<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/website/tag-15905" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>website - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/15905/rss</link>
                <description>website RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राई से कंकर निकालने जैसा है वेबसाइट पर लोकपाल का नाम ढूंढ़ना</title>
                                    <description><![CDATA[ सूचना सार्वजनिक करने पर यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायतें लोकपाल तक पहुंचना हो जाता है आसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-are-jai-meenesh-and-career-point-university-hiding-lokpal/article-87161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(10)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के दो निजी विश्वविद्यालय जय मीनेश यूनिवर्सिटी कोटा और कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, यूजीसी के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय सख्त निर्देशों के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। दोनों ही विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार कहते हैं कि हमने अपनी वेब साइट पर लोकपाल की जानकारी डाल दी है, लेकिन वास्तव में उसे ढूंढना राई से कंकर निकालने जैसा है। अपनी वेब साइट पर किस कॉलम में कहां पर लोकपाल संबंधी जानकारी है इसकी पुष्टि खुद रजिस्ट्रार तक नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार सभी विश्वविद्यालयों को लोकपाल की नियुक्ति  करनी है और इस सूचना को विश्वविद्यालय की अधिकृत वेब साइट पर भी मुख्य रूप से दर्शाना है, जिससे यूनिवर्सिटी के कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गंभीर शिकायत हो तो स्टूडेंट लोकपाल तक पहुंच सकें। लोकपाल एक स्वतंत्र इकाई होते हैं। जो अपना निर्णय देते हैं। लोकपाल का निर्णय अंतिम होता है। मामले में नवज्योति ने जय मीनेश यूनिवर्सिटी कोटा तथा कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी की साइट को चेक किया तो इसमें कहीं भी लोकपाल का नाम नजर नहीं आया।</p>
<p>जब इस संबंध में जय मीनेश यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एम.के. शर्मा तथा करियर प्वाइंट के मोहित माथुर से जानकारी चाही तो जय मीनेश के रजिस्ट्रार ने कहा कि यूजीसी के कॉलम में लोकपाल की जानकारी है। लेकिन वेब साइट पर यूजीसी का कोई कॉलम ही नहीं है। इसी तरह कॅरियर प्वाइंट के रजिस्ट्रार मोहित माथुर को कई बार फोन लगाया। मैसेज भी किया लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया। आखिर निदेशक प्रमोद माहेश्वरी को फोन लगाया तो उन्होंने लोकपाल का नाम तो बता दिया लेकिन जानकारी रजिस्ट्रार से लेने को कह दिया। कॅरियर प्वाइंट की वेब साइट पर भी हमने जानकारी करनी चाही लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिर रजिस्ट्रार ने बताया कि वेबसाइट पर लोकपाल की जानकारी तो है। लेकिन कहां हैं तो कहा कि पता करता हूं। </p>
<p><br /> क्या जानकारी होना चाहिए लोकपाल के संबंध में <br />यूजीसी के नियमानुसार यूनिवर्सिटी को अपनी वेब साइट पर लोकपाल का नाम, उनका परिचय, अनुभव, पता ,फोन नम्बर, ई-मेल आईडी के साथ शिकायत कैसे की जाए। इसका पूरा प्रोसिजर मेंशन होना चाहिए। तभी आम स्टूडेन्ट्स लोकपाल तक पहुंच बना सकते हैं। यूनिवर्सिटी यदि किसी स्टूडेंट की शिकायत नहीं सुन रही है तो वह किस तरह लोकपाल तक जा सकता है। वेब साइट के सर्च विंडो में अलग व स्पष्ट रूप से लोकपाल की जानकारी होना चाहिए। <br /> क्या कहते हैं लोकपाल<br />विश्वविद्यालय को यह जानकारी वेब साइट पर देनी चाहिए। उनहोंने शायद दे भी रखी है, नहीं होगी तो रजिस्ट्रार को कहेंगे। यह तो काम यूनिवर्सिटी का है, उसे करना ही चाहिए। <br />  -प्रो.प्रहलाद दुबे <br />लोकपाल कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी।<br />विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को देखना चाहिए कि लोकपाल के संबंध में सारी जानकारी सुलभ तरीके से मिल रही है या नहीं। यूजीसी ने लोकपाल नियुक्ति इसी वर्ष की है। हो सकता है यूनिवर्सिटी की वेब साइड में परिवर्तन हो तब वह करें। <br />-प्रो.एमएल गुप्ता<br />जय मीनेश यूनिवर्सिटी के लोकपाल। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-are-jai-meenesh-and-career-point-university-hiding-lokpal/article-87161</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-are-jai-meenesh-and-career-point-university-hiding-lokpal/article-87161</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 11:04:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/4111u1rer-%2810%296.png"                         length="576565"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दक्षिण निगम चल रहा आॅफ लाइन, उत्तर हाईटेक</title>
                                    <description><![CDATA[इस वेबसाइट पर कोटा निगम से संबंधित जानकारी तो मिल रही है जबकि कोटा दक्षिण के बारे में अलग से जानकारी नहीं मिल पा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-corporation-running-offline--north-hitech/article-48379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/dakshin-nigam-chal-raha-hai-off-line,-uttar-hitech...kota-news-10-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वायत्त शासन विभाग ने कोटा में नगर निगम को उत्तर व दक्षिण में तो बांट दिया। करीब ढाई साल का समय बीत चुका है। लेकिन हालत यह है कि नगर निगम कोटा दक्षिण अभी तक भी अपनी अल से वेबसाइट तक नहीं बना सका है। जिससे आमजन को कोटा दक्षिण निगम से संबंधित आॅनलाइन जानकारी तक नहीं मिल पा रही है।  देश में वर्तमान में जहां हर काम आॅनलाइन होने लगे हैं। हर व्यक्ति घर बैठे मोबाइल व लैपटॉप पर सभी जानकारी पलभर में जानना चाहता है। ऐसे में लोगों को नगर निगम कोटा दक्षिण के बारे में आॅनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसका कारण कोटा में दो नगर निगम उत्तर व दक्षिण तो बना दिए। लेकिन कोटा दक्षिण का गठन होने के ढाई साल बाद भी अभी तक इसकी अलग से कोई वेबसाइट तक नहीं बनाई गई है।</p>
<p><strong>नवम्बर 2020  में हुआ बोर्ड का गठन </strong><br /> नवम्बर 2020 में निगम के चुनाव हुए। जिनमें कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण दोनों निगमों क बोर्ड गठित हुए। दोनों में कांग्रेस के बोर्ड बने। बोर्ड बने करीब ढाई साल का समय हो गया है। लेकिन निगम के किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि से इस पर ध्यान ही नहीं दिया कि कोटा दक्षिण निगम की अलग से कोई वेबसाइट बनाई जाए। जिससे लोगों को सुविधा हो। कोटा में पहले जब एक नगर निगम थी। उस समय निगम की वेबसाइट कोटा एमसी. ओआरजी थी। वह दो निगम उत्तर व दक्षिण बनने के बाद कोटा उत्तर निगम के अधिकार क्षेत्र में चली गई है। इस वेबसाइट पर कोटा निगम से संबंधित जानकारी तो मिल रही है जबकि कोटा दक्षिण के बारे में अलग से जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिससे अधिकतर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत सम्पर्क पोर्टल पर या ईमेल पर: नगर निगम से संबंधित कोई शिकायत होने पर लोग सम्पर्क पोर्टल पर डाल रहे हैं। या फिर ईमेल पर ही शिकायत भेज रहे हैं। ईमेल विभाग के संबंधित कर्मचारी या अधिकारी ही खोल सकते हैं। सम्पर्क पोर्टल पर सभी विभागों की शिकायतें आने पर निगम को ट्रांसफर की जा रही है। जबकि कोटा दक्षिण निगम  में क्या कुछ हो रहा है इसकी आॅनलाइन जानकारी आमजन को नहीं मिल पा रही है। जानकारी चाहे पट्टों से संबंधित हो या जन्म मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्र या अन्य किसी आवेदन की। इनके संबंध में चलने वाली प्रक्रिया लोग आॅनलाइन जानना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। </p>
<p><strong>आवेदन संबंधी जानकारी नहीं </strong><br />निगम की वेबसाइट व एप नहीं होने से यदि किसी व्यक्ति ने कोई आवेदन किया। उसके बाद वह आवेदन किस अधिकारी के पास है। किस कारण से और कहां अटका हुआ है। उस आवेदन पत्र का वर्तमान स्टेटस क्या है। या नगर निगम कोटा दक्षिण में क्या गतिविधि हो रही है। इसकी जानकारी आॅनलाइन नहीं मिल पा रही है। जिससे लोगों को अपने आवेदन संबंधी जानकारी के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहां संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के नहीं मिलने पर लोग इधर से उधर परेशान होते हुए घूमने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>लोगों की पीड़ा</strong><br />छावनी निवासी राकेश यादव का कहना है कि कोटा दक्षिण निगम का गठन नवम्बर 2020 में हो गया है। अलग से निगम बनने के बाद भी अभी तक उसकी अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कोटा दक्षिण निगम से संबंधित कोई आॅनलाइन जानकारी ही नहीं मिल पा रही है।  दादाबाड़ी निवासी रितिक शर्मा का कहना है कि युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से काफी सुदृढ़ है। ऐसे में रह हर जानकारी आॅनलाइन करना चाहता है। लेकिन कोटा दक्षिण निगम के बारे में आॅनलाइन जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। उसकी अलग से कोई वेबसाइट ही नहीं है। जबकि छोटे-छोटे विभाग वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने की जानकारी मुझे भी कुछ समय पहले ही पता चली है। लोगों ने जानकारी दी तो आश्चर्य भी हुआ कि इस हाईटैक समय में कोटा दक्षिण निगम की अपनी कोई वेबसाइट नहीं है।  जबकि कोटा दक्षिण निगम की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए। इस संबंध में हाल ही में आयुक्त को एक यू.ओ. नोट लिखा है। जिसमें कोटा दक्षिण निगम की अलग से वेबसाइट व एप्लीकेशन एप शीघ्र बनाने को कहा गया है। <br /><strong>- पवन मीणा, उप महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>
<p>नगर निम कोटा दक्षिण की अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने की जानकारी नहीं है। ईमेल व सम्पर्क पोर्टल पर तो शिकायतें भी मिल रही है। जिनका समाधान भी किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो इस संबंध में महापौर व उप महापौर और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर कोटा दक्षिण निगम की अलग से वेबसाइट बनवाई जाएगी। <br /><strong>- राजेश डागा, कार्यवाहक आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-corporation-running-offline--north-hitech/article-48379</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-corporation-running-offline--north-hitech/article-48379</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Jun 2023 15:38:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/dakshin-nigam-chal-raha-hai-off-line%2C-uttar-hitech...kota-news-10-06-2023.jpg"                         length="338992"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेबसाइट पर डालनी होगी फीस लौटाने की जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षा नगरी कोटा में विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिले इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की घटना और फीस पॉलिसी को लेकर जिला प्रशासन अब गंभीर नजर आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/information-about-refund-of-fees-will-have-to-be-put-on-the-website/article-10415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/website-par-fees.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा । कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना एवं क्रियान्विति के संबन्ध में मंगलवार को  कलक्टर हरिमोहन मीना की अध्यक्षता में यूआईटी आॅडिटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया।  जिसमें अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, उपायुक्त नगर निगम गजेन्द्र सिंह, उप सचिव मोहम्मद ताहिर सहित कोचिंग व हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं वार्डन मौजूद रहे।  कलक्टर ने कहा कि कोटा की पहचान शैक्षणिक नगरी के रूप में जानी जाती है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान के साथ-साथ हॉस्टल एवं उनमें कार्यरत वार्डन को इस प्रकार से प्रशिक्षित किया जाए कि वे विद्यार्थियों में होने वाले मानसिक तनाव को पहचान सकें। हम सभी को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे तभी जाकर हम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को साकार करने में अपनी सहभागिता निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का जीवन अमूल्य है और विद्यार्थी ही देश का आने वाला भविष्य है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने नवाचार के तौर पर आॅपरेशन सम्बल अभियान के तहत पात्र लोगों को लाभान्वित करने में कोटा प्रथम रहा है।  इस अभियान की सफलता से ही प्रशासन कोटा में विभिन्न प्रदेश से आने वाले विद्यार्थियों को इको फ्रेंडली एवं तनाव मुक्त शै़क्षणिक वातावरण किस प्रकार से मिले इस ओर कदम बढ़ा रहा है। <br /><br /><strong>कोचिंग व हॉस्टलों में शुल्क और रेट लिस्ट की लगानी होगी सूची</strong><br />कलक्टर ने कहा कि  प्रशासन द्वारा विभिन्न कोचिंग एवं हॉस्टल संस्थानों में लिए जाने वाले शुल्क को लेकर रेट कानून के तहत जो प्रावधान हैं उसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगाा। उन्होंने कहा कि अपने-अपने संस्थानों में प्रशिक्षित मनोचिकित्सक की नियुक्ति की जाए जिससे यदि कोई विद्यार्थी मानसिक तनाव में हो तो उसकी तुरंत काउंसलिंग की जाए। उसकी शंका व समस्याओं का समाधान किया जाए। <br /><br /><strong>इको फ्रेंडली एवं तनाव मुक्त शै़क्षणिक वातावरण तैयार करें</strong><br />नगर निगम उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन, कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल एसोसिएशन मिलकर विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने के आवश्यकता है। हम सभी को विद्यार्थियों को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा तभी जाकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस पुनीत अभियान की सार्थकता सिद्ध हो सकेगी। कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के डॉ. विनोद कुमार दंडिया ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों में होने वाले मानसिक तनाव एवं उसके रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि व वार्डन मौजूद रहे। <br /><br /><strong>शीघ्र तैयार होगा एप, हर सप्ताह मॉनिटरिंंंग करेगी आठ सदस्यीय टीम</strong> <br /><br /> कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिले इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की घटना और फीस पॉलिसी को लेकर जिला प्रशासन अब गंभीर नजर आ रहा है। कोचिंग संस्थानों व हॉस्टलों की मनमानी फीस वसूली रोकने, ईजी एजिक्ट पॉलिसी को कढ़ाई से लागू करने के लिए कलक्टर हरिमोहन मीणा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कोचिंग व हॉस्टलों के लिए एक गाइड लाइन तैयार की जा रही है जो जून माह से लागू हो जाएगी। कोचिंग संस्थानों व हॉस्टलों पर निगरानी के लिए आठ सदस्यों की टीम हर सप्ताह मॉनिटरिंग कर बच्चों व अभिभावकों की समस्याओं का समाधान करेगी। संस्थानों को फीस लौटाने संबंधी जानकारी अपनी वेब साइट पर डालनी होगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे। <br /><br /><strong>नवज्योति ने जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा से विस्तार में बातचीत की, प्रस्तुत हैं इसके अंश-</strong><br /><br /><strong>-    ईजी एजिक्ट पॉलिसी की पालना सही से हो रही इसका आमजन को कैसे पता चलेगा ?</strong><br />-      ईजी एजिक्ट पॉलिसी की पालना और फीस लौटाने में पारदर्शिता बनाने के लिए हर कोचिंग संस्थान और हॉस्टल में फीस शुल्क की सूची लगवाई जाएगी। जिससे मनमानी फीस पर अंकुश लगेगा। साथ ही किसी कारणवश विद्यार्थी बीच में कोचिंग और हॉस्टल छोड़ता है तो उसकी अमानत राशि लौटाने के नियम भी बोर्ड पर डिसप्ले करने होंगे। <br /><br /><strong>-     फीस नहीं लौटाने की दशा में अभिभावक कहां शिकायत करें ?</strong><br />-    कोचिंग व हॉस्टलों की मनमानी रोकने और तनाव रहित वातावरण तैयार करने के लिए हर कोचिंग व हॉस्टल में प्रशासन के हेल्प लाइन नंबर और ई-मेल आइडी का बोर्ड लगाया जाएगा। ताकि अभिभावक और बच्चे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हर सप्ताह प्रशासन की ओर से गठित टीम मॉनिटरिंग करेगी और मेल पर आई शिकायतों के निस्तारण पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।<br /><br /><strong>-      कोचिंग संस्थानों द्वारा निस्तारण की गई समस्याओं की कहां मिलेगी जानकारी?</strong><br />-     कोचिंग संस्थानों को अभिभावकों की फीस और अन्य समस्याओं के निस्तारण की जानकारी अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी। इसके  जरिये की गई कार्रवाई का सबको पता चल सकेगा और इस मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी। इसके अलावा फीस लौटाने और अन्य शिकायतों के निस्तारण और पेडिंग की जानकारी संस्थानों के एप और वेबसाइट पर डालनी होगी। <br /><br /><strong>-     नियमों की पालना सही से हो रही है या नहीं इसके लिए क्या चैक पॉइंट हैं ?</strong><br />-     एडीएम सिटी के नेतृत्व में आठ सदस्यों की टीम गठित की है। हमारी हेल्प लाइन के नंबर और ई मेल आइडी के बोर्ड लगाना शुरू हो गया है। एडीएम सिटी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। किन- किन संस्थानों में बोर्ड लगा लिए, किसने नहीं लगाए उनको पाबंद किया जाएगा। जून के पहले सप्ताह से गाइड लाइन की पूरी पालना होना शुरू हो जाएगा। <br /><br /><strong>-    आत्महत्या कर चुके विद्यार्थियों की फीस लौटाने को लेकर क्या नियम बनाए हैं?</strong> <br />-      कोचिंग व हॉस्टलों में फीस ईजी एजिक्ट पॉलिसी तैयार की है। जिसमें कोटा के किसी भी कोचिंग संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गाइडलाइन के अनुसार फीस रिफण्ड करते समय मापदंडों को आधार माना जाएगा। जिनमें यदि विद्यार्थी के परिवार में माता-पिता अथवा निजी संबंधी की मृत्यु हो जाने या गम्भीर रोग से ग्रसित होने जाने पर, यदि विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त करने के दौरान मानसिक तनाव में आ जाता है तो मेडिकल रिपोर्ट या कोचिंग के मनोचिकित्सक की रिपोर्ट के आधार पर कोचिंग छोड़ने पर फीस रिफण्ड की जा सकेगी। हाल में एलन के  विद्यार्थी रितेश द्वारा आत्महत्या करने के बाद उसकी फीस रिफंड हुई या नहीं इसकी जानकारी ली जाएगी। नियमानुसार उसकी फीस रिफंड करवाई जाएगी। <br /><br /><strong>-      विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण में शिक्षा मिल रही है इसकी मॉनिटरिंग कैसे होगी?</strong> <br />-      कोचिंग व हॉस्टलों को हर माह मनोरंजन और खेल गतिविधियां करने के लिए पाबंद किया है। एक मनोचिकित्सक नियुक्त करने का भी गाइड लाइन में नियम बनाया है। तनाव वाले विद्यार्थियों की हर सप्ताह काउसलिंग करने लिए कहा है। इन नियमों की पालना के लिए प्रशासन की टीम कोचिंग व हॉस्टलों का औचक निरीक्षण करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/information-about-refund-of-fees-will-have-to-be-put-on-the-website/article-10415</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/information-about-refund-of-fees-will-have-to-be-put-on-the-website/article-10415</guid>
                <pubDate>Wed, 25 May 2022 16:52:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/website-par-fees.jpg"                         length="49776"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांगों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए छात्रों ने बनाई वेबसाइट </title>
                                    <description><![CDATA[दिव्यांग छात्रों को घर पर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए विद्यार्थियों ने एक स्टार्टअप शुरू करने की कवायद की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-created-website-to-give-information-about-schemes-to-differently-abled/article-6906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/girl-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिव्यांग छात्रों को घर पर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए विद्यार्थियों ने एक स्टार्टअप शुरू करने की कवायद की है। इसमें विद्यार्थियों ने राज्य सरकार की दिव्यांग जनों के लिए चलाई जा रही संपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दिव्यांग सहयोगी वेबसाइट पर दी है। दिव्यांग सहयोगी वेबसाइट बनाने में जीईसीआरसी फाउंडेशन के विद्यार्थी मनन्या, कनिका व हिमांशु सहित 6 छात्रों का सहयोग रहा। कनिका ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से दिव्यांग जनों और विद्यार्थियों को सहयोग करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है, लेकिन इनके बारे में जानकारी दिव्यांग जनों के पास नहीं पहुंच पाती है। इसके बारे में हमने जब सर्वे किया, तो यह तथ्य सामने आए।</p>
<p>इसके बाद हमने दिव्यांग जनों का सहयोग करने के लिए उनका विस्तृत डाटा और कितनी प्रकार की दिव्यांगता होती है। उसके बारे में भी दिव्यांग सहयोगी वेबसाइट पर विस्तार से जानकारी दी है। इन विद्यार्थियों ने जेइसीआरसी में आयोजित 24 घंटे की हेकाथोन के दौरान केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की ओर से दिए गई समस्याओं के संबंध में छात्रों ने यह वेबसाइट बनाई है। जीसीआरसी फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन अर्पित अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान के साथ ही तकनीकी ज्ञान की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम विद्यार्थियों को समय-समय पर टेक्निकल कार्यक्रम आयोजित कर रहे है।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-created-website-to-give-information-about-schemes-to-differently-abled/article-6906</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-created-website-to-give-information-about-schemes-to-differently-abled/article-6906</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 16:11:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/girl-copy.jpg"                         length="160212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        