<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/pipeline/tag-14743" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>pipeline - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14743/rss</link>
                <description>pipeline RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डिमांड से 9 करोड़ लीटर पानी ज्यादा, फिर भी कोटा रह रहा प्यासा</title>
                                    <description><![CDATA[41 करोड़ लीटर रोज सप्लाई के बावजूद टैंकरों पर निर्भर लोग,प्रति व्यक्ति आवश्यकता से अधिक पानी कर रहा खर्च।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में पानी की कमी नहीं है लेकिन प्रबंधन की खामी व लोगों की गलत आदतें प्यास बढ़ा रही है। हालात ये हैं कि शहर को जरूरत से करीब 20% ज्यादा पानी मिल रहा है, इसके बावजूद टेल क्षेत्रों में लोग आज भी टैंकरों के भरोसे जी रहे हैं। करोड़ों लीटर पानी रोजाना सप्लाई होने के बावजूद नलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। पेश है नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट।</p>
<p><strong>32 करोड़ डिमांड सप्लाई 41 करोड़ लीटर पानी</strong></p>
<p>जलदाय विभाग के अनुसार, कोटा शहर की कुल आबादी करीब 20 लाख है। इनमें 16.50 लाख स्थानीय निवासी हैं और 3 से 4 लाख फ्लोटिंग यानी बाहरी लोग शामिल हैं। ऐसे में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी प्रतिदिन डिमांड के हिसाब से बीस लाख आबादी को रोजाना 32 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता रहती है। जबकि, जलदाय विभाग के तीनों जलशोधन केंद्र अकेलगढ़, सकतपुरा व श्रीनाथपुरम से प्रतिदिन 410 एमएलडी यानी 41 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। यानी, डिमांड से 9 करोड़ लीटर पानी ज्यादा दिया जा रहा है। इसके शहरवासियों को टैंकरों से प्यास बुझानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>प्रति व्यक्ति 135 लीटर जरूरत, खर्च हो रहा 170 से ज्यादा</strong></p>
<p>सरकारी नियमों के अनुसार, प्रति व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी की जरूरत मानी गई है, लेकिन शहरवासी170 से 200 लीटर पानी खर्च कर रहे हैं। जिससे जल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा रही है। वहीं, कई जगह पाइप लाइनों के लीकेज के कारण भी पानी व्यर्थ बह जाता है। नतीजन, कुल आबादी को डिमांड से 20% ज्यादा पानी मिलने के बावजूद अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा।</p>
<p><strong>आखिर क्यों मच रही हाय-तौबा</strong></p>
<p><strong>-असंतुलित जल वितरण : </strong>शहर के हेड क्षेत्रों में पर्याप्त दबाव से पानी मिल रहा है, जिससे दोहन बढ़ रहा लेकिन विभाग द्वारा अंकुश नहीं लगाया जा रहा। नतीजन, टेल क्षेत्रों तक पानी पहुंचते-पहुंचते सप्लाई कमजोर हो जाती है।<br /><strong>- एक ही प्लांट पर ज्यादा निर्भरता : </strong>अकेलगढ़ प्लांट पर शहर का बड़ा हिस्सा निर्भर है, जिससे वितरण में असमानता बढ़ रही है। जिसकी वजह से टैंकर चलाने पड़ रहे हैं।<br /><strong>- पाइपलाइन और प्रेशर मैनेजमेंट की कमी : </strong>अंतिम छोर तक पर्याप्त प्रेशर से पानी पहुंचे, इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे कई इलाकों में सप्लाई अधूरी रह जाती है।<br /><strong>- टेल एरिया की उपेक्षा : </strong>आंवली, रोजड़ी, नयागांव, दौलतगंज, रानपुर, जगपुरा, बंधा धर्मपुरा जैसे इलाकों में पाइप लाइनों को अकेलगढ़ प्लांट से नहीं जोड़ा गया। नतीजन, नियमित सप्लाई के बजाय टैंकरों से पानी देना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>क्षेत्रवाइज फिल्टर प्लांट बने तो हो समाधान</strong></p>
<p>क्षेत्रवार फिल्टर प्लांट की जरूरत : जलदाय विभाग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हर क्षेत्र में अलग-अलग जल शोधन केंद्र यानी फिल्टर प्लांट नहीं बनेंगे, तब तक समस्या बनी रहेगी।<br />अमृत 2.0 योजना बनेगी गेमचेंजर : अमृत 2.0 योजना के तहत उद्योग नगर क्षेत्र में शिवाजी पार्क के पास 100 एमएलडी का नया फिल्टर प्लांट प्रस्तावित है। जिसके बनने के बाद से डीसीएम, प्रेम नगर, रायपुरा, कंसुआ, गोविंद नगर सहित अन्य इलाकों को सीधी सप्लाई मिलेगी और अकेलगढ़ पर दबाव खत्म होगा।</p>
<p>हेड-टेल गैप खत्म करना होगा : शिवाजी पार्क के अलावा रानपुर में भी अमृत 2.0 योजना के तहत नया प्लांट बनना है। यहां 40 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट प्रस्तावित है। जिसके बनने के बाद लखावा, रानपुर, देवनारायण कॉलोनी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को राहत मिलेगी। साथ ही पानी का समान वितरण संभव होगा और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना आसान हो जाएगा।</p>
<p>टैंकर होंगे बंद, घरों तक सीधे पहुंचेगा पानी : अमृत 2.0 योजना में दो जगहों पर नए फिल्टर प्लांट बनने से शहर की बड़ी आबादी में जल वितरण के दबाव से अकेलगढ़ से मुक्त होगा और इसका फायदा आंवली, रोजड़ी, नयागांव, दौलतगंज, बंधा धर्मपुरा हाड़ौती कॉलोनी सहित अन्य इलाकों के बाशिंदों को मिलेगा। यहां टैंकरों से सप्लाई बंद होगी और सीधे अकेलगढ़ से पाइप लाइन के जरिए पानी मिल सकेगा।</p>
<p>शहर को डिमांड से करीब 20 प्रतिशत ज्यादा पानी सप्लाई किया जा रहा है। गर्मी में पानी की डिमांड बढ़ जाती है। टैंकर अधिकतर ऐसे इलाकों में चल रहे हैं जहां हमारी पाइप लाइन नहीं है लेकिन केडीए द्वारा आधारभूत सुविधाएं विकसित कर दी गई है। वहीं, आंवली, रोजड़ी क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। मई के आखिरी सप्ताह तक सप्लाई पाइप लाइन से करने की पूरी कोशिश की जा रही है।</p>
<p><strong>-    दीपक कुमार झा, एसई जलदाय विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 14:28:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%283%29.jpg"                         length="111596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 55 - पाइपलाइन डालने के लिए खोदी सड़क पर बन गए गहरे गड्ढे</title>
                                    <description><![CDATA[बेतरतीब खड़े वाहनों से रोजाना लगता है जाम। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-55---deep-pits-have-formed-on-the-road-dug-to-lay-the-pipeline/article-122554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम कोटा दक्षिण वार्ड 55 पोश इलाके में आने के बावजूद समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। वार्ड की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो रखे हैं। मैन रोड पर स्थित दुकानों के आगे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण सड़क संकरी हो गई है। वहां गुजरने वाले राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बारिश के दौरान सड़कों पर हो रखे गड्ढों में पानी भरा हुआ है जिसके यहां निकलने वाहनचालकों के चोटिल होने का भी खतरा बना रहता है। वार्ड की कॉलोनियों में साफ-सफाई का अभाव है। वार्ड के निवासी दिनेश, रितेश ने बताया कि साफ-सफाई के अभाव कचरा फैला हुआ है। दिनभर बदबू आती रहती है। मुख्य रोड पर प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर लगे होने के कारण राहगीरों के आवाजाही में परेशानी होती है। निजी हॉस्पिटल व गर्ल्स हॉस्टल के सामने स्थित मुख्य सड़क पर रोजाना आवाजाही रहती है। </p>
<p><strong>सड़कों पर मनमर्जी की पार्किंग </strong><br />वार्ड की मुख्य सड़क पर मनमर्जी की पार्किग बनी हुई है। दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपने वाहनों इधर-उधर खड़ा कर देते है। जिससे रोड संकरी हो जाती है। वहां से निकलने वाहनों के लिए परेशानी बन जाती है। तीस फीट की सड़क मानो दस फीट रह गई हो।</p>
<p><strong>जगह-जगह पड़ा कचरा</strong><br />वार्ड की मुख्य सड़कों की तो सफाई होती है लेकिन अंदर की गलियों में कचरा बिखरा पड़ा है। एक निजी कोचिंग के सामने करीब तीन दिन कचरा जमा हो रखा है।</p>
<p><strong>स्पीड ब्रेकर बने परेशानी</strong><br />वार्ड की एक कॉलोनी में सीसी रोड पर स्पीड ब्रेकर काफी बड़ा है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी नुकसान होने का खतरा बना रहता है। वहीं  बाइक सवार ध्यान नहीं रखे तो वह कभी भी चोटिल हो सकते हैं। मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर भी क्षतिग्रस्त हो रखे है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />तलवंडी सेक्टर 01, आधा इंद्रा विहार (जवाहर नगर थाने के सामने)  न्यू राजीव गांधी नगर, एलन केरियर इंस्टीट्यूट बिल्डिंग, फे्रन्ड्स बाजार, पी.एम.सी. हॉस्पिटल, भाटिया बिल्डिंग आदि क्षेत्र।</p>
<p>वार्ड में सफाई प्रतिदिन होती हैं। यहां लगने वाले ठेलों से रात्रि के समय पर परेशानी आती हैं। वहीं रात्रि के समय पर श्वान परेशान करते हैं। <br /><strong>- पुनीत </strong></p>
<p>राजीव गांधी नगर की दो सौ ब्लॉक गली में सफाई नहीं होती हैं। गली में स्थित खाली प्लाट में कचरा डालकर वार्डवासियों ने उसी को ही कचरा पात्र बना रखा है।<br /><strong>- सुनील मिश्रा </strong></p>
<p>वार्ड में रात के समय पर श्वान राहगीरों के पीछे दौड़ते रहते है। मुख्य सड़क पर पशुओं का झमावड़ा बना रहता है।     <br /><strong>- मोहित </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पीएचईडी विभाग की ओर से पानी की पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था। टेंस्टिग के बाद उसको वापस सही करा दिया जाएगा। तलवंडी सर्किल से ओपेरा तक गिट्टी डालने का कार्य तो शुरू हो चुका है। वहां पर बारिश के चलते कार्य बाधित हुआ है।<br /><strong>- योगेश आहलुवालिया, पार्षद बीजेपी 55</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-55---deep-pits-have-formed-on-the-road-dug-to-lay-the-pipeline/article-122554</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-55---deep-pits-have-formed-on-the-road-dug-to-lay-the-pipeline/article-122554</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 14:58:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/oer-%281%29.png"                         length="628870"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनदेखी: सातलखेड़ी में वर्षों से पेयजल टंकी की नहीं हुई सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[टंकी के आसपास भी फैली हुई है गंदगी, देखरेख नहीं होने से परिसर में उगे झाड़-झंखाड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neglect--drinking-water-tank-has-not-been-cleaned-for-years-in-satalkhedi/article-120044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/882roer-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। सातलखेड़ी में घर-घर पेयजल सप्लाई करने के लिए बनी पानी की टंकी की हालत काफी खराब है। इसके आसपास गंदगी के ढेर जमा हैं। जानकारी के अनुसार खान और गांव के बीच बनी इस टंकी पर किसी का ध्यान नहीं होने से दिनों-दिन इसकी हालत बिगड़ती जा रही है। कस्बे में इस पानी की टंकी को बने हुए करीब 25 से 30 साल हो गए हैं। देखरेख के अभाव में अब यह जर्जर होने लगी है। इस टंकी से पाइप लाइन के जरिए सातलखेड़ी के घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। लेकिन इस टंकी के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस टंकी के माध्यम से नई बस्ती, यादव मोहल्ला, वार्ड नम्बर 21, वार्ड नम्बर 10 व गांव सातलखेड़ी के आधे से ज्यादा घरों में जल वितरण किया जाता है। लेकिन इसकी व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। </p>
<p><strong>नहीं होती नियमित सफाई:</strong> एक ओर जहां पानी की टंकी दुर्दशा का शिकार हो रही है, वहीं दूसरी ओर साफ-सफाई नहीं होने से कई बार दूषित पेयजल होने की आशंका बनी रहती है। जिससे पेट संबंधी रोगों के साथ डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी फैल सकती है। </p>
<p><strong>टंकी के आसपास जमा हो रही है गंदगी </strong><br />कस्बे में टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है। लेकिन देखरेख के अभाव में टंकी के आसपास काफी गंदगी व झाड़-झंकाड़ का ढेर लगा हुआ है। इस टंी से प्रतिदिन जल सप्लाई की जाती है। जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। वहीं गंदगी के कारण बारिश का पानी भी वहीं जमा हो रहा है। जिससे वायरल सहित अन्य मौसमी बीमारियां फैलन की आशंका भी बनी हुई है।  साथ ही टंकी से निकलने वाला पानी भी परिसर में ही जमा हो रहा है। जिससे आसपास कीचड़ फैला हुआ है। साथ ही टंकियों के आसपास घास भी हो रही है। पंचायत द्वारा नगर में स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। लेकिन रोजाना की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। </p>
<p>समय-समय पर पानी की टंकी की सफाई करवाई जानी चाहिए। क्योंकि अधिकतर बीमारियों का कारण दूषित पानी पीना है। साथ ही परिसर में हो रही गंदगी को भी साफ करवाया जाना चाहिए। <br /><strong>-अजय वर्मा, उपभोक्ता, सातलखेड़ी</strong></p>
<p>सातलखेड़ी खान व गांव सातलखेड़ी के बीच में जो पानी की टंकी है, उसकी जल्द ही सफाई करवाई जाएगी। साथ ही परिसर में जो गंदगी हो रही है उसे भी साफ करवाया जाएगा। <br /><strong>-बच्चू सिंह मीणा, एईएन, जलदाय विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neglect--drinking-water-tank-has-not-been-cleaned-for-years-in-satalkhedi/article-120044</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/neglect--drinking-water-tank-has-not-been-cleaned-for-years-in-satalkhedi/article-120044</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 15:34:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/882roer-%285%291.png"                         length="600691"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेयजल पाइप लाइन के लिए खोदी सड़कें: मरम्मत के नाम पर गड्ढों में भर दी मिट्टी </title>
                                    <description><![CDATA[आमजन व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-dug-for-drinking-water-pipeline--in-the-name-of-repair--soil-was-filled-in-the-potholes/article-119820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/882roer1.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। पेयजल पाइप लाइन के लिए खोदी सड़कों के गड्ढों में मरम्मत के नाम पर जलदाय विभाग ने मिट्टी भर दी है। अब यह मिट्टी बरसाती पानी के साथ मिलकर कीचड़ में तब्दील हो रही है। जिससे आमजन व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग सुकेत ने नगर वासियों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर नगर के महावीर कॉलोनी मोहल्ले में कई दिनों पहले पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को खोद दिया। जलदाय विभाग द्वारा पाइप लाइन डालने के लिए नगर के मुख्य मार्ग सहित प्रत्येक गली मोहल्ले की सड़कें खोदकर नगर की सूरत को बिगाड़ दिया है। महावीर कॉलोनी मोहल्ले में बनी सीसी सड़क को खोदकर मोहल्ले की खूबसूरत सड़क गौरव पथ के सौंदर्य पर दाग लगा दिया है। </p>
<p><strong> वाहन चालक फिसल कर होंगे चोटिल:</strong> नगर वासियों ने बताया कि कई जगह तो खुदाई के दौरान निकली मिट्टी भी जहां की तहां छोड़ रखी है। जब तक खोदी गई सड़क फिर से नहीं बन पाएगी, तब तक गुजरने वाले वाहनों से मिट्टी कीचड़ के साथ उड़ती रहेगी। कीचड़ से वाहन चालक भी फिसल कर चोटिल होते रहेंगे। लोगों ने अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत भी की है।</p>
<p><strong>स्कूली बच्चों को हो रही अधिक परेशानी</strong><br />मोहल्ले वासियों ने बताया कि एक जुलाई से बच्चों के विद्यालय खुल चुके हैं। जिससे बच्चों की आवाजाही भी अधिक है। बच्चों को मजबूरन कपड़े खराब करके कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। </p>
<p><strong>कुछ समय पहले ही बना था गौरव पथ </strong><br />नगर में ग्राम पंचायत समय में सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़कों का निर्माण करवाया था। कुछ हिस्से में सड़कें ग्राम पंचायत ने बनवाई थीं। विभागीय तालमेल के अभाव में सड़क बनने के बाद फिर खोद देने से जनता की परेशानी बढ़ रही है। आमजन का कहना है कि सड़कों का निर्माण करने से पहले इससे जुड़े सभी विभागों के साथ तालमेल किया जाना चाहिए। जिससे भविष्य में इस तरह की परेशानी नहीं आए।</p>
<p>बच्चों के विद्यालय खुल चुके हैं। विद्यालय जाने का मुख्य रास्ता यही है। बच्चों को कीचड़ में होकर जाना पड़ता है। जिससे उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। <br /><strong>-परमानन्द मेहर, मोहल्लावासी</strong></p>
<p>जलदाय विभाग की लापरवाही से खोदी सीसी सड़क में पाइप लाइन भी नहीं डाली गई और सीसी सड़क खोदकर मिट्टी से भर दी गई। जिससे राहगीर, स्कूली बच्चे एवं दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं।<br /><strong>-गजेन्द्र खटीक, मोहल्लावासी</strong></p>
<p>जलदाय विभाग ने ग्राम पंचायत से एनओसी ली थी। उस आधार पर  जलदाय विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान जल्द करवाया जाएगा।<br /><strong>-हेमेन्द्र सांखला, ईओ, नगर पालिका, सुकेत</strong></p>
<p>मौका दिखाकर समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। जिससे आमजन को समस्या से निजात मिल सके। <br /><strong>-बच्चू सिंह मीणा, एक्सईएन, जलदाय विभाग, रामगंजमंडी    </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-dug-for-drinking-water-pipeline--in-the-name-of-repair--soil-was-filled-in-the-potholes/article-119820</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-dug-for-drinking-water-pipeline--in-the-name-of-repair--soil-was-filled-in-the-potholes/article-119820</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:59:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/882roer1.png"                         length="600914"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - पेयजल संकट से मिली निजात</title>
                                    <description><![CDATA[आमजन की पीड़ा को नवज्योति टीम ने समाचार पत्र में हैंडपंप मे पाइप लाइन डलवाने की मांग" शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/pipeline-laid-in-the-bore-of-the-hand-pump/article-114957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/asar-khabar-ka---peyajal-sankat-se-mile-nijat...bakani,-jhalawar-news-22.05.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>बकानी । झालावाड़ जिले के बकानी में दशहरा मैदान के आगे मोगया बस्ती में हैंडपंप के लिए करवाएं गए बोर को करीब दो महीने होने को आया थे, लेकिन इसमें पाइप लाइन नहीं उतरवाने के कारण यह बोर मात्र शोपीस बनकर रह गया था।</p>
<p>इस कारण बस्ती की महिलाएं व बच्चे कही किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थे। इस समस्या से जन जागृति विकास समिति सचिव आशिक हुसैन नीलगर ने जलदाय विभाग की सहायक अभियंता भावना मेहरा को ज्ञापन भेजकर अवगत करवाकर समाधान की मांग की थी। जिस आमजन की पीड़ा को नवज्योति टीम ने समाचार पत्र में हैंडपंप मे पाइप लाइन डलवाने की मांग" शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। जिसकी खबर को जलदाय विभाग की सहायक अभियंता ने गंभीरता से लिया और तुरंत खबर प्रकाशित होने के कुछ घंटो के बाद बुधवार को ही हैंडपंप बोर में पाइप लाइन डलवाई गई, जिससे इस बस्ती सहित आसपास के लोगों में खुशी की लहर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/pipeline-laid-in-the-bore-of-the-hand-pump/article-114957</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/pipeline-laid-in-the-bore-of-the-hand-pump/article-114957</guid>
                <pubDate>Thu, 22 May 2025 14:49:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/asar-khabar-ka---peyajal-sankat-se-mile-nijat...bakani%2C-jhalawar-news-22.05.2025.jpg"                         length="565356"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - जलदाय विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक करना किया शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्रीय राहगीरों सहित बांसीवासियों ने दैनिक नवज्योति की खबर की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---water-supply-department-has-started-repairing-the-damaged-pipeline/article-106434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy58.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे में जलदाय विभाग की भूमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त का दुरूस्तीकरण का कार्य जलदाय विभाग ने शुरू कर दिया है। इस संबंध में दैनिक नवज्योति द्वारा गंभीरता से लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करके जलदाय विभाग के जिम्मेदारों को अवगत करवाया था। तब जाकर जलदाय विभाग ने सुध ली है। क्षेत्र में दैनिक नवज्योति बांसीवासियों की आवाज बनीं है। जानकारी के अनुसार बांसी में जलदाय विभाग की पेयजलापूर्ति की भूमिगत पाइपलाइन बस स्टैण्ड की मुख्य सड़क पर आठ रोज से क्षतिग्रस्त होने से हजारों लीटर जलापूर्ति का पानी सड़क पर फैलता हुआ, नालियों में व्यर्थ बह रहा था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने गत 4 मार्च को बांसी में बार-बार हो रही पेयजलापूर्ति की लाइन क्षतिग्रस्त....इस शीर्षक द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित करके जलदाय विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया था। जिस पर विभाग द्वारा संज्ञान लेकर क्षतिग्रस्त लाइन को दुरूस्त करने के लिए भूमिगत लाइन की खुदाई कर लाइन को सुधारने का कार्य शुरू किया गया है। अब लाइन दुरूस्त होने के बाद जिन मोहल्लों में पानी की किल्लत चल रही थी। उन उपभोक्ताओं की जलापूर्ति के दौरान पर्याप्त पानी नहीं मिलने की समस्या दूर होगी। मोके पर सड़क पर फैलते व्यर्थ नीर सहित कीचड़ से भी आवाजाही में राहत मिल सकेगी। क्षेत्रीय राहगीरों सहित बांसीवासियों ने दैनिक नवज्योति की खबर की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया है। जो लंबे समय से चल रही समस्या का निराकरण होना शुरू हुआ है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---water-supply-department-has-started-repairing-the-damaged-pipeline/article-106434</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---water-supply-department-has-started-repairing-the-damaged-pipeline/article-106434</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 13:23:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy58.jpg"                         length="304261"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेयजल की पाइप टूटने से अंडरपास बना जी का जंजाल, आए दिन होते है हादसे </title>
                                    <description><![CDATA[पेच की बावड़ी से पगारा जाने वाली सड़क का मामला।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/underpass-becomes-a-problem-due-to-breaking-of-drinking-water-pipe/article-104810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze14.png" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी। कस्बे से लकड़ेश्वर महादेव होते हुए पगारा जाने वाली संपर्क सड़क पर हाइवे 52 के अंडरपास में पानी भरा हुआ है। पेयजल की पाइप लाइन डालने के दौरान लापरवाही के कारण यह इन अंडरपास में भरा पानी आमजन एवं वाहन चालकों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। पिछले कई माह से अंडर पास के नीचे गहरा गड्ढा बन गया है जिसमें पानी भरा होने के चलते वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अनुमान नहीं लगा पाते जिसके चलते दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे है  या फिर वाहनों में नुकसान हो रहा है लेकिन समस्या को लेकर जिम्मेदार लोगों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। </p>
<p><strong>आए दिन हो रहे है हादसे</strong><br />इस अंडर पास पर पिछले रविवार को बरूंधन निवासी विष्णु राठौर अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर शाम के समय अपने ससुराल कालामाल आए थे जिनकी बाइक असंतुलित होकर गड्ढे में गिर गई । वो तो बच गए लेकिन बाइक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जिसको वेल्डिंग करवाकर सही करवाया गया। इसी प्रकार इस अंडरपास में आए दिन विद्यार्थी, ग्रामीण एवं लकड़ेश्वर महादेव आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पेच की बावड़ी से लकड़ेश्वर महादेव जाने वाले मार्ग पर अंडरपास के समीप नल योजना की पाइपलाइन जो ग्राम पंचायत द्वारा संचालित है। उसी स्थान पर चंबल परियोजना के संवेदक द्वारा पाइप लाइन डाली जाने के दौरान पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त कर दी जिसकी वजह से दो से तीन जगहों पर से पानी लीकेज होकर अंडरपास के नीचे जमा हो जाता है । संबंधित विभाग को कई बार सूचित कर दिया लेकिन अभी तक समाधान नहीं किया गया है । जल्द प्रयास कर समस्या का समाधान किया जायेगा।<br /><strong>- सीमा मीणा ,सरपंच ,ग्राम पंचायत ,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>लकड़ेश्वर महादेव रोड हाइवे 52 पर बने  अंडर पास पर विभागीय कर्मचारी को भेजकर मौका दिखवाया गया है। जहां पर आसपास से पानी आना पाया गया है  जिसकी वजह से गहरा गड्ढा बन गया है जिसमे वाहन चालकों को गहराई  का अनुमान नहीं लगा पाते । वहां पर स्थानीय निकाय ग्राम पंचायत का सहयोग लेकर पानी की समुचित निकासी करवाकर उसमें गिट्टी कंक्रीट या जो भी उचित होगा  करवाकर जल्द समाधान करवाया जाएगा।<br /><strong>- गोविंद सिंह ,साइड इंचार्ज ,एनएचएआई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/underpass-becomes-a-problem-due-to-breaking-of-drinking-water-pipe/article-104810</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/underpass-becomes-a-problem-due-to-breaking-of-drinking-water-pipe/article-104810</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 15:32:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/pze14.png"                         length="457726"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस दिन से खुला पड़ा गड्ढा हादसों को दे रहा न्यौता, आवागमन में हो रही परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ बांसी के रामगंज रोड वाले मोहल्ले में लंबे समय से पेयजलापूर्ति की भूमिगत क्षतिग्रस्त पाइप लाइन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-pit-lying-open-for-ten-days-is-inviting-accidents/article-103802"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। बांसी के रामगंज रोड वाले मोहल्ले में लंबे समय से पेयजलापूर्ति की भूमिगत क्षतिग्रस्त पाइप लाइन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जानकारी के अनुसार पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से मोहल्ले वालों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा था। इस समस्या से संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया। जिसके दो माह बाद तो संबंधित विभाग ने लाइन को चैक करवाने का कार्य शुरू किया। इस पर भी क्षतिग्रस्त लाइन को चैक करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट का गहरा गढ्ढा कर खुला छोड़ दिया। लगभग दस दिन बीत गए। पर अभी तक न तो क्षतिग्रस्त लाइन मिल रही है और ना ही सड़क के गढ्ढों को भरा गया है। मुख्य मार्ग होने से यहां से गुजरने वाले राहगीरों सहित मोहल्ले वासियों को खतरा बना हुआ है। पर संबंधित विभाग द्वारा इस समस्या को गंभीरता पूर्वक नही देखा जा रहा है। इस अनदेखी को लेकर जनता में जिम्मेदारों के प्रति रोष व्याप्त है।  </p>
<p><strong>मोहल्ले के मकानों को भी खतरा</strong><br />बांसी में जमना पीपल चौराहे से रामगंज रोड़ वाले मोहल्ले में मनोज कुमार जैन के मकान से राजेंद्र कुमार जैन के बीच जलदाय विभाग की मोहल्ले की पेयजलापूर्ति की भूमिगत लाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। जिससे मोहल्ले में मकानों को भी खतरा बना हुआ है। उपभोक्ताओं को भी पेयजलापूर्ति पर्याप्त नहीं होने की समस्या को लेकर मोहल्ले वासियों ने जलदाय विभाग से लाइन में हो रहे लीकेज को दुरुस्त के लिए मांग भी की गई थी। जिसके दो माह बाद तो जलदाय विभाग ने लाइन के लीकेज को देखने के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति से सड़क की खुदाई करवाई जा रही थी। जिसे दस रोज से भी अधिक समय निकल गया। पर अभी तक पेयजलापूर्ति की क्षतिग्रस्त लाइन नहीं मिल पाई है। जहां पर लाइन का लीकेज देखा जा रहा है, वह स्थान मुख्य सड़क के बीच में है। जिसके लिए खोदा गड्ढा लगभग चार से पांच फीट है। यहां से हर समय आवागमन जारी रहता है। मुख्य सड़क होने से इसमें कभी भी अनहोनी घटना घटित हो सकती है। पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अनदेखी कर रहे है। </p>
<p><strong>आवागमन में हो रही परेशानी</strong><br />पारस कुमार जैन, मनोज कुमार जैन, राजेन्द्र कुमार जैन, पदम कुमार जैन आदि ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण अंचलों के लिए इस मुख्य मार्ग से नौनिहाल से लेकर बुजुर्गो की आवाजाही होती है। दोपहिया वाहनों से लेकर भारी वाहनों की भी आवाजाही होती है। जिनको भी यहां से आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह गड्ढा लंबे समय से मुख्य सड़क पर होने से राहगीरों सहित स्कुली बच्चों, मोहल्ले के बाशिंदों के लिए आफत बना हुआ है। अभी तक लाइन क्षतिग्रस्त की समस्या भी जस की तस बनी हुई है। जल्द समस्या का निराकरण हो तो आमजनों को भी राहत मिलें।</p>
<p><strong>लीकेज दुरुस्त करने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता</strong><br />संबंधित विभाग लीकेज निकालने के नाम पर औपचारिकता कर रहा है। सड़क पर खोदा गड्ढा आमजनों के लिए मुसीबत साबित हो सकता है। संबंधित विभाग जल्द सड़क के गढ्ढे को दुरूस्त नही करवाता है, तो यहां से गुजरने वाले राहगीरों सहित मोहल्ले वासियों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पडेगा। जिम्मेदारों की लापरवाही को जनता भुगत रही है। इस समस्या को लेकर मोहल्ले वासियों सहित राहगीरों ने भी नाराजगी जाहिर की है। </p>
<p>मैं इस संबंध में आज ही कर्मचारी से बात करती हूं। इस काम को लंबे समय तक नही खींचा जाएगा। छोटा-सा लीकेज है। एक-दो दिन में दुरूस्त करवा दिया जाएगा।  <br /><strong>- योगिता जांगिड़, जेईएन, जलदाय विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-pit-lying-open-for-ten-days-is-inviting-accidents/article-103802</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-pit-lying-open-for-ten-days-is-inviting-accidents/article-103802</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 18:28:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/news-%285%294.png"                         length="503700"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मूलभूत सुविधाओं को तरसे ग्रामीण, योजनाओं के लाभ के लिए भटक रहे </title>
                                    <description><![CDATA[दो ग्राम पंचायतों में बंटा होने के कारण वार्ड नंबर 13 का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है, यहां के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/ward-13-stuck-in-two--facilities-are-in-trouble/article-102519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(3)10.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। राजस्थान सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों का पुन: गठन का कार्य किया जा रहा है, ऐसे में ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला के वार्ड क्रमांक 13 का निस्तारण कर दिया जाए तो इस वार्ड के निवासियों को राहत मिल सकेगी। यह वार्ड दो ग्राम पंचायतों में बंटा हुआ है। इसी आशय को लेकर बुधवार को वार्ड 13 के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया है। ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला का वार्ड क्रमांक 13 दो पंचायतों में बंटा हुआ होने के कारण इसका समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। इस वार्ड की कुछ जमीन ग्राम पंचायत तलावली में आती है, जबकि यहां रहने वाले चौमहला के निवासी कहलाते है, लोगों के राशन कार्ड,मतदाता परिचय पत्र,आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज चौमहला के ही बने हुए है। मकान निर्माण की स्वीकृति ग्राम पंचायत तलावली से लेनी पड़ती है। ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला का वार्ड नंबर 13 नई आबादी,शनि मंदिर रोड,विलावली रोड,सीटी पैलेस रोड आदि ग्राम पंचायत तलावली की जमीन पर बने हुए है, जबकि यह क्षेत्र चौमहला का कहलाता है। ग्राम पंचायत तलावली का गांव विलावली व चौमहला की दूरी मात्र एक किमी है। गांव विलावली व चौमहला दोनों एक हो चुके है, विलावली रोड पर सड़क के दोनों ओर घनी आबादी बस चुकी है,राजस्व रिकॉर्ड में भी यह जमीन तलावली ग्राम पंचायत की दर्शाई जाती है,चौमहला की बढ़ती जनसंख्या व्यापार व्यवसाय को देखते हुए चौमहला बिलावली मार्ग पर काफी दुकानें लग चुकी है। काफी मकान बन गए  इस मार्ग पर काफी चहल पहल रहने लगी है। यह पूरा हिस्सा चौमहला का कहलाता है।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाओं का अभाव</strong><br />दो ग्राम पंचायतों में बंटा होने के कारण वार्ड नंबर 13 का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है, यहां के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पेयजल का संकट है जलदाय विभाग द्वारा यहां पाइप लाइन नहीं बिछा रखी है,गली मोहल्लों में सड़क नालियों का आभाव है। यहां सफाई भी नहीं होती है मकान मालिक अपने अपने सामने सफाई करते है। बुधवार को वार्ड नंबर 13 के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर इस समस्या का निस्तारण करने की मांग की है, उन्होंने तलावली ग्राम पंचायत की भूमि चौमहला पंचायत में शामिल करने की मांग रखी।</p>
<p>हमारे रोड नहीं है, नालियां नहीं है। हमारी कही सुनवाई नहीं हो रही है जबकि हमने जिला कलक्टर, एसडीएम को भी गुहार लगाई है। हमारी न चौमहला ग्राम पंचायत सुनती है ना तलावली।<br /><strong>- महावीर जैन, निवासी वार्ड नंबर 13 चौमहला।</strong></p>
<p>चौमहला व बिलावली के बीच शनि मंदिर क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव है। बारिश में पानी भर जाता है निकलने में भी दिक्कत होती है बच्चें स्कूल नहीं जा पाते है। दोनों ही ग्राम पंचायतों में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती है। सफाई भी नहीं होती। <br /><strong>- मनोहर मोदी, निवासी शनि मंदिर रोड चौमहला।</strong></p>
<p>हमारी कही सुनवाई नहीं होती है। रोड व नालियां नहीं होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है। जिससे बीमारियां फैलने का डर रहता है। घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।<br /><strong>- प्रदीप जैन, निवासी वार्ड नंबर 13 चौमहला</strong></p>
<p>हम लोग रोड, पेयजल, रोड लाइट्स के लिए परेशान हो रहे है। हम लोग चौमहला व तलावली ग्राम पंचायतों के बीच फंसे हुए है। दोनों ही जगह हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।<br /><strong>- शंकर लाल, निवासी शनि मंदिर रोड चौमहला</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 13 के निवासियों का परिवाद प्राप्त हुआ है,ग्राम पंचायतों का पुन गठन का कार्य जारी है नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। <br /><strong>- छत्रपाल सिंह चौधरी, उपखंड अधिकारी, चौमहला</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 13 के निवासियों का परिवाद प्राप्त हुआ है,ग्राम पंचायतों का पुन गठन का कार्य जारी है नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। <br /><strong>- छत्रपाल सिंह चौधरी, उपखंड अधिकारी, चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/ward-13-stuck-in-two--facilities-are-in-trouble/article-102519</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/ward-13-stuck-in-two--facilities-are-in-trouble/article-102519</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 16:26:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%283%2910.png"                         length="606620"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्दी के मौसम में भी पेयजल की किल्लत</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग ने अभी तक नहीं डाली पाइप लाइन ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-shortage-even-in-winter-season/article-101833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(2)27.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। सुकेत के महावीर कॉलोनी वासियों को जलदाय विभाग की लापरवाही से सर्दी के मौसम में भी पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग ने करीब एक साल पहले महावीर कॉलोनी में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की थी। विभाग ने बस्ती में पीने का पानी पहुंचाने के लिए पाइप भी डाल दिए थे। लेकिन एक साल से ये पाइप ज्यों के त्यों पड़े हुए हैं। कॉलोनी वासियों ने बताया कि बस्ती में नल कनेक्शन नहीं होने से पूरे मोहल्ले वालों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ता था। जलदाय विभाग ने मोहल्ले वालों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए नल कनेक्शन के लिए एक साल पहले खुदाई करके पाइप डाल दिए। जिससे मोहल्ले वासियों को भी आस बंधी कि अब पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन जलदाय विभाग ने अभी तक लाइन नहीं बिछाई। खोदी गई जमीन को वापस भर दिया और पाइप खुदाई वाली जगह पर ही छोड़ दिए। बीच रास्ते में पड़े हैं पाइपबीच रास्ते में पड़े हैं पाइपहालांकि जलदाय विभाग द्वारा पाइप डाले एक साल हो गया, लेकिन बस्ती वालों को अभी भी आस कि इन पाइपों के माध्यम से हमारे घरों तक पानी आ जाएगा। लेकिन एक साल से घरों के बाहर पाइप ही देखते हैं। जलदाय विभाग ने इन पाइपों को बीच रास्ते में पटक रखा है। जिनके कारण आएदिन कोई ना कोई व्यक्ति चोटिल हो जाता है।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों को भी करवा चुके हैं अवगत</strong><br />मोहल्ले वासियों ने बताया कि समस्या समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों को अनेकों बार अवगत कराया गया है। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जबकि नगर पालिका चेयरमैन भी इसी मोहल्ले में रहते हैं। इनके घर के सामने से ही होकर पाइप लाइन डाली जाएगी। परंतु इनके पास भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br /> करीब दस पाइप इस मोहल्ले में डालने थे। लेकिन वो भी नहीं डाले गए। यह पाइप पड़े-पड़े खराब हो गए हैं। इनका उपयोग होता तो करीब आधी बस्ती की पानी की समस्या का उचित समाधान हो जाता। इसके बारे में जन प्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवा दिया गया है। लेकिन समाधान नहीं हो सका।<br /><strong>-कमलेश मेहर, मोहल्लावासी</strong></p>
<p> पाइप लाइन का कार्य जल्द करवाया जाएगा। गर्मी शुरू होने तक पानी घर-घर पहुंचाए जाने के प्रयास कर रहे हैं। नए अधिकारी के आदेश हो चुके हैं। इनके आने से समस्याओं का समाधान होगा।<br /><strong>-बच्चू सिंह मीणा, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-shortage-even-in-winter-season/article-101833</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-shortage-even-in-winter-season/article-101833</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 16:01:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer-%282%2927.png"                         length="438937"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टंकी की पाइप लाइन टूटी, व्यर्थ बह रहा लाखों लीटर पानी </title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी योजनाएं धरातल पर नहीं हो रही पूरी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-tank-s-pipe-line-is-broken--lakhs-of-liters-of-water-is-flowing-waste/article-101552"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(5)16.png" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र के गांव कॉलोनी जो मुंडियर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। ग्राम कॉलोनी में पानी की टंकी बनी हुई है। जिसमें से पाइप निकला हुआ है। रोजाना लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त टंकी की मरम्मत आदि पाइप लाइन जाम की जानकारी कई बार प्रशासन को दे दी गई है परंतु लापरवाही के चलते ध्यान नहीं दिया जाता जबकि सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करके आम जनता को स्वच्छ पानी मिले, इसके लिए प्रयास किया जाता है। गांव में पानी की टंकियां बनाई जाती हैं परंतु देखरेख के अभाव में टंकियां क्षतिग्रस्त हो जाती है। पाइप लाइन जाम हो जाती है और पानी की बर्बादी होती रहती है परंतु कोई भी ध्यान उक्त समस्या को लेकर नहीं दिया जाता एक तरफ तो सरकार द्वारा जल संरक्षण की बात की जाती है। विभाग द्वारा कोई भी कमी पूरी नहीं की जाती और सरकार की योजनाएं जो जनहित की होती हैं। वह धरातल पर पूरी होती हुई नजर नहीं आती है। </p>
<p><strong>कीचड़ और गंदगी से पनप रहे मच्छर</strong><br />पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण रोजाना पानी की बर्बादी होती है। पानी की बर्बादी इतनी अधिक है कि लगातार 6 घंटे तक पानी का बहाव होता रहता है और आसपास पानी का बहाव होने के कारण आसपास कीचड़ गंदगी जमा हो जाती है। जिससे मच्छर आदि पनपते हैं। गंदगी फैली रहती है और आसपास के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी अधिक फैलने से लोगों को आवाजाही में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल है तो कल है, जल का संरक्षण जरूरी है। </p>
<p><strong>जलदाय विभाग नहीं देता ध्यान</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जलदाय विभाग को सूचित किया गया जो कर्मचारी काम पर उनको भी कई बार कहा गया परंतु कोई ध्यान नहीं दिया जाता। टंकी में से पानी  नसीब भी होता है तो लोगों को टंकी में लगे नल आदि जाम हो चुके हैं। लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा और हजारों लीटर पानी रोजाना फैल रहा है। संबंधित विभाग उक्त समस्या पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा। लोगों ने जिला कलक्टर से मांग की है कि टंकी के पानी के बाहर को रोका जाए। नालों की पाइपों की साफ सफाई आदि करवाई जाए।</p>
<p>कई बार जो कर्मचारी टंकी को देखने आता है, उसको सूचित किया गया परंतु लापरवाही के चलते उक्त समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता और लाखों लीटर पानी की बर्बादी रोजाना हो रही है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि  समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- खड़क सिंह, ग्रामीण, शाहाबाद। </strong></p>
<p>कई बार संबंधित विभाग को सूचित किया गया परंतु कोई कार्रवाई नहीं की जाती। टंकी के पाइप जाम हो रहे है। हजारों लीटर पानी की बबार्दी हो रही है परंतु संबंधित विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। <br /><strong>- सतीश मेहता, निवासी कॉलोनी। </strong></p>
<p>पाइप लाइन जाम होने से पानी रुक जाता है तथा जो पानी खेळ तक जाने के लिए पाइप डाला हुआ है। वह बंद है, हम प्रशासन से मांग करते हैं कि टंकी की मरम्मत कराई जाए। साफ सफाई कराई जाए, जिससे कि स्वच्छ पानी मिल सके।<br /><strong>- धनीराम प्रजापति, निवासी कॉलोनी। </strong></p>
<p>सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करके पानी की टंकियां बनाई जाती है परंतु स्थानीय कर्मचारियों और प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता। समय-समय पर टंकियां की साफ सफाई होनी चाहिए तथा प्रशासन को नियमित रूप से टंकियां की देखरेख करनी चाहिए। <br /><strong>- प्रेमबाई, निवासी कॉलोनी।</strong></p>
<p>पानी की टंकी से पानी की बबार्दी हो रही है। इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी को सूचित किया जाएगा। शीघ्र समस्या का हल किया जाएगा। <br /><strong>-बनवारीलाल मीणा, विकास अधिकारी, पंचायत समिति शाहाबाद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-tank-s-pipe-line-is-broken--lakhs-of-liters-of-water-is-flowing-waste/article-101552</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-tank-s-pipe-line-is-broken--lakhs-of-liters-of-water-is-flowing-waste/article-101552</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 16:37:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer-%285%2916.png"                         length="535309"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाइप लाइन डालने के लिए खोदी सड़क बनी मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[इंटरलॉकिंग के बीच हुए गहरे गड्ढें, ग्राम पंचायत खंडेला का है मामला 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-dug-to-lay-pipeline-became-a-problem/article-97527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer28.png" alt=""></a><br /><p>केलवाड़ा। खंडेला कस्बे में सरकार की हर घर नल जल योजना के तहत इंटरलॉकिंग खरंजा खोदकर पाइप लाइन डाली गई। जिससे इंटरलॉकिंग के बीचो-बीच गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इससे ग्रामीणों को काफी समस्या हो रही है। लाखों की लागत से बने इंटरलोकिंग खरंजा खराब हो चुका है। जल जीवन मिशन की ओर से हर घर नल अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। ठेकेदार ने पाइप लाइन डालने के लिए गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी इंटरलोकिंग सड़क को पूरी तरह से खोदकर डाल दिया। मरम्मत के अभाव  में इंटरलॉकिंग रास्ते से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो गया है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। किशनगंज पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खंडेला में पिछले साल गांव में पानी की टंकी के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया गया था। पाईप लाइन बिछाने के बाद ठेकेदार खुदी सड़कों की बिना मरम्मत किए छोड़कर चला गया। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>लोग फिसलकर हो रहे चोटिल</strong><br />वहीं इंटरलॉकिंग के जर्जर हो जाने से वहां कीचड़ और फिसलन हो गई है। जिस आए दिन कई लोग वहां से निकलने के दौरान फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।  कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द ही पाईप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराएं जाने की मांग की है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा सभी ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जल्द ही इंटरलॉकिेंग सड़क की मरम्मत की जाए। <br /><strong>- रामलखन, ग्रामीण। </strong></p>
<p>रास्ता खराब होने के कारण उसमें पानी भरने से कीचड़ और गंदगी जम रही है। जिससे वहां फिसलन हो गई है। निकलते समय किसी दुघर्टना का अंदेशा बना रहता है। <br /><strong>- गणेशलाल, कस्बेवासी। </strong></p>
<p>मैंने दो बार जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके बावजूद भी इंटरलॉकिंग सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया है।<br /><strong>- रामलाल सहरिया, ग्राम विकास अधिकारी, खंडेला। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-dug-to-lay-pipeline-became-a-problem/article-97527</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-dug-to-lay-pipeline-became-a-problem/article-97527</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 16:30:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/257rtrer28.png"                         length="613738"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        