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                <title>conservation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>conservation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्यपाल बागडे निमेड़ा स्थित श्री श्याम गौशाला पहुंचे, भागवत कथा में सम्मिलित हुए</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शुक्रवार को निमेड़ा स्थित श्री श्याम गौशाला पहुंचे। उन्होंने भागवत कथा सुनी, बालाजी मंदिर में पूजा की और गायों को चारा खिलाया। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को सनातन मूल्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और वर्षा ऋतु में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण भी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governor-bagde-reached-shri-shyam-gaushala-in-nimeda-and-participated/article-158176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/governor.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शुक्रवार को निमेड़ा स्थित श्री श्याम गौशाला पहुंचे। उन्होंने वहां चल रही भागवत कथा सुनी और श्री बालाजी मंदिर में पूजा अर्चना कर सबके मंगल की कामना की। राज्यपाल ने गौशाला में गायों को चारा खिलाया और वहां उपस्थित भागवत कथा सुनने वालों से संवाद करते हुए भगवान श्री कृष्ण की लीला और भगवद भक्ति की सनातन भारतीय मूल्यों की उदात्त दृष्टि से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने वहीं पेड़ भी लगाया और वर्षा के मौसम में अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 17:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा CSR का संबल: सवाई माधोपुर में होगा राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव ; वन विभाग और कॉर्पोरेट जगत मिलकर तलाशेंगे संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और समुदाय विकास के नए रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान वन विभाग द्वारा 22-23 जून को सवाई माधोपुर में राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य रणथम्भौर और सरिस्का जैसे संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के विकास के लिए कॉर्पोरेट जगत और वन विभाग के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/image1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वन विभाग की पहल पर सवाई माधोपुर में 22 और 23 जून को राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के सतत विकास को बढ़ावा देना है। कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।</p>
<p>डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में रणथम्भौर, सरिस्का, केवलादेव, मुकुंदरा सहित प्रदेश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में CSR के जरिए किए जा सकने वाले कार्यों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही सफल परियोजनाओं के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा वन विभाग और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:24:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>20 साल पुराने यूरोपीय प्रोजेक्ट पर 2023 से खर्च शून्य: जल सुधार की रिपोर्ट गौण ; 450 करोड़ का यूरोपीय संघ जल सुधार कार्यक्रम, कितनी बदली राजस्थान की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल प्रबंधन के लिए शुरू हुई 450 करोड़ की यूरोपीय संघ परियोजना सवालों के घेरे में है। 415.66 करोड़ रुपये खर्च होने और जल नीति-2010 जैसी उपलब्धियों के बावजूद, पिछले तीन वर्षों (2023-26) से व्यय शून्य बना हुआ है। विशेषज्ञ जमीनी स्तर पर इसके वास्तविक प्रभाव और रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/zero-expenditure-on-20-year-old-european-project-from-2023/article-157627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)44.png" alt=""></a><br /><div>जयपुर। राजस्थान में जल प्रबंधन सुधार और भूजल संरक्षण के लिए वर्ष 2006 में शुरू किया गया यूरोपीय संघ (यूरोपियन यूनियन) समर्थित स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम (एसपीपी)द्ध एक बार फिर चर्चा में है। करीब 450 करोड़ की परियोजना को जल क्षेत्र में सुधार की बड़ी पहल बताया गया, लेकिन उपलब्ध आंकड़े से भारी निवेश के बावजूद इसके वास्तविक प्रभाव और वर्तमान स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यूरोपीय संघ ने इस परियोजना के लिए 80 मिलियन यूरो (करीब 450 करोड़ रुपए) का अनुदान स्वीकृत किया था। अब तक 61.675 मिलियन यूरो 418.83 करोड़ रुपए) जारी किए जा चुके हैं, जबकि 31 मई 2026 तक कुल खर्च 415.66 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>11 जिलों की 3,182 ग्राम पंचायतें शामिल</strong></div>
<div> </div>
<div>परियोजना का उद्देश्य राज्य में जल क्षेत्र सुधार, भूजल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल उपलब्धता और पंचायतों की भागीदारी को मजबूत करना था। इसके तहत 11 जिलों की 82 पंचायत समितियों और 3182 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि परियोजना पर 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वित्तीय प्रगति रिपोर्ट में लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य दर्शाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना के तहत तैयार किए गए जल प्रबंधन मॉडल इतने सफल रहे, तो फिर उनके विस्तार और रखरखाव पर खर्च क्यों नहीं हुआ? वहीं सरकारी दस्तावेज परियोजना की उपलब्धियों में जल नीति-2010, एक्विफर मैपिंग, जल जागरूकता अभियान, नदी बेसिन प्राधिकरण गठन और 14 अंतर.बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी को प्रमुख उपलब्धि बताते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>उठते सवाल...</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>450 करोड़ की परियोजना के बावजूद जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थिति कितनी बदली, इसका स्पष्ट मूल्यांकन सार्वजनिक नहीं।</li>
<li>2023-24 से लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य रहना परियोजना की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।</li>
<li>कई उपलब्धियां अध्ययन, कार्यशाला और योजनाओं तक सीमित दिखाई देती हैं, जबकि जमीनी प्रभाव के आंकड़े सीमित हैं।</li>
<li>14 जलांतरण योजनाएं बनीं, लेकिन कितनी लागू हुईं, इसका उल्लेख नहीं है।</li>
<li>परियोजना समाप्ति के बाद बनाए गए ढांचे और संस्थाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है।</li>
</ul>
</div>
<div><strong>परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>राज्य जल नीति-2010 लागू</li>
<li>3182 ग्राम पंचायतों में जल प्रबंधन योजनाएं तैयार</li>
<li>79,550 लोगों को प्रशिक्षण</li>
<li>भूजल एक्विफर मैपिंग और गुगल आधारित डेटा तैयार</li>
<li>जल चेतना यात्रा, जल मेला और जनजागरूकता अभियान</li>
<li>14 अंतर-बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी</li>
<li>जल कानूनों के सामंजस्य की पहल</li>
</ul>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस में सुदर्शन पटनायक का सम्मान, ग्रैंड सैंड मास्टर कप पाने वाले पहले भारतीय बने</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने रूस में 'रूस ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026' जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति संरक्षण पर 3 मीटर ऊंची अद्भुत कलाकृति बनाकर यह खिताब जीता। वे इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sudarshan-patnaik-honored-in-russia-as-first-indian-to-receive/article-156756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/sudarsan-pattnaik.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्हें रूस में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सैंड स्कल्पचर महोत्सव में प्रतिष्ठित ‘रूस ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को प्राप्त करने वाले वह पहले भारतीय सैंड आर्टिस्ट बन गए हैं। यह पुरस्कार उन्हें सैंड आर्ट के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और ग्लोबल वार्मिंग विषय पर बनाई गई प्रभावशाली रेत की मूर्ति के लिए प्रदान किया गया। 11 जून 2026 से शुरू हुए इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में विभिन्न देशों के 12 प्रमुख सैंड कलाकारों ने भाग लिया था। जूरी समिति ने सर्वसम्मति से पटनायक को इस सम्मान के लिए चुना।</p>
<p>पटनायक की तीन मीटर ऊंची कलाकृति में पृथ्वी के दो विपरीत रूपों को दर्शाया गया था। एक ओर पर्यावरणीय क्षरण और सूखती धरती का चित्रण था, जबकि दूसरी ओर वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के जरिए बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई गई थी। पुरस्कार समारोह के दौरान रूस की जनरल डायरेक्टर अलेना अलेक्जेंड्रोवना ने उन्हें ग्रैंड सैंड मास्टर कप और पदक प्रदान किया। सुदर्शन पटनायक अपनी रेत कलाकृतियों के माध्यम से सामाजिक, पर्यावरणीय और मानवीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:30:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रेट निकोबार परियोजना: जयराम ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र, कहा- आईएनएस बाज रनवे विस्तार पर करें पुनर्विचार </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार हवाई अड्डा परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने आगाह किया कि नई साइट से घने जंगल, शोम्पेन जनजाति क्षेत्र और कछुओं के रहवास नष्ट होंगे। रमेश ने इसके बजाय आईएनएस बाज के रनवे विस्तार का सुझाव दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/great-nicobar-project-jairam-wrote-a-letter-to-the-defense/article-156734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव एवं राज्य सभा सदस्य जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के तहत प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के संदर्भ में पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता जतायी है। रमेश ने आईएनएस बाज के मौजूदा रनवे के पूर्ण विस्तार पर पुनर्विचार करने का राजनाथ सिंह से आग्रह किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने 16 मई को भी रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि ग्रेट निकोबार में गांधी नगर-शास्त्री नगर क्षेत्र में नया हवाई अड्डा बनाने के बजाय कैंपबेल बे स्थित आईएनएस बाज के रनवे का विस्तार किया जाये, जिससे रणनीतिक जरूरतें पूरी होने के साथ पर्यावरणीय नुकसान भी कम होगा।</p>
<p>उन्होंने इस पत्र में भी कहा है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए 115 मीटर ऊंची दो वनाच्छादित पहाड़ियों को काटना पड़ेगा तथा लगभग 225 एकड़ संरक्षित वन और 130 एकड़ डीम्ड फॉरेस्ट प्रभावित होंगे, जो शोम्पेन जनजाति के पारंपरिक क्षेत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि परियोजना से कछुओं के अंडे देने वाले समुद्री तट, प्रवाल भित्तियां और संकटग्रस्त निकोबार मेगापोड पक्षी के रहवास पर भी असर पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि परियोजना के कारण 234 पूर्व सैनिक परिवारों को पुनर्वास के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का समुचित और वैज्ञानिक आकलन नहीं किया गया है। पत्र की प्रति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को भी भेजी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:07:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रणथम्भौर पहुंचे PCCF अरिजीत बनर्जी : बाघ और घड़ियाल संरक्षण व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के वन बल प्रमुख अरिजीत बनर्जी ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व और पालीघाट का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने बाघों की मॉनिटरिंग, चम्बल नदी में घड़ियाल नेस्टिंग स्थलों और सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की। बनर्जी ने फील्ड स्टाफ की सराहना करते हुए वन्यजीव आवास सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/pccf-arijit-banerjee-reached-ranthambore-took-stock-of-tiger-and/article-156262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/अरिजीत-बनर्जी.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख (HoFF) अरिजीत बनर्जी ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व एवं पालीघाट क्षेत्र का दो दिवसीय विस्तृत निरीक्षण एवं भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बाघ संरक्षण, वन्यजीव आवास प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, गश्ती व्यवस्था तथा घड़ियाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।</p>
<p>भ्रमण के प्रथम दिवस बनर्जी ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के विभिन्न महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने वन्यजीव आवासों, प्राकृतिक जल स्रोतों, एनीकटों, वन्यजीवों के लिए विकसित जल प्रबंधन संरचनाओं, कैमरा ट्रैप मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा क्षेत्र में संचालित संरक्षण गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से बाघों की वर्तमान स्थिति, उनके विचरण क्षेत्र, मॉनिटरिंग प्रणाली, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम तथा आवास सुधार कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान उन्होंने फील्ड स्टाफ द्वारा किए जा रहे नियमित गश्त कार्य, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, वन अपराध नियंत्रण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों को संरक्षण कार्यों में निरंतर सतर्कता एवं वैज्ञानिक प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>दो दिवस बनर्जी ने पालीघाट क्षेत्र का दौरा कर चम्बल नदी तंत्र में संचालित घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने घड़ियाल नेस्टिंग स्थलों, हाल ही में हैच हुए घड़ियाल शिशुओं की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र एवं संरक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने घड़ियालों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा एवं संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया तथा अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने के निर्देश दिए।</p>
<p>इस अवसर पर उन्हें रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण, जैव विविधता प्रबंधन, वन्यजीव बचाव एवं उपचार, आवास विकास, सामुदायिक सहभागिता तथा संरक्षण शिक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। उन्होंने संरक्षण कार्यों में लगे अधिकारियों एवं वन कार्मिकों की प्रतिबद्धता, समर्पण एवं कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के वेटलैंड्स पर हाईकोर्ट सख्त, 46 हजार से अधिक आर्द्रभूमियों की हालत पर लिया स्वत: संज्ञान </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने वेटलैंड्स को 'प्रकृति की किडनी' बताते हुए उनके संरक्षण के लिए ऐतिहासिक स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने प्रदूषण और अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए सरकार से प्रदेश के 46,748 वेटलैंड्स की जीआईएस मैपिंग और जिला-वार वर्तमान स्थिति की पूरी रिपोर्ट तलब की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-strict-on-rajasthans-wetlands-took-suo-motu-cognizance/article-156234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/court-22.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान की आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक पहल करते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वेटलैंड्स केवल जलभराव क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरण, जैव विविधता, भूजल संरक्षण और जलवायु संतुलन की आधारशिला हैं। इनकी उपेक्षा आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है। हाईकोर्ट की अवकाश खंडपीठ में न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश रेखा बोराणा ने आदेश में कहा , वेटलैंड्स को प्रकृति की किडनी कहा जाता है क्योंकि वे भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण, कार्बन अवशोषण और जैव विविधता संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं। </p>
<p>हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश में लगभग 46,748 वेटलैंड यूनिट्स मौजूद हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम को ही वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत अधिसूचित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार अनेक वेटलैंड्स प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवरेज के पानी, ठोस कचरे के निस्तारण और सिकुड़ते जल क्षेत्र जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाईकोर्ट ने माना कि यह समस्या केवल कुछ जलाशयों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में वेटलैंड्स की पहचान, अधिसूचना, संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। कोर्ट ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इससे जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों के आवास, भूजल स्तर और जल सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।  हाईकोर्ट ने सरकार से जिला-वार वेटलैंड्स की सूची, उनकी वर्तमान स्थिति, अधिसूचित और गैर-अधिसूचित वेटलैंड्स का विवरण, जीआईएस मैपिंग, सीमांकन, अतिक्रमण, प्रदूषण, सीवरेज प्रवाह और संरक्षण योजनाओं की जानकारी मांगी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-strict-on-rajasthans-wetlands-took-suo-motu-cognizance/article-156234</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 09:54:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी ने भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों पर डाला प्रकाश, कहा- 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल जंगल जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर भारत की समृद्ध जैव विविधता पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयासों से चीता, हिम तेंदुआ और स्लॉथ बीयर जैसी प्रजातियों का पुनरुद्धार हुआ है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रतिवर्ष 1.19 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जुड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-environment-day-prime-minister-modi-threw-light-on-indias/article-156050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत की समृद्ध जैविक विविधता का उल्लेख करते हुए वन्यजीव संरक्षण एवं वन विस्तार में देश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि निरंतर प्रयासों ने देश भर में कमजोर प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद की है। पीएम मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अपनी विशाल जैव विविधता और विविध पारिस्थितिक तंत्रों पर गर्व करता है जो असंख्य प्रजातियों के साथ-साथ लाखों आजीविका का समर्थन करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत में हमें अपनी जैविक विविधता पर बहुत गर्व है। हमारे विविध पारिस्थितिकी तंत्र अनगिनत प्रजातियों और आजीविका का समर्थन करते हैं।" सरकार की संरक्षण पहलों का उल्लेख करते हुए, श्री मोदी ने लुप्तप्राय और कमजोर वन्यजीव प्रजातियों की रक्षा के उद्देश्य से विशेष पुनर्प्राप्ति कार्यक्रमों की सफलता की बात की । उन्होंने कहा कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुओं, स्लॉथ बीयर और चीतों के संरक्षण प्रयासों ने प्रदर्शित किया है कि दीर्घकालिक प्रतिबद्धता वन्यजीव आबादी और पारिस्थितिक आवासों के पुनरुद्धार में कैसे योगदान दे सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "विशेष पुनर्प्राप्ति में हमारे प्रयास भी उल्लेखनीय रहे हैं। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुए, स्लॉथ बीयर और चीता के संरक्षण प्रयासों ने इस बात की झलक दी है कि निरंतर प्रतिबद्धता वन्यजीवन और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में कैसे मदद कर सकती है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पिछले साल शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के प्रभाव का भी हवाला दिया, जो नागरिकों को अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पहल ने देश के हरित क्षेत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल ने हर साल लगभग 1.19 लाख हेक्टेयर जंगल जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।" यह टिप्पणी तब आई जब भारत ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है। पिछले एक दशक में, सरकार ने वन क्षेत्र को बढ़ाने, लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करने और ख़राब पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।</p>
<p>प्रमुख संरक्षण पहलों में से एक प्रोजेक्ट चीता है, जिसके तहत सात दशक से भी अधिक समय पहले देश में प्रजाति विलुप्त होने के बाद अफ्रीकी चीतों को भारत में फिर से लाया गया था। गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की सुरक्षा के प्रयासों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जबकि हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुओं और मध्य भारत में स्लॉथ बीयर के संरक्षण उपायों को आवास संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से तेज किया गया है। प्रधानमंत्री का संदेश विश्व पर्यावरण दिवस को चिह्नित करने वाले पोस्ट और पहल की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जो जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 5 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 17:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ बना जन आंदोलन, 5 दिनों में 7.31 लाख कार्यक्रम आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जारी 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' में रिकॉर्ड 3 करोड़ लोगों ने भाग लिया। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग सफाई, रन फॉर एन्वायर्न्मेंट और पौधारोपण जैसी विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिससे जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर चल रहा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ प्रदेशभर में जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान के तहत मात्र पांच दिनों में 7.31 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 3 करोड़ लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के अंतर्गत 3 जून को सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर विशेष नवाचार एवं अभिनव पहल के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। 4 जून को जिलों में ‘रन फॉर एन्वायर्न्मेंट’ का आयोजन होगा तथा सरकारी कार्यालयों में निर्मित रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की सफाई कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे पौधारोपण की अग्रिम तैयारियां भी की जाएंगी।</p>
<p>जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध एवं नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। वहीं विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को वन क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई, तुलसी पौधों का वितरण, नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम और चयनित स्थानों पर ईको-फ्रेंडली आर्ट गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के तहत जिलों में नदी-नालों के अपशिष्ट जल के परिष्करण के लिए एसटीपी एवं सीईटीपी संयंत्रों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: जयपुर जिले में 3500 नागरिकों ने निभाई सहभागिता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। चौगान स्टेडियम से पैदल और साइकिल रैली निकालकर जल शपथ दिलाई गई। शाहपुरा, मौजमाबाद और दूदू में ग्रामीणों ने श्रमदान, पौधारोपण, बावड़ियों की सफाई और परिंडे बांधकर जल संरक्षण का संदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3500-citizens-participated-in-vande-ganga-water-conservation-mass-campaign/article-155595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को जयपुर जिले में विभिन्न विभार्गों, पंचायत समितियों, नगरीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी विविध कार्यक्रर्मों का आयोजन किया गया। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान के तहत प्रात: जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र चौगान स्टेडियम से वंदे गंगा पैदल रैली एवं साइकिल रैली निकाली गई। जिसे खेल अधिकारी मानसिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। पंचायत समिति शाहपुरा क्षेत्र में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत कुल 61 गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें लगभग 2068 नागरिकों ने भागीदारी निभाई। शाहपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनोहरपुर में ग्रामीणों एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पौधारोपण, जल संरक्षण संरचनाओं की साफ-सफाई, श्रमदान, डी सिल्टिंग तथा स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति मौजमाबाद की समस्त ग्राम पंचायतों में वंदे गंगा जल जागरूकता रैली एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में लगभग 125 जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। कोटखावदा ब्लॉक में प्रभात फेरी, जागरूकता रैली एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। </p>
<p>नगर पालिका दूदू क्षेत्र में वंदे गंगा प्रभात फेरी, जागरूकता रैली, जल स्रोतों की साफ-सफाई, बावड़ियों एवं खेलियों की सफाई, जल सेवा, परिंडे स्थापना, पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था, हनुमान सागर बांध पर दीप प्रज्वलन तथा नो-प्लास्टिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:08:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मुख्यमंत्री आवास पर युवाओं की साइकिल रैली, पीएम मोदी के ईंधन बचत संदेश को दिया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए रविवार को युवाओं ने साइकिल रैली निकाली और मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद कर रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा संरक्षण संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cycle-rally-of-youth-at-chief-ministers-residence-supported-pm/article-155557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cycle.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को बड़ी संख्या में युवा साइकिल चलाकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। युवाओं ने साइकिल यात्रा के माध्यम से न केवल स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया, बल्कि पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री आवास पहुंचने पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद किया और उनकी आकांक्षाओं, सुझावों तथा राज्य के विकास में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।</p>
<p>संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कौशल विकास, उद्यमिता प्रोत्साहन, स्टार्टअप सहायता और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग न केवल ईंधन की बचत करता है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। युवाओं द्वारा साइकिल के माध्यम से दिया गया यह संदेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p>युवाओं ने भी राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के प्रति अपनी जिज्ञासाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने उनके सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए युवाओं को प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। युवाओं ने साइकिल रैली के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को और अधिक मजबूती प्रदान की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:32:10 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में बनाई नई उपलब्धियां</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 में ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण में नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्तमान में 80% यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चल रही हैं। सौर संयंत्रों से 15.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि डीजल इंजन बंद रखने से ₹4.72 करोड़ के ईंधन की बचत दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/north-western-railway-made-new-achievements-in-energy-conservation-and/article-155106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dausa-railwaystarion.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 के दौरान ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा उत्पादन और विद्युतीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार भगत की कोठी इलेक्ट्रिक लोको शेड में अब तक कुल 181 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक कमीशन किए जा चुके हैं, जिनमें 78 डब्ल्यूएपी-7 और 103 डब्ल्यूएजी-9 एचसी शामिल हैं। रेलवे के चारों मंडलों में वर्तमान में 226 जोड़ी यात्री ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं, जो कुल यात्री ट्रेनों का लगभग 80 प्रतिशत है। वहीं माल परिवहन का करीब 61 प्रतिशत कार्य भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से किया जा रहा है। ऊर्जा संरक्षण के तहत अप्रैल 2026 में सौर संयंत्रों से लगभग 15.80 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया।</p>
<p>डीजल लोकोमोटिव को निष्क्रिय समय में बंद रखने से 509 किलोलीटर ईंधन की बचत हुई, जिससे करीब 4.72 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर मंडलों में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है तथा अप्रैल 2026 तक 348 किलोवाट सौर क्षमता का कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। रेलवे की ओर से कवच प्रणाली, एलईडी हेडलाइट और केब एसी जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:32:32 +0530</pubDate>
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