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                <title>dhankhar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>हैरान करती है धनखड़ की 50 दिन की खामोशी : यह उनके स्वाभाव के विपरीत, कांग्रेस नेता जयराम बोले- देश उनके अप्रत्याशित इस्तीफे पर बयान का कर रहा है इंतजार </title>
                                    <description><![CDATA[धनखड़ का स्वभाव इतनी देर तक चुप्पी साधना नहीं है। उनके इस्तीफे के बाद आज उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं, लेकिन उनकी खामोशी सबको हैरान करने वाली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-50-day-silence-of-dhankhar-is-surprised-contrary-to-his/article-126352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/jairam-ramesh-333.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस में कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की 50 दिन से चली आ रही चुप्पी हैरान करती है और उनकी यह खामोशी उनके स्वभाव के विपरीत है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि धनखड़ का स्वभाव इतनी देर तक चुप्पी साधना नहीं है। उनके इस्तीफे के बाद आज उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं, लेकिन उनकी खामोशी सबको हैरान करने वाली है।</p>
<p>रमेश ने कहा कि पिछले 50 दिनों से जगदीप धनखड़ ने अप्रत्याशित चुप्पी साध रखी है। आज जब उनके उत्तराधिकारी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो रही है, तब भी देश उनके ऐतिहासिक और अप्रत्याशित इस्तीफे पर बयान का इंतजार कर रहा है। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा उस समय दिया था, जब उन्होंने मोदी सरकार द्वारा किसानों की घोर उपेक्षा, सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार से पैदा होने वाले खतरों और अन्य मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 15:36:56 +0530</pubDate>
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                <title>भारत संप्रभु राष्ट्र : कोई ताकत हमारे मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती, धनखड़ ने कहा- हम हमारे फैसले स्वयं लेते है </title>
                                    <description><![CDATA[हम एकजुटता के साथ काम करते हैं, समन्वय के साथ। हमारे बीच आपसी सम्मान है, कूटनीतिक संवाद हैं, लेकिन अंतत:, हम संप्रभु हैं और अपने निर्णय स्वयं लेते हैं।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-sovereign-nation-cannot-interfere-in-our-matters-dhankhar-said/article-121092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/6622-copy28.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अधिकारियों को बाहरी विमर्श से कभी भी प्रभावित नहीं होना चाहिए, क्योंकि भारत एक ऐसा संप्रभु देश है, जहां सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और कोई भी बाहरी ताकत उसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।  धनखड़ ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी विमर्शों से प्रभावित न हों। इस देश में, एक संप्रभु राष्ट्र में, सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में कोई भी शक्ति भारत को यह निर्देश नहीं दे सकती कि उसे अपने मामलों को कैसे संचालित करना है। हम एक राष्ट्र हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा हैं। हम एकजुटता के साथ काम करते हैं, समन्वय के साथ। हमारे बीच आपसी सम्मान है, कूटनीतिक संवाद हैं, लेकिन अंतत:, हम संप्रभु हैं और अपने निर्णय स्वयं लेते हैं।  </p>
<p><strong>क्या हर बॉल खेलनी जरूरी है</strong><br />उप राष्ट्रपति ने बेवजह की बयानबाजी से बचने की सलाह देते हुए कहा कि क्या हर बॉल खेलनी जरूरी है? क्या हर विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया देना आवश्यक है? जो खिलाड़ी अच्छा स्कोर करता है, वह खराब गेंदों को छोड़ देता है। वे लुभावनी होती हैं, पर खेली नहीं जातीं। और जो खेलते हैं, उनके लिए विकेटकीपर और गली में खड़े खिलाड़ी तैयार रहते हैं। </p>
<p><strong> </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 12:09:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जगदीप धनखड़ ने वायु प्रदूषण पर जताई गंभीर चिंता : पुराने वाहनों को तेजी से हटाने की जरूरत, कहा- इससे निपटने की है हर व्यक्ति की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रत्येक व्यक्ति को अपने शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक देखना चाहिए और इस पर चिंतन करना चाहिए। वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर चिंता का विषय है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jagdeep-dhankhar-expressed-serious-concern-over-air-pollution/article-112936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/6622-copy10.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि पुराने वाहनों को तेजी से हटाने की जरूरत है।  धनखड़ ने यहां शनिवार को दिल्ली में इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ता वायु प्रदूषण पर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक देखना चाहिए और इस पर चिंतन करना चाहिए। वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर चिंता का विषय है। इसके निवारण के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।</p>
<p><strong>जलवायु परिवर्तन पर तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता</strong><br />उपराष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक ऐसा विषय है। इसके के बारे में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। इस संकट ने अस्तित्व का संकट उत्पन्न कर दिया है। मानव समाज को समझना चाहिए कि रहने के लिए दूसरा ग्रह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा की जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है और इसे पूरा करना होगा।  </p>
<p><strong>सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर गर्व करें</strong><br />धनखड़ ने जोर देकर कहा कि हमें पुराने वाहनों को तेजी से खत्म करने की जरूरत है। लोगों को यह समझना होगा कि पुराने वाहनों को हमारे स्वास्थ्य से जुड़े कारणों से त्यागना होगा। सिर्फ इसलिए कि कोई पुराना वाहन सड़क पर चल रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह सड़क पर चलने लायक है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का प्रयोग गर्व का विषय होना चाहिए। धनखड़ ने कहा कि हमारा पारंपरिक ज्ञान सिखाता है कि श्वसन स्वास्थ्य प्रकृति के संतुलन से अविभाज्य है। प्रकृति का अंधाधुंध दोहन लालच के लिए किया जा रहा है। चिकित्सा ज्ञान के साथ प्रौद्योगिकी के एकीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सा को डेटा विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, इंजीनियरिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ जोड़ना चाहिए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 04 May 2025 10:55:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अपमानित होने पर जगदीप धनखड़ ने जाहिर की पीड़ा, कहा- संवैधानिक रूप से उच्च पदस्थ व्यक्तियों पर बिना किसी पश्चाताप के लगाए आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[दन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापटल पर आवश्यक दस्तावेज रखे जाने के बाद कही। उस वक्त नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सभापति से उनका संरक्षण करने की मांग की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-being-humiliated-jagdeep-dhankhar-expressed-the-pain-constitutionally-high-ranked/article-109608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy15.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को सदन में एक बार फिर से अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा, हमें उस स्तर तक नहीं जाना चाहिए कि खुद के घर में आग लगे तभी बोलें। हालात यह हो गए कि संवैधानिक रूप से उच्च पदस्थ व्यक्तियों पर बिना किसी पश्चाताप के आरोप लगाए गए हैं। धनखड़ ने याद दिलाया कि सभी दलों को यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि वह कैसे सुधार करें और अपनी प्रतिष्ठा कैसे बचाएं। असल में, धनखड़ ने यह बातें सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापटल पर आवश्यक दस्तावेज रखे जाने के बाद कही। उस वक्त नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सभापति से उनका संरक्षण करने की मांग की थी। </p>
<p>धनखड़ ने कहा कि सभापति के रूप में उन्होंने अत्यंत संयम बरता है। बल्कि प्रधानमंत्री सहित संवैधानिक रूप से उच्च पदस्थ व्यक्तियों पर बिना किसी पश्चाताप के आरोप लगाए गए हैं। इसी सदन में कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश ने सभापति के खिलाफ सबसे घिनौना आरोप लगाया है कि सभापति मुद्दे को भटका रहे हैं। जयराम रमेश ने सभापति को चीयरलीडर कहा था। धनखड़ ने कहा कि आप मेरी पीड़ा की कल्पना कीजिए। जब एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इस सदन के पवित्र परिसर में अध्यक्ष की नकल का वीडियो बनाया। सभापति ने बताया कि भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी की अध्यक्षता में आचार समिति बनाकर एक तंत्र विकसित करने को कहा है। ताकि सदस्यों को परामर्श दिया जा सके। धनखड़ ने याद दिलाया कि आप भारत के राष्ट्रपति तक की अवमानना कर लेते हैं। वह पहली आदिवासी महिला हैं।  इस पद तक पहुंची हैं। और दुर्भाग्य यह है कि यह अभिव्यक्तियां सामान्य सदस्यों ने नहीं दी हैं। इन आरोपों का स्रोत राजनीतिक नेतृत्व है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 10:29:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जगदीप धनखड़ का सरकार को निर्देश : गलत प्रतियों की बिक्री या प्रचार नहीं हो, 22 कृतियों वाली प्रति ही असली संविधान </title>
                                    <description><![CDATA[इन कृतियों के बाजार में बिक रही संविधान की प्रतियों पर रोक लगाई जानी चाहिए और ऑनलाइन में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jagdeep-dhankhar-instructions-to-the-government-should-not-be-sold/article-103972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy59.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है और ऐसी प्रतियों की बिक्री या प्रचार प्रसार नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें ये कृतियां नहीं हो।  धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान भाजपा के राधा मोहन अग्रवाल की ओर से इस मुद्दे को उठाए जाने पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच कहा कि संसद द्वारा संशोधन के बगैर संविधान में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है और इस तरह के बदलाव करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कृतियां पांच हजार वर्ष की हमारी गौरवशाली संस्कृति के प्रतीक हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने संविधान पर हस्ताक्षर कर इन कृतियों को स्वीकृत किया था और इसके बगैर संविधान का प्रकाशन या प्रसारण दोनों गंभीर मुद्दा है। सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और बगैर इन कृतियों के बाजार में बिक रही संविधान की प्रतियों पर रोक लगाई जानी चाहिए और ऑनलाइन में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>बदलाव संसद की मंजूरी के के बिना फेरबदल नहीं</strong><br />सभापति ने कहा कि संविधान के एक-एक अध्याय के साथ एक-एक कृति है, जो संबंधित अध्याय के महत्व को दर्शाती हैं, इसलिए इसमें कोई भी बदलाव संसद की मंजूरी के बगैर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी वजह से संविधान की मूल प्रति में किसी तरह के बदलाव को तत्काल संज्ञान में लाया जाना चाहिए और इसमें तत्काल सुधार किया जाना चाहिए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:06:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जगदीप धनखड़ ने बुद्धिजीवियों के गुट पर व्यक्त की चिंता, कहा- संस्थाओं का कमजोर होना राष्ट्र के लिए नुकसानदेह </title>
                                    <description><![CDATA[राजनीति में सामंजस्य केवल एक इच्छा नहीं है, बल्कि एक वांछनीय पहलू है। सामंजस्य अनिवार्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jagdeep-dhankhar-expressed-concern-over-the-group-of-intellectuals-and/article-100480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6622-copy42.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुद्धिजीवियों के गुट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी संस्था का कमजोर होना राष्ट्रीय हित में नहीं है। धनखड़ ने कर्नाटक के बेंगलुरु में सभी राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के 25 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस समय देश की राजनीति बहुत विभाजनकारी है। राजनीतिक संगनों में उच्च स्तर पर बातचीत नहीं हो रही है। राजनीतिक विभाजन, खराब राजनीतिक माहौल जलवायु परिवर्तन के उन प्रभावों से कहीं ज्यादा खतरनाक है, जिनका हम सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सामंजस्य केवल एक इच्छा नहीं है, बल्कि एक वांछनीय पहलू है। सामंजस्य अनिवार्य है। </p>
<p>अगर राजनीति में सामंजस्य नहीं है, अगर राजनीति विभाजनकारी है, कोई संचार  काम नहीं कर रहा है, तो यह राष्ट्र के लिए बहुत नुकसानदेह है। पेपर लीक पर चिंता व्यक्त करते हुए धनखड़ ने कहा कि यह एक खतरा है। आपको इसे रोकना होगा। अगर पेपर लीक होते रहेंगे तो चयन की निष्पक्षता का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।पेपर लीक होना एक उद्योग, एक व्यापार बन गया है। धनखड़ ने कहा कि कोई भी एक संस्था अगर कमजोर होती है, तो इसका नुकसान पूरे देश को होता है।  संस्थाओं को मजबूत करना चाहिए। राज्यों और केंद्र को मिलकर काम करना चाहिए। उन्हें तालमेल के साथ काम करना चाहिए। जब राष्ट्रीय हित की बात आती है तो उन्हें एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाना चाहिए। राष्ट्र के सामने आने वाले मुद्दों को नजरअंदाज करने के बजाय बातचीत और चर्चा के जरिए हल करने की जरूरत पर जोर दिया।</p>
<p>देते हुए धनखड़ ने कहा कि हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं जहां विभिन्न विचारधाराओं का शासन होना निश्चित है। यह समाज में समावेशिता की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर बैठे सभी लोगों को संवाद बढ़ाना चाहिए और आम सहमति पर विश्वास करना चाहिए। उन्हें हमेशा विचार-विमर्श के लिए तैयार रहना चाहिए। देश के सामने मौजूद समस्याओं को पृष्ठभूमि में नहीं धकेला जाना चाहिए।  धनखड़ ने कहा, मैं सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेतृत्व से एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र और माहौल बनाने का आग्रह करता हूं जो औपचारिक, अनौपचारिक संवाद, चर्चा उत्पन्न कर सके। आम सहमति वाला दृष्टिकोण, चर्चा हमारे सभ्यतागत लोकाचार में गहराई से निहित है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि  बुद्धिजीवियों से मार्गदर्शन करने की अपेक्षा की जाती है। जब सामाजिक वैमनस्य और  कोई समस्या हो, तो बुद्धिजीवियों से सामंजस्य की अपेक्षा की जाती है। लेकिन बुद्धिजीवियों के गुट बन जाते हैं। वे ऐसे ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करते हैं जिन्हें उन्होंने पढ़ा नहीं होता। उन्हें लगता है कि अगर कोई खास व्यवस्था सत्ता में आती है, तो ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना पद पाने का पासवर्ड है।  उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद की भर्ती एक समस्या है। कुछ कर्मचारी कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। यह अच्छा नहीं है। देश में हर किसी को हक मिलना चाहिए और वह हक कानून में  किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी उदारता संविधान निर्माताओं की कल्पना के विपरीत है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2025 11:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>जगदीप धनखड़ ने किया राष्ट्र विरोधी ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान, राष्ट्र प्रथम का दृष्टिकोण ही होना चाहिए एकमात्र दृष्टिकोण</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रीय परिवर्तन की नींव पाँच शक्तिशाली स्तंभों  सामाजिक सछ्वाव, पारिवारिक प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य पर टिकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jagdeep-dhankhar-calls-upon-anti-national-forces-to-be-cautious--should-be-the-approach/article-99705"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/jagdeep-dhankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राष्ट्र विरोधी ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि राष्ट्र प्रथम का दृष्टिकोण ही एकमात्र दृष्टिकोण होना चाहिए। धनखड़ ने नेशनल कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस परेड शिविर में कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिवर्तन की नींव पाँच शक्तिशाली स्तंभों  सामाजिक सछ्वाव, पारिवारिक प्रबोधन, पर्यावरण चेतना, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य पर टिकी है।</p>
<p>ये पाँच स्तंभ राष्ट्रवाद की अजेय भावना को बढ़ावा देते हैं। ये एक ऐसी यात्रा पर ले जाते हैं, जो व्यक्तिगत जिम्मेदारी, पारंपरिक मूल्यों और पर्यावरण चेतना को सांस्कृतिक गौरव, एकता और आत्मनिर्भरता के साथ जोड़ती है। उपराष्ट्रपति ने कैडेट्स से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मातृभूमि के प्रति समर्पण दृढ़ अडिग होना चाहिए क्योंकि यह अस्तित्व का आधार है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 17:13:50 +0530</pubDate>
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                <title>मेरे खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव जंग लगा चाकू : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[ अक्सर मैंने खुद देखा है कि यह प्रयास एक योजनाबद्ध तरीके से उन ताकतों द्वारा किए जाते हैं, जो इस देश के हितों के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/no-confidence-motion-brought-against-me-rusty-knife-dhankhar/article-98602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/jagdeep-d-vicepresident.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देश विरोधी ताकतों द्वारा संवैधानिक संस्थानों को ईंट-दर-ईंट कमजोर करने के प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सब्जी काटने वाले चाकू से बाईपास सर्जरी कभी नहीं करनी चाहिए और ‘मेरे खिलाफ लाया गया नोटिस तो सब्जी काटने वाला चाकू भी नहीं था, उसमें तो जंग लगा हुआ था। धनखड़ ने उप-राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अक्सर मैंने खुद देखा है कि यह प्रयास एक योजनाबद्ध तरीके से उन ताकतों द्वारा किए जाते हैं, जो इस देश के हितों के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं।</p>
<p>उनका उद्देश्य हमारे संवैधानिक संस्थानों को  ईंट-दर-ईंट कमजोर करना, राष्ट्रपति पद को कलंकित करना है। और सोचिए,  राष्ट्रपति कौन हैं? इस देश की पहली आदिवासी महिला जो राष्ट्रपति बनीं हैं।  उप-राष्ट्रपति ने अपने खिलाफ लाए गए नोटिस पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि उप-राष्ट्रपति के खिलाफ दिए गए नोटिस को देखिए। उसमें दिए गए छह लिंक को देखिए। आप हैरान हो जाएंगे। इसमें जल्दबाजी की गई, जब मैंने इसे पढ़ा तो मैं स्तब्ध रह गया। लेकिन मुझे और अधिक आश्चर्य तब हुआ जब पाया कि आपने इसे नहीं पढ़ा। अगर आप इसे पढ़ते तो कई दिनों तक सो नहीं पाते। </p>
<p><strong>अभिव्यक्ति का अधिकार लोकतंत्र की परिभाषा</strong><br />धनखड़ ने कहा कि अभिव्यक्ति का अधिकार लोकतंत्र की परिभाषा है। उन्होंने कहा कि यदि अभिव्यक्ति को सीमित, बाधित या दबाव में किया जाए, तो लोकतांत्रिक मूल्य दोषपूर्ण हो जाते हैं। यह लोकतंत्र के विकास के लिए प्रतिकूल है। उन्होंने संवाद के महत्व पर जोर देते हुए कहा, कि किसी को भी अपनी आवाज का उपयोग करने से पहले दूसरे के दृष्टिकोण को सुनना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 10:48:30 +0530</pubDate>
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                <title>विकसित भारत के निर्माण में निरंतर योगदान करें लोक सेवक : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[मैं कामना करता हूं कि विकसित भारत के निर्माण में वे अपना समर्पण निरंतर जारी रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/public-servant-should-continuously-contribute-in-building-a-developed--says-dhankhar/article-75555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/dhankarr.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लोक सेवा दिवस पर लोक सेवकों को शुभकामनाएं दी है और विकसित भारत के निर्माण में योगदान करने का आह्वान किया है। धनखड़ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारत के प्रशासनिक ढांचे में रीड की हड्डी लोकसेवक का राष्ट्र के विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है।</p>
<p>धनखड़ ने लोक सेवक दिवस की लोक सेवकों को शुभकामनाएं दी। धनखड़ ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं कामना करता हूं कि विकसित भारत के निर्माण में वे अपना समर्पण निरंतर जारी रखेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Apr 2024 14:02:10 +0530</pubDate>
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                <title>भाजपा सदस्यों ने की जगदीप धनखड़ के अपमान की निंदा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता ने संवैधानिक पद के साथ ही एक किसान के पुत्र और जाट का अपमान किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-member-condemned-the-disgrace-of-jagdeep-dhankhar/article-64645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/capture1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति एवं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संसद परिसर में मजाक उड़ाने की गतिविधियों का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों और मंत्रियों ने सदन में निंदा करते हुये प्रश्नकाल में खड़े होकर कार्यवाही में भाग लिया। राज्य सभा में सुबह चार बार के स्थगन के बाद प्रश्नकाल शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच सभापति की ओर मुखातिब होते हुये कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा सदस्य राहुल गांधी ने इस वीडियो को बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है जो बहुत ही निदंनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने संवैधानिक पद के साथ ही एक किसान के पुत्र और जाट का अपमान किया है। </p>
<p>इन लोगों ने 20 वर्षो से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करते आ रहे हैं क्योंकि वे भी पिछड़ी जाति से हैं। जोशी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी इन लोगों ने अनुसूचित जनजाति से होने के कारण उनका अपमान कर चुके हैं।  संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद पर आसीन व्यक्ति का अपमान करने पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इसकी निंदा की है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Dec 2023 14:34:37 +0530</pubDate>
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                <title>मारवाड़ी समाज से मेरा लगाव बहुत पुराना : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[मारवाड़ी समाज हमेशा ऊंचे प्रतिमानों पर जीवन जीता। देश के विकास में मारवाड़ी समाज का बड़ा योगदान है उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज जहां भी रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/my-attachment-to-marwari-community-is-very-old-dhankhar/article-60932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(5)9.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। असम की एकदिवसीय यात्रा पर आए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को गुवाहटी में वृहत्तर गुवाहाटी मारवाड़ी समाज द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा मारवाड़ी समाज से मेरा लगाव बहुत पुराना है। उन्होंने कहा मारवाड़ी समाज की वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली उपस्थिति है। मारवाड़ी समाज हमेशा ऊंचे प्रतिमानों पर जीवन जीता। देश के विकास में मारवाड़ी समाज का बड़ा योगदान है उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज जहां भी रहता है जहां भी व्यापार करता है उसे जगह को समृद्ध करता है और अपनी जन्मभूमि तथा कर्मभूमि के बीच में एक नाजुक संतुलन बनाकर रखता है हमें बहुत कुछ मारवाड़ी समाज से सीखने की आवश्यकता है। </p>
<p><strong>बेटे बेटी को केवल सुपरवाइजर ना बनाएं</strong><br />उपराष्ट्रपति ने मारवाड़ी समाज से अपील की कि बेटे बेटी को केवल सुपरवाइजर ना बनाएं, बल्कि अपनी संतानों को को उनके हिसाब से आगे बढ़ने दें। मारवाड़ी समाज के बच्चे अपनी शिक्षा के दौरान भी एक घंटे अपने व्यवसाय को देते हैं और यह उनकी परंपरा है इससे उन्हें व्यापार के गुण बिना सीखे ही प्राप्त हो जाते हैं उन्हें किसी भी प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ती है वह व्यापार के गुण सीखने में स्वयं एकलव्य हैं उन्हें कोई सिखाये या ना सिखाएं वह सभी गुण स्वयं सीख जाते हैं।</p>
<p><strong>उत्पादों की ब्रांडिंग होनी चाहिए </strong><br />उपराष्ट्रपति ने कहा कि व्यापार बदल रहा, व्यापार के तरीके बदल रहे हैं प्रशिक्षण बदल रहा है इंडस्ट्री बदल रही है अत: अब हमें भी बदलना चाहिए उत्पादों की ब्रांडिंग होनी चाहिए और उनकी वैल्यू एडिशन की जानी चाहिए। बिना ब्रांडिंग के कोई भी उत्पाद बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए इससे हमारी अर्थव्यवस्था में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा और हमारा देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बहुत तेजी से अग्रसर होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मारवाड़ी समाज को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर असम के राज्यपाल, गुलाबचंद कटारिया, असम के मुख्यमंत्री, डॉ. हिमंता विश्वा  शर्मा, असम सरकार के मुख्य सचिव, डीजीपी, बड़ी संख्या में मारवाड़ी समाज के लोग एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 11:11:24 +0530</pubDate>
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                <title>जगदीप धनखड़ ने बाघों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का किया उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[निर्वाण कला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के बारे में लोगों के बीच जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं और यह उनकी चित्रों की पांचवीं ऐसी प्रदर्शनी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jagdeep-dhankhar-inaugurates-painting-exhibition-based-on-tigers/article-60170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/123-copy7.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स सोसाइटीज में जानी मानी कलाकार चारुमती निर्वाण की बाघों के चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। गर्जना भरा पुनरुत्थान, भारत के बाघ शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में चारकोल से बने बाघ के रेखाचित्रों और जलरंगों से बने पुष्पों को प्रदर्शित किया गया है। निर्वाण कला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के बारे में लोगों के बीच जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं और यह उनकी चित्रों की पांचवीं ऐसी प्रदर्शनी है।</p><p>चारुमती निर्वाण पिछले 25 वर्षों से बाघों और वन्यजीवों का बारीकी से अवलोकन कर रही हैं और इसकी शानदार अभिव्यक्ति उनकी कला में परिलक्षित होती है। उनकी यह प्रदर्शनी 1973 में शुरू किए गए प्रोजेक्ट टाइगर की 50 वर्षों की सफलता की यात्रा को प्रतिबिंबित करती है। शुरुआत में प्रोजेक्ट टाइगर में केवल 9 टाइगर रिजर्व थे जिसका विस्तार अब 54 टाइगर रिजर्व के साथ 75000 वर्ग किलोमीटर तक हो गया है। जो भारत की कुल भूमि क्षेत्र का 2.3 प्रतिशत है। आज विश्व के 75 प्रतिशत बाघ भारत में पाए जाते हैं।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 22 Oct 2023 10:31:23 +0530</pubDate>
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