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                <title>असर खबर का : समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद में अव्यवस्थाओं को लेकर हरकत में आया प्रशासन, तहसीलदार ने मंडी परिसर व तुलाई केंद्र का किया निरीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[बकानी (झालावाड़) की गौण मंडी में समर्थन मूल्य खरीद की अव्यवस्थाओं पर प्रशासन हरकत में आया। दैनिक नवज्योति की खबर के बाद तहसीलदार रतनलाल भील ने निरीक्षण कर नाराजगी जताई। किसानों की लंबी कतारें देख तुलाई तेज करने, अतिरिक्त कांटे लगाने, पानी की व्यवस्था सुधारने और सीसी रोड साफ कर सुचारू संचालन के निर्देश दिए।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-news--tehsildar-inspects-mandi-premises-and-weighing-center/article-152475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/6622-copy4.jpg" alt=""></a><br /><p>बकानी । झालावाड़ जिले के बकानी की गौण मंडी में समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद में हो रही अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम द्वारा मंडी परिसर का निरीक्षण किया। जानकारी के लिए आपको  बता दे कि मंडी परिसर में हो रही अवस्थाओं को लेकर दैनिक नवज्योति में दिनांक 30 अप्रैल 2026 के अंक में गौण मंडी में अव्यवस्थाओं अम्बार,किसान परेशान शीर्षक के नाम से खबर प्रकाशित की गई थी, जिसका असर अगले दिन ही देखने को मिला। </p>
<p>बकानी तहसीलदार रतनलाल भील के द्वारा समर्थन मूल्य तुलाई केंद्र सहित गौण मंडी परिसर का निरिक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कानूनगो जयराज मंडोत,उमेश मौर्य उपस्थित रहे जहाँ अपनी उपज की तुलाई के लिए इंतजार कर रहे किसानों के खड़े ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी कतारे देखने को मिली। तहसीलदार ने राजफैड तुलाई केंद्र पर उपस्थित ठेकेदार से जानकारी ली गई और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की गई, जिस पर ठेकेदार द्वारा बताया कि पिछले तीन चार दिनों से अधिक किसानों के पास पंजीकरण संदेश आने के कारण तुलाई की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिस पर तहसीलदार द्वारा तुलाई व्यवस्था में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त तोल कांटे लगाने के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया। </p>
<p>साथ ही कृषि उपज मंडी सचिव से बात कर मंडी परिसर मे किसानों के लिए पीने के पानी समुचित व्यवस्था नहीं होने पर पीने के पानी की व्यवस्था करने की कहा गया। वही तहसीलदार ने मंडी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य सीसी रोड़ पर बिछाई गई मिट्टी को हटाने के लिए ठेकेदार निर्देश दिए गए। जिससे किसान सीधे अपनी उपज को सीसी रोड़ पर खाली करवाकर तुलाई करवा सके। इसी के साथ तुलाई के लिए आए टैक्टरों को सही तरीके से खड़े करने के निर्देश दिए, जिससे व्यवस्था नहीं बिगड़े। जहाँ व्यापारियों सहित कई किसान उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:45:41 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : लौटेगा लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव, नगर निगम करवाएगा सौंदर्यीकरण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--lakhi-burj%E2%80%99s-former-glory-to-return--municipal-corporation-to-undertake-beautification-work/article-151935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/asar-khabar-ka---lautega-lakhi-burj’-ka-purana-vaibhav,-nagar-nigam-karavaega-saundaryekaran-kary...kota-news-28.04.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में शामिल लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव पुन: नजर आएगा। नगर निगम लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना बना रहा है। इसको लेकर आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने सोमवार को लक्खी बुर्ज का निरीक्षण भी किया।आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा के पर्यटक स्थलों में लक्खी बुर्ज की प्रमुखता से गिनती होती है। पूर्व में इसका वैभव बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर अब लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की योजना नए सिरे से तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि लक्खी बुर्ज में नाइट ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए फसाड लाइट्स लगाने के कार्यादेश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। लेकिन दोपहर और शाम के समय भी यहां पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।</p>
<p><strong>कैफेटेरिया भी होगा शुरु</strong><br />लक्खी बुर्ज पर जल्द ही कैफेटेरिया प्रारंभ किया जाएगा। जिससे यहां आने वाले पर्यटक किशोर सागर और आसपास की खूबसूरती को निहारते हुए खाने-पीने का आंनद भी ले सकेंगे। इसके अलावा यहां एक भव्य फ व्वारा और बच्चों के लिए झूले भी लगाए जाएंगे। रात के समय लक्खी बुर्ज पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। लक्खी बुर्ज की मरम्मत और रंगरोगन भी किया जाएगा।</p>
<p><strong>दूरबीन भी बनेगी आकर्षण का केन्द्र</strong><br />काफी वर्षो पहले लक्खी बुर्ज पर आने वाले पर्यटकों के लिए दूरबीन भी बड़ा आकर्षण होती थी। विशेष प्रकार की इस दूरबीन से काफी दूर तक नजारा देखा जा सकता था। सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया में लक्खी बुर्ज पर फि र से दूरबीन लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरबीन पर्यटकों के अनुभव को और अधिक आनंदित बनाएगी। लक्खी बुर्ज में टेलीस्कोप लगाने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री और स्वास्थ्य अधिकारी मौतीलाल चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि लक् खी बुर्ज की दुर्दशा का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 अप्रैल को पेज दो पर' एक लाख में बना इसलिए नाम रखा लक्खी बुर्ज, 100 फीट ऊंचा साथ ही देखरेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहा लक्खी बुर्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस पुराने एतिसाहिक पर्यटन स्थल के बारे में बताया गया है। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति को देखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि नगर निगम इसका सौन्दर्यीकरण करवाकर इसके पुराने वैभव को लौटाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:29:46 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : पशु चिकित्सा केन्द्र पर लगा मिला ताला, अधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[कई केंद्रों पर  कंपाउंडर के भरोसे पूरा अस्पताल चलाया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--veterinary-center-found-locked--explanation-sought-from-the-officer/article-139884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)34.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को पंचायत समिति सुल्तानपुर के भौंरा में पशु चिकित्सा उप केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा उप केन्द्र पर प्रात: 10:15 बजे ताले लगे हुए थे। संभागीय आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए संयुक्त निदेशक पशुपालन को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। संभागीय आयुक्त सुबह पशु चिकित्सा उप केन्द्र पर पहुंचे तो वहां पर कोई चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद नहीं था और ताला लगा हुआ था। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग को इस सम्बंध में पूरी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />जिले में पशु चिकित्सा की बिगड़ रही व्यवस्था को लेकर दैनिक नवज्योति में 16 जनवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि जिले सहित सैकड़ों पशु चिकित्सालय बिना पशु चिकित्सकों के संचालित हो रहे हैं। कई केंद्रों पर तो हालात ऐसे हैं कि एक पशुधन सहायक या कंपाउंडर के भरोसे पूरा अस्पताल चलाया जा रहा है। कई पशु चिकित्सालयों में ताले लगे रहते हैँ। जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों की कमी के कारण यहां नियमित सेवाएं बाधित हो रही हैं। पशु चिकित्सकों की कमी से गंभीर बीमार पशुओं का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। पशुपालकों को बीमार पशुओं को निजी चिकित्सकों या दूर-दराज के शहरों में ले जाने को मजबूर होना पड़ता है। इस दौरान समय और पैसा दोनों खर्च होता है।</p>
<p><strong>स्कूल में दो कार्मिक मिले अनुपस्थित</strong><br />संभागीय आयुक्त ने राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय भौंरा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने हाजिरी रजिस्टर चेक किया। जिसमें दो कार्मिक अनुपस्थित एवं दो अवकाश पर पाए गए। पोषाहार रजिस्टर में नियमित एंट्री नहीं होने और शाला दर्पण पर विद्यार्थियों की संख्या नियमित रूप से अपलोड नहीं किए जाने पर उन्होंने प्रधानाचार्य को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए उन्हें प्रेरित करने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए। आंगनबाड़ी केन्द्र भौंरा पर 23 बच्चों में से मात्र तीन बच्चे ही उपस्थित थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौके पर नहीं थी। इस पर संभागीय आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने बारां जिले के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गजनपुरा का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों की पूर्ति नहीं होने पर संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा कोटा को कक्षा-कक्षों का निर्माण होने तक विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 14:33:55 +0530</pubDate>
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                <title>कैनबरा से भारत वापस लाए गए 29 पुरावशेष: प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा लौटाए गए पुरावशेषों का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन एक आभासी शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/29-antiquities-brought-back-to-india-from-canberra--pm-modi-inspects-antiquities-returned-by-australia/article-6502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/modi_new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन से पहले कैनबरा से भारत वापस लाए गए 29 पुरावशेषों का निरीक्षण किया। सूत्रों ने कहा कि प्राचीन वस्तुओं को विषयों के आधार पर छह व्यापक श्रेणियों में बांटा गया है। इन वस्तुओं में भगवान शिव और उनके शिष्य, शक्ति की पूजा, भगवान विष्णु और उनके रूप, जैन परंपरा, चित्र और सजावटी वस्तुएं शामिल हैं।ये पुरावशेष अलग-अलग समयावधियों के हैं। बताया जा रहा है कि यह पुरावशेष 9वीं से 10वीं शताब्दी ईस्वी पूर्व के हैं।<br />ये मुख्य रूप से मूर्तियां और पेंटिंग हैं जिन्हें विभिन्न प्रकार की सामग्रियों, बालू, पत्थर, संगमरमर, कांस्य, पीतल, कागज पर बनाया किया जाता है ।<br /><br />यह भारत के एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन प्राचीन वस्तुओं को राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से छीन लिया गया था। गौरतलब है कि केंद्र पिछले कुछ समय से चोरी हुए भारतीय पुरावशेषों को वापस भारत ला रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन एक आभासी शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं, जहां वे व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत विभिन्न पहलों पर प्रगति की समीक्षा करेंगे।यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब रूस और यूक्रेन में युद्ध चल रहा है और भारत ने क्वाड के अन्य सदस्यों के विपरीत एक मध्यस्थता का रुख अपनाया है, जिसमें भारत और आस्ट्रेलिया के अलावा जापान और अमेरिका भी शामिल हैं। जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा शनिवार को भारत में थे और मोदी से मिले थे।<br /><br /><strong>व्यापार, रक्षा, निवेश और नवाचार में भारत-आस्ट्रेलिया सहयोग घनिष्ठ हुआ: मोदी</strong><br /> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और आस्ट्रेलिया के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और व्यापार, निवेश, रक्षा , सुरक्षा , शिक्षा , नवाचार , विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमारा सहयोग घनिष्ठ हुआ है।री मोदी ने सोमवार को दूसरे भारत-आस्ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्मेलन में अपनी आरंभिक टिप्पणी में कहा , '' पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। व्यापार, निवेश, रक्षा , सुरक्षा , शिक्षा , नवाचार , विज्ञान और प्रौद्योगिकी इन सभी क्षेत्रों में हमारा बहुत करीबी सहयोग है। कई अन्य क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण खनीज, जल प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा और कोविड 19 अनुसंधान में भी हमारा सहयोग बढा है।''<br /><br />उन्होंने कहा, ''  बेंगलुरु में उभरती प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केन्द्र  की स्थापना की घोषणा का मैं ह्रदय से बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। साइबर और महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकी में हमारे बीच बेहतर सहयोग अनिवार्य है। हम जैसे समान मूल्यों वाले देशों की यह जिम्मेदारी है, कि इन उभरती टेक्नोलॉजीज में उचित वैश्विक मापदंड अपनाये जाएँ।''<br /><br /> उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता 'सीका' पर भी बहुत कम समय में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और  पूरा विश्वास है कि बाकी बचे मुद्दों पर भी शीघ्र सहमती बन जायेगी। 'सीका' का शीघ्र समाधान आर्थिक संबंधों, आर्थिक मजबूती और आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होगा।<br /><br /> मोदी ने कहा, '' क्वाड में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है। हमारा यह सहयोग मुक्त, खुले और समावेशी हिन्द प्रशांत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए क्वाड की सफलता बहुत महत्त्वपूर्ण है।''<br /><br />प्रधानमंत्री ने प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को लौटाने की पहल के लिए आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा , '' आपने जो कलाकृतियाँ भेजी हैं, इनमें राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश इसके साथ कई अन्य भारतीय राज्यों में से अवैध तरीकों से निकाली गयी सैकड़ों वर्ष पुरानी मूर्तियाँ और चित्र हैं। और इसके लिए मैं सभी भारतवासियों की तरफ से आपका विशेष आभार व्यक्त करता हूँ।अब इनको जो आपने हमें मूर्तियां लौटाई हैं, सारी ची•ों लौटाई हैं, उसको सही स्थान पर लौटाया जा सकेगा। मैं सभी भारतीय नागरिकों की तरफ से इस पहल के लिए आपका फिर से एक बार हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।''<br /><br />  प्रधानमंत्री ने कहा, ''  हमारे पिछले वर्चुअल सम्मेलन के दौरान हमने अपने संबंधों को व्यापक सामरिक साझेदारी का रूप दिया था। और मुझे प्रसन्नता है कि आज हम दोनों देशों के बीच वार्षिक सम्मेलन का तंत्र स्थापित कर रहे हैं। इससे हमारे संबंधों की नियमित समीक्षा की एक व्यवस्था तैयार होगी।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 18:52:03 +0530</pubDate>
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