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                <title>heart attack - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>होली की खुशियां मातम में बदली: श्रीगंगानगर मिलिट्री स्टेशन में सुबह व्यायाम और दौड़ लगाने के बाद दिल का दौरा पड़ने से सूबेदार की मौत</title>
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                        <![CDATA[श्रीगंगानगर की जवाहरनगर सैन्य छावनी में सोमवार सुबह अभ्यास के दौरान सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत का निधन हो गया। रोजाना की तरह 12 किमी दौड़ और व्यायाम के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा। सेना ने पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह उनके पैतृक गांव मुरैना (मप्र) भेज दी है, जहाँ पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/happiness-of-holi-turned-into-mourning-subedar-died-of-heart/article-145193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/death.png" alt=""></a><br /><p>श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के जवाहरनगर थाना क्षेत्र में स्थित सैन्य छावनी में सोमवार को सेना के एक सूबेदार की सुबह व्यायाम और दौड़ लगाने के बाद दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत (46) रोजाना करीब 12 किलोमीटर की दौड़ लगाते थे। उसके बाद पीटी व्यायाम करता थे। सुबह करीब सवा सात बजे वह पीटी व्यायाम और दौड़ लगाने के बाद अपने क्वार्टर जा रहे थे कि मैदान में ही उन्हें चक्कर आ गया और वह गिर गये। उन्हें तुरंत साधुवाली छावनी के सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गयी।</p>
<p>पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव सेना के सुपुर्द कर दिया। अंतिम संस्कार के लिए शव उनके पैतृक गांव मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा के जौटाई गांव ले जाया गया है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>श्रीगंगानगर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:02:36 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>उम्रकैद की सजा काट रहे गुलशन कुमार के हत्यारे अब्दुल मर्चेंट की जेल में मौत, पुलिस जांच शुरू</title>
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                        <![CDATA[महाराष्ट्र के हर्सूल जेल से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल प्रशासन ने बताया कि अब्दुल रऊफ मर्चेंट का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बता दें कि मर्चेंट टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gulshan-kumars-killer-abdul-merchant-who-was-serving-life-sentence/article-138865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/abdul-rauf-death.png" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के हर्सूल जेल से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल प्रशासन ने बताया कि अब्दुल रऊफ मर्चेंट का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बता दें कि मर्चेंट टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था।</p>
<p>इसके आगे जेल प्रशासन ने बताया कि गुरुवार को मर्चेंट की अचानक तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उसे इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 1997 के इस चर्चित हत्याकांड में रऊफ मुख्य शूटर था और उसे साल 2002 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। </p>
<p><br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 17:08:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>वैर विधायक बहादुर सिंह कोली को आया हार्ट अटैक, एसएमएस में भर्ती</title>
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                        <![CDATA[भरतपुर विधायक बहादुर सिंह कोली को बुधवार रात हार्ट अटैक आया। सीने में तेज दर्द के बाद उन्हें आरबीएम हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रेफर किया गया। विधायक को कार्डियक आईसीयू में भर्ती किया गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दो महीने पहले उनके बेटे को भी हार्ट अटैक आया था।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vair-mla-bahadur-singh-koli-suffered-heart-attack-admitted-in/article-135612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भरतपुर जिले की वैर सीट से विधायक बहादुर सिंह कोली को बुधवार रात हार्ट अटैक आया। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तुरंत आरबीएम हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>करीब 2 महीने पहले 13 अक्टूबर को विधायक के बेटे विजेंद्र कोली (42) को भी हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) आया था। विजेंद्र खुद स्कॉर्पियो ड्राइव कर भरतपुर से जयपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंच गए थे। उन्हें 2 दिन में दो बार मेजर हार्टअटैक आया था। जानकारी के अनुसार रात में ही एम्बुलेंस से एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी इसीजी की और प्राथमिक इलाज दिया। फिलहाल विधायक कोली को कार्डियक आईसीयू में भर्ती किया गया है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:57:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>18 वर्षीय नेशनल एथलीट की हार्ट अटैक से मौत, 10 दिन पहले ही जीता था स्टेट मेडल</title>
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                        <![CDATA[18 वर्षीय नेशनल एथलीट की हार्ट अटैक से मौत। सुबह उठा तो हाथ पैरों में कंपकंपी और बेचैनी हुई महसूस। रूममेट ले गया अस्पताल, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रोजाना 5 किलोमीटर दौड़ लगाता था 10 दिन पहले ही स्टेट चैम्पियनशिप खेल कर आया। सपना था कि वह इंडिया के लिए खेले, लेकिन उसका सपना अधूरा रह गया। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/18-year-old-national-athlete-died-of-heart-attack-had/article-129470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/world-heart-day.jpg" alt=""></a><br /><p>भरतपुर। शहर के अटलबंद क्षेत्र में रविवार सुबह नेशनल एथलीट 18 वर्षीय रिंकू सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह सुबह उठा तो हाथ पैरों में कंपकंपी और बेचैनी महसूस हुई। बेहोशी छाने पर रूममेट उसे अस्पताल ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक अछनेरा जिला आगरा, उत्तर प्रदेश का मूल निवासी था जो भरतपुर में रहकर रनिंग की तैयारी कर रहा था। वह रोजाना 5 किलोमीटर दौड़ लगाता था 10 दिन पहले ही स्टेट चैम्पियनशिप खेल कर आया था। उसे 100 मीटर रिले रेस में तीसरा स्थान मिला था। पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सक राघवेंद्र ने बताया प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक का है, विसरा लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।</p>
<p><strong>अधूरा रहा सपना</strong><br />वह दिसंबर 2024 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेल चुका है। दिसंबर 2024 में ही वह नेशनल खेला। उसने 5 हजार मीटर रेस में भाग लिया था। उसका सपना था कि वह इंडिया के लिए खेले, लेकिन उसका सपना अधूरा रह गया। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 09:30:15 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>दो दिवसीय सीएमसीएच कॉन्क्लेव 2025 संपन्न : 80 से भी ज्यादा कार्डियोलॉजिस्ट ने लिया भाग, नई दवाओं से हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 35 फीसदी हुआ कम</title>
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                        <![CDATA[इस दौरान जन्मजात हृदय रोगों में व जटिल बॉयफर्केशन एंजियोप्लास्टी मॉडल का हैंड्स ऑन वर्कशॉप भी आयोजित की गई। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/two-day-cmch-conclave-2025-rashed-more-than-80-cardiologists/article-127537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हार्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक से हर साल लाखों मौतें होती हैं। अगर जांच में इनके रिस्क फैक्टर्स स्पष्ट हो जाते हैं तो नई इन्हिबिटर दवाएं आ गई हैं। जिससे इनका खतरा काफी कम हो गया है। दो दिवसीय स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस सीएमसीएच कॉन्क्लेव 2025 में यह बात सामने आई। रविवार को संपन्न हुई कॉनक्लेव में विशेषज्ञों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. रोहित चौपड़ा ने बताया कि दो दिनों में विशेषज्ञों ने हार्ट से जुड़ी बीमारियों और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों से संबंधित नवीनतम रिसर्च साझा की। अंतिम दिन डॉ.संजीब रॉय ने एंजियोप्लास्टी के दौरान स्टेंट को सही तरह से लगाने पर, डॉ. जिम्मी जॉर्ज ने बॉयफ्र्केशन एंजियोप्लास्टी पर, डॉ. आशीष गुप्ता ने कैथलैब में होने वाली जटिलताओं पर सेशन दिया। इस दौरान जन्मजात हृदय रोगों में व जटिल बॉयफर्केशन एंजियोप्लास्टी मॉडल का हैंड्स ऑन वर्कशॉप भी आयोजित की गई। जिसमें पूरे राजस्थान से 80 से भी ज्यादा कार्डियोलॉजिस्ट ने भाग लिया। </p>
<p>डॉ. चौपड़ा ने बताया कि अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, बीपी जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए नए इन्हिबिटर दवाएं आ गई हैं। एसजीएलटी-2 इन्हिबिटर के इस्तेमाल से किडनी में बनने वाले ग्लूकोज को ब्लॉक किया जा सकता है। जिससे वह हार्ट, ब्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा पाता। यह टाइप 2 डायबिटीज से ग्रसित लोगों को दिया जाता है जिससे उनका बीपी भी नियंत्रित हो सकता है और वजन में भी कमी आती है। स्टडी में सामने आया है कि एसजीएलटी 2 इन्हिबिटर के उपयोग से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरे में 30 से 35 प्रतिशत कमी आती है।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/two-day-cmch-conclave-2025-rashed-more-than-80-cardiologists/article-127537</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 10:30:40 +0530</pubDate>
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                <title>हासन जिले में 40 दिनों में 22 लोगों की हार्ट अटैक से मौत, सीएम बोले- यह बेहद गंभीर मामला</title>
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                        <![CDATA[ कर्नाटक के हासन जिले में अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों के मामले ने प्रदेशभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-said-that-22-people-died-of-heart-attack-in/article-119192"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>हासन। कर्नाटक के हासन जिले में अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों के मामले ने प्रदेशभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बीते 40 दिनों में केवल हासन जिले में 22 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है। ताजा मामला होलेनरसीपुर तालुक के सोमनहल्ली गांव के कोप्पालु से सामने आया है, जहां एक नवविवाहित युवक संजू की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। बीते सिर्फ एक दिन में चार लोगों की मौत इसी कारण हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट कर बड़ा बयान दिया है और सरकार की तरफ से की जा रही कार्रवाइयों की जानकारी साझा की है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला करार दिया है और इसे लेकर एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पोस्ट में लिखा, हम हासन की हर मौत को लेकर चिंतित हैं, सच्चाई सामने लाकर रहेंगे। पिछले एक महीने में केवल एक जिले हासन में 20 से अधिक लोग हार्ट अटैक से जान गंवा चुके हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है और सच्चाई का पता लगाने के लिए डॉ. रविंद्रनाथ (निदेशक, जयदेव हृदय विज्ञान संस्थान) की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की है। समिति को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इसी समिति को फरवरी में ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि राज्य में युवाओं की अचानक हो रही मौतों के कारणों की विस्तृत जांच करे और यह भी परखा जाए कि कोविड वैक्सीन के कोई दुष्प्रभाव तो नहीं हैं। अब इस दिशा में मरीजों की जांच और आंकड़ों का विश्लेषण भी किया जा रहा है।</p>
<p><strong>सीएम ने बीजेपी पर लगाया राजनीति करने का आरोप</strong><br />मुख्यमंत्री ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया कि वैश्विक शोधों में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोविड टीकाकरण भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, भाजपा के कुछ नेता इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले उन्हें अपने अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि क्या कोविड वैक्सीन को इतनी जल्दबाजी में लागू करना सही था।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य योजनाओं का हवाला, जनता को जागरूक रहने की अपील</strong><br />सीएम ने कहा कि सरकार ने राज्य में पहले से ही हृदय ज्योति और गृह आरोग्य जैसी योजनाएं लागू की हैं, ताकि हृदय संबंधी बीमारियों का प्रारंभिक चरण में पता लगाया जा सके। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, यदि किसी को सीने में दर्द या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण हैं तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 13:03:37 +0530</pubDate>
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                <title>युवाओं में पिछले साल से इस साल 10 फीसदी हार्ट अटैक बढ़े</title>
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                        <![CDATA[30 से 40 की उम्र के लोगों को ज्यादा आ रहा साइलेंट अटैक । 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heart-attacks-among-youth-increased-by-10--this-year-compared-to-last-year/article-105048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer87.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 - हॉकी खेलते आया अटैक </strong><br />शहर के वर्कशॉप के मैदान में 26 जनवरी को 30 साल के कोचिंग अध्यापक पकंज सोनी की  हॉकी खेलते समय खेल के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।  साथी खिलाड़ी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक का विवाह लगभग एक वर्ष पहले ही हुआ था। </p>
<p><strong>केस 2 - पुलिस ट्रेनिंग के दौरान हुई मौत</strong><br />झालरापाटन में 18 फरवरी को  पुलिस ट्रैनिग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे 28 साल के जवान जितेंद्र सिंह को अचानक सीने में दर्द हुआ। दर्द बढ़ने पर अस्पताल लेकर गए वहां उसकी मौत हो गई। </p>
<p><strong>केस 3 - समय पर इलाज मिलने से बची जान</strong><br />कुन्हाडी क्षेत्र में 16 फरवरी को बाइक चलते 45 वर्षीय अधिवक्ता अश्विनी शर्मा को अचानक सीने में दर्द हुआ। उन्होंने यातायात कर्मियों से सहायता ली उन्हें भी साइलेंट अटैक आया उन्हें तुरंत सीपीआर देकर अस्पताल पहुंचाया। जिससे उनकी जान बच गई। </p>
<p><strong>केस 4 - समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान</strong><br />15 जनवरी को 32 साल के  राहुल बैरागी  को अचानक चक्कर आया गिर पड़ा अस्पताल लेकर गए जांच साइलेट अटैक आना बताया युवक कोलेस्टॉल बढ़ा हुआ था। इस दौरान युवक लीवर और किडनी में समस्या हो गई है। युवक इलाज चल रहा है। वहीं कुन्हाडी में एक युवक बाइक चलाने के दौरान अचानक सीने में दर्द हुआ। गाड़ी रोकर डिवाइड पर बैठ गया लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया उसको साइलेट अटैक आया। यह तो एक उदाहरण है ऐसे केस रोज आठ से दस आ रहे है। खराब जीवनशैली, खानपान, शारीरिक व्यायाम की कमी और कम पौष्टिक वाले आहार के कारण युवा  में हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि हो रही है।</p>
<p>कोटा में युवाओं में तेजी से साइलेंट अटैक के मामले बढ़ रहे। पिछले साल की अपेक्षा इस साल दस फीसदी अटैक के मामले बढ़ गए है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस घातक बीमारी के शिकार हो रहे हैं। दिल की बीमारियों के कारण ही हर साल बढ़ी संख्या में लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। इसका एक सबसे बड़ा कारण लाइफ स्टाइल और खराब खानपान है। इसमें हार्ट ब्लॉकेज की समस्या आम होती जा रही है। बुजुर्गों में होने वाली यह बीमारी युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रही है। युवा वाहन चलाते समय, खेलते समय और कम्प्यूटर पर काम करने के दौरान अटैक के शिकार हो रहे है। हाड़ौती संभाग में पिछले कुछ महीनों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें युवाओं की संख्या ज्यादा हो गई है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होने पर नींद में हार्ट अटैक या फिर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। एमबीएस, नवीन चिकित्सालय अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में रोजाना 100 से अधिक मरीजों का कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराया जा रहा है। जिसमें से 75 फीसदी मरीजों को दिक्कत मिल रही है। इसमें 60 से 65 फीसदी युवा वर्ग के पुरुष व महिलाएं शामिल हैं। इसका बड़ा कारण ये सामने आ रहा है कि लोगों का लाइफ स्टाइल डिस्टर्ब हो गया है। </p>
<p>इस वजह से युवाओं में भी बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा: वरिष्ठ हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. हंसराज मीणा ने बताया कि आजकल युवाओं में हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे पिछले साल की अपेक्षा इस साल दस फीसदी बढोत्तरी हुई है। हम जो भी खाना या फूड खाते हैं, उसका असर हमारी धमनियों पर पड़ता है। अधिक तला हुआ, फैट युक्त और मीठा खाना खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। ये धीरे-धीरे धमनियों में जमा होकर उन्हें संकरा कर देता है। इसके कारण ब्लड सकुर्लेशन रुक जाता है। जब रक्त हृदय तक नहीं पहुंच पाता तो दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। रक्त वाहिकाएं शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करती हैं। इससे ब्लड प्रेशर और हृदय गति बढ़ जाती है। इससे हार्ट को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में हार्ट में ब्लॉकेज और अटैक का खतरा अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>ऐसे पहचानें कि दिल का दौरा पड़ा है</strong><br />इसकी पहचान आसान है। मुट्ठी बांधकर सीने पर जहां दर्द हो वहां रखें। जहां मुट्ठी रखी है, उसके पूरे हिस्से में दर्द हो रहा है और छाती से गर्दन या बाएं हाथ की ओर बढ़ रहा है। यह दर्द 20 मिनट से ज्यादा समय रह रहा है तो हार्ट अटैक होने की आशंका अधिक रहती है। यह कई बार बैठे-बैठे होता है तो कई बार चलने पर। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत, पैरों में पसीना आना, चक्कर व बेहोशी महसूस होना भी इसके लक्षण हैं।</p>
<p><strong>ऐसे कर सकते बचाव</strong><br />डॉ. संजय सायर ने बताया कि हार्ट अटैक को पहले दवा से कंट्रोल किया जा सकता है और फिर उसे कम किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने बताया कि शुरूआत में दवा जरूरी है। दवा के अलावा, रोगी के लिए भोजन और पेय पर भी पूरा ध्यान देना महत्वपूर्ण है। ऐसे फूड्स खाएं जो शरीर में खून के थक्के और रुकावटों को कम करते हैं। इसके अलावा सुनिश्चित करें कि आपके आहार में काबोर्हाइड्रेट और फैट कम हो सकता। इसके अलावा प्रोटीन और विटामिन से भरपूर फूड्स खाएं। हार्ट की हेल्थ के लिए मानसिक तनाव एक अहम योगदान देता है। ऐसे में मानसिक तनाव से बचने के लिए समय पर सोएं और समय पर उठें, शरीर को अच्छा आराम मिले और स्ट्रेस फ्री माइंड रहे। हार्ट की हेल्थ के लिए कुछ जरूर बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है। इससे हार्ट की हेल्थ अच्छी बनी रहती है। इसमें उचित आहार और व्यायाम से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। समय पर ध्यान देने से दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के साथ धमनी स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। प्रतिदिन 30-40 मिनट तेज चलना, योग और प्राणायाम करने से हार्ट मजबूत होता है। साइकिल चलाना, तैरना और हल्की दौड़ना भी लाभदायक है। इसके अलावा ध्यान और गहरी सांस लेना भी दिल के लिए अच्छा होता। रात को अच्छी नींद लें, क्योंकि कम नींद का दिल पर बुरा असर पड़ता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एक स्वस्थ व्यक्ति के दिल की नसों में क्लॉटिंग परत जमा होती है। तनाव लेने पर बीपी बढ़ने से कई बार वह परत फट जाती है। इससे हार्ट अटैक आ जाता है। युवाओं व खिलाड़ियों को भी समय समय पर अपनी कॉर्डियक जांच अवश्य करवानी चाहिए।<br /><strong>- डॉ. हंसराज मीणा, हृदय रोग विशेषज्ञ, आचार्य कोटा मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>युवाओं हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों में सबसे ज्यादा तो अनहेल्दी लाइफ स्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना। जंकफूड्स और तैयार फूड्स का प्रयोग ज्यादा करना, जॉब को लेकर युवाओं तनाव की अधिकता, युवाओ  में स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता की कमी है। युवा को चेस्ट समस्या होती वो इसको गैस और सीने का दर्द मानकर इंग्नोर करता है। जिससे युवाओ हार्ट अटैक के केस बढ़ रहे। <br /><strong>- डॉ. मनोज सलूजा, आचार्य विभागाध्यक्ष मेडिसन विभाग मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 15:15:15 +0530</pubDate>
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                <title>आपात स्थिति में व्यक्ति की जान बचा सकता है सीपीआर, विशेषज्ञों ने बताई स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की जरूरत</title>
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                        <![CDATA[आपातकालीन स्थितियों में समय पर दिया गया सीपीआर मरीज का जीवन बचाने की संभावना को दोगुना कर सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cpr-experts-can-save-the-life-of-a-person-in/article-104643"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/heart-attack.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर के जरिए आपात स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। अगर हर व्यक्ति सीपीआर देना जान जाए तो काफी हद तक सडन कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित व्यक्ति को बचाया जा सकता है। यहीं वजह है कि सीपीआर की ट्रेनिंग को देश में भी ज्यादा से ज्यादा प्राथमिकता दिए जाने की विशेषज्ञों ने जरूरत बताई है। इसके लिए अगर स्कूल शिक्षा में ही सीपीआर की ट्रेनिंग बच्चों को दी जाए तो यह हर घर में पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक ऐसा जीवन रक्षक कौशल है, जो हर नागरिक को सीखना चाहिए। आपातकालीन स्थितियों में समय पर दिया गया सीपीआर मरीज का जीवन बचाने की संभावना को दोगुना कर सकता है।</p>
<p><strong>सरकार की पहल जरूरी</strong><br />डॉ. जैन ने बताया कि हमारी सरकार से अपील है कि इसे स्कूल शिक्षा में जोड़ा जाए। स्कूलों में सीपीआर अनिवार्य करने से एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनेगा। हर छात्र अगर सीपीआर सीख लेए तो भारत में हेल्थ सेफ्टी को एक नई दिशा मिल सकती है। </p>
<p><strong>सिर्फ 60 मिनट की ट्रेनिंग बचा सकती है जीवन</strong><br />इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीके जैन ने बताया कई देशों में स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बन चुकी सीपीआर ट्रेनिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नॉर्वे में जहां हर छात्र को यह प्रशिक्षण दिया जाता है, वहां कार्डियक अरेस्ट से बचने की दर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। अमेरिका के कई राज्यों में हाई स्कूल की डिग्री के लिए सीपीआर ट्रेनिंग अनिवार्य है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर हृदय गति रुकने की स्थिति में बचाव की संभावना दोगुनी हो गई है। डॉ. जैन ने बताया कि सीपीआर सीखना न केवल आसान है, बल्कि महज एक घंटे में इसे सीखा जा सकता है। यह कौशल दिल का दौरा, डूबने, दम घुटने या सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में जीवन रक्षक साबित हो सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 09:47:56 +0530</pubDate>
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                <title>तेजी से बढ़ रहा ध्वनि प्रदूषण, उड़ रही रातों की नींद, खो रहा दिन का चैन</title>
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                        <![CDATA[एसएमएस अस्पताल में वरिष्ठ ईएनटी रोग विशेषज्ञ और राजस्थान ईएनटी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि वाहनों से उत्पन्न तेज शोर से ना केवल मनुष्य बल्कि पशु पक्षियों, जलचरों एवं सूक्ष्म जीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/noise-pollution-is-increasing-rapidly-sleepless-nights-are-flying-and/article-89154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बढ़ते यातायात के कारण ध्वनि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे आमजन के साथ जीव जंतुओं पर भी हानिकारण प्रभाव पड़ रहा है। जिसके चलते इंसानों में कई रोगों की समस्या बढ़ रही है वहीं जानवरों को भी इससे असहजता हो रही है और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मनुष्य में ध्वनि प्रदूषण के कारण कान संबधी बीमारियों के साथ उच्च रक्त चाप, ब्रेन स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक की संभावना कई गुणा तक बढ़ जाती है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध व्याप्त नियमों और काानूनों का कड़ाई से पालन करवाया जाए, जिससे इस पर लगाम लग सके।</p>
<p><strong>ऐसे पड़ता है वितरीत प्रभाव</strong><br />एसएमएस अस्पताल में वरिष्ठ ईएनटी रोग विशेषज्ञ और राजस्थान ईएनटी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि वाहनों से उत्पन्न तेज शोर से ना केवल मनुष्य बल्कि पशु पक्षियों, जलचरों एवं सूक्ष्म जीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं तेज शोर के कारण सुनने में कमी होना, कान में दर्द होना, असामान्य आवाजों का सुनाई देना और इरिटेशन होता है, जिससे उच्च रक्त चाप, ब्रेन स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त मानसिक विकार जैसे चिड़चिड़ापन, तनाव, डिप्रेशन, स्मरण शक्ति कम होना, नींद में परेशानी होना आदि भी होते हैं। एसिडिटि, आंतों की सूजन, भूख कम लगना और नपुसंकता की भी समस्याएं होती है।</p>
<p><strong>रोकथाम हो तो मिले राहत</strong><br />डॉ. सिंघल ने बताया कि पहले से ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध कड़े नियम बने हुए हैं। लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं होता है। ऐसे में व्याप्त नियमों और कानूनों का कड़ाई से पालन करवाया जाए और इनका उल्लंघन करने वालों का ना सिर्फ चालान किया जाये बल्कि उनके वाहन भी जब्त किए जाएं। इसके उपरांत भी उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान हो। तभी हम सब तेज आवाज वाले ध्वनि प्रदूषण से बच सकेंगे। वाहनों से प्रेशर हॉर्न, म्यूजिकल हॉर्न एवं एयर हॉर्न हटवाने और ऐसे वाहनों का चालान करने का सुझाव दिया। सभी तरह के वाहनों से साइलेंसर हटाने और साइलेंसर को तेज आवाज के लिए मॉडिफाई करवाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें दुपहिया वाहन वाले भी शामिल है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 11:40:29 +0530</pubDate>
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                <title>Supreme Court में पहुंचा कोविशिल्ड से स्ट्रोक और हार्ट अटैक आने का मामला</title>
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                        <![CDATA[ लंदन में कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली एस्ट्रोलॉजीका वैक्सीन निर्माता कंपनी ने कोर्ट में स्ट्रोक और हार्ट अटैक आने के खतरे को मानने के बाद यह मामला भारत में भी सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/case-of-stroke-and-heart-attack-due-to-covishield-reached/article-76403"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोविशील्ड वैक्सीन के कथित दुष्प्रभावों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक की अध्यक्षता में चिकित्सा विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करने का निर्देश देने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की गई है। </p>
<p>कोविशील्ड निर्माता की यूनाइटेड ङ्क्षकगडम में टीके के दुष्प्रभावों की स्वीकारोक्ति की रिपोर्ट सामने आने के बाद अधिवक्ता विशाल तिवारी ने यहां यह याचिका दायर की है। यह याचिका 2021 की लंबित एक जनहित याचिका के मद्देनजर दायर की गई है।</p>
<p>उन्होंने अपनी याचिका में दलील देते हुए केंद्र सरकार को उन नागरिकों के लिए टीका क्षति भुगतान करने और उसके लिए एक टीका क्षति प्रणाली स्थापित करने का निर्देश देने की मांग की है, जो कोविड-19 महामारी के दौरान टीकाकरण अभियान के परिणामस्वरूप गंभीर रूप से विकलांग हो गए या जिनकी मृत्यु हो गई है।</p>
<p>दलील देते हुए आवेदक ने आगे कहा कि सरकार द्वारा सुरक्षा के आश्वासन पर कोविड-19 वैक्सीन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को कोविशील्ड की वैक्सीन दी गई।याचिका में कहा गया, Þकोविड-19 के टीके लेने के बाद दिल का दौरा पडऩे और अचानक बेहोश होने से मौत के मामले बढ़े हैं। यहां तक कि युवाओं में भी दिल का दौरा पडऩे के कई मामले सामने आए हैं।Þ</p>
<p>याचिका में यह भी कहा गया है, अब कोविशील्ड के डेवलपर द्वारा यूके की एक अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेज के बाद हम भारत में बड़ी संख्या में नागरिकों को दी गई उस वैक्सीन के जोखिम और खतरनाक परिणामों के बारे में सोचने के लिए मजबूर हुए हैं। सरकार को इसके लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।</p>
<p> याचिका में कहा गया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के इस मामले से केंद्र सरकार को प्राथमिकता के आधार पर निपटना होगा ताकि, भविष्य में भारत के नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर कोई खतरा उत्पन्न न हो।</p>
<p> फार्मास्युटिकल कंपनी और वैक्सीन एस्ट्राजेनेका के डेवलपर ने कहा है कि कोविड-19 के खिलाफ उसका एजेडडी1222 वैक्सीन (जिसे भारत में कोविशील्ड के रूप में लाइसेंस के तहत बनाया गया था) कम प्लेटलेट काउंट और Þबहुत दुर्लभÞ मामलों में रक्त के थक्कों के गठन का कारण बन सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि एस्ट्राजेनेका ने वैक्सीन और थ्रोम्बोसिस के बीच थ्रोम्बोसाइटोपेनिया ङ्क्षसड्रोम (टीटीएस) के साथ संबंध को स्वीकार किया है।यह एक चिकित्सीय स्थिति है। कोविशील्ड के निर्माण के लिए कोरोना वायरस महामारी के दौरान एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन फॉर्मूले को पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई ) को लाइसेंस दिया गया था।</p>
<p> रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर, उच्च न्यायालय (यूके में) में 51 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें पीड़तिों और दुखी रिश्तेदारों ने 100 (यूके पाउंड) मिलियन तक की अनुमानित क्षति की गुहार लगाई हैÞ।  </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 15:32:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>लंदन में कोर्ट ने माना कोविशील्ड वैक्सीन से हो सकता है स्ट्रोक और हार्ट अटैक</title>
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                        <![CDATA[भारत में केंद्र सरकार या कंपनी का अभी तक कोई बयान नहीं]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/court-in-london-admits-that-covishield-vaccine-can-cause-stroke/article-76277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/covishield_vaccine.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लंदन में कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली एस्ट्रोलॉजी का वैक्सीन निर्माता कंपनी ने कोर्ट में माना है कि कुछ दुर्लभ मामलों में कोविशील्ड वैक्सीन से कोरोना का टीकाकरण करने वाले लोगों में थोमब्रोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ थ्रोंबोसिस का कारण हो सकता है जिसकी वजह से खून के थक्के बनने के कारण यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। यह वैक्सीन लंदन की कंपनी एस्ट्रोजेनिका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर तैयार की थी जिसका उत्पादन भारत की पुणे में स्थित सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सिरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने किया था। भारत में करोड़ों लोगों को यह वैक्सीन लगी थी वहीं राजस्थान में भी यह वैक्सीन करोड़ों लोगों को लगाई गई थी। वैक्सीन से टीकाकरण करने पर दुर्लभ मामलों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक होने के कंपनी के द्वारा कोर्ट में अपनी पुष्टि करने के बाद भारत में भी इस वैक्सीन को लेकर हड़कंप मचा है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय या फिर केंद्र सरकार के किसी बड़े अधिकारी का इसे लेकर अभी कोई बयान नहीं आया है। यह वैक्सीन चिंपांजी बंदर के शरीर से एडिनोवायरस का एमआरएनए लेकर बनाई गई थी।</p>
<p><strong>जयपुर के प्रसिद्ध मेडिकल एक्सपर्ट का यह है कहना</strong><br />जयपुर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर जीएल शर्मा का कहना है कि कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर को पहले से इसकी शंकाएं थीं लेकिन अब लंदन के हाईकोर्ट में कंपनी के द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के बाद उन्होंने कहा है कि भारत में युवाओं को भी यह वैक्सीन बड़ी तादाद में लगी थी। युवाओं में अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़े भी है ऐसे में उन्हें खासकर सावधान रहने की जरूरत है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 13:33:35 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>सावधान: जवानी में दिल हो रहा कमजोर, साइलेंट अटैक बांट रहा मौत</title>
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                        <![CDATA[महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अटैक के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/be-careful--heart-is-becoming-weak-in-youth--silent-attack-is-spreading-death/article-65147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/savdhaan---javani-me-dil-ho-rha-kamzor,-silent-attack-bant-rha-maut...kota-news-26-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 - </strong>चलती बस में ड्राइवर की अटैक से मौत  <br />24 दिसम्बर को रावतभाटा में फेज टू बस स्टैण्ड पर सुबह साढ़े 7 बजे जयपुर के लिए रवाना हुई रोडवेज के चालक दयाल को चलती बस में दिल का दौरा पड़ गया। परिचालक मोहन गुर्जर ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया जहां, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। </p>
<p><strong>केस 2 - </strong>कार में पूर्व सांसद के ड्राइवर को आया अटैक<br />25 नवम्बर को पूर्व सांसद इज्यराज सिंह के ड्राइवर खालिद को मंडाना के पास चलती कार में हार्ट अटैक आ गया। स्टेरिंग से हाथ व एक्सीलेटर से पैर हटने से कार अनियंत्रित हो गई। ऐसे में पूर्व सांसद सिंह ने तुरंत हैंडब्रेक लगाकर कार रोकी और चालक को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चालक खालिद को मृत घोषित कर दिया।</p>
<p><strong>केस 3 - </strong>खेलते समय युवक को आया अटैक<br />भीमगंजमंडी इलाके में कुछ महीने पहले बेडमिंटन खेलते समय युवक को हार्ट अटैक आ गया। जिससे वह अचेत होकर गिर पड़ा। साथी खिलाड़ी उसे तुरंत एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। </p>
<p>हार्ट अटैक का पैटर्न अब बदलने लगा है। उम्र का बंधन तोड़ अटैक युवाओं को मौत की नींद सुला रहा है। पहले बुजर्गु अवस्था में अटैक आने के मामले आते थे, जिनका कारण शरीर की ढलती कार्यक्षमता को माना जाता था। लेकिन अब जिस तरह 20 से 40 साल की उम्र के युवाओं को दिल का दौरा पड़ने लगे हैं, उससे हद्य विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है। चिकित्सकों ने युवाओं में हार्ट अटैक का प्रमुख कारण तनाव माना है। यह शरीर को कई तरह से प्रभावित करता है। मुख्य रूप से दिल की धड़कनों में रुकावट बनता है, जिसके नतीजे अटैक के रूप में सामने आते हैं। हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर नवज्योति ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से बात की तो हृदयघात के पीछे नसों में कमजोरी, ब्लॉकेज या कमजोर ब्लड फ्लो सहित कई तथ्य सामने आए। पेश हैं रिपोर्ट के प्रमुख अंश....</p>
<p><strong>हार्ट अटैक का मुख्य कारण तनाव </strong><br />चिकित्सक सुधीर उपाध्याय का कहना है, हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण तनाव है। महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अटैक के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं। महावारी के दौरान स्ट्रोजन हार्मोन बनता है, जो हार्ट अटैक से उनकी रक्षा करता है। हालांकि, 45 से 50 वर्ष के बाद महिलाओं में इस तरह के मामले आने लगते हैं, लेकिन 20 से 30 साल की युवतियों में हार्ट अटैक का एक भी मामल नहीं आया। पुरूषों में जरूर आ रहे हैं, इसकी सबसे प्रमुख वजह स्ट्रेस है।  </p>
<p><strong>हार्ट का निर्माण करने वाली मसल्स कमजोर कर रहा नशा</strong><br />एमबीएस अस्पताल के उप निदेशक डॉ. संजीव बताते हैं, नशा करने से हार्ट की मायकार्डियल मसल्स कमजोर हो जाती है। जबकि, इन्हीं मसल्स से हार्ट का निर्माण होता है। इसके कमजोर होने से धड़कन की गति असामान्य हो जाती है और कार्डियक फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। स्मोकिंग, कार्डियोवस्कुलर डिजिज के लक्षण पैदा करता हैं। इसके बाद बॉडी में फैट बनता है और उसे फिर कोरोनरी हार्ट की बीमारी हो जाती है।</p>
<p><strong>दिल कमजोर कर रही नींद की कमी</strong><br />युवाओं में अटैक का 99 प्रतिशत कारण नींद पूरी न करना है। युवा देर रात तक मोबाइल पर लगे रहते हैं। पर्याप्त नींद नहीं होने से मस्तिष्क की नसें प्रभावित होती है, जो चिड़चिड़ापन बढ़ाने के साथ तनाव बढ़ता है, इससे स्ट्रेस के हार्मोन पनपते हैं, जिससे आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट और मायो कार्डियल इनफ्रॉक्शन की स्थिति बनती है, जो हार्ट अटैक का कारण बनती है। </p>
<p><strong>क्या हार्ट अटैक के पीछे कोरोना जिम्मेदार</strong><br />हार्ट अटैक के मामले में कोरोना व वैक्सीन को लेकर चिकित्सकों में मतभेद है।  कुछ रिसर्चर चिकित्सकों का मानना है, युवाओं में हार्ट अटैक के मामले वर्ष 2020 के बाद से बढ़ने लगे हैं। इससे पहले इस तरह के केस नहीं आते थे। कोरोना संक्रमण के बाद शरीर में खून का थक्का बनने की संभावनाएं बढ़ी हैं। हालांकि, अमेरिका सहित कई देशों में रिसर्च की जा रही है। </p>
<p><strong>ओवर लोड वर्किंग, व्यायाम न करना</strong><br />युवाओं में अटैक के लिए कई फेक्टर जिम्मेदार हैं। यह किशोरावस्था से ही पनपने लगते हैं। किशोर से युवास्था तक का जीवन अति उत्साहित होता है। जिसमें अनियमित लाइफ स्टाइल, पौष्टिक आहार की अनदेखी, देर रात मोबाइल व कम्प्यूटर पर व्यस्त रहना। व्यायाम से दूर रहना व ओवरलोड वर्किंग से ब्लड सेल्स प्रभावित होती है, जो अटेक का कारण बनते हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विशेषज्ञ</strong><br /><strong>तनाव व सर्दी से सिकुड़ रही खून की आर्टिलरी</strong><br />युवाओं में हार्ट अटैक के 5 कारण प्रमुख हैं। जिनमें सबसे मुख्य तनाव है। युवा अपने भविष्य को लेकर इनसिक्योर है, जो तनाव बढ़ाता है। इससे खून की नसें व दिल की मांसपेशियां सिकुड़ जाती है और खून का प्रवाह घटने से अटैक आ जाता है। दिल को मजबूत करने के लिए नियमित दिनचर्या में सुधार करें। परिवार में किसी को बीपी, ब्लड प्रेशर, डायबिटिज या अटैक आ चुके हो तो उस परिवार के युवाओं को जांच करवानी जरूरी है। <br /><strong>- डॉ. सुधीर उपाध्याय, वरिष्ठ फिजिशियन</strong></p>
<p><strong>दवाओं का आपस में इंटरेक्शन </strong><br />अनियमित लाइफ स्टाइल, खानपान बिगड़ना, फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना, प्रोपर नींद नहीं लेना सहित शुरुआती कारणों से खून की नसों में ब्लॉकेज जमने, दिल की मांसपेशियां सिकुड़ने सहित कई फैक्टर बनते हैं जो हार्ट अटैक के कारण बनते हैं। वहीं, सेल्फ मेडिकेशन यानी, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से शरीर में दवाओं का आपस में इंटरेक्शन होता है, जो साइलेंट अटैक का कारण बनते हैं।  <br /><strong>- डॉ. मोहम्मद शमीम खान, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, गवर्नमेंट यूनानी हॉस्पिटल स्टेशन</strong></p>
<p>युवाओं में दिल की बीमारियों की बड़ी वजह खराब लाइफ स्टाइल और खानपान है। पैदल नहीं चलना, शारीरिक व्यायाम नहीं करना। धूम्रपान, शराब और ड्रग्स का सेवन ये सभी फैक्टर हार्ट अटैक का कारण बनते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि शरीर की नियमित जांच कराएं। परिवार में हार्ट अटैक के केस हुए हैं या कोई शख्स दिल के रोग, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड, डायबिटीज का शिकार रहा है तो उस परिवार के सभी लोगों को अपनी जांच कराने की जरूरत है।  <br /><strong>- डॉ. संजीव शर्मा, उप निदेशक, एमबीएस अस्पताल </strong></p>
<p>स्वस्थ जीवनशैली हार्ट अटैक व आकस्मिक मृत्यु से बचाती है। उम्र के साथ व्यायाम में बदलाव करें क्योंकि, शरीर के अंगों की जैविक उम्र होती है। बेचैनी, दर्द, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण दिखने पर चिकित्सक को दिखाएं।  उम्र के अनुसार अनुकूल ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, शुगर की गणना होती है, जो हमें पता होनी चाहिए।  फिटनेस के लिए नींद से समझौता न करें। कॅरियर की रेस में तनाव को दूर रखें। <br /><strong>- डॉ. साकेत गोयल, हृदय रोग विशेषज्ञ</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Dec 2023 09:53:28 +0530</pubDate>
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