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                <title>champion - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अल्काराज ने जीता सिनसिनाटी ओपन, जैनिक सिनर को फाइनल में  होना पड़ा रिटायर</title>
                                    <description><![CDATA[कार्लोस अल्काराज को 2025 सिनसिनाटी ओपन चैंपियन का ताज पहनाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/alkaraj-won-the-cincinnati-open-jannic-sinner-retired-in-the/article-124145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(7)14.png" alt=""></a><br /><p>सिनसिनाटी। कार्लोस अल्काराज को 2025 सिनसिनाटी ओपन चैंपियन का ताज पहनाया गया, जब जैनिक सिनर को फाइनल में रिटायर होना पड़ा, क्योंकि वे सिर्फ पांच गेम के बाद 5-0 से पिछड़ रहे थे। कार्लोस अल्काराज ने जैनिक सिनर के सिर्फ पांच गेम खेलने के बाद रिटायर होने से 2025 सिनसिनाटी ओपन का खिताब जीत लिया। अंतिम स्कोर 5-0 रहा।</p>
<p><strong>सिनर ने दर्शकों से माफी मांगी :</strong></p>
<p>सिनर ने ट्रॉफी समारोह के दौरान दर्शकों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, आपको निराश करने के लिए मुझे बहुत, बहुत दुख है। कल से, मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था। मुझे लगा था कि रात में मैं बेहतर हो जाऊंगा, लेकिन हालत और बिगड़ गई। मैंने वापसी की कोशिश की, इसे कम से कम एक छोटा मैच बनाने की कोशिश की, लेकिन मैं इससे ज्यादा नहीं झेल सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 11:59:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>बुमराह सर्वोच्च रेटिंग अंक हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज बने </title>
                                    <description><![CDATA[बुमराह आईसीसी की जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में सर्वोच्च रेटिंग अंक हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/bumrah-becomes-the-indian-bowler-with-the-highest-rating-points%C2%A0/article-99362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(20).png" alt=""></a><br /><p>दुबई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्टार भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने साल 2025 के पहले दिन बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। बुमराह बुधवार को आईसीसी की जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में सर्वोच्च रेटिंग अंक हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। बुमराह गेंदबाजों में शीर्ष पर मौजूद हैं और उन्होंने नया इतिहास रच दिया है। बुमराह ने बॉक्सिंग डे टेस्ट में नौ विकेट लिए थे।  बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों में 30 विकेट लिए हैं और वह इस सीरीज में सबसे सफल गेंदबाज के तौर पर उभरे हैं। बुमराह के 907 रेटिंग हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में किसी गेंदबाज की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग अंक है। मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट से पहले बुमराह के रेटिंग अंक 904 थे और उन्होंने सर्वोच्च रेटिंग के मामले में पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की बराबरी कर ली थी। 2016 में अश्विन ने सर्वोच्च रेटिंग (904) हासिल की थी, लेकिन अब बुमराह ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान अपने 200 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए थे। मैच के हिसाब से भारत के लिए टेस्ट में सबसे तेज 200 विकेट लेने वालों में बुमराह दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि, इस लिस्ट की शीर्ष पांच गेंदबाजों में अकेले तेज गेंदबाज हैं। बुमराह ने 44 टेस्ट में ऐसा किया। वहीं, अश्विन 37 टेस्ट मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे और वह शीर्ष पर हैं। गेंद के हिसाब से टेस्ट में सबसे तेज 200 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों की बात करें तो बुमराह चौथे स्थान पर हैं। बुमराह को 200 विकेट के लिए 8484 गेंदें फेंकनी पड़ीं। पाकिस्तान के वकार यूनिस इस लिस्ट में शीर्ष पर हैं। </p>
<p><strong>दिग्गजों की सूची में शामिल हुए बुमराह :</strong></p>
<p>बुमराह सर्वोच्च रेटिंग अंक हासिल करने वाले संयुक्त रूप से 17वें गेंदबाज हैं और उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर डेरेक अंडरवुड की बराबरी कर ली है। इस सर्वाकालिक सूची में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज सिडनी बर्नस (932) रेटिंग अंक के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जॉर्ज लोहमैन (931), इमरान खान (922) और मुथैया मुरलीधरन (920) का नंबर आता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 11:07:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हम्पी ने दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज खिताब जीत रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत की यह नंबर एक महिला शतरंज खिलाड़ी चीन की जू वेनजुन के बाद एक से ज्यादा बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/hampi-creates-history-by-winning-the-world-rapid-chess-title/article-99048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(6)17.png" alt=""></a><br /><p> न्यूयॉर्क। भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने रविवार को इंडोनेशिया की इरीन सुकंदर को हराकर दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया है। हम्पी ने इससे पहले 2019 में जॉर्जिया में यह प्रतियोगिता जीती थी। भारत की यह नंबर एक महिला शतरंज खिलाड़ी चीन की जू वेनजुन के बाद एक से ज्यादा बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं। वह ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी हैं।</p>
<p><strong>अंतिम राउंड में जीत की दरकार थी :</strong></p>
<p>37 वर्षीय हम्पी ने 11 में से 8.5 अंकों के साथ टूनार्मेंट का समापन किया।  यह भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए एक निर्णायक जीत थी। उन्हें चैंपियनशिप जीतने के लिए में सिर्फ जीत की ही दरकार थी। ड्रॉ या हार से उनका सपना टूट जाता। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। </p>
<p><strong>मुर्जिन ने जीता पुरुष वर्ग का खिताब :</strong></p>
<p>रूस के 18 वर्षीय वोलोदर मुर्जिन ने पुरुष वर्ग में यह खिताब जीता। नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बाद मुर्जिन दूसरे सबसे कम उम्र के फिडे वर्ल्ड रैपिड चैंपियन हैं। नोदिरबेक ने 17 साल की उम्र में खिताब जीता था।</p>
<p><strong>भारत के लिए शानदार रहा वर्ष :</strong></p>
<p>रैपिड शतरंज के अलावा हम्पी ने अन्य प्रारूपों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2022 महिला विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वहीं, 2024 में महिला कैंडिडेट्स टूनार्मेंट जीतने के करीब आई थीं, लेकिन चूक गई थीं। उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। हम्पी निजी कारणों से बुडापेस्ट ओलंपियाड में हिस्सा नहीं ले सकी थीं, जहां भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते थे। इनमें व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और भारतीय पुरुष-महिला टीम के स्वर्ण पदक शामिल हैं। हम्पी उस महिला टीम का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन उन्होंने 2024 के अंत में रैपिड खिताब जीतकर शानदार वापसी की।</p>
<p><strong>हम्पी ने दिखाया वह क्यों हैं चैंपियन :</strong></p>
<p>इस टूनार्मेंट के अंतिम राउंड से पहले हम्पी छह और खिलाड़ियों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर थीं। हम्पी के अलावा जू वेनझुन, कतेरिना लाग्नो, हारिका द्रोणावल्ली, अफ्रूजा खामदामोवा, टैन झोंग्यी और इरीन, सभी के पास 7.5 अंक थे। हम्पी के अलावा बाकी सभी खिलाड़ियों ने ड्रॉ खेला, लेकिन हम्पी ने इरीन के खिलाफ अंतिम राउंड में जीत हासिल कर खिताब पर कब्जा जमाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 10:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेन्नई पांचवीं बार चैंपियन बनी</title>
                                    <description><![CDATA[इस जीत से कप्तान एमएस धोनी ने मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। मुंबई भी पांच बार आईपीएल खिताब जीत चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chennai-became-champion-for-the-fifth-time/article-47135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/s-116.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। हरफनमौला रवीन्द्र जडेजा द्वारा अंतिम दो गेंदों पर बनाए 10 रन की बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स ने सोमवार को यहां रिजर्व डे पर खेले गए आईपीएल के 16 वें संस्करण के फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से पराजित कर पांचवी बार आईपीएल खिताब जीत लिया। </p>
<p>इस जीत से कप्तान एमएस धोनी ने मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। मुंबई भी पांच बार आईपीएल खिताब जीत चुका है। चेन्नई को अंतिम दो गेंदों पर 10 रन की दरकार थी। रवीन्द्र जडेजा ने पांचवी गेंद पर छक्का और अंतिम गेंद पर थर्ड मैन की ओर चौका लगा सीएसके को पांचवी बार आईपीएल चैंपियन बना दिया। चेन्नई के कप्तान एमएस धोनी ने टॉस जीत पहले गुजरात को बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया। चेन्नई ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट पर 214 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। साई सुदर्शन ने सर्वाधिक 96 व रिद्धिमान साहा ने 54 रन बनाए। </p>
<p>चेन्नई की पारी में तीन गेंद बाद ही बारिश शुरू हो गई। उस समय उसका स्कोर बिना किसी विकेट के 4 रन था। इसके बाद मैच रोक दिया गया। रात 12 बजे बाद जब मैच फिर से शुरु हुआ तब डकवर्थ-लुईस नियम के आधार प र चेन्नई को 15 ओवर में 171 रन का विजयी लक्ष्य दिया गया। चेन्नई ने 15 ओवर में 5 विकेट पर 171 रन बना लक्ष्य हासिल कर खिताब पर भी कब्जा कर लिया। </p>
<p><strong>नूर ने झटके दो विकेट </strong><br />गुजरात के लिए नूर अहमद ने शुरू  के दो विकेट झटके। उसने अपने दूसरे ओवर में दोनों सलामी बल्लेबाजों रुतुराज गायकवाड और डेवोन कॉनवे को पवेलियन भेजा। नूर ने अपने 3 ओवर में स्पेल में मात्र 17 रन देकर दो विकेट झटके। </p>
<p><strong>पावरप्ले में बनाए 52 रन </strong><br />15 ओवर में 171 रन का लक्ष्य लेकर उतरी सीएसके को रुतुराज गायकवाड ओर कॉनवे ने तेज-तर्रार शुरुआत दी। दोनों ने पावरप्ले के 4 ओवर में ही चेन्नई का स्कोर 52 रन तक पहुंचा दिया। रुतुराज ने 16 गेंदों पर 3 चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। जबकि कॉनवे ने मात्र 25 गेंदों पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 47 रन बनाए। इसके बाद रहाणे ने भी तेज पारी खेली लेकिन मोहित शर्मा ने उसे विजय शंकर के हाथों लपकवा पवेलियन लौटाया। </p>
<p><strong>करीब 25 मिनट तक चला समापन समारोह</strong><br />आईपीएल 2023 का समापन समारोह डीजे न्यूक्लेया की परफॉर्मेंस के साथ शुरू हुई। न्यूक्लेया के बाद रैपर किंग ने मान मेरी जान और तू आ के देख ले जैसे गानों की परफॉर्मेंस दी। करीब 25 मिनट तक समापन समारोह चला। गुजरात की पहली पारी खत्म होने के बाद विवियन डिवाइन ने भी 10 मिनट तक  स्टेडियम के बीच परफॉर्मेंस दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 May 2023 09:58:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है...</title>
                                    <description><![CDATA[यदि सहयोग और सपोर्टमिले तो वह खुद अकादमी खोलकर पॉवर लिफ्टिंग की टैÑनिंग देना चाहेंगी, शोभा ने जिस तरह से तमाम मुसीबतों का सामना करते हुए इस मुकाम को हासिल किया वो दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-destination-is-reached-only-by-those-who-have-life-in-their-dreams/article-45181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manjil-unhi-ko-milati-hai-jinke-sapno-me-jaan-hoti-he...kota-news-10-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। राजस्थान की बेटी शिक्षिका  शोभा माथुर इसका एक बड़ा उदाहरण हैं। पति की मौत के बाद शोभा को डिप्रेशन ने घेर लिया था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वेट लिफ्टिंग में अपना करियर बनाने पर फोकस किया। नजीता सबके सामने है। अब वो एक जाना-माना नाम हैं और सिल्वर से लेकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं।</p>
<p><strong>छलक उठी आंखें जब कानों में पड़े राष्टÑगान के बोल </strong><br />वह कहती हैं जब मैं कक्षा 8 में पढ़ती थी। अभ्यास के लिए नयापुरा स्टेडियम में जाया करती थी तो उस समय वहां सेना से रिटायर्ड एक फौजदार आया करते थे । वह मेरी खेल के प्रति लगन और मेहनत को देखकर कहते थे कि बेटा इस आग को कभी ठन्डी मत होने देना। वो कहते थे कि जब किसी खिलाड़ी के सम्मान में राष्टÑगान गाया जाता है तो उसे भी उतना की सम्मान देना चाहिए जितना एक सैनिक को मिलता है। मुझे उनकी सालों पहले की ये बात उस समय याद आई जब मैं पोडियम पर खड़ी थी।  केरल में मैडल प्रदान करते समय राष्टÑगान की धुन मेरे कानों में पहुंच रही थी। यह कहते-कहते मंगलवार को एशियन पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप के मास्टर वर्ग में गोल्ड मेडल हांसिल करने वाली माथुर की आंखें उस समय छलक उठी जब वो नवज्योति कार्यालय में आभार प्रकट करने के लिए आई थी।</p>
<p><strong>अकादमी खोल बच्चियों को ट्रैनिंग देने की इच्छा</strong><br />शोभा माथुर  एशियन पॉवर लिफ्टिंग चैंपियन बनने के बाद मंगलवार को नवज्योति कार्यालय पर पहुंची और पूरी टीम का आभार जताया। इस दौरान नवज्योति टीम की ओर से भी उनका स्वागत किया गया। कार्यालय में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे कोटा की उन बच्चियों के लिए बहुत कुछ करना चाहती है जो खेल में अपने जीवन को तलाश रही हैं। यदि सहयोग और सपोर्टमिले तो वह खुद अकादमी खोलकर पॉवर लिफ्टिंग की टैÑनिंग देना चाहेंगी। वे बताती है कि जिस तरह उन्होंने मुझे खेलने के लिए इतना प्रोत्साहित किया उसी से प्रेरणा लेकर मैं भी दूसरी लड़कियों को प्रोत्साहित करूंगी। शोभा ने जिस तरह से तमाम मुसीबतों का सामना करते हुए इस मुकाम को हासिल किया वो दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।</p>
<p><strong>आसान नहीं रहा सफर </strong><br />इस समय खूब तारीफ बटोरने वाली रावतभाटा के एक सरकारी स्कूल की अध्यापिका 53 वर्षीय शोभा का यहां तक पहुंचने का सफर इतना आसान नहीं था। पति की मौत के बाद खुद को सदमे से उबारा और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसमें परिवार का साथ मिला तो पॉवर लिफ्टिंग में फिर से जोर आजमाइश शुरू की अ‍ौर खुद को मजबूती के साथ दोबारा खड़ा करके पावर लिफ्टिंग के नाम कर दिया। खेल में कामयाबी का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद शोभा ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। शोभा के घर में एक अलमारी अवॉर्डों से भरी है। जो शोभा की कामयाबी की गवाही देता है।</p>
<p><strong>कई मेडल जीत चुकी हैं शोभा</strong><br />गत अक्टूबर में उन्होंने नेशनल मास्टर पुरुष-महिला क्लासिक पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में 290 किलो का वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। शोभा ने पहली बार साल 2021 में राज्यस्तरीय पावर लिफ्टिंग में मेडल जीता। इसके बाद 220 किलो का वजन उठाकर स्वर्ण पदक हांसिल किया। अब 2023 में आयोजित हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया।  </p>
<p><strong>ताने सुने लेकिन गुस्सा वर्क आउट पर उतारा</strong><br />शोभा बताती है कि मेरा इस खेल का सफर इतना आसान नहीं है। पति की मौत के बाद विधवा होने पर एक स्त्री को क्या कुछ सहना पड़ता है। लोग किन निगाहों से उसे देखते हैं। बहुत मुश्किल होता है ये सब सुनना, देखना और सहन करना लेकिन मैने किया बजाय लोगों को जवाब देने के मैने सारा गुस्सा जिम में अभ्यास पर उतारा, कई बार तो आधी रात के बाद जब मैं जिम में वर्क आउट के लिए जाती थी तो परिवार वाले मजाक में कहा करते थे कि ये क्या पागल हो गई है। शोभा बताती है कि हालात कैसे भी रहे हो लेकिन मेरे परिवारवालों ने हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने हमेशा यहीं कहा कि तुम चलों हम तुम्हारे पीछे खड़े है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 14:21:21 +0530</pubDate>
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                <title>जोकोविच 7वीं बार बनें विम्बलडन चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने रविवार को हाई वोल्टेज फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस को चार सेटों के बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-6, 6-3, 6-4, 7-6(3) से हराकर सातवीं बार विम्बलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/djokovic-became-wimbledon-champion-for-the-7th-time/article-14046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/djokovich-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन।</strong>  विश्व के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने रविवार को हाई वोल्टेज फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस को चार सेटों के बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-6, 6-3, 6-4, 7-6(3) से हराकर सातवीं बार विम्बलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया।</p>
<p><strong>पीट सम्प्रास की बराबरी की</strong><br />शीर्ष वरीयता के जोकोविच ने लगातार चौथी बार यह खिताब जीता है। जोकोविच ने 2011, 2014, 2015, 2018, 2019, 2021, 2022 में यह खिताब जीता है। अपने सातवें खिताब के साथ जोकोविच ने अमेरिका के पीट सम्प्रास के एकल खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। अपने 21वें ग्रैंड स्लेम खिताब के साथ जोकोविच अब स्पेन के राफेल नडाल के 22 ग्रैंड स्लेम खिताबों के रिकॉर्ड से एक कदम पीछे रह <br />गए हैं।</p>
<p><strong>फेडरर को पीछे छोड़ा</strong><br />यह नोवाक जोकोविच का 7वां विंबलडन और 21 ग्रैंड स्लैम खिताब है। उन्होंने सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को पीछे छोड़ दिया है। फेडरर ने अभी तक 20 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। सबसे ज्यादा 22 खिताब जीतने का रिकॉर्ड स्पेन के राफेल नडाल के पास था। इस साल की शुरुआत में तीनों खिलाड़ियों के नाम 20-20 खिताब थे। नडाल ने ऑस्ट्रेलियन और फ्रेंच ओपन जीता। विंबलडन में वह सेमीफाइनल से पहले पेट में चोट की वजह से बाहर हो गए। दूसरी वरीय सर्बिया के नोवाक जोकाविच रिकॉर्ड 32वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे जबकि किर्गियोस करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलने उतरे थे, लेकिन उन्हें पहली बार चैंपियन बनने के लिए इंतजार करना होगा।</p>
<p><strong>पहले सेट में किर्गियोस ने चौंकाया</strong><br />पहली बार ग्रैंड स्लेम फाइनल खेल रहे किर्गियोस ने पहले सेट में अपनी क्लास दिखाकर जोकोविच को चौंका दिया। लेकिन मैराथन मैन के नाम से मशहूर जोकोविच ने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए अगले तीन सेट जीतकर मैच तीन घंटे एक मिनट में निपटा दिया। टॉप सीड ने दूसरे और तीसरे सेट में महत्वपूर्ण मौकों पर किर्गियोस  की सर्विस तोड़ी और चौथे  सेट के टाई ब्रेक को 7-3 से जीत लिया। उन्होंने इस जीत के साथ विम्बलडन में अपने विजय क्रम को 28 मैच पहुंचा दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 14:10:38 +0530</pubDate>
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                <title>  एमपी बना रणजी का नया चैंपियन, फाइनल में 41 बार के चैंपियन मुम्बई को 6 विकेट से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु। अंग्रेज शासन काल के दौरान 1934 में शुरु हुई रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश का आगमन 1950-51 सत्र में हुआ था, और मध्य प्रदेश (एमपी) ने रविवार को 2021-22 सत्र के फाइनल मुकाबले में मुंबई को छह विकेट से हराकर 71 साल बाद अपना पहला रणजी खिताब जीत लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/mp-became-the-new-champion-of-ranji--defeated-41-time-champion-mumbai-by-6-wickets-in-the-final/article-13085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/mp-win1.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। अंग्रेज शासन काल के दौरान 1934 में शुरु हुई रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश का आगमन 1950-51 सत्र में हुआ था, और मध्य प्रदेश (एमपी) ने रविवार को 2021-22 सत्र के फाइनल मुकाबले में मुंबई को छह विकेट से हराकर 71 साल बाद अपना पहला रणजी खिताब जीत लिया।  मध्य प्रदेश ने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हिमांशू मंत्री (37) और शुभम शर्मा (30) की बदौलत 108 रन के लक्ष्य को हासिल कर इतिहास रचा। आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलने वाले रजत पाटीदार ने भी आरसीबी, आरसीबी के नारों के बीच बहूमूल्य 30 रन जोड़े। पाटीदार ने ही अंतिम रन बनाते हुए मध्य प्रदेश को उसका पहला रणजी खिताब जिताया। <br /><br /><strong>मुंबई ने अंतिम 7 विकेट 77 रन पर खोए</strong><br />मुंबई ने पांचवें दिन 113/2 से शुरुआत करते हुए तेजी से रन बनाये। अरमान  जाफर (40 गेंदों पर 37 रन) के आउट होने के बाद क्रीज पर मौजूद सुवेद पारकर  और सरफ राज खान लय में दिख रहे थे, लेकिन कुमार कार्तिकेय ने पारकर को आउट  कर मध्य प्रदेश के लिये दरवाजे खोल दिये। पारकर ने 58 गेंदों पर तीन चौके  और एक छक्का लगाकर 51 रन बनाये। मुंबई के शम्स मुलानी (17) और तुषार  देशपांडे (7) रन आउट भी हुए जिसने मध्य प्रदेश के काम को आसान किया। 232  रन पर छह विकेट गंवाने के बाद मुंबई की आखिरी उम्मीद सरफराज थे, मगर वह  भी सिर्फ दो चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रन ही बना सके। मुंबई ने अपने  अंतिम सात विकेट 77 रन के अंदर खोये और टीम 269 रन पर सिमट गयी। <br /><br /><strong>एमपी को मिला 108 रन का लक्ष्य</strong> <br />पहली पारी  में 162 रन की बढ़त हासिल करने वाली एमपी के सामने 108 रन का लक्ष्य था,  जिसे उन्होंने चार विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। बल्लेबाज यश दूबे सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गये थे और एक समय पर लग रहा था कि मैच रोमांचक हो सकता है, मगर हिमांशू और शुभम ने दबाव में संयम दिखाते हुए 52 रन की साझेदारी की। हिमांशू के 54 रन पर आउट होने तक एमपी ने आधा रास्ता तय कर लिया था। <br /><br /><br />चौथे नंबर पर आए पार्थ साहनी सिर्फ पांच रन ही बना सके, लेकिन शुभम ने टीम पर दबाव नहीं बढ़ने दिया और पाटीदार के साथ 45 रन की साझेदारी कर अपनी टीम के लिये पहली रणजी ट्रॉफी सुनिश्चित की। पहली पारी में शतक लगाने वाले शुभम ने दूसरी पारी में एक चौके और एक छक्के के साथ 30 रन बनाये। 101 रन के स्कोर पर शुभम बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हुए जिसके बाद पाटीदार ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।  <br /><br /><strong>मध्य प्रदेश का खिताबी सफर</strong><br />    गुजरात को 106 रन से हराया<br />    मेघालय को पारी और 301 रन से हराया<br />    केरल के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ रहा<br />    क्वार्टरफाइनल में पंजाब को 10 विकेट से शिकस्त दी<br />    सेमीफाइनल में बंगाल पर 174 रन से जीत दर्ज की<br />    फाइनल में मुंबई को 6 विकेट से हराया।<br /><br /><strong>2 करोड़ के इनाम की घोषणा</strong> <br />इस जीत पर एमपीसीए टीम को 2 करोड़ रुपए का इनाम देगा। संघ के सचिव ने विजेता टीम को दो करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की।<br /><br /><strong>यह सब करना आसान नहीं था</strong><br />पूरी तरह से उत्साहित हूं। हम बेहद भावुक हैं। कप्तान के रूप में यह मेरा पहला साल था। मैंने जो कुछ सीखा है वह चंद्रकांत सर से सीखा है। मैं इसे जारी रखना चाहता हूं। यह बहुत ही शानदार है। अच्छा महसूस हो रहा है। यह सब करना आसान नहीं था।-<strong>आदित्य श्रीवास्तव: कप्तान मध्यप्रदेश टीम</strong><br /><br /><strong>एमपी टीम ने अच्छा खेला</strong><br />ए मपी के लड़कों ने जिस तरह से खेला है वह अविश्वसनीय था। टीम में बहुत सारे नए लोग थे।  इस साल नहीं, लेकिन निश्चित रूप से अगले साल हम जीतेंगे। सरफराज, मुलानी, पारकर, अरमान जाफर ने अच्छा खेला। वे टीम का भविष्य हैं।<br />-<strong>पृथ्वी शॉ कप्तान, मुंबई टीम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 14:23:28 +0530</pubDate>
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                <title>हॉलैंड बना प्रो लीग हॉकी चैंपियन, भारत को तीसरा स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पुरुष हॉकी टीम की एफआईएच प्रो लीग हॉकी खिताब जीतने की उम्मीद रविवार को यहां दो चरण के मुकाबले के दूसरे मैच में हॉलैंड के खिलाफ 1-2 की हार के साथ टूट गई। भारत को शनिवार को पहले मैच में भी हॉलैंड से शूट आउट में 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि 60 मिनट के नियमित समय के बाद दोनों टीम 2-2 से बराबरी पर थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/holland-became-pro-league-hockey-champion-india-ranked-third/article-12700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/champion.jpg" alt=""></a><br /><p> <br /><strong>रोटरडम।</strong> भारतीय पुरुष हॉकी टीम की एफआईएच प्रो लीग हॉकी खिताब जीतने की उम्मीद रविवार को यहां दो चरण के मुकाबले के दूसरे मैच में हॉलैंड के खिलाफ 1-2 की हार के साथ टूट गई। भारत को शनिवार को पहले मैच में भी हॉलैंड से शूट आउट में 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि 60 मिनट के नियमित समय के बाद दोनों टीम 2-2 से बराबरी पर थी। खिताब जीतने की मामूली उम्मीद बरकरार रखने के लिए भारत को हॉलैंड के खिलाफ जीत दर्ज करने की जरूरत थी लेकिन भारतीय टीम को कामयाबी नहीं मिली। हॉलैंड ने 14 मैच में 35 अंक के साथ पुरुष वर्ग का खिताब जीता जबकि अभी दो मुकाबले खेले जाने बाकी हैं। ओलंपिक चैंपियन बेल्जियम की टीम 16 मैच में 35 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही जबकि भारत ने 16 मैच में 30 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।<br /><br /><strong>भारत ने 30 सेकंड में ही बनाई बढ़त</strong></p>
<p>भारत ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की और 30 सेकंड के भीतर ही अभिषेक के मैदानी गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर ली। लेकिन हॉलैंड ने सातवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर जिप जेनसेन के गोल से बराबरी हासिल कर ली। तीसरे क्वार्टर में 45वें मिनट में जोरिट क्रून ने नीदरलैंड को 2-1 से आगे कर दिया और अंत में यह विजयी स्कोर रहा। <br /><br /><strong>भारत ने गंवाए कई मौके</strong><br />हॉलैंड को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वे भारतीय डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे। भारत को 16वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत सिंह गोल करने में विफल रहे। भारत को मध्यांतर से दो मिनट पहले भी लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इन्हें गोल में नहीं बदल सकी। तीसरे क्वॉर्टर में 45वें मिनट में जोरिट क्रून ने नीदरलैंड को 2-1 से आगे कर दिया। भारत को इसके बाद गोल करने के कई मौके मिले लेकिन उसके खिलाड़ी वाइसर को छका नहीं पाए।<br /><br /><strong>अर्जेंटीना से 2-3 से हारी भारतीय महिला टीम</strong></p>
<p>भारतीय महिला टीम प्रो हॉकी लीग मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट अर्जेंटीना से नजदीकी मैच में 2-3 से हार गई। भारतीय टीम ने एक दिन पहले ही शूटआउट में अर्जेंटीना को मात देकर सभी को चौंकाया था। अर्जेंटीना पहले ही अंकों के आधार (42 अंक) पर लीग का खिताब जीत चुकी है। टीम इंडिया लीग टेबल में फिलहाल तीसरे स्थान पर है। भारतीय टीम को अब 21 और 22 जून को संयुक्त राज्य अमेरिका की टीम के खिलाफ मैच खेलने हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:30:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> खेलों इंडिया यूथ गेम्स का चौथा संस्करण राजस्थान को साइक्लिंग में दो स्वर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[गत दो बार के चैंपियन महाराष्ट्र ने नौ स्वर्ण पदक के साथ खेलों इंडिया यूथ गेम्स के चौथे संस्करण में रविवार को पदक तालिका में बढ़त बना ली जबकि मेजबान हरियाणा छह स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rajasthan-gets-two-gold-in-cycling-in-the-fourth-edition/article-11421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/china_space_center-sixteen_nine.jpg" alt=""></a><br /><p>पंचकुला। गत दो बार के चैंपियन महाराष्ट्र ने नौ स्वर्ण पदक के साथ खेलों इंडिया यूथ गेम्स के चौथे संस्करण में रविवार को पदक तालिका में बढ़त बना ली जबकि मेजबान हरियाणा छह स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर है।</p>
<p>राजस्थान ने साइक्लिंग में दो स्वर्ण पदक जीत लिए। मणिपुर चार स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर है।  राजस्थान के लिए पहला स्वर्ण पदक महेन्द्र सारण ने जीता। महेन्द्र ने 10 किमी. स्क्रैच रेस में प्रथम स्थान पर रहते हुए राजस्थान का खाता खोला। राजस्थान ने दूसरा स्वर्ण टीम स्प्रिंट में जीता। राजस्थान टीम में लव कुमार, मुकेश कासवान और दिनेश खिंचड शामिल थे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>प्रणय और शुभम आगे बढ़े</strong></span><br />राजस्थान के बैडमिंटन में भी आज का दिन अच्छा रहा। प्रणय कट्टा ने उत्तरप्रदेश के मयंक को पहले सेट में पिछड़ने के बाद 18-21, 21-11, 21-16 से हराया। शुभम पटेल ने आसाम के टी. बरुआ को सीधे सेटों में 21-19, 21-9 से हराया। वही महिला वर्ग में राजस्थान की साक्षी फोगाट ने उत्तराखंड की एस. राजभर को 21-13, 21-8 से हरा अगले दौर में प्रवेश किया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कुश्ती के पांचों स्वर्ण हरियाणा की झोली में</strong> </span><br />कुश्ती का पावरहाउस कहे जाने वाले हरियाणा ने चौथे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में कुश्ती मुकाबलों में अपनी धाक जमाते हुए सभी पांच स्वर्ण पदक जीत लिए। हरियाणा के साहिल जागलान ने पुरुष फ्री स्टाइल 92 किग्रा में स्वर्ण  जीता जबकि रोनित शर्मा ने ग्रीको रोमन शैली 51 किग्रा में और अंकित ने 60 किग्रा में स्वर्ण जीता। महिला वर्ग में हरियाणा की तन्नू ने 46 किग्रा और ज्योति ने 57 किग्रा में स्वर्ण जीते।</p>
<p>खेलो इंडिया की साइक्लिंग  प्रतियोगिता में मेजबान राज्य हरियाणा ने पहला स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में रविवार को हुई प्रतियोगिता में हरियाणा की वृंदा यादव ने पहला स्वर्ण जीता।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>हरियाणा ने जीते सबसे अधिक 23 पदक</strong></span><br />हरियाणा ने कुश्ती में पांच स्वर्ण और साइक्लिंग में एक स्वर्ण जीता। हरियाणा ने सबसे अधिक कुल पदक 23 जीत लिए है जबकि महाराष्ट्र के 17 पदक है जिसमें नौ स्वर्ण, चार रजत और चार  कांस्य पदक शामिल हैं। महाराष्ट्र ने भारोत्तोलन में चार में से तीन, योग में तीन और एक स्वर्ण साइक्लिंग में जीता। मणिपुर थांग ता में चार स्वर्ण जीतकर पदक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। भारोत्तोलन में दो नए युवा राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बने।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>वालीबॉल</strong></span><br />राजस्थान ने वालीबॉल में भी जीत दर्ज की। राजस्थान ने उत्तर प्रदेश को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 25-22, 25-22, 20-25, 25-17 से शिकस्त दी अगले दौर में प्रवेश किया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कबड्डी</strong></span><br />पहले दिन मेजबान हरियाणा से हारने वाली राजस्थान टीम ने रविवार को पंजाब को 31-23 से शिकस्त दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 12:22:33 +0530</pubDate>
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                <title> बादशाहत बरकरार: नडाल 14वीं बार बने फ्रेंच ओपन चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[रेंच ओपन के निर्विवाद किंग और रौलां गैरो की लाल बजरी के बीच रोमांस बना हुआ  है। नडाल ने नॉर्वे के कैस्पर रुड को रविवार को एकतरफा अंदाज में 6-3,6-3, 6-0 से हराकर 14वीं बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रैंड स्लेम खिताबों की संख्या 22 पहुंचा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/nadal-retained-his-reign--became-french-open-champion-for-the-14th-time/article-11416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rafael-nadal1.jpg" alt=""></a><br /><p>पेरिस।  फ्रेंच ओपन के निर्विवाद किंग और रौलां गैरो की लाल बजरी के बीच रोमांस बना हुआ  है। नडाल ने नॉर्वे के कैस्पर रुड को रविवार को एकतरफा अंदाज में 6-3,6-3, 6-0 से हराकर 14वीं बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया और इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्रैंड स्लेम खिताबों की संख्या 22 पहुंचा दी।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कब-कब जीता कौनसा खिताब </strong> </span><br />नडाल ने 2005, 2006, 2007, 2008, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2017, 2018, 2019, 2020, 2022 में कुल 14 बार फ्रेंच ओपन, 2009 और 2022 में आॅस्ट्रेलियन ओपन,  2008 और 2010 में विम्बलडन तथा 2010, 2013, 2017, 2019 में यूएस ओपन के खिताब जीते। वह फ्रेंच ओपन के फाइनल में जब भी पहुंचे, उन्होंने खिताब जीतकर ही दम लिया।  वह आज तक कभी फाइनल में नहीं हारे।  फिलिप चैटरियर कोर्ट पर पांचवीं सीड नडाल ने पहले दो सेट आसानी से 6-3, 6-3 से जीते और तीसरे सेट में उन्होंने आठवीं सीड रुड को एक भी गेम जीतने का मौका दिए बिना इसे 6-0 से निपटा दिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>टक्कर भी नहीं दे पाए रूड</strong></span><br />नॉर्वे के कैस्पर रुड  राफेल नडाल को ही अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने नडाल के साथ काफी ट्रेनिंग की है। इसके बाद भी 23 साल के रुड उन्हें टक्कर नहीं दे पाए। नडाल ने मुकाबले को 2 घंटे और 18 मिनट में ही लगातार सेटों में अपने नाम किया। दूसरे सेट में एक समय रुड 3-1 से आगे थे</p>
<p>लेकिन लगातार 5 गेम जीतकर नडाल ने सेट को अपने नाम किया। तीसरे सेट में रुड एक गेम भी नहीं जीत सके और उनका चैंपियन बनने का सपना टूट गया। राफेल नडाल ने 2005 में  यहां पहली बार खिताब जीता था। उसके बाद से वह 13 बार फ्रेंच ओपन के विजेता  चैंपियन बने। फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट पर खेला जाता है और इसी वजह से नडाल को क्ले कोर्ट के किंग के नाम से भी जाना जाता है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>चैंपियन बनने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी </strong> </span><br />खताब सिर्फ मार्गरेट कोर्ट (24), सेरेना विलियम्स (23) और स्टेफी ग्रॉफ (22) के नाम है।  राफेल नडाल ने 30 मेजर फाइनल में 22वीं जीत दर्ज की।  फेडरर और जोकोविच ने समान 31 बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेलते हुए समान 20-20 खिताब जीते हैं।  2022 नडाल के लिए सुनहरा साल रहा है।</p>
<p>इसी साल जनवरी में उन्होंने दानिल मेदवदेव को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता था। 36 साल के राफेल नडाल फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। 50 साल पहले आंद्रे गिमेनो ने 34 साल की उम्र में खिताब अपने नाम किया था। अब नडाल ने उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 11:47:05 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात बना आईपीएल का नया चैम्पियन</title>
                                    <description><![CDATA[कप्तान हार्दिक पांड्या के शानदार प्रदर्शन और शुभमन गिल के नाबाद 45 रन की बदौलत गुजरात सुपर जायंट्स ने राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल के फाइनल में सात विकेट से हराकर पहली बार में ही नया चैंपियन बन गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gujrat-become-new-champion-of-ipl/article-10739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ipl-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। कप्तान हार्दिक पांड्या के शानदार प्रदर्शन और शुभमन गिल के नाबाद 45 रन की बदौलत गुजरात सुपर जायंट्स ने राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल के फाइनल में सात विकेट से हराकर पहली बार में ही नया चैंपियन बन गया।</p>
<p><strong>राजस्थान का खिताब जीतने का सपना टूटा</strong><br />गुजरात ने मैच में राजस्थान को 20 ओवर में नौ विकेट पर 130 रन पर रोक दिया और 18.1 ओवर में तीन विकेट पर 133 रन बनाकर जीत अपने नाम की। राजस्थान इस हार के साथ 14 साल के अंतराल के बाद भी खिताब नहीं जीत सका। राजस्थान ने स्टेडियम में सवा लाख लोगों की मौजूदगी में टॉस जीतकर पहले खेलेने का फैसला किया, लेकिन उनका यह फैसला सही नहीं रहा। यशस्वी जायसवाल टीम के 31 के स्कोर पर आउट हुए। यशस्वी ने 16 गेंदों में एक चौके और दो छक्कों के सहारे 22 रन बनाये। कप्तान संजू सैमसन 14 रन बनाकर टीम के 60 के स्कोर पर हार्दिक का पहला शिकार बने।</p>
<p><strong>बटलर ने मारे सबसे ज्यादा चौके-छक्के</strong><br />बटलर ने आईपीएल -2022 में शानदार खेलते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाए। यही नहीं उन्होंने सबसे चौके-छक्के और रन भी अपने नाम किए । बटलर 45 छक्के लगा सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के मामले में नम्बर-1 पर रहे। लोकेश राहुल 15 मैचों में 30 छक्के लगा दूसरे नम्बर पर रहे। इसके साथ ही उन्हों ने 17 मैचों में सबसे अधिक 83 चौके भी लगाए।  बटलर ने इस आईपीएल में सर्वाधिक चार शतक लगा विराट कोहली के सर्वाधिक चार शतकों की बराबरी की।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 10:26:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>चैंपियन बनने के बाद निकहत ने याद किए मुश्किल दिन</title>
                                    <description><![CDATA[निकहत ने इस्तांबुल में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गुरुवार को थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर फ्लाईवेट (52 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--nikhat-remembers-difficult-days-after-becoming-champion/article-10161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nikhat.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्व चैम्पियन मुक्केबाज निकहत जरीन ने कहा कि अपने करियर में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने से वह मानसिक रूप से मजबूत बनी। निकहत ने इस्तांबुल में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गुरुवार को थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर फ्लाईवेट (52 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।  जरीन ने कहा कि इन दो सालों में मैंने केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया और मेरे खेल में जो भी कमियां थी उनमें सुधार करने की कोशिश की। मैंने अपने करियर में जिन बाधाओं का सामना किया, उन्होंने मुझे मजबूत बनाया। मैं इन सबके बाद मानसिक रूप से मजबूत बनी हूं। मेरा मानना है कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझे लड़ना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>जब मैरीकॉम ने पूछा, कौन निकहत</strong> </span><br />निकहत जरीन ने इस स्वर्णिम उपलब्धि से दो साल पहले तत्कालीन खेल मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर ओलंपिक क्वालीफायर के लिए निष्पक्ष ट्रायल करवाने का आग्रह किया था। इस कारण जरीन को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था, जबकि एमसी मैरीकॉम ने कड़े शब्दों में पूछा था कि कौन निकहत जरीन। जरीन इसके बाद ट्रायल में मैरीकॉम से हार गई जिससे वह टोक्यो ओलंपिक में जगह नहीं बना पाई।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>चोट के कारण एक साल खेल से दूर रही</strong> </span><br />इससे पहले 2011 की जूनियर विश्व चैंपियन जरीन को कंधे की चोट से भी जूझना पड़ा, जिससे वह एक साल तक खेल से बाहर रही और 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाईं। जरीन ने कहा कि मैं 2017 में कंधे की चोट से परेशान रही जिसके लिए मुझे आपरेशन करवाना पड़ा और मैं एक साल तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाई थी।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>नजर अब राष्ट्रमंडल खेलों पर</strong></span><br />जरीन अब राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल की तैयारी करेंगी जिसके लिए उन्हें अपना वजन घटाकर 50 किग्रा करना होगा। उन्होंने कहाकि राष्ट्रमंडल खेलों में 50 किग्रा वर्ग होता है। मैं अब इसके लिए तैयारी करूंगी। तेलंगाना की निकहत ने पेरिस ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू कर दी है लेकिन यह तय नहीं है कि वह किस भार वर्ग में खेलेंगी। उन्हें या तो 54 किग्रा या फिर 50 किग्रा में भाग लेना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 13:21:06 +0530</pubDate>
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