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                <title>refuses - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>refuses RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हाईकोर्ट का बसपा विधायकों के दल बदल के मामले में दखल से इंकार </title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट ने बसपा विधायकों के दल बदल से जुड़े मामले में दायर प्रार्थना-पत्र में दखल से इंकार कर दिया है। प्रार्थना-पत्र में कहा गया था कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 2020 में विधानसभा स्पीकर को दल बदल के मामले में 3 माह में फैसला लेने के आदेश दिए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-high-court-refuses-in-case-of-bsp-mla/article-11706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/court-bsp.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाईकोर्ट ने बसपा विधायकों के दल बदल से जुड़े मामले में दायर प्रार्थना-पत्र में दखल से इंकार कर दिया है। प्रार्थना-पत्र में कहा गया था कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 2020 में विधानसभा स्पीकर को दल बदल के मामले में 3 माह में फैसला लेने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी स्पीकर की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p>ऐसे में राज्यसभा चुनाव के लिए बसपा की इन 6 विधायकों के मतपत्र को अलग रखा जाए और जब तक याचिका का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक चुनाव का परिणाम घोषित नहीं किया जाए। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में कोर्ट फिलहाल मामले में दखल नहीं दे रहा है।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 12:22:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी मस्जिद पर तत्काल कोई आदेश देने से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा ,''संबंधित दस्तावेज देखने के बाद हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।'']]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refuses-to-give-any-immediate-order-on-kashi-vishwanath-temple--gyanvapi-masjid/article-9706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी  मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण कार्य रोकने की मांग संबंधी याचिका पर शुक्रवार को तत्काल कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ''हमे मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में हम आदेश कैसे पारित कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा ,''संबंधित दस्तावेज देखने के बाद हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।''<br /><br />निचली अदालत के आदेश से पूर्व की यथास्थिति बनाए रखने की मांग कर रहे वरिष्ठ वकील एच अहमदी ने शीर्ष अदालत को बताया कि आज (13 मई) सर्वेक्षण हो रहा है। इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने की जरूरत है। इस पर अदालत ने कहा कि वह अभी कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। वह मामले को सूचीबद्ध करेगी। अहमदी ने विशेष उल्लेख के दौरान इस मामले को अति आवश्यक बताया था और तत्काल सुनवाई करते हुए सर्वेक्षण पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।<br /><br />अंजुमन- ए- इंतेजामिया मस्जिद वाराणसी के प्रबंधन समिति ने सर्वेक्षण पर तत्काल रोक लगाने का आदेश देने की मांग संबंधी एक याचिका शीर्ष अदालत के समक्ष दायर की थी। प्रबंधन समिति ने अपनी याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 21 अप्रैल के आदेश की वैधता को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। दीवानी अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया था।<br /><br />अनेक हिंदुओं का मानना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी  मस्जिद परिसर के अंदर मां श्रृंगार गौरी मंदिर है। इसी आस्था के चलते पांच ङ्क्षहदू महिलाओं ने  दैनिक पूजा की अनुमति देने की मांग करते हुए निचली अदालत में याचिका दायर की थी। संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पिछले महीने सर्वेक्षण का आदेश दिया था। अदालत ने गुरुवार को कहा था कि बेसमेंट और बंद कमरों समेत पूरी ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे जारी रहेगा। मुस्लिम पक्षकारों ने सर्वेक्षण करने के आदेश का विरोध किया था।</p>
<p><strong>ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण शनिवार को सुबह आठ बजे से</strong><br /> उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शनिवार को सुबह आठ बजे से वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का काम शुरू होगा।  वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार सर्वेक्षण का काम सुबह आठ बजे शुरू होकर दिन में 12 बजे तक चलेगा। जिलाधिकारी ने शनिवार को इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की एक बैठक भी बुलायी है। प्रशासन ने सर्वेक्षण के काम में सभी से सहयोग करने तथा नगर में शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की है।<br /><br /> इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गयी। पूरे परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे। गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण मामले में शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का काम फिर शुरू करने का आदेश दिया था।  न्यायालय द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर दल को सर्वेक्षण रिपोर्ट 17 मई से पहले न्यायालय में पेश करनी है। न्यायालय में इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 मई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 18:14:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>महिंदा राजपक्षे का इस्तीफा देने से इंकार</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने देश में मौजूदा आर्थिक एवं राजनीतिक संकट तथा उनके इस्तीफे की मांगों के परिप्रेक्ष्य में कहा कि वह तब तक इस्तीफा नहीं देंगे जब तक उनके पास संसद में बहुमत है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mahinda-refuses-to-resign/article-8735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/mahinda-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने देश में मौजूदा आर्थिक एवं राजनीतिक संकट तथा उनके इस्तीफे की मांगों के परिप्रेक्ष्य में कहा कि वह तब तक इस्तीफा नहीं देंगे जब तक उनके पास संसद में बहुमत है। राजपक्षे ने कहा कि उनके पास अभी भी संसद में बहुमत है। उन्होंने कहा कि अगर ज्यादातर सांसदों को लगता है कि मुझे जाना चाहिए, तो मैं चला जाऊंगा। इसमें कोई शक नहीं। उन्होंने कहा कि वे जनादेश से सत्ता में आए हैं और यदि लोग उन्हें बदलना चाहते हैं, तो वे चुनाव के जरिए ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ विरोध करने वाले और मेरे इस्तीफे की मांग करने वाले लोगों का कुछ वर्ग पूरी आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। राजपक्षे घर जाओ अभियान के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के अभियान नए नहीं हैं और वर्षों से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सही तरीके से चुने गए थे और जिस दिन लोग हमें भेजना चाहेंगे, हम चले जाएंगे। उनके अपने भाई राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के बीच मतभेद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन दोनों  के बीच ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि गोटाबाया राजपक्षे राष्ट्रपति हैं। इसलिए मुझे हमेशा राष्ट्रपति के रूप में उनका सम्मान करना चाहिए। वह मेरा छोटा भाई है, लेकिन वह अलग बात है। हम सही तरीके से चुने गए थे और जिस दिन लोग हमें भेजना चाहेंगे, हम चले जाएंगे।</p>
<p>बुनियादी आवश्यक आपूर्ति की कमी पर बात करते हुए राजपक्षे ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे थे कि नागरिकों को यथासंभव बुनियादी आवश्यक आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है। राजपक्षे ने कहा कि विश्व बैंक और अन्य एजेंसियां हमें आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्राप्त करने में सहायता कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने सरकार की संकट को हल करने की योजना के बारे में कहा कि तत्काल समाधान के लिए कुछ ऐसे देश हैं जो हमारी मदद करने के इच्छुक हैं और हमने उनके साथ चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हम कई देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम यहां राजदूतों से कई बार मिल रहे हैं।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/mahinda-refuses-to-resign/article-8735</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Apr 2022 16:26:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>यूक्रेन ने रूस के सामने झुकने से किया इंकार </title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन ने मारियुपोल को आत्मसमर्पण करने की मॉस्को की चेतावनी के बीच रूस के सामने झुकने से इंकार किया। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया कि अगर बातचीत नहीं हुई, तो यह एक वैश्विक आपदा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ukraine-refuses-to-bow-down-to-russia/article-6429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/russia-ukraine-war02-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन ने मारियुपोल को आत्मसमर्पण करने की मॉस्को की चेतावनी के बीच रूस के सामने झुकने से इंकार किया। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया कि अगर बातचीत नहीं हुई, तो यह एक वैश्विक आपदा होगी। उनके डिप्टी ने मारियुपोल शहर को छोडऩे की रूसी मांग को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी आत्मसमर्पण का कोई सवाल ही नहीं है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शहर के आत्मसमर्पण के बदले मानवीय गलियारे खोलने की पेशकश की थी। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस ने मारियुपोल में युद्ध अपराध किए। जेलेंस्की ने कहा है कि उनका मानना है कि रूस के आक्रमण के अंत में बातचीत करने में विफलता का अर्थ तीसरा विश्व युद्ध होगा। सीएनएन से बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि बातचीत ही लड़ाई को समाप्त करने का एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि  मुझे लगता है कि हमें बातचीत की संभावना के लिए किसी भी प्रारूप, किसी भी अवसर का उपयोग करना होगा।</p>
<p>जेलेंस्की ने कहा कि वह किसी भी समझौते को खारिज करेंगे, जिसमें यूक्रेन को रूसी-प्रायोजित अलगाववादी क्षेत्रों को स्वतंत्र के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता होगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने एक बार फिर कहा कि उनका मानना है कि अगर उनका देश नाटो का सदस्य होता, तो युद्ध शुरू नहीं होता। गर नाटो के सदस्य हमें गठबंधन में शामिल करने के लिए तैयार हैं, तो इसे तुरंत करे,  क्योंकि लोग रोज मर रहे हैं। मारियुपोल के मेयर के सलाहकार प्योत्र एंड्रीशेंको का कहना है कि मास्को के मानवीय वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, और शहर खुद का बचाव करना बंद नहीं करेगा। एंड्रीशेंको ने हाल के दिनों में अन्य मारियुपोल अधिकारियों द्वारा किए गए अपुष्ट दावों को दोहराया कि रूसी सेनाएं अपने कुछ निवासियों को रूस में जबरन निकाल रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले शहर के एक विद्यालय पर हमला किया गया था, जहां करीब 400 लोग शरण लिए हुए थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमर जेलेंस्की ने वैश्विक समर्थन रैली के प्रयासों के तहत वीडियो लिंक द्वारा इजराइल की संसद से बात की। उन्होंने इस्राइली सांसदों से कहा कि हम जीना चाहते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 09:35:29 +0530</pubDate>
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