<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/classroom/tag-14830" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>classroom - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14830/rss</link>
                <description>classroom RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिये सरकारी स्कूलों में लगेंगे 10,000 एयर प्यूरीफायर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार पहले चरण में सरकारी स्कूलों के 10 हजार क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाएगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा और योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-10000-air-purifiers-will-be/article-136490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/delhi-polution-air-purifaie.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार पहले चरण में सरकारी स्कूलों के 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगायेगी। इस योजना के लिये जल्दी ही निविदायें आमंत्रित की जायेंगी।<br />शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, इस पहल का मकसद छात्रों के लिए एक स्वस्थ माहौल सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, स्मार्ट क्लास के साथ-साथ अब बच्चों को 'शुद्ध हवा' भी मिलेगी। आने वाले चरणों में दिल्ली सरकार के स्कूलों के हर क्लास रूम में चरणबद्ध तरीके से एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, हम अपने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते और न ही किसी और को ऐसा करने देंगे। इसके आगे शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण सिर्फ एक मौसम या कुछ महीनों की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, यह कोई मौसमी या दस महीने का मुद्दा नहीं है। दिल्ली का अपना मौसम नहीं है। जब जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी होती है तो यहां ठंड बढ़ जाती है और जब राजस्थान में धूल भरी आंधी आती है तो दिल्ली भी प्रभावित होती है।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सिर्फ सरकार की आलोचना करने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर विशेषज्ञ बन जाते हैं। उन्होंने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मॉनिटिरिंग स्टेशनों के बारे में आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2017 और 2018 में 20 नये एक्यूआई मॉनिटिंरिंग स्टेशन लगाये गये थे, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट में थे। उन्होंने आरोप लगाया, वे साफ हवा चाहते थे, सटीक डेटा नहीं।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व मुख्यमंत्री अरङ्क्षवद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, विपक्षी नेता अब सवाल उठा रहे हैं कि ऑड-ईवन योजना क्यों लागू नहीं की गयी। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल एक तथाकथित 'वैज्ञानिक' ऑड-ईवन योजना लाये थे, लेकिन अदालतों ने भी उस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पिछली सरकार की 'रेड लाइट पर इंजन बंद' जैसे अभियानों की भी आलोचना करते हुये  दावा किया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कहा था कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया, आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली का प्रदूषण एक जन संपर्क गतिविधि थी और अभी भी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-10000-air-purifiers-will-be/article-136490</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-10000-air-purifiers-will-be/article-136490</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 18:54:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/delhi-polution-air-purifaie.png"                         length="1219543"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की अग्रणी एजुटेक कंपनी उत्कर्ष ने बनाया भारत का पहला डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स ‘शिक्षा रथ'</title>
                                    <description><![CDATA[उत्कर्ष क्लासेस का लक्ष्य डिजिटल शिक्षा में एक नई क्रांति लाना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/country-s-leading-edutech-company-utkarsh-built-india-s-first-digital-classroom-on-wheels-shiksha-rath/article-7866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/133.jpg" alt=""></a><br /><p>देश की अग्रणी एजुटेक कंपनी उत्कर्ष क्लासेस ने आज भारत का पहला डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स - 'शिक्षा रथ' लॉन्च किया। अपनी तरह की इस अनूठी पहल का उद्देश्य पूरे भारत में व खासतौर से ग्रामीण हिस्सों में छात्रों को लाइव डिजिटल लर्निंग अनुभव प्रदान करके देश की शिक्षण प्रणाली में क्रांति लाना है।</p>
<p><br /><strong>क्या है इस शिक्षा रथ में ?</strong> <br />इस शिक्षा रथ में 4K इंटरेक्टिव पैनल व अत्याधुनिक कैमरों से युक्त डिजिटल स्टूडियो है।इंटरनेट की भी व्यवस्था है जिसके माध्यम से शिक्षा रथ से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कक्षाएँ लाईव की जाकेगी।इसके अलावा यह ‘शिक्षा रथ’ किसी बड़ी सेलिब्रिटी की वेनिटी वेन की भाँति बेडरूम,किचन,बाथरूम,डाईनिंग रूम इत्यादि सभी सुविधाओं से युक्त है। 'शिक्षा रथ' अभिभावकों और बच्चों दोनों के बीच डिजिटल शिक्षा के लाभ के बारे में जागरूकता फैलाने में एक सहायक के रूप में कार्य करेगा। चूंकि कई शहरों और गाँवों में अच्छे शिक्षक नहीं मिल पाते हैं, इसलिए माता-पिता एक डिजिटल स्टूडियो के कामकाज को देख सकेंगे और अनुभव कर सकेंगे कि कैसे उनके बच्चे अपने घर पर देश के शीर्ष शिक्षकों से सीख सकते हैं।इससे विद्यार्थियों व अभिभावकों में ऑनलाइन शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।</p>
<p><br />उत्कर्ष क्लासेस के संस्थापक और सीईओ डॉ. निर्मल गहलोत कहते हैं, “उत्कर्ष देश के हर घर को गुणवत्तापूर्ण और एफोर्डेबल एजुकेशन प्रदान करने में विश्वास करता है। उत्कर्ष के इस वर्ष में अपने 2 दशकों के संचालन को पूरा करने के साथ, हमने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया, जिसमें हमारा लक्ष्य देश में डिजिटल लर्निंग के लाभों के बारे में अधिकतम जागरूकता फैलाना है और हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को श्रेष्ठ आकार देने में अच्छी शिक्षा और मार्गदर्शन की भूमिका पर जोर देना है। इस पहल के माध्यम से हम अगले 2 वर्षों में 5 मिलियन से अधिक छात्रों तक पहुँचेंगे। हमारा शिक्षा रथ शुरू में देश के हिंदी भाषी क्षेत्र- राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली की यात्रा करेगा। हम अगले 5 वर्षों में पूरे भारत में 10 और शिक्षा रथ लॉन्च करेंगे।"<br />'शिक्षा रथ' 13 अप्रैल को जोधपुर से अपनी यात्रा शुरू करने के साथ ही राजस्थान के जैसलमेर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामदेवरा की यात्रा करेगा। प्रायोगिक चरण में 'शिक्षा रथ' जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों के छोटे शहरों और गाँवों को कवर करेगा।<br />उत्कर्ष क्लासेस अपने लर्निंग एप के माध्यम से सरकारी भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही कक्षा 6 से 12वीं के लिए स्कूली शिक्षा के विद्यार्थियों हेतु घर बैठे उच्च कोटि की डिजिटल शिक्षा उपलब्ध करवाता है।जब यह 'शिक्षा रथ' विद्यार्थियों के गॉंव/शहर में यात्रा करेगा तब विद्यार्थी अपने पसंदीदा शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और सीखने में सक्षम होंगे। <br /><br /><strong>हमारे देश के छिपे हुए रत्नों की पहचान करेगा शिक्षा रथ</strong><br />प्रतिभा हर जगह है, अवसर नहीं है। हमारे देश के छोटे शहरों में गुणवत्ता वाले बहुत से शिक्षक निवास करते हैं, परन्तु कई कारणों से उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं होता है और जनता उनकी विशेषज्ञता से लाभान्वित नहीं हो पाती है। ‘डिजिटल क्लासरूम ऑन व्हील्स’ ऐसे शिक्षकों को उत्कर्ष के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश भर के विद्यार्थियों तक अपनी शैक्षिक सामग्री पहुँचाने में सक्षम बनाएगा।</p>
<p><br /><strong>यू-ट्यूब लाईव कक्षाएँ निर्बाध चलती रहेगी</strong> <br />इस शिक्षा रथ के माध्यम से उत्कर्ष के करेंट अफेयर्स के स्टार टीचर कुमार गौरव सर पूरे भारत में विद्यार्थियों को मोटिवेट करेंगे व उन्हें तनाव रहित रहकर,मेहनत करते हुए जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के टिप्स देंगे।इस दौरान कुमार गौरव सर की रोज़ाना सुबह 6 बजे यू-ट्यूब पर होने वाली करेंट अफेयर्स की लाईव क्लास (जो भारत की सर्वाधिक लाईव देखी जाने वाली क्लास है ) भी निर्बाध रूप से चलती रहेगी, वे शिक्षा रथ में निर्मित स्टूडियो के माध्यम से अपनी क्लास ले पायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/country-s-leading-edutech-company-utkarsh-built-india-s-first-digital-classroom-on-wheels-shiksha-rath/article-7866</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/country-s-leading-edutech-company-utkarsh-built-india-s-first-digital-classroom-on-wheels-shiksha-rath/article-7866</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 17:57:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/133.jpg"                         length="80327"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है: HC]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hijab.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक हाई कोर्ट ने कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की अपील करने वाली पांच याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला दिया है कि हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिजाब न पहनने से निजता व शिक्षा के मूल अधिकार का हनन नहीं होता है। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि स्कूल वर्दी का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से मान्य है। वर्दी के मामले में छात्राओं की आपत्ति उचित नहीं है। वास्तव में यह ऐसा रूढिवादीता फैसला है, जिसका मुस्लिम समाज के प्रगतिशील तबके को स्वागत करना चाहिए। यह एक ऐसा फैसला भी है, जिसके बाद हिजाब विवाद यहीं समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन लगता है ऐसा नहीं होगा क्योंकि याचिका दायर करने वाली छात्राओं के वकील ने कहा है कि मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे। दरअसल, कर्नाटक स्थित उड्डी के दो सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों की कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन द्वारा कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। इससे पहले फरवरी के मध्य में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक में फिर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। जब इस मामले का विरोध हुआ तो कुछ छात्र भगवा शॉल डालकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीति गर्म रही। तब इस विवाद के मूल में राजनीतिक निहितार्थ की बात कही गई। इसे लेकर मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने भी कहा कि अकादमिक सत्र के बीच में अचानक यह मुद्दा क्यों उठा? लगता है कि इसके पीछे किसी का हाथ है। निस्संदेह, अशांति पैदा करने व सद्भाव को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया गया। इस विवाद को लेकर आंदोलन में जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं। स्कूल-कॉलेज बंद तक करने की नौबत आ गई। धार्मिक स्वतंत्रता व निजता के अधिकार को लेकर बहस शुरू हो गई। लेकिन अंतत: अदालत ने इस सबसे इनकार कर दिया। लेकिन हिजाब की रस्म को जिस तरह मजहबी-चोला पहनाकर इस्लाम के मुल्ला व फतवा जारी करने वालों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया। जबकि आज महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 13:03:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/hijab.jpg"                         length="42163"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        