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                <title>virus - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांगो और युगांडा में इबोला का प्रकोप: डब्ल्यूएचओ ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में फैले इबोला के 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। सीमा पार संक्रमण, संदिग्ध मौतों और स्वीकृत टीकों की कमी के कारण यह कदम उठाया गया। WHO ने देशों को अलर्ट रहने, निगरानी बढ़ाने और बॉर्डर स्क्रीनिंग सख्त करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ebola-outbreak-in-congo-and-uganda-who-declared-global-health/article-154151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कांगो और युगांडा में फैले 'बुंदीबुग्यो' वायरस स्ट्रेन के कारण इबोला प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने यह बड़ा फैसला सीमा पार संक्रमण की पुष्टि, संदिग्ध मौतों के बढ़ते आंकड़ों और इस महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका के मद्देनजर लिया है। यह वैश्विक घोषणा पूर्वी कांगो के इतूरी प्रांत और युगांडा की राजधानी कंपाला में प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि किए गए इबोला मामलों के सामने आने के बाद की गई है, जिसमें कम से कम एक मौत भी शामिल है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस बीमारी का प्रकोप वर्तमान में पाए गए मामलों की तुलना में कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। </p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 16 मई तक इतूरी प्रांत के कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों (बुन्या, वर्मपारा और मोंगबवालु) में 8 पुष्ट मामले, 246 संदिग्ध संक्रमण और 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। युगांडा ने पिछले 24 घंटों के भीतर कंपाला में इबोला के दो मामलों की पुष्टि की है, और ये दोनों मरीज कांगो से आए यात्री हैं। इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है और दोनों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा, इतूरी से लौटे एक यात्री में किन्शासा के भीतर भी एक अलग पुष्ट मामला पाया गया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की चिंताएं बहुत बढ़ गई हैं।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने अपने आपातकालीन निर्धारण में कहा, "यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी के प्रसार के माध्यम से अन्य देशों के लिए एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।" हालांकि संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे अभी 'महामारी' घोषित नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संचरण के जोखिम, कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को निशाना बनाने वाले स्वीकृत टीकों या सटीक इलाज की अनुपस्थिति के कारण इसने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के पैमाने को पार कर लिया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि इतूरी और पड़ोसी उत्तर कीवू प्रांत में सामुदायिक स्तर पर मौतों और संदिग्ध मामलों के असामान्य क्लस्टर देखे गए हैं। वहीं, कम से कम चार स्वास्थ्य कर्मियों की भी ऐसी परिस्थितियों में मौत हुई है जो अस्पतालों के भीतर फैले संक्रमण की ओर इशारा करती हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि पूर्वी कांगो में सुरक्षा की कमी (असुरक्षा), आबादी का विस्थापन, खुली सीमाएं और भारी क्षेत्रीय गतिशीलता इस प्रकोप को और तेज कर सकती है। यह स्थिति पूर्वी कांगो में 2018-19 के उस विनाशकारी इबोला संकट की याद दिलाती है जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत एक आपातकालीन समिति की बैठक बुलाएगा ताकि आगे के अस्थायी सुझाव दिए जा सकें। डब्ल्यूएचओ ने कांगो और युगांडा से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को सक्रिय करने, निगरानी बढ़ाने, संपर्क ट्रेसिंग तेज करने और अस्पतालों व समुदायों में संक्रमण की रोकथाम के उपायों को मजबूत करने का आग्रह किया है।</p>
<p>एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमाओं की स्क्रीनिंग बढ़ाने, पुष्ट मामलों और उनके संपर्क में आए लोगों के अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध लगाने तथा प्रायोगिक टीकों व दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल में तेजी लाने का आह्वान किया है। हालांकि, इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने पड़ोसी देशों को सीमाएं पूरी तरह बंद करने या व्यापार प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि ऐसे कदमों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इससे लोग अनौपचारिक (अवैध) रास्तों से आवाजाही शुरू कर देंगे, जिससे संकट और अधिक बिगड़ सकता है। कांगो की सीमा से लगे पड़ोसी देशों से प्रयोगशाला परीक्षणों को मजबूत करने, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैनात करने सहित अपनी तैयारियों के स्तर को तुरंत बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि इबोला का 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन पूर्व के बड़े प्रकोपों के लिए जिम्मेदार 'जायरे' स्ट्रेन की तुलना में कम आम है, लेकिन यह अभी भी उच्च मृत्यु दर के साथ गंभीर रक्तस्रावी बुखार का कारण बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:15:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी के जैविक उद्यान में बंगाल टाइगर में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस, नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बढ़ाई सतर्कता</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तरप्रदेश के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणि उद्यान (गोरखपुर) में रह रहे बंगाल टाइगर में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-organic-park-of-up-h5n1-avian-influenza-virus/article-115081"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(16).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तरप्रदेश के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणि उद्यान (गोरखपुर) में रह रहे बंगाल टाइगर में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है। इसके बाद नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से देशभर के चिड़ियाघरों और जैविक उद्यानों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों के लिए ये वायरस ज्यादा घातक है। सीजेडए के जारी निर्देशों के बाद उप वन संरक्षक (वन्यजीव चिड़ियाघर) जयपुर ने क्षेत्रीय वन अधिकारी जयपुर प्रादेशिक, नाहरगढ़ अभ्यारण्य, नाहरगढ़ जैविक उद्यान और जयपुर चिड़ियाघर को पत्र लिखकर आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जयपुर चिड़ियाघर में विभिन्न प्रजातियों के करीब 350 से अधिक पक्षी रह रहे हैं। वहीं नाहरगढ़ जैविक उद्यान में 28 विभिन्न प्रजातियों के करीब 243 वन्यजीव रह रहे हैं। रोजाना शेर, बाघ, बघेरे सहित अन्य वन्यजीवों की एक्टिविटीज की मॉनिटरिंग की जा रही है।</p>
<p><strong>ये हैं निर्देश :</strong></p>
<p>निर्देशों में कहा गया है कि एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस एक संक्रमण रोग है। ऐसे में पूर्ण सतर्कता बरती जाए। प्रतिदिन वन्यजीव एवं पक्षियों में देखे गए बीमार अथवा मृत देशी और विदेशी पक्षियों की प्रजातिवार सूचना एकत्र करें। जिस क्षेत्र में जलाशय आदि स्थान हैं, जहां पक्षी आते हैं, उन स्थानों की विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए। बीमार या मृत पक्षियों को हैंडल करते समय दस्ताने, फेस शील्ड सहित अन्य प्रोटेक्टिव चीजों का उपयोग किया जाए। चिड़ियाघर और नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रह बने पक्षी और वन्यजीवों को आवश्यक दवाइयां दी जाए। साथ ही उनके पिंजरों में समय समय पर साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 14:20:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में रहस्यमयी वायरस की दस्तक, मरीजों से भरे अस्पताल </title>
                                    <description><![CDATA[ चीन में पांच साल पहले एक वायरस की दस्तक ने पुरी दुनिया में तबाही मचा दी थी । उस समय कोरोना वायरस से दुनिया भर में मौत का मंजर देखने को मिला था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mysterious-virus-hits-china-hospitals-filled-with-patients/article-99474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन में पांच साल पहले एक वायरस की दस्तक ने पुरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। उस समय कोरोना वायरस से दुनिया भर में मौत का मंजर देखने को मिला था। चीन के वुहान शहर का वायरस अब भी रहस्य बना हुआ हैं। इसी बीच चीन में एक और रहस्यमयी वायरस ने दस्तक दे दी हैं। इस वायरस ने चीन को अपनी चपेट में ले लिया हैं। चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस का प्रकोप फैलता जा रहा हैं। इस वायरस के कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही हैं ।</p>
<p>इसकी सूचनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सोशल मीडिया पर अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के वीडियो वायरल हो रहे है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे हुए हैं।  वहीं कई रिपोर्ट्स में भी दावा किया जा रहा हैं कि इस नए वायरस एचएमपीवी के कारण अस्पताल और शमशान घाट भर चुके हैं। हालात को देखते हुए चीन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। चीन के स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 11:40:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कभी बारिश से हो रही ठंडक तो कभी उमस भरी गर्मी ने बिगाड़ा सेहत का मिजाज</title>
                                    <description><![CDATA[इन दिनों वायरल बुखार का प्रकोप, सर्दी-जुकाम-खांसी भी कर रही परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sometimes-the-coolness-due-to-rain-and-sometimes-the-sultry/article-89244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कभी गर्मी तो कभी बरसात के कारण मौसम में घुलने वाली ठंडक ने इन दिनों आमजन की सेहत का मिजाज बिगाड़ दिया है। इन दिनों शहर में वायरल बुखार के मामले अचानक से तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही सर्दी-जुकाम और खांसी ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। वैसे तो यह मौसम के बदलाव के कारण है, लेकिन अपर रेस्पिरेटरी वायरस इसकी एक बड़ी वजह है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम बदलने के कारण आमतौर पर नॉर्मल वायरल लोड रहता है, लेकिन इन दिनों मरीज के तेज बुखार के बाद लम्बे समय तक खांसी, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत ज्यादा आ रही हैं। एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में आने वाला हर तीसरा या चौथा मरीज अपर रेस्पिरेटरी वायरस की चपेट में आ रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि जितने भी मरीज इन वायरस की चपेट में आ रहे है उसमें करीब 90 फीसदी केस हल्के लक्षण वाले हैं।</p>
<p><strong>ये है बचाव</strong></p>
<ul>
<li>ठंडा खाने और पीने से बचें।</li>
<li>बारिश में भीगने से बचें और तुरंत एसी के सपंर्क में ना जाएं।</li>
<li>इन दिनों पंखे से ही काम चलाएं, एसी बीमार कर सकता है।<br />मास्क का प्रयोग करें।</li>
<li>हाथों को समय-समय पर साबुन या सेनेटाइजर से साफ  रखें। </li>
</ul>
<p><strong>मौसम में बदलाव के साथ वायरस एक्टिव</strong><br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज के जनरल मेडिसिन के सीनियर प्रोफेसर डॉ. पुनीत सक्सैना ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों ओपीडी में ज्यादातर मामले अपर रेस्पिरेटरी वायरस से ग्रसित होकर आ रहे हैं। अपर रेस्पिरेटरी वायरस में एडिनो वायरस, इन्फ्लुएंजा, राइनो, आरएसवी सहित अन्य वारसर भी शामिल है। ये वायरस मौसम में बदलाव के साथ एक्टिव होते हैं और तेजी से फैल रहे हैं। इसमें बुखार सामान्यतया चार से पांच दिन रहता है, लेकिन कुछ केस में आठ से दस दिन में भी बुखार ठीक नहीं हो रहा। मरीजों में बुखार टूटने के बाद खांसी शुरू होती है और यह लम्बे समय तक रहती है। </p>
<p><strong>डॉक्टर की सलाह से ही ले दवा</strong><br />डॉ. सक्सैना ने बताया कि डॉक्टर को दिखाए बिना मेडिकल स्टोर से एंटी बायोटिक्स या अन्य दवाइयां लेने से बचें। कई वायरस में लाइन ऑफ  ट्रीटमेंट अलग होता है। वहीं कुछ मरीज जांच में वायरल इंफेक्शन के अलावा बैक्टिरियल बीमारी से भी पीड़ित होते हैं। ऐसे में एंटीबायोटिक्स का सेल्फ यूज करने से बचें। डॉक्टर को दिखाने और जांच करवाने के बाद जो डॉक्टर दवाइयां लिखे उसे ही लेना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Sep 2024 12:55:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गर्मी बढ़ने के साथ ही कमजोर होने लगेगा एच-3 एन-2 वायरस</title>
                                    <description><![CDATA[ डॉ. सक्सेना ने बताया कि अमूमन मरीज खांसी, जुकाम, बुखार में खुद के स्तर पर ही मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए और डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/h-3n-2-virus-will-start-weakening-as-the-heat-increases/article-39608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(42).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। घर-घर में इन दिनों एच-3 एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस से ग्रसित होकर लोग सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, बदन दर्द से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि यह वायरस ज्यादा गंभीर नहीं है। लोगों में सामान्य फ्लू के लक्षण ही देखें जा रहे है। कुछ मामलों में ही निमोनिया बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही है। ऐसे में डॉक्टर भी इस वायरस से पीड़ित मरीजों को सामान्य फ्लू की तरह ही ट्रीटमेंट दे रहे हैं। इस वायरस को मुंह या नाक के जरिए स्वाब टेस्ट से ही पकड़ा जा सकता है, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के कॉमन केस आने पर मरीज के लक्षण देखकर ही ट्रीटमेंट किया जा सकता है। इसमें 90 फीसदी से ज्यादा मरीज सामान्य और कम लक्षण वाले होते हैं। केवल गंभीर अवस्था या दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हीं की जांच कराई जा रही है।  </p>
<p><strong>हल्के में ना लें, उपचार लें </strong>: डॉ. सक्सेना ने बताया कि अमूमन मरीज खांसी, जुकाम, बुखार में खुद के स्तर पर ही मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए और डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर किसी मरीज की इम्युनिटी कम हो या उस पर वायरस का असर ज्यादा होता है तो उसे निमोनिया होने का भी खतरा रहता है। लंग्स में ज्यादा इंफेक्शन फैलने से मरीज को भर्ती भी करना पड़ता है।</p>
<p><strong>मार्च अंत या अप्रैल की शुरुआत में घटेंगे मामले</strong><br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज में जनरल मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. पुनीत सक्सेना का कहना है कि गर्मी का असर बढ़ते ही ये वायरस कमजोर हो जाएगा। जनवरी, फरवरी में इन वायरस का असर ज्यादा था, जो मार्च में कम हुआ है। वर्तमान में मौसम में जो उतार-चढ़ाव हो रहा है, उसकी वजह से ये फिर बढ़ रहा है, लेकिन मार्च अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में तापमान बढ़ने पर ये वायरस भी कमजोर होने लगेंगे। सर्दी से गर्मी और गर्मी से सर्दी की तरफ  जब मौसम जाता है तो अपर रेस्पिरेटरी इंफेक्शनस (यूआरआई) के केस बढ़ जाते हैं। इस वक्त सर्द-गर्म का जो मौसम चल रहा है, उसमें ये वायरस तेजी से एक्टिव होते हैं। इसी मौसम में एलर्जी के केस भी बढ़ते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Mar 2023 10:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एच3एन2 वायरस से हो रही खांसी और तेज बुखारः आईसीएमआर</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टरों का कहना है कि बीते ढ़ाई महीने में एच3एन2 वायरस के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। इस वायरस का प्रकोप अभी भी बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cough-and-high-fever-caused-by-h3n2-virus-icmr/article-38957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/p-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लंबे समय से खांसी और तेज बुखार होना जैसे लक्षण आम होने लगे हैं। दरहअसल यह एच3एन2 वायरस के कारण हो रहा है। इसकी पुष्टि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने की है। अगर आपको भी तेज बुखार और लंबे समय से खांसी है तो सतर्क हो जाइए और डॉक्टर से सलाह जरुर लीजिए। यह वायरस अन्य की तुलना में ज्यादा प्रभावी है और इससे पीड़ित लोग अस्पताल में जल्दी भर्ती हो रहे है। </p>
<p>डॉक्टरों का कहना है कि बीते ढ़ाई महीने में एच3एन2 वायरस के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। इस वायरस का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। मार्च आखिर या अप्रैल शुरुआत में इस वायरस के कम होने के आसार हैं क्योंकि उस समय तक तापमान बढ़ जाता है। इन लक्षणों में लोगों को एंटिबायटिक के ज्यादा प्रयोग से बचना चाहिए। </p>
<p>एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस वायरस के प्रकोप से सर्दी, खांसी और बुखार लगातार बना रहता है। इसकी शुरुआत ठंड लगने के साथ तेज बुखार आने से शुरु होती है। पिछले दो महीनों में मरीजों की बाढ़ सी आ गई है। यह वायरस अन्य इंफ्लुएंजा वायरस की तुलना में अधिक गंभीर लक्षण वाला है। <br />डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर साल दुनिया में मौसमी इंफ्लुएंजा के 30 से 50 लाख मामले सामने आते हैं। जिसमें लाखों लोगों की मौत सांस की बीमारी के कारण होती है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Mar 2023 14:25:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर परिषद की अनदेखी : 12 घंटे बाद उठाई मृत गाय </title>
                                    <description><![CDATA[गायों की मौतों का विभत्स दृश्य पुराने शहर में देखने को मिला। यहां नगर परिषद की संवेदनहीनता के चलते मृत गाय को आवारा कुत्ते नोचते हुए दिखाई दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/city-council-ignored-dead-cow-raised-after-12-hours/article-25702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/42.jpg" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। लंपी वायरस के चलते हजारों गायों की मौत हो रही है। इन गायों की मौतों का विभत्स दृश्य पुराने शहर में देखने को मिला। यहां नगर परिषद की संवेदनहीनता के चलते मृत गाय को आवारा कुत्ते नोचते हुए दिखाई दिए। दोपहर को पुराने शहर के राजबाग इलाके में लंपी वायरस के चलते 1 गाय की मौत हो गई थी। जिसकी सूचना लोगों ने नगर परिषद को दी। सूचना मिलने पर गाय को ले जाने के लिए नगर परिषद का वाहन करीब 5 बजे यहां पहुंचाए, लेकिन खस्ताहात वाहन रास्ते में ही खराब हो गया। जिसके चलते यह गाय पूरी रात यहां वाहन में पड़ी रही। इस दौरान करीब 12 घंटे तक कॉलोनीवासी मृत गाय की बदबू से परेशान होते रहे। लंबे समय तक गाय के वाहन में पड़े रहने से आवारा कुत्ते मृत गाय को नोचते हुए दिखाई दिए। </p>
<p><strong>लंपी वायरस के फैलने का खतरा</strong><br />नगर परिषद की ओर से लंपी वायरस से मृत गायों को लेकर संवेदनहीनता दिखाई जा रही है। शहर में कही मृत आवारा गायों को खुले में ही छोड़ा जा रहा है तो कहीं आवारा कुत्ते गायों को नाचते हुए दिखाई दे रहै। जबकि नगर परिषद कुंभकर्णी नीद सोई हुई है। मामले को लेकर सफाई निरीक्षक शिवराम मीणा का कहना है कि बुधवार को दशहरा होने की वजह से सभी वाहन बिजी थे। अचानक वाहन खराब होने से परेशानी का सामना करना पड़ा था। सुबह नगर परिषद की जेसीबी और ट्रैक्टर भिजवाकर गाय को उठवा लिया गया है। जबकि कुछ लोगों का कहना है, कि अक्सर नगर परिषद कर्मचारी मृत जानवरों को उठाने के लिए अवैध रुपए मांगते है। जिसके चलते गाय को नहीं उठाया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Oct 2022 11:52:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युगांडा में इबोला ने दी दस्तक</title>
                                    <description><![CDATA[अजीबो-गरीब बीमारियों के पश्चात लोगों के मरने की सूचना के बाद अन्य छह मौतों की जांच की गयी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-havoc-in-uganda/article-23660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ebola1.jpg" alt=""></a><br /><p>कंपाला। मध्य युगांडा में जानलेवा वायरस इबोला तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति में इबोला के लक्षण दिखाई देने के बाद उसे मुबेंडे क्षेत्रीय रेफरल अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। स्थानीय समुदायों द्वारा अजीबो-गरीब बीमारियों के पश्चात लोगों के मरने की सूचना के बाद अन्य छह मौतों की जांच की गयी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पड़ोसी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला के मामले की घोषणा के बाद पिछले महीने युगांडा ने अपनी पश्चिमी सीमा पर निगरानी तेज कर दी थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 21 सीमावर्ती जिलों में बीमारी फैलने का ज्यादा खतरा है। </p>
<p>मंत्रालय के अनुसार युगांडा में पिछले दो दशकों में इबोला के 5 से ज्यादा स्वरूप के प्रकोप हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश देश के पश्चिमी क्षेत्रों में हुए हैं। इबोला वायरस बहुत ज्यादा संक्रामक है और बुखार, उल्टी, दस्त, दर्द और कई बार आंतरिक और बाह्य रक्तस्राव सहित विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार इबोला वायरस से संक्रमित हुए लोगों की मृत्यु दर का प्रतिशत 50 से 89 तक है, जो संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-havoc-in-uganda/article-23660</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Sep 2022 16:49:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की जन्मस्थली चीन में कोरोना के 2,086 नए मामले</title>
                                    <description><![CDATA[मौजूदा समय में विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे कोविड -19 के रोगियों की संख्या 27,128 है, जिसमें 58 गंभीर स्थिति में थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/2-086-new-cases-of-corona-in-china--the-birthplace-of-global-pandemic-corona-virus/article-7201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/corona.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। देश-दुनिया में कोरोना का प्रकोप लगभग कम होते नजर आ रहा है। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की जन्मस्थली चीन में इस संक्रमण के 2,086 नए मामले सामने आए हैे। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले यहां पर इस जानलेवा विषाणु से ग्रसित 1,787 नए लोग पाए गए थे।     <br /><br />शुक्रवार को दर्ज किए गए नए मामलों में 1,730 उत्तरपूर्वी प्रांत जिलिन में, 260 शंघाई में और 21 एक अन्य पूर्वोत्तर प्रांत हेइलोंगजियांग के हैं। इसके अलावा यह विदेशों से आए हुए 43 नए लोग भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। इससे एक दिन पहले यहां पर विदेशों से आए हुए 40 को कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। चीन में शुक्रवार को 4,307 मरीज इस महामारी से ठीक हुए। मौजूदा समय में विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे कोविड -19 के रोगियों की संख्या 27,128 है, जिसमें 58 गंभीर स्थिति में थे।  मरने वालों की संख्या 4,638 पर अपरिवर्तित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 14:15:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना से ठीक होने के बाद भी शरीर में छिपा रहता है वायरस: शोध </title>
                                    <description><![CDATA[धीरे-धारे पूरे विश्व से संक्रमण की रफ्तार कम होती दिख रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/virus-remains-hidden-in-the-body-even-after-recovering-from-corona--research/article-5710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/corona03.jpg" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में कोरोना संक्रमण ने अपना कहर बरपाया। धीरे-धारे पूरे विश्व से संक्रमण की रफ्तार कम होती दिख रही है। भारत में भी कोरोना के मामलों में गिरावट हो रही है। इसी बीच एक अंतरराष्टÑीय शोध दल ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शोध दल के मुताबिक कोरोना वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देते हुए संक्रमित मरीजों के शरीर में छिप सकते हैं। मेडिकल रिसर्च  टीम ने दो अध्ययनों में पाया कि कोरोना संक्रमित के शरीर से वायरस की पूरी तरह से निकासी काफी कठिन है। शोधकर्ताओं ने बताया कि कैसे कोरोना वायरस विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं में विकसित हो सकते हैं। साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा दे सकते हैं। कोरोना के विभिन्न वेरिएंट की एक निरंतर श्रृंखला ने मूल वायरस को पूरी तरह से बदल दिया है।</p>
<p><br /><strong>छुटकारा पाना मुश्किल</strong><br /> शोध के निष्कर्षों से पता चला है कि कोरोना संक्रमित के शरीर में कई अलग-अलग वायरस हो सकते हैं। इनमें से कुछ किडनी या स्प्लीन कोशिकाओं में छुपे हो सकते हैं। वहीं शरीर प्रमुख वायरस से बचाव के लिए संघर्ष कर रहा होता है। इसके कारण संक्रमितों के लिए कोरोना से पूरी तरह से छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p><br /><strong>वायरस म्यूटेशन  </strong><br />  वायरस के शरीर में छिपे रहने के अलावा एक और चिंताजनक बात सामने आई है। कई लोगों को एक ही समय में अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निष्कर्ष बताते हैं कि समय के साथ वायरस में होने वाला म्यूटेशन इसे और भी खतरनाक बनाता जा रहा है। प्रतिरक्षा प्रणाली से छिपते हुए वायरस का शरीर के अंगों में मौजूद रहना और लोगों में एक साथ एक या अधिक वेरिएंट से संक्रमण का पता चलना काफी चिंताजनक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 15:53:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन में भी मिला कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट का पहला मामला </title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में आइसोलेट करके जांच की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-3202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona1.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। कोरोना वायरस की जन्मस्थली चीन में इसके ओमिक्रोन वैरिएंट के पहले मामले की पुष्टि हुई है। स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के उत्तरी प्रांत तिआनजिन के अधिकारियों ने बताया कि यहां विदेश से आया एक व्यक्ति ओमिक्रोन से ग्रसित पाया गया है। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मरीज में इस संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह व्यक्ति गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद जब जांच की गई कि यह ओमिक्रोन से ग्रसित या नहीं, तो उसमें यह ओमिक्रोन पीड़ति पाया गया। इसे अस्पताल में आइसोलेट करके जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 16:31:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्सपर्ट्स की राय : ओमिक्रॉन कम घातक, संक्रमण से बहुत कम होंगे बीमार, वैक्सीन जैसी इम्यूनिटी दे सकता है वायरस!</title>
                                    <description><![CDATA[संक्रमण दर ज्यादा इसलिए तीसरी लहर आई तो समयावधि कम रहने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF---%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95--%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8/article-3005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona-test-5.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। दुनिया में साऊथ अफ्रीका में जन्में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कम घातक होने से अब एक्सपर्ट इसे इम्यूनिटी विकसित करने वाला वैरिएंट साबित होने की उम्मीद जता रहे हैं। वायरस के सुपर माइल्ड होने के चलते ज्यादातर लोगों में इसके संक्रमण से बीमार होने के लक्षण भी नहीं आने का रिसर्च अब तक सामने आया है। प्रदेश के वरिष्ठ मेडिसिन के डॉक्टर मान रहे हैं कि हो सकता है कि इसका संक्रमण शरीर में वैक्सीन जैसा काम करे। चपेट में आने वाले लोग बीमार भी ना हों और वायरस के प्रति इम्यूनिटी भी विकसित हो जाए, जैसा कि कोरोना वैक्सीनेशन के डोज से हो रहा है।  पुराने वायरस के बाद आईसीएमआर के सीरो सर्वे के मुताबिक राजस्थान में 70 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। ओमिक्रॉन संक्रमण बिना शरीर पर खास असर हुए, हर्ड इम्यूनिटी और ज्यादा मजबूत करेगा। वहीं चूंकि इसकी संक्रमण दर दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा वैरिएंट से छह से सात गुना ज्यादा है, ऐसे में तीसरी लहर ओमिक्रॉन से आने की पूरी आशंका है, लेकिन कम समय में ही पहले से ज्यादा लोगों के शरीर में इसके पहुंचने और बीमार ना होने से इसकी समयावधि पहली और दूसरी लहर से कम रहने की आस भी डॉक्टरों को है।<br /> <strong><br /> सीएम हेल्पलाइन 181 पर फोन करें, 10 लोग हैं तो आपके घर टीकाकरण करने आएंगे हैल्थ कर्मी </strong><br />  प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते सरकार ने मुख्यमंत्री हैल्पलाइन 181 पर घर बैठे टीकाकरण की सुविधा गुरुवार से शुरू कर दी है। दस लोग टीकाकरण के लिए एक साथ एकत्रित होने पर चिकित्साकर्मी उनके बताए स्थान पर जाकर टीकाकरण करेगा। हैल्थ कर्मी 24 घंटे में टीकाकरण करने आएगा।  चिकित्सा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने प्रदेशभर के चिकित्सा अधिकारियों को इसके आदेश दिए हैं। हैल्पलाइन पर टीकाकरण के  लिए हैल्थ कर्मी भेजने की मांग करने पर तुरंत उसकी सूचना जिला और ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी। वे टीकाकरण कराने के लिए फोन करने वाले व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर बात करेगा। उनकी जगह और लोगों की संख्या पूछेगा। अगर वह तय समय पर आने में समर्थ होगा तो उसकी भी सूचना टीकाकरण कराने वालों को देगा और नई तारीख और समय बताएगा। इसके साथ ही हैल्पलाइन पर व्यक्ति अपने नजदीक टीकाकरण केन्द्र की जानकारी भी ले सकेगा। <br /> <br /> <strong>चिंता केवल इनकी : उम्रदराज-कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों को पहुंचा सकता है अस्पताल</strong><br /> विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन की अभी तक देखने को मिल रही फितरत के अनुसार संक्रमण से बीमार होकर अस्पताल में गहन चिकित्सा सेवाओं की जरूरत उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी यानी अन्य बीमारियों से पहले से पीड़ित चल रहे लोगों को होगी। चूंकि ऐसे लोगों में नए रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता इसके चलते कम हो जाती है। ऐसे में ओमिक्रॉन उन्हें ज्यादा बीमार कर सकता है। इंफेक्शन लंग्स में भी हो सकता है। अन्य कई साइड् इफेक्ट्स के चलते वे गंभीर बीमार हो सकते हैं। <br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, घातक कम है। जैसा देख रहे हैं कि लोग बीमार भी नहीं हो रहे हैं। इम्यूनिटी और ज्यादा विकसित होने की उम्मीद है। वैक्सीन में जैसे कोरोना के तत्वों को शरीर में डालकर एंटीबॉडी विकसित कर इम्यूनिटी दी जाती है। वैसे ही उम्मीद है कि इसके संक्रमण से वैक्सीन सी इम्यूनिटी आए। हो सकता है आगामी दिनों में महामारी से यह बीमार एंडेमिक यानी सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी ही रह जाए। - <strong>डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सीनियर फिजिशियन एवं सदस्य, सीएम कोविड सलाहकार समिति</strong><br /> <br /> अब तक की स्टड़ी के अनुसार इससे हल्का बुखार या अधिकतर मरीजों में लक्षण ही नहीं आएंगे। लहर आने की आशंका तो है, लेकिन संक्रमण दर ज्यादा होने से पिछली लहरों से कम समयावधि रहने की उम्मीद है। मौतें भी अभी तक नहीं है।<br /> -<strong> डॉ. रमन शर्मा, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, इसलिए संक्रमण बड़े स्तर पर होगा, लेकिन स्वस्थ्य व्यक्तियों के बीमार होने की आशंका काफी कम है। उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों की चिंता है। हो सकता है कि उनके लंग्स तक इंफेक्शन पहुंचे और गंभीर बीमार होने से उन्हें चिकित्सा सेवाओं की जरूरत पड़े। - <strong>डॉ. सीएल नवल, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> <strong>प्रदेश में कोरोना के 24 नए रोगी मिले</strong><br /> प्रदेश में मंगलवार को कोरोना से 24 और लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें जयपुर में 12, उदयपुर, बाड़मेर में 3-3, डूंगरपुर, अजमेर में 2-2, बीकानेर, झुंझुनूं में 1-1 व्यक्ति शामिल हैं। मंगलवार को नए रोगियों से एक ज्यादा यानी 25 संक्रमित रिकवर हुए हैं। ऐसे में एक्टिव केसों की संख्या में बीते दिन के मुकाबले एक कम 220 ही रह गए हैं। इनमें सर्वाधिक जयपुर में 105 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा बीकानेर में 28, अजमेर में 20, उदयपुर में 16, अलवर में 9, बाडमेर में 8, जोधपुर में 7, नागौर में 6, डूंगरपुर में 5, हनुमानगढ़, पाली में 3-3, जैसलमेर, झुंझुनूं, गंगानगर में 2-2, कोटा, भीलवाड़ा, सीकर, दौसा में 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 15 जिलें फिलहाल कोरोना फ्री हैं। मंगलवार को कहीं कोई मौत भी कोरोना से नहीं हुई है। <br /> <br /> <strong>हमारा स्वास्थ्य सामान्य है और कोई लक्षण भी नहीं है, हमें या तो होम क्वारंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर निजी हॉस्पिटल में रखा जाए</strong><br />  कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित साउथ अफ्रीका से आए परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य सामान्य है और उन्हें कोई लक्षण नहीं है। दंपती और उनकी एक बेटी की तो तीन बार रिपोर्ट नेगेटिव भी आ चुकी है, लेकिन बड़ी बेटी (12 वर्षीय) अभी भी पॉजिटिव है। यह जानकारी साउथ अफ्रीका से आए परिवार के मुखिया ने नवज्योति से फोन पर बात करते हुए दी। उन्होंने बताया कि हम ऑमिक्रॉन पॉजिटिव आए जरूर थे, लेकिन हमें आरयूएचएस में भर्ती हुए पांच दिन हो गए हैं और इस दौरान भी हम चारों में किसी को भी कोई लक्षण नहीं है। हमारी रोजाना दिन में दो बार कोरोना की जांच की जा रही है। पिछली दो दिनों की जांचों में मैं, मेरी पत्नी और छोटी बेटी (सात वर्षीय) नेगेटिव आए हैं। बड़ी बेटी फिलहाल पॉजिटिव है, लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं है। जब हमने डॉक्टर्स से होम क्वारेंटाइन करने की बात कही तो डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक सभी सदस्यों के तीन से चार सैंपल लगातार नेगेटिव नहीं आ जाते तब तक घर नहीं भेज सकते। अस्पताल में मिल रहे इलाज के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि हमें एंटिबायोटिक्स दी जा रही है, लेकिन लक्षण नहीं होने के कारण हम उसे नहीं ले रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं से परिवार खुश नहीं है, लेकिन यहां के चिकित्सकों और स्टाफ का अच्छा सहयोग मिल रहा है। खाना भी जयपुर में हमारे मित्र के यहां से भेजा जा रहा है। बस अस्पताल प्रशासन और सरकार से यही गुजारिश है कि हमें जल्द से जल्द होम क्वारेंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर बड़े प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया जाए।<br /> <br /> <strong>ओमिक्रॉन पुराने वैरिएंट को मारने आया है, यह उतना पावरफुल नहीं : खाचरियावास</strong><br /> जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि- यह जो नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है, वह पुराने वाले खतरनाक वैरिएंट को मारने आया है। इसलिए यह कमजोर हो गया। यह मेरे व्यक्तिगत विचार है। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए खाचरियावास ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही। कांग्रेस की 12 दिसंबर को कोरोना के नए वैरिएंट के केस आने के बाद भी हो रही बड़ी रैली को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खाचरियावास ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि ओमिक्रॉन उतना पावरफुल नहीं है, यह पुराने वाले डेल्टा वैरिएंट को मारते हुए कमजोर हो गया है। मेरे एक विदेशी मित्र भी कह रहे थे कि यह वायरस पहले वाले खतरनाक वायरस का असर कम करेगा, ज्यादा तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। पहली लहर में मैं खुद कोरोना का शिकार हो चुका हूं, लेकिन दूसरी लहर ज्यादा घातक थी। फिर भी हमें ओमिक्रॉन से डरना होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पालना करना होगा। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि जिन्दगी चलाना भी  बहुत जरूरी है। कोरोना के बाद लोग भूख से लड़ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 12:22:34 +0530</pubDate>
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