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                <title>ऑपरेशन वज्र प्रहार : गैंगस्ट्रर्स के खिलाफ चलाया धरपकड़ अभियान, बदमाशों पर शिंकजा कसने के लिए 561 टीमों ने दी दबिश</title>
                                    <description><![CDATA[टीमों ने हथियारों का उपयोग करने एवं गैंग्स से जुडे अपराधियों और गैंगस्ट्रर्स के खिलाफ धरपकड़ अभियान चलाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/operation-prahar-ganges-wasted-against-561-teams-raided/article-102856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर रेंज में ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर’ कायम करने के लिए आईजी रेंज अजयपाल लाम्बा लगातार एरिया डोमिनेशन के तहत बदमाशों पर शिकंजा कस रहे हैं। हर बार ऑपरेशन अलसुबह शुरू होता है और दोपहर तक चलता है। इस बार ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत पूरी जयपुर रेंज एरिया डोमिनेशन के तहत कार्रवाई की गई है। टीमों ने हथियारों का उपयोग करने एवं गैंग्स से जुडे अपराधियों और गैंगस्ट्रर्स के खिलाफ धरपकड़ अभियान चलाया। </p>
<p>टीमों ने हथियार का प्रयोग करके आमजन में दहशत करने, एक्सटॉर्सन करने वाले, जमीनों पर कब्जा करना या भूमि विवाद करने वाली गैंग के बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दी। टीमों ने जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड, सीकर एवं झुंझुनूं में कार्रवाई की। इस रेड में आठ आईपीएस, 42 आरपीएस और 157 थानाप्रभारी शामिल किए गए। ऑपरेशन सुबह छह बजे से लेकर 11 बजे तक चला। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 15:21:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सड़कों पर व्यर्थ बह रहा अमृत, नल की टोंटियां बनी शोपीस</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार द्वारा जो पानी लोगों के घरों तक पहुंचना चाहिए था, वह पानी सड़कों पर व्यर्थ बह रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/amrit-flowing-in-vain-on-the-streets--taps-become-shopices/article-73154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(4)2.jpg" alt=""></a><br /><p>चंदीपुर। क्षेत्र के चंदीपुर पीपलखेड़ी सहित आस पास के कई गांवों में हर घर नल जल योजना का पानी लोगों के घरों तक तो नहीं पहुंच पा रहा है लेकिन सड़कों पर जरूर बह रहा है, लोग एक-एक बूंद पीने के पानी लिए तरस रहे है। वहीं क्षेत्र में चल रहे जल जीवन मिशन  योजना का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका, जिससे क्षेत्र के लोग पीने के पानी के लिए तरसने को मजबूर है। चंदीपुर जावर परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में  घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचने से लोग गांव के दूरदराज कुओं से पानी लाने को मजबूर है।   ग्रामीणों का कहना है कि चंदीपुर में शमशान घाट के पास और पछेटा रोड पर करीबन 1 महीने से  पाइपलाइन टूटी हुई हैं, जिससे हजारों लीटर पानी रोजाना  सड़कों पर बह रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का इस और कोई ध्यान नही है कई बार 181 हेल्प लाइन नंबर पर भी शिकायत की लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका। सरकार द्वारा जो पानी लोगों के घरों तक पहुंचना चाहिए था, वह पानी सड़कों पर व्यर्थ बह रहा है। </p>
<p>चंदीपुर में पछेटा चोराहा और चंदीपुर की शमशान की बाउंड्री के अंदर एक महीने से पाइप लाइन लीकेज होने से एक दिन छोड़ के एक दिन नल आ रहे इसको लेकर कई बार अवगत करवा दिया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका।  <br /><strong>- प्रमोद कुमार चंदीपुर</strong></p>
<p>चंदीपुर गांव में तीन दिन में एक दिन नलों में पानी आता है और वो भी 10 मिनट आता है जिसमे गंदा पानी नालों में आ रहा वहीं एक महीने से फूटी पड़ी पाइप लाइनों से रोज हजारों लीटर पानी बह रहा रहे है, लेकिन लीकेज पाइप लाइन ठीक करने का अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। <br /><strong>- रामस्वरूप लोधा चंदीपुर</strong></p>
<p>जबसे पाइप लाइन फूटी है उस दिन से ही चंदीपुर के नए मंदिर के ऊपर के घरों पानी नहीं आ रहा है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसको लेकर कई बार नल वालों को अवगत करवा दिया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>- श्याम सुन्दर लोधा चंदीपुर</strong><br /> <br />मुझे आपके माध्यम से पता चला है  मैं प्रोजेक्ट विभाग के सहायक अभियंता को जानकारी से अवगत करवा दूंगा।  <br /><strong>- अजयसिंह मीणा कनिष्ठ, अभियंता पीएचडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 19:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>परेशानी: दो वर्षों से जावदा उपतहसील कार्यालय के नहीं खुले ताले</title>
                                    <description><![CDATA[उप तहसील कार्यालय में अधिकारी आना तो दूर ताले तक नहीं खुले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/problem--locks-of-javada-sub-tehsil-office-not-opened-for-two-years/article-70630"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/pareshani--do-varso-se-javda-uptahsil-karyakay-ke-nahi-khule-tale...kota-news-20-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा के जावदा में उप तहसील कार्यालय के ताले ढाई वर्षों में भी नहीं खुल पाए हैं। जिसके कारण आज भी ग्रामीणों को राजस्व संबंधित कार्यों के लिए 70 किलोमीटर दूर रावतभाटा तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का समय, श्रम व रुपए तीनों बर्बाद होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने 9 जून 2021 को जावदा में उप तहसील की घोषणा की थी। इसके ठीक 7 दिन बाद यानी कि 16 जून को अधिसूचना जारी हुई। इसके बाद जावदा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के खाली भवन पर उप तहसील कार्यालय का बोर्ड लगाकर कार्यालय बनाया गया। तब से लेकर आज तक उप तहसील कार्यालय में अधिकारी आना तो दूर ताले तक नहीं खुले।</p>
<p><strong>चार दिन भी नहीं आए अधिकारी</strong><br />ग्रामीण मोहनसिंह ने बताया कि जावदा में उप तहसील का कोई कामकाज नहीं हो रहा। उपतहसील बनाने की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्रामीणों के राजस्व कार्यों को आसान करने के लिए 9 जून 2021 को की। जिसकी अधिसूचना 16 जून 2021 को जारी हुई। नवीन उप तहसील जावदा में दो भू अभिलेख निरीक्षक वृत्त, 7 पटवार मंडल एवं 70 राजस्व ग्राम का 40795.22 हेक्टेयर क्षेत्रफल शामिल है। जावदा का राजकीय प्राथमिक विद्यालय मर्ज होने के बाद विद्यालय के बंद भवन को उपतहसील कार्यालय बनाया। जहां अधिकारी एवं कर्मचारियों ने चार दिन बैठकर भी कामकाज नहीं किया। सात पटवार मंडल के वासियों को जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट या भूमि की रजिस्ट्री संबंधित कोई भी कार्य करवाने के लिए 70 किलोमीटर दूर स्थित रावतभाटा के चक्कर लगाने पड़ते हैं।  </p>
<p>जावदा क्षेत्र के ग्रामीण अपने कार्यों को लेकर 70 किलोमीटर दूर रावतभाटा आते हैं। जिसमें भी यदि यहां कार्य विलंब से हो तो उन्हें एक कार्य के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।<br /><strong>- दीपक सेठिया, रावतभाटा निवासी व्यापारी</strong></p>
<p>रावतभाटा से जावदा की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। सड़क भी काफी खस्ताहाल है। यात्रा बड़ी दुखद रहती है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने कार्य करवाने के लिए तहसील स्तर पर रावतभाटा आना पड़ता है। संपूर्ण क्षेत्र ही मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कहीं तो रोड टूटी हुई है और कहीं संसाधन की कमी है।<br /><strong>- दीपक मैगी, अध्यापक, रावतभाटा</strong></p>
<p>उपतहसील के लिए भवन ही नहीं है। ऐसे में काम कैसे करें। भवन के लिए जमीन तो आवंटित हो गई है, मगर भवन कब बनेगा यह नहीं पता। फिलहाल रावतभाटा में ही ग्रामीणों के कार्य किए जाते है।<br /><strong>- सत्यनारायण शर्मा, नायब तहसीलदार  </strong></p>
<p>अधिकारी यहां आकर काम करे तो भवन की व्यवस्था हम कर देंगे। चाहे सप्ताह में दो दिन ही आकर काम कर लें। इससे भी क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। <br /><strong>- कुलदीप सिंह, सरपंच, जावदा</strong></p>
<p>मंगलवार को ही मौके पर जाकर भवन की स्थिति देखूंगा। उसके बाद जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- कमलेश कुमार कुलदीप, तहसीलदार, रावतभाटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Feb 2024 19:26:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रियासतकालीन तालाब की नहर से रिसाव, पानी हो रहा बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[ शाहाबाद उपखंड की ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सहरोल तलेटी गांव के तालाब से रियासतकाल के समय में निकली नहर काफी जर्जर हो चुकी है। मरम्मत और देखरेख के अभाव में तालाब की पाल से भी पानी का रिसाव होने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/leakage-from-the-canal-of-the-princely-pond--water-is-being-wasted/article-12037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/riyasatkaleen-talab-shahabad.jpg" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद उपखंड की ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सहरोल तलेटी गांव के तालाब से रियासतकाल के समय में निकली नहर काफी जर्जर हो चुकी है। मरम्मत और देखरेख के अभाव में तालाब की पाल से भी पानी का रिसाव होने लगा है। 1200 से अधिक लोगों की आबादी वाला यह गांव तीन तरफ से पहाड़ियों के ऊंचाई वाले स्थान पर बसा हुआ है। प्राचीन समय में जब राजा महाराजाओं का समय था, उस समय यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए स्टेट के समय यहां पर एक बड़े तालाब का निर्माण कराया गया था। जिससे कि लोगों को सिंचाई के साथ पानी की समस्या से भी मुक्ति मिल सके। साथ ही जंगली जानवर एवं अन्य पशुधन भी उस पानी के सहारे रह सकें। उसी समय उस गांव के लिए तालाब से नहर निकाली गई थी जो कि लगभग डेढ़ से 2 किलोमीटर लंबी एमपी बॉर्डर तक जाकर लगती थी। जिससे सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित होती थी। समय-समय पर इस नहर की मरम्मत भी कराई गई, परंतु वर्तमान में लगभग 10 से 15 साल से यह नहर टूटी फूटी पड़ी हुई है। जिसके चलते नहर से पानी देने वाले किसान अपने खेतों में पानी नहीं दे पाते। मजबूरी में बस 1000 बीघा के हिसाब से ट्रैक्टर जुगाड़ वाहनों से पानी देना पड़ता है।<br /><br /><strong>बरसात की फसल ही कर पाते हैं किसान</strong><br />पानी के अभाव के चलते शाहाबाद तलेटी क्षेत्र में बोरवेल सफल नहीं है। जिन तालाबों से खेतों को पानी मिलता है वह तालाब देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होते जा रहे हैं। नहरें टूट फूट चुकी हैं। जिससे तलेटी क्षेत्र के किसान बरसात पर निर्भर हो चुके हैं और एक ही फसल ले पाते हैं। <br /><br /><strong>पहले जल ग्रहण के अंतर्गत आता था तालाब</strong><br />लगभग 15 साल पहले सहरोल का तालाब जल ग्रहण के अंतर्गत आता था। जब नहर से पानी छोड़ा जाता था तो 2 से 5 बीघा के हिसाब से पैसा लिया जाता था। बाद में यह पंचायत समिति ग्राम पंचायत के अधीन हो गया। दिनेश भार्गव, हिम्मत सिंह, हंसराज शर्मा, केसरीलाल माली, पप्पू माली आदि ने बताया कि पहले खेतों में पानी तालाब से निकली नहर से ही पानी लगता था। पूर्व में इस तालाब से दो नहरें निकलती थीं। बाद में सिर्फ एक ही नहर में पानी छोड़ा जाता था। जिससे किसान खेती करते थे।<br /><br /><strong>नहर बंद होने से छोटे किसान परेशान</strong><br />नहर बंद होने के कारण छोटे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिनकी 5 बीघा से 8 बीघा जमीन है, उन किसानों को दूसरों के कुओं से पानी लेकर चने की फसल करनी पड़ती है। <br /><br /><strong>मछली पालन का होता है ठेका</strong> <br />पंचायत समिति को भी इस तालाब से इनकम है। क्योंकि मछली पालन के अंतर्गत इस तालाब का ठेका होता है। गांव के लोगों  ने उर्मिला जैन जिला प्रमुख से शीघ्र नहर मरम्मत कराने की मांग की है।<br /><br />नहर टूट-फूट चुकी है। साथ ही तालाब की पाल से पानी का रिसाव होता है। इसके लिए कई बार हम उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। इसकी मरम्मत शीघ्र कराई जानी चाहिए नहीं तो ग्राम पंचायत के लोगों को मजबूर होकर आगे और कार्यवाही करनी पड़ेगी।<br /><strong>-शिवदयाल शर्मा, सहरोल</strong><br /><br />लगातार पानी रिसाव के चलते पाल कमजोर हो रही है एवं तालाब का पानी व्यर्थ ही बह रहा है। एक तरफ तो सरकार द्वारा जल संरक्षण की बात की जाती है वहीं दूसरी ओर प्राचीन तालाबों की मरम्मत नहीं की जा रही। हम इसकी शीघ्र जिला कलक्टर से मरम्मत की मांग करते हैं।<br /><strong>-मुकेश शर्मा, सहरोल तलेटी</strong><br /><br />वर्षों से इस नहर से किसान पानी देते आ रहे थे। परंतु विगत 15 सालों नहर से पानी किसान नहीं दे पा रहे हैं। जिससे किसान मजबूरी में अन्य साधनों से पैसे देकर पानी ले रहा है। गरीब किसान अपने खेतों में खेती नहीं कर पा रहा है। हम सभी ग्रामीण इसकी मरम्मत करावाने के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों से मांग करते हंै।<br /><strong>भैरवलाल, सहरोल</strong><br /><br />तालाब की पाल के पत्थर निकल चुके हैं। जगह-जगह से पाल कमजोर हो रही है। इस समस्या के संबंध में कई बार ग्राम पंचायत को सूचित किया गया। पंचायत समिति को भी सूचित किया परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नहर व तालाब की मरम्मत शीघ्र कराई जानी चाहिए।<br /><strong>-नारायणलाल शर्मा, सहरोल</strong><br /><br />एक तरफ तो सरकार द्वारा मनरेगा के अंतर्गत नवीन तालाब तालाब खुदाई आदि कराई जाती है दूसरी ओर जो प्राचीन जल स्त्रोत हैं उनको नष्ट होने के लिए छोड़ दिया जाता है। जबकि यह प्राचीन जल भंडार आज भी लोगों के लिए पानी दे रहे हैं। इसलिए  इन्हें ठीक कराया जाना चाहिए।<br /><strong>-भीमाशंकर, शाहाबाद</strong> <br /><br />सिंचाई विभाग से तालाब नहर की मरम्मत का एस्टीमेट बनवा कर बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। इसके बाद तालाब व नहर की मरम्मत कराई जाएगी। ग्रामीणों की जो भी शिकायत है उनको दूर किया जाएगा।<br /><strong>-छुट्टनलाल मीणा, विकास अधिकारी, शाहाबाद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 15:56:56 +0530</pubDate>
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                <title>कोटडी चौराहे पर सड़क खुदाई के दौरान फूटी पाइप लाइन</title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास द्वारा संवेदक के माध्यम से कोटडी चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कराया जा रहा है जिसके लिए सड़क खुदाई का काम करते समय बुधवार सुबह अचानक पानी की पाइप लाइन फूट गई जिससे हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। 

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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pipeline-burst-during-road-excavation-at-kotri-intersection/article-6272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/wwww.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास द्वारा संवेदक के माध्यम से कोटडी चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कराया जा रहा है जिसके लिए सड़क खुदाई का काम करते समय बुधवार सुबह अचानक पानी की पाइप लाइन फूट गई जिससे हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। <br /><br />नगर विकास न्यास द्वारा कोटडी चौराहे पर करीब 11 करोड रुपए की लागत से ग्रेड सेपरेटर का निर्माण करवाया जा रहा है। जिसके लिए पिछले कई दिन से खुदाई का काम चल रहा है । बुधवार को जेसीबी से खुदाई करते समय सड़क के नीचे बीच में पानी की पाइप लाइन अचानक फूट गई और उस से पानी बहने लगा । जिससे पूरी सड़क पर पानी ही पानी हो गया । वहां से निकलने वाले राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। <br /> नगर विकास न्यास के अधिकारियों के अनुसार कोटड़ी चौराहे पर सड़क के बीच ढाई सौ एमएम 300 एमएम 600 एमएम और 700 एमएम की चार पाइपलाइन निकल रही हैं। जिनमें से 300 एमएम की पाइप लाइन खुदाई के दौरान फूट गई थी जिससे पानी बहने लगा था जिसे बाद में ठीक कर दिया गया । उन्होंने बताया कि चौराहे के बीच में आ रही पानी की पाइप लाइनों को साइड में शिफ्ट किया जाएगा । यह कार्य भी ग्रेड सेपरेटर का सिविल कार्य करने वाले संवेदक द्वारा ही किया जाएगा । <br /><br />न्यास अधिकारियों के अनुसार इससे पहले अंटाघर चौराहा,  एरोड्रम चौराहा और गोबरिया बावड़ी चौराहा पर मनाया गया अंडरपास के दौरान भी जो पानी की पाइप लाइन में बीच में आ रही थी जिन्हें साइड में शिफ्ट किया गया है । जिससे भविष्य में सड़क खुदाई के दौरान कभी लाइन फूटने की समस्या नहीं रहे।  इसी तरह से कोटडी चौराहे पर भी पानी की बीच में आ रही पाइप लाइन का स्थाई समाधान करते हुए उन्हें साइड में शिफ्ट किया जाएगा। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 16:40:18 +0530</pubDate>
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