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                <title>agreements - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पूरे देश में एक जैसा हो एग्रीमेंट, बिल्डरों द्वारा खरीदारों को दिया जा रहा धोखा : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में एक जैसा एग्रीमेंट होने की वकालत की है। एक जैसा एग्रीमेंट नहीं होने की स्थिति में बिल्डरों द्वारा खरीदारों को धोखा दिया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-agreement-should-be-uniform-across-the-country-buyers-are/article-84094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में एक जैसा एग्रीमेंट होने की वकालत की है। एक जैसा एग्रीमेंट नहीं होने की स्थिति में बिल्डरों द्वारा खरीदारों को धोखा दिया जा रहा है। </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिल्डर-खरीदार समझौते में पूरे देश में समानता लाने की जरूरत है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 जुलाई को की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:11:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>विकास साझेदारी के कई समझौतों पर भारत-नेपाल के हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[ दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-nepal-signed-several-agreements-on-development-partnership-today--india-nepal-to-increase-partnership-in-energy-sector/article-7232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत एवं नेपाल ने पनबिजली क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संकल्प के साथ विकास साझेदारी के कई समझौतों पर आज हस्ताक्षर किये।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच शनिवार को यहां प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले लिये गये। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। दोनों नेताओं ने नेपाल में रूपे कार्ड के प्रचलन की शुरुआत की और 132 किलोवाट क्षमता की सोलू कॉरीडोर विद्युत पारेषण लाइन एवं सबस्टेशन का उद्घाटन किया। नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ (आईएसए) में औपचारिक रूप से प्रवेश के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये।<br /><br />इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल की दोस्ती, हमारे लोगों के आपसी सम्बन्ध, ऐसी मिसाल विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलती। हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे आदान-प्रदान के धागे, प्राचीन काल से जुड़े हुए हैं। अनादिकाल से हम एक-दूसरे के सुख-दु:ख के साथी रहे हैं।<br /><br /> मोदी ने कहा कि भारत एवं नेपाल ने ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया है। ऊर्जा सहयोग पर हमारा संयुक्त ²ष्टिपत्र भविष्य में सहयोग का ब्लूप्रिंट साबित होगा। हमने पंचेश्वर परियोजना में तेज गति से आगे बढऩे के महत्व पर जोर दिया। यह परियोजना इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमने भारतीय कंपनियों द्वारा नेपाल के पनबिजली विकास योजनाओं में और अधिक भागीदारी के विषय पर भी सहमति व्यक्त की। यह प्रसन्नता का विषय है कि नेपाल अपनी सरप्लस बिजली भारत को निर्यात कर रहा है। इसका नेपाल की आर्थिक प्रगति में अच्छा योगदान रहेगा। भारत बिजली के आयात को बढ़ाने के बारे में बात कर रहा है।<br /><br />प्रधानमंत्री ने नेपाल द्वारा आईएसए का सदस्य बनने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे हमारे क्षेत्र में सतत, किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेग। उन्होंने कहा कि देउबा जी और मैंने व्यापार और सभी प्रकार से सीमा पार कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देने पर भी सहमति जताई है। जयनगर-कुर्था रेल लाइन की शुरुआत इसी का एक भाग है। दोनों देशों के लोगों के बीच सुगम, बाधारहित आदान-प्रदान के लिए ऐसी योजनायें बेहतरीन योगदान देंगी।<br /><br /> मोदी ने कहा कि नेपाल में रूपे कार्ड की शुरुआत हमारी वित्तीय कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इसके अलावा अन्य परियोजनाएं जैसे नेपाल पुलिस अकादमी, नेपालगंज में एकीकृत जांच चौकी, रामायण सर्किट आदि भी दोनों देशों को और करीब लाएंगे। <br /><br /> देउबा ने अपने संबोधन में कोविड काल में नेपाल को महामारी से निपटने के लिए दवाएं, वैक्सीन एवं लॉजिस्टिक सहायता देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से भैरवा में आईसीपी का निर्माण जल्द कराने, नेपालगंज से जनकपुर तक रेलङ्क्षलक बनाने और पश्चिमी नेपाल में खाद की आपूर्ति में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के लिए मोदी की सराहना की और बातचीत के माध्यम से सीमा संबंधी विवाद का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने का भी अनुरोध किया।<br /><br /> देउबा के साथ प्रतिनिधिमंडल नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खडका, ऊर्जा, जलसंसाधन एवं सिंचाई मंत्री  पुष्पा भुसाल, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री बिरोध खातीवाडा और कृषि एवं मवेशी विकास मंत्री महेन्द्र राय यादव भी थे।<br /><br /> देउबा उनकी पत्नी  आरजू राणा देउबा एवं प्रतिनिधिमंडल सदस्यों के साथ शुक्रवार को तीन दिन की भारत यात्रा पर यहां पहुंचे। वह रविवार को वाराणसी जाएंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिरों के दर्शन एवं पूजन करेंगे। वह ललिता घाट पर एक वृद्धाश्रम का शिलान्यास भी करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 18:39:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं: एस जयशंकर </title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relations-with-china-not-normal--s-jaishankar--contrary-to-the-agreements--a-large-number-of-soldiers-deployed-on-the-borders--india-china-foreign-ministers-meeting/article-6757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/doval.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि समझौतों के विपरीत सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं।चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ शुक्रवार को वार्ता के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री को देश की भावना से अवगत कराते हुए कहा है कि सीमा पर शांति स्थिर संबंधों के लिए जरूरी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मौजूदा समय में चीन के साथ हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच 1993 से 1996 के बीच हुए समझौतों के विपरीत सीमाओं पर बड़ी संख्या में सैनिक तैनात हैं। <br />दोनों देशों के बीच अभी भी टकराव के मुद्दे हैं। कुछ मुद्दों के समाधान की दिशा में प्रगति हुई है जिनमें पेगोंग झील क्षेत्र का मुद्दा भी शामिल है। मुद्दों के समाधान के लिए अब तक 15 दौर की बात हो चुकी है और आज यह बात हुई कि वार्ता को आगे कैसे बढ़ाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 12:16:06 +0530</pubDate>
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