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                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय : बुधवार को समाप्त हो रहा संघर्ष विराम, नए कूटनीतिक दौर की उम्मीदें अब भी अनिश्चित</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्ष विराम बुधवार को समाप्त हो रहा है, लेकिन इस्लामाबाद वार्ता पर अब भी अनिश्चितता बरकरार है। जहाज जब्ती और तीखी बयानबाजी ने तनाव बढ़ा दिया है। जहां जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी दल की संभावना है, वहीं ईरान ने नाकेबंदी के बीच झुकने से साफ इनकार कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/doubt-over-us-iran-talks-ceasefire-ending-on-wednesday-hopes-for/article-151188"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम की समय सीमा बुधवार को समाप्त होने वाली है, लेकिन इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने की पुष्टि अभी तक दोनों पक्षों ने नहीं की है। इससे संकेत मिलता है कि नये कूटनीतिक दौर की उम्मीदें अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं। समुद्र में बढ़ते तनाव और नेताओं की तीखी बयानबाजी के बीच पैदा हुई इस अस्पष्टता ने उन आशंकाओं को बढ़ा दिया है कि शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता बंद हो सकता है।</p>
<p>ईरानी विदेश मंत्रालय ने रविवार को अमेरिकी नौसेना के जब्त ईरानी मालवाहक जहाज के साथ-साथ 'उसके नाविकों, चालक दल और उनके परिवारों' को रिहा करने की मांग की है। ईरान ने इस जब्ती का बदला लेने का संकल्प लिया है। दोनों पक्षों के अधिकारियों की ओर से हालांकि मिले-जुले संदेश आये हैं जिससे वार्ता की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी समझौते पर पहुंचने के दबाव का खंडन किया है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान की यात्रा कर सकता है।</p>
<p>ईरानी पक्ष की ओर से अधिकारियों ने अधिक सतर्क रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वार्ता के अगले दौर की 'कोई योजना नहीं' है, जबकि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तनाव कम करने के लिए कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया है। सूत्रों के अनुसार, श्री वेंस और शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के आज पाकिस्तान के लिए रवाना होने की उम्मीद है, ताकि ईरान के साथ युद्ध को लेकर संभावित दूसरे दौर की वार्ता की जा सके।</p>
<p>यह कूटनीतिक अनिश्चितता वैश्विक तेल मार्ग के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के बीच उत्पन्न हुई है। अमेरिका लगातार नौसैनिक नाकेबंदी कर रहा है और हाल ही में ईरान के ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज की जब्ती की घटना ने तनाव को और अधिक भड़का दिया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दो सप्ताह के संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जो जल्द ही समाप्त होने वाला है। ईरानी अधिकारियों ने इसे अमेरिकी आक्रामकता में बढ़ोतरी के रूप में वर्णित करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालीबाफ ने 'धमकी के साये में' बातचीत खारिज कर दिया है और चेतावनी दी कि दबाव की रणनीति उन्हें झुकने पर मजबूर नहीं कर पायेगी। इसी तरह प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने संकेत दिया कि ईरान के तेल निर्यात पर निरंतर प्रतिबंधों के वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिए व्यापक परिणाम हो सकते हैं।</p>
<p>इस बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पाकिस्तान के मोहम्मद इशाक डार ने पिछले कुछ दिनों में कई दौर की चर्चा की है। इसमें संघर्ष विराम और नये सिरे से बातचीत की संभावना पर ध्यान केंद्रित किया गया है।<br />तनाव के बावजूद संवाद जारी रखने की इच्छा के कुछ धुंधले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि संभावित समझौता पहुंच के भीतर है, हालांकि इसका विवरण अभी अस्पष्ट है। वहीं दूसरी ओर ईरानी नेताओं ने अमेरिका के दिये सार्वजनिक बयानों के प्रति संदेह व्यक्त किया है, विशेष रूप से उन दावों के बाद जिनमें कहा गया था कि प्रमुख प्रावधानों पर पहले ही सहमति बन चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 16:30:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया, तो उसे 'अभूतपूर्व समस्याओं' का करना पड़ेगा सामना : डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह शांति वार्ता से इनकार करता है, तो उसे अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नाकेबंदी और तनाव के बीच ट्रंप ने समझौते की उम्मीद जताई है, जबकि ईरान ने धमकियों के दबाव में झुकने से साफ मना कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/if-iran-refuses-to-negotiate-with-america-it-will-face/article-151149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करने से इनकार करता है, तो उसे अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को पत्रकार जॉन फ्रेडरिक्स के साथ साक्षात्कार में कहा, “ वे बातचीत करेंगे, और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होंगी।” अमेरिका के राष्ट्रपति ने यह उम्मीद भी जतायी कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो जाएगा। उधर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगर ग़ालिबाफ़ ने इससे पहले कहा था कि ईरान धमकियों के दबाव में अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले करके युद्ध की शुरुआत की थी, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की भी जानें गयी। सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने दो हफ़्ते के लिए संघर्ष-विराम की घोषणा की। इसके बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। फिर युद्ध शुरू होने की कोई घोषणा नहीं की गयी, लेकिन अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी। मध्यस्थ अब बातचीत का एक नया दौर शुरू करवाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 12:41:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का आरोप : इस्लामाबाद में 'सहमति' के बहुत करीब होने के बावजूद नई शर्तों और प्रतिबंधों का करना पड़ा सामना, वार्ता विफल के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद वार्ता की विफलता के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि 'सहमति' के करीब होने के बावजूद अमेरिका ने नई शर्तें और प्रतिबंध थोप दिए। अराघची ने चेतावनी दी कि शत्रुता से केवल शत्रुता ही पैदा होती है और अमेरिका ने इतिहास से कोई सबक नहीं सीखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-abbas-araghchi-alleged-that-despite-being-very/article-150221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/abbas-araghchi.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद वार्ता की विफलता के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुये कहा है कि 'बदलती शर्तों और प्रतिबंधों' को हमारे सामने रखा गया। अब्बास अराघची ने सोमवार को 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में कहा, "वार्ता के दौरान सहमति के बहुत करीब होने के बावजूद बदलती शर्तों और प्रतिबंधों को हमारे समक्ष लाया गया।" अब्बास अराघची ने एक अन्य पोस्ट में कहा, "कोई सबक नहीं सीखा गया। सद्भावना से सद्भावना पैदा होती है और शत्रुता से शत्रुता।"</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि 47 वर्षों में उच्चतम स्तर की गंभीर वार्ता में, ईरान ने युद्ध को समाप्त करने के लिए नेक नीयत के साथ अमेरिका के साथ बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि लेकिन जब हम 'इस्लामाबाद सहमति पत्र' से केवल कुछ ही दूर थे, तो हमें बदलती शर्तों और प्रतिबंधों सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 17:42:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के बीच ट्रंप का दावा, कहा-ईरान बातचीत के लिए तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिका ने अंतिम तारीख तय की है, जबकि ईरान ने रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amid-increasing-us-military-presence-in-west-asia-trump-claims/article-141489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। पश्चिमी एशिया में बढ़ती अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है।ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के लिए एक अंतिम तारीख तय की गयी है, हालांकि उन्होंने सही समय नहीं बताया। </p>
<p>उन्होंने ईरान के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा, उम्मीद है, हम एक समझौता करेंगे। अगर हम समझौता नहीं करते हैं, तो देखेंगे क्या होता है। अमेरिका ने जहां बातचीत के लिए तैयारी दिखाई, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी हितों और सम्मान के आधार पर बराबरी के स्तर पर बातचीत करने को तैयार है, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर जोर दिया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताओं पर कभी बातचीत नहीं होगी। फिलहाल, बातचीत फिर से शुरू करने के लिए ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कोई बैठक तय नहीं है। </p>
<p>अराघची ने कहा, मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं कभी भी बातचीत का विषय नहीं होंगी। ये बयान ट्रंप की तरफ से बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बीच आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर ईरान अमेरिकी मांगों को पूरा नहीं करता है, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास पर रोक शामिल है, तो संभावित सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है, जबकि तुर्की ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।</p>
<p>ट्रंप को हाल ही में, ईरान को निशाना बनाने वाले ज्यादा बड़े और ज्यादा आक्रामक सैन्य विकल्पों के बारे में बताया गया है। इन योजनाओं का मकसद ईरान के परमाणु और मिसाइल अवसंरचना को काफ़ी नुकसान पहुंचाना या सर्वोच्च नेता के प्रशासन को कमजोर करना है, जो पहले के विचारों से एक बड़ा बदलाव है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि नये विकल्प दो हफ़्ते पहले समीक्षा किये गये विकल्पों से बेहतर हैं, जब ध्यान ईरानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के ट्रंप के वादे को लागू करने पर था। इन प्रस्तावों में ऐसे हालात शामिल हैं जिनमें अमेरिकी सेना सीधे ईरानी जमीन पर हो सकती है, जिसमें अहम ठिकानों पर लक्षित रेड भी शामिल हैं। </p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी, जिसमें अमेरिकी सेना की तैयारी और रोक लगाने की क्षमता पर जोर दिया गया। हेगसेथ ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें परमाणु क्षमता हासिल नहीं करनी चाहिए। हम इस राष्ट्रपति की युद्ध विभाग से जो भी उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए तैयार रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 18:25:45 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका में प्रवासी हिरासत केंद्र बनाने पर बातचीत जारी, नोएम ने कहा- नामों का खुलासा नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[एलीगेटर अल्काट्राज हिरासत केंद्र के सफल शुभारंभ में डीएचएस के साथ सहयोग के लिए फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस की भी प्रशंसा की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/negotiations-on-creating-a-migrant-detention-center-in-america-continued/article-120360"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/6622-copy21.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा है कि वह फ्लोरिडा के एलीगेटर अल्काट्राज की तर्ज पर प्रवासी हिरासत केंद्र स्थापित करने के लिए 5 राज्यों के साथ लगातार बातचीत कर रही हैं। नोएम ने कहा कि इन 5 राज्यों का नेतृत्व रिपब्लिकन गवर्नर कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने उनके नामों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने एलीगेटर अल्काट्राज हिरासत केंद्र के सफल शुभारंभ में डीएचएस के साथ सहयोग के लिए फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस की भी प्रशंसा की। </p>
<p>फ्लोरिडा एवरग्लेड्स में स्थित डेड-कोलियर प्रशिक्षण और संक्रमण हवाई अड्डे की साइट पर 39 वर्ग मील (100 वर्ग किमी) में फैले इस केंद्र का निर्माण केवल 8 दिनों में किया गया था। अप्रवासी बंदियों के पहले समूह को जुलाई की शुरुआत में वहाँ रखा गया था। यह केंद्र अवैध आव्रजन पर नकेल कसने के लिए वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के प्रयासों का हिस्सा है। इस प्रयास को प्रशासन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की प्रशंसा मिली है, लेकिन इसने वहां की स्थितियों को लेकर परेशान करने वाली रिपोर्टों के मद्देनजर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चिंता भी बढ़ा दी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Jul 2025 16:40:05 +0530</pubDate>
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                <title>मारपीट में युवक की मौत के बाद बस्ती में आगजनी</title>
                                    <description><![CDATA[नगर से 12 किलोमीटर दूर के टिमेडा बड़ा में दो समूह में समझौता वार्ता के दौरान मारपीट में एक युवक की मृत्यु पर वाल्मीकि बस्ती के आधा दर्जन घरों में तोड़फोड़ एवं आगजनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/kushalgarh--the-situation-became-tense-after-vandalism-and-arson-in-half-a-dozen-houses-of-valmiki-basti-on-the-death-of-a-young-man-in-a-fight-during-negotiations-between-two-groups-in-timeda-bada--12-km-from-the-city/article-6461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/fire.jpg" alt=""></a><br /><p>कुशलगढ़। नगर से 12 किलोमीटर दूर के टिमेडा बड़ा में दो समूह में समझौता वार्ता के दौरान मारपीट में एक युवक की मृत्यु पर वाल्मीकि बस्ती के आधा दर्जन घरों में तोड़फोड़ एवं आगजनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बताया गया कि नई आबादी वाल्मीकि बस्ती एवं ग्रामीण बस्ती के लोगों के बीच किसी विवाद के मामले में समझौता वार्ता चल रही थी। इस दौरान सोहन वाल्मीकि ने दलसिंह मालजी राणा के जननांग पर लात मार दी। उसे गंभीर स्थिति में उपचार के लिए कुशलगढ़ लाया जा रहा था, लेकिन उसका रास्ते में ही दम टूट गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने वाल्मीकि समाज के आधा दर्जन से अधिक घरों में आग लगा दी जिससे इनमें रहने वाले घर छोड़कर अन्यत्र भाग गए। इधर, मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। सूचना मिलते ही पुलिस उप अधीक्षक बलवीर मीणा, सीआई महिपालसिंह सिसोदिया मय जाप्ता घटनास्थल पहुंचे। आग को काबू करने के लिए नगरपालिका की फायर ब्रिगेड मंगवाई गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 13:26:59 +0530</pubDate>
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