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                            <item>
                <title>असर खबर का - मुकुंदरा में री-वाइल्डिंग की बड़ी छलांग - बाघिन एमटी- 7 अब 5 से 21 हेक्टेयर एनक्लोजर में शिफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रेडियो-कॉलरिंग के बाद विस्तृत वन क्षेत्र में छोड़ा,  हर मूवमेंट पर होगी नजर,नवज्योति की खबरों के बाद चेता वन विभाग तो बाघिन को मिली आजादी की राह ।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--a-major-leap-forward-in-mukundra-s-rewilding-efforts---tigress-mt-7-now-shifted-from-a-5-hectare-enclosure-to-a-21-hectare-enclosure/article-144257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/mukundra.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रणथंभोर में कभी मां को खोकर असहाय हुई मासूम शावक आज आत्मविश्वास से भरी युवा बाघिन बन चुकी है। संघर्ष से संकल्प तक की कहानी लिख रही बाघिन एमटी- 7 ने मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में री-वाइल्डिंग की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए बड़े एनक्लोजर में प्रवेश कर लिया है। एमटी- 7 अब आजादी की राह पर और आगे बढ़ गई है। वैज्ञानिक निगरानी और सख्त प्रोटोकॉल के बीच शनिवार को उसे 5 हेक्टेयर से 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया गया। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, बल्कि खुले जंगल में उसकी स्वाभाविक वापसी की मजबूत दस्तक है।</p>
<p>दरअसल, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक साल से चल रही री-वाइल्डिंग प्रक्रिया के तहत बाघिन को विशेषज्ञों की निगरानी में रेडियो कलरिंग के बाद 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर से निकाल 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। यह कदम बाघ संरक्षण और वैज्ञानिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>अब खुले जंगल से एक कदम दूर</strong></p>
<p>मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक व फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट का कहना है कि बाघिन एमटी- 7 निर्धारित टारगेट से दो गुना यानी 100 से ज्यादा शिकार कर चुकी है। वह शिकार करने की कला में निपूर्ण हो चुकी है। ऐसे में जंगल की चुनौतियों व संघर्ष के बीच खुद को ढाल सके, इसके लिए विचरण क्षेत्र बढ़ाना आवश्यक था। एनटीसीए की परमिशन के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (सीडब्लूएलडब्ल्यू) से अनुमति मिलने पर शनिवार शाम विशेषज्ञों की निगरानी में बाघिन को चार गुना बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। अब रेडियो कॉलर के माध्यम से बाघिन के हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। रिवाल्डिंग को लेकर एनटीसीए के प्रोटोकॉल पूरे होने पर टाइग्रेस को खुले जंगल में रिलीज कर दिया जाएगा। <br /> <br /><strong>मां को खोने के बाद शुरू हुआ संघर्ष</strong></p>
<p>रणथंभोर की बाघिन टी - 114 की मौत के बाद 31 जनवरी 2023 को बाघिन एमटी- 7 को शावक अवस्था में कोटा लाया गया था। तब उसकी उम्र महज ढाई माह थी। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में उसकी परवरिश की गई। यहां करीब 22 माह तक नियंत्रित वातावरण में री-वाइल्डिंग की गई। जीवित शिकार के जरिए उसमें शिकार करने की कला विकसित की गई। इसके बाद 2 वर्ष की उम्र के पूरी करने के बाद दिसंबर 2024 को मुकुन्दरा के 5 हेक्टेयर री-वाइल्डिंग एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। पिछले 14 महीनों में उसने सफल शिकार, स्वाभाविक व्यवहार और बेहतर अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>एनटीसीए की हरी झंडी के बाद बढ़ा कदम</strong></p>
<p>सीसीएफ जाट ने बताया कि री-वाइल्डिंग प्रक्रिया का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की विशेषज्ञ टीम ने मुकुन्दरा आकर बाघिन के व्यवहार, शिकार क्षमता और स्वास्थ्य परीक्षण का निरीक्षण किया। संतोषजनक रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।इसी क्रम में पहले चरण में उसे 5 हेक्टेयर से 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>रेडियो-कॉलरिंग के बाद नई शुरूआत</strong></p>
<p>मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति के बाद गठित विशेषज्ञ दल जिसमें फील्ड अधिकारी, पशु चिकित्सक और वन्यजीव जीवविज्ञानी शामिल थे, उन्होंने शनिवार शाम 5:30 बजे बाघिन को ट्रैंक्वलाइज किया।रेडियो कॉलर लगाने के साथ उसके स्वास्थ्य संबंधी सभी मानक दर्ज किए गए। इसके बाद उसे 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ दिया गया, जहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।</p>
<p><strong>अंतिम लक्ष्य: खुले जंगल में स्वतंत्र विचरण</strong></p>
<p>वन विभाग के अनुसार, भविष्य में बाघिन को खुले प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़े जाने का अंतिम निर्णय उसके व्यवहार, प्रदर्शन और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। यह पूरी कार्यवाही वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है और बाघ संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल मानी जा रही है।</p>
<p><strong> इसलिए खास है यह कदम </strong></p>
<p>अनाथ शावक को सफलतापूर्वक जंगल जीवन के लिए तैयार करना, चरणबद्ध री-वाइल्डिंग का वैज्ञानिक मॉडल,रेडियो-कॉलरिंग से सतत निगरानी और सुरक्षा,<br />मुकुन्दरा में बाघों की स्थायी उपस्थिति की दिशा में मजबूत प्रयास मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एमटी -7 की यह नई शुरूआत न सिर्फ वन विभाग की प्रतिबद्धता को दशार्ती है, बल्कि यह उम्मीद भी जगाती है कि आने वाले समय में वह स्वतंत्र रूप से खुले जंगल की रानी बनकर विचरण करेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति बनी आवाज तो आजादी की मंजिल हुई आसान</strong></p>
<p>बाघिन एमटी-7 को री- वाइल्डिंग के नाम पर 14 माह से 5 हेक्टेयर एनक्लोजर में रखा जा रहा था। यह क्षेत्र बाघिन के विचरण के लिहाज से छोटा था। जहां वह टेरिटरी बनाना, शिकार के लिए एक ही तरह के जानवरों की उपलब्धता होने से खुले जंगल में अलग अलग जानवरों का शिकार करने और वास्तविक चुनौतियों से निपटने के गुण विकसित होने के उद्देश्य पूरे नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान इस और आकर्षित किया। इसके बाद वन विभाग ने बाघिन को 5 से 21 हेक्टेयर के वन क्षेत्र में रिलीज करने का निर्णय लिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 14:47:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चलती सीएनजी कार में लगी आग, लोगों ने कूदकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[जगतपुरा के महल रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई। कार सवार तीन लोगों ने समय रहते बाहर कूदकर जान बचाई। दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/people-saved-their-lives-by-jumping-into-a-moving-cng/article-143226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रामनगरिया थाना इलाके में शनिवार देर शाम चलती कार में अचानक आग लग गई। कार में सवार तीन लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि जगतपुरा स्थित सात नंबर बस स्टैंड के पास महल रोड पर शाम करीब साढ़े 7 बजे एक कार के बोनट से अचानक धुआं उठने लगा। चालक महेन्द्र ने कार को सड़क किनारे रोका। जिसके बाद आग भड़क उठी। कार में सवार महेन्द्र और उसके दो साथी तुरंत नीचे कूद गए। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहन को हटवा कर यातायात सुचारु करवाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 14:00:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में भीषण हादसा: DMRC के स्टाफ क्वार्टर में लगी आग में पति-पत्नी समेत बच्ची की जलकर मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[आदर्श नगर स्थित DMRC स्टाफ क्वार्टर में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में पति, पत्नी और उनकी 10 वर्षीय बेटी की जलकर मौत हो गई। पुलिस जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-delhi-husband-wife-and-girl-burnt-to/article-138548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/delhi-dmrc-fire.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली से एक बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में डीएमआरसी के स्टाफ क्वार्टर में अचानक ही आग लग गई जिसके कारण यहां रहने वाले पति पत्नी और उनकी मासूम बच्ची की जलकर मौत हो गई। </p>
<p>आग की लपटों को देखकर स्थानिय लोगों ने दमकल विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें सोमवार की देर रात करीब 2:39 पर डीएमआरसी के क्वार्टर में आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद वहां पर करीब 6 गाड़ियां भेजी गई। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि आग पांचवे फ्लोर पर लगी थी और जब अंदर जाकर देखा तो पाया कि वहां पर 3 लोगों के शव जली हालत में पड़े थे। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने पुलिस को इसकी सूचना दी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय, 38 वर्षीय नीलम और 10 वर्षीय जान्ह वी के रूप में हुई है। फिलहाल आग लगने  के सटीक कारणों का पता नही चल पाया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:27:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया में स्कूल की इमारत ढहने से 91 लोग फंसे : 3 लोगों की मौत, सैकड़ों बचावकर्मी घटनास्थल पर तैनात </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी जावा प्रांत के सिदोअर्जो जिले में 29 सितंबर को एक स्कूल की इमारत ढहने के बाद कम से कम 91 लोग फंस गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/hundreds-of-rescuers-killed-on-the-spot/article-128440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>सिदोअर्जो। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि पूर्वी जावा प्रांत के सिदोअर्जो जिले में 29 सितंबर को एक स्कूल की इमारत ढहने के बाद कम से कम 91 लोग फंस गए हैं।</p>
<p>राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने बताया कि कल शाम तक, इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी थी और 90 से ज्यादा घायल हो गए थे, जबकि 26 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।</p>
<p>विभिन्न एजेंसियों के सैकड़ों बचावकर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है।  भारी मशीनरी के इस्तेमाल से इमारत के ढहने की आशंका की वजह से बचावकर्मियों ने हाथ से खुदाई पर ध्यान केंद्रित किया है। वे मलबे में फंसे लोगों तक खाना और पानी पहुँचा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद बचावकर्मियों ने कहा कि ढही हुई इमारत के कुछ हिस्सों में जीवन के संकेत मिले हैं और वहीं पर प्रयास केंद्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p>इस बीच, बीएनपीबी निर्माण विशेषज्ञों के साथ मिलकर सुरक्षित तरीके से मलबा हटाने की योजना तैयार कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाद के चरणों में भारी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सके।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 16:09:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चमोली में चमत्कार : 16 घंटे बाद मलबे से निकली जिंदगी, राहत कर्मियों ने दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही ने नंदानगर के कुन्तरी लगा फाली गांव के घरों को जमींदोज कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/miracle-in-chamoli-after-16-hours-life-relief-personnel-came/article-127389"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/images-(1).png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही ने नंदानगर के कुन्तरी लगा फाली गांव के घरों को जमींदोज कर दिया। करीब 40 घर मलबे की नीचे दब गए, कई लोगों ने अपनी जान गवां दी लेकिन साथ ही एक चमत्कार भी हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे दो लोगों को 16 घंटे बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया।</p>
<p>बचाए गए लोगों में एक महिला और एक पुरुष शामिल है। बाहर निकालने के बाद दोनों को श्रीनगर अस्पताल पहुंचाएगा गया जहां डॉक्टरों की टीम इनका इलाज कर रही हैं।</p>
<p><strong>पूरा गांव मलबे में दबा :</strong></p>
<p>एक रात पहले शांत दिखने वाला फाली गांव अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। गत 17-18 सितंबर की देर रात को बादल फटने से भारी मलबा और पानी बह कर आया। जिससे कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए।</p>
<p><strong>पांच शव बरामद, सात की तलाश जारी :</strong></p>
<p>इस बीच तीन क्षेत्रों से लापता कुल बारह लोगों में से पांच के शव खोज लिए गए। पिछले दो दिन से कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार अपराह्न राज्य की देवदूत कहे जाने वाले एसडीआरएफ के जवानों ने मलबे के बीच से इन्हें निकाल, नागरिक पुलिस के सुपुर्द कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/miracle-in-chamoli-after-16-hours-life-relief-personnel-came/article-127389</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 12:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीआरएफ का उल्लेखनीय रेस्क्यू ऑपरेशन : 340 ग्रामीण और 69 मवेशी सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[ भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sdrfs-remarkable-rescue-operation-340-rural-and-69-cattle-safe/article-124818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(4)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं। दिनांक 22 अगस्त से 24 अगस्त 2025 तक तीन दिनों के दौरान सवाईमाधोपुर, बून्दी, टोंक, कोटा, बारां और नागौर जिलों के बाढ़ग्रस्त इलाकों से कुल 340 ग्रामीणों और 69 मवेशियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।</p>
<p><strong>जिलावार रेस्क्यू विवरण</strong></p>
<p>सवाईमाधोपुर : सूरवाल व मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के गांवों से 47 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>बून्दी : रायथल, कापरेन, देईखेडा, गेण्डोली थाना क्षेत्रों से 190 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>टोंक : उनियारा, अलीगढ़, बनैठा थाना क्षेत्रों से 49 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>कोटा : उद्योग नगर व दिगोद थाना क्षेत्रों से 39 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>बारां : सदर थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव से 07 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>नागौर : पांचौडी और कोतवाली थाना क्षेत्रों से 08 ग्रामीण सुरक्षित।</p>
<p>एसडीआरएफ की त्वरित कार्यवाही से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों और मवेशियों को समय पर बचाया गया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 17:25:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोबरा के बाद अब शहर में अजगर भी मचा रहा दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के सीजन में हर दिन घरों से हो रहे रेस्क्यू ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-cobra--now-python-is-also-creating-panic-in-the-city/article-124703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(5)36.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बारिश के दिनों में सांपों का भूमिगत बिलों से बाहर निकल रिहायशी इलाकों में पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। शहर में कोबरा, वाइपर व करैत, गोयरा के बाद अब अजगर की भी दस्तक बढ़ गई है। शनिवार को चंबल गार्डन की नर्सरी में अजगर आने के बाद रविवार को फिर से गार्डन के टिकट विंडो पर 8 फीट लंबा अजगर आ धमका। जिसे देख पर्यटक व टिकट काट रहे कर्मचारियों में दहशत मच गई। वहीं, आए दिन विभिन्न प्रजातियों के सांप घरों की चौखट दस्तक दे रहे हैं।</p>
<p><strong>पर्यटक व राहगीरों में मचा हड़कम्प </strong><br />चंबल गार्डन के मुख्य द्वारा पर बनी टिकट विंडो के पास रविवार दोपहर 3 बजे 8 फीट अजगर निकल आया। वह पास की दीवार में हो रहे गड्ढ़े में छिप गया। सूचना पर स्नेक केचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू किया जा सका। बाद में उसे जंगल में सुरक्षित रिलीज कर दिया गया। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि इससे पहले अजगर को सड़क पर चलता देखा गया था, वह बाद में गार्डन में चला गया था, जो अब पकड़ में आया। </p>
<p><strong>प्रतिमाह 60 से ज्यादा सांप हो रहे रेस्क्यू </strong><br />स्नैक कैचर्स के मुताबिक, सांप के भूमिगत बिलों से बाहर निकल कर रिहायशी इलाकों में पहुंचने के मामले मानसून में अधिक होते हैं। बरसात से उनके बिलों में पानी भर जाने व जमीन में गर्मी का दबाव अधिक बढ़ने से सांप बाहर निकल आते हैं और भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।  शहर में प्रतिमाह 60 से ज्यादा सांप रेस्क्यू हो रहे हैं। वहीं, कई जगहों पर तो सांप आने और जाने का पता नहीं लग पाता। ऐसे में इनकी संख्या का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। </p>
<p><strong>नर्सरी में महिला श्रमिकों पर हमले की थी कोशिश</strong><br />रेस्क्यूअर शर्मा ने बताया कि शनिवार दोपहर को चंबल उद्यान में स्थित नर्सरी में महिलाएं काम कर रही थीं। इसी दौरान एकाएक अजगर आ गया। उसने महिलाओं पर हमला करने की कोशिश की। अजगर को देखकर महिलाएं घबरा गई। बाद में पत्थरों की दीवार में छिप गया। जिसे 20 मिनट की मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया जा सका।  </p>
<p><strong>गांधी उद्यान व टापरी में निकला कोबरा</strong><br />गत दो अगस्त को तालेड़ा कस्बे में एक किसान की टापरी में साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा सांप छिपा हुआ था। यहां रेस्क्यूअर रॉकी डेनियाल ने कमरे में रखी लकड़ियों के ढेर में छिपा कोबरा को रेस्क्यू किया। इसी तरह चंबल गार्डन के गांधी उद्यान में बने आॅफिस के पास ब्लैक कोबरा घात लगाए बैठा था। कर्मचारियों की नजर पड़ने पर हड़कम्प मच गया। सूचना पर पहुंचे रेस्क्यूअर गोविंद शर्मा ने उसे रेस्क्यू किया। </p>
<p><strong>बाल-बाल बची थी जान, बाटी के ओवर में कोबरा</strong><br />गोविंद ने बताया कि कुछ माह पहले रावतभाटा रोड स्थित नयागांव में देवनारायण मंदिर के पीछे बने मकान में करीब साढ़े 4 फीट लंबा कोबरा रसोई में घुस गया था। वह बाटी बनाने के ओवन में जाकर छिपा गया। तभी परिवार की महिला बाटी बनाने के लिए ओवन के ऊपर का ढक्कन हटाया तो कोबरा फन फैलाकर बैठा था। जिससे परिवार में हड़कम्प मच गया। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 16:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ से आ रहे श्रद्धालु सोनप्रयाग स्लाइड जोन में फंसे, एसडीआरएफ ने निकाला सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में केदारनाथ से आ रहे 40 श्रद्धालु सोनप्रयाग स्लाइड क्षेत्र में फंसे गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/devotees-coming-from-kedarnath-sdrf-trapped-in-sonprayag-slide-zone/article-119312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में केदारनाथ से आ रहे 40 श्रद्धालु सोनप्रयाग स्लाइड क्षेत्र में फंसे गए, जिन्हें राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने रास्ता बनाकर सुरक्षित निकाल लिया है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की तरफ जाने वाले सोनप्रयाग के पास देर रात अचानक मलबा आने की वजह से केदारनाथ धाम से दर्शन कर आ रहे 40 से श्रद्धालु फंस गए थे।</p>
<p>सेनानायक, एसडीआरएफ, अर्पण यदुवंशी ने बताया कि केदारनाथ से दर्शन कर वापस आ रहे चालीस श्रद्वालु लैंड स्लाइड जोन में फंस गए. जिन्हें मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने रास्ता बनाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि रास्ता पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है, जिसकी वजह से एसडीआरएफ लगातार धाम से आ रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 14:15:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीआरएफ ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर में फंसे घायल चालक की बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एसडीआरएफ ने दूदू तहसील के पास एक भीषण ट्रेलर दुर्घटना में फंसे एक घायल चालक की जान बचाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sdrf-saved-the-injured-driver-trapped-in-a-crashed-trailer/article-115722"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एसडीआरएफ ने दूदू तहसील के पास एक भीषण ट्रेलर दुर्घटना में फंसे एक घायल चालक की जान बचाई। एसडीआरएफ कमाण्डेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि बटालियन मुख्यालय की रेस्क्यू टीम आगामी मॉनसून को देखते हुए तैराकी अभ्यास के लिए खुड़ियाला गांव के तालाब की ओर जा रही थी। टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 08 पर सांवरदा पुलिया के पास दो दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर देखे। </p>
<p>इस पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्लाटून कमांडर बलदेव सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने पाया कि पीछे के ट्रेलर में चालक रफीक खान (40) निवासी जिलावड़ा नसीराबाद अजमेर गंभीर रूप से घायल अवस्था में फंसा हुआ था। टीम ने तुंरत प्रयास कर ट्रेलर के क्षतिग्रस्त केबिन से चालक को बाहर निकाल तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और उसे अस्पताल भिजवाया गया। इसे उसकी जान बच गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 13:02:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आत्महत्या के लिए रेलवे ट्रेक पर पहुंची महिला, कालिका टीम ने बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष रूप से काम कर रही कमिश्ररेट की कालिका टीम ने एक महिला को जान देने से बचा लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/women-kalika-team-rescued-on-railway-track-for-suicide/article-112553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer62.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष रूप से काम कर रही कमिश्ररेट की कालिका टीम ने एक महिला को जान देने से बचा लिया। महिला रेलवे ट्रेक पर अपनी जान देने आई थी, जब कालिका टीम को इसका आभास हुआ, तो वह तत्काल जीवनदायिनी बन कर पहुंच गई। महिला को ना सिर्फ बचाया, बल्कि उसे समझाइश कर शांत भी करवाया।</p>
<p>कालिका टीम के प्रभारी एडीसीपी सुनील कुमार पंवार ने बताया कि बुधवार की सुबह पुलिस मित्र ढोला सुमेर निवासी प्रेमसिंह, मालम सिंह जोकि बासनी औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में रेलवे ट्रेक के सामने लोटस गम इंड्रस्ट्रीज में काम करते है। उन्होंने सूचना दी कि एक महिला ट्रेन की पटरियों के आसपास घूम रही है और संभवत: वो आत्महत्या की नीयत से यहां घूम रही है।</p>
<p>इस सूचना के साथ ही एडीसीपी सिकाउ सुनील के. पंवार ने यह जानकारी कालिका टीम की सदस्य अनुपम को फोन पर दी। अनुपम ने कालिका टीम की सदस्य माया और ज्योति को मौके पर भेजा। दोनों महिला कांस्टेबलों ने इस महिला को मौके पर जाकर दस्तयाब किया और समझाइश कर अग्रिम कार्रवाई के लिये बासनी थाने लेकर पहुंचे। प्रारंभिक तौर पर पता लगा कि रिश्तों में अनबन के चलते महिला आत्महत्या करने की नीयत से आई थी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 15:45:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिकारियों के फंदे में फंसा जरख, सीने पर हुए घाव</title>
                                    <description><![CDATA[वन्यजीव विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू, चिड़ियाघर लाकर किया इलाज। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-jackal-got-trapped-in-the-trap-of-hunters--there-were-wounds-on-the-chest/article-97511"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रानपुर स्थित जंगल में  शिकारियों के फंदे में नर जरख फंस गया।  क्षेत्रवासियों की सूचना पर वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर चिड़ियाघर लेकर आए। जहां वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. विलास राव गुल्हाने ने उपचार कर पिंजरे में शिफ्ट किया। जानकारी के अनुसार, रानपुर क्षेत्र में स्थित जंगल में अज्ञात शिकारियों ने फंदा लगा रखा था। जिसमें 4 वर्षीय नर जरख फंस गया। इससे पैरों में खरोच आई और सीने पर घाव हो गया। संभवत: दो दिन से पिंजरे में फंसा हुआ था। क्षेत्रवासियों के वहां से गुजरने पर घटना का पता लगा। इस पर लोगों ने वन्यजीव कार्यालय में फोन कर मामले की जानकारी दी। इस पर अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से रेस्क्यू टीम पिंजरे के साथ चिड़ियाघर पहुंची। जहां से वन्यजीव चिकित्सक डॉ. विलास राव गुल्हाने के नेतृत्व में वनकर्मी रानपुर पहुंचे। </p>
<p><strong>दर्द से तड़प रहा था जरख</strong><br />वनकर्मियों ने बताया कि जरख फंदे में फंसा हुआ था और उसके सीने पर जख्म हो रहे थे। पैरों पर भी खरोंच के निशान थे। संभवत: वह दो-तीन दिनों से फंदे में फंसा हुआ था।  ऐसे में रेस्क्यू कर नयापुरा स्थित चिड़ियाघर लाए। जहां उसका इलाज किया गया। दर्द निवारक इंजेक्शन दिए गए और घाव पर स्प्रे किया। वह प्यासा था, यहां आते ही उसने पानी पिया। बाद में उसे चिड़ियाघर के पिंजरे में शिफ्ट किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 15:14:15 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तराखंड में फंसे लोगों को निकलने का काम जारी, अब तक 7234 तीर्थयात्रियों को किया रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[बचाव कार्यों में तेजी लाने हेतु वायु सेना का चिनूक एवं एमआई 17 विमान से भी यात्रियों को एयर लिफ्ट किया गया। वहीं मैनुअल रेस्क्यू भी लगातार जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/work-continues-of-the-rescue-stranded-peoples-in-uttarakhand-till-now-to-manual/article-86703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(15).png" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के केदारनाथ में रात्रि को हुई अत्यधिक बारिश के कारण केदारनाथ में कई जगह रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभिन्न पड़ावों पर फंसे तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बल लगातार कार्य कर रहे हैं। अब तक कुल 7234 यात्रियों को हेलीकॉप्टर एवं मैनुअल तरीके से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया है। हर स्तर पर सभी लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए वायु सेना का चिनूक एवं एमआई 17 विमान से भी यात्रियों को एयर लिफ्ट किया गया। वहीं मैनुअल रेस्क्यू भी लगातार जारी है।</p>
<p>आपदा में मृतकों एवं गुमशुदा यात्रियों के संबंध में रुद्रप्रयाग प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि अभी तक दो मृतकों के शव बरामद हुए हैं। दोनों ही शव ङ्क्षलचोली क्षेत्र से बरामद हुए हैं। किसी के गुमशुदा होने की कोई सूचना नहीं है। नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण यात्रियों को परिजनों से संपर्क करने में समस्या हो रही है। विभिन्न यात्रा पड़ावों पर ठहरे यात्रियों हेतु प्रशासन के स्तर से पर्याप्त भोजन, पानी व आवासीय व्यवस्था भी की गई हैं।</p>
<p>जनपद पुलिस के स्तर से हेल्पलाइन नम्बर व आपातकालीन नम्बर जारी कर यात्रियों के परिजनों की कॉल्स पर आवश्यक जानकारी दी जा रही है। भीमबली में रुके यात्रियों को प्रीपेड काउंटर पर लगे वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से 150 यात्रियों ने अपने परिजनो से (एजेंसी) कर अपनी-अपनी कुशलता दी गई है। 599 लोगों को हेली सेवाओं से एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किया गया, जबकि सोनप्रयाग से जंगलचट्टी के बीच फंसे 2024 तथा चौमासी से 161 तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू किया गया। अभी रेस्क्यू का अभियान बारिश के कारण बंद कर दिया गया है तथा सभी यात्री गण सुरक्षित स्थानों पर रखे गये हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वन विभाग, संबंधित जिला पुलिस और फायर एवं इमरजेंसी सेवाएं की टीमें बचाव कार्य में जुटीं हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 14:29:25 +0530</pubDate>
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