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                <title>darkness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अंधेरे में डूबा एरोड्राम का टावर ऑफ लिबर्टी, फुटपाथ पर बिखरी केबल से करंट का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[बारां रोड पर भी लाइटें गायब, छाया अंधेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/aerodrome-s--tower-of-liberty--plunged-into-darkness/article-146817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को एक तरफ तो पर्यटन नगरी और स्मार्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख स्थल व मुख्य मार्ग ही अंधेरे में डूबे हुए हैं। जिससे एक ओर जहां रात के समय अंधेरा छाया हुआ है वहीं राहगीरों के लिए करंट का खतरा भी बना हुआ है। शहर के बीच स्थित एरोड्राम चौराहा। जिस पर करोड़ों रुपए खर्च कर उसे विकसित किया गया। उसके सौन्दर्यीकरण के लिए चौराहे के बीच तीन बड़ी टावरों वाला टावर ऑफ लिबर्टी बनाया गया। उस टावर की हालत यह है कि पिछले कई दिन से यहां अंधेरा छाया हुआ है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इसकी बंद लाइटों को कई बार चालू किया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी ये बार-बार बंद हो रही है। जनवरी में भी ये लाइटें कई दिन तक बंद रही थी। उसके बाद उनमें से कई लाइटों को कुछ समय पहले फिर से चालू कर दिया था। लेकिन वर्तमान में इसकी सभी लाइटें फिर से बंद हो गई है। जिससे यहां अंधेरा छाया हुआ है।</p>
<p><strong>पहले लेते थे सेल्फेी</strong><br />यहां से रात के समय निकलने वाले कई लोग विशेषकर बाहर से आने वाले व युवा टावर ऑफ लिबर्टी पर तंग बिरंगी रोशनी व रंग बदलती लाइटों के सेल्फद्दी लेते थे। वहीं अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। वरन् अधिकतर लोग इसकी दुर्दशा देखकर निराश हो रहे हैं और इनक लाइटों के फिर से चालू होने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कई बार चोरी हो चुकी हैं लाइटें</strong><br />एरोड्राम चौराहे के टावर आॅफ लिबर्टी की लाइटें व बिजली का पैनल कई बार चोरी हो चुका है। जिससे केडीए द्वारा संवेदक के माध्यम से सही कराया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी यहां की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार अब तो संवेदक ने भी इसे सही करने से हाथ खड़े कर लिए हैं। साथ ही ये लाइटें केडीए के लिए भी चुनौती बनी हुई है।</p>
<p><strong>अंटाघर से एसपी कार्यालय तक अंधेरा</strong><br />शहर में वैसे तो कई मुख्य मार्ग ऐसे हैं जहां रात के समय अक्सर अंधेरा रहता है। कई जगह पर रोड लाइटें खराब होने से बंद हैं। जबकि अंटाघर चौराहे से एसपी कार्यालय तक सड़क किनारे लगी रोड लाइटों में से अधिकतर गायब हो चुकी है। साथ ही उन लाइटों के तारों की केबल फुटपाथ पर ही खुली पड़ी हुई है। बारां रोड की कॉलोनियों में रहने वालों का कहना है कि यहां लाइटें नहीं होने से रात के समतय अंधेरा रहता है। जिससे कभी भी कोई हादसा होने का खतरा बना हुआ है। वहीं फुटपाथ पर केबल खुली व कटी पड़ी होने से करंट का भी खतरा बना हुआ है।लोगों का कहना है कि इसे तुरंत सही करवाया जाए। जिससे किसी तरह का कोई हादसा न हो।</p>
<p><strong>शीघ्र ही सही करवाया जाएगा</strong><br />केडीए सचिव मुकेश चौधरी का कहना है कि एरोड्राम चौराहे की लाइटों को कई बार सही कराया जा चुका है। लेकिन ये बार-बार बंद हो रही है। कई बार केबल चोरी होने से व कई बार तकनीकी कारणों से बंद हो रही है। इसे शीघ्र ही सही करवाकर चालू किया जाएगा। वहीं बारां रोड की गायब लाइटों को दिखवाकर उन्हें भी चालू करवा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:04:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गोपाल निवास बाग बदहाल : खुले बिजली बोर्ड, अंधेरा और अव्यवस्था से बढ़ा खतरा, पार्क में  लगे सोलर पैनल बने  शोपीस </title>
                                    <description><![CDATA[हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाने वाला पार्क हुआ जर्जर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/gopal-niwas-bagh--a-dilapidated-park--dangers-exacerbated-by-open-electrical-wiring--darkness--and-clutter--solar-panels-in-the-park-become-mere-showpieces/article-134953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नयापुरा क्षेत्र में स्थित गोपाल निवास बाग इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों की चिंता का विषय बना हुआ है। कभी इस क्षेत्र का आकर्षण रहा यह पार्क अब लापरवाही और अव्यवस्था की वजह से खतरों का गढ़ बनता जा रहा है। पार्क में खुले पड़े बिजली के बोर्ड लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस पार्क में टहलने आते हैं, ऐसे में खुले बिजली बोर्ड किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वहीं जगह जगह फैला कचरा पार्क की सुन्दरता को दाग लगा रहा है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबा पार्क, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ा</strong><br />शाम ढलते ही पार्क में अंधेरा छा जाता है। लाइट की कोई भी सुविधा उपलब्ध न होने से पार्क पूरी तरह काला हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा छीना-झपटी और लूट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोग भय के कारण शाम के बाद पार्क में जाना बंद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बच्चों के झूले टूटे, फव्वारे बंद,नर्सरी जर्जर</strong><br />गोपाल निवास बाग में बच्चों के लिए लगाए गए झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं। परिवार लेकर आने वाले लोगों को यहां बच्चों के मनोरंजन की कोई सुविधा नहीं मिलती। पार्क की शोभा बढ़ाने वाले फव्वारे भी बंद पड़े हैं, जिनके कारण पार्क की सुंदरता पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है। पहले जो पार्क हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाता था, आज जर्जरता का प्रतीक बन गया है।</p>
<p> <strong>रखरखाव में शून्य व्यवस्था</strong><br />पार्क में ऊर्जा बचत के लिए लगाए गए सोलर पैनल भी अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। न तो उनका रखरखाव हो रहा है और न ही उनसे पार्क को रोशनी मिल पा रही है। इससे साफ है कि पार्क की मरम्मत और देखरेख को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं है।</p>
<p><strong>शहर के नागरिकों का कहना</strong><br />पार्क में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होने से हादसों और आपराधिक गतिविधियों की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने पार्क प्रबंधन से मरम्मत, रोशनी की व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति तथा बच्चों के खेल उपकरणों की पुनर्स्थापना की मांग की है। लोगों का कहना है, कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह पार्क अपनी उपयोगिता और पहचान दोनों खो देगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विद्युत विभाग को सूचना प्रेषित कर दी गई है, जिसके अनुसार आगामी 2,3 दिनों में लाइटिंग व्यवस्था पूर्ण रूप से सुचारू का दी जाएगी । वहीं 10-15 दिनों के भीतर पार्क में संपूर्ण व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर दिया जाएगा, ताकि आने वाले प्रत्येक आगंतुक को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- मनीष कुमार मीणा, अधिशासी अभियंता उद्यान, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 15:20:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - सेवन वंडर्स पार्क में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था करने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले को आयुक्त ने गम्भीरता से लिया और स्वयं सेवन वंडर्स पार्क का निरीक्षण कर वहां बिजली व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--instructions-given-for-adequate-lighting-at-seven-wonders-park--garden-not-properly-maintained/article-132238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/asar-khabar-ka---seven-wonders-park-mein-paryapt-roshani-vyavastha-karne-k-diye-nirdesh...kota-news-13.11.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  कोटा विकास प्राधिकरण की आयुक्त ममता कुमारी तिवारी ने बुधवार को सेवन वंडर्स पार्क  व किशोर सागर तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर्याप्त रोशनी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सेवन वंडर्स पार्क में घास अधिक बड़ी होने और उद्यानों के उचित रखरखाव नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अभियंता को निर्देश दिए कि उद्यान (हॉर्टिकल्चर) के ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाए और पार्क की सफाई व देखभाल को तत्काल सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयुक्त ने पार्क में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परिसर में पर्याप्त उजाला बना रहे। उन्होंने पाथवे पर समुचित लाइटिंग, स्मारकों के पास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था  व स्मारकों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने वाले बोर्डों पर भी उपयुक्त लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, जिससे आगंतुकों को वहां लिखी जानकारी पढ़ने में परेशानी नहीं हो। साथ ही प्रकाश व्यवस्था से संबंधित सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी अभियंताओं को दिए। किशोर सागर तालाब स्थित स्वर्ण महल के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर आयुक्त ने संबंधित अभियंता को स्वर्ण महल के संधारण व संचालन कार्य से जुड़े ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किशोर सागर तालाब की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता सुमित चित्तौड़ा, अधिशाषी अभियंता  आर. के. लोढ़ा, सहायक अभियंता ललित मीना, सहायक अभियंता पवन गोचर  व सहायक कृषि अधिकारी मनीष मीना उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला </strong><br />गौरतलब है कि सेवन वंडर्स में अंधेरा होने व वहां आने वालों को परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति  ने उठाया था। समाचार पत्र में 6 अक्टूबर को पेज 3 पर अंधेरे में डूबे 7 अजूबे, सेवन वंडर्स पार्क से पर्यटक लौट रहे निराश शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें पूरे पार्क में अंधेरा होने  व एक माह से लाइटें बंद व लाइटों के चोरी होने की जानकारी दी थी।  जिससे वहां परिवार समेत आने वाले पर्यटकों को होने वाली समस्या से अवगत कराया था।  समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले को आयुक्त ने गम्भीरता से लिया और स्वयं सेवन  वंडर्स पार्क का निरीक्षण कर वहां बिजली व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 14:05:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 17- विकास के वादों के बीच जमीनी हकीकत बदहाल, बुनियादी सुविधाएं भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से  रात में रहता है अंधेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-17---ground-reality-starkly-contrasts-with-development-promises--basic-amenities-lacking/article-131566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 17 की तस्वीर विकास के वादों से एकदम उलट नजर आती है। वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रखी है। क्षेत्र के कई हिस्सों में सफाई, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक अधूरी हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। </p>
<p><strong>रायपुरा चौराहे पर रोजाना जाम से त्रस्त लोग</strong><br />वार्ड की सबसे बड़ी समस्या रायपुरा चौराहे पर रोजाना लगने वाला जाम है। सुबह से शाम तक इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। खासकर स्कूल टाइम और दफ्तर के समय में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। राहगीर और वाहन चालक घंटों तक फंसे रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। न तो ट्रैफिक सिग्नल ठीक से काम कर रहे हैं और न ही पुलिस की नियमित मौजूदगी रहती है। <br /><strong> </strong><br /><strong>निवासियों की मांग, जल्द मिले राहत </strong><br />वार्ड 17 के निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं दिखता। वार्ड की यह तस्वीर साफ बताती है कि विकास का दावा करने वाली व्यवस्थाएं हकीकत में कितनी कमजोर हैं। नगर निगम प्रशासन कब तक इन शिकायतों को अनसुना करता रहेगा और कब इन क्षेत्रों के रहवासी राहत की सांस ले पाएंगे।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया : </strong>रायपुरा, राजनगर, गायत्री विहार, मानसरोवर कॉलोनी, कंवरपुरा, धाकडखेडी व उम्मेदगंज ग्राम का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>मानसरोवर कॉलोनी में अंधेरे का साम्राज्य</strong><br />मानसरोवर कॉलोनी क्षेत्र में सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से लोग रात में अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद असुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार निगम अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं।<br /><strong>- महावीर पारेता, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>गायत्री विहार बना उपेक्षा का प्रतीक</strong><br />गायत्री विहार क्षेत्र तो मानो नगर निगम की उपेक्षा का केंद्र बन गया है। यहां न तो सड़कें बनी हैं, न ही पानी की पाइपलाइन डाली गई है। लोगों को मजबूरन अपने घरों में बोरिंग लगवाना मजबूरी हो गई है। सफाई व्यवस्था भी नाममात्र की है, जिससे गंदगी और बदबू से माहौल दूषित रहता है। रहवासी बताते हैं कि क्षेत्र की स्थिति गांव जैसी हो गई है, जबकि यह क्षेत्र निगम सीमा के अंदर आता है। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं।<br /><strong>- सुशीला, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की समस्याओं के संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया गया है। वार्ड में अब तक अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य संपन्न कराए जा चुके हैं, और शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में कुछ न कुछ चुनौतियां अवश्य होती हैं, परंतु हमारे वार्ड की अधिकांश समस्याओं का समाधान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जो कुछ कार्य शेष हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।<br /><strong>- ईना मीणा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 14:30:50 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरे में डूबे 7 अजूबे, सेवन वंडर्स गार्डन से पर्यटक लौट रहे निराश : एक माह से लाइटें बंद, चोरी हुईं 25-30 लाइटें</title>
                                    <description><![CDATA[परिणामस्वरूप गार्डन का बड़ा हिस्सा अंधकारमय हो गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/7-wonders-plunged-into-darkness--tourists-returning-from-the-seven-wonders-garden-disappointed--lights-out-for-a-month--25-30-lights-stolen/article-128897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर का मशहूर सेवन वंडर्स गार्डन, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, इन दिनों अंधेरे में डूबा हुआ है। किशोर सागर तालाब किनारे स्थित इस गार्डन में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां बनी हुई हैं, जिन्हें देखने हजारों पर्यटक आते हैं। लेकिन एक माह पहले अज्ञात चोर यहां से 25 से 30 लाइटें चोरी कर ले गए। तब से अब तक गार्डन के बड़े हिस्से में अंधेरा पसरा हुआ है। हालात यह हैं कि शाम ढलते ही पर्यटक अंधेरे के कारण निराश होकर लौट जाते हैं। सेवन वंडर्स गार्डन का आकर्षण इसकी खूबसूरती और विश्व प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां हैं। यहां ताजमहल, एफिल टॉवर, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, चीन की दीवार, पीसा की मीनार, क्राइस्ट द रिडीमर और मिस्र के पिरामिड जैसी सातों प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं। दिन के समय ये प्रतिमाएं शानदार नजर आती हैं, लेकिन गार्डन की असली खूबसूरती रात में रंगीन रोशनी के बीच निखरती है। लाइटें चोरी होने और मरम्मत न होने के कारण अब रात में ये अजूबे अंधेरे में गुम हो रखे हैं। रोशनी के बिना पर्यटक प्रतिकृतियों को ठीक से निहार नहीं पाते। इससे यहां आने वाले पर्यटकों का अनुभव फीका पड़ गया है।</p>
<p><strong>गुमानपुरा में दर्ज है रिपोर्ट</strong><br />गार्डन से जुड़े लोगों ने बताया कि करीब एक माह पहले अज्ञात चोरों ने यहां से 25 से 30 लाइटें उखाड़कर चुरा लीं। गुम होने की रिपोर्ट गुमानपुरा थाने में दर्ज करवा रखी है। चोरी की घटना के बाद न तो नई लाइटें लगाई गईं और न ही मरम्मत हुई। परिणामस्वरूप गार्डन का बड़ा हिस्सा अंधकारमय हो गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि रात को यहां टहलने या सैर के लिए आने वाले परिवार भी अब कम हो गए हैं। बच्चों और महिलाओं के लिए यह जगह असुरक्षित सी लगने लगी है।</p>
<p>- हर सप्ताह सैकड़ों परिवार और स्कूल के बच्चे यहां भ्रमण के लिए आते हैं।<br />- सप्ताहांत और छुट्टियों में यहां बड़ी भीड़ उमड़ती है।<br />- स्थानीय होटल और टैक्सी कारोबार को भी इससे फायदा होता है।</p>
<p><strong>पर्यटक हो रहे निराश</strong><br />जयपुर से आए पर्यटक अमित अग्रवाल कहते हैं कि हमने कोटा आने पर सबसे पहले सेवन वंडर्स गार्डन घूमने की योजना बनाई थी। दिन में तो सब ठीक था, लेकिन शाम ढलते ही गार्डन में अंधेरे के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दिया। बच्चे भी निराश हो गए। इसी तरह रतलाम से आए कॉलेज छात्रों ने कहा कि उन्होंने इंस्टाग्राम और इंटरनेट पर यहां की रात की रंगीन तस्वीरें देखी थीं। लेकिन अंधेरा होने की वजह से निराशा ही हाथ लगी।</p>
<p><strong>सुरक्षा पर भी सवाल</strong><br />अंधेरे के कारण गार्डन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब पर्यटक ही अंधेरे में रास्ता नहीं देख पाते तो चोर-उचक्कों के लिए माहौल अनुकूल हो जाता है। रात में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। गार्डन में आए घूमने आए कुछ युवाओं ने कहा कि प्रशासन बड़े-बड़े आयोजनों और उद्घाटनों में पैसा खर्च करता है, लेकिन पर्यटन स्थलों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं देता। अगर यहां की लाइटें सही नहीं होंगी तो पर्यटक सोशल मीडिया पर नकारात्मक बातें लिखेंगे, जिससे कोटा का नाम खराब होगा।</p>
<p><strong>केडीए के अधीन है देखरेख का जिम्मा</strong><br />गार्डन की देखरेख केडीए के जिम्मे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी चोरी की घटना के बाद सिर्फ कागजी कार्रवाई में लगे हुए हैं, जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया। एक माह बाद भी यहां नई लाइटें नहीं लगाई गई हैं। इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल की देखरेख के लिए अधिकारी गंभीर नहीं है। सेवन वंडर्स गार्डन कोटा के पर्यटन नक्शे पर विशेष पहचान रखता है। बाहर से आने वाले अधिकांश सैलानी यहां जरूर आते हैं। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से यहां की स्थिति देखकर पर्यटन को सीधा नुकसान हो रहा है। पर्यटक निराश होकर लौटते हैं।</p>
<p><strong>जल्द लगवाएंगे नई लाइटें</strong><br />सेवन गार्डन से लाइटें चोरी होने का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग ने इस संबंध में थाने से कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक चोरी हुई लाइटें बरामद नहीं हो पाई हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नई लाइटें लगाने के लिए शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा। फिलहाल सीवी और सेवन गार्डन में लाइट से संबंधित समस्या है, जिसे जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।<br /><strong>- ललित मीणा, एईन, केडीए, कोटा</strong></p>
<p><strong>गेट के पास रहता है अंधेरा... </strong><br />सेवन वंडर्स पार्क के मुख्य गेट के पास अंधेरा पसरा रहता है। यहां लगी लाइटें अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं। देसी और विदेशी पर्यटकों ने कई बार अंधेरे की शिकायत की है। शाम के समय पार्क में आने वाले लोगों को रोशनी की कमी से परेशानी होती है।<br /><strong>- उर्मिला, सेवन वंडर्स</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 17:31:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लापरवाही : खानपुर के कई वार्डों में रोडलाइटें नहीं, चोरी व हादसे का खतरा, सड़क किनारे लगी रोडलाइटें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--there-are-no-road-lights-in-many-wards-of-khanpur--there-is-a-risk-of-theft-and-accidents/article-127018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। यहां पर बहुत से वार्डों में रोड लाइटें सुचारू रूप से नहीं जलती है यहां तक की कई जगहों पर तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है। जानकारी अनुसार खानपुर क्षेत्र में सड़क किनारे लगी रोडलाइटें नहीं जल रही है और कई वार्डों में तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है , जिस कारण रात्रि के समय में सड़कों पर अंधेरा रहता है। रात के समय में अंधेरा होने के कारण कभी भी सड़कों पर हादसा हो सकता है। यहां तक की गलियों में रोड लाइटें  नहीं होने के कारण रात के समय में चोर और स्मैकची सक्रिय रहते है जो चोरी व लूट की वारदातों को अंजाम दे सकते है । कई बार सड़कों पर रात्रि के समय में मवेशी बैठे रहते है जो रोड लाइटों के अभाव में नहीं दिखाई देते जिस कारण भी हादसा हो सकता है। कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द खानपुर क्षेत्र में जिस भी जगह रोड लाइटें लगी हुई उन्हें ठीक करवाया जाए तथा जहां पर सड़कों पर रोडलाइटेंं नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगाई जाए। पुराना बड़ा बाजार में जैन मंदिर, गुदरी के चौराहे, पुराना स्टेट बैंक चौराहे पर भी रोड लाइटों की समस्या बनी हुई है। </p>
<p>खानपुर को नगर पालिका घोषित हुए बहुत समय हो गया है अभी भी खानपुर नगर पालिका नजर नहीं आ रही है दिन हो या रात लेकिन नगर पालिका जैसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है । <br /><strong>-पवन पंचोली, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अभी 22 सितंबर से नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे और नवरात्र पर जगह-जगह पर डांडिया गरबा नृत्य होंगे तो रोड लाइटों के अभाव में परेशानी होगी। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी </strong></p>
<p>रात्रि के समय में रोड लाइट नहीं जलने से राहगीरों को हादसे का भय बना रहता है।<br /><strong>-रमेश शर्मा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>सड़कों पर अंधेरा रहता है कभी भी चोरी जैसी वारदात हो सकती है। <br /><strong>-राजेंद्र मेरोठा, कस्बेवासी </strong><br /> <br />खानपुर में मुख्य मार्ग को छोड़कर गलियों में भी अंधेरा हो रहा है, वार्ड नंबर 20 वार्ड नंबर 21 पर तो लाइट व्यवस्था ही नहीं है, लाइट लगाई जाए। <br /><strong>-रामस्वरूप योगी, कस्बेवासी </strong></p>
<p> सड़कों पर रात्रि के समय मवेशी बैठ रहते है रात में रोड लाइटें नहीं जलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। <br /><strong>- राम सिंह यादव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>नवरात्रा के पहले ही रोड लाइटें जो भी खराब है उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा और जहां भी सड़कों के किनारे रोड लाइटें नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगवा दी जाएगी।  <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:06:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाईमास्ट लाइट हुई दुर्दशा की शिकार, नहीं हो रही सार-संभाल</title>
                                    <description><![CDATA[अंधेरे में डूबा रहता है गौरव पथ, संकेतक भी गिरे नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/high-mast-lights-are-in-a-bad-condition--no-maintenance-is-being-done/article-124810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/18ne1ws.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सांगोद कस्बे के गौरव पथ पर लगी हाईमास्ट व रोड लाइटें इन दिनों विभागीय अनदेखी की शिकार हो चुकी हैं। लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं और गौरव पथ पर लगे संकेतक भी नीचे गिरे पड़े हैं। नगर वासियों का कहना है कि पालिका प्रशासन द्वारा लाइटों की समय पर देखरेख नहीं की जा रही है, जिसके चलते पूरा गौरव पथ अंधेरे में डूबा रहता है। बायपास मार्ग पर सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने जाते हैं। </p>
<p><strong>बारिश के दिनों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा </strong><br />महिलाओं और युवतियों की तादाद भी अधिक रहती है, लेकिन अंधेरे के कारण लोग असुविधा का सामना कर रहे हैं। बारिश के दिनों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा और बढ़ गया है। वाहन चालकों को भी बायपास पर रोशनी के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>बायपास पर अंधेरा पसरा रहता है। आवारा मवेशियों और जानवरों का भी खतरा बना रहता है। <br /><strong>-रामकल्याण, सेवानिवृत्त कर्मचारी</strong></p>
<p>गौरव पथ की अधिकांश लाइट खराब हैं। अंधेरे में जहरीले जीव-जंतु का डर लगा रहता है। रोड लाइट तुरंत दुरुस्त होनी चाहिए। <br /><strong>-मेघा नागर, सांगोद निवासी </strong></p>
<p>सड़क पर आवारा मवेशी व श्वान बैठे रहते हैं। पैदल घूमने वालों को अंधेरे में विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>-कृष्णकुमार गर्ग, पार्षद, सांगोद</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />रोड लाइट का टेंडर प्रक्रियाधीन है। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। <br /><strong>-मनोज मालव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, सांगोद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 16:03:05 +0530</pubDate>
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                <title>डेकोरेटिव लाइटें हुई चोरी, खम्भे बने ठूंठ</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-decorative-lights-were-stolen--pillars-became-stumps/article-114041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शिक्षा नगरी से स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर  में जहां विकास व सौन्दर्यीकरण के माध्यम से चमकाने का प्रयास किया गया। वहीं उस विकास व सौन्दर्य को चोर व नशेड़ी ग्रहण लगा रहे हैं। लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में रोशनी के लिए लगाई गई डेकोरेटिव लाइटें चोरी होने से खम्भे ठूंठ बनकर रह गए हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय में स्मार्ट  सिटी प्रोजेक्ट व  तत्कालीन नगर विकास न्यास के माध्यम से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। करीब 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों के तहत शहर को रोशन करने के  लिए चौराहों व मुख्य मार्गों पर आकर्षक डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी।  शहर के अधिकतर क्षेत्रों में डिवाइडरों के बीच हो या सड़क किनारे पर सभी जगह लगी ये लाइटें रात के समय रोशनी देने के साथ ही अपनी अलग ही आभा भी बिखेरती है। फिर चाहे वह नयापुरा स्थित विवकानंद सर्किल हो या जेडीबी कॉलेज से अंटाघर होते हुए स्टेशन रोड। छावनी व कोटड़ी चौराहा हो या नए कोटा शहर के मुख्य मार्ग। सभी जगह पर आकर्षक के साथ ही महंगी डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी। </p>
<p><strong>धीरे-धीरे गायब होने लगी लाइटें</strong><br />शहर में मेन रोड व चौराहों पर लगी ये लाइटें कुछ समय तक तो सही रही। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे ये गायब होने लगी।  शुरुआत में इनके गायब होने की संख्या कम थी। लेकिन बाद में ये बढ़ती गई। हालत यह है कि अधिकतर लाइटें  चोरी हो चुकी है।  कई जगह पर तो चोरी हुई लाइटों की जगह पर नई लगा दी गई है। जबकि अभी भी आकाशवाणी से लेकर बड़ तिराहे तक और कई अन्य जगहों पर इन लाइटों की जगह पर सिर्फ खम्भे ही रह गए हैं। जबकि लाइटें नजर ही नहीं आ रही है।  जिस तरह से पेड़ के पत्ते व तने कटने पर वहां ठूंठ रह जाता है उसी तरह की हालत इन लाइटों की हो रही है। </p>
<p><strong>नीचे होने से चोरी करना आसान</strong><br />शहर में वैसे तो कई जगह पर इन लाइटों को काफी ऊंचाई  पर लगाया हुआ है। जिससे आसानी से उन्हें चोरी करना मुश्किल है। ऐसी जगह पर ही ये लाइटें सुरक्षित हैं। जबकि कई जगह ऐसी हैं जहां सड़क किनारे इन लाइटों को बहुत कम ऊंचाई पर लगाया गया है। नयापुरा क्षेत्र हो या चम्बल रिवर फ्रंट का क्षेत्र। यहां लाइटें काफी नीची रखी गई है। इसका कारण रोशनी के साथ ही इनकी सुंदरता को भी बताना था। लेकिन उसका फायदा लोगों को तो कम मिला। चोरों व नशेड़ियों को उसका अधिक लाभ हुआ।  जनता के धन की बर्बादी और चोरों की पौबारह हो रही है। नशेड़ी व चोर जरा से लालच के लिए इन महंगी लाइटों को चोरी कर कबाडी को या अन्य स्थानों पर बेचकर शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरों में कैद चोरी की घटनाएं</strong><br />शहर में आए दिन हो रही चोरी की घटनाएं आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो रही है। डेकोरेटिव लाइटों को दिन दहाड़े व शाम के समय किस तरह सफाई से चोरी किया जा रहा है। वह भी सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। चम्बल रिवर फ्रंट के पास लाइटों के साथ ही बिजली की केबल चोरी तक की घटनाओं को अंजाम देते हुए कई बार लोगों को पकड़ा भी गया है। लेकिन चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी। हालांकि कई घटनाओं को तो नाबालिगों के माध्यम से अंजाम दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>चोरों का कोई इलाज नहीं, सही करवा रहे</strong><br />शहर को सुंदर बनाने के साथ ही रोशन करने के लिए केडीए की ओर से मेन रोड व चौराहों पर डेकोरेटिव लाइटें लगवाई गई हैं। लेकिन कई जगह पर लाइटों के चोरी होने की शिकायतें मिली थी। उन जगहों पर संवेदक के माध्यम से नई लाइटें लगवा दी है। चोरों का कोई इलाज भी नहीं है।  कई बार लाइटों व अन्य सामान चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है लेकिन कुछ नहीं हुआ। सभी जगह पर सुरक्षा कर पाना भी मुश्किल है। फिर भी यदि कहीं और ऐसी जगह हैं जहां लाइटें नहीं है। वहां संवेदक से कहकर नई लाइटें लगवा दी जाएंगी। <br /><strong>- पवन शर्मा, एक्सईएन(विद्युत) कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 17:52:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब धानमंडी-एयरपोर्ट लिंक रोड पर नहीं पसरेगा अंधेरा,  डिवाइडर में भी लगवा दी गई रोड लाइटें </title>
                                    <description><![CDATA[केडीए ने इस सड़क की मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-darkness-will-not-spread-on-dhanmandi-airport-link-road/article-107787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित नई धानमंडी-एयरपोर्ट लिंक रोड पर अब अंधेरा नहीं पसरेगा, जल्द ही रोशनी से रोशन होगा। दैनिक नवज्योति की खबर के बाद केडीए ने सड़क मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। यहां पुराने डिवाइडर को तोड़कर फिर से नया डिवाइडर बनाया गया है, आधे हिस्से में डिवाइडर में रोड लाइटें भी लगवा दी गई है। वहीं, अपना घर आश्रम से लॉयंस क्लब तक डिवाइडर बनाया जा रहा है। जिससे आधी रोड पर उजाला और आधे पर अंधेरा होने की समस्या से वाहन चालकों को निजात मिल सकेगी। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने दो किमी लंबे इस लिंक रोड पर आधी सड़क रोशन तो आधी पर पसरा अंधेरा..., अंधेरी सड़कों पर सता रहा जान का डर..., शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर केडीए व जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इस पर केडीए ने इस सड़क की मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवाया। </p>
<p><strong>700 मीटर सड़क पर रहता है अंधेरा</strong><br />यह लिंक रोड करीब दो किमी लंबा है। पॉलिटेक्निक कॉलेज से अपना घर आश्रम तक करीब 500 मीटर तक डिवाइडर बना हुआ है, जिसमें रोड लाइटें लगी होने से यह हिस्सा रोशन रहता है। वहीं, अपना घर आश्रम से थोड़ा आगे छत्रपुरा रोड से लॉयंस क्लब तक डिवाइडर नहीं होने से रोड लाइटें नही है। जिससे रात को करीब 700 मीटर के दायरे में अंधेरा पसरा रहता है। जिसकी वजह से वाहन चालक यहां से गुजरने के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं, हादसे का डर भी सताता है।  इस दौरान इस रोड पर वाहन चालकों को गड्ढे व स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देते। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>ब्रेकर पर उछल अनियंत्रित होते हैं वाहन</strong><br />छावनी निवासी लोकेश कुमार, विट्टल मीणा ने बताया कि पॉलीटेक्निक कॉलेज से एयरपोर्ट की ओर गुजर रहा बायपास पर रोड लाइटें बंद रहती हैं। जबकि, दो किमी लंबी सड़क पर एक दर्जन से अधिक लाइटें लगी हुई हैं। सड़क पर बीच-बीच में स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं, जो अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते। कई बार ब्रेकर पर उछल कर बाइक अनियंत्रित हो जाती है और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं, गड्ढ़ों  के कारण दुर्घटना हो रही है। ऐसे में अब डिवाइडर बनने से रोड लाइटें लगना आसान हो जाएगा और अंधेरे की समस्या से निजात मिल सकेगी। </p>
<p><strong>असुरक्षा का अहसास कराता है अंधेरा</strong><br />छत्रपुरा निवासी बिलाल, हिमांशु, सलमान अंसारी ने बताया कि रात को कई बार इसी मार्ग से घर जाते हैं। अंधेरे के कारण लूटपाट व अनहोनी का डर सताता है। इस वजह से बाइक को स्पीड से दौड़ाना पड़ता है लेकिन कई बार गड्ढ़े व ब्रेकर दिखाई नहीं देते और वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। वहीं, बायपास से छत्रपुरा के गुजर रहा मार्ग पर भी अंधेरा रहता है। रात को कहीं जाना पड़े तो विज्ञान नगर होते हुए झालावाड़ रोड पर आना पड़ता है। </p>
<p>नई धानमंडी से एयरपोर्ट लिंक रोड पर सड़क मरम्मत व डिवाइडर बनाने का काम प्रगति पर है। 15 अप्रेल तक काम पूरा होने की उम्मीद है। डिवाइडर में रोड लाइटें भी लगाई जाएंगी, जिससे अंधेरे की समस्या खत्म हो सकेगी।<br /><strong>-रविंद्र माथुर, निदेशक अभियांत्रिकी केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:09:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिया तले अंधेरा : स्वच्छता रैकिंग में सुधार के दावे, मेयर के वार्ड में ही तोड़ रहे दम </title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम जयपुर ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर के वार्ड 87 में सड़कों, पार्कों के साथ ही डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/darkness-under-the-lamp-claims-of-improvement-in-cleanliness-ranking/article-98507"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(7)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देशभर के स्वच्छ शहरों की रैकिंग निर्धारण के लिए आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की तैयारियों का दावा करने वाले नगर निगम जयपुर ग्रेटर में महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर का वार्ड में ही अव्यवस्थाओं का आलम है और विकास का वाट जोह रहा है। नगर निगम जयपुर ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर के वार्ड 87 में सड़कों, पार्कों के साथ ही डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसके साथ ही वार्ड में आवारा गायों के साथ ही सड़कों पर श्वानों के चलते बुजुर्ग एवं महिलाओं को घरों से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। वहीं महापौर डॉ. सौम्या शहर में साफ सफाई से लेकर निराश्रित गायों को पकड़कर हिंगोनिया गौ-पुर्नवास केन्द्र पहुंचाने के दावे कर रही है लेकिन खुद के वार्ड के लोगों को ही राहत नहीं दे पा रही है। वार्ड में सड़कों पर जगह-जगह गड्डे होने से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। </p>
<p><strong>खुले पड़े हैं मेनहॉल</strong><br />वार्ड में सीवर लाइन के मेनहॉल जगह-जगह क्षतिग्रस्त एवं खुले पड़े हैं। इसके चलते सीवर का पानी सड़कों पर बहने के साथ ही दुर्घटनाओं को भी आमंत्रण दे रहा है। वहीं कॉलोनियों में रोड़ लाईटें भी खराब पड़ी है जिससे रात के समय गलियों में अंधेरा पसरा रहता है। </p>
<p><strong>पार्कों की बदहाल स्थिति</strong></p>
<p>वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी रही पिंकी यादव ने कहा कि शहर को साफ एवं स्वच्छता को लेकर महापौर बड़े-बड़े दावे का रही है लेकिन उनके वार्ड में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वार्ड में पार्कों दुर्दशा के चलते लोग पार्कों में सुबह की मॉर्निग वॉक तक नहीं जा रहे है। उन्होंने बताया कि महावीर नगर स्थित पार्क में टाइल्स टूटी हुई है और बोरिंग खराब पड़ा है। इसके चलते पार्क का रखरखाब तक नहीं हो रहा है और घास सूख गई। इसी प्रकार गायत्री नगर में सड़कों से डामर गायब हो गई और वहां धूल मिट्टी उड़ रही है, जिससे आसपास के रहने वाले लोगों के साथ ही वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वार्ड में आवारा गायों ने लोगों की समस्याएं बढ़ा रखी है और महिला एवं बुर्जुगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। आवारा श्वानों गली मोहल्लों में घूमकर महिला एवं बच्चों पर हमला तक कर देते है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबी कॉलोनियां</strong><br />शहर की प्रमुख सड़कों के साथ ही महापौर के वार्ड में स्थित कॉलोनियों में रोड लाइटें तो लगी है लेकिन जलती नहीं है और लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने से लोगों का रात के समय घर से बाहर तक निकलना दूभर हो रहा है।</p>
<p>महापौर शहर की साफ सफाई के बड़े-बडे दावे कर रही हैं लेकिन वह सामाजिक कार्यक्रमों मे वाह-वाही लूटने में व्यस्त हैं और निगम ग्रेटर की जनता त्रस्त है। लोगों की रोड लाइटों, सीवर एवं आवारा पशुओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है।<br />राजीव चौधरी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम जयपुर ग्रेटर </p>
<p>सभी 150 वार्डों में समान रूप से कार्य करवाए गए हैं। पूर्व में वार्ड के हालात कैसे हैं और आज कैसे है सबको पता है। कुछ सड़कों का काम होना है और बजट आते ही इनको करा दिया जाएगा। इसके साथ ही रोड लाइटें भी लगभग सही स्थिति में है।<br />डॉ. सौम्या गुर्जर, महापौर, नगर निगम जयपुर ग्रेटर </p>
<p><strong>30वां अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद निनाद विरासत समारोह आज से</strong><br />नवज्योति, जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 24 और 25 दिसंबर को प्रसिद्ध कलाकारों की ध्रुवपद गायिकी और वादन सुनने का अवसर मिलेगा। मौका रहेगा 30वें अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद निनाद विरासत समारोह-ध्रुवपद धरोहर विभूति समर्पण कार्यक्रम का। इंटरनेशनल ध्रुवपद धाम ट्रस्ट, रसमंजरी संगीतोपासना केंद्र जयपुर का ये समारोह सायं 5 बजे से 8 बजे तक आरआईसी में किया जाएगा। ये समारोह ट्रस्ट के संस्थापक गायनाचार्य पद्मश्री पंडित लक्ष्मण भट्ट तैलंग और मीराबाई को समर्पित किया जाएगा। इस समारोह में राष्टÑीय तानसेन सम्मान एवं केंद्रीय संगीत अकादमी से पुरस्कृत एवं आकाशवाणी के टॉप ग्रेड कलाकार भाग लेंगे। पहले दिन प्रोफेसर विजयेंद्र गौतम एवं डॉ. श्याम सुंदर शर्मा, पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग के योगदान पर चर्चा करेंगे। </p>
<p>साथ ही रोहित बारोटिया द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। वरिष्ठ ध्रुवपद गायिका प्रो. डॉ. मधु भट्ट तैलंग के निर्देशन में पं. लक्ष्मण भट्ट द्वारा राग कीरवानी में रचित गणेश स्तुति की ध्रुवपद-रचना एवं मीराबाई सृजित राग मीरा की मल्हार, जिसे डॉ. मधु ने शोध कर के निकाला है। साथ ही राग कीरवानी में डॉ. मधु द्वारा रचित ताल सूलताल में निबद्ध ध्रुवपद रचना को वृन्द गायन द्वारा दोनों विभूतियों को समर्पित किया जाएगा। नाथद्वारा घराने के विख्यात पखावज वादक दिल्ली के पं. डालचंद चंद शर्मा एकल पखावज वादन की प्रस्तुत देंगे। वहीं कानपुर के सुप्रसिद्ध दरभंगा घराने के ध्रुवपद गायक पं. विनोद कुमार द्विवेदी एवं आयुष द्विवेदी की ध्रुवपद गायन की जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। समारोह के दूसरे दिन भी कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमियों का दिल जीतते हुए नजर आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 10:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर की सड़कें अंधेरे में</title>
                                    <description><![CDATA[ लाइट के बंद रहने के कारण रात के समय हादसों की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ जाती हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-spending-lakhs-of-rupees--the-roads-of-the-city-are-in-darkness/article-83508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/lakho-rupay-kharch-krne-k-bd-bhi-sheher-ki-sadke-khtre-me...kota-news-03-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर की सड़कों पर रोशनी के लिए लाइट पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी कई प्रमुख मार्ग रात के समय में अंधेरे में डूबे रहते हैं। शहर के सौंर्दयकरण के दौरान केडीए द्वारा विदेशी लाइट सहित शहर के हर मार्ग में एलईडी लाइट लगाई गई थी, जिनमें से अधिकतर लाइट बंद पड़ी हैं। इन लाइट के बंद रहने के कारण रात के समय हादसों की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ जाती हैं।</p>
<p><strong>लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर अंधेरा</strong><br />शहर के अभय कमांड सेंटर से दादाबाड़ी चौराहे तक बने बायपास लाल बहादुर शास्त्री मार्ग में रात के समय सारी रोड लाइट बंद रहती है। जबकि इस मार्ग पर सबसे ज्यादा यातायात रात के समय रहता है। इसके अलावा इस मार्ग पर कोई डिवाइडर और यातायात सूचांक भी नहीं है। जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। इसी तरह अभय कमांड सेंटर से एयरोड्राम चौराहे तक नई सब्जीमंडी चौराहे से संजय नगर तक रोड लाइट बंद रहती है। </p>
<p><strong>थेकड़ा से डीसीएम तक केनाल रोड अंधेरे में</strong><br />कोटा से कैथून तक यातायात भार को कम करने के लिए केडीए द्वारा स्टील ब्रिज से कैथून तक केनाल रोड का निर्माण किया गया था। लेकिन इस रोड पर स्टील ब्रिज से उम्मेदगंज तक कई जगहों पर रोड लाइट बंद रहती है। शहर को हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग पर भी रात भर अंधेरा रहता है। अनंतपुरा से डीसीएम चौराहे तक पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है। इस मार्ग पर रोड लाइट नहीं होने के चलते कई बार हादसे हो चुके हैं। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सड़कों पर रात के समय रोड लाइट होना बहुत जरूरी हो जाता है। लेकिन कोटा के कई प्रमुख मार्गों पर रोड लाइट की हालात खराब है। रात के समय सामने से आते वाहन की रोशनी के कारण वाहन चलाने में परेशानी और बढ़ जाती है। <br /><strong>- जितेंद्र शर्मा,दादाबाड़ी</strong></p>
<p>केडीए ने चौराहों और मार्गों पर कई विदेशी और नई तरह की रोड लाइट लगा दी हैं। लेकिन अधिकतर मार्गों पर बंद रहती है। जिनका होना ना होना बराबर हो जाता है। सड़कों पर प्रकाश न होने के चलेत अंधेरें में कई बार हादसे हो चुके हैं। <br /><strong>- समकित आनंद, जवाहर नगर</strong></p>
<p>अभय कमांड सेंटर के पास लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से रोज गुजरना होता है। यहां की रोड लाइट कई दिनों से बंद पड़ी हैं। मार्ग पर हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन केडीए प्रशासन को अभी तक ध्यान नहीं आया है।<br /><strong>- हरिराम गुर्जर, प्रेम नगर द्वितीय</strong></p>
<p>रोड लाइट बंद होने की जानकारी आपके द्वारा मिली है, ठेकेदार से कहकर उन्हें ठीक करवाएंगे। जहां रोड लाइट नहीं है वहां के लिए योजना बनाएंगे। साथ ही रोड लाइट ठीक से चालू रहे इसे भी सुनिश्चित करेंगे।<br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 15:56:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रोड लाइटों पर रोजाना 7 लाख खर्च, फिर भी शहर अंधेरे में </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के अंदरूनी वार्ड ही नहीं मुख्य मार्गों तक की लाइटें कहीं जल रही हैं तो कहीं बंद हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/7-lakhs-spent-daily-on-road-lights--yet-the-city-is-in-darkness/article-71855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहरी सरकार के रूप में काम कर रहे नगर निगम की हालत यह है कि न तो शहर में सफाई ढंग से हो पा रही है और न ही आवारा मवेशियों की समस्याओं से आमजन को राहत मिल रही है। वहीं रोजाना 7 लाख रुपए रोशनी व्यवस्था पर खर्च होने के बाद भी शहर के अधिकतर क्षेत्र रात के समय अंधेरे में डूबे रहते हैं। शहर में आमजन को राहत देने के लिए कोटा में उत्तर व दक्षिण दो नगर निगम बनाए गए थे।  जिससे सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके। दोनों बोर्ड को गठित हुए सवा तीन साल का समय हो गया है। हर साल दोनों निगमों की ओर से फरवरी में सालाना बजट पारित किया जाता है। जिसमें विभिन्न मदों से आय व खर्च का बजट तैयार किया जाता है। पिछले साल फरवरी में वित्तीय वर्ष 2023-24 का और इस साल फरवरी में आगामी वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पारित किया गया है। बजट में शहर की रोशनी व्यवस्था के लिए भी अलग से बजट रखा गया है। जिसके तहत शहर के सभी 150 वार्डों  में रोड लाइटें लगाने व उनके रखरखाव समेत रोशनी से संबंधित सभी काम शामिल हैं। दोनों नगर निगमों का वर्तमान वित्त वर्ष का रोशनी  पर खर्च होने वाला कुल बजट करीब 25 करोड़ रुपए से अधिक है। इस हिसाब से हर महीने 2.10 करोड़ और रोजाना करीब 7 लाख रुपए रोशनी व्यवस्था पर खर्च हो रहे हैं। उसके बाद भी शहर के अधिकतर वार्ड व मुख्य मार्ग अंधेरे में डूबे हुए हैं। शहर के अंदरूनी वार्ड ही नहीं मुख्य मार्गों तक की लाइटें कहीं जल रही हैं तो कहीं बंद हैं। जिससे रात के समय अंधेरे में आए दिन लोगों के साथ घटनाएं भी हो रही हैं। नयापुरा में सीबी गार्डन से जेडीबी कॉलेज तक की रोड हो या डीसीएम रोड की लाटिें अक्सर बंद ही रहती हैंÞ। अभी एक दिन की बरसात के बाद कई जगह की लाइटें बंद हैं। यह लिखा उप महापौर ने: उप महापौर सोनू कुरैशी ने बताया कि उन्होंने आयुक्त को यू ओ नोट लिखा है। जिसमें बताया कि कोटा उत्तर के सम्पूर्ण परकोटा क्षेत्र पाटनपोल, घंटाघर, रामपुरा व लाड़पुरा रोड लाइटों के बनद होने की शिकायतें रोजाना आ रही हैं। वार्डों में आधी-अधूरी रोडलाइटें ल रही है। कई बार कहने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।  रोड लाइटें नहीं जलने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे अनहोनी का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में रोड लाइटों को शीघ्र सही करवाया जाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में पार्षदों ने भी उनसे शिकायत की थी। जिसके बाद आयुक्त को यू ओ नोट लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर निगम में रोशनी का बजट</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर में 70 वार्ड हैं। उन वार्डों में रोशनी व्यवस्था के लिए नगर निगम की ओर से वर्तमान वित्त वर्ष के लिए 9.51 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया था। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 1.50 करोड़,बिजली बिल भुगतान का 3 करोड़, बिजली का सामान क्रय करने का 1.50 करोड़, बिजली के रखरखाव संबंधी कार्य के लिए 3 करोड़ व कंटेजेंसी व्वय के लिए 50 लाख का बजट रखा गया है। जिसमें से दिसम्बर 23 तक 2.83 करोड़ रुपए खर्च भी हो चुके  हैं। वहीं आगामी वित्त वर्ष के लिए रोशनी पर खर्च का बजट 9.30 करोड़ रुपए का पारित किया गया है।</p>
<p><strong>कोटा दक्षिण में रोशनी का बजट</strong><br />इसी तरह नगर निगम कोटा दक्षिण के 80 वार्डों में रोशनी व्यवस्था पर होने वाले खर्च के लिए वर्तमान वित्त वर्ष में कुल 16.22 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन पर 4.50 करोड़, बिजली  बिल भुगतान पर 5 करोड़,  बिजली का सामान क्रय करने पर 2.50 करोड़,  बिजली के रखरखाव पर 5 करोड़ रुपए और कंटंजेंसेी व्यय के 70 लाख रुपए रखे गए हैं। जिसमें से जनवरी 2024 तक 6.91 करोड़ रुपए खर्च भी किए जा चुके हैं। वहीं आगामी वित्त वर्ष के लिए रोशनी व्यय का बजट 17.72 करोड़ रुपए का तैयार किया गया है। </p>
<p><strong>परकोटा क्षेत्र में रोड लाइटों की समस्या</strong><br />निगम कोटा उत्तर के परकोटा क्षेत्र में रोड लाइटों की समस्या को देखते हुए उसके समाधान के लिए नगर निगम कोटा उत्तर के उप महापौर फरीदुद्दीन सोनू कुरैशी आयुक्त को कई बार यू ओ नोट भी लिख चुके हैं। 21 दिसम्बर 2023 और उसके बाद हाल ही में 25 फरवरी 2024  को भी यू ओ नोट लिखा। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। </p>
<p><strong>बोर्ड बैठक में भी उठा था मुद्दा</strong><br />निगम कोटा उत्तर क्षेत्र के वार्डों में रोड लाइटों का मुद्दा हाल ही में हुई बोर्ड की बैठक में भी उठा था। पटरी पार क्षेत्र से भाजपा पार्षद संतोष बैरवा समेत कई अन्य पार्षदों ने रोड लाइटं लगाने की मांग की थी।  वहीं कोटा दक्षिण से भाजपा पार्षद नरेश शर्मा समेत अन्य पार्षद भी उनके वार्डों में बंद व खराब लाइटों को चालू करवाने की कई बार मांग कर चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि अधिकारी पार्षदों की बात पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में वे आमजन के बात कैसे सुन रहे होंगे। </p>
<p>कोटा उत्तर क्षेत्र में नई लाइटों का टेंडर पिछले साल अक्टूबर में समाप्त हो गया था। उसके बाद विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। दिसम्बर में नई सरकार बनी तो नए काम पर रोक लगा दी थी। जिससे नए टेंडर नहीं हो सके थे। वहीं 12 फरवरी को सरकार ने रियायत दी है। ऐसे में अब लाइटों के टेंडर किए जा रहे हैं। प्रयास है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले नए टेंडर हो सके। साथ ही वार्डों में लाटिों की मरम्मत व रखरखाव का काम नियमित किया जा रहा है। परकोटा क्षेत्र में तंग गलियां होने व आंकड़े डालने से कई बार फाल्ट होने पर लाइटें बार-बार बंद हो जाती हैं। शिकायत मिलते ही तुरंत उनका समाधान करने का प्रयास रहता है। नई लाइटें तो टेंडर के बाद ही लग पाएंगी। <br /><strong>- सचिन यादव, अधिशाषी अभियंता(विद्युत) नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Mar 2024 15:01:15 +0530</pubDate>
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