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                <title>CM - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>CM RSS Feed</description>
                
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                <title>बिहार में अगले सीएम के नाम पर संशय बरकरार : नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों के बीच योग्य उम्मीदवार के नाम पर मंथन जारी, अंतिम नाम पर बनी अनिश्चिता</title>
                                    <description><![CDATA[सियासी हलचल तेज है। नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों के बीच बीजेपी नए मुख्यमंत्री चेहरे पर मंथन में जुटी है, लेकिन फैसला अब तक अधर में है। दिल्ली में प्रस्तावित कोर कमेटी बैठक रद्द होने और नेताओं के खाली लौटने से मतभेद की चर्चाएं तेज हैं। वहीं जदयू ने अहम बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/doubt-continues-over-the-name-of-the-next-cm-in/article-150084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/nitish_kumar.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों और तेज होती राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा में शीर्ष पद के लिए भावी योग्य उम्मीदवार के नाम पर लगातार मंथन जारी है और अंतिम नाम पर अनिश्चिता अभी भी बनी हुई है। बिहार के राजनीतिक गलियारों में कई प्रमुख नाम संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में हैं, लेकिन प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच सत्तारूढ़ राजग के घटक दलों के बीच लगातार बातचीत की खबरें भी मिल रही हैं। पहले से प्रस्तावित दिल्ली में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व की कोर कमेटी की प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक कथित तौर पर बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दी गई। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बिहार से राजधानी पहुंचे नेताओं के खाली हाथ पटना लौटने की खबर है, जिससे राजग के घटक दलों के बीच मतभेद की अटकलें भी तेज हो गई हैं। मौजूदा अनिश्चितता के बीच, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने शनिवार सुबह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर एक अहम बैठक बुलाई, जो दो घंटे से अधिक चली। बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने बदलते राजनीतिक हालात, अगले मुख्यमंत्री के चेहरे और संभावित नए मंत्रिमंडल की संरचना जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:29:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>मणिपुर में नए सीएम के लिए रस्साकसी : संबित पात्रा ने राज्यपाल एबी भल्ला से की बातचीत, भाजपा ने अभी तक नाम की घोषणा नहीं की</title>
                                    <description><![CDATA[ बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद मणिपुर में भाजपा में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर रस्साकसी जारी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-manipur-the-tussle-for-the-new-cm-patra-talks/article-104138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/bjp5.png" alt=""></a><br /><p>इंफाल। बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद मणिपुर में भाजपा में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर रस्साकसी जारी है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने बुधवार को राजभवन गए और राज्यपाल एबी भल्ला से बातचीत की। पात्रा रविवार को यहां पहुंचे थे और उन्होंने नेताओं से कई दौर की बातचीत की। </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक भाजपा विधायक दो गुटों में बंटे हुए हैं और इसलिए मामले को सुलझाने में समय लग रहा है। अगले मुख्यमंत्री के लिए कई नाम सामने आए हैं, लेकिन भाजपा ने अभी तक नाम की घोषणा नहीं की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 12:58:51 +0530</pubDate>
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                <title>पूर्व सीएम एसएम कृष्णा का निधन </title>
                                    <description><![CDATA[ कर्नाटक और भारत के सबसे प्रतिष्ठित राजनेताओं में से एक और पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा का मंगलवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/former-cm-sm-krishna-passes-away%C2%A0/article-97294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/99304400-sizee.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक और भारत के सबसे प्रतिष्ठित राजनेताओं में से एक और पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा का मंगलवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आधुनिक बेंगलुरु के वास्तुकार माने जाने वाले कृष्णा ने कुछ समय तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद मंगलवार सुबह 2:45 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका जन्म एक मई, 1932 को मांड्या जिले के सोमनहल्ली गांव में हुआ। उन्होंने 1962 में मद्दूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक स्वतंत्र विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल (1999-2004) अभूतपूर्व वृद्धि एवं विकास के युग की शुरुआत के लिए याद किया जाता है। </p>
<p>उनके नेतृत्व के दौरान बेंगलुरु भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरा, जिसने प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के केंद्र के रूप में वैश्विक पहचान प्राप्त की। कृष्णा का योगदान कर्नाटक तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल (2004-2008) और भारत के विदेश मंत्री (2009-2012) के रूप में कार्य किया, जहां उनके राजनयिक कौशल ने भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 11:31:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भजनलाल सरकार ने मांगी टैक्स में 50% हिस्सेदारी, राजस्थान विशेष परिस्थितियों वाला प्रदेश : CM</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने वित्त आयोग से सड़क एवं पुल, सिंचाई परिसंपत्तियों और वनों के लिए रखरखाव अनुदानों को फिर से शुरू करने का अनुरोध भी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhajanlal-government-asked-for-50-share-in-tax-rajasthan-is/article-86551"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharmaa-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्र सरकार की ओर से गठित 16वां वित्त आयोग राजस्थान के दो दिवसीय दौरे पर है। आयोग के सामने गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की हर विषम परिस्थितियों का विस्तार से विवरण करते हुए देश के सबसे बड़े प्रदेश का राजस्थान का पक्ष मजबूती से रखा। शर्मा ने आयोग से कहा है कि वह हर पहलु को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें करे। राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा ने प्रजेंटशन दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने आयोग के सभी सदस्यों का स्वागत किया। उनके सम्मान में रात्रि भोज भी आयोजित किया। आयोग के समक्ष शुक्रवार को विभागवार प्रजेंटेशन दिया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक स्थिति, विशाल क्षेत्रफल, मरूस्थलीय भू-भाग, जल संसाधनों की अत्यधिक कमी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति की बड़ी आबादी के परिप्रेक्ष्य में वित्त आयोग केन्द्र सरकार से राजस्थान को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की सिफारिश करें। उन्होंने वित्त आयोग से प्रदेश में भीषण जल संकट को ध्यान रखते हुए विशेष वित्तीय सहायता देने के लिए केन्द्र सरकार को सिफारिश करने का भी पुरजोर आग्रह किया है। मुख्यमंत्री शर्मा गुरुवार को सचिवालय में 16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान विशाल भूभाग और बिखरी हुई आबादी वाला राज्य है, इस कारण यहां शिक्षा, चिकित्सा व स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, संचार सुविधा आदि बुनियादी सुविधाएं आमजन तक पहुंचाने के लिए दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक लागत आती है। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त लागत और प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को वित्तीय संसाधन मुहैया कराए जाएं। शर्मा ने कहा कि राज्य को तकरीबन हर वर्ष हीट वेव का सामना करना पड़ता है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के निवासियों की आजीविका प्रभावित होती है।  इसके साथ ही, रेगिस्तानी टिड के कारण फसलों को क्षति पहुंचती है। </p>
<p>इसको ध्यान में रखते हुए हीट वेव एवं रेगिस्तानी टिड्डियों के खतरे को प्राकृतिक आपदा माना जाए और इन्हें राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) में प्राकृतिक आपदा की परिभाषा में शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने वित्त आयोग से केन्द्रीय करों के वितरण के लिए ऐसा फार्मूला विकसित करने का अनुरोध किया, जो कि क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने का साधन बने और समाज के सभी क्षेत्रों और वर्गों के लिए महत्वपूर्ण न्यूनतम बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए अधिक संसाधन आवंटित करने में सहायक हो। उन्होंने केन्द्रीय कर आय में राज्यों की हिस्सेदारी को अंतिम रूप देते समय प्रदेश के क्षेत्रफल को विशेष महत्व दिए जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने वित्त आयोग से सड़क एवं पुल, सिंचाई परिसंपत्तियों और वनों के लिए रखरखाव अनुदानों को फिर से शुरू करने का अनुरोध भी किया।</p>
<p><strong>केश स्कीमों से बढ़ा राजकोषीय घाटा: पनगड़िया</strong><br />राजस्थान के दौरे पर आए 16वें वित्त आयोग के सामने राजस्थान सरकार ने करों में 50 फीसदी हिस्सा मांगा है। आयोग के अध्यक्ष अरविन्द पनगड़िया ने गुरुवार को यहां पत्रकारों को बताया कि केश स्कीमों के वजह से राज्यों सरकारों का राजकोषीय घाटा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने पांच प्रमुख आधारों को पेश करते हुए करों में 50 प्रतिशत हिस्सा देने की मांग की है। केन्द्र से अभी टैक्स में 41 प्रतिशत हिस्सेदारी ही मिलती हैं। इसके साथ ही राजस्थान की  भौगोलिक, क्षेत्रफल, जनसंख्या और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राज्यों के बीच हिस्सेदारी के मानकों में भी बदलाव की मांग की है। आयोग इन दिनों राज्यों के दौरे पर है। अब तक उसने चार राज्यों का दौरा किया है। अभी 24 प्रदेशों में दौरा करना बाकी है। पनगड़िया के अनुसार अपने दौरे में आयोग राज्य सरकारों से वार्ता करने के बाद उनकी वित्तीय स्थिति का आंकलन कर रहा है। सभी राज्यों और केन्द्र सरकार से बातचीत के बाद आयोग अपनी सिफारिशें देगा। उसी आधार पर देश में आने वाले समय में केन्द्र और राज्यों के बीच करों का वितरण तय होगा। आयोग को यह भी देखना है कि देश में वित्तीय स्थिरता बनी रहे। इसलिए हम इस तरह की योजनाओं से होने वाले असर पर भी विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हम इसे अपनी सिफारिशों में शामिल करेंगे या नहीं। इस बारे में अभी नहीं बताया जा सकता हैं। लेकिन यह जरूर है कि वित्त आयोग इस तरह की योजनाओं से पड़ने वाले असर का आंकलन जरूर करेगा। </p>
<p><strong>यह दिया राज्य सरकार ने प्रजेंटेशन</strong><br />पनगड़िया के अनुसार राजस्थान सरकार की ओर से बैठक में आयोग के सामने प्रजेंटेशन देते हुए कहा गया कि राजस्थान देश में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य हैं। लेकिन राज्य का दो तिहाई हिस्सा रेगिस्तान हैं। देश की वेस्ट लैंड का 21 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में हैं। यहां करीब 1071 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर हैं। प्रदेश में जनसंख्या घनत्व कम होने से लोगों तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्चा होता हैं। राजस्थान की 75 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती हैं। वहीं यहां एससी-एसटी की आबादी भी 21 प्रतिशत हैं। प्रदेश में पानी एक बड़ी समस्या हैं। ऐसे में राजस्थान की इन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने वित्त आयोग से मांग की है कि राज्यों में करो की हिस्सेदारी में भी राजस्थान के मानकों में बदलाव किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 09:26:27 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह</title>
                                    <description><![CDATA[ लोकसभा चुनावों के दौरान सिद्दारमैया ने दावा किया था कि नई सरकार ने  एक साल में इतना अच्छा काम किया है कि पार्टी सभी 28 लोकसभा सीटें जीतने की स्थिति में है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/increasing-internal-strife-in-karnataka-congress/article-84024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(8)5.png" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक में लोकसभा के चुनावों में आशा से बहुत कम सीटें आने के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में आन्तरिक कलह बढ़ गई है। राज्य में मोटे तौर पर दो गुट हैं। एक गुट मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का तथा दूसरा गुट उपमुख्यमंत्री तथा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार का।<br />गत वर्ष मई में हुए विधानसभा चुनावों में  कांग्रेस को कुल 224 सीटों में से 135 सीटें मिली थीं। पार्टी बीजेपी को पराजित कर सत्ता में आई थी। लोकसभा चुनावों के दौरान सिद्दारमैया ने दावा किया था कि नई सरकार ने  एक साल में इतना अच्छा काम किया है कि पार्टी सभी 28 लोकसभा सीटें जीतने की स्थिति में है , लेकिन माना जा रहा था कि पार्टी कम से कम 20 सीटें तो जरूर जीत सकेगी।  पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने 28 में से 26 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की। कांग्रेस को केवल एक सीट पर ही  सब्र करना पड़ा था। उन चुनावों में कभी कांग्रेस के साथ रही पार्टी जनता दल (स) को एक सीट मिली थी। इस बार बीजेपी और जनता(स) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन को कुल 19 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 9 सीटें लेकर संतोष करना पड़ा।<br />इस हार के बाद कांग्रेस पार्टी में आन्तरिक कलह खुल कर सामने आ गई। दोनों गुट हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ने लगे। विरोधी गुट ने इस हार के लिए सिद्दारमैया को जिम्मेदार ठहराया। जबकि सिद्दारमैया गुट कहना था कि हार की जिम्मेदारी संगठन की भी है, जिसके मुखिया   शिवकुमार हैं। सच्चाई यह है कि चुनाव के दौरान दोनों गुटों में सामंजस्य नहीं था। गुटबंदी के चलते जीत सकने वाले कई पार्टी नेताओं को टिकट नहीं मिला। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद शिवकुमार गुट ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला कर दिया। शिवकुमार राज्य के प्रभावशाली वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। इस समय वे इस समुदाय के एकमात्र और निर्विवादित नेता हैं। राज्य की जातिवादी राजनीति में समुदायों के संत और महंत बड़ी भूमिका निभाते हैं। शिवकुमार को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ दिन पहले वोक्कालिगा समुदाय के संतों का एक बड़ा सम्मलेन आयोजित किया गया। इसमें यह मांग की गई कि पार्टी नेतृत्व को बदलकर शिवकुमार को मुख्यमंत्री का पद दिया जाना चाहिए।<br />इसका तुरंत उत्तर देते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि वे राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं। उन्हें  किसी ने नामजद नहीं किया है। वे अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। <br />सिद्दारमैया पिछड़े वर्ग से आते हैं। जिन्हें स्थानीय भाषा में अहिन्दा कहा जाता है। अब बारी अहिन्दा नेताओं की थी। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि सिद्दारमैया को किसी भी सूरत में उनके पद से नहीं हटाया जाना चाहिए। सिद्दारमैया और शिवकुमार की अदावत पुरानी है। विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले जब शिवकुमार को राज्य में पार्टी का मुखिया बनाया गया था, तो सिद्दारमैया ने इसका विरोध किया था। उस समय  शिवकुमार गांधी परिवार के बहुत निकट थे। इसलिए वे राज्य पार्टी के मुखिया बनने में सफल रहे। वे न केवल राज्य कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता हैं, बल्कि एक कुशल संगठक भी हैं। पार्टी के नेताओं का एक बड़ा वर्ग मानता है कि  विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत का ज्यादा श्रेय  उन्हीं को जाता है। जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के वे एक बड़े दावेदार थे, लेकिन कुछ अन्य कारणों से कांग्रेस हाई कमान ने सिद्दारमैया को मुख्यमंत्री  बनाया गया।<br />शिवकुमार  को  उपमुख्यमंत्री का पद दिया गया। उन्हें उनकी पसंद का और महत्वपूर्ण विभाग भी उन्हें दिया गया। इसके साथ यह भी तय हुआ लोकसभा चुनावों तक शिवकुमार राज्य कांगेस पार्टी के मुखिया बने रहेंगे। यह भी तय हुआ कि मुख्यमंत्री सभी बड़े फैसले शिवकुमार की सहमति से ही करेंगे। यह भी साफ कर दिया गया कि शिवकुमार लोकसभा का चुनाव होने तक कांग्रेस के मुखिया भी बने रहेंगे। यानी लोकसभा चुनाव उनके नेतृत्व  में लड़ा जाएगा। उन दिनों यह भी चर्चा  थी कि ढाई साल बाद शिवकुमार को मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि शिवकुमार के समर्थक कांग्रेस आला कमान पर यह दवाब बना रहे है कि राज्य सरकार के नेतृत्व में परिवर्तन को जल्दी से जल्दी अंजाम दे दिया जाए। जिस ढंग से दोनों गुट एक दूसरे के आमने सामने  खड़े हैं, उसको  देखते हुए लगता है कि जंग अभी और तेज होगी।</p>
<p><strong>-लोकपाल सेठी<br /></strong><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 12:39:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>CM का बजट पूर्व संवाद,  सीएम बोले, हमारा लक्ष्य - समर्थ राजस्थान, विकसित राजस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने कहा कि 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प के अनुरूप हमारी सरकार प्रदेश में उद्योगों का विस्तार एवं युवाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता से हर स्तर पर निरंतर क्रियाशील है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cms-pre-budget-dialogue-cm-said-our-goal-samarth-rajasthan/article-82057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/cmo.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य - समर्थ राजस्थान, विकसित राजस्थान का है। सीएम ने आज सीएमओ में राजस्थान के आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के संबंध में उद्योग एवं सेवा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक ली और बजट के अंतर्गत औद्योगिक विकास को समर्पित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा इस दिशा में अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प के अनुरूप हमारी सरकार प्रदेश में उद्योगों का विस्तार एवं युवाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता से हर स्तर पर निरंतर क्रियाशील है। बैठक में उपमुख्यमंत्री वित्त मंत्री दिया कुमारी सहित कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 19:00:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आमजन को सस्ती दरों पर आसानी से उपलब्ध होगी बजरी: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम भजन लाल ने कहा कि को खनिज बजरी की सस्ती उपलब्धता आसानी से सुनिश्चित कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gravel-will-be-easily-available-to-the-common-people-at/article-81456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/bhajanlal-sharmaa.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आमजन को खनिज बजरी की सस्ती उपलब्धता आसानी हो सके, इसके लिए मुख्यमंत्री ने भीलवाड़ा जिले में खनिज बजरी के खनन पट्टों के तीन मंशा पत्र (एलओआई) जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है।</p>
<p>सीएम भजन लाल ने कहा कि को खनिज बजरी की सस्ती उपलब्धता आसानी से सुनिश्चित कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में हमारी सरकार की ओर से आरएसएमएमएल को भीलवाड़ा जिले में खनिज बजरी के खनन पट्टों के तीन मंशा पत्र (एलओआई) जारी करने की स्वीकृति प्रदान करना हमारी इसी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। इस निर्णय से आमजन को खनिज बजरी सस्ती दरों पर आसानी से उपलब्ध होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को समर्पित हमारी सरकार जन-जन के हितों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है और उनकी समृद्धि के लिए सतत कार्य कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 20:40:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> Rajasthan Police Foundation Day : राज्य स्तरीय समारोह आरपीए में होगा, CM लेंगे परेड की सलामी, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक प्रदान करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस दिवस मनाया जाता है। गत 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस स्थापना के अवसर पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के मध्यनजर केवल औपचारिक कार्यक्रम हुए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%C2%A0/article-81064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/dgp.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजसथान पुलिस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह बुधवार, 12 जून को राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री शर्मा समारोह में सेरेमोनियल परेड की सलामी लेंगे तथा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारी एवं कार्मिकों को पुलिस पदक प्रदान करेंगे। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)  उत्कल रंजन साहू ने बताया कि आरपीए में यह कार्यक्रम बुधवार को सुबह साढ़े 7 बजे से आरम्भ होगा। आरपीए के परेड ग्राऊंड में आयोजित होने वाली सेरेमोनियल परेड में राजस्थान पुलिस अकादमी, चतुर्थ एवं पांचवी बटालियन आरएसी, हाड़ी रानी बटालियन, एसडीआरएफ, जीआरपी, एमबीसी एवं ईआरटी की एक-एक प्लाटून के अलावा जयपुर पुलिस आयुक्तालय की तीन प्लाटून (निर्भया स्कवॉड प्लाटून, पुलिसकर्मी प्लाटून और यातायात प्लाटून) सहित कुल 11 प्लाटून भाग लेंगी।</p>
<p>डीजीपी ने बताया कि इस समारोह के बाद आरपीए में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहीं बुधवार, 12 जून को शाम 7 बजे से जयपुर में जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर पुलिस बैंड का प्रदर्शन किया जाएगा, इसमें राजस्थान पुलिस कें सैन्ट्रल बैंड, हाड़ी रानी बटालियन और संयुक्त बैंज (ब्रास बैंड) का डिस्प्ले होगा। राज्य स्तर पर 13 जून को सुबह 10 बजे से साढ़े 11 बजे तक जयपुर में आरपीए में पुलिस कार्यों में विधि विज्ञान से जुड़े विषयों पर सेमीनार आयोजित होगा। इसी दिन शाम को आरपीए में सांस्कृतिक संध्या और बड़ा खाना का आयोजन रखा गया है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस दिवस मनाया जाता है। गत 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस स्थापना के अवसर पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के मध्यनजर पुलिस मुख्यालय सहित पुलिस आयुक्तालय, पुलिस रेंज, पुलिस जिलों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान और पुलिस यूनिट्स में केवल औपचारिक कार्यक्रम हुए थे। अब पुलिस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस मुख्यालय, पुलिस रेंज, पुलिस जिला और पुलिस यूनिट्स में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%C2%A0/article-81064</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:24:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सतरंगी सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[ तमाम आशंकाओं से इतर जम्मू-कश्मीर की जनता ने जबरदस्त मतदान किया। यह लोकतंत्र की जय भी। क्योंकि दुनियांभर की नजरें यहां टिकी हुईं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/colorful-politics/article-79483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/india-gate031.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बढ़ती मुश्किलें...</strong><br />अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रहीं। एक तो विभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने सीएम आवास से उठाकर जेल पहुंचा दिया। दूसरा, स्वाति मालीवाल के मामले में मानो रायता फैलता ही जा रहा। उनका मेडिकल टेस्ट होने के बाद बकायदा कोर्ट में जज साहब के सामने बयान भी। फिर कुछ ही समय बाद केजरीवाल की जमानत की मियाद भी पूरी हो रही। इधर, ईडी ने पार्टी को मिले चंदे के रूप में विदेशी फंडिंग की शिकायत केन्द्रीय गृह मंत्रालय से कर दी। एक बात और। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के लिए एक राज्यसभा सीट की चर्चा जी का जंजाल बन गया। अब तो राघव चढ्ढा भी स्वदेश लौट चुके। लेकिन कुछ बोल नहीं रहे। फिर जिस बात के लिए केजरीवाल बाहर आए। वह चुनावी अभियान लय ही नहीं पकड़ पा रहा। मतलब सब कुछ उल्टा पुलटा हो रहा!</p>
<p><strong>संकेत ठीक नहीं...</strong><br />राजधानी दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का चुनावी गठजोड़। शनिवार को दिल्ली का छठे चरण में मतदान भी हो गया। लेकिन दोनों दलों की एक भी संयुक्त जनसभा नहीं हो पाई। राहुल गांधी की 18 मई को रैली तो हुई। लेकिन केजरीवाल को नहीं बुलाया। जबकि गठबंधन की रवायत। कम से कम प्रदेश स्तर की एक रैली तो साथ होती। लेकिन राजधानी में ऐसा नहीं हुआ। जबकि पंजाब में दोनों ही एक-दूसरे पर हमलावर। जहां अंतिम चरण में एक जून को मतदान होगा। अब यह दोनों के बीच राजनीतिक स्वार्थ, विश्वास की कमी या चुनावी रणनीति की कमजोरी? लेकिन कार्यकर्ता जरूर असमंजस में। वैसे पंजाब में जहां पिछली बार कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया। तो इस बार ‘आप’ प्रचंड बहुमत से प्रदेश में सत्तारूढ़। ऐसे में उसे प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद। लेकिन बीच में भाजपा और अकाली दल भी। सो, क्या कहा जाए?</p>
<p><strong>परिणाम से पहले...</strong><br />आम चुनाव का परिणाम चार जून को आएगा। छठे चरण का मतदान भी हो चुका। इस बीच, चुनाव आयोग के प्रतिबंध के बावजूद इधर-उधर से ‘चुनावी विशेषज्ञ’ अनुमान बता रहे। और यह लोग भी दो धड़ों में बंटते हुए दिख रहे। खासतौर से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और चुनाव विश्लेषक से नेता बने योगेन्द्र यादव के अनुमानों की खासी चर्चा। अब इन दोनों का झुकाव भी साफ दिख रहा। वहीं, एग्जिट पोल करने वाली कंपनियों को एक जून शाम तक का इंतजार। लेकिन जब से चुनाव पूर्व सीटों के आंकड़े आने लगे। तब से देश की जनता भी काफी जागरूक हो चुकी। अब समय बहुत बदल चुका। ऐसे में, एग्जिट पोल की दुकानें कब तक चलेंगी। यह समय की बात। लेकिन आम जनता के राजनीतिक विवेक पर किसी को संदेह नहीं। जनता उन्हें झुठला रही। जो चुनावी अनुमानों की आड़ में राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित!</p>
<p><strong>दो मुख्यमंत्री...</strong><br />इस आम चुनाव के बाद दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह लगभग अंतिम सियासी पारी। संयोग से दोनों ही क्षत्रप। और अभी तक यह मालूम नहीं कि यह दोनों ही अपनी राजनीतिक विरासत किसको सौंपेंगे? लंबे समय से दोनों अपने राज्यों का मुख्यमंत्री पद संभाल रहे। एक तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जो जदयू के मुखिया भी। और दूसरे, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक। जो बीजद के अगुवा। यह दोनों नेता इस श्रेणी में। इनकी राजनीति अब ढलान पर। इसका संकेत यह कि पटनायक ने आम चुनाव से पहले भाजपा से गठजोड़ की कोशिश की। तो नीतीश ने भी फिर से पाला बदल लिया। इन दोनों ही नेताओं पर उम्र का असर भी साफ दिख रहा। ऐसे में, जदयू और बीजद का आगे क्या होगा? और कौन इन्हें संभालेगा? कम से कम अभी तक तो इसका कोई संकेत नहीं! बाकी भविष्य के गर्भ में।</p>
<p><strong>लोकतंत्र की जय...</strong><br />तमाम आशंकाओं से इतर जम्मू-कश्मीर की जनता ने जबरदस्त मतदान किया। यह लोकतंत्र की जय भी। क्योंकि दुनियांभर की नजरें यहां टिकी हुईं। अब तक तीन संसदीय क्षेत्रों में वोटिंग हो चुकी। श्रीनगर 38, बारामूला 60 और अनंतनाग में हुआ 54 फीसदी मतदान बता रहा। प्रदेश की जनता का इस व्यवस्था में पूरा भरोसा। मतलब, जो अब तक देश और सीमा पार से प्रचारित किया जा रहा था। जमीनी हालात उसके एकदम विपरीत। लेकिन पड़ोसी पाक के पीओजेके में हालात बता रहे कि चंद किलोमीटर की दूरी और एलओसी के उस पार स्थिति भयावह। एक दिन जबरन कब्जाया गया पाक अधिकृत क्षेत्र भी भारत का हिस्सा होगा। आजकल इसकी भी खूब चर्चा। पीएम मोदी और कई केन्द्रीय मंत्री लगातार इसका संकेत दे रहे। ऐसे में यदि मजबूत सरकार बनी। तो मानकर चलिए, लोकतंत्र की यह बयार प्रदेश में नीचले स्तर तक पूरी रौ में बहेगी।</p>
<p><strong>बदलाव की आहट!</strong><br />साल 2014 में जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने। तब से ही उन्होंने भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं को पूर्वी क्षेत्र के राज्यों पर फोकस करने की हिदायत दी थी। ताकि पार्टी का और विस्तार हो सके। हिन्दी पट्टी में भाजपा शीर्ष प्रदर्शन कर चुकी थी। अब आम चुनाव-2024 के परिणाम से पहले वहीं से बदलाव की आहट। पूर्वोत्तर ही नहीं। बल्कि खासतौर से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावनाएं जताई जा रहीं। राजनीतिक जानकारों की राय। भाजपा यदि हिंदी पट्टी से कुछ नुकसान में रही। तो उसकी भरपाई पूर्व के यही दो राज्य करेंगे। मतलब जिस मेहनत की शुरूआत पीएम मोदी की इच्छा के बाद भाजपा संगठन ने की थी। उसका परिणाम आने की संभवना। फिर भाजपा दक्षिण में कमजोर मानी जाती। लेकिन अबके आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में बेहतरी की आशा। वहीं, तमिलनाडु एवं केरल में मौजूदगी दर्ज कराने की स्थिति में!</p>
<p><strong>कब तक?</strong><br />आम चुनाव के पहले चरण में अपेक्षाकृत मतदान कम हुआ। तो दल और नेता मानो उसी परंपरागत जाति-धर्म के ढर्रे आ गए। तो यह माना जाए कि कितनी भी विकास की बात कर लो। लेकिन वोट तो जाति, धर्म पर ही डलता। जबकि बीते तीन दशकों में, जब से एलपीजी (लिबरलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन) लागू हुआ। भारत बहुत बदल चुका। लगभग हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखे जा सकते। इसके बावजूद राजनीतिक समीकरण जाति, धर्म पर आकर टिक जाएं। तो क्या कहा जाए? चुनाव आयोग ने गलत बयानबाजी पर दलों एवं नेताओं को ताकिद किया। लेकिन उतना असरकारक नहीं। फिर ठोस कार्रवाई तो आगे की बात। जबकि सभी जानते। योग्यता, क्षमता और प्रतिभा को सबसे आगे रखा जाना। लोकतंत्र और व्यवस्था के हित में। भारत के विकसित देश बनने में यह कारगर। इसके बावजूद जाति, धर्म की जड़वत परंपरा कब खत्म होगी? कोई नहीं जानता।</p>
<p><strong>दिल्ली डेस्क</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 11:35:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहले लगा आतिशबाजी हो रही, फिर अहसास हुआ कि गोलियों की बौछार हो रही है : फरहा</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में घायल फरहा खान ने कहा, मेरी अपील है पति को आंख डोनेट की जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/at-first-it-seemed-like-fireworks-were-going-off-then/article-79112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer59.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जम्मू-कश्मीर में 18 मई की रात आतंकी घटना में बुरी तरह घायल हुई फरहा खान बताती हैं कि उस दिन मेरे भाई सलमान की बिटिया का जन्मदिन था, अनंतनाग में होटल में पार्टी रखी थी। जैसे ही हमारा 50 लोगों का ग्रुप रात करीब साढ़े नौ बजे होटल पहुंचा तो मैं और मेरे पति तबरेज पठान होटल में सभी के पीछे-पीछे चल रहे थे। तभी धमाकों की आवाज आई तो लगा कि जन्मदिन की पार्टी है, वेलकम के लिए धमाका किया होगा, लेकिन दूसरे ही पल तबरेज के मुहं के पास से गोली निकल गई। तब अहसास हुआ कि आतंकी हमला हुआ है। यह कहना है हमले में घायल हुई फरहा का। मैं मेरे बेटे हैदर को बचाने के लिए पीछे दौड़ी तो मुझे दो गोलियां लगी। मेरी पीठ और तरबेज की आंखों से खून का फव्वारा छूट गया। मैं निढाल होकर गिर गई। लगा कि कुछ ही पल की मेहमान हूँ। मैंने हमलावरों को नहीं देखा था, लेकिन मेरे बेटे हैदर ने हमलावरों को देखा, उसने बताया कि हमलावर बाइक से आए और पीछे से गोलियां चला कर चले गए। परिजनों ने मुझे और पति को अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्रेसिंग के बाद हमें आर्मी हॉस्पिटल जम्मू भेज दिया गया। आर्मी हॉस्पिटल में हमारा बहुत अच्छे से इलाज हुआ। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने हमारा बहुत साथ दिया। मेरे पति की दोनों आंखें डैमेज हो चुकी हैं। एक आंख तो पूरी तरह खराब हो गई, जबकि दूसरी आंख करीब 20 प्रतिशत ठीक है, उनका इलाज चेन्नई स्थित हॉस्पिटल में हो रहा है, यदि उनको डोनर आंख देता है तो वे फिर से दुनिया देख पाएंगे। जम्मू कश्मीर घूमने गए फरहा समेत सभी लोग जयपुर अपने घर पहुंच चुके हैं। </p>
<p><strong>अब तो हिल स्टेशन जाने से भी डर लगने लगा</strong><br />फरहा बताती हैं कि अब तो हिल स्टेशन जाने से भी डर लगने लगा है। हमने दुबई जाने का प्रोगाम बनाया था, लेकिन बाद में जम्मू-कश्मीर जाने का मन बनाया। परिवार में बात की तो एक-एक कर 50 लोग तैयार हो गए। सभी परिवार के लोग अनेक सपनों के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे, लेकिन आतंकी घटना ने सपने को चकनाचूर कर दिया।</p>
<p><strong>जम्मू-कश्मीर तो जयपुर-दिल्ली जैसा </strong><br />हमले से कुछ देर पहले ही मैंने शौहर को बताया था कि जम्मू-कश्मीर तो पूरी तरह जयपुर, दिल्ली जैसे शहरों जैसा दिखता है। होटल में प्रवेश करते उससे पहले ही मुहं बांधकर आए आतंकियों ने हमला कर दिया। वो बताती हैं कि अनंतनाग होटल में आतंकियों की फायरिंग में घायल जम्मू स्थित आर्मी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। </p>
<p><strong>दो-तीन छर्रे मेरे भी लगे: सलमान खान</strong><br />फरहा खान के भाई सलमान खान ने बताया कि जब मेरे दीदी और जीजाजी को गोली लगी तो मैं दौड़कर उधर गया तो दो-तीन छर्रे मेरे भी लगे, जिन्हें अस्पताल में बाहर निकाल दिया गया।<br /><strong>फरहा का एक्सरे-सिटी स्कैन, सारी जांचें नॉर्मल</strong><br />आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में घायल जयपुर के दंपती को जम्मू स्थित मेडिकल कॉलेज में इलाज के बाद अब जयपुर शिफ्ट किया गया है। पति तबरेज खान (सनी) को आंख के इलाज के लिए चेन्नई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि पत्नी फरहा खान को गुरुवार को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया है। फरहा ने कहा कि मेरे पति की दोनों आंखें डैमेज हो चुकी हैं। गोली मेरे पति के नाक की हड्डी को चीरते हुए निकली तो उनकी नाक का भी ऑपरेशन हुआ। मेरी अपील है कि मेरे पति को एक आंख डोनेट की जाए।</p>
<p>अस्पताल में एक्स-रे के साथ ही फरहा के कंधे का सिटी स्कैन किया। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार फरहा का हॉस्पिटल में चेकअप किया गया है। उनके बुलेट के घाव को अच्छी तरह से एग्जामिन किया गया। दाहिने कंधे में गोली लगने से फरहा के कंधे की हड्डी भी क्रेक हो गई थी। जम्मू के आर्मी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कर कंधे के पास प्लेट डाली गई थी। एक्स-रे और सिटी स्कैन में सभी चीजें नॉर्मल आने के बाद उनके कंधे की ड्रेसिंग करके दोबारा प्लास्टर लगाया गया है। मरीज को ऑब्जर्वेशन के लिए भर्ती रहने के लिए कहा लेकिन बच्चे छोटे होने के कारण परिजनों ने मना कर दिया। परिजन स्वेच्छा से उन्हें घर ले गए हैं। उनको उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। हमने मरीज को 10 दिन बाद फोलोअप के लिए हॉस्पिटल आने को कहा है और जरूरी दवा दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 May 2024 10:41:37 +0530</pubDate>
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                <title>शपथ लेते ही एक्शन में सीएम पेपरलीक की जांच करेगी एसआईटी</title>
                                    <description><![CDATA[ मीडिया से हुए मुखातिब, कहा महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार उन्नमूलन सरकार की रहेगी प्राथमिकता ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sit-will-investigate-cm-paper-leak-in-action-as-soon/article-64256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/cm-bhajan-lal-shara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सीएम भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में आ गए हैं। सीएमओ में पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद पहले ही दिन मीडिया से मुखातिब होते हुए सरकार की प्राथमिकता तय की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार का जीरो टालरेंस की नीति अपनाकर उन्नमूलन होगा। कोई भी अपराध हो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। सीएम ने ऐसे में पहले दिन से ही चुनावी घोषणा पत्र के वादों पर काम करना शुरू कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने राजस्थान के युवाओं के पेपरलीक से पिछली सरकार में भविष्य चौपट होने की बात कहते हुए कहा कि राजस्थान में जो पेपरलीक हुए हैं, उसकी जांच और दोषियों को सजा के लिए एसआईटी गठन का काम शुरू कर दिया गया है। पेपरलीक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में पेपरलीक ना हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। राजस्थान में संगठित अपराधों को रोकने के लिए एंटी गैंगेस्टर टॉस्क फोर्स के गठन का भी फैसला किया गया है। एडीजी स्तर के अधिकारी को इसका जिम्मा दिया जाएगा। सरकार अपराधी तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई के लिए दृढ़ संकल्पित है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में महिलाओं के सम्मान के लिए काम किए हैं। राजस्थान में अत्याचार देखा है। भाजपा सरकार अब महिला और बालिकाओं पर अत्याचार सहन नहीं करेगी। भ्रष्टाचार के जितने भी मामले लंबित पड़े हैं, उनका निस्तारण होगा और आम व्यक्ति जब सरकारी विभागों में जाए तो उसके काम के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान मिले, भ्रष्टाचार पर जवाबदेही तय होगी। </p>
<p><strong>विकसित भारत अभियान आज से, पीएम लाइव जुड़ेंगे, सीएम भी जाएंगे</strong>: भाजपा के विकसित भारत अभियान की लांचिंग शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी दोपहर 2:15 बजे अपने लाइव संबोधन से महारानी कॉलेज में करेंगे। सीएम भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, दीया कुमारी भी रहेंगे।</p>
<p>भाजपा ने अभियान के लिए प्रदेश पदाधिकारियों सहित सभी मोर्चो-प्रकोष्ठों और विभिन्न स्तरों पर कार्य विभाजन और जिम्मेदारियां दी गई है। </p>
<p><strong>मोदी की गारंटी, चुनावी घोषणा पत्र की पूरी पालना होगी</strong><br />सीएम भजनलाल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी और भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र की सरकार पूरी तरह पालना करेगी। साथ ही जनता जिन मुद्दों पर त्रस्त हैं, उन पर गंभीरता से राहत को काम होंगे। मोदी का लक्ष्य अंत्योदय है। अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को राहत मिले, इसे देखकर देश में काम हो रहा है। प्रदेश में अब डबल इंजन की सरकार किसान, गरीब, महिला सहित हर वर्ग को ध्यान में रखकर ठोस फैसले करेगी। पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है कि गरीब परिवारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित ना रहे, इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी गठित होगी। कितने लोगों को फायदा मिला, यह कागजी नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर चेक होगा। अगर कोई पात्र व्यक्ति है और योजना का फायदा लेने से छूट जाता है तो जिसकी वजह से वह वंचित रहा, उसकी जिम्मेदारी तय होगी। कल से भारत विकसित संकल्प यात्रा प्रदेश में आयोजित हो रही है, जिसमें योजनाओं से जोड़ना और उनका सशक्तिकरण का काम होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Dec 2023 10:10:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा के सीएम घोषित करने के बाद कांग्रेस ले सकती है नेता प्रतिपक्ष पर फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान कांग्रेस में अभी नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं की गई है। भाजपा के राजस्थान का सीएम घोषित करने का इंतजार कांग्रेस कर सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-can-take-decision-on-leader-of-opposition-after-bjp/article-63977"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/congress-logo-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में अभी नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं की गई है। भाजपा के राजस्थान का सीएम घोषित करने का इंतजार कांग्रेस कर सकती है। राजनीतिक और जातिगत समीकरण साधते हुए कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष का चयन करने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी वर्ग के चेहरे विष्णुदेव साय और मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के चेहरे मोहन यादव को सीएम बनाया है। आदिवासी वर्ग का चेहरा रखकर भाजपा ने बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में संदेश दिया है तो एमपी में ओबीसी वर्ग में यादव चेहरे पर दांव खेलकर यूपी, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में राजनीतिक संदेश भी दे दिया है। अब राजस्थान में भी सामान्य वर्ग या महिला वर्ग से कोई सीएम घोषित करने की चर्चाएं बनी हुई हैं। भाजपा के इस निर्णय से कांग्रेस को भी अपना नेता प्रतिपक्ष चुनने में रणनीति बनाने पर मजबूर होना पड़ा है। अब कांग्रेस संभवत: भाजपा के राजस्थान सीएम घोषित होने के बाद ही नेता प्रतिपक्ष पद पर अपना निर्णय ले सकती है।</p>
<p><strong>कांग्रेस के वोट बैंक में भाजपा की सेंधमारी का डर</strong><br />हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में आदिवासी और ओबीसी वर्ग को साधने की रणनीति पर काम किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई स्टार प्रचारकों ने बार-बार आदिवासियों और ओबीसी वर्ग को साधने से जुडेÞ भाषण दिए। राजस्थान में भी राहुल गांधी ने आदिवासी जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर में तो ओबीसी सीटों वाले जिलों में कई बड़ी सभाएं की। ओबीसी वर्ग को साधने के लिए जातिगत जनगणना का बड़ा दांव भी चला। अब भाजपा ने इन वर्गों के सीएम बनाए तो कांग्रेस को राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष चुनने पर अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कांग्रेस अब आदिवासी या ओबीसी वर्ग का नेता प्रतिपक्ष बनाकर भाजपा पर उनकी अनदेखी का आरोप नहीं लगा पाएगी। लिहाजा अब भाजपा की राजस्थान को लेकर रणनीति पर नजर बनी हुई है। भाजपा ने राजस्थान में सामान्य वर्ग या महिला वर्ग से सीएम बनाया तो कांग्रेस को अपने वोट बैंक को साधते हुए नेता प्रतिपक्ष को लेकर निर्णय लेना होगा। राजस्थान में ओबीसी वोट बैंक में बाहुल्यता वाली जाट जाति, आदिवासी या एससी-एसटी वर्ग से नेता प्रतिपक्ष बनाने की रणनीति रहेगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Dec 2023 11:53:36 +0530</pubDate>
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