<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/english-medium/tag-15470" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>english medium - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/15470/rss</link>
                <description>english medium RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नाम के इंग्लिश मीडियम, हालात हिन्दी से भी बदतर</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तक शिक्षक नहीं मिले हैं। जिससे विद्यार्थी बिना पढ़े परीक्षा कैसे दे पाएंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/english-medium-in-name--situation-worse-than-hindi/article-103914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राजकीय विद्यालयों में सरकार क्वालिटी एजुकेशन के दावे कर रही है लेकिन वास्तिविकता से कोसों दूर है। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों  की हालात हिन्दी मीडियम स्कूलों से भी बदतर है।  शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से यह स्कूल जिस उद्देश्य से खोले गए थे,उसमें विफल हो रहे हैं। हालात यह है, कोटा जिले में 52 महात्मा गांधी स्कूलों में करीब 157 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिनमें अधिकतर आर्ट्स व कॉमर्स विषयों के हैं। वहीं, कई स्कूलों में तो साइंस की फैकल्टी नहीं है। जबकि, 16 दिन बाद  से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को रिजल्ट बिगड़ने का डर सता रहा है। प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी स्कूलों में 17 हजार से ज्यादा शिक्षकों को पदस्थापन का इंतजार है। 52 स्कूलों में 157 शिक्षकों के पद रिक्त: शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 52 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में करीब  157 शिक्षकों के पद खाली हैं। जिनमें प्रिसिंपल के 3, लेक्चरर के 39, सीनियर टीचर के 39, तृतीय श्रेणी में एल-1 के 24 तथा एल-2 के 52 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में कई विषयों की क्लासें नहीं लग पाती। विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। </p>
<p><strong>प्रदेश में 17 हजार 500 पद खाली</strong><br />राजस्थान शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि प्रदेशभर में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बुरे हाल हैं। राज्य में चल रहे 3737 स्वामी विवेकानंद मॉडल व महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में वर्तमान में शिक्षकों के 17 हजार 500 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इधर, 6 मार्च से बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली है। लेकिन इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तक शिक्षक नहीं मिले हैं। जिससे विद्यार्थी बिना पढ़े परीक्षा कैसे दे पाएंगे। </p>
<p><strong>स्कूलों में इन विषयों के नहीं शिक्षक</strong><br /><strong>महात्मा गांधी मल्टीपरपज स्कूल</strong><br />राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल मल्टीपरपज के प्रिंसिपल राहुल शर्मा ने बताया कि यहां आर्ट्स में 5 विषयों के लेक्चरर के पद खाली पड़े हैं। जिनमें ज्योग्राफी, अंग्रेजी अनिवार्य, ड्रॉइंग, राजनेतिक विज्ञान शामिल हैं। जबकि, 12 वीं आर्ट्स में 44 बच्चों का नामांकन है। वहीं, कॉमर्स में अर्थशास्त्र, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज  विषय के शिक्षक नहीं है। कॉमर्स में करीब 20 बच्चों का नामांकन है। ऐसे में बिना शिक्षकों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने में परेशानी होती है। हालांकि, अन्य व्यवस्था से तैयारी करा रहे हैं। </p>
<p><strong>सातलखेड़ी इंग्लिश मीडियम स्कूल</strong><br />राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल सातलखेड़ी खैराबाद ब्लॉक का स्कूल है। यहां कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित हैं लेकिन लंबे समय से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी लेवल-2 और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक नहीं है।</p>
<p><strong>महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, करवाड </strong><br />यहां पिछली सरकार में अंग्रेजी माध्यम स्कूल की शुरूआत की गई थी। विद्यालय में भूगोल के व्याख्याता नहीं है। लेवल-2 में अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन और बेसिक कंप्यूटर का शिक्षक नहीं है। अन्य विषय के अध्यापक भूगोल पढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के रिक्त पदों को भरने के लिए हिन्दी माध्यम स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की शिक्षा विभागीय पंजीयक बीकानेर द्वारा गत वर्ष 25 अगस्त को परीक्षा हुई थी। इसके बाद 10 प्रतिशत बोनस अंक का मामला न्यायालय में जाने के कारण परीक्षा परिणाम में देरी हुई और 23 दिसंबर को परिणाम घोषित हुआ। इसके बाद सरकार ने राज्य में 50 जिलों की संख्या को कम करके 41 कर दिए। जिससे शिक्षकों से पूर्व में भरवाएं गए जिला विकल्पों में अन्तर आ गया। इसलिए शिक्षा विभाग ने 13 जनवरी से 16 जनवरी तक चयनित शिक्षकों से 41 जिलों के आधार पर शाला दर्पण के माध्यम से पुन विकल्प भरवाएं। लेकिन, अब तक  3737 इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 17 हजार 500 शिक्षकों का पदस्थापन नहीं करवाया गया।</p>
<p><strong>15 फरवरी से पूर्व हो शिक्षकों का पदस्थापन </strong><br />राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम व स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में पदस्थापन के लिए आयोजित हुई परीक्षा का परिणाम जारी हो चुका है। 41 जिलों के आधार पर जिला विकल्प भी भरवा लिए हैं। हमारी सरकार व शिक्षा विभाग से मांग है कि इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखों विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए 15 फरवरी से पूर्व जिला आवंटन व पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। जिससे इन  विद्यार्थियों को शिक्षक मिल सके।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  </strong></p>
<p> इसका प्रोसेज चल रहा है। बोर्ड परीक्षा के बाद महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में चयनित शिक्षकों का पदस्थापन किया जाएगा।<br /><strong>-सतीश शर्मा, विशेषाधिकारी शिक्षामंत्री </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/english-medium-in-name--situation-worse-than-hindi/article-103914</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/english-medium-in-name--situation-worse-than-hindi/article-103914</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 15:30:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer40.png"                         length="540559"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हजारों पद खाली: हिंदी माध्यम से ले रहे, अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक </title>
                                    <description><![CDATA[मौजूदा समय में शिक्षा विभाग के तहत आने वाले कोटा जिले के विद्यालयों में 2 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-posts-vacant--english-medium-teachers-are-being-taken-along-with-hindi-medium/article-88691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/hazaro-pd-khali---hindi-madhyam-s-le-rhe,--angrezi-madyam-k-shikshak...kota-news-26-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग की ओर से अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। लेकिन अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में की जा रही शिक्षक भर्ती में सभी पदों को हिंदी माध्यम के शिक्षकों से भरा जा रहा है। ऐसे में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों को तो शिक्षक मिल जाएंगे लेकिन हिंदी माध्यम के विद्यालयों में शिक्षकों की पहले चली आ रही कमी और ज्यादा हो जाएगी। वहीं इसके लिए सरकार की ओर से कोई बड़ी भर्ती की भी घोषणा नहीं की गई है जिससे खाली पड़े पदों को भरा जा सके।</p>
<p><strong>कोटा में 2 हजार सहित प्रदेश में 66 हजार से ज्यादा पद खाली</strong><br />मौजूदा समय में शिक्षा विभाग के तहत आने वाले कोटा जिले के विद्यालयों में 2 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इसमें भी 1 हजार 609 पद केवल शिक्षकों के पद हैं, बाकी नॉन टीचिंग स्टॉफ से संबंधित पद हैं जिन्हें अभी भी भरना शेष है। प्रदेश में भर में अंग्रेजी माध्यम के करीब 17 हजार 500 शिक्षक हिंदी माध्यम से लिए जाएंगे। जिनके जाने से हिंदी माध्यम में स्वत: ही रिक्त पदों की संख्या में इजाफा होगा। कोटा में भी करीब 350 पदों पर अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति जो हिंदी माध्यम से ही लिए जाएंगे। ऐसे में कोटा जिले में शिक्षकों के रिक्त पदों का आंकड़ा 2 हजार के पास चला जाएगा। वहीं सरकार की ओर से अभी कई भर्तियों को पूरा नहीं किया गया है जिससे समस्या और बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>नॉन टीचिंग स्टॉफ के भी 600 पद खाली</strong><br />शिक्षा विभाग में नॉन टीचिंग स्टॉफ के पद भी लंबे समय से खाली हैं। कोटा में पीटीआई के 66 पद, जुनियर व सीनियर असिस्टेंट के 52, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के 6, लाइब्रेरियन के 40 पद और चतुर्थ श्रेणी के 446 पद रिक्त हैं। ऐसे में करीब 50 प्रतिशत पद खाली होने के बाद भी भर्ती नहीं की जा रही है। वहीं जो भर्तियां चालू हैं वो प्रक्रिया में ही अटकी हुई हैं।</p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों पर दिखेगा असर</strong><br />शिक्षा विभाग के अनुसार अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अधिकतर पदों पर आवेदन उन शिक्षकों के आए हैं, जो ग्रामीण इलाकों में कार्यरत हैं। इसका सबसे बड़ा कारण विभाग में लंबे समय से अटकी पड़ी स्थानांतरण की प्रक्रिया है। क्योंकि प्रदेश में लंबे समय से शिक्षकों के ट्रांसफर प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है। जिसके चलते ग्रामीण इलाकों में कार्यरत शिक्षक अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पोस्टिंग लेकर शहरी इलाकों में आना चाहते हैं। कोटा जिले में करीब 2 हजार आवेदन अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए आए हैं जिनमें 60 फीसदी आवेदन ग्रामीण इलाकों के शिक्षकों के हैं। ऐेसे में अगर इन शिक्षकों को अंग्रजी माध्यम में पोस्टिंग दी जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली होंगे।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया का कार्य सरकार का है, निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। विभाग को रिक्त पदों के लिए अवगत कराया हुआ है। आगे कोई आदेश आने पर उसके अनुसार कार्य करेंगे।<br /><strong>- के के शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-posts-vacant--english-medium-teachers-are-being-taken-along-with-hindi-medium/article-88691</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-posts-vacant--english-medium-teachers-are-being-taken-along-with-hindi-medium/article-88691</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 18:43:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/hazaro-pd-khali---hindi-madhyam-s-le-rhe%2C--angrezi-madyam-k-shikshak...kota-news-26-08-2024.jpg"                         length="523369"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में इंग्लिश मीडियम स्कूलों की संख्या बढ़ी, नहीं मिल रहे शिक्षक</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर। प्रदेश में 559 महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल खुले हुए हैं। इस सत्र में प्रदेश के 211 और सरकारी स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में परिवर्तित किया गया है, जिन में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के साथ नौ जुलाई से इनका संचालन शुरू होगा, लेकिन समस्या ये है कि जहां पहले से संचालित 559 अंग्रेजी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/number-of-english-medium-schools-increased-in-the-state--teachers-are-not-available/article-13902"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/school.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में 559 महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल खुले हुए हैं। इस सत्र में प्रदेश के 211 और सरकारी स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में परिवर्तित किया गया है, जिन में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के साथ नौ जुलाई से इनका संचालन शुरू होगा, लेकिन समस्या ये है कि जहां पहले से संचालित 559 अंग्रेजी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं नएा खुले स्कूलों में अभी तक एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। ये परिस्थितियां राज्य सरकार की बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ठेंगा दिखा रही हैं। <br /><br /><strong>770 तक हुए विद्यालय</strong> <br />इस सत्र खुले नए अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के खुलने से इनकी संख्या 770 तक पहुंच गई है। शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में जल्द शिक्षक लगाए जाएंगे। उन्होंने 10 हजार शिक्षकों को लगाने की बात कही हैं। ऐसे में जहां 559 स्कूलों में सत्र की शुरुआत हो चुकी है और 211 स्कूलों में नौ जुलाई से क्लासेज शुरू होंगी। ऐसी स्थिति में बिना शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।<br /><br /><strong>स्कूलों में 20 से 40 फीसदी शिक्षकों के पद खाली</strong><br />शिक्षक नेताओं का कहना है कि शुरुआती दौर में खुले अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अनुभवी शिक्षकों को साक्षात्कार की व्यवस्था के बाद नियुक्ति दी गई। हालांकि अगले कुछ चरणों तक खुले स्कूलों में ये व्यवस्था काफी सही रही, लेकिन शिक्षा विभाग अब बिना किसी तैयारी के लगातार इन स्कूलों की संख्या बढ़ाता जा रहा है। पिछले दिनों खुले इन स्कूलों में करीब 20 से 40 फीसदी  शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वहीं शिक्षा विभाग जल्द ही 10 हजार पदों पर साक्षात्कार की बात करीब दो महीनों से दोहरा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/number-of-english-medium-schools-increased-in-the-state--teachers-are-not-available/article-13902</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/number-of-english-medium-schools-increased-in-the-state--teachers-are-not-available/article-13902</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 15:09:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/school.jpg"                         length="46219"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>211 हिन्दी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदला</title>
                                    <description><![CDATA[राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदकों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jaipur-211-schools-converted-in-english-medium/article-13034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/45456465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदकों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का रुझान भी प्राइवेट स्कूलों की बजाए इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तरफ तेजी से बढ़ा है। इन स्कूलों में आवेदनों की संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राज्य के 211 हिन्दी माध्यम के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने के आदेश दिए हैं।</p>
<p><strong>विभाग में नए सेक्शन</strong><br />महात्मा गांधी स्कूल का संचालन अच्छे तरीके से करने के लिए शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों निदेशालय और संभाग मुख्यालयों पर नए पद सृजित किए हैं। शिक्षा निदेशालय में अब उप निदेशक और सहायक निदेशक का पद अलग से दिया है, जो राज्य के महात्मा गांधी स्कूलों की व्यवस्था देखेंगे। वहीं संभाग में भी ऐसे ही पद होंगे। जिलों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी का एक पद दिया गया है।</p>
<p><strong>अंग्रेजी स्कूलों का क्रेज सबसे अधिक</strong> <br />शहरी क्षेत्र में अंग्रेजी स्कूलों का क्रेज ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विरोध भी हुआ। इसलिए इस बार शहरी क्षेत्र में ही ज्यादातर स्कूल खोले गए हैं। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में भी कस्बों में महात्मा गांधी स्कूल खोले गए हैं। जयपुर में सर्वाधिक 40 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में तब्दील किया गया है, जबकि अलवर में 15, बाड़मेर में 5, बारां में 3, भरतपुर में 15, बीकानेर में 12, चित्तौड़गढ़ में 10,  चूरू में 10, दौसा में 15, धौलपुर में 3, डूंगरपुर में एक, हनुमानगढ़ में 16, जालौर में एक, झुंझुनू में 13, जोधपुर में 13, करौली में 5, कोटा में एक, नागौर में 5, राजसमंद में तीन, गंगानगर में एक, सीकर में 7, सिरोही में एक, टोंक में 5 और अजमेर में 5 स्कूलों को रूपांतरित किया गया है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/jaipur-211-schools-converted-in-english-medium/article-13034</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/jaipur-211-schools-converted-in-english-medium/article-13034</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 10:35:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/45456465.jpg"                         length="307910"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में खुलेंगे नए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में 179 नए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुलेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट भाषण की अनुपालना में शिक्षा विभाग ने 179 राजकीय विद्यालयों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रूपांतरित करने के लिए मंजूरी दे दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-gandhi-english-medium-school-will-open-in-state/article-6676"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bd-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में 179 नए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुलेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट भाषण की अनुपालना में शिक्षा विभाग ने 179 राजकीय विद्यालयों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रूपांतरित करने के लिए मंजूरी दे दी। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि विभाग द्वारा लिए गए इस निर्णय से पूरे प्रदेश के विद्यार्थी और विशेषकर वंचित तबके के विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुफ्त पा सकेंगे। ये सभी विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2022-23 से शुरू होंगे।</p>
<p>शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से निजी विद्यालयों की भारी फीस वहन करने में अक्षम अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सकेंगे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-gandhi-english-medium-school-will-open-in-state/article-6676</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-gandhi-english-medium-school-will-open-in-state/article-6676</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 10:30:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/bd-copy.jpg"                         length="156971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        