<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/xi-jinping/tag-14967" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>xi jinping - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/14967/rss</link>
                <description>xi jinping RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शी जिनपिंग ने रखा चार-सूत्री योजना का प्रस्ताव : दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का करना चाहिए सम्मान, विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार-सूत्री सुरक्षा प्रस्ताव पेश किया है। अबू धाबी के युवराज के साथ बैठक में उन्होंने संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर दिया। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और तेल की कीमतों में उछाल के बीच चीन अब इस संकट में मध्यस्थ बनने की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-increasing-tension-in-west-asia-xi-jinping-proposed/article-150367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shi-jinpin.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका में दिलचस्पी दिखाते हुए कहा है कि उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए यहां अबू धाबी के युवराज ज़ायेद अल नहयान के साथ बैठक में चार-सूत्री प्रस्ताव रखा है। शी जिनपिंग ने शांति पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, विस्तृत, सहयोगपूर्ण और टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का भी पूरी तरह सम्मान होना चाहिए। साथ ही नागरिकों एवं अवसंरचनाओं की भी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।</p>
<p>शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर जोर देते हुए सभी पक्षों से साथ आकर क्षेत्रीय विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने अनुरोध किया। चीन का कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बैठकर शांति वार्ता भी की। यह शांति वार्ता 21 घंटे तक चली लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला, जिससे युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे। इस बीच, अमेरिका ने राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान के बंदरगाहों को बाधित कर दिया है, जिससे तेल के दामों में उछाल देखने को मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-increasing-tension-in-west-asia-xi-jinping-proposed/article-150367</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-increasing-tension-in-west-asia-xi-jinping-proposed/article-150367</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 16:26:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/shi-jinpin.png"                         length="676932"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका नहीं, मैं हूं दुनिया का असली लीडर, चीन का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड पर ट्रंप की चेतावनी से यूरोपीय सहयोगी असहज हैं। चीन ने बहुपक्षवाद, मुक्त व्यापार और सहयोग की बात कर खुद को नया वैश्विक विकल्प पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/i-am-not-america-i-am-the-real-leader-of/article-140438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trunp-and-china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुश्मनों से ज्यादा दोस्तों पर भारी पड़ रहे हैं। पहले उन्होंने टैरिफ लगाकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। अब वह ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका के खास कहे जाने वाले यूरोपीय सहयोगियों को हड़का रहे हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी भी दी है। हालांकि, यूरोपीय देशों ने भी न झुकने की कसम खाई है। इस बीच चीन ने खुद को एक वैकल्पिक वैश्विक नेता के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है। बड़ी बात यह है कि अमेरिका के सहयोगी देश भी चीन के साथ अपना भविष्य देख रहे हैं और नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>चीन ने खुद को बताया दुनिया का नया नेता</strong></p>
<p>ट्रंप की ग्रीनलैंड पर चेतावनी के कुछ घंटों बाद, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने सालाना अल्पाइन बैठक में मंच पर जोर देकर कहा कि बीजिंग लगातार साझा भविष्य वाले समुदाय की सोच पर काम कर रहा है और बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार का समर्थन करने में दृढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सहमति और एकजुटता को बढ़ावा दे रहे हैं, और फूट और टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुनिया की आम समस्याओं के लिए चीन समाधान पेश कर रहा है। यह बयान ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के झटके और डर के मुकाबले चीन की खुद को एक शांत, तर्कसंगत और भरोसेमंद विकल्प के रूप में दिखाने की रणनीति को प्रकट करता है।</p>
<p><strong>बिना कुछ किए चीन की हो रही जय-जयकार</strong></p>
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सालों से एक ऐसी विश्व व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं जिसे वे अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा गलत तरीके से हावी मानते हैं। वे तेजी से अपनी खुद की सोच को एक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं, भले ही चीन के अपने पड़ोसी देशों से सीमा विवाद हो और उस पर आक्रामकता के आरोप लगते रहे हों। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को वैश्विक शक्ति संतुलन में फायदा उठाने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। उसे बस अपने रास्ते पर चलते रहना है, क्योंकि अमेरिका अपने आप ही सहयोगी और विश्वसनीयता खो रहा है।</p>
<p><strong>चीन से दोस्ती बढ़ा रहे अमेरिका के सहयोगी</strong></p>
<p>चीन की बढ़ते कद का अंदाजा अमेरिका के सबसे करीबी देश कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के हाल के चीन दौरे और भाषण से लगाया जा सकता है। कार्नी ने खुलेआम अमेरिकी वर्चस्व को एक काल्पनिक अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था का हिस्सा बताया। कार्नी ने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा, हम जानते थे कि अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की कहानी आंशिक रूप से झूठी थी - कि सबसे ताकतवर देश सुविधा के अनुसार खुद को छूट देंगे, कि व्यापार नियमों को असमान रूप से लागू किया जाएगा। <br />हालांकि, कार्नी ने रूस की जमकर आलोचना भी की, लेकिन उनको भी ट्रंप को लेकर डर है।</p>
<p><strong>कनाडा-ब्रिटेन-फ्रांस तक ने छोड़ा साथ</strong></p>
<p>कार्नी ने पिछले हफ्ते चीन का दौरा किया। उन्होंने बीजिंग और ओटावा के बीच सहयोग के एक नए दौर की शुरूआत भी की। कनाडा ने चीन के साथ रणनीतिक साझेदारी पर सहमति जताई है। कार्नी ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर कनाडा के कड़े टैरिफ में ढील दी, जिसे अमेरिका के साथ मिलकर लागू किया गया था। अमेरिका के अन्य करीबी साझेदारों ने भी चीन के साथ संबंध सुधारने या उसके करीब जाने में दिलचस्पी दिखाई है, क्योंकि वे अमेरिका के खिलाफ बचाव कर रहे हैं। ब्रिटेन के कीर स्टारमर ने बीजिंग के साथ अधिक जुड़ाव पर जोर दिया है। मंगलवार को ब्रिटिश सरकार ने लंदन के वित्तीय जिले के पास एक नए चीनी मेगा दूतावास के विवादास्पद निर्माण को मंजूरी दे दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/i-am-not-america-i-am-the-real-leader-of/article-140438</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/i-am-not-america-i-am-the-real-leader-of/article-140438</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:28:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trunp-and-china.png"                         length="838902"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति पुतिन का दावा, बोलें रूस-चीन ने 2025 में व्यापार सहयोग को सक्रिय रूप बढ़ावा दिया</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति पुतिन ने शी जिनपिंग को भेजे संदेश में 2025 के आर्थिक सहयोग और वीजा-मुक्त यात्रा की सफलता की सराहना की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-putin-claims-russia-china-will-actively-promote-trade-cooperation-in/article-137898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/putin-and-chinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि रूस और चीन ने 2025 में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जबकि पारस्परिक वीजा-मुक्त यात्रा ने लोगों के बीच आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाया। चीनी केंद्रीय प्रसारक के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपने नव वर्ष संदेश में कहा, रूस और चीन ने व्यापार एवं आर्थिक सहयोग का सक्रिय रूप से विस्तार किया है और प्रमुख सहयोग परियोजनाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।</p>
<p>रूसी नेता ने इस बात पर बल दिया कि दोनों देशों के बीच पारस्परिक वीजा-मुक्त यात्रा की शुरुआत होने से लोगों के बीच आदान-प्रदान बहुत सुविधाजनक हुई है। राष्ट्रपति पुतिन ने कथित रूप से कहा, रूस और चीन के बीच संबंध अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं और उनसे अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चीनी नेता के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने की अपनी तत्परता व्यक्त की।</p>
<p>चीनी प्रसारक के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और चीनी लोगों के सुख एवं स्वास्थ्य की कामना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/president-putin-claims-russia-china-will-actively-promote-trade-cooperation-in/article-137898</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/president-putin-claims-russia-china-will-actively-promote-trade-cooperation-in/article-137898</guid>
                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:20:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/putin-and-chinping.png"                         length="1198437"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीनगर जी-20 बैठक के लिए तैयार आसमान से जमीन तक कड़ी सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार के निर्देश पर एयरपोर्ट रोड और सिटी सेंटर के सभी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय के रिहायशी पॉकेट्स के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। तीसरी जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक 22-24 मई को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tight-security-from-sky-to-ground-ready-for-srinagar-g-20/article-46140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/ श्रीनगर। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच 22 मई से तीसरे जी 20 पर्यटन कार्य समूह के लिए तैयार हो रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि तीन देशों, चीन, तुर्की और सऊदी अरब ने कश्मीर में तीन दिवसीय जी 20 कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शुक्रवार तक पंजीकरण नहीं कराया था। समझा जाता है कि कश्मीर पर पाकिस्तान के अवैध दावे के समर्थन का यह एक तरीका है।  जम्मू कश्मीर की विशेष दर्जा 2019 में खत्म हो जाने और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदलने के बाद से यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। जी 20 में अर्जेंटीना, आॅस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिकी देशों का समूह शामिल हैं। सूत्रों के बताया कि श्रीनगर में जमीन से आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी आतंकवादी खतरे से निपटने और चाक चौबंद सुरक्षा के लिए समुद्री कमांडो और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को तैनात किया गया है। इसके अलावा, पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान चौबीस घंटे निगरानी रखे हुए हैं।   जी 20 सम्मेलन को शांतिपूर्ण तरीके से संपूर्ण करने के लिए, श्रीनगर में शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि डल झील के किनारे स्थित एसकेआईसीसी का नवीनीकरण किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत कार्यक्रम स्थल तक जाने वाली सड़क का सौंदर्यीकरण किया गया है। सूत्रों ने कहा कि प्रतिनिधियों की गुलमर्ग यात्रा की योजना रद्द हो सकती है। जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि ने कहा कि श्रीनगर और बडगाम तथा उसके आसपास एहतियातन करीब एक दर्जन स्कूलों को बंद कर दिया गया है और साथ ही सरकार के निर्देश पर एयरपोर्ट रोड और सिटी सेंटर के सभी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय के रिहायशी पॉकेट्स के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। तीसरी जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक 22-24 मई को होगी। पर्यटन सचिव अरविंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि आगामी कार्यक्रम हरित पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल, पर्यटन एमएसएमई और गंतव्य पर काम कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tight-security-from-sky-to-ground-ready-for-srinagar-g-20/article-46140</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tight-security-from-sky-to-ground-ready-for-srinagar-g-20/article-46140</guid>
                <pubDate>Sun, 21 May 2023 10:40:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%28630-%C3%97-400-px%29-%288%291.jpg"                         length="62932"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति और हान झेंग उप राष्ट्रपति चुने गए</title>
                                    <description><![CDATA[मतदान के अनुसार शी को चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग का अध्यक्ष भी दोबारा चुना गया है। बीजिंग में 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के पहले सत्र के तीसरे पूर्ण सत्र में शुक्रवार सुबह मतदान हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-elected-president-of-china-and-han-zheng-vice/article-39484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/jinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने सर्वसम्मति से देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पांच साल के तीसरे कार्यकाल के लिए चुन लिया है, साथ ही प्रथम उप प्रधानमंत्री हान झेंग को देश का नया उप राष्ट्रपति चुना गया है। मतदान के परिणाम के बाद शी तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति चुने जाने वाले देश पहले राजनेता बन गए हैं। इसी दौरान राज्य परिषद के फस्र्ट वाइस प्रीमियर हान झेंग को भी मतदान के जरिये देश का नया उप राष्ट्रपति चुना गया।</p>
<p>मतदान के अनुसार शी को चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग का अध्यक्ष भी दोबारा चुना गया है। बीजिंग में 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के पहले सत्र के तीसरे पूर्ण सत्र में शुक्रवार सुबह मतदान हुआ। शी को पहली बार 2013 में 12वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में चीन का राष्ट्रपति चुना गया था और फिर 2018 में 13वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया।</p>
<p>झेंग वाइस प्रीमियर के रूप में चीन के हांगकांग और मकाओ मामलों के लिए जिम्मेदार शीर्ष अधिकारी रहे है। इसके साथ ही उन्होंने निवेश सहयोग और ऊर्जा सहयोग पर अंतर-सरकारी रूसी-चीनी आयोग की सह-अध्यक्षता की है। उन्होंने पिछले वर्ष बीजिंग में हुए शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए संचालन समूह की अध्यक्षता की और ओलंपिक मशाल रिले का शुभारंभ किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-elected-president-of-china-and-han-zheng-vice/article-39484</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-elected-president-of-china-and-han-zheng-vice/article-39484</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 14:47:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-03/jinping.png"                         length="424300"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी20 की बैठक में युद्ध रोकने और शांति पर रहा जोर</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक वीडियो संदेश के माध्र्यम से शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। जेलेंस्की ने रूस से अपने सैनिकों को वापस लेने और युद्ध को समाप्त करने का आह्वान किया, लेकिन उन शांति प्रस्तावों को खारिज किया जो यूक्रेन की संप्रभुता, क्षेत्रीयता और स्वतंत्रता के लिए घातक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/g20-meeting-focused-on-stopping-war-and-peace/article-30310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/website-photo-6304007.jpg" alt=""></a><br /><p>बाली। इंडोनेशिया की राजधानी बाली में आयोजित हुआ जी 20 शिखर सम्मेलन बहुत अक्रामक और शीत युद्ध की छत्रछाया में रहा। रुस-यूक्रेन संघर्ष और अमेरिका-चीन तनाव दोनों जी 20 देशों की वार्षिक बैठक में हावी रहे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए, क्योंकि यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता एजेंडे में रखी गई थी।</p>
<p>संघर्ष के कारण उत्पन्न हुए भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके दूरगामी प्रभाव, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें शामिल हैं, शिखर सम्मेलन की प्रमुख चिंताएं रही, जो कि  दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर हावी दिखी।</p>
<p>यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक वीडियो संदेश के माध्र्यम से शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। जेलेंस्की ने रूस से अपने सैनिकों को वापस लेने और युद्ध को समाप्त करने का आह्वान किया, लेकिन उन शांति प्रस्तावों को खारिज किया जो यूक्रेन की संप्रभुता, क्षेत्रीयता और स्वतंत्रता के लिए घातक है।</p>
<p>शिखर सम्मेलन के समापन में एक संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि आज का समय युद्ध के लिए नहीं होना चाहिएÞ और परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग करने की धमकी अस्वीकार्य है - यूक्रेन संकट बढऩे पर परमाणु विकल्प का सहारा लेने वाली पुतिन की धमकी के संदर्भ में। इस बयान के माध्यम से मास्को को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।</p>
<p>लेकिन शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर अमेरका के राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक अंतर्राष्ट्रीय स्थिरता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण थी, जो दो वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव को कम करने का संकेत भी थी। बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के प्रारंभिक बयानों ने संबंधों में सुधार लाने का संकेत दिया, जो हाल के सालों में ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिससे दुनिया में फिर से एक नए शीत युद्ध की चिंता बढ़ गईं थी।  </p>
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरकी राष्ट्रपति बाइडन से कहा कि चीन-अमेरिका संबंधों की वर्तमान स्थिति दोनों देशों के हित में नहीं है और इसे स्वस्थ और स्थिर मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। बाइडन ने कहा कि दोनों देशों के लिए जरूरी और वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करना बहुत महत्वपूर्ण है। बाद में बाइडन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह संघर्ष की तलाश नहीं कर रहे हैं और एक नए शीत युद्ध से बचने के लिए अमेरिका-चीन के बीच की प्रतियोगिता को रोकना चाहिए</p>
<p>राष्ट्रपति शी ने बाइडन के इस आश्वासन का स्वागत किया जिसमें कह गया था कि वाङ्क्षशगटन ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता है, और यह स्पष्ट किया कि चीन के लिए ताइवान पहली लक्ष्मण रेखा है जिसे चीन-अमेरिका संबंधों में पार नहीं किया जाना चाहिए। बैठक से पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने एक सख्त संदेश देते हुए कहा था कि अमेरिका एक चीन के सिद्धांत में हेराफेरी, तोड़ना-मरोड़ना और खोखलापन करना बंद करे और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के वास्तवितक मानदंडों का सख्ती से पालन करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/g20-meeting-focused-on-stopping-war-and-peace/article-30310</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/g20-meeting-focused-on-stopping-war-and-peace/article-30310</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Nov 2022 14:08:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-11/website-photo-6304007.jpg"                         length="168141"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शी जिनपिंग का तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति बनना तय </title>
                                    <description><![CDATA[ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20 वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में जिनपिंग ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे हमेशा पार्टी के आदेश का पालन करें। हम लोगों के सशस्त्र बलों में पार्टी के निर्माण को मजबूत करेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-set-to-become-president-of-china-for-the/article-26823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-137.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वर्ष 2027 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की शताब्दी के लक्ष्यों को प्राप्त करना और लोगों की सशस्त्र बलों को विश्व स्तर के मानकों तक तेजी से ऊपर उठाना एक आधुनिक समाजवादी देश के निर्माण के लिए रणनीतिक कार्य हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20 वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में जिनपिंग ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे हमेशा पार्टी के आदेश का पालन करें। हम लोगों के सशस्त्र बलों में पार्टी के निर्माण को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के साथ अंतिम जिम्मेदारी की प्रणाली को लागू करने के लिए संस्थानों और तंत्र में सुधार करेगी। सीपीसी लोगों के सशस्त्र बलों में पार्टी संगठनों को मजबूत करेगी। सीपीसी की बैठक यह एक हफ्ते चलेगी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तीसरी बार राष्ट्रपति बनना तय है। जिनपिंग 10 साल से राज कर रहे हैं और अब उन्हें एक और टेन्योर मिलने का मतलब है कि पार्टी के अंदर से जिनपिंग को कोई चुनौती नहीं मिल रही। वो फिर पार्टी के जनरल सेक्रेटरी बनेंगे। हेड ऑफ द मिलिट्री रहेंगे और दुनिया में उन्हें बतौर चीनी राष्ट्रपति पहचाना जाता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-set-to-become-president-of-china-for-the/article-26823</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/xi-jinping-set-to-become-president-of-china-for-the/article-26823</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 10:25:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/q-137.jpg"                         length="26515"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान समस्या समाधान के लिए चीन समग्र नीति लागू करेगा: शी</title>
                                    <description><![CDATA[शी ने कहा कि हमारे देश के पूर्ण एकीकरण को महसूस किया जाना चाहिए और इसे बिना किसी संदेह के महसूस किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-will-implement-comprehensive-policy-to-solve-taiwan-problem-xi/article-26743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-118.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ताइवान की समस्या का समाधान समग्र नीति को लागू कर करते हुए राष्ट्रीय एकीकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाएगी।</p>
<p>शी ने 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि ताइवान का समाधान चीन के लोगों का मामला है इसे यहां के लोगों के द्वारा ही सुलझाया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हम सबसे बड़ी ईमानदारी और अत्यधिक प्रयास के साथ शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के लिए प्रयास करना जारी रखेंगे, लेकिन हम बल के उपयोग को छोड़ने का वादा कभी नहीं करेंगे और हम सभी आवश्यक उपाय करने का विकल्प सुरक्षित रखते हैं। यह पूरी तरह से बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप पर निर्देशित है और कुछ अलगाववादी ताइवान की स्वतंत्रता और उनकी अलगाववादी गतिविधियों की मांग कर रहे हैं। यह किसी भी तरह से हमारे ताइवान के हमवतन को लक्षित नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इतिहास का पहिया चीन के एकीकरण और राष्ट्र के कायाकल्प की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के पूर्ण एकीकरण को महसूस किया जाना चाहिए और इसे बिना किसी संदेह के महसूस किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमने ताइवान के अपने हमवतन लोगों के लिए हमेशा सम्मान और देखभाल दिखाई है और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए काम किया है। हम जलडमरूमध्य में आर्थिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-will-implement-comprehensive-policy-to-solve-taiwan-problem-xi/article-26743</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-will-implement-comprehensive-policy-to-solve-taiwan-problem-xi/article-26743</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Oct 2022 12:31:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/q-118.jpg"                         length="24339"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आमने-सामने, शी जिनपिंग हुए फेल</title>
                                    <description><![CDATA[ चीन की जनता इन दिनों दोहरी मार झेल रही है। एक ओर कोरोना वायरस है जो महामारी शुरू होने के बाद से अपने सबसे भयानक रूप में सामने है। वहीं दूसरी ओर सरकार की जीरो कोविड पॉलिसी है जिसके सख्त नियम संक्रमण घटाने के बजाय लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहे हैं। सरकार की जीरो कोविड नीति फेल होती दिख रही है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-and-prime-minister-face-to-face-in-china-xi/article-11084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ch.jpg" alt=""></a><br /><p> <br /><strong>बीजिंग।</strong> चीन की जनता इन दिनों दोहरी मार झेल रही है। एक ओर कोरोना वायरस है जो महामारी शुरू होने के बाद से अपने सबसे भयानक रूप में सामने है। वहीं दूसरी ओर सरकार की जीरो कोविड पॉलिसी है जिसके सख्त नियम संक्रमण घटाने के बजाय लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहे हैं। सरकार की जीरो कोविड नीति फेल होती दिख रही है और जनता में नाराजगी बढ़ रही है। पिछले हफ्ते चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने कथित तौर पर 1,00,000 सरकारी अधिकारियों से हालत को स्थिर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। अल जजीरा की खबर के अनुसार स्टेट काउंसिल एक्सेक्यूटिव मीटिंग में ली ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था 2020 में महामारी की शुरूआत से भी ज्यादा बड़ी चुनौती का सामना कर रही है, जब रोजगार, उत्पादन और खपत सब कुछ ठप्प हो गया था। चीन के प्रधानमंत्री की यह अपील असाधारण थी जिन्हें उनके दो कार्यकाल के ज्यादातर समय दरकिनार किया जाता रहा है। चीन में दूसरे सबसे शक्तिशाली पद पर होने के बावजूद उन्हें ज्यादातर दरकिनार किया जाता रहा है। </p>
<p><strong>राजनीतिक भविष्य संकट में</strong></p>
<p>यह मीटिंग न सिर्फ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर चीन के आर्थिक भविष्य पर चिंता जाहिर करती है बल्कि ली केकियांग की अपील चीन के राजनीतिक भविष्य के संकट के भी संकेत देती है। कभी चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ के गुट से संभावित राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में देखे जाने वाले ली केकियांग को करीब एक दशक पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद से दरकिनार किया जाता रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/president-and-prime-minister-face-to-face-in-china-xi/article-11084</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/president-and-prime-minister-face-to-face-in-china-xi/article-11084</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:26:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/ch.jpg"                         length="32226"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शी जिनपिंग ने सर्बिया में भेजीं घातक एचक्यू-22 मिसाइलें</title>
                                    <description><![CDATA[चीन की वायुसेना की ओर से विदेश में किया गया अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-sent-deadly-hq-22-missiles-to-serbia/article-7802"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/he.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग/बेलग्रेड। रूस और यूक्रेन में भीषण जंग के बीच चीन ने अपने 6 विशालकाय -20 कार्गो एयरक्राफ्ट की मदद से मास्को के सहयोगी देश सर्बिया को कथित रूप से अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम भेजा है। माना जा रहा है कि यह चीन की वायुसेना की ओर से विदेश में किया गया अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। बताया जा रहा है कि चीन ने सर्बिया को एचक्यू-22 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली भेजी है। यह अपने आप में दुर्लभ है कि चीनी की वायुसेना ने यूरोप में इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को तैनात किया है। चीन की सरकार ने अभी तक इस मिशन की पुष्टि नहीं की है लेकिन उसकी सरकारी मीडिया का दावा है कि इन विमानों के जरिए एफके-3 मिसाइल सिस्टम को भेजा गया है जो एचक्यू-22 मिसाइल सिस्टम का निर्यात संस्करण है। चीन ने इस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति ऐसे समय पर की है जब रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब डेढ़ महीने से भीषण जंग जारी है। यही नहीं रूस ने चीन से हथियारों की मदद भी मांगी है। साथ ही पश्चिमी देश बाल्कन इलाके में हथियारों के जमावड़े से चिंतित हैं।<br /><br /><strong>सर्बिया ने साल 2019 में खरीदा</strong><br />चीन के-20 विमानों के बेड़े की तैनाती को यूक्रेन संकट के बीच चीन के रणनीतिक पहुंच का प्रदर्शन माना जा रहा है। चीन ने यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा नहीं की है। यही नहीं चीन ने संयुक्त राष्ट्र में रूस के समर्थन में वोट भी किया है। सर्बिया ने साल 2019 में एफके-3 मिसाइल सिस्टम को खरीदा था जो चीन और इस यूरोपीय देश के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। इस मिसाइल सिस्टम को ऐसे समय पर बेलग्रेड भेजा गया है जब सर्बिया के राष्ट्रपति के फिर से निर्वाचन पर चीनी राष्ट्रपति ने उन्हें बधाई दी थी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन उन कुछ चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सर्बिया के राष्ट्रपति को इस महीने बधाई दी थी। सर्बिया ने यूक्रेन की जंग में खुलकर रूस का समर्थन किया है। अमेरिकी रक्षा वेबसाइट द ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक 6 वाई- 20 ट्रांसपोर्ट विमान शुक्रवार की रात को तुर्की के हवाई इलाके से जाते हुए दिखाई दिए। यही नहीं स्थानीय लोगों ने वाई-20 विमानों की फोटो भी ली थी। ये विमान कथित रूप से बेलग्रेड के हवाई अड्डे पर उतरे। ऐसा अपने आपमें दुर्लभ है कि 6 वाई-20 विमान एकसाथ रवाना हुए हैं। चीन के इस शक्ति प्रदर्शन से साफ हो गया है। उसकी ट्रांसपोर्ट क्षमता में काफी सुधार हुआ है। साथ ही यह पूरे यूरोप के लिए एक नया और बड़ा घटनाक्रम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-sent-deadly-hq-22-missiles-to-serbia/article-7802</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-sent-deadly-hq-22-missiles-to-serbia/article-7802</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 15:57:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/he.jpg"                         length="29330"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-चीन में बढ़ सकती है तनातनी, अमेरिका ने चीन को क्यों दी चेतावनी.... जानने के लिए पढ़े यह ख़बर</title>
                                    <description><![CDATA[ यूक्रेन के शहरों और नागरिकों पर हमलों के बीच रूस को साजोसामान की सहायता देने पर 'गम्भीर परिणाम' की चेतावनी दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-china-tension-may-increase--why-did-us-president-joe-biden-warn-chinese-president-xi-jinping/article-6387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/771.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के राष्ट्रपति  शी जिनपिंग को यूक्रेन के शहरों और नागरिकों पर हमलों के बीच रूस को साजोसामान की सहायता देने पर 'गम्भीर परिणाम' की चेतावनी दी है।दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार को करीब दो घंटे तक  टेलीफोन पर बातचीत हुई।  (एजेंसी)  का केन्द्र  यूक्रेन पर रूसी हमला था। नवंबर के बाद दोनों नेताओं के बीच यह सम्भवत: यह पहली (एजेंसी) थी। <br /><br />व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति  बाइडेन ने चर्चा में इस संकट पर संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी- भागीदारों के विचारों को व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चीन रूस को साजोसामान की सहायता प्रदान करता है तो इसका मतलब यूक्रेनी शहरों और नागरिकों के खिलाफ क्रूर हमले में साथ देना होगा। राष्ट्रपति ने संकट के राजनयिक समाधान के लिए अपने समर्थन को स्पष्ट किया। व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के प्रबंधन के लिए खुले संवाद की व्यवस्था को बनाए रखने के महत्व पर भी दोनों नेता सहमत थे ।<br /><br />चर्चा में बाइडेन ने यह भी साफ़ किया कि ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली है, और अमेरिका यथास्थिति में किसी भी एकतरफा बदलाव का विरोध करना जारी रखेगा। इस बीच, चीनी विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति शी के हवाले से बताया कि उन्होंने बाइडेन से कहा है कि संघर्ष और टकराव किसी के हित में नहीं  है। अब शीर्ष प्राथमिकताएं संवाद और संवाद जारी रखना, नागरिकों को हताहत होने से बचाना, इस मानवीय संकट और युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना है। चीन के राष्ट्रपति ने  जोर देकर कहा कि  यूक्रेन संकट एक ऐसी चीज है जिसे हम नहीं देखना चाहते हैं। यह  जानकारी 'द गार्जियन' ने चीनी मंत्रालय के हवाले से दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-china-tension-may-increase--why-did-us-president-joe-biden-warn-chinese-president-xi-jinping/article-6387</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-china-tension-may-increase--why-did-us-president-joe-biden-warn-chinese-president-xi-jinping/article-6387</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Mar 2022 17:44:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/771.jpg"                         length="32635"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        