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                <title>coolers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>गायों को भी मिलेगी गर्मी से राहत, बीच-बीच में पानी का छिड़काव </title>
                                    <description><![CDATA[निगम की गौशाला व कायन हाउस में लगाए कूलर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cows--too--to-find-relief-from-the-heat/article-154048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में जिस तरह से तापमान बढ़ने पर भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। उसमें लोगों को ही नहीं गायों को भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में निगम की गौशाला व कायन हाउस में बंद गायों को गर्मी से राहत के लिए कूलर लगाए गए हैं। कोटा में पिछले काफी समय से तापमान 42 से 44 डिग्री के करीब बना हुआ है। साथ ही दिन के समय हीटवेव चल रही है। ऐसे में लोगों की हालत खराब हो रही है। लेकिन लोग तो एसी व कूलर में बैठकर गर्मी से राहत पा रहे हैं। जबकि मवेशियों को भी गर्मी लगने पर उनके लिए बहुत कम लोग सोच पा रहे हैं। शहर में निराश्रित हालत में घूमने वाले गौवंश तो धूप व गर्मी में ही खड़े व बैठे देखे जा सकते हैं। वहीं पीने के पानी के लिए कई जगह पर टंकी भी रखी गई है। नगर निगम ने इस दिशा में पहल करते हुए किशोरपुरा स्थित कायन हाउस व बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में गौवंश को गर्मी से बचाने व राहत के इंतजाम किए हैं। करीब दो हजार से अधिक गौवंश वाली इस गौशाला में धूप से गायों को बचाने के लिए जहां बाड़ों में व खुले स्थान पर हरी नेट लगाई गई है। वहीं कई बाड़ों में जहां अधिक आवश्यकता है वहां कूलर भी लगाए गए हैं।</p>
<p>नगर निगम गौशाला समिति के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह का कहना है कि गौशाला व कायन हाउस में शहर से निराश्रित हालत में घूमते पकड़े गए गौवंश है। जिनमें कई बीमार व कमजोर हालत में है। ऐसे में निगम की ओर से हर साल गर्मी में राहत के लिए ग्रीन नेट लगाई जाती है। लेकिन बरसात में या तेज हवा में कई बार वह फट भी जाती है। निगम की ओर से गौशाला व कायन हाउस में नेट के साथ ही हवा के लिए कूलर भी लगाए हैं। वहीं बीच-बीच में पानी का छिड़काव भी किया जाता है। पीने के पानी की भी बेहतर सुविधा की जा रही है।<br />सूत्रों के अनुसार गौशाला में शीघ्र ही कोटा दक्षिण के पूर्व महापौर की ओर से पानी के छिड़काव का सिस्टम लगवाने की संभावना है। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि गायों को भी इंसानो की तरफ धूप व गर्मी लगती है। उनके लिए हरी नेट के साथ ही हवा का भी इंतजाम किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:03:44 +0530</pubDate>
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                <title>दवा से मुश्किल ठंडा पानी, रात होने से पहले पानी स्टाक की फिक्र</title>
                                    <description><![CDATA[रीते कंठ इलाज कराने की मजबूरी, दवा खाने के पानी की जुगत में तीमारदार ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/finding-water%E2%80%94especially-cold-water%E2%80%94is-harder-than-finding-medicine--a-race-to-stock-up-before-nightfall/article-152720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में इन दिनों तीमारदारों को मरीज की देखभाल से ज्यादा चिंता एक बोतल पानी की है। अस्पताल परिसर में पहले जहां हर जगह शीतल जल उपलब्ध हो जाता था वहां पानी के लिये 100 मीटर तक की दूरी तय करनी पड रही है। कहने को परिसर में 28 वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन धरातल पर केवल 18 ही जैसे-तैसे चल रहे हैं। बाकी या तो कबाड़ हो चुके हैं या प्रशासन की लापरवाही के कारण तालों में बंद हैं। एक बार जहां से पानी की सुविधा बंद हुई फिर वो चालू की ही नहीं गयी। ऐसे में परिजनों के लिये के लिये बोतलें हाथ में लेकर घुमने की मजबूरी इलाज का हिस्सा बन चुकी है।</p>
<p><strong>बदहाल सिस्टम से परिजनों की परिक्रमा</strong><br />300 फीट लम्बे गलियारों को पार करने के बाद परिसर में लगे वाटर कूलरों से पानी लेने जाने के बाद भी कई बार पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में एमबीएस परिसर की ओल्ड़ बिल्डिंग में पीने के पानी के लिये बाहर आने की मजबूरी से परिजनों की लम्बी परेड़ हाे जाती है। कई बार तो परिजन सड़क पार करके भी पानी लेकर जाते है। सबसे बड़े वार्ड मेडिकल के मरीज पानी के लिए ENT वार्ड की गैलरी तक दौड़ रहे हैं। न्यूरोलॉजी विभाग में लगा कूलर का तो कनेक्शन ही काट कर हटा दिया है हांलाकि कूलर बाहर रखा है। बर्न वार्ड के रिनोवेशन के चलते महीनों से पानी की सुविधा पर ताला लगा है।</p>
<p><strong>पहले कहा मेन्टीनेन्स के बाद, अब जरूरत नहीं</strong><br />परिसर में लगे वाटर कूलरों की 19 अप्रेल को खबर प्रकाशित करने के दौरान अस्पताल प्रशासन ने बताया था कि पुराने वाटर कूलरों को मेन्टीनेन्स के लिये हटाया गया है, जिन्हे वापस चालू कर दिया जायेगा। लेकिन भीषण गर्मी 15 दिन गुजर जाने के बाद भी सुविधायें बहाल नहीं हो पायी तब दैनिक नवज्योति ने जन उपयोगीता के मुद्देज पर अस्पताल प्रशासन से पक्ष लिया तब अस्पतान अधीक्षक ने ऐसी जगहों पर दुबारा से प्याऊ शुरू करने की जरूरत नही बताई। पहले दवा काउँटर नं 9, दवा काउन्टर 121 तथा सर्जीकल वार्ड के भीतर लगे प्याऊ बंद कर दिये गये है।</p>
<p><strong>जहां से हटे फिर नहीं लगे,अधीक्षक बोले हमारे पास एक्स्ट्रा</strong><br />लेखा शाखा के बाहर रखा वाटर कूलर कई महीनों से हटाया गया है। न्यू आईपीड़ी व पुराने कॉटेज वार्ड़ की तरफ से आने वाले परिजनाें व लेखा शाखा के कार्मिकों के लिये यही वाटर कूलर ठण्ड़े पानी के लिये काम आता है। अस्पताल सुत्रों ने बताया कि यह कण्ड़म होने के कारण हटा लिया गया है, वही अधीक्षक महोदय के बताये अनुसार अधीक्षक कार्यालय में वाटर कूलर रिजर्व में रखे हुये है।</p>
<p><strong>रखरखाव तो दूर गेट पर ही ताला</strong><br />मेडिकल यूनिट B व C में 2 साल पहले पानी के लिए बाटर कूलर काम कर रहा था पिछले साल से पार्क की तरफ जाने वाला गेट बंद कर दिया गया हांलाकि कूलर आज भी वहीं लगा हुआ है जाे अब कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है। </p>
<p><strong>जहां खाना खाने के साथ ठण्ड़े पानी की थी जगह, अब पीक व गंदगी</strong><br />आर्थोपैड़िक वार्ड़ के बाहर परिजनों के खाना खाने के लिये डाईनिंग हालनुमा केम्पस बनाया गया था यहीं पर एक वाटर कूलर भी लगा हुआ है। सीपेज की समस्या के कारण इसे बन्द कर के पुरे केम्पस पर ही ताला लगा दिया। अब यहां लगा कूलर कबाड़ बन गया वहीं गेट के भीतर गंदगी का ढ़ेर जमा हो गया। बची-खुची कसर यहां लोगो ने गुटके की पीक से पुरी कर दी।</p>
<p><strong>मरीज बोले- दवा से मुश्किल ठंडा पानी</strong><br />भैया के एक्सीडेंट के बाद 5 दिन से यहाँ हूँ। रात में अस्पताल में रोशनी कम रहती है, डर लगता है लेकिन पानी के लिए पूरे अस्पताल की परिक्रमा करनी पड़ती है। कोई मिलने वाला आ जाये तो पानी की पुछने में भी सोचना पड़ता है।<br /><strong>- वंदना, तीमारदार</strong></p>
<p>अभी थोडी देर पहले ही 30 रूपये की पानी की बोतल लेकर आयी हूँ यहां वाटर कूलर तो है लेकिन दूसरे वार्ड के भी यही से भरते है कभी भी पानी ठंडा नहीं मिलता। बाहर भी यही हाल है।<br /><strong>-पूजा ,मरीज की पत्नी</strong></p>
<p>जहां आवश्यकता है वहां के वाटर कूलर चालू है। सभी काे बिना जरूरत चालु करने से क्या फायदा। रिजर्व में रखवा रखें है। वाटर टेंक की सफाई करवाई जाती है। डेट भी रहती है।<br /><strong>-डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : गंदगी हटा बनाए ‘जल मंदिर’, एडीएम सिटी ने किया वाटर कूलरों का उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[भीड़ प्रबंधन के लिए भामाशाह काउंटर को बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--filth-cleared-to-create-a--jal-mandir---water-shrine---adm-city-inaugurates-water-coolers/article-149970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिशु एवं मातृ चिकित्सालय जेके लोन अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार और नवाचार की दिशा में शुक्रवार को अहम कदम उठाए गए। एडीएम सिटी अनिल कुमार सिंघल ने अस्पताल परिसर में स्थापित किए गए तीन नए वाटर कूलरों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए ई-वीसी रूम का प्रस्ताव मांगा और ओपीडी में भीड़ कम करने के लिए भामाशाह काउंटर को बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने ओपीडी और डिस्चार्ज प्रक्रिया को और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को कम से कम समय में इलाज मिल सके।</p>
<p><strong>आस्था से स्वच्छता का संदेश</strong><br />अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि परिसर के भीतर 80-80 लीटर क्षमता वाले तीन नए वाटर कूलर लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए उन स्थानों को चिन्हित किया जहां पहले गंदगी रहती थी। अधीक्षक ने बताया कि इन जगहों को पूरी तरह साफ करवाकर 'जल मंदिर' के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर कांच के भीतर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है, ताकि लोग आस्था के कारण पानी पीने वाले स्थान पर गंदगी न फैलाएं।</p>
<p><strong>भामाशाह काउंटर को बाहर बनवाने का सुझाव</strong><br />एडीएम सिटी अनिल कुमार सिंघल ने एनआईसीयू (NICU) और सीआईसीयू (CICU) के निरीक्षण के बाद ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ को देखा। उन्होंने भीड़ प्रबंधन हेतु सुझाव दिया कि ओपीडी ब्लॉक में दबाव कम करने के लिए भामाशाह काउंटर को बाहर डोम के पास खाली पड़े स्थान पर शिफ्ट किया जाए। इससे छुट्टी (डिस्चार्ज) मिलने वाले मरीजों को बाहर से ही लाभ मिल सकेगा और भीतर भीड़ जमा नहीं होगी।</p>
<p><strong>ई-वीसी रूम की जरूरत पर जोर</strong><br />डिजिटल दौर की आवश्यकताओं को देखते हुए एडीएम ने अस्पताल में ई-वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) रूम तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रेनिंग, मेडिकल कोर्स और विशेषज्ञों के साथ टेस्ट रिपोर्ट साझा करने के लिए वीसी रूम की बहुत आवश्यकता है। अधीक्षक शर्मा ने बताया कि हमारे 2-3 डॉक्टर लीगल में ही लगे रहते है। वी सी रूम से हमें समय और कार्य प्रबंध्न में लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने पहले ही चेताया था</strong><br />अस्पताल परिसरों में गर्मी की शुरूआत के साथ ही मरीजाें और तीमरदारों के लिये पीने के पानी की कमीं को लेकर दैनिक नवज्याति ने ''एमबीएस में 3 प्याऊ फिर से शुरू 8 के लिये इंतजार'' प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद राजकीय एमबीएस चिकित्सालय परिसर मेंं स्थित जे के लोन शिशु एवं मातृ चिकित्सालय में आज एक साथ 3 वाटर कूलरों को जनता को समर्पित कर दिया गया।<br /> <br />गर्मी को देखते हुये मरीजों की सुविधा के लिये जन सहयोग से ठण्ड़े पानी के लिये 3 जगह व्यवस्था की है। एडीएम साहब ने हमें सुझाव दिये है। इनके बारेे में हम काम करेंगे।<br /><strong>- डॉ. निर्मला शर्मा, अधीक्षक जे के लोन</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:02:35 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं वाटर नहीं तो कहीं कूलर ही गायब, भीषण गर्मी में बदहाल शहर के वाटर कूलर</title>
                                    <description><![CDATA[इन वाटर कूलरों के चालू नहीं होने से पानी भी गर्म आ रहा है जो पानी पीने लायक ही नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-coolers-are-in-a-state-of-disrepair-in-the-scorching-heat/article-146230"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य एक :</strong> शॉपिंग सेंटर में एक्सिस बैंक के पास वाटर कूलर का स्ट्रक्चर बना हुआ है। वर्ष 2018 में करीब 88 हजार रुपए की लागत से यहां वाटर कूलर लगाया गया था। अब वहां पानी के लिए टंकी तो रखी हुई है। लेकिन कूलर ही नहीं है। जिससे आमजन वहां गर्मी में ठंडा पानी पी सके।</p>
<p><strong>दृश्य दो : </strong>फर्नीचर मार्केट में बड़ा भारी वाटर कूलर व्यापार संघ की ओर से लगाया गया था। जिससे यहां आने वाले लोगों को ठंडा पानी मिल सके। लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह की बदहाल हो चुका है। जिससे इसका पीने के पानी के रूप में नहीं विज्ञापन बोर्ड के रूप में उपयोग हो रहा है।</p>
<p><strong>दृश्य तीन :</strong> गुमानपुरा में मल्टीपरपज स्कूल की चार दीवारी के सहारे एक वाटर कूलर तो लगा हुआ है। लेकिन उसकी हालत ऐसी है कि वह आमजन के लिए पीने के पानी के रूप में उपयोग नहीं आ रहा है। जिससे इसके होने न होने का फिलहाल कोई लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर के उन वाटर कूलरों की स्थिति बताने के लिए जिनकी वर्तमान में भीषण गर्मी पड?े पर सबसे अधिक जरूरत है। जबकि उनकी स्थिति ऐसी है कि वे उपयोग लायक ही नहीं है। ऐसे शहर में सैकड़ों वाटर कूलर हैं। जिनमें से अधिकतर चालू हालत में नहीं हैं। कहीं पानी की टंकी नहीं हैं तो कहीं पानी की टंकी है तो उसे ठंडा करने वाली मशीन ही नहीं है। कहीं टंकी और मशीन है तो पानी ठंडा नहीं आ रहा है। जिससे इस भीषण गर्मी में लोग इन वाटर कूलरों का पानी नहीं पी पा रहे हैं।शहर में गर्मी तेज पड?े और आगामी दिनों में मौसम को देखते हुए एक दिन पहले ही जिला कलक्टर ने पीने के पानी समेत छाया और लोगों को गर्मी से राहत के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>हर जगह बदहाली</strong><br />शहर में वैसे तो जगह-जगह पर और हर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर वाटर कूलर लगे हुए हैं। फिद्दर चाहे वह विधायक कोष से लगाए गए हों या नगर निगम के माध्यम से। किसी समाजसेवी द्वारा या स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापार संघों के माध्यम से लगे हों। मुख्य मार्गों पर लगे हों या धार्मिक स्थान मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या फिर पार्क व बाजारों में लगे हों। सभी जगह लगे वाटर कूलरों में से अधिकतर बदहाली का शिकार हो रहे हैं। नए शहर के अंतिम छोर से लेकर स्टेशन तक सभी जगह पर वाटर कूलर लगे हुए हैं।</p>
<p><strong>तापमान 38 डिग्री तो उबल रहा पानी</strong><br />वाटर कूलर का मतलब ठंडा पानी है। लेकिन जिस तरह से शहर में अभी 38 डिग्री से अधिक तापमान चल रहा है। ऐसे में जहां नलों में व टंकी का पानी ही गर्म व उबल रहा है। वहीं इन वाटर कूलरों के चालू नहीं होने से उनका पानी भी गर्म आ रहा है। जिससे अधिकतर वाटर कूलरों का पानी पीने लायक ही नहीं है।</p>
<p><strong>लगाने के बाद ध्यान ही नहीं</strong><br />जानकारों के अनुसार किसी स्वयंसेवी संस्था या समाजसेवी द्वारा अपने परिजनों की स्मृति या विशेष अवसरों पर वाटर कूलर लगा तो दिए जाते हैं। जिससे कुछ समय तक तो वे सही रहते हैं। लेकिन उसके बाद उनका कोई ध्यान नहीं रखता। जिससे कभी बिजली कनेक् शन नहीं मिलने या कभी नल गायब होने, पानी नहीं मिलने या टंकी की सफाई नहीं होने समेत कई कारणों से कुछ ही समय में वे वाटर कूलर काम में लेने लायक ही नहीं रहते।</p>
<p><strong>गर्मी से पहले होने चाहिए चालू</strong><br />लोगों का कहना है कि वाटर कूलर का साल में सबसे अधिक उपयोग गर्मी के इन तीन महीनों में ही होता है। जब गर्मी में ही वाटर कूलर खराब या बंद हैं तो उनके होने न होने का कोई लाभ ही नहीं है। नगर निगम या संबंधित एजेंसी को गर्मी से पहले ही इनकी मेंटेनेंस करवाकर चालू हालत में करने चाहिए। जिससे गर्मी में इनका उपयोग हो सके।</p>
<p>दादाबाड़ी निवासी महेश खींची का कहना है कि जो भी संस्था या व्यक्ति वाटर कूलर लगवाए उसकी जिम्मेदारी है उसकी मेंटेनेंस की भी व्यवस्था करे। महावीर नगर निवासी राकेश नागर ने बताया कि गर्मी में दूर दराज से आने वाले लोग विशेष रूप से महिलाएं या मजदूर वर्ग के लोग वाटर कूलर का पानी पीते हैं। लेकिन उन्हें वर्तमान में अधिकतर जगह पर इन वाटर कूलरों का गर्म पानी पीना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम सीमा क्षेत्र चाहे शहर हो या कैथून तक के ग्रामेण इलाकों में करीब आठ सौ वाटर कूलर लगे हुए हैं। इनमें विधायक कोष, नगर निगम या अन्य माध्यमों से लगाए गए वाटर कूलर शामिल हैं। इनकी मेंटेनेंस का टेंडर कर दिया है। पहले सिंगल बिड आने से उसे निरस्त करना पड़ा था। दोबारा से टेंडर किया है जो एक सप्ताह के भीतर खुल जाएगा। साथ ही निगम के माध्यम से वाटर कूलरों का सर्वे कराया जा रहा है। जिनकी शिकायत आ रही है उन्हें फिलहाल निगम स्तर पर चाली किया जा रहा है। दो साल के लिए मेंटेनेंस का करीब दो करोड़ रुपए से अधिक का टेंडर किया गया है।<br /><strong>- सचिन यादव, अधिशाषी अभियंता(विद्युत), नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:21:43 +0530</pubDate>
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                <title>मौसम हो रहा गर्म, वाटर नहीं हुआ कूल</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में वाटर कूलर तो अब जगह-जगह पर हर थोड़ी दूरी पर लगे हुए हैं। लेकिन उनकी स्थिति काफी खराब है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/weather-is-getting-hot--water-is-not-getting-cool/article-106743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में आने वाले समय में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ने वाला है। ऐसे में राहगीरों को पीने के लिए ठंडे पानी की जरूरत होगी। लेकिन हालत यह है कि सड़क किनारे मेन रोड पर जगह-जगह लगे अधिकतर वाटर कूलर या तो खराब हैं या बंद पड़े हुए हैं। जिससे उनका ठंडा पानी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गर्मी का सीजन शुरु होने के साथ ही पहले शहर में जगह-जगह प्याऊ लगाई जाती थी।  नगर निगम की गौशाला के माध्यम से प्याऊ का संचालन किया जाता  था। लेकिन पिछले कई सालों से निगम ने प्याऊ लगाना तो बंद कर दिया। उनके स्थान पर अब वाटर कूलर लगने लगे हैं। नगर निगम के अलावा विधायक व सांसद कोष से और स्वयंसेवी संस्थाओं व समाज सेवियों के माध्यम से शहर में वाटर कूलर तो लगाए गए हैं। लेकिन हालत यह है कि उनमें से कई वाटर कूलर खराब या बंद हैं। </p>
<p><strong>करीब 500 से अधिक वाटर कूलर</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण क्षेत्र में करीब 500 से अधिक वाटर कूलर लगे हुए हैं। पार्क, मंदिर, धार्मिक स्थल, मेन रोड, मार्केट, बस स्टैंड समेत कई जगह पर वाटर कूलर लगे हुए हैं। नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा पार्षदों की अनुशंसा पर और विधायक कोष से उनकी अनुशंसा पर नगर निगम के माध्यम से वाटर कूलर लगाए गए हैं। ये वाटर कूलर हर साल गर्मी के सीजन में काम में आते हैं।</p>
<p><strong>यह है वाटर कूलर की स्थिति</strong><br />शहर में वाटर कूलर तो अब जगह-जगह पर हर थोड़ी दूरी पर लगे हुए हैं। लेकिन उनकी स्थिति काफी खराब है। शहर में शॉपिंग सेंटर में बैंक के सामने वाटर कूलर ही गायब है। ऐसे में उसका ठंडा पानी लोगों को मिलना ही संभव नहीं है। फर्नीचर मार्केट में लगा वाटर कूलर बंद पड़ा हुआ है।  वहीं मल्टीपरपज स्कूल के कॉर्नर पर वाटर कूलर तो लगा हुआ है लेकिन वह बंद है। छावनी चौराहे पर एलआईसी बिल्डिंग के सामने वाटर कूलर का स्ट्रक्चर तो बना हुआ है। लेकिन वहां न पानी की टंकी है और न ही वाटर कूलर है। इसी तरह एक होटल के सामने लगा वाटर कूलर बंद पड़ा हुआ है। संजय नगर स्थित नए बस स्टैंड पर वाटर कूलर नाम मात्र व दिखावे है। यह स्थिति तो कुछ ही वाटर कूलर की है। पूरे शहर में ऐसे दर्जनों वाटर कूलर हैं जिनमें या तो नल गायब हैं या टंकी गायब है। किसी में चालू होने से पानी तो आ रहा है लेकिन उसका विद्युत कनेक् शन नहीं होने से गर्म पानी आ रहा है। नए कोटा शहर से लेकर भीमगंजमंडी तक इस तरह के कई वाटर कूलर देखे जा सकते हैं। </p>
<p><strong>नगर निगम करवाता सफाई व मेंटेनेंस</strong><br />सूत्रों के अनुसार वाटर कूलर चाहे नगर निगम ने लगवाएं हो या विधायक कोष से लगे हों। निगम क्षेत्र में लगे वाटर कूलरों की मेंटेंनस और पानी की टंकियों की सफाई नगर निगम द्वारा करवाई जाती है। जबकि संस्थाओं द्वारा संचालित कूलरों की सफाई उनके द्वारा ही करवाई जाती है। हालत यह है कि नगर निगम के विद्युत अनुभाग में तकनीकी स्टाफ की कमी होने से इन पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर के निगम क्षेत्र में लगे वाटर कूलरों की मेंटेनेंस व टंकी की सफाई नगर निगम के माध्यम से करवाई जाती है। अभी गर्मी शुरु होने से पहले सभी की मेंटेनेंस करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। या तो वे सही हो गए होंगे या हो रहे होंगे। गर्मी तेज पड़ने से पहले सभी को सही करवा दिया जाएगा। जिससे लोगों को गर्मी में शीतल जल मिलता रहे। <br /><strong>- अशोक त्यागी, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 16:29:40 +0530</pubDate>
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                <title>भीषण गर्मी में जिला अस्पताल के कूलर,पंखे बंद </title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी के मद्देनजर अस्पताल प्रबंधन ने वार्डो में लगे कूलर की साफ-सफाई व जरूरी सुधार भी कराया। लेकिन अब तक पानी भरकर कूलर चालू नहीं किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/in-the-scorching-heat--the-coolers--fans-of-the-district-hospital-are-turned-off/article-6698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/201.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। एक ओर भीषण गर्मी पड़ रही है तो दूसरी ओर जिला अस्पताल में कूलर पंखे बंद पड़े होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। वार्ड में भर्ती मरीज और तिमारदारों का गर्मी के मारे हार बेहाल है। बारां जिला अस्पताल में एक ओर जहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, दूसरी ओर भीषण गर्मी के बीच वार्डों के मरीज हलाकान हैं। वजह अस्पताल के महिला व पुरूष वार्ड में लगे कूलर अब तक चालू नहीं किए गए है और वार्डो में लगे पंखे भी खराब है। जबकि मौसम का हाल बेहाल कर देने वाला है। ऐसे में वार्डो में लगे कुछ ही पंखे के ही सहारे मरीज दिन-रात गुजार रहे हैं। गर्मी के मद्देनजर अस्पताल प्रबंधन ने वार्डो में लगे कूलर की साफ-सफाई व जरूरी सुधार भी कराया। लेकिन अब तक पानी भरकर कूलर चालू नहीं किया गया। कभी-कभी कूलर चालू भी किया जाता है तो बिन पानी के ऐसे में मरीजों को गर्म हवा मिलती है। मेल फिमेल वार्ड, मेल फिमेल सर्जिकल वार्ड, मेल फिमेल अस्थि वार्ड इमरजेंसी इन सभी चारो वार्ड मिलाकर प्रतिदिन लगभग 100 से 110 मरीज भर्ती रहते हैं। इनमें ज्यादातर मरीज कई दिनों तक रहते हैं। ऐसे मरीजों को कूलर नहीं लगे होने की वजह से गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है।<br /><br />जिला अस्पताल के वार्डो में 70 से 80 पंखों में से 30 से 40 पंखे चालू है। जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा कूलर खिड़कियों पर लगा दिए गए लेकिन वह भी गर्म हवा दे रहे हैं ,जिसके चलते मरीज कूलर को चालू नहीं कर रहे हैं। मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। <br /><br />मरीज के परिजन जगमोहन ने बताया कि वार्डो में भर्ती मरीजों को गर्मी की वजह से परेशानी हो रही है। पंखे से ज्यादा राहत नहीं मिल रही है। कूलर चालू करना चाहिए। घनश्याम ने बताया कि वार्ड के खिड़कियों में लगे कूलर के बिजली कनेक्शन है। चालू भी होता है लेकिन गर्म हवा आने की वजह से कोई लाभ नहीं मिल रहा है।<br /><br />ग्रामीण महिला गिरीसूता बाई ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन भीषण गर्मी के समय कूलर की बेहतर सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहा है। लगता है मौसम बदलने का इंतजार है। ग्रामीण छीतरलाल ने बताया कि कूलर खराब पड़ा है। अस्पताल प्रबंधन को गर्मी से पहले ही वार्डो में ध्यान देना चाहिए था। जिससे यहां भर्ती मरीजों को गर्मी से राहत मिलती।<br /><br />जल्द ही खराब हो रहे पंखे कूलर को सही करवाने के लिए ठेका दिया है। 2 दिन में बन्द पड़े हुए कूलर पंखे चालू हो जाएंगे। <br />-डॉ.राजेंद्र मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 13:25:25 +0530</pubDate>
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