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                <title>hostel - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का  : छात्रावास व स्कूल क्षेत्र में चला सफाई अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--sanitation-drive-conducted-in-hostel-and-school-areas/article-153793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा । वनवासी परिषद छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर क्षेत्र में दूषित पानी व फैली गंदगी को लेकर दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। खबर प्रसारित होते ही नगर पालिका ने चारभुजा क्षेत्र, बप्पा रावल आश्रम छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर स्कूल मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों और सड़कों की सफाई करवाई। अभियान के दौरान मुख्य सड़क और नालियों में जमा गंदगी हटाई गई तथा रुके हुए पानी की निकासी करवाई गई। लंबे समय से बनी समस्या के समाधान के लिए सफाई कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में व्यापक सफाई कार्य किया गया। विशेष सफाई अभियान में सेक्टर जमादार शिवचरण, चैनल अर्जुन कुमार और स्वच्छता मित्र मौजूद रहे। । गौरतलब है कि छात्रावास और विद्यालय परिसर में रहने वाले करीब 350 बच्चों को पिछले कई दिनों से दूषित पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए थे।</p>
<p><strong>यी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी</strong><br />संस्था प्रधान ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से बच्चों को दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ रही थी। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अब सफाई अभियान शुरू होने से स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। छात्रावास प्रभारी ने कहा कि परिसर के आसपास लंबे समय से गंदगी और रुका हुआ पानी बड़ी समस्या बना हुआ था। सफाई से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन स्वच्छ पेयजल और स्थायी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है।</p>
<p><strong>नाली के बीचों-बीच स्थित बोरिंग बनी समस्या</strong><br />विद्यार्थी प्रमुख ने बताया कि छात्र काफी दिनों से परेशानी झेल रहे थे। अब सफाई कार्य शुरू होने से राहत महसूस हो रही है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा नहीं होनी चाहिए। वहीं सफाई कर्मचारी ने बताया कि क्षेत्र में बनी बोरिंग नाली के बीचों-बीच स्थित है, ग्रामीण टोज़गार की नई गारंटी जिससे समस्या और बढ़ रही है। हालांकि सफाई से जुड़े अन्य कार्य पूरे कर दिए गए हैं।</p>
<p> पालिका द्वारा प्रतिदिन दो पारियों में सफाई कार्य कराया जाता है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। हमारे ओर से आमजन से भी नालियों में कचरा नहीं डालने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।<br /><strong>- नरपत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका,रावतभाटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:22:42 +0530</pubDate>
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                <title>नयापुरा उम्मेद सिंह स्टेडियम में 14 करोड़ की लागत से बना खेल हॉस्टल कर रहा लोकार्पण का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[स्टेडियम परिसर में बने इस आधुनिक हॉस्टल में 52 कमरे व 256 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-sports-hostel-built-at-a-cost-of-rs-14-crore-at-nayapura-ummed-singh-stadium-is-awaiting-inauguration/article-135318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के खेल बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है। नयापुरा स्थित उम्मेद सिंह स्टेडियम परिसर में लगभग 14 करोड़ रुपए की लागत से बनकर खेल हॉस्टल का कार्य पूरा हो चुका है और अब इसका औपचारिक लोकार्पण शेष है। राज्य सरकार की घोषणा के बाद तैयार हुआ यह हॉस्टल शहर के उभरते खिलाड़ियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं प्रदान करेगा। बता दें कि कोटा लंबे समय से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है। यहां अलग-अलग खेलों में प्रतिभाएं उभरकर सामने आती रही हैं, लेकिन आवासीय सुविधाओं की कमी अक्सर खिलाड़ियों के विकास में बाधा बनती थी। ऐसे में यह हॉस्टल कोटा के खेल इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2023 में इसका टेंडर हुआ था। जानकारी के अनुसार 25 नवंबर 2025 को इसका उद्घाटन होना था, लेकिन किसी कारणों की वजह से इसका उद्घाटन नहीं हो सका। बता दे कि कोटा में हाल ही में कई बड़ी प्रतियोगिताएं हुई हैं। हर प्रतियोगिता में नेशनल-इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने भाग लिया था।</p>
<p><strong>ये है हॉस्टल की क्षमता</strong><br />स्टेडियम परिसर में बने इस आधुनिक हॉस्टल में 52 कमरे व 256 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। कमरों के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था और सुरक्षा के प्रावधानों को भी प्राथमिकता दी गई है। हॉस्टल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां रहने वाले खिलाड़ी बेफिक्र होकर अपने खेल प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इसमें जी+3 (चार मंजिला) इमारत में लिफ्ट, खाने के लिए अलग से मैस, 4 गेस्ट रूम, एक मीटिंग हॉल, हर मंजिल पर 11 सुविधाघर, चारों तरफ कैमरे तथा अलग-अलग कैटेगरी वाले कमरे जिसमें 4, 6 व 10 खिलाड़ी एक साथ ठहर सकते है। यहां आने वाले खिलाड़ियों को एक दूसरे की संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>खिलाड़ियों के लिए जल्द खुलेगा हॉस्टल</strong><br />हॉस्टल का पूरा निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और यह अब पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार है। अधिकारियों के अनुसार इसका लोकार्पण जल्द ही किया जाएगा, जिसके बाद यह आधिकारिक रूप से खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाएगा। खेल विभाग और जिला प्रशासन का मानना है कि इस हॉस्टल के शुरू होने से कोटा में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को बहुत राहत मिलेगी। दूर-दराज से आने वाले युवा खेल प्रतिभाओं को अब आवास की चिंता नहीं करनी होगी और वे स्टेडियम के ही निकट रहकर अपनी प्रैक्टिस बढ़ा सकेंगे।</p>
<p><strong>खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद</strong><br />हॉस्टल के शुरू होते ही एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी समेत विभिन्न खेलों से जुड़े युवा खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह सुविधा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और उन्नत खेल वातावरण उपलब्ध कराएगी। उम्मीद की जा रही है कि यह हॉस्टल आगामी वर्षों में कोटा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नई खेल प्रतिभाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस हॉस्टल से स्थानीय खिलाड़ियों को न केवल रहने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल भी प्राप्त होगा। इससे जिले में खेल संस्कृति के और मजबूत होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />छात्रावास का लोकार्पण शीघ्र ही प्रस्तावित है। भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है, केवल फर्नीचर की स्थापना का अंतिम चरण शेष है, जो जल्द ही पूरा करवा दिया जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि छात्रावास का भव्य लोकार्पण इसी वर्ष सम्पन्न किया जाए।<br /><strong>- वाई बी सिंह, खेल अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:14:01 +0530</pubDate>
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                <title>एलन कोचिंग का छात्र हॉस्टल से लापता, तलाश में जुटी कोटा पुलिस </title>
                                    <description><![CDATA[छात्र के साथ उसकी मां और भाई भी रह रहे थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/allen-coaching-student-missing-from-hostel--kota-police-searching-for-him/article-135334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नौ माह से कोटा में रहकर एलन कोचिंग संस्थान से जेईई की तैयारी कर रहा एक छात्र छह दिन से लापता है। मंगलवार को इस संबंध में जवाहर नगर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की है।  झूंझूनूं जिले के गांव सुलताना अहिरान निवासी एलन कोचिंग का छात्र  तलवंडी स्थित एक हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहा था। छात्र के साथ उसकी मां और भाई भी रह रहे थे। </p>
<p>इस मामले में छात्र के पिता सुनील कुमार पुत्र बनवारीलाल ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया गया था कि उसका पुत्र शुभम (16) कोटा में रह कर एलन कोचिंग से जेईई की तैयारी कर रहा था। उसके साथ उसकी मां और छोटा भाई भी रह रहा था। तीन दिसंबर को वह बिना बताए कहीं चला गया और लौटकर नहीं आया है। शुभम को सभी जगह पर तलाश किया, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा है। उसने जाते समय सफेद टी-शर्ट, ब्ल्यू शूज, ब्ल्यू ट्रेक सूट पहन रखा है। कद 5.8 सेटीमीटर है। पुलिस  मुकदमा दर्ज कर तलाश में जुट गई है। छात्र की तलाश के लिए पुलिस ने टीमें बनाई हैं। उसके हॉस्टल से जाने वाले रुट का रूट मेप तैयार कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। <br /> <br /><strong>इनका कहना है </strong><br />छात्र के लापता होने पर एलन कोचिंग के निदेशक गोविंंद माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी और नीतेश शर्मा को पक्ष जाने के लिए वाट्सएप मैसेज व  टैक्स मैसेज देने के साथ फोन भी किया। लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया । </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 14:46:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर का रहने वाला JEE स्टूडेंट सीकर में लापता, पुलिस जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[सीकर में 17 वर्षीय JEE की तैयारी कर रहा छात्र अचानक लापता हो गया। वह 3 दिसंबर दोपहर खाना खाकर हॉस्टल से निकला और वापस नहीं लौटा। परिवार ने तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है, मोबाइल भी स्विच ऑफ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/jee-student-from-jaipur-missing-in-sikar-mobile-also-switched/article-134839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/missing.jpg" alt=""></a><br /><p>सीकर। सीकर से एक स्टूडेंट के लापता होने की खबर सामने आ रही है बताया जा रहा है कि, ये छात्र यहां रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। छात्र की उम्र 17 साल बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, छात्र दोपहर में हॉस्टल से खाना खाकर निकला था और उसके बाद अभी तक वापस नहीं आया है। परिवार को जब इसके बारे में जानकारी लगी तो उसके दादा ने उद्योग नगर में लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई है।</p>
<p>छात्र के दादा ने पुलिस शिकायत में बताया है कि, वह जयपुर के रहने वाले हैं और वह यहां प्राइवेट कोचिंग में JEE की तैयारी कर रहा है।3 दिसंबर की दोपहर को करीब 2 बजे वो हॉस्टल से खाना खकर बाहर निकला था जिसके बाद वो अभी तक वापस नहीं लौटा है। इसके बारे में हॉस्टल स्टाफ ने ही उनको जानकारी दी थी। सूचना मिलने के बाद परिजनों ने छात्र को खोजने की काफी कोशिश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला उसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सचूना दी ।</p>
<p>इस मामले में उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, लापता होने की सूचना मिलने पर जांच शुरू कर दी गइ्र हैं लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है क्योंकि छात्र का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 14:41:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब छात्राओं व वर्किंग वूमन को कोटा में मुफ्त मिलेगा कमरा, बिजली और इंटरनेट</title>
                                    <description><![CDATA[छात्राओं को न केवल किराये बल्कि बिजली बिल व इंटरनेट के महंगे खर्चों से निजात मिल सकेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-girls-and-working-women-will-get-free-room--electricity-and-internet-in-kota/article-102512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(2)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दूर दराज के गांव-कस्बों व हाड़ौती के अन्य जिलों से कोटा में कमरा लेकर पढ़ने वाली छात्राओं व कामकाजी महिलाओं के लिए खुश खबरी है। अब उन्हें शहर के बीचोंबीच रहने को कमरा, बिजली-पानी और इंटरनेट तक की सुविधा मुफ्त मिल सकेगी। वहीं, शाम के वक्त टहलने व खेलने के लिए ग्राउंड भी मिलेगा। इतना ही नहीं, महिलाओं व छात्राओं की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इससे छात्राओं को न केवल किराये बल्कि बिजली बिल व इंटरनेट के महंगे खर्चों से निजात मिल सकेगी।  दरअसल, कोटा संभाग के सबसे बड़े गर्ल्स कॉलेज  जेडीबी में शुरू होने जा रही है। पिछले 5 साल से बंद कन्या छात्रावास फिर से शुरू होने जा रहा है। जिसमें जेडीबी साइंस व आर्ट्स कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को तो हॉस्टल में कमरा मिलेगा ही साथ ही शहर के अन्य शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्राएं भी हॉस्टल में रह सकेंगी। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन द्वारा शहर में नौकरी-पेशा करने वाली महिलाओं को भी हॉस्टल में रहने को कमरा देगी। कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर अजय विक्रम सिंह चंदेल की यह अनूठी पहल बालिका शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। </p>
<p><strong>छात्रावास में नि:शुल्क मिलेगा प्रवेश</strong><br />जेडीबी साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अजय विक्रम सिंह चंदेल ने बताया कि दिसम्बर 2023 से ही गुगल फॉर्म के जरिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए थे। आॅनलाइन 30 से ज्यादा आवेदन आए थे। लेकिन,  भौतिक रूप से 10 छात्राएं ही आवेदन जमा करवाने कॉलेज आई हैं। ऐसे में संख्या कम होने और कमरे अधिक होने के चलते जेडीबी साइंस व आर्ट्स की छात्राओं के अलावा अन्य कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को भी हॉस्टल में प्रवेश दिए जाएंगे। वहीं, वर्किंग वुमन को भी यह सुविधा दी जाएगी। उन्हें कमरा, बिजली-पानी व वाईफाई की सुविधा हॉस्टल में नि:शुल्क दी जाएगी।</p>
<p><strong>भोजन का खर्चा स्वयं को करना होगा वहन</strong><br />प्राचार्य अजय चंदेल ने बताया कि हॉस्टल में छात्राओं को कमरा, बिजली, पानी और वाईफाई इंटरनेट की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। हालांकि, उन्हें भोजन, सिक्योरिटी गार्ड व हॉस्टल में रहने वाली मेट का मामूली खर्चा  स्वयं वहन करना होगा। छात्राओं की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल में इवनिंग स्पोर्ट्स गेम्स भी करवाए जाएंगे।  इसके लिए बेडमिंटन व हैंडबॉल कोर्ट भी बनवाए जाएंगे। हॉस्टल में सौलर जनरेटर भी लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>दो मंजिला हॉस्टल, 40 से ज्यादा कमरे</strong><br />जेडीबी कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल दो मंजिला है। जिसमें 90 छात्राएं रह सकती हैं। हॉस्टल में करीब 40 से 45 कमरे हैं। इसमें कीचन, 2 बड़े हॉल व 1 कॉमन रूम है। इसके अलावा बड़ा आंगन हैं, जिसमें गेम्स खेल सकती हैं। कॉलेज प्रशासन ने अपने लेवल पर हॉस्टल की साफ-सफाई व मेंटिनेंस से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह हॉस्टल 5 फरवरी से शुरू कर दिया जाएगा। छात्राओं के आवदेन भी आ चुके हैं। वहीं, सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। </p>
<p><strong>5 साल बाद फिर से खुल रहा</strong><br />जानकारी के अनुसार, कोविड से पहले तक कॉलेज कैम्पस में हॉस्टल संचालित होता था। जिसमें जेडीबी साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स की छात्राएं रहती थीं। लेकिन, सितम्बर 2020 में कोरोना महामारी के बाद से हॉस्टल संचालन बंद कर दिया गया था। तब से अब तक छात्रावास पर ताले लगे हैं। जिसे फिर से शुरू करने के लिए कॉलेज आयुक्तालय से परमिशन मिल चुकी है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन 5 फरवरी से हॉस्टल का संचालन किया जाएगा। </p>
<p><strong>मेंटिनेंस के लिए 31.31 लाख का बजट स्वीकृत</strong><br />जेडीबी महाविद्यालय में स्थित दो मंजिला कन्या छात्रावास  के मेंटिनेंस के लिए कॉलेज आयुक्तालय  द्वारा 31.31 लाख रुपए का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। जिससे छत व टॉयलेट रिपेयरिंग, रंगाई पुताई,  वाटर कूलर, आरओ, बिजली वायरगिं, पंखे लगवाने व फ्लोरिंग सहित कई आवश्यक कार्य करवाएं जाने हैं।  </p>
<p>हॉस्टल, सभी कॉलेज छात्राओं के लिए खुला रहेगा।  हालांकि, प्राथमिकता जेडीबी साइंस व आर्ट्स की छात्राओं की है लेकिन, सीटें खाली होने से अन्य कॉलेजों में अध्ययनरत उन छात्राओं को भी एडमिशन दिए जाएंगे जो बाहर किराए पर कमरा लेकर रहती हैं। उनसे हॉस्टल में कोई किराया नहीं लिया जाएगा। बल्कि कमरा, बिजली-पानी और वाईफाई इंटरनेट की सुविधा भी नि:शुल्क दी जाएगी। लेकिन, छात्राओं को भोजन, सिक्योरिटी गार्ड व मेट का मामूली खर्चा स्वयं वहन करना होगा। वहीं, वर्किंग वुमन भी छात्रावास में रह सकेंगी। छात्राओं की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल में इवनिंग गेम्स भी करवाए जाएंगे। शाम 6-7 बजे के बाद छात्राओं  का हॉस्टल से बाहर जाने पर रोक रहेगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। <br /><strong>- प्रो. अजय विक्रमसिंह चंदेल, प्राचार्य जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:52:04 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - छात्रावास का होगा निर्माण, अब मिल गया बजट</title>
                                    <description><![CDATA[सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---hostel-will-be-constructed--now-the-budget-has-been-received/article-94018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से छावनी में संचालित राजकीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर बालक छात्रावास को पुनर्निर्माण के लिए  बजट मिल गया है। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह छात्रावास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ऐसे में भवन को दो साल पहले असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। पुराने भवन को जमींदोज कर यहां पर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से 4 करोड़ 80 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। बजट को स्वीकृत हुए काफी समय हो गया है। पूर्व में बजट नहीं मिल रहा था। अब बजट उपलब्ध हो गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>पुराना भवन हो चुका जर्जर</strong><br />इस छात्रावास का भवन काफी पुराना है। इसकी जर्जर स्थिति होने के कारण इसे दो साल पहले ही असुरक्षति घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से ही छात्रावास को शहर के टैगोर नगर स्थित एक भवन में संचालित किया जा रहा है। वहां पर वर्तमान में कक्षा 6 से लेकर 12 कक्षा तक 50 विद्यार्थी रहते हैं। वर्तमान में छावनी स्थित छात्रावास का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। भवन की दीवारें और छत की पट्टियां क्षतिग्रस्त हो गई है। भीतर दीवारों में सीलन आ रही है और प्लास्टर भी उखड़ चुका है। भवन परिसर में पेड़-पौधे उग आए हैं। ऐसे में जहरीले कीड़ों का यहां पर खतरा बना रहता है। बरसात के कारण भवन को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इस कारण इसके ढहने का खतरा बना हुआ था। इसलिए भवन को असुरक्षित घोषित किया गया था।</p>
<p><strong>छात्रावास के सामने हो रहा निर्माण</strong><br />छावनी स्थित बालक छात्रावास के चारा बेचने वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। इससे आसपास रहने वाले निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्रावास के मुख्य दरवाजे के सामने सुबह होते ही चारे के ढेर लगा दिए जाते हैं। जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। दिनभर यहां पर चारे की बिक्री होती रहती है। वहीं यहीं पर गोवंशों को चारा भी डाला जाता है। जिससे इस मार्ग पर आवारा गोवंशों का जमावड़ा बना रहता है। कई बार यह गोवंश राहगीरों पर हमला तक कर देते हैं। जिससे स्थानीय लोगों में भय बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए ताकि आवागमन में कोई दिक्कत नहीं आए।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />छावनी स्थित छात्रावास जर्जर होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 4 सितम्बर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि यह छात्रावास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ऐसे में भवन को दो साल पहले असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। छात्रावास के चारा बेचने वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। इससे आसपास रहने वाले निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद छात्रावास के लिए बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन बजट नहीं आ पाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जयपुर निदेशालय ने बजट जारी कर दिया है। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।</p>
<p>छावनी में संचालित राजकीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर बालक छात्रावास को पुनर्निर्माण के लिए बजट मिल गया है। यह छात्रावास पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ऐसे में भवन को दो साल पहले असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।<br /><strong>- सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 16:05:19 +0530</pubDate>
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                <title>एक साल में जितने हॉस्टल सीज किए उतने तीन दिन में कर दिए</title>
                                    <description><![CDATA[हॉस्टल में आग लगने के बाद मुस्तैद हुआ निगम का फायर अनुभाग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-number-of-hostels-seized-in-a-year-was-sealed-in-three-days/article-75295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(7)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लक्ष्मण विहार प्रथम स्थित आदर्श रेजीडेंसी में आग लगने की घटना के बाद हरकत में आए निगम के फायर अनुभाग ने उस हॉस्टल को तो सीज किया ही उसके साथ ही उसी दिन दो अन्य हॉस्टल भी सीज कर दिए थे। वहीं तीसरे दिन मंगलवार को लैंड मार्क सिटी के तीन और हॉस्टलों के ऑफिस व मैस को सीज किया गया। निगम की फायर टीम ने एक साल में जितने हॉस्टल सीज किए उतने तो तीन दिन में कर दिए। आदर्श रेजीडेंसी में रविवार सुबह ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। जिससे उस हॉस्टल में रहने वाले 61 कोचिंग स्टूडेंट का जीवन संकट में पड़ गया था। उसके बाद मौके पर पहुंचे  जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने हॉस्टल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हॉस्टल को सीज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम के आयुक्त के निर्देश पर निगम की फायर टीम ने उस हॉस्टल को सीज कर दिया था और स्टूडेंट को आस-पास के तीन अन्य हॉस्टलों में शिफ्ट कर दिया था। </p>
<p><strong>लैंड मार्क के तीन हॉस्टल की मैस व आॅफिस सीज</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के फायर अनुभाग ने मंगलवार को कुन्हाड़ी के लैंडमार्क स्थित तीन हॉस्टल की मैस व आॅफिस को सीज किया है। नगर निगम कोटा उत्तर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि लैंड मार्क के एफ ब्लॉक में बीएल रेजीडेंसी, ज्ञानश्रम हॉस्टल व आन्या हॉस्टल में फायर सिस्टम नहीं होने व फायर एनओसी नहीं होने पर उन्हें पूर्व में नोटिस दिए गए थे। लेकिन उसके बाद में उनमें न तो फायर सिस्टम लगा और न ही एनओसी ली गई। इस पर तीनों हॉस्टलों की मैस व आॅफिस सीज किए गए। </p>
<p><strong>यह भवन सुरक्षित नहीं</strong><br />सीएफओ व्यास ने बताया कि किसी हॉस्टल में 42, किसी में 45 और किसी में 62 कोचिंग स्टूडेंट हैं। ऐसे में पूरे हॉस्टल सीज नहीं कर सकते। लेकिन उनकी मैस व आॅफिस सीज कर दिए। जिससे बच्चों के आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो। साथ ही उनके खाने की व्यवस्था आस-पास की मैस में की गई है।  व्यास ने बताया कि हॉस्टल में चस्पा नोटिस में लिखा गया है कि ये भवन अग्निशमन की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। एक माह के भीतर फायर सिस्टम लगवाकर व एनओसी लेने की व्यवस्था करें। </p>
<p><strong>एक साल में 6 हॉस्टल किए सीज</strong><br />इधर नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के फायर अनुभाग की ओर से दोनों निगम क्षेत्रों में फायर सिस्टम व एनओसी नहीं होने पर करीब 2300 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हुए हैं। जिनमें से 90 फीसदी हॉस्टल हैं। सीएफओ व्यास ने बतॉाया कि करीब एक साल के भीतर कोटा उत्तर व दक्षिण में आधा दर्जन हॉस्टलों को सीज किया गया है। जिनमें दिसम्बर में लैंड मार्क में और उसके बाद जवाहर नगर में सीज किया था। उससे पहले भी 4 से 5 हॉस्टल सीज किए जा चुके हैं।  गौरतलब है कि निगम द्वारा एक साल में करीब आधा दर्जन हॉस्टल सीज किए थे वहीं अब तीन दिन में आधा दर्जन हॉस्टल सीज किए जा चुके हैं। जानकारों के अनुसार यदि निगम व जिला  प्रशासन शुरुआत से ही ऐसी सख्ती करे तो अब तक काफी सुधार हो जाता। </p>
<p><strong>आपातकालीन सीढ़ियां व निकास आवश्यक</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि हॉस्टल में आग लगने के दौरान बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में हॉस्टल एसोसिएशन व कोचिंग संचालकों के साथ बात की गई है। जिसमें सभी हॉस्टलों में आपातकालीन सीढ़ियां, प्रवेश व निकास की अलग-अलग व्यवस्था और अलार्म सिस्टम लगाना आवश्यक कर दिया गया। जिससे आग लगने की घटना होने पर वहां रहने वालों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। </p>
<p><strong>सख्ती का डर, एनओसी के लिए फाइलों का ढेर</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि तीन दिन पहले हॉस्टल में आग लगने के बाद जैसे ही  तीन हॉस्टल सीज किए। उसके बाद हॉस्टल संचालकों में इतना डर बैठ गया कि कोटा उत्तर व दक्षिण में फायर एनओसी के लिए फाइलों का ढेर लग गया। जो हॉस्टल मालिक व संचालक नोटिसों को हल्के में ले रहे थे उन्हें हॉस्टल सीज होने का डर बैठ गया कि अब वे एनओसी के लिए आवेदन करने लगे हैं।  उन्होंने बताया कि एनओसी के लिए यूडी टैक्स जमा होना आवश्यक है। आवेदन के साथ यूडी टैक्स की रसीद लगी होनी चाहिए। ऐसे में अब  संचालक यूडी टैक्स भी जमा करवाने लगे  हैं। </p>
<p><strong>बच्चे सुरक्षित रहें, दोबारा न हो ऐसी घटना</strong><br />शहर में सैकड़ों की संख्या में हॉस्टल हैं जिनमें देशभर के हजारों कोचिंग स्टूडेंट रह रहे हैं। फायर टीम व जिला प्रशासन का मकसद है कि हॉस्टलों में फायर सिस्टम लगा हो जिससे बच्चे सुरक्षित रह सके। साथ ही सख्ती का कारण है कि दोबारा आग लगने जैसी कोई घटना न हो। यदि घटना होती भी है तो हॉस्टल के सिस्टम से आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। जिससे किसी बच्चे को कोई परेशानी नहीं हो। <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Apr 2024 15:20:26 +0530</pubDate>
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                <title>आदर्श रेजीडेंसी समेत तीन हॉस्टल किए सीज</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति पूर्व में ही चेता चुका था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/three-hostels-including-adarsh-residency-seized/article-75125"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(3)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हमेशा की तरह बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन की नींद खुलती है। उसी तरह से रविवार को हॉस्टल में आग लगने के बाद ही निगम का फायर अनुभाग व प्रशासन चेता और नोटिस के बाद भी फायर सिस्टम नहीं लगाने वाले हॉस्टलों को सीज करने की कार्रवाई शुरू की।   लक्ष्मण विहार प्रथम स्थित आदर्श रेजीडेंसी में आग लगने के बाद हॉस्टल में रहने वाले एलन कोचिंग के सभी 61 कोचिंग स्टूडेंट को अन्य हॉस्टलों में शिफ्ट कर दिया है। साथ ही रेजीडेंसी समेत दो अन्य हॉस्टल को भी सीज कर दिया। सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि  हॉस्टल में अवैध रूप से ट्रांसफार्मर रखा हुआ था।  जिसमें शॉर्ट सर्किट से आग लगी। हॉस्टल में आग से सुरक्षा का कोई  फायर सिस्टम भी लगा हुआ नहीं था। संचालक को पूर्व में दो बार नोटिस दिया जा चुका था। लेकिन उसके बाद भी उसके द्वारा फायर सिस्टम नहीं लगाया गया। रविवार को हॉस्टल में आग लगने पर जिला कलक्टर के निर्देश पर हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों को  आस-पास के अन्य हॉस्टलों में शिफ्ट कर दिया। साथ ही  नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त अनुराग भार्गव के आदेश से आदर्श रेजीडेंसी को सीज कर दिया।  </p>
<p><strong>लैंड मार्क के दो हॉस्टल भी किए सीज</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि बिना फायर सिस्टम व बिना फायर एनओसी वाले हॉस्टलों को पूर्व में कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। उसके बाद भी वहां व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर जिला कलक्टर के निर्देश पर लैंड मार्क सिटी स्थित ज्ञानदीप और पारस जीवनदीप हॉस्टल के कार्यालय व मैस को सीज किया गया। इस दौरान नगर निगम कोटा उत्तर के अग्निशमन अधिकारी अजहर खान व अमजद खान और सहायक अग्निशमन अधिकारी सीता चौबदार भी मौजूद थे।</p>
<p><strong>5 मंजिला हॉस्टल, 75 कमरे</strong><br />पुलिस उप अधीक्षक राजेश सोनी ने बताया कि हॉस्टल का मालिक नरेश धाकड़ है उन्होंने हितैष जैन को हॉस्टल लीज पर दिया हुआ था। हॉस्टल 5 मंजिला बना हुआ है। उसके हर मंजिल पर 15 कमरे हैं। कुल 75 कमरों में से 61 कमरों में एलन कोचिंग के नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट रह रहे थे। 14 कमरे खाली हैं। हॉस्टल में फायर सिस्टम नहीं होने से उसे सीज किया गया है। साथ ही हॉस्टल संचालक व मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। </p>
<p><strong>बिना फायर सिस्टम चल रहे हॉस्टल</strong><br />शहर में बिना फायर सिस्टम के बड़ी संख्या में हॉस्टल व व्यवसायिक मल्टीस्टोरी और आवासीय इमारते हैं। जिनमें हजारों कोचिंग स्टूडेंट व परिवार रह रहे हैं। नगर निगम की ओर से जांच करने के बाद उनमें कमियां पाए जाने पर निगम के फायर अनुभाग की ओर से उन्हें हर बार नोटिस देकर इतिश्री कर ली जाती है। इस संबंध में दैनिक नवज्योति समय-समय पर चेताता रहा है। हाल ही में  9 अप्रैल को पेज 5 पर ‘हर गली मोहल्ले में ट्रांसफार्मर के नीचे बैठा काल’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें ट्रांसफार्मर के आस-पास आग के खतरे को बताया था। उसके बाद 13 अप्रैल को पेज 3 पर ‘नोटिस की तीली से बुझा रहे बारूद का ढेर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें निगम के फायर अनुभाग द्वारा बार-बार नोटिस देकर इतिश्री करने के बारे में जानकारी दी गई थी। इस तरह समय-समय पर चेताने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिसका नतीजा रविवार को 61 बच्चों की जान  जोखिम में डालने वाला हादसा हुआ। गनीमत रही कि कोई जन हानि नहीं हुई। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Apr 2024 12:11:13 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर हॉस्टल मार रहा करंट, खतरे में जान</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व में भी करंट लगने के घटना हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-dilapidated-hostel-is-hit-by-current--life-in-danger/article-53202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/jajr-maar-rha-current,-khtre-me-jaan...kota-news-31-07-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले नर्सिंग स्टूडेंटस खुद ही संक्रमण व गंदगी के बीच दिन गुजारने को मजबूर हैं। कमरों के ऊपर बिजली के तार झूल रहे तो दीवारों में सीलन से करंट का खतरा बना है। नयापुरा स्थित 26 साल पुराना राजकीय नर्सिंग हॉस्टल जर्जर हो चुका है। चारों ओर झाड़-झंगाड़ व गंदगी के ढेर लगे हैं। जिससे बीमारियों व जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी से जान का खतरा बना रहता है। भवन के पीछे गंदा नाला है, जिसकी बरसों से सफाई नहीं हुई। दुर्गंध से विद्यार्थियों का सांस लेना दुश्वार हो रहा वहीं छतों पर खुली टंकियों में खतरनाक बीमारियों का लार्वा पनप रहा। मच्छरों के प्रकोप से छात्रों के बीमार होने का खतरा मंडरा रहा है। </p>
<p><strong>दीवारों में सीलन, कटे बिजली तार</strong><br />एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमान मीणा ने बताया कि हॉस्टल की छतें जर्जर हो चुकी है। बारिश में कमरों की छतें टपकती है। दीवारों में सीलिंग रहती है। वहीं, दीवारों में अंडरग्राउड हो रही वायरिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे करंट का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी करंट लगने के घटना हो चुकी है।</p>
<p><strong>गिर रहे प्लास्टर </strong><br />राजकीय नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम कर रहे प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र ने बताया कि हॉस्टल में सुविधाओं का आभाव है। दीवारों व छतों का प्लास्टर उखड़े हुए हैं। कमरों का मेंटिनेंस भी छात्र खुद के खर्चें पर करवा रहे हैं। सीलनभरी दीवारों से उठती दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल होता है।  </p>
<p><strong>टंकियों में पनप रहा लार्वा</strong><br />नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण जांगिड़ ने बताया कि जेकेलोन अस्पताल के पीछे स्थित नर्सिंग हॉस्टल जर्जर अवस्था में है। छतों पर रखी टंकियों के टक्कन टूटे हुए हैं, जिनमें बरसाती पानी व काई जमी हुई है। इनमें  लार्वा पनप रहा है। </p>
<p><strong>कमरों में घुस जाते हैं श्वान-सुअर  </strong><br />हॉस्टल परिसर में दिनरात आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी कुत्ते और सुअरों की है। भोजन की तलाश में यह कमरों तक पहुंच जाते हैं। </p>
<p><strong>बिजली पैनल बना कबूतरों का घौंसला</strong>  <br />एसोसिएशन के सचिव मुकुट नागर व अरविंद जांगिड़ ने बताया कि हॉस्टल की हालत डरावनी है। कमरों के बाहर बिजली के पैनल कबूतरों के घौंसले बने हुए हैं। उनके पंजों में उलझकर तार टूट जाते हैं, जिससे आए दिन शॉर्ट सर्किट होता रहता है। छात्र ही तार जोड़ते हैं, जिससे करंट का डर रहता है।  छत पर रखी टंकियों केपाइप जगह-जगह से लीकेज हो रहे हैं। जिससे टंकियां खाली हो जाती है। नलों में टूटियां नहीं हैं। कपड़े ठूंसकर पानी रोका हुआ है। स्टूडेंटस बड़ी परेशानी में है। </p>
<p><strong>4 करोड़ से बनेगा नया हॉस्टल</strong><br />एमबीएस अस्पताल परिसर में जल्द ही जी-5 कैटगरी का नया जीएनएम हॉस्टल बनेगा। इसके लिए 4 करोड़ 8 लाख रूपए का बजट स्वीकृत हो चुका है। हॉस्टल 6 मंजिला होगा। इसमें गर्ल्स और बॉयज दोनों के हॉस्टल होंगे। पूर्व में यूआईटी सचिव को पत्र लिखकर परमिशन मांगी गई थी, जो मिल चुकी है। टैंडर प्रक्रिया फाइनल स्टेज पर है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं, मंगलवार को पुराने हॉस्टल का निरीक्षण रिपेयर करवाएंगे।<br /><strong>- विष्णुदत्त यादव, प्रिंसिपल राजकीय जीएनएम कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>हाल ही में रेजिडेंट्स हॉस्टल का विजिट किया था। वहां के हालात देख सर्वे करवाकर मरम्मत कार्य करवाए हैं। जिसमें नल कनेक्शन, पानी टंकियां, झूलते बिजली के तारों को सही करवाना व साफ-सफाई शामिल है। इसी परिसर में नर्सिंग हॉस्टल भी है, यहां की समस्याएं संज्ञान में आई है। जल्द ही सर्वे करवाकर मेंटिनेंस करवाएंगे। छात्रों को बेहतर सुविधाएं देना प्राथमिकता में है। समस्याओं का तुरंत समाधान करवाया जाएगा।  <br /><strong>- डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 16:42:37 +0530</pubDate>
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                <title>बारूद के ढेर पर खड़ा हजारों बच्चों का जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन द्वारा ऐसे हॉस्टल सचालकों के खिलाफ सख्ती व कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-children-s-lives-standing-on-a-pile-of-gunpowder/article-48775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/barood-k-dher-pr-khada-hazaro-bachho-ka-jivan...kota-news-14-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।<strong> केस 1</strong> - कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित लैंडमार्क सिटी के एक हॉस्टल में गत दिनों आग लगने की घटना हुई थी। रात के समय अचानक हुई इस घटना से उस हॉस्टल में रहने वाले बच्चे घबरा गए थे। बड़ी मुश्किल से उन्हें हॉस्टल से बाहर निकाला गया। जांच में उस हॉस्टल में फायर सिस्टम लगा हुआ नहीं मिला। जिस पर हॉस्टल सचालक को नोटिस दिया गया। </p>
<p><strong>केस 2 </strong>- जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में गत दिनों आग लगने की घटना हुई थी। जिससे उस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का जीवन संकट में पड़ गया था। फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर आग तो बुझा दी लेकिन वहां जांच करने पर फायर सिस्टम ही लगा हुआ नहीं मिला। इस पर हॉस्टल सचालक को नोटिस दिया गया। </p>
<p><strong>केस 3</strong> - तलवंडी स्थित एक बहुमंजिला हॉस्टल में कुछ समय पहले आग लग चुकी है। आग ऊपरी हिस्से में लगी थी। लेकिन उस हॉस्टल से बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। जिससे बड़ी मुश्किल से बच्चों को बाहर निकाला गया। यहां भी जांच करने में फायर सिस्टम नहीं मिले। जिस पर निगम के फायर अनुभाग ने संचालक को नोटिस दिया। </p>
<p> ये उदाहरण पर्याप्त हैं शहर के हॉस्टलों की दशा बताने को। शहर में ऐसे सैकड़ों हॉस्टल हैं जो बहुमंजिला बने हुए हैं। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस हॉस्टलों में देशभर से यहां मेडिकल व इंजीनियरिंग की कोचिंग करने वाले हजारों छात्र छात्राएं रह रहे हैं। 3 से 8 मंजिला तक बने इस हॉस्टलों में बच्चों के रहने व खाने से लेकर हर तरह की सुविधा दी हुई है। लेकिन सबसे जरूरी सुविधा आग से बचाव के लिए फायर सिस्टम की है वही लगे हुए नहीं है। इसका अंदाजा नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा समय-समय पर हॉस्टलों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच से लगाया जा सकता है। जहां जांच में अधिकतर की स्थिति बदतर पाई जाने पर उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। हालांकि निगम भी मात्र नोटिस देकर ही इतिश्री कर रहा है। प्रशासन द्वारा ऐसे हॉस्टल सचालकों के खिलाफ सख्ती व कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। </p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हैं हॉस्टलों की बाढ़</strong><br />शहर का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां बहुमंजिला हॉस्टल बने हुए नहीं हों। विशेष रूप से नए कोटा से लेकर नदी पार और बारां रोड तक यही हालत है। जिस क्षेत्र में कोचिंग संस्थान हैं वहां इन हॉस्टलों की संख्या काफी अधिक है। हालत यह है कि कतार से एक के बाद एक कई हॉस्टल बने हुए हैं। जिससे उनकी बाढ़ सी आई हुई है। जवाहर नगर, तलवंडी, राजीव गांधी नगर, इंद्र विहार, दादाबाड़ी, विज्ञान नगर, महावीर नगर, परिजात कॉलोनी, लैंडमार्क सिटी कुन्हाडी, बारां रोड नया नोहरा, कोरल पार्क, इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स, रीको इंडस्ट्रीयल एरिया, रानपुर समेत कई क्षेत्रों में तो हॉस्टल रेल के डिब्बों की तरह बने हुए हैं। कई हॉस्टल तो वाच टावर की तरह के हैं। जहां छोटे से भूखंड पर कई मंजिला हॉस्टल हैं। </p>
<p><strong>इस तरह की कमियां हैं हॉस्टलों में</strong><br />नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा समय-समय पर हॉस्टलों की जांच की जा रही है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से पूर्व में की गई जांच के दौरान करीब 80 फीसदी ऐसे हॉस्टल व बहुमंजिला इमारतें पाई गई थी जिनमें आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम ही नहीं थे। जहां सिस्टम लगे हुए हैं लेकिन वे सिर्फ दिखाने के लिए लगाए हुए हैं। उनमें से अधिकतर कार्यशील नहीं है। निगम अधिकारियों के अनुसार अधिकतर हॉस्टलों में प्रवेश व निकास का एक ही रास्ता है। आग लगने की घटना होने पर वहां से बच्चों को निकलने में परेशानी हो सकती है। कहीं फायर सिस्टम है तो चालू हालत में नहीं है। कहीं फायर के छोटे उपकरण लगे हुए हैं लेकिन वे अवधि पार हो चुके हैं। कहीं पानी की सुविधा तक नहीं है। कई हॉस्टलों में तो दमकलों तक पहुंचने तक की सुविधा नहीं है।</p>
<p><strong>करीब एक हजार से अधिक नोटिस</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के फायर अनुभाग की ओर से पूर्व में की गई हॉस्टलों व बहुमंजिला इमारतों की जांच में फायर सिस्टम नहीं पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से करीब 700 से अधिक और कोटा उत्तर में 300 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।  हालत यह है कि नगर निगम कोटा दक्षिण के फायर अनुभाग की ओर से वर्तमान में इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स में हॉस्टलों की जांच की जा रही है। दो दिन में ही 21 हॉस्टलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। </p>
<p><strong>फायर एनओसी की औपचारिकता निभा रहे</strong><br />जानकारों के अनुसार नगर निगम के फायर अनुभाग कीओर से जांच में कमी पाए जाने पर नोटिस देकर इतिश्री की जा रही है। हालत यह है कि 7 दिन का नोटिस मिलने पर कई हॉस्टल संचालक नगर निगम में फायर एनओसी के लिए आवेदन कर औपचारिकता निभा रहे हैं। जबकि फायर एनओसी के लिए यूडी टैक्स जमा होना आवश्यक है। अधिकतर हॉस्टल संचालकों का यूडी टैक्स ही जमा नहीं है। ऐसे में उन्हें एनओसी ही नहीं मिल सकती। </p>
<p><strong>सीजिंग होने पर ही लगाएंगे सिस्टम</strong><br />हॉस्टलों को बनाने पर जब लाखों करोÞड़ों रुपए खर्च कर सकते हैं तो कुछ रुपए फायर सिस्टम लगाने पर भी खर्च होने चाहिए। फायर सिस्टम नहीं होने  पर हॉस्टल संचालन की अनुमति ही नहीं मिलनी चाहिए। यदि फायर सिस्टम नहीं है तो उन हॉस्टलों को सीज किया जाए। पूर्व में कई हॉस्टल, मॉल व होटलों को सीज करने पर उन्होंने फायर सिस्टम लगाए हैं।            <br /><strong>- देवेन्द्र जांगिड़, कैथूनीपोल</strong></p>
<p><strong>ठोस कार्रवाई हो, तभी सुधार संभव</strong><br />कोटा की छवि देशभर में शिक्षा नगरी के रूप में बनी है। उसी कारण यहां करीब दो लाख बच्चे बाहर से आकर रह रहे हैं। उनकी सुरक्षा करना प्रशासन के साथ हॉस्टल सचालकों की है। आग से सुरक्षा के इंतजाम प्राथमिकता है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो हॉस्टल संचालकों के खिलाफ सख्त  कार्रवाई करने पर ही सुधार संभव होगा। <br /><strong>- संजय विजय, छावनी</strong></p>
<p><strong>किराया हजारों रुपए तो सुरक्षा भी हो</strong><br />हॉस्टलों में रहने वाले हर बच्चे से महीने का करीब 15 से 20 हजार रुपए किराया लिया जा रहा है। जिसमें सुविधाएं तो सभी दी जा रही है। लेकिन आग की घटना से सुरक्षा के इंतजाम नहीं होना गम्भीर है। जब किराया अधिक ले रहे हैं तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हॉस्टल संचालकों की है। <br /><strong>- हरीश नामा, महावीर नगर प्रथम</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में फायर अनुभाग की टीमें समय-समय पर हॉस्टल व बहुमंजिला आवासीय इमारतों की जांच करती रहती है। अधिकतर हॉस्टलों में फायर सिस्टम लगे हुए नहीं हैं। ऐसे में कोटा दक्षिण में 700 से अधिक व कोटा उत्तर में 300 से अधिक नोटिस दे रखे हैं। उनमें से कई संचालकों ने फायर एनओसी के लिए आवेदन किए हुए हैं।  दक्षिण में करीब 500 और उत्तर में 250 एनओसी जारी की जा चुकी है। हॉस्टलों की जांच का अभियान लगातार जारी है। पूर्व में हॉस्टल, होटल व मॉल तक को सीज किया गया है। <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 14:31:42 +0530</pubDate>
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                <title>ना फायर एनओसी, ना यूडी टैक्स जमा, फिर भी चल रहा भाजपा नेता राकेश जैन के घर में हॉस्टल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार राकेश जैन के इस हॉस्टल का करीब एक लाख रुपए से अधिक का यूडी टैक्स भी बकाया है। वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक चार साल से टैक्स ही जमा नहीं किया जा रहा। हर साल करीब 25 हजार रुपए से अधिक का टैक्स बन रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-fire-noc-no-ud-tax-deposit-hostel-in-bjp-leader-rakesh-jain-house-in-kota/article-42126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोचिंग नगरी कोटा में हर साल लाखों विद्यार्थी मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए आ रहे हैं। उन विद्यार्थियों के लिए रहने वाले हॉस्टलों में से अधिकतर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तक नहीं है। ऐसा ही एक हॉस्टल है भाजपा नेता राकेश जैन का। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक और जीएमए प्लाजा के अध्यक्ष राकेश जैन का न्यू राजीव गांधी नगर में स्थित घर में ही पहले गुरु वात्सल्य के नाम से हॉस्टल चल रहा था। अब यह जीटो एम्बीशियन एक्स बॉयज हॉस्टल के नाम से संचालित हो रहा है। हॉस्टल में सरकार व प्रशासन की गाइड लाइन की पूरी तरह से पालना तक नहीं हो रही है। यहां रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। चार मंजिला इस हॉस्टल में जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते है। वहां आग जनिक दुर्घटना होने पर उससे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तक नहीं है। इतना ही नहीं हॉस्टल में प्रवेश व निकास की भी अलग-अलग सुविधा नहीं है। नगर निगम के फायर अनुभाग से जानकारी करने पर पता चला कि हॉस्टल संचालक ने फायर एनओसी तक नहीं ले रखी है। जिससे बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने के साथ ही नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है। इतना सब कुछ होने के बाद भी हॉस्टल मालिक राकेश जैन इस बात से ही मना कर रहे है कि उनके भवन में कोई हॉस्टल नहीं चलता।</p>
<p><strong>कमाई व्यवसायिक की, पंजीयन इंस्टीट्यूशनल में </strong><br />जीटो एम्बीशियन एक्स बॉयज हॉस्टल समेत अधिकतर हॉस्टल कमाई तो व्यवसायिक के रूप में कर रहे हैं। जबकि इनका पंजीयन इंस्टीट्यूशनल में किया जा रहा है। इस हॉस्टल में विद्यार्थियों से हर कमरे का करीब 15 हजार रुपए महीना किराया वसूल किया जा रहा है। जिसमें बिजली के बिल का खर्चा अलग से लिया जा रहा है। इतना अधिक किराया लेने पर एसी व भोजन की सुविधा का दावा तो किया जा रहा है लेकिन आग से सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। जबकि सबसे अधिक खतरा इसी से है। उसके बावजूद हॉस्टल सचालकों से टैक्स आवासीय का वसूल किया जा रहा है। वह भी हॉस्टल संचालक समय पर जमा नहीं करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार हॉस्टल संचालकों ने बिजली का कनेक् शन भी आवासीय ही ले रखा है।</p>
<p><strong>कमरे के लिए फोन किया तो हॉस्टल चल रहा था, बाद में बंद बताया</strong><br />ग्राहक बनकर बच्चे के हॉस्टल में कमरा लेने के लिए फोन किया तो कमल गोस्वामी नामक व्यक्ति ने फोन उठाया और हॉस्टल चलना बताया। जिसमें सिर्फ जैन समाज के बच्चों को ही कमरा देने की बात कही। उसका किराया भी 15 हजार रुपए महीना और बिजली के बिल का खर्चा अलग से लेना बताया। कमरा उपलब्ध नहीं होने पर पास के हॉस्टल में दिलवाने की बात कही। लेकिन जब उन्हें समाचार पत्र से बात करना बताया तो वे पलट गए और हॉस्टल चलने से ही इनकार कर दिया। कमल गोस्वामी ने बताया कि वे राकेश जैन का हॉस्टल लीज पर लेकर संभालते थे। लेकिन इस बार उसकी राशि अधिक होने से उन्होंने नहीं लिया। लेकिन हॉस्टल जीटो के नाम से संचालित हो रहा है।</p>
<p><strong>एक लाख से अधिक का यूडी टैक्स बकाया</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार राकेश जैन के इस हॉस्टल का करीब एक लाख रुपए से अधिक का यूडी टैक्स भी बकाया है। वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक चार साल से टैक्स ही जमा नहीं किया जा रहा। हर साल करीब 25 हजार रुपए से अधिक का टैक्स बन रहा है। </p>
<p><strong>पेनल्टी में शत प्रतिशत छूट</strong><br />हालत यह है कि यूडी टैक्स पर शत प्रतिशत की छूट भी दी गई है। वर्ष 2007 से 31 मार्च 2020 तक के टैक्स पर पेनल्टी में 27 हजार रुपए से अधिक की छूट दी गई है। उसके बाद 1 लाख 9 हजार से अधिक का टैक्स बकाया निकल रहा है। जिसे हॉस्टल संचालक ने जमा नहीं करवाकर नगर निगम को भी राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।</p>
<p>पहले घर में ही हॉस्टल चलता था। लेकिन उसमें कई दिक्कतें आती थी। कोविड के समय तीन साल पहले हॉस्टल बंद कर दिया है। फिलहाल वहां कोई हॉस्टल संचालित नहीं हो रहा है। हॉस्टल की बिल्डिंग जहां की तहां है। <br /><strong>-राकेश जैन, भाजपा नेता व मालिक, जीटो एम्बीशियन एक्स बॉयज हॉस्टल, न्यू राजीव गांधी नगर   </strong></p>
<p>हॉस्टलों में सरकार व प्रशासन की गाइड लाइन पालना के लिए टीम बनाई हुई है। वह टीम रैंडमली हॉस्टलों की समय-समय पर जांच कर रही है।  कमियां पाई जा रही हैं उन्हें सुधरवाया जा रहा है। साथ ही पाबंद भी किया जा रहा है।  सभी हॉस्टलों में फायर उपकरण तो नहीं हैं लेकिन जिला कलक्टर के निर्देशन में की जा रही कार्रवाई से करीब 570 से अधिक हॉस्टलों में फायर उपकरण भी लग चुके हैं। पोर्टल पर विद्यार्थियों की हॉस्टल से संबंधित फीस व अन्य शिकायतें आने पर उनका भी समाधान किया जा रहा है। <br /><strong>- राजकुमार सिंह, एडीएम प्रशासन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Apr 2023 12:24:22 +0530</pubDate>
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                <title>वात्सल्य हॉस्टल संचालक पर 7 लाख का यूडी टैक्स बकाया </title>
                                    <description><![CDATA[वात्सल्य रेजीडेंससी हॉस्टल के सचालक ने शुरुआत से अभी तक एक रुपए भी टैक्स जमा नहीं कराया। नगर निगम को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका नतीजा एक बच्चे की अकाल मौत हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vatsalya-hostel-operator-owes-ud-tax-of-7-lakhs/article-36745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/vatsalya-hostel-sanchalak-par-7-lakh-ka-ud-tax-bakaya..kota-news..7.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  शहर में बिना परमिशन के सैकड़ों बहुमंजिला हॉस्टल खड़े हो गए। करोड़ों रुपए की बिल्डिंग बनाने के बाद भी उनमें न तो आग से सुरक्षा के लिए फायर एनओसी है और न ही यूडी टैक्स जमा है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल का। नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 79 तलवंडी क्षेत्र में आने वाला यह हॉस्टल दस मंजिला बना हुआ है। जानकारी के अनुसार करीब 24 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस हॉस्टल में 115 कमरे हैं। जिनमें 115 ही कोचिंग छात्र किराए से रह रहे हैं। हर छात्र से करीब 19 हजार 500 रुपए महीना किराया वसूल किया जा रहा है। एक महीने का किराया एडवांस लिया जा रहा है। उसके बाद भी हालत यह है कि संचालक ने इस हॉस्टल में न तो आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। नगर निगम से फायर एनओसी तक नहीं ली हुई है। बिना फायर एनओसी के और बिना सुरक्षा मापदंडों के बरसों से हॉस्टल संचालित हो रहा है। जिस पर न तो नगर निगम का और न ही जिला प्रशासन का ध्यान है। नतीजा हजारों किमी. दूर से आकर इस हॉस्टल में किराए से रहने वाले पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी निवासी कोचिंग छात्र इशानशु भट्टाचार्य हॉस्टल की लापरवाही से अपनी जान गंवा चुका। अपने पिता के इकलौता बेटा होने से उस परिवार पर हॉस्टल संचालक की लापरवाही से इतना बड़ा  पहाड़ टूट पड़ा कि वह परिवार बरसों से उस सदमे से बाहर नहीं निकल सकेगा।</p>
<p> जानकारी के अनुसार हॉस्टल बनने के बाद से अभी तक संचालक ने नगर निगम में  नगरीय विकास कर(यूडी टैक्स) तक जमा नहीं कराया है। जबकि वर्तमान में हॉस्टल सचालक पर करीब 7 लाख 1 हजार 73 रुपए यूृडी टैक्स बकाया है। सूत्रों के अनुसार यदि कोई व्यवसायिक प्रतिष्ठान द्वारा एक साल यूडी टैक्स जमा नहीं कराया जाता तो निगम की ओर से उसे नोटिस देने के साथ ही सीजिंग तक की कार्यवाही कर दी जाती।लेकिन वात्सल्य रेजीडेंससी हॉस्टल के सचालक ने शुरुआत से अभी तक एक रुपए भी टैक्स जमा नहीं कराया। नगर निगम को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका नतीजा एक बच्चे की अकाल मौत हो गई। </p>
<p><strong>यूडी टैक्स जमा होने पर ही मिलेगी फायर एनओसी</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार  किसी भी संस्थान को फायर एनओसी लेने के लिए सरकार के नियमानुसार पहले यूडी टैक्स जमा करवाना होता है। लेकिन वात्सल्य  रेजीडेंसी हॉस्टल के संचालक ने जब यूडी टैक्स ही जमा नहीं कराया तो उसे फायर एनओसी भी नहीं मिल सकती। हालत यह है कि निगम ने न तो फायर एनओसी  नहीं होने का नोटिस दिया और न ही यूडी टैक्स जमा नहींकरवाने का। </p>
<p><strong>सात दिन का नोटिस देंगे</strong><br />नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी  राकेश व्यास ने बताया कि हॉस्टल में आग से सुरक्षा संबंधी उपकरणों की जांच की गई। जांच में वहां हॉस्टल व बच्चों की क्षमता के अनुसार आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। हॉस्टल संचालक ने नगर निगम से फायर एनओसी भी नहीं ली हुई है। संचालक को मंगलवार को 7 दिन का नोटिस दिया जाएगा। यदि उस समय में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता है तो ठोेस कार्रवाई की जाएगी।    </p>
<p><strong>जांच में मिली खामियां ही खामियां</strong><br />इस हॉस्टल की बॉलकनी की खिड़की में कमजोर जाली व रैलिंग होने से एक कोचिंग छात्र की छठी मंजिल से गिरने पर मौत होने के बाद जब नगर निगम के फायर अनुभाग और पुलिस ने जांच की तो हॉस्टल में खामियां ही खामियां पाई गई। निर्माण से लेकर आग से सुरक्षा और  निगम को राजस्व नुकसान तक हर तरह की कमियां हॉस्टल में हैं। सूत्रों के अनुसार हॉस्टल में कमरे भी इतने छोछे-छोटे हैं और संकरा भी है। जिससे   किसी भी तरह का हादसा होने पर एक साथ कई बच्चे बाहर तक नहीं निकल सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Feb 2023 14:49:37 +0530</pubDate>
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