामले दर्ज किए गए और सभी पीड़ित दूसरे देशों की यात्रा के दौरान संक्रमित हुए है। स्वास्थ्य मंत्रालय के महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख क्रिश्चियन गार्सिया ने यह जानकारी दी। गार्सिया ने बताया कि चिली में स्थानीय स्तर पर डेंगू संक्रमण का कोई मामला नहीं है तथा इससे पीड़ति सभी लोग दूसरे देशों की यात्रा के दौरान संक्रमित हुए हैं। </p>
<p>चिली में 2023 में 90 मामले दर्ज किए गए थे और इस साल अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 135 हो गया है। पिछले साल से सात क्षेत्रों में डेंगू के लिये स्वास्थ्य चेतावनी लागू है। स्वास्थ्य मंत्री जिमेना एगुइलेरा ने कहा कि डेंगू स्पर्शोन्मुख हो सकता है, लेकिन जिन लोगों में लक्षण होते हैं उन्हें सामान्य रूप से बुखार और सामान्य तकलीफें  होती हैं तथा मांसपेशियों में काफी तीव्र दर्द होता है।         </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Apr 2024 14:37:02 +0530</pubDate>
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                <title>वियतनाम में डेंगू के 99 हजार मामले किए दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[यहां प्रति सप्ताह लगभग 2,500-2,600 मामले सामने आए हैं, जो सितंबर के पहले सप्ताह की तुलना में 1.5 गुना की वृद्धि है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/99-thousand-cases-of-dengue-registered-in-vietnam/article-59840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/dengue.png" alt=""></a><br /><p>हनोई। वियतनाम में इस साल की शुरुआत से अब तक डेंगू के 99,639 मामले सामने आए हैं और 27 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक पिछले सप्ताह की तुलना में पिछले सप्ताह डेंगू के नए मामलों की संख्या में कमी आई है, लेकिन हनोई में संक्रमण संख्या में गिरावट का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। सितंबर के अंत से हनोई में संक्रमण दर तेजी से बढ़ी है। यहां प्रति सप्ताह लगभग 2,500-2,600 मामले सामने आए हैं, जो सितंबर के पहले सप्ताह की तुलना में 1.5 गुना की वृद्धि है।</p>
<p>इस साल डेंगू के 20,548 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में तीन गुना अधिक है। देश में डेंगू के मामलों की संख्या में कमी आई है, जबकि हनोई के उत्तर में जटिल मौसम के कारण वृद्धि देखी गई है। वियतनाम समाचार एजेंसी ने चिकित्सा विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि बारिश के बाद लंबे समय तक गर्मी ने मच्छरों से फैलने वाली बीमारी में वृद्ध कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Oct 2023 11:57:26 +0530</pubDate>
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                <title>डेंगू के कहर के बीच डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का टोटा</title>
                                    <description><![CDATA[हिंडोली अस्पताल में 10 डॉक्टर और 15 नर्सिंग स्टाफ की कमी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/shortage-of-doctors-and-nursing-staff-amid-dengue-havoc/article-58270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/डेंगू.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। हिंडोली में मौसमी बिमारियों का प्रकोप है। ऐसे में डेंगू लगातार पैर पसार रहा है। हैरत की बात है कि ऐसी हालत में अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की कमी है। जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी के चलते डेंगू के मरीजों को बूंदी अस्पताल रेफर किया जा रहा है। स्टाफ की समस्या के चलते बुधवार को भी तीन डेंगू के मरीजों को बूंदी कर दिया गया। हिंडोली अस्पताल में 10 डॉक्टर और 15 नर्सिंग स्टाफ की कमी है।</p>
<p><strong>रोज पांच सौ से अधिक की ओपीडी</strong><br />एक महीना से अधिक का समय हो गया है कि रोज पांच सौ से अधिक रोगी हिंडोली अस्पताल में पहुंच रहे है। जिसमें से 20 से 25 रोगी डेंगू के आ रहे है। जिसमे अधिकतर की मरीज की प्लेटरेट कम होती जा रही है। ऐसे में हिंडोली अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की कमी होने से डेंगू रोगियों को बूंदी रेफर करने के आलावा कोई चारा नहीं है क्यों कि इतना स्टाफ हीं नहीं है। बरसात की कमी के साइड इफेक्ट आने शुरू हो गए। इस समय मौसमी बीमारियों का अंतिम समय रहता था लेकिन अब मौसमी बीमारियों ने गति पकड़ ली है। डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे है। इस का कारण बरसात पर्याप्त नहीं होने से डेंगू मच्छर का लार्वा बिखरा पड़ा है।</p>
<p><strong>50 बेड का अस्पताल लेकिन स्टाफ 30 बेड का</strong><br />हिंडोली अस्पताल में 30 बेड का ही स्टाफ है। पांच कंपाउंडर हैं। एक नर्स ग्रेड फर्स्ट एक दो संविदा पर है। स्टाफ की कमी है। गौरतलब है कि हिंडोली अस्पताल को 30 के बजाय 50 बेड का कर दिया गया है। लेकिन अब तक स्टाफ नहीं बढाया गया। राज्य सरकार ने हिंडोली सामुदायिक चिकित्सालय को 30 बेड  से बढ़ाकर 50 बेड का करने के आदेश जारी किए थे। खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना ने 13 जुलाई को इसका उद्घाटन भी कर दिया था  लेकिन अस्पताल में व्यवस्था तो पूरी है परंतु स्टाफ की कमी है। स्टाफ की कमी के चलते 30 बेड का अस्पताल ही चल रहा है। मौसमी बीमारी के चलते मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने के कारण चिकित्सकों के पास मरीजों को बूंदी रेफर करने के अलावा कोई चारा बचता नही है। </p>
<p><strong>10 डॉक्टर और 15 नर्सिंग कर्मचारी की आवश्यकता</strong><br />वर्तमान समय में हिंडोली चिकित्सालय में दो महिला चिकित्सक, चार पुरुष चिकित्सक, एक दंत रोग चिकित्सा है जबकि सर्जन व फिजिशियन के पद रिक्त है। जबकि वर्तमान समय में केवल पांच नर्सिंग कर्मचारी है जिसमें दो तो संविदा के कर्मचारी है। 50 बेड का चिकित्सालय होने पर भी कम से कम 10 चिकित्सा और 15 नर्सिंग कर्मचारी की आवश्यकता है। मनोहर सुवलका ने बताया कि सिंघाड़ी गांव निवासी कमलेश वर्मा अपनी पुत्री मीना वर्मा पुत्रवधू को लेकर हिंडोली चिकित्सालय आया था। उसकी पुत्री डेंगू रोग से ग्रस्त मिली और उसकी प्लेट रेट कम होती जा रही थी। हिंडोली चिकित्सकों ने उसे बूंदी रेफर कर दिया जबकि हिंडोली चिकित्सालय 50 बेड का राज्य सरकार द्वारा कर दिया गया है लेकिन स्टाफ अभी भी 30 बेड के अस्पताल का ही चल रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर सैनी राज्य सरकार हिंडोली चिकित्सालय को क्रमोन्नति करके ही भूल गई ऐसा प्रतीत होता है राज्य सरकार जल्दी से जल्दी नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सक लगे </p>
<p>हिंडोली कस्बे के मुकेश कुमार सेठिया का कहना है कि  चिकित्सालय में अच्छे इलाज की दरकार है।  हिंडोली चिकित्सालय सरकार ने बड़ा तो बना दिया तो बड़ा बनना भी चाहिए जनसंख्या हिंडोली कस्बे की है और विधानसभा मुख्यालय भी है। चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की कमी है ेसरकार को चाहिए कि शीघ्रता से शीघ्र स्टाफ की पूर्ति करें। </p>
<p>सिंघाडी गांव के मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मैं मेरी पुत्री एवं पुत्र वधू को लेकर हिंडोली को लेकर चिकित्सालय में इलाज के लिए लेकर आया था। मैंने चिकित्सक को दिखाया उन्होंने मेरी जांच लिखी मैंने जांच करने के बाद पता चला कि मेरी पुत्री के डेंगू रोग है और प्लेट रेट्स कम हो रही है। इस पर  तुरंत बूंदी के लिए रेफर कर दिया। </p>
<p>हमारे पास अभी 30 बेड के हिसाब से भी स्टाफ पूरा नहीं है। राज्य सरकार ने हिंडोली चिकित्सालय को क्रमोन्नत कर 50 बेड का कर दिया लेकिन 50 बेड का स्टाफ आने पर ही 50 बेड का चिकित्सालय चलाया जाएगा क्योंकि तीन शिफ्ट में चिकित्सालय चलता है। नर्सिंग स्टाफ इतना ही है कि समय पर इंजेक्शन बोतल लगाना, रोगियों की समय पर देखभाल कर सके।<br /><strong>- सुरेंद्र मीणा, चिकित्सा प्रभारी हिंडोली चिकित्सालय</strong></p>
<p>मौसमी बीमारी का प्रकोप इस साल लंबा चलता दिखाई दे रहा है। बरसात की कमी का असर दिखने लगा है। इस समय रात को थोड़ी ठंड पड़ने से मौसमी बीमारी में कमी आई थी लेकिन हमारे साथ विडंबना यह है कि चिकित्सालय 50 बेड में क्रमोन्नत  हो गया लेकिन स्टाफ के पद अभी स्वीकृत नहीं हुए है। कार्यवाही जारी है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही 50 बेड का चिकित्सालय चला दिया जाएगा।<br /><strong>- डॉ राकेश मंडोवर, ब्लॉक सीएमओ  हिंडोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 19:23:58 +0530</pubDate>
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