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                <title>roadside - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दो पल के सुकून का मिटा दिया नामो-निशां, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[यह कैसा सिविक सैंस: सड़क किनारे फुटपाथ पर लगाई अधिकतर बैंचे हुई गायब।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/all-traces-of-a-peaceful-respite-have-been-wiped-out/article-156884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से राहगीरों की सुविधा के लिए सड़क किनारे फïुटपाथ पर लगाई गई लकड़ी की अधिकतर बैंचे गायब हो गई है। हालत यह है कि बैंचों को चोरी करने वालों ने उनके नामो निशां तक मिटा दिए हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। जिसके तहत चौराहों व मुख्य मार्गों पर भी आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जहां रोशनी के लिए डेकोरेटिव लाइटें लगाई थी। वहीं राहगीरों को कुछ समय आराम से बैठने के लिए फुटपाथ पर लकड़ी की बैंचे भी लगाई थी। जिनका फ्रेम लोहे का था। स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से सूचना केन्द्र व राजकीय महाविद्यालय के सामने से होते हुए आकाशवाणी कॉलोनी मुख्य मार्ग से बड़ तिराहे तक और किशोर सागर तालाब के किनारे समेत कई जगह पर ऐसी दर्जनों बैंच लगाई गई थी। जिन पर उस समय लाखों रुपए खर्च किए गए थे।</p>
<p><strong>धीरे-धीरे हुई दुर्दशा</strong><br />इन बैंचों को लोहे की एंगल से जमीन में गाड़कर फिïक्स किया गया था। जिससे कोई इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सके। लेकिन इनके लगने के कुछ समय तक तो ये सभी रही। लोगों ने इन बैंचों पर दोनों तरफ बैठने का आनंद भी लिया। तालाब किनारे तो लोग इन बैंच पर बैठकर पानी की लहरों, फव्वारों व तालाब में तैरे घोड़ों तक का आनंद लेते रहे हैं। कुछ समय तक तो ये बैंचे सही रही। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे इनकी दुर्दशा होने लगी। सबसे पहले तालाब किनारे लगी बैंचों के पहले एक दो लकड़ी के पाटे गायब हुए। फिर उनकी एंगल गायब हुई। कई जगह से तो आधी बैंच गायब हुई। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा रह रहा है कि शहर का मुख्य व व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से बड़ तिराहे तक और केएसटी के फुटपाथ पर लगी सभी बैंचें फ्रेम समेत जड़ से ही गायब हो गई हैं। इन्हें चोरी करने वालों ने इनके नामों निशां तक मिटा दिए हैं। जिससे पहले इन बैंचों पर बैठने का आनंद ले चुके लोग तक हैरान हैं।</p>
<p><strong>अनदेखी के चलते हुए जनता के धन की हुई बर्बादी</strong><br />लोगों का कहना है कि कोटा विकास प्राधिकरण ने तो शहर वासियों को बैठने व कुछ देर आराम करने की सुविधा दी थी। जिससे सुबह के समय गार्डन में सैर करने आने वाले लोग तक इन बैंचों पर बैठने का आनंद लेते थे। लेकिन शुरुआत में इनकी दुर्दशा होने पर ही ध्यान नहीं दिया गया। जिससे अनदेखी के चलते जनता की कमाई से खर्च किए गए लाखों रुपए बर्बाद हो गए।</p>
<p>आकाशवाणी कॉलोनी निवासी महेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण लोगों की सुविधा पर व शहर को सुनदर बनाने पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। लेकिन लोग विशेष रूप से असामाजिक तत्व व स्मैकची इन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>नयापुरा निवासी लालचंद नागर ने बताया कि उन्होंने इन बैंचों पर कई बार बैठकर आराम किया है। लेकिन अब वे नजर ही नहीं आ रही है। पुलिस व प्रशासन को चाहिए कि सीसीटीवी कैमरों के आधार पर सरकारी सप्ति को नुकसान पहुंचाने वालों का पता लगाकर उन्हें दंडित किया जाए। साथ ही उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। जिससे लोगों को पता चले कि आखिर ऐसा कौन कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कई बार पुलिस को दी शिकायत</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सम्पति को विशेष रूप से लोहे की रैलिंग,डेकोरेटिव लाइटें व बिजली की केबल समेत अन्य को चोरी व नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे ऐसा करने वालों को हौंसले बुलंद हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अधिकारियों ने साधी चुप्पी</strong><br />शहर के मुख्य मार्गों व फुटपाथ पर लगाई गई बैंचों के गायब होने के बारे में जब केडीए अधिकारियों से बात करनी चाहिए तो किसी ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सभी ने इस संबंध में चुप्पी साध ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:29:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई से घटी हादसों की आशंका </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cutting-of-prosopis-juliflora-trees-along-the-roadside-reduces-the-risk-of-accidents/article-138713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखे़डा । दैनिक नवज्योति में 2 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आते हुए प्रशासन ने मंगलवार को कोटा-कनवास मुख्य सड़क मार्ग पर अरण्डखेड़ा के समीप घुमावदार स्थान पर  सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई का काम शुरू कर दिया। गौरतलब है कि इन बबूलों के कारण सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आ रहे है। जिससे कई वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया। </p>
<p>ग्राम पंचायत अरण्डखेडा़ के ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु सिंह ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा के तहत मस्टररोल जारी करवाया। इसके बाद सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूल व अन्य पेड़ों की कटाई करवाई गई। कटाई कार्य के बाद अब घुमावदार स्थान पर दूर से ही सामने से आने वाले वाहन दिखाई देने लगे है।  जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे दुर्घनाओं की आशंका कम होगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:34:36 +0530</pubDate>
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                <title>डेकोरेटिव लाइटें हुई चोरी, खम्भे बने ठूंठ</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-decorative-lights-were-stolen--pillars-became-stumps/article-114041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शिक्षा नगरी से स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर  में जहां विकास व सौन्दर्यीकरण के माध्यम से चमकाने का प्रयास किया गया। वहीं उस विकास व सौन्दर्य को चोर व नशेड़ी ग्रहण लगा रहे हैं। लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में रोशनी के लिए लगाई गई डेकोरेटिव लाइटें चोरी होने से खम्भे ठूंठ बनकर रह गए हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय में स्मार्ट  सिटी प्रोजेक्ट व  तत्कालीन नगर विकास न्यास के माध्यम से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। करीब 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों के तहत शहर को रोशन करने के  लिए चौराहों व मुख्य मार्गों पर आकर्षक डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी।  शहर के अधिकतर क्षेत्रों में डिवाइडरों के बीच हो या सड़क किनारे पर सभी जगह लगी ये लाइटें रात के समय रोशनी देने के साथ ही अपनी अलग ही आभा भी बिखेरती है। फिर चाहे वह नयापुरा स्थित विवकानंद सर्किल हो या जेडीबी कॉलेज से अंटाघर होते हुए स्टेशन रोड। छावनी व कोटड़ी चौराहा हो या नए कोटा शहर के मुख्य मार्ग। सभी जगह पर आकर्षक के साथ ही महंगी डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी। </p>
<p><strong>धीरे-धीरे गायब होने लगी लाइटें</strong><br />शहर में मेन रोड व चौराहों पर लगी ये लाइटें कुछ समय तक तो सही रही। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे ये गायब होने लगी।  शुरुआत में इनके गायब होने की संख्या कम थी। लेकिन बाद में ये बढ़ती गई। हालत यह है कि अधिकतर लाइटें  चोरी हो चुकी है।  कई जगह पर तो चोरी हुई लाइटों की जगह पर नई लगा दी गई है। जबकि अभी भी आकाशवाणी से लेकर बड़ तिराहे तक और कई अन्य जगहों पर इन लाइटों की जगह पर सिर्फ खम्भे ही रह गए हैं। जबकि लाइटें नजर ही नहीं आ रही है।  जिस तरह से पेड़ के पत्ते व तने कटने पर वहां ठूंठ रह जाता है उसी तरह की हालत इन लाइटों की हो रही है। </p>
<p><strong>नीचे होने से चोरी करना आसान</strong><br />शहर में वैसे तो कई जगह पर इन लाइटों को काफी ऊंचाई  पर लगाया हुआ है। जिससे आसानी से उन्हें चोरी करना मुश्किल है। ऐसी जगह पर ही ये लाइटें सुरक्षित हैं। जबकि कई जगह ऐसी हैं जहां सड़क किनारे इन लाइटों को बहुत कम ऊंचाई पर लगाया गया है। नयापुरा क्षेत्र हो या चम्बल रिवर फ्रंट का क्षेत्र। यहां लाइटें काफी नीची रखी गई है। इसका कारण रोशनी के साथ ही इनकी सुंदरता को भी बताना था। लेकिन उसका फायदा लोगों को तो कम मिला। चोरों व नशेड़ियों को उसका अधिक लाभ हुआ।  जनता के धन की बर्बादी और चोरों की पौबारह हो रही है। नशेड़ी व चोर जरा से लालच के लिए इन महंगी लाइटों को चोरी कर कबाडी को या अन्य स्थानों पर बेचकर शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरों में कैद चोरी की घटनाएं</strong><br />शहर में आए दिन हो रही चोरी की घटनाएं आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो रही है। डेकोरेटिव लाइटों को दिन दहाड़े व शाम के समय किस तरह सफाई से चोरी किया जा रहा है। वह भी सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। चम्बल रिवर फ्रंट के पास लाइटों के साथ ही बिजली की केबल चोरी तक की घटनाओं को अंजाम देते हुए कई बार लोगों को पकड़ा भी गया है। लेकिन चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी। हालांकि कई घटनाओं को तो नाबालिगों के माध्यम से अंजाम दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>चोरों का कोई इलाज नहीं, सही करवा रहे</strong><br />शहर को सुंदर बनाने के साथ ही रोशन करने के लिए केडीए की ओर से मेन रोड व चौराहों पर डेकोरेटिव लाइटें लगवाई गई हैं। लेकिन कई जगह पर लाइटों के चोरी होने की शिकायतें मिली थी। उन जगहों पर संवेदक के माध्यम से नई लाइटें लगवा दी है। चोरों का कोई इलाज भी नहीं है।  कई बार लाइटों व अन्य सामान चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है लेकिन कुछ नहीं हुआ। सभी जगह पर सुरक्षा कर पाना भी मुश्किल है। फिर भी यदि कहीं और ऐसी जगह हैं जहां लाइटें नहीं है। वहां संवेदक से कहकर नई लाइटें लगवा दी जाएंगी। <br /><strong>- पवन शर्मा, एक्सईएन(विद्युत) कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 17:52:32 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क किनारे उगी झाड़ियां बनीं मौत का कारण, 2 दिन पहले भी दो मोटरसाइकिल सवार गिरकर हो गए थे घायल</title>
                                    <description><![CDATA[झाड़ियां सड़क तक फैल गई हैं, जिससे वाहन चालकों की दृश्यता बाधित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/bushes-grown-on-the-roadside-become-the-cause-of-death/article-109779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र के खजूरिया से सेवनिया मार्ग पर सड़क के दोनों किनारों पर उगी झाड़ियां दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही हैं। आए दिन इस मार्ग पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार देर शाम को इस मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। जिसमें एक बाइक सवार युवक ट्रैक्टर को ओवरटेक करने के दौरान झाड़ियों के कारण संतुलन खो बैठा और गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। दो दिन पहले भी दो मोटरसाइकिल सवार गिरकर घायल हो गए थे। खजूरिया-सेवनिया मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की झाड़ियां सड़क तक फैल गई हैं, जिससे वाहन चालकों की दृश्यता बाधित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों में दहशत...</strong> डर के साए में गुजर रहे वाहन चालक: खजूरिया-सेवनिया मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों में डर बना हुआ है। दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा है। </p>
<p>इस सड़क पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। झाड़ियों के कारण वाहन चालकों को सड़क दिखना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत झाड़ियों को कटवाए, ताकि लोगों की जान बच सके। <br /><strong>- बनवारीलाल मीणा, पंचायत समिति सदस्य, छीपाबड़ौद।</strong></p>
<p>इस ओर जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए ताकि अन्य दुर्घटनाएं न हो सके।<br /><strong>- बृजराज मीणा, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष। </strong><br /> <br />आम जनता के जीवन की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है। हम मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।<br /><strong>- प्रेमसिंह मीणा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता।</strong> </p>
<p>हर दिन इस सड़क से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। सड़क के दोनों ओर झाड़ियां इस कदर फैल गई हैं कि सामने से आने वाले वाहन दिखाई ही नहीं देते। हादसों का कारण यही झाड़ियां हैं।<br /><strong>- ज्ञानप्रकाश मालव, ग्रामीण।</strong></p>
<p>इस सड़क की झाड़ियां सिर्फ वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा बन गई हैं। कई बार लोग अचानक झाड़ियों से निकलते हैं और हादसे हो जाते हैं। प्रशासन को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए। <br /><strong>- रामकरण, ग्रामीण। </strong></p>
<p> खजूरिया-सेवनिया मार्ग पर झाड़ियों की समस्या की जानकारी मिली है। जल्द ही संबंधित टीम को मौके पर भेजकर झाड़ियों की कटाई करवाई जाएगी ताकि सड़क पर आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके। हमारी प्राथमिकता है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जाए और जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो। अगर कहीं और भी ऐसी समस्या है तो लोग हमें तुरंत सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। <br /><strong>- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता। </strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:39:55 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का -भीषण गर्मी में छाया- पानी के किए इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर की इस अपील पर विभिन्न संगठनो व औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस कार्य के लिए सहर्ष आगे आने पर सहमति व्यक्त की।  बैठक के कुछ देर बाद ही शीतल पेय वितरण व छाया के इंतजाम शुरू भी कर दिए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---arrangements-made-for-shade-and-water-in-the-scorching-heat/article-79597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/asar-khabar-ka-bhishan-garmi-mein-chaya-pani-k-kiye-intezam...kota-news-28.05.2024.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  कोटा में भीषण गर्मी पड़ी और तापमान 48 डिग्री पर पहुचा तो जिला प्रशासन ने आमजन को गर्मी से राहत के लिए छाया और पानी के इंतजाम कर दिए हैं।  बस स्टैंड व अस्पताल परिसर समेत कई जगह पर पानी के कैम्पर रखवाएं और छाया के लिए टेंट लगाए गए हैं। जिला कलक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में सोमवार को कॉर्पाेरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत विभिन्न गैर सरकारी व निजी क्षेत्र के संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में जिला कलक्टर ने अपील की कि संगठन व संस्थान भीषण गर्मी में आमजन, मजदूर ,राहगीरों और जीव जंतुओं को राहत देने के लिए उपाय कर जिला प्रशासन का सहयोग करें।  साथ ही यह भी अपील की कि विभिन्न संगठन मजदूरों के इकट्ठे होने के स्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पैट्रोल पंप, अस्पताल और अधिक आवागमन वाले स्थानों पर छाया, पानी, छाछ व लस्सी वितरण के लिए भी आगे आएं। बस स्टैंड, अस्पताल, राह चलते, सड़क किनारे बैठे लोगों को भी ठंडा पानी और छाछ लस्सी वितरित किए जाएं। जिला कलक्टर की इस अपील पर विभिन्न संगठनो व औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस कार्य के लिए सहर्ष आगे आने पर सहमति व्यक्त की।  बैठक के कुछ देर बाद ही शीतल पेय वितरण व छाया के इंतजाम शुरू भी कर दिए गए। </p>
<p><strong>दोपहर 12 से 3 खुलें में नहीं करें कार्य</strong><br />जिला कलक्टर ने अपील की कि विभिन्न औद्योगिक इकाईयों, परियोजनाओं व कार्य स्थलों पर ऐसी व्यवस्था की जाए कि भीषण गर्मी के चरम समय  दोपहर 12 से 3 बजे के बीच कोई भी व्यक्ति खुले में कार्य नहीं करें। यदि कार्य अति आवश्यक हो तो छाया पानी के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।</p>
<p><strong>पशु-पक्षियों का रखें ख्याल</strong><br />कलक्टर ने विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों व आमजन से अपील की कि घरों में व कार्य स्थलों पर पशु पक्षियों के लिए भी दाने पानी के इंतजाम किए जाएं। पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था की जाए।</p>
<p><strong>भाजपा ने की शहर में प्याऊ संचालन की शुरूआत</strong><br />भीषण गर्मी में आमजन व राहगीरों को शीतल जल से राहत मिले, इसके लिए शहर भाजपा ने सोमवार को प्याऊ  लगाने के अभियान की शुरूआत की। शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने पार्टी कार्यकर्तार्ओं के साथ उद्योग नगर क्षेत्र में प्याऊ का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि बीते दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्तार्ओं से भीषण गर्मी से आमजन को राहत दिलाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का आह्वान किया था। इसी क्रम में भाजपा की ओर से शहर के  विभिन्न स्थानों पर प्याऊ संचालन प्रारंभ किया जाएगा। जैन ने कहा कि भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ की ओर से व्यापारियों को शहर के सभी प्रमुख बाजारों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर अपने प्रतिष्ठानों के बाहर मटके रखने और  नियमित रूप से शीतल जल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।</p>
<p><strong>भीषण गर्मी से आमजन को राहत की कायद प्रारम्भ</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल ने बताया कि भीषण गर्मी से आमजन को आ रही समस्याओं को राहत प्रदान करने के लिए वार्डो में छाया पानी की व्यवस्था की जा रही है।  विभिन्न स्थानों पर पानी की टंकियो के माध्यम से पशुओं को पीने के पानी की व्यवस्था, पक्षियों के लिए परिण्डों की व्वयस्था के साथ-साथ नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में स्मॉग गन मशीनों द्वारा सम्पूर्ण दक्षिण क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया जा रहा है।  महापौर ने बताया कि तेज धूप की तपन से पक्षियों को बचाने के लिए भी पक्षी घरों का निर्माण कर विभिन्न स्थानों पर पेड़ पर इनको लगाया जा रहा है। महापौर राजी अग्राल ने सभी स्यं सेी संस्थाओं और जन प्रतिनिधियों से आव्हान किया है कि इस भीषण गर्मी में आमजन के साथ पशु-पक्षियों के लिये शिेष अभियान चलाकर सो कार्य में जुट जाये।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि शहर में भीषण गर्मी पड़ने के बावजूद भी जिला प्रशासन की ओर से आमजन को राहत के लिए कोई इंतजाम नहीं करने का मामला सबसे पहले नवज्योति  ने उठाया था। समाचार पत्र में 26 मई के अंक में पेज दो  पर‘बिना इंतजाम यह कैसा रेड अलर्ट,’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इससे पहले भी 9 मई को पेज 7 पर ‘राहगीरों को मटकों के शीतल जल का ंितजाम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें गर्मी में छाया-पानी के इंतजाम नहीं होने से लोगों की परेशानी को बताया था।  समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर व प्रशासन और सामाजिक व व्यापारिक संगठन हरकत में आए और छाया पानी के इंतजाम करने में जुट गए। सोमवार से लोगों के लिए प्याऊ, पानी के कैम्पर व छाया और छाछ व लस्सी के इंतजाम  किए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 May 2024 11:34:53 +0530</pubDate>
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                <title>जनता की सुविधाओं पर चोरों का प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास की ओर से शहर में  सड़क किनारे व फुटपाथ पर लोगों के बैठने के लिए लकड़ी की बैंचें लगाई गई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thieves-attack-public-facilities/article-69327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम व नगर विकास न्यास शहर में जनता  के लिए सुविधाएं दे रहा है। वहीं चोर और नशा करने वालों के अलावा कुछ असामाजिक तत्व उन सुविधाओं पर प्रहार कर उन्हें नष्ट करने में लगे हैं। नगर विकास न्यास की ओर से शहर में  सड़क किनारे व फुटपाथ पर लोगों के बैठने के लिए लकड़ी की बैंचें लगाई गई थी। जिनमें सहारे का आधा हिस्सा खुला रखा गया था। ऐसे में लोग बैंच पर दोनों तरफ से बैठक सकते हैं। लोहे की एंगल से गाढ़कर मजबूत लकड़ी की बैंचे लगाई गई थी। जिससे वे सुंदर भी लग रही थी। नगर विकास न्यास ने शहर में जगह-जगह पर करीब 100 से अधिक ऐसी बैंचें लगाई थी। जिन पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। लेकिन हालत यह है कि कुछ ही दिन में लोगों ने इनकी दुर्दशा करना शुरू कर दिया है। </p>
<p>सर्किल हाउस रोड पेट्रोल पम्प के पास से होते हुए कृषि विभाग के ऑडिटोरियम के सामने से छात्रावास और राजकीय महाविद्यालय के सामने से अंटाघर चौराहे तक थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ये बैंचे लगाई गई थी। जिससे राहत चलते लोगों को जरूरत पड़ने पर वे बैठक सके। अंखाघर के बाद आकाशवाणी कॉलोनी के कोने से लेकर किशोर सागर तालाब के किनारे समेत शहर  में अन्य स्थानों पर इस तरह की बैंचे लगाई गई थी। जिससे सुबह के समय सैर के दौरान भी लोग थक हार कर कुछ समय इन बैंचों पर बैठ सके। इनसे पहले यहां बैठने की कोई सुविधा नहीं थी। लेकिन हालत यह है कि सर्किट हाउस रोड से अंटाघर के बीच करीब आधा दर्जन से अधिक बैंचों को तोड़ं दिया गया। कुछ के पीछे का हिस्सा गायब है तो किसी का बैठने का हिस्सा तोड़ दिया। किसी के लोहे की एंगल गायब कर दी तो किसी का आधा हिस्सा तोड़ दिया। इसी तरह की हालत किशोर सागर तालाब के किनारे लगी बैंचों की हो रही है। जिससे लोग अब इन टूटी बैंचों पर सही ढंग से बैठ तक नहीं पा रहे हैं। </p>
<p><strong>नशेड़ियों का काम</strong><br />जानकारों का कहना है कि यह काम चोरों से ज्यादा नशा करने वालों का है। वे अपनी एक पुडिया के लिए शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं। लेकिन ये रात के समय इतनी सावधानी से इस काम को कर रहे हैं जिससे ये पकड़ में भी नहीं आते।</p>
<p><strong>लोहे का डस्टबीन तक आधा गायब</strong><br />किशोर सागर तालाब के किनारे मेन रोड की तरफ न्यास ने आकर्षक दिखने वाले लोहे के मजबूत डस्टबीन लगाए थे। ऐसे डस्टबीन शहर में करीब 40 से अधिक लगाए गए थे। लेकिन हालत यह है कि चोर व नशा करने वाले उस डस्टबीन तक के आधे हिस्से को काटकर ले गए। जिससे यह किसी का का नहीं रहा। इसमें कचरा डालने पर वह नीचे गिर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 19:05:53 +0530</pubDate>
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                <title>भिक्षावृत्ति करने वालों के लिए व्यवस्था करेगा निगम</title>
                                    <description><![CDATA[ भिखारी मुक्त राजस्थान अभियान के तहत कोटा को भी भिखारी मुक्त किया जाएगा। इस अभियान में भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाए जाने वाले लोगों को  रहने की जगह व उनके खाने की व्यवस्था नगर निगम के माध्यम से की जाएग़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-will-make-arrangements-for-the-beggars/article-28608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/bhikshavritti-karne-walo-ke-liye-vyavastha-karega-nigam...kota-news-4.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । पेट भरने के लिए सड़क किनारे बैठकर भीख मांगने और फुटपाथ पर सोकर रात गुजारने वाले  भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था अब नगर निगम करेगा। इसके लिए अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाएंगे और इंदिरा रसोई संचालित की जाएंगी। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में की गई बजट घोषणा के तहत राजस्थान को भिखारी मुक्त बनाना है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले बजट में इसकी घोषणा की थी। भिखारी मुक्त राजस्थान अभियान की शुरुआत जयपुर से होगी। जिसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार के इस अभियान के तहत कोटा को भी भिखारी मुक्त किया जाएगा। इस अभियान में भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाए जाने वाले लोगों को  रहने की जगह व उनके खाने की व्यवस्था नगर निगम के माध्यम से की जाएग़ी। इसके लिए नगर निगम द्वारा अलग से अस्थायी रैन बसेरे शुरू किए जाएंगे। साथ ही खाने के लिए इंदिरा रसोई से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। </p>
<p><strong>बच्चों के लिए मानव तस्करी विरोधी यूनिट</strong><br />शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को इससे मुक्त करवाने के लिए भी तक कोई सक्षम एजेंसी नहीं है। जबकि छोटे बच्चों द्वारा भीख मांगने पर उन्हें पकड़कर मुक्त करवाने के लिए मानव तस्करी विरोधी यूनिट काफी समय से काम कर रही है। सैकड़ों बच्चों को इससे मुक्त करवाकर शेल्टर होम में भेजा जा चुका है।</p>
<p><strong>चौराहों पर कम हुए तो सड़क किनारे व धाुर्मिक स्थलों पर बढ़ी संख्या</strong><br />शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों की संख्या कम होने की जगह लगातार बढ़ती ही जा रही है।  पुरुषों के साथ ही महिलाओं व बच्चों की संख्या भी काफी अधिक है। शहर में पहले जहां हर चौराहे पर भिखारी नजर आते थे। लेकिन अब चौराहों का विकास होने से वहां नजर नहीं आते हैं। लेकिन अब इनका ठिकानाा बदल गया है। अब ये सड़क किनारे, बड़ तिराहे पर, किशोर सागर तालाब की पाल पर, लक्खी बुर्ज के पास, फुटपाथ और मंदिरों पर बैठे नजर आ जाएंगे। हर दिन व वार के हिसाब से मंदिरों में भिखारियों की भरमार देखी जा सकती है। मंगलवार को रंगबाड़ी बालाजी व गोदावरी धाम में, बुधवार को खड़े गणेशजी मंदिर पर, सोमवार को शिव मंदिर पर और गुरुवार को साई मंदिर में भिखारी देखे जा सकते हैं। </p>
<p><strong>निगम अधिकारियों ने बैठक कर जारी किया आदेश</strong><br />अभियान को सफल बनाने के लिए गत दिनों नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। जिसके बाद आयुक्त ने  1 नवम्बर को ही आदेश जारी किया है। इसके अनुसार सर्दी में हर साल शुरु किए जाने वाले अस्थायी रैन बसेरों के साथ ही भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्ति के रहने के लिए अनुमानित 10 अस्थायी रैन बसेरे शुरू करने को कहा है। इसके लिए नए चादर, रजाई,तकिया, गद्दे, पानी, चिकित्सा व बिजली की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही निविदा भी जारी की जाएग़ी। आदेश के अनुसार रैस बसेरों के संचालन के लिए राजस्व अधिकारी नरेश राठौर को प्रभारी  नियुक्त किया गया है। साथ ही अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार त्यागी को रैन बसेरों के संचालन के लिए ओवर आॅल इंचार्ज नियुक्त किया गया है। </p>
<p><strong>महिला-पुरुषों को पुलिस करवाएगी मुक्त</strong><br />राज्य सरकार के इस अभियान के तहत अब शहर में भीख मांगने वाले महिला-पुरुषों को इससे मुक्त करवाने का काम पुलिस करेगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस कर्मी सादा वस्त्रों में ऐसे स्थान पर तैनात रहेंगे जहां अधिक संख्या में भीख मांगने वाले लोग रहते हैं। उन्हें वहां से पकड़ा जाएगा। जिन्हें लाकर नगर निगम के रैन बसेरों में रखा जाएगा। </p>
<p><strong>रहने-खाने की समस्या, उसका होगा समाधान</strong><br />भीख मांगने वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या रहने और खाने की है। जिसके लिए कई लोगों को परिवार समेत भीख मांगने को मजबृर होना पड़ रहा है। उनके रहने की भी जगह नहींÞ है। इसे देखते हुए अब सरकार के निर्देश पर नगर निगम उनके रहने व खाने की व्यवस्था करेगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />राज्य सरकार का अभियान है कोटा को भिखारी मुक्त बनाने का। ऐसे लोगों को पुलिस द्वारा मुक्त करवाया जाएगा। जिनके रहने व खाने की व्यवस्था नगर निगम करेगा। इस संबंध में गत दिनों अधिकारियों की बैठक लेकर आदेश जारी किया गया है। सर्दी में शुरू होने वाले रहन बसेरों के साथ ही भिक्षावृत्ति से मुक्त लोगों के लिए भी अलग से 10 अस्थायी रैन बसेरे शुरू करने की योजना है। साथ ही उनके खाने की व्यवस्था इंदिरा रसोई से की जाएगी। <br /> <strong>-वासुदेव मालावत, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Nov 2022 17:15:50 +0530</pubDate>
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                <title>अनदेखी से सड़क किनारे पनप रही झाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[झालावाड़ जिले के तहसील गंगधार क्षेत्र में डग -चौमहला मुख्यमार्ग सहित ग्रामीण सड़कों पर रोड के दोनो किनारों पर जंगली झाड़ियों ने कब्जा जमा लिया है। जिसकी वजह से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/shrubs-growing-from-ignoring-the-roadside/article-13111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/andekhi-se-sadak-kinare-panap-rahi-jhadiya.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। झालावाड़ जिले के तहसील गंगधार क्षेत्र में डग -चौमहला मुख्यमार्ग सहित ग्रामीण सड़कों पर रोड के दोनो किनारों पर जंगली झाड़ियों ने कब्जा जमा लिया है। जिसकी वजह से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में सड़क के दोनो किनारों पर लंबी-लंबी जंगली झाड़ियां होने के कारण वाहन चालकों को सड़क मोड व लिंक रोड पर चल रहे वाहन दिखाई नहीं देते है। जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते है। ग्रामीणों की माने तो सड़क के दोनो किनारों पर पिछले कई वर्षों से जंगली झाड़ियों की कटाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से लिंक रोड व सड़क मोड वाहन चालकों की नजरों से अदृश्य होते जा रहे है और इस कारण आए दिन सड़क हादसे होते रहते है, जिससे वाहन चालकों को गंभीर चोटे आती है। कई बार तो सड़क हादसों की वजह से कई लोगो की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद इसके  जिम्मेदार विभागों ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साद रखी है। <br /><br />डग-चौमहला मुख्य मार्ग की अगर बात करे तो करणपुरा गांव के पास लुनाखेड़ी गांव के लिंक रोड, निपानिया कालू -डग रोड, लुनाखेड़ा -डग रोड तिराहा, नयाखेड़ा लिंक रोड,सुवासरा गंगधार सड़क पर किलोल नदी के मोड पर जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते है, जहां झाड़ियों और जंगली पौधों ने अपना कब्जा जमा लिया है। ढाबला पद्माखेड़ी खेड़ी मार्ग पर झाड़ियां व अंग्रेजी बम्बूल के बड़े बड़े पेड़ खड़े है। वहीं ढाबला सुनारी मार्ग पर ढाबला खाल के पास अंधे मोड पर झाड़ियां उग रही है। गत वर्ष इसी अंधे मोड की वजह से चरुडी निवासी कृपाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं अगर ग्रामीण सड़कों की बात की जाए तो गंगधार सुनारी रोड सहित अधिकतर सड़क के किनारे जंगल में परिवर्तित हो गए है। जहां से आने जाने वाले वाहन झाड़ियों की वजह से दिखाई नहीं देते है।<br /><br /> मुख्य सड़कों पर घुमाव पर जगह जगह झाड़ियां हो रही है, घुमाव व झाड़ियां होने से सामने से आ रहे वाहन का पता नहीं लग पाता, हमेशा दुर्घटना होने का भय बना रहता है।<br /><strong>- कमल सिंह परिहार, निवासी सेमली</strong><br /><br /> सुवासरा गंगधार मार्ग पर किलोल नदी के घुमाव पर गहरी झाड़ियां हो रही है। हमेशा दुर्घटना होने भय बना रहता है,पूर्व में यहां एक्सीडेंट भी हो चुके है। <br /><strong>- रमेश चंद राठौर, पूर्व सरपंच साकरिया</strong><br /><br /> ढाबला सुनारी मार्ग पर ढाबला खाल के यहाँं गहरी झाड़ियां हो रही है, जिससे मोड़ अंधा हो जाता है। गत वर्ष यहां हुए कार एक्सीडेंट में एक जने की मौत हो गई थी।<br /><strong>- सुरेश सिंह पंवार, डायरेक्टर संस्कार विद्या मन्दिर सेकला</strong><br /><br /> स्टेट हाइवे विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, यह आरएलआरडीसी का मामला है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 53 किलोमीटर की जंगल सफाई विभाग द्वारा 2 महीने पहले करवा दी थी, पूरा क्षेत्र बहुत बड़ा है, इतना बजट विभाग के पास नहीं होता है।<br /><strong>- पीआर मीणा, अधिशाषी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 16:05:27 +0530</pubDate>
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                <title>ओवर स्पीड का कहर</title>
                                    <description><![CDATA[  दो महिलाओं की मौत, तीन घायल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/over-speed-pickup-hit-five-people-standing-on-the-roadside-on-the-ajmer-delhi-express-highway-near-ganesh-moura-in-murlipura-area--two-women-died-in-the-accident/article-6755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुरलीपुरा इलाके में शुक्रवार सुबह गणेश मौरा के पास अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर ओवर स्पीड पिकअप ने सड़क किनारे खड़े पांच लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई और घायल बाप-बेटे सहित एक युवक को अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे के बाद चालक पिकअप मौके पर छोड़कर भाग गया।</p>
<p><br />पुलिस ने बताया कि हादसे में गणेश नगर हरमाड़ा निवासी कौशल्या देवी(38) और शीला देवी(56) मौत हो गई। कौशल्या के पति महेश, बेटे रिषभ और सवाई माधोपुर निवासी अजय बैरवा का अस्पताल में उपचार जारी है। सुबह 9:30 बजे महेश, बेटे रिषभ के साथ पत्नी कौशल्या को बगरू पीहर भेजने के लिए मुरलीपुरा हाईवे पर बस में बैठाने गया था। रोड किनारे पति-पत्नी व बच्चे के पास ही शीला और अजय खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वीकेआई रोड नंबर-14 की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप डिवाइडर से टकराई और रोड किनारे खड़े पांचों लोगों को चपेट में ले लिया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 12:08:00 +0530</pubDate>
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