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                <title>flyover - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ये हटा रहे, वो लगा रहे, शहर को बदरंग करने वालों पर नहीं हो रही सख्ती</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/they-are-removing-them--others-are-putting-them-up-again--no-strict-action-is-being-taken-against-those-who-are-defacing-the-city/article-139655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(3)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ तो शहर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर को बदरंग करने वालों के खिलाफ सख्ती नहीं की जा रही है। जिससे नगर निगम द्वारा बार-बार हटाने के बाद भी संस्थाओं द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से पोस्टर व बैनर लगाए जा रहे हैं।शहर में किसी भी सार्वजनिक स्थान चाहे वह फ्लाई ओवर हो या अंडरपास। बुर्ज की दीवार हो या निजी व सरकारी भवन की दीवार।शौचालय या अन्य किसी भी स्थान पर चाहे डिवाइडर पर लगे बिजली के खम्बे ही क्यों न हो वहां बिना अनुमति के किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लगाना अवैध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।</p>
<p>शहर का कोई इलाका या सार्वजनिक स्थान ऐसा नहीं है जहां निजी संस्थाओं, होटल, कोचिंग, डॉक्टर व व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालक ने विज्ञापन के पोस्टर व बैनर नहीं लगा रखे हों। जन्म दिन की बधाई से लेकर रक्तदान शिविरों तक के विज्ञापन अवैध रूप से लग रहे हैं। एक बार लगने के बाद उन्हें काफी समय तक हटाया भी नहीं जा रहा। संबंधित विभागों के अधिकारी भी देखकर अनजान बने हुए हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से टीमें लगाकर लगातार अवैध रूप से चस्पा विज्ञापनों को हटाया जा रहा है। पहले यह कार्रवाई निगम के राजस्व अनुभाग के माध्यम से करवाई जा रही थी। जबकि वर्तमान में जन स्वास्थ्य अनुभाग के माध्यम से पोस्टर, बैनर व फ्लेक्स को हटाया जा रहा है। हालत यह है कि एक तरफ नगर निगम की टीमें पोस्टर, बैनर व फ्लेक्स हटाकर आती है। वहीं दूसरी तरफ संस्थाएं फिर से उसी जगह पर दोबारा से विज्ञापन चस्पा कर रही है। हालांकि कई संस्थाएं तो बार-बार ऐसा कर रही है और कई जगह पर हर बार नई संस्था का विज्ञापन नजर आ रहा है।</p>
<p><strong>हर जगह लगे हैं विज्ञापन</strong><br />वर्तमान में एरोड्राम अंडरपास हो या छावनी फ्लाई ओवर। गुमानपुरा फ्लाई ओवर हो या दादाबाड़ी फ्लाई ओवर। यहां तक कि पुराने शहर में बुर्ज की दीवारों पर और डिवाइडरों के बीच बिजली के खम्बों पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे पोस्टर, फ्लेक्स व बैनर लगे हुए हैं। जिन पर नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।</p>
<p><strong>बिना सख्ती मेनपावर का दुरुपयोग</strong><br />जानकारों का कहना है कि नगर निगम द्वारा एक या दो बार विज्ञापन हटाना तो किसी हद तक सही है। लेकिन बार-बार विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करना और फिद्दर से उन्हें अपने स्तर पर ही हटाना मेन पावर का दुरूपयोग है। तलवंडी निवासी अनिल जैन का कहना है कि जब तक नगर निगम की ओर से सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत सख्ती नहीं की जाएगी। भारी जुमार्ना या मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाएगा तब तक किसी पर कोई असर नहीं हो रहा।</p>
<p>महावीर नगर निवासी कैलाश शर्मा का कहना है कि निजी संस्थाएं विज्ञापन एजेंसी या फर्म के माध्यम से अपना प्रचार कर रही है। एजेंसी मनमर्जी की जगह पर विज्ञापन चस्पा कर कमाई कर रही है। ऐसे में दोनों का काम हो रहा है। जबकि नुकसान नगर निगम को और शहर गंदा होने से छवि शहर की खराब हो रही है। जबकि ऐसा करने वालों के खिलाफ केवल कहने से नहीं सख्ती करने से ही असर होगा।</p>
<p><strong>नोटिस देने की तैयारी</strong><br />नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने बताया कि निगम आयुक्त के आदेश से जन स्वास्थ्य अनुभाग की टीमें अवैध पोस्टर, बैनर व फ्लेक्स हटा रही है। साथ ही जो बार-बार लगा रहा है उनकी सूची तैयार कर राजस्व अनुभाग को दी जा रही है। राजस्व अनुभाग व आयुक्त के आदेश पर बार-बार विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने व जुमार्ना समेत सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 16:36:30 +0530</pubDate>
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                <title>नहीं थम रहा शहर की सुंदरता पर ग्रहण, निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-on-the-beauty-of-the-city-is-not-stopping/article-121693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ तो कोटा शहर को स्मार्ट व स्वच्छ के साथ ही पर्यटन नगरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर की सुंदरता पर  ग्रहण लगना नहीं थम रहा है।  शहर में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति किसी भी तरह का विज्ञापन पोस्टर व फ्लेक्स लगाना गैर कानूनी है। ऐसा करना सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत आता है। लेकिन उसके बाद भी शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  शहर में झालावाड़ रोड हाइवे स्थित गोबरिया बावड़ी अंडरपास पर विज्ञापन पोस्टर लगा हुआ है। जिससे एरोड्राम से अनंतपुरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगे इस पोस्टर को देखकर  बाहर से आने वालों पर इसकी गलत छवि बन रही है।  इसी तरह से छावनी स्थित फ्लाई ओवर के नीचे सभी पिलरों पर विज्ञापन पोस्टर व फ्लैक्स चस्पा कर रखे है।  इतना ही नहीं दादाबाड़ी से केडवपुरा फ्लाई ओवर,  गुमानपुरा फ्लाई ओवर और गुमानपुरा स्थित बुर्ज की दीवार समेत कई जगह पर विज्ञापन पोस्टरों को लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  वहीं शहर के मुख्य मार्गों पर लगे गेंट्री बोर्ड पर भी जनप्रतिनिधियों के जन्म दिवस की बधाई के विज्ञापन फ्लैक्स लगे हुए हैं। डीसीएम रोड से लेकर जवाहर नगर तक समेत शहर के अधिकतर क्षेत्रों में इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं।</p>
<p><strong> निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</strong><br />शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने वालों के खिलाफ पूर्व में नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से कार्रवाई भी की गई थी। निजी अस्पताल समेत अन्य संस्थाओं द्वारा बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। साथ ही कई लोगों के  खिलाफ अदालत में परिवाद भी पेश किया था। वहीं छावनी से कोटड़ी चौराहे तक तो कई बार विज्ञापन हटाए जा चुके है। उसके बाद भी शहर में बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने वाले नहीं मान रहे हैं। </p>
<p><strong>शहर की सुंदरता सभी का दायित्व</strong><br />शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना सभी का दायित्व है। यह कहना है कि शहर वासियों का। कोटड़ी निवासी तबरेज पठान ने बताया कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं है। लोगों को भी अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी व दायित्व को समझना होगा। निगम द्वारा बार-बार कार्रवाई करने के बाद भी यदि लोग नहीं मान रहे हैं तो ऐसा करने वालों पर जुर्माना व कठोर कार्रवाई की जाए। छावनी निवासी महेन्द्र सिंह का कहना है कि नगर निगम व केडीए की ओर से विज्ञापनों के लिए स्थान  निर्धारित किए हुए हैं।  यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने का किराया देना पड़ता है। उससे बचने के लिए विज्ञापन एजेंसियां मनमर्जी से विज्ञापन चस्पा कर शहर की सुंदरता को खराब कर रही है। ऐसा करने वालों पर सख्ती जरूरी है।  इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से समय-समय पर सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कई बार निगम के स्तर पर भी विज्ञापन हटवाए गए हैं। फिर भी शहर में ऐसा हो रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 17:56:22 +0530</pubDate>
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                <title>फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण से पनप रही अवैध दुकानें व पार्किंग</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा नगरी कोटा में अतिक्रमण बड़ी समस्या बन कर उभर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-shops-and-parking-are-flourishing-under-the-flyover-due-to-encroachment/article-117659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/445.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर को स्मार्ट सिटी और सिग्नल फ्री तो बना दिया लेकिन अतिक्रमण की समस्या से निगम व केडीए निजात नहीं दिला सका जिससे आमजन परेशान हो रहे है। शहर के विभिन्न फ्लाईओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। केडीए कई बार इनको हटा चुका लेकिन अतिक्रमी फिर से आकर कब्जा जमा लेते है जिससे आमजन के साथ वाहनधारियों को भी भारी परेशानी हो रही है। गुमानपुरा फ्लाईओवर व छावनी फ्लाईओवर के नीचे से लोगों ने आॅटो व बाइक रिपेरिंग की दुकानें लगा ली जिससे सड़क पर आए दिन जाम लग जाता है। फ्लाईओवर के नीचे लोगों ने चाय की थड़िया, पान की गुमटियां लगा दी है। वहीं जवाहर नगर फ्लाईओवर के नीचे पंजाबी डोल व बग्गी वालों के साथ सैंकड हैंड गाड़ी बचेने वालों ने कब्जा जमा लिया है। शहर में केडीए की ओर से बार बार फ्लाई ओवर के नीचे से अतिक्रमण हटाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर को स्मार्ट सिटी तो बना दिया लेकिन शहर के फ्लाई ओवरों के नीचे से लोगों के किये गए अवैध रूप से अतिक्रमण को प्रशासन मुक्त नहीं करवा पा रहा है। अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिलने से स्मार्ट सिटी अतिक्रमण की चपेट में आ रही है। शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लेकिन शहर में स्मार्ट सिटी के तहत बने 9 फ्लाई ओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर पक्की दुकानें तक बना ली है। केडीए का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है। जिससे लोगों को भारी परेशानी को सामना करना पड़ता है। शिक्षा नगरी कोटा में अतिक्रमण बड़ी समस्या बन कर उभर रहा है।</p>
<p><strong>छावनी का अतिक्रमण बन गया है नासूर</strong><br />छावनी का अतिक्रमण लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। वाहन चालकों का छावनी क्षेत्र में गाड़ी चलाना काभी मुश्किल साबित हो रहा है। अतिक्रमीयों ने फ्लाई ओवर के नीचे गाड़ी रिर्पेयर व चाय की गुमटियां लगा कर अतिक्रमण का जाल बिछारखा है।<br /><strong>-राहुल शर्मा, स्टेशन निवासी</strong></p>
<p>घोडी बाजे वालों ने कर रखा कब्जाजवाहर नगर स्थित दादाबाड़ी से केशवपुरा तक बने फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण की भरमार है। जवाहर नगर की तरफ घोड़ी और ढोल वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। सड़क के दोनो ओर इन अतिक्रमियों ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। केशवपुरा सर्किल के यहां बैंडबाजा वालों ने व निजी होटल वालों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर वहां पार्किंग स्थल बना दिया है। दादाबाड़ी से केशवपुरा तक चाय की थड़ियो से लेकर नाश्तें की दुकानें सजी हुई है। यहां तक की फ्लाई ओवर के नीचे प्राइवेट बसें तक खड़ी की जा रही है।     <br /><strong>-दीपक नायक, वाहनधारी </strong></p>
<p><strong>बोरखेड़ा फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण</strong><br />बारां रोड स्थित बोरखेड़ा फ्लाई ओवर के नीचे लोगों ने चाय की थड़ियां लगा कर अतिक्रमण कर रखा है। जिसके कारण आए दिन जाम लग जाता है। वहां से गुजर ने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चाय पीने वाले लोग अपने वाहन इधर उधर लगा देते जिससे सड़क जाम हो जाती है चौपहिया वाहन निकाले में भी परेशानी होती है। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो की जाती लेकिन इन पर जुर्माना नहीं लगाया जाता जिससे यह फिर से आकर अतिक्रमण कर लेते है। <br /><strong> -ललित कुशवाह, बोरखेड़ा निवासी    </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अतिक्रमण को जमने नहीं दिया जाएगा जो ठेले व दुकानें लगी है। उन्हें हटा दिया जाएगा। साथ ही जहां जहां केडीए क्षेत्र में अतिक्रमण किया हुआ है। वहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार कार्रवाई की जा रही है। <br /><strong>-कुशल कोठारी, सचिव केडीए कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 17:18:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> मार्च में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के 5 महीने बाद भी फ्लाई ओवर का काम अटका</title>
                                    <description><![CDATA[हिंडोली और ढकनी कट पर आए दिन दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गवा बैठे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-5-months-of-completion-of-tender-process-in-march--work-on-flyover-is-stuck/article-86699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर 80 करोड़ की लागत से ढकनी (बसोली मोड) और हिंडोली कस्बे के निकट सहित दो फ्लाई ओवर बनने थे। मार्च में ही राष्ट्रीय राजमार्ग की प्राधिकरण नई दिल्ली ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही काम शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन चुनाव आचार संहिता की वजह से काम में देरी हुई थी जो अब तक जारी है। ज्ञात रहे कि  जयपुर जबलपुर हाईवे 2015 में फोरलेन बनने के बाद शुरू हो गया था लेकिन इस पर कुछ खामियां रह गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी। जनता की मांग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा 2018 में हिंडोली के प्रथम कट और बसोली मोड से ढकनी तक 40 करोड  की लागत से फ्लाई ओवर बनने थे लेकिन सोचनीय विषय है कि सन 2018 में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अपनी गलती महसूस करने में 5 साल लग गए। इंजीनियरों की गलती माने या विभाग की उदासीनता यह सैकड़ों लोगों की जान पर आफत बनाई थीं। हिंडोली और ढकनी कट पर आए दिन दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गवा बैठे हैं। इतना ही नहीं की 9 दिसंबर 23 को एक रोडवेज की बस बाइक सवार को बचाने के चक्कर में पलट गई थी  जिसमें एक की मौत और 14 जने गंभीर घायल हो गई थे।</p>
<p><strong> नवज्योति की मुहिम पर फ्लाई ओवर को मिली थी स्वीकृति</strong><br /> दैनिक नवज्योति ने बसोली मोड व हिंडोली कट को लेकर सिलसिलेवार कई बार प्रमुखता से खबरें लगाई थी जिसको आम जनता ने सराहा था और आखिरकार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा को इसके प्रस्ताव बनाने के लिए मजबूर किया और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा ने दोनों के प्रस्ताव नई दिल्ली भेजें जो स्वीकृत होकर आ गए हैं। पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सथुर के उमेश धाबाई ने बताया कि दैनिक नवज्योति अखबार को इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, क्योंकि नवज्योति ने इस खबर को बार-बार प्रमुखता से छापा था जिससे आज हम सफल हो सके। </p>
<p><strong>गलत साइड चलने से होते है हादसे </strong><br />हिंडोली कस्बे के निकट 148 डी जो लालसोट से चलकर सवाई माधोपुर उनियारा होता हुआ हिंडोली आकर मिल रहा है वही रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर 9 किलोमीटर चलकर बसोली मोड़ से विजयनगर भीलवाड़ा तक जा रहा है। बसोली मोड पर लगभग1 किलोमीटर वाहन गलत साइड चलकर अपनी साइड बदलते हैं। इसी प्रकार हिंडोली कस्बे के बाईपास पर वाहनों की गति तेज होने के कारण 148 डी का हिंडोली में मिलने से सड़क दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है जबकि कई बडी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसलिए फ्लाई  ओवर बनना जरूरी है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />हिंडोली के दोनों प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली से स्वीकृत होकर आ गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 15 अगस्त तक शीघ्र काम शुरू करवाया जाएगा।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल,  प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/even-after-5-months-of-completion-of-tender-process-in-march--work-on-flyover-is-stuck/article-86699</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 18:27:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फ्लाईओवर के नीचे हो रहा अतिक्रमण प्रशासन बना मूक दर्शक</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के फ्लाई ओवरो के तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-is-happening-under-the-flyover--the-administration-is-a-mute-spectator/article-84872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित तो कर दिया लेकिन अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिलने से स्मार्ट सिटी  अतिक्रमण की चपेट में आ रही है। हालांकि कलक्टर के आदेश के बाद से पिछले तीन दिन से शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लेकिन शहर में स्मार्ट सिटी के तहत बने 9 फ्लाईओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर पक्की दुकाने तक बना ली है। केडीए का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।  शिक्षा नगरी कोटा में अतिक्रमण बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। शहर में पुराने के साथ साथ अब नए फ्लाई ओवर तक के नीचे अतिक्रमण की भरमार है। कई अतिक्रमण तो बरसों से स्थाई कब्जा जमाए हुए हैं। सड़क किनारे और फुटपाथ पर हो रहे अतिक्रमण तो शहर की खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं। वहीं फ्लाई ओवरों के नीचे हो रहे अतिक्रमण उनकी सुंदरता में ग्रहण लगा रहा है। साथ ही यातायात बाधित हो रहा हैं। शहर में फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण का मामला किसी एक या दो जगह का नहीं है। पूरे शहर में 9 फ्लाईओवर के नीचे यही हालत है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और यातायात को सुगम बनाने के लिए फ्लाई ओवरों का निर्माण किया गया। लेकिन लोगों ने उनके नीचे की खाली जगह पर भी अतिक्रमण कर लिया। शहर के विभिन्न फ्लाई ओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर अवैध रूप से पार्किंग व दुकानें संचालित कर रखी है। जिसे आए दिन जाम लग रहे है। शहर के व्यस्तम इलाकों में बने फ्लाई ओवरों के नीचे लोगो ने अतिक्रमण कर दुकानें खोल दी है। जिससे राहगीरों को जाम से दोचार होना पड़ रहा है। शहर के गुमानपुरा, छावनी ,केशवपुरा, जवाहर नगर फ्लाई ओवर, बोरखेडा, विज्ञान नगर, कुन्हाड़ी, अनंतपुरा फ्लाईओवर के नीचे लोगो ने दो पहिया वाहन चाय की थड़िया लगा रखी है। शहर में अतिक्रमण हटाने कि मुहिम चल रही है लेकिन यह मुहिम केवल मुख्य सड़कों तक ही सिमित है। शहर के फ्लाई ओवरो के तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं है जिससे लोग फ्लाई ओवर के निचे अतिक्रमण का जाल बिछा कर बैठे हुए है।</p>
<p><strong>संजय नगर आरओबी के नीचे अतिक्रमण</strong><br />डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के नीचे बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। यहां शुरूआत में कुछ लोगों ने अस्थाई रूप से तबेला बनाया फिर वहीं पर झोपड़ी बनाकर रहने लगे। इस जगह पर कई बार लूट और मारपीट की भी घटनाएं हो चुकी हैं। आओबी के नीचे अवैध रूप से बजरी का भी व्यवसाय होने लगा है। जिससे भी रास्ता अवरूद्ध रहता है। ओवर ब्रिज के पास पहले नीचे वाहनों के लिए क्रॉसिंग का रास्ता था जो भी कुछ समय पहले अतिक्रमियों द्वारा बंद कर दिया गया। इसके अलावा यहां अवैध रूप से शराब व गांजा जैसे नशीले पदार्थ बेचे जाते हैं।</p>
<p><strong>छावनी का अतिक्रमण बन गया है नासूर</strong><br />छावनी फ्लाईओवर का अतिक्रमण लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। यहां गाड़ी चलना मुश्किल हो गया है। फ्लाई ओवर नीचे भी इसी तरह से अतिक्रमण की शुरूआत हुई थी। पहले यूआईटी ने ध्यान नहीं दिया। उसके बाद नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आ गया तो उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। अब हालात ये हो गए हैं कि स्लिप लेन पर हमेशा जाम लगा रहता है, लेकिन दोनों विभागों में से किसी की हिम्मत अतिक्रमण हटाने की नहीं होती।<br /><strong>- रितिका शर्मा, निवासी कोटा </strong></p>
<p><strong>शहर के 9 फ्लाई ओवर के नीचे बन सकते हैंबच्चों के लिए मनोरंजन जोन</strong><br />शहर में स्मार्ट सिटी के  तहत कुल 9 फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। इनके नीचे की जगह पर अतिक्रमण की भरमार हो चुकी है।  इस समस्या के निजात के लिए पूर्व में यूआईटी ने  मुम्बई की तर्ज पर स्मार्ट मिनी खेल स्थल विकसित करने की योजना बनाई लेकिन वो मूर्तरूप नहीं ले सकी है। अतिक्रमण को रोकने के लिए इन फ्लाईओवर के नीचे छोटे मनोरंजक व अध्ययन से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाए तो अतिक्रमण से मुक्ति मिल सकती है। इस दिशा में कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। झालावाड़ रोड कोचिंग का हब है। कोचिंग विद्यार्थियों व आसपास की मल्टीस्टोरी में रहने वालों के लिए खेल-मनोरंजन व अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों के लिए अच्छे केन्द्र विकसित किए जा सकते है।  कुन्हाड़ी, विज्ञान नगर, केशवपुरा से जवाहर नगर, सिटी मॉल के सामने, अन्नतपुरा, बोरखेड़ा क्षेत्र के फ्लाईओवर के नीचे खाली जगह में अलग-अलग इनडोर खेल और जिम्रेजियम जैसी सुविधाएं विकसित किया जाना आवश्यक है।  शहर में 15 लाख से अधिक जनसंख्या एवं 2 लाख विद्यार्थियों को इन फ्लाई ओवर के नीचे उनके निवास के आसपास ही खेल के स्थान मिल सकते है। <br /><strong>- श्वेतांक दीक्षित, समाजसेवी  </strong></p>
<p><strong>जवाहर नगर फ्लाई ओवर के नीचे घोड़े वालों ने किया अतिक्रमण</strong><br />जवाहर नगर स्थित दादाबाड़ी से केशवपुरा तक बने फ्लाई ओवरके नीचे  अतिक्रमण की भरमार है। यहां जवाहर नगर की तरफ घोड़ी और ढोल वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। सड़क के दोनों ओर इन अतिक्रमियों ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। वहीं केशपुरा सर्किल के यहां बैड़ बाजा वालों ने अपनी गाड़िया खड़ी कर रखी है। इसके आगे लोगों ने अपनी कारे पार्किंग कर रखी है। दादाबाडी से लेकर केशवपुरा तक चाय थडियों से लेकर नाश्ते की दुकाने सजी हुई है।  यहां तक कि फ्लाई ओवर के नीचे प्राइवेट बसें तक खड़ी की जा रही है। जिससे रास्ता पूरी तरह से अवरूद्ध हो रहा है। इसको हटाने की आवश्यकता है। <br /><strong>- मिलन सिंह, जिम ट्रेनर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अतिक्रमियों को जमने नहीं दिया जाएगा। जो ठेले व दुकानें लगी हैं उन्हें तत्काल हटा दिया जाएगा। साथ ही जहां जहां यूआईटी क्षेत्र में अतिक्रमण किया हुआ इसकी जांच कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- कुशाल कोठारी, केडीए सचिव कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 14:48:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फ्लाईओवर के नीचे अवैध पार्किंग, हादसों की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[चार लेन की सड़क होने के बावजूद अवैध पार्किंग के चलते इस मार्ग की चौड़ाई केवल दो लेन की रह जाती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-parking-under-the-flyover--possibility-of-accidents/article-82658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में स्टेशन से अनंतपुरा तक की सबसे व्यस्तम सड़क है, जिस पर एक दिन में हजारों वाहनों का आना जाना रहता है। शहर की सबसे प्रमुख सड़क होने से कोटा का लगभग हर इलाका इससे जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात का सुगम प्रवाह बना रहना जरूरी है लेकिन इस मार्ग पर विज्ञान नगर और एयरोड्राम चौराहे पर हर समय जाम की स्थिति रहती है। जिससे लोगों के आवाजाही में भी समस्या उत्पन्न होती है। साथ ही हादसों की आंशका भी बढ़ जाती है। चार लेन की सड़क होने के बावजूद अवैध पार्किंग के चलते इस मार्ग की चौड़ाई केवल दो लेन की रह जाती है।</p>
<p><strong>कई बार हो चुके हादसे</strong><br />विज्ञान फ्लाईओवर के नीचे निजी अस्पताल वालों ने अपनी पार्किंग बनाई हुई है। जहां अस्पतालों में आने वाले लोग अपने वाहनों को खड़ा कर सकते हैं लेकिन वाहन के शुल्क के चलते ये वाहन मालिक अपने वाहनों को स्टैंड पर खड़ा करने के स्थान पर सड़क पर ही लगा देते हैं। ऐसे में रोड की चौड़ाई कम तो होने से वाहनों को निकलने के लिए कम जगह होने से कई हादसे हो चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस मार्ग पर आने दिन छोटे हादसे देखने को मिलते हैं साथ ही कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं। वर्ष 2022 में भी छावनी निवासी युवक को एक कार चालक ने पीछे समय टक्कर मार दी थी जिसमें युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। हादसे में कार चालक गाड़ी को सड़क पर खड़ी करने के लिए पीछे ले रहा था तब ये हादसा हुआ। वहीं पिछले साल भी आॅटो और कार की टक्कर हो गई थी। जिसमें भी आॅटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था।</p>
<p><strong>सर्विस रोड की जगह मुख्य रोड पर खड़े वाहन</strong><br />सड़क के दोनों और वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग तो बनी ही है इसके साथ ही दोनों तरफ सर्विस रोड भी मौजूद है। जहां वाहनों के लिए पार्किंग के लिए जगह मौजूद है। लेकिन वाहन चालक र्इंधन बचाने और लंबे रस्ते से बचने के चक्कर में मुख्य सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />इस मार्ग पर आाप कभी भी आओ आपको हमेशा वाहन खड़े मिलते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या कारों की है, इतना ही नहीं ये सभी वाहन वहां खड़े होते हैं जहां नो पार्किंग का बोर्ड लगा हुआ है।<br /><strong>- हरिओम नागर, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>यातायात पुलिस की गाड़ी अगर सही से कारवाई करे तो यहां वाहन खड़े होना बंद हो सकता है लेकिन उनकी कारवाई नहीं होने के चलते ये बेझिझक अपने वाहन खड़े कर देते हैं।<br /><strong>- आसिफ अहमद, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>अवैध रूप से पार्किंग करने वाले वाहनों पर निरंतर कारवाई की जा रही है। विज्ञान नगर स्थित फ्लाई ओवर के नीचे भी लगातार कारवाई की जाती है। वर्तमान में अगर वाहन फिर से खड़े हो रहे होंगे तो उन पर कारवाई की जाएगी और अवैध पार्किंग को निषेद किया जाएगा।<br /><strong>- कमलाप्रसाद मीणा, उपअधीक्षक यातायात, कोटा शहर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 15:31:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - हिंडोली और बसोली मोड से ढकनी कट तक 80 करोड़ की लागत से बनेंगे दो फ्लाई ओवर</title>
                                    <description><![CDATA[इंजीनियरों की गलती माने या विभाग की उदासीनता यह सैंकड़ों लोगों की जान पर आफत बनाई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-news---two-flyovers-will-be-built-from-hindoli-and-basoli-mode-to-dhakni-cut-at-a-cost-of-rs-80-crore/article-67814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/asar-khabar-ka---hindoli-or-bsoli-mod-s-dakni-cut-tk-80-crore-ki-lagt-s-bnenge-do-flyover...hindoli,-bundi-news-22-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। बूंदी से हिंडोली आने वाले प्रथम कट पर व बसोली मोड से ढकनी कट  तक 80 करोड़ की लागत से दो फ्लाई ओवर बनेंगे।  इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेज दिए हैं। फ्लाईओवर बनने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि 10 दिसंबर 2023 को दैनिक नवज्योति ने फ्लाई ओवर बनाने में हो रही ढिलाई को लेकर करोड़ों की लागत से बनने वाले दो फ्लाई ओवर 5 सालों से फाइलों में दफन...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद कोटा राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया और दोनों अटके हुए फ्लाई ओवर बनाने के लिए इसके लिए प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेजा है। ज्ञात रहे कि जयपुर जबलपुर हाईवे 2015 में फोरलेन बनने के बाद शुरू हो गया था लेकिन इस पर कुछ खामियां रह गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी । जनता की मांग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा 2018 में हिंडोली के प्रथम कट और बसोली मोड से ढकनी तक  40  करोड  की लागत से फ्लाई ओवर बनने थे लेकिन चिंताजनक विषय है कि सन 2018 में  राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अपनी गलती महसूस करने में 5 साल लग गए। इंजीनियरों की गलती माने या विभाग की उदासीनता यह सैंकड़ों लोगों की जान पर आफत बनाई है। हिंडोली और ढकनी कट पर  आए दिन दुर्घटनाओं में सैंकड़ों लोग अपनी जान गवा बैठे हैं। इतना ही नहीं की  9 दिसंबर को  एक रोडवेज की बस बाइक सवार को बचाने के चक्कर में पलट गई थी जिसमें एक की मौत और 14 जने गंभीर घायल हो गई थे।</p>
<p><strong>सड़क दुर्घटनाएं कम हो इसलिए फोर लाइन बनाया</strong><br />ज्ञात रहे की जयपुर जबलपुर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 12 हुआ करता था। पहले केवल सिंगल रोड ही था। आए दिन बड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती थी। धीरे-धीरे इसकी मांग 4 लाइन की उठने लगी  और केंद्र सरकार की एक नीति के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में बदल गया। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग 12 की बजाय इसका नामकरण राष्ट्रीय राजमार्ग 52 कर दिया लेकिन सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ घटने की बजाय बढ़ता जा रहा है। जो एक चिंता का विषय है।</p>
<p><strong>हाईवे 148 डी का मिलन बना जी का जंजाल</strong><br /> हिंडोली कस्बे के निकट 148 डी जो लालसोट से चलकर सवाई माधोपुर उनियारा होता हुआ हिंडोली आकर मिल रहा है। वही रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर 9 किलोमीटर चलकर बसोली मोड़ से विजयनगर भीलवाड़ा तक जा रहा है। बसोली मोड पर लगभग1 किलोमीटर वाहन रॉन्ग साइड चलकर अपनी साइड बदलते हैं। इसी प्रकार हिंडोली कस्बे के बाईपास पर वाहनों की गति तेज होने के कारण148 डी का हिंडोली में मिलने से सड़क दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है जबकि कई बडी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसलिए फ्लाई  ओवर बनना जरूरी है।</p>
<p>हाईवे बनने के बाद बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए। मैंने उसे समय के तत्कालीन जिला कलक्टर को मौका दिखाकर फ्लाई ओवर बनाने की मांग की थी उन्होंने मुझे पूर्ण आश्वस्त किया था कि मैं आज ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा को पत्र लिखकर फ्लावर के प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। चलो देर आए दुरुस्त आए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेजे हैं और अब पास होकर भी आएंगे जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।<br /><strong>- उमेश धाबाई, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सथुर</strong></p>
<p>प्रस्ताव में कुछ त्रुटियां रह गई थी उनको सुधार कर साथ ही लागत भी बढ़ गई थी लगभग 80 करोड़ के प्रस्ताव दिल्ली भेज दिए गए हैं। हो सकता है मार्च के पहले हफ्ते तक दिल्ली से स्वीकृति मिलने पर शीघ्र ही फ्लावर का काम शुरू किया जाएगा।<br /><strong>- आर. के  मीणा, प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jan 2024 20:04:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाइवे पर बने अंडरपास में हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने कुछ दिन पहले उन दोनों अंडरपास की बदहाली के बारे में न्यास अधिकारियों को अवगत भी कराया था, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद भी अधिकारियों ने उन्हें ठीक नहीं कराया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-of-accidents-in-the-underpass-built-on-the-highway/article-65149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/highway-pr-bne-underpass-me-hadso-ka-khtra...kota-news-26-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास ने शहर को ट्रैफिक सिग् नल  फ्री बनाने के लिए झालावाड़ रोड पर अनंतपुरा से अंटाघर तक ल्लाई ओवर व अंडरपास निर्माण पर करोड़ों रुपए तो खर्च कर दिए। लेकिन हालत यह है कि कुछ ही समय में उनकी गुणवत्ता सामने दिखने लगी है। यह हालत है झालावाड़ रोड स्थित गोबरिया बावड़ी चौराहे पर बने अंडरपास की। करीेब 25 करोड़ से अधिक की लागत से इस अंडरपास का निर्माण कराया गया। साथ ही इसके सौन्दर्यीकरण पर भी करीब 5 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जिससे एरोड्राम से अनंतपुरा और अनंतपुरा से एरोड्राम की तरफ जाने वाले वाहन इस अंडरपास से बिना रूके निकल सके। साथ ही जिन वाहनों को को भामाशाह मंडी व महावीर नगर की तरफ जाना है वे अंडरपास के ऊपर की सड़क से निकल सके। वर्तमान में इस अंडरपास की हालत इतनी अधिक खराब है कि यहां पहले अनंतपुरा से एरोड्राम की तरफ जाने वाली अंडरपास की एक तरफ की सड़क पर नाली के ढकान का जाल टूट गया था। जिससे वाहन चालकों को निकलने में हादसों का खतरा बना हुआ था। ऐसे में न्यास ने उस रास्ते को  बेरीकेडिंग लगाकर बंद कर सड़क व जाल को सही करने का काम शुरू किया। जाल की जगह पर आरसीसी करवाई गई। यह काम पूरा नहीं हुआ और रास्ता अभी चालू भी नहीं हुआ। उससे पहले ही दूसरी सड़क का जाल भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। </p>
<p><strong>बड़े-बड़े पत्थर से तेज रफ्तार वाहन गुजर रहे</strong><br />विज्ञान नगर से अनंतपुरा की तरफ जाने वाला अंडरपास का रास्ता अभी चालू है। जिस पर से तेज रफ्तार से वाहन दिन भर निकल रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि उस रास्ते पर भी नाली का जाल पूरी तरह से टूट चुका है। उस नाली के जाल को सही करने की जगह उसके स्थान पर बड़े-बड़े पत्थर डाले हुए हैं। हाइवे होने से यहां रोजाना दिनभर चार पहिया वाहन इतनी तेजी से निकल रहे हैं कि उन्हें इस जगह के क्षतिग्रस्त होने का अंदाजा भी नहीं है। ऐसे में कई वाहन दिन में दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई वाहन चालक उससे बचने के प्रयास में साइड से निकाल रहे हैं। जिससे वहां से निकलने वाले अन्य वाहनों के टकराने का खतरा बना हुआ है। दो पहिया वाहन चालक तो उस पर से निकल भी नहीं पा रहे हैं। वे साइड से ही निकल रहे हैं। </p>
<p><strong>एरोड्राम अंडरपास भी नहीं हुआ ठीक</strong><br />गोबरिया बावड़ी की तरह ही एरोड्राम व अंटाघर अंडरपास की सड़कों पर ही हादसों का खतरा मंडरा रहा है। नवज्योति ने कुछ दिन पहले उन दोनों अंडरपास की बदहाली के बारे में न्यास अधिकारियों को अवगत भी कराया था। लेकिन करीब एक सप्ताह बाद भी अधिकारियों ने उन्हें ठीक नहीं कराया है। जिससे यहां भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>पहले सीपेज होने से खोदकर दोबारा बनाई भी सड़क</strong><br />जानकारों के अनुसार एरोड्राम व अंटाघर अंडरपास से गोबरिया बावड़ी अंडरपास  सही बना हुआ है। लेकिन इसकी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि यह बार-बार खराब हो रहा है। लोगों ने बताया कि बनने के कुछ दिन बाद ही यहां सीपेज की समस्या हो गई थी। जिससे पूरे अंडरपास में गंदा पानी भरा रहता था। ऐसे में न्यास ने अंडरपास के दोनों तरफ की सड़क को पूरी तरह से खोदकर नया बनाया था। जिससे अंडरपास का रास्ता दोनों तरफ का काफी समय तक बंद रहा था। लेकिन उसका भी फायदा नहीं मिला। कुछ समय बाद अब फिर से वही समस्या हो गई। जिससे हादसों का खतरा कम होने की जगह बढ़ गया। </p>
<p><strong>नाली की जालियां तक गायब</strong><br />नगर विकास न्यास ने नए प्रोजेक्ट बनाने के बाद उन्हें ओ एण्ड एम के तहत संवेदकों को ही उनके रखरखाव व मरम्त की जिम्मेदारी दी है। जिसके लिए संवेदकों को निर्धारित समय के लिए अतिरिक्त राशि का भी भुगतान किया गया है। साथ ही वहां सुरक्षा गार्ड भी लगाए थे। लेकिन हालत यह है कि न तो संवेदक का ध्यान है और न ही न्यास अधिकारियों का। यही कारण है कि अंडरपास बार-बार खराब हो रहे हैं। यहां तक कि इस अंडरपास की नालियों के जालियां तक गायब हो गई है। लेकिन इस पर भी किसी का ध्यान नहीं है। </p>
<p><strong>दीवार से टकराने पर जा सकती है जान</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यास ने अंडरपास की दीवारों को सजाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। वहां डिजाइन बनाई गई है। लेकिन सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। जबकि सड़क सही होना सबसे जरूरी है।  लोगों ने बताया कि सड़क पर चलना सुरक्षित होगा तभी तो दीवारों की डिजाइन का फायदा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह की स्थिति वर्तमान में है। ऐसे में वहां तेजी से निकलने वाले वाहन यदि दुर्घटनाग्रस्त हुए तो अंडरपास की दीवार से टकराने पर वाहन तो क्षतिग्रस्त होगा ही कई लोगों की जान भी जा सकती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />गोबरिया बावड़ी अंडरपास की नाली का जाल टूट गया था। जिसे सही करने का काम किया जा रहा है। अंडरपास से रोजाना सैकड़ों वाहन निकलते हैं ऐसे में टूट फूट होती रहती है। लेकिन उसे समय-समय पर ठीक भी करते रहते हैं। अभी भी काम चल रहा है। <br /><strong>- मानसिंह मीणा, सचिव, नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Dec 2023 17:30:24 +0530</pubDate>
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                <title>फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण की भरमार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण का मामला किसी एक या दो जगह का नहीं है, पूरे शहर में यही हालत है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lots-of-encroachment-under-the-flyover/article-64460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/kota-flyover.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रही शिक्षा नगरी कोटा में अतिक्रमण बड़ी समस्या बनता जा रहा है। शहर में पुराने ही नहीं नए फ्लाई ओवर तक के नीचे अतिक्रमण की भरमार है। कई अतिक्रमण तो बरसों से स्थायी कब्जा जमाए हुए हैं। सड़क किनारे और फुटपाथ पर हो रहे अतिक्रमण तो शहर की खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं। वहीं फ्लाई ओवरों के नीचे हो रहे अतिक्रमण उनकी सुंदरात में ग्रहण लगाने के साथ ही यातायात में भी बाधक बन रहे हैं। शहर में फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण का मामला किसी एक या दो जगह का नहीं है। पूरे शहर में यही हालत है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और यातायात को सुगम बनाने के लिए फ्लाई ओवरों का निर्माण किया गया। लेकिन लोगों ने उनके नीचे की खाली जगह पर भी अतिक्रमण कर लिया। </p>
<p><strong>संजय नगर आरओबी के नीचे अतिक्रमण</strong><br />डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के नीचे  बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। यहां शुरुआत में कुछ लोगों ने अस्थाई रूप से तबेला बनाया फिर वहीं पर झोपड़ी बनाकर रहने लगे। इस जगह पर कई बार लूट और मारपीट की भी  घटनाएं हो चुकी हैं। आओबी के नीचे अवैध रूप से बजरी का भी व्यवसाय होने लगा है। जिससे भी रास्ता अवरूद्ध रहता है। ओवर ब्रिज के पास पहले नीचे वाहनों के लिए क्रोसिंग का रास्ता था जो भी कुछ समय पहले अतिक्रमियों द्वारा बंद कर दिया गया। इसके अलावा यहां अवैध रूप से शराब व गांजा जैसे नशीले पदार्थ बेचे जाते हैं। </p>
<p><strong>दादाबाड़ी फ्लाई ओवर के नीचे घोड़ी वालों का अतिक्रमण</strong><br />दादाबाड़ी से केशवपुरा तक बने फ्लाई ओवरके नीचे भी  अतिक्रमण की भरमार है। यहां जवाहर नगर की तरफ घोड़ी  और ढोल वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। सड़क के दोनों ओर इन अतिक्रमियों ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। जिससे हमेशा हादसे की संभावना बनी रहती है। इसके आगे केशवपुरा तक किसी ने बैंड बाजे की गाडंी की हुई है तो किसी ने थड़ी लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है। यहां तक कि फ्लाई ओवर के नीचे प्राइवेट बसें तक खड़ी की जा रही है। जिससे रास्ता पूरी तरह से अवरूद्ध हो रहा है। </p>
<p><strong>यहां भी हैं हाल बेहाल</strong><br />इसी तरह हाल ही में बनकर तैयार हुए बोरखेड़ा फ्लाई आॅवर के नीचे भी अतिक्रमण होना शुरू हो गया है। पूरे फ्लाई ओवर के नीचे जगह-जगह फल के ठेले व थड़ियां लग चुकी हैं। यहां सड़क संकरी है और अतिक्रमण होने से ये ओर संकरी हो रही है।  जिससे  दिन में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। झालावाड़ रोड पर अनंतपुरा फ्लाई ओवर,गुमानपुरा फ्लाई ओवर और रंगपुर फ्लाई ओवर तक की हालत इसी तरह की हो रही है। जिससे इनकी सुंदरता पर  ग्रहण लगा रखा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />संजय नगर ओवर ब्रिज के नीचे कई सालों से अतिक्रमण हो रहा है। कई बार इन्हें हटाया भी गया लेकिन ये फिर आ जाते हैं। कई बार यहां वारदत भी हो चुकी हैं। लेकिन अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन स्थायी व ठोस कदम नहीं उठा रहा है। <br /><strong>- दीपक सुमन, गोविंद नगर</strong></p>
<p>फ्लाईओवर के नीचे रास्ता पहले ही संकरा है और सड़क किनारे अतिक्रमण होने से और संकरा हो जाता है, जिससे रात के समय काफी दिक्कत आती है। <br /><strong>- हेमंत नागर, केशवपुरा</strong></p>
<p>कुछ दिन पहले ही ये फ्लाई ओवर बनकर तैयार हुआ है और इसके नीचे आतिक्रमण होने भी लग गया । प्रशासन अभी से इन्हें रोक दे तो अच्छा होगा नहीं तो बाद में हटाने में परेशानी होगी।<br /><strong>- अरविंद आटोडिया, बोरखेड़ा</strong></p>
<p>शहर में लगातार अतिक्रमण के खिलाफ कारवाई की जा रही है, जहां भी अतिक्रमण हो रहा है उसे तुरंत हटाया जाएगा।<br /><strong>- मानसिंह मीणा, सचिव नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Dec 2023 14:53:40 +0530</pubDate>
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                <title> फ्लाई ओवरों की सुंदरता बिगाड़ रहा अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[फ्लाई ओवर के नीचे बीच रास्ते में ही कहीं ठेले खड़े हैं तो कहीं वाहन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-spoiling-the-beauty-of-flyovers-in-kota-rajasthan/article-60278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/flyover-ki-sundarta-bigaad-raha-atikraman..kota-news..23.10.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अतिक्रमण करने वालों के हौंसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। यहां तक की शहर में सुगम यातायात के लिए बनाए गए फ्लाई ओवरों के नीचे तक अतिक्रमण कर उनकी सुंदरता में ग्रहण लगा रहे हैं। शहर के विकास व विस्तार के साथ ही जहां की आबादी व वाहनों की संख्या में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी हो रही है। जिससे न केवल सड़कें  छोटी पड़ने लगी हैं वरन् ट्रैफिक जाम की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व सुगम यातायात  बनाने के लिए नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए की लागत से शहर के हर क्षेत्र में फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। जिससे ट्रैफिक डायवर्ट हो सके। जिन्हें सीधा जाना है वे फ्लाई ओवर के ऊपर से निकल सकें और अंदरूनी इलाकों में जाने वाले वाहन ही फ्लाई ओवर के नीचे से निकल सके।  लेकिन हालत यह है कि शहर में वर्तमान में कोई फ्लाई ओवर ऐसा नहीं है जिसके नीचे अतिक्रमण नहीं हो रहा है। फिर चाहे वह नया बना हो या पुराना बना हुआ हो। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सिविल लाइंस निवासी परमानंद अग्रवाल का कहना है कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के बाद उनका स्थायीे समाधान करना चाहिए। जिससे बार-बार अतिक्रमण न हो। तलवंडी निवासी महेश गोयल का कहना है कि ल्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण होने से उनकी सुंदरता तो बिगड़ रही है साथ ही यातायात भी बाधित हो रहा है। इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। छावनी निवासी सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी से ही अतिक्रमण हो रहे हैं। शुरुआत में ही अतिक्रमण को रोक दिया जाए तो बार-बार हटाने की नौबत ही नही आए। .</p>
<p><strong>यह है स्थिति</strong><br />विज्ञान नगर स्थित फ्लाई ओवर काफी पुराना हो गया है। उसके नीचे  निजी अस्पतालों के सामने वाले हिस्से में वाहन खड़े कर जगह घेरी हुई है। साथ ही कई लोगों ने अवैध रूप से थड़ियां लगा ली और सामान रख लिए। जिससे उस फ्लाई ओवर की सुंदरता बिगड़रही है। गुमानपुरा में फ्लाई ओवर हाल ही में बना है। ’वाला तोप से इंदिरा गांधी तिराहे को कवर करता हुआ वल्लभ नगर चौराहे तक  बनाया गया है।  इसके नीचे बीच रास्ते में ही कहीं ठेले खड़े हैं तो कहीं वाहन। नगर निगम के अग्निशमन केन्द्र के सामने तो पूरा मोटर मार्केट ही फ् लाई ओवर के नीचे संचालित हो रहा है। केशवपुरा फ्लाई ओवर के नीचे जवाहर नगर क्षेत्र में घोड़े वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है तो केशवपुरा चौराहे के पास बैंड वालों ने अपने वाहन खड़े कर अतिक्रमण कर रखा है। छावनी फ्लाई ओवर के नीचे चाय की थड़ी से लेकर दुकानदारों के सामान व वाहन रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। कमोवेश यही हालत शहर के अन्य फ्लाई ओवरों की भी है। बोरखेड़ा में बने नए फलाई ओवर के नीचे भी अतिक्रमण होने लगे हैं। </p>
<p><strong>कई बार कर चुके कार्रवाई</strong><br />नगर विकास न्यास के अधिकारियों का कहना है कि शहर में फुटपाथ हो या ल्लाई ओवर के नीचे   अस्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। किसी ने ठेला खड़ा कर दिया तो किसी ने दुकान का सामान रख दिया। ऐसे लोगों के खिलाफ न्यास व निगम की टीमें संयुक्त रूप से कई बार कार्रवाई कर चुके हैं। फिर भी ये बार-बार आ जाते हैं। उनके खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Oct 2023 15:23:16 +0530</pubDate>
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                <title>फ्लाई ओवर बनने से पहले ही बिगड़ने लगी दशा </title>
                                    <description><![CDATA[फ्लाई ओवर के नीचे बीच रास्ते में हो रहे अतिक्रमण से वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-condition-started-deteriorating-even-before-the-flyover-was-built/article-48293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/flyover-banne-s-phle-hi-bigadne-lgi-dasha...kota-news-09-06-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अतिक्रमण करने वालों के हौंसले इतने अधिक बुलंद हैं कि जरा सी जगह नजर आते ही वहां डेरा जमाने को तैयार रहते हैं। ऐसा ही मामला है बोरखेड़ा फ्लाई ओवर का। इसका निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है उससे पहले ही इसके नीचे अतिक्रमण की भरमार हो गई है। जिससे फ्लाई ओवर बनने से पहले ही उसकी दशा बिगड़ने लगी है।  नगर विकास न्यास की ओर से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और लोगों को सुगम यातायात उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत शहर में फ्लाई ओवर व अंडरपास का निर्माण कराया जा रहा है। बारां रोड पर बोरखेड़ा क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों क समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से फलाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसका निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है। उससे पहले ही इसके नीचे अतिक्रमण होने लगा है। </p>
<p><strong>चौराहे व पुलिया पर जाम से मुक्ति</strong><br />बोरखेड़ा व देवली अरब क्षेत्र में नई-नई कई कॉलोनियां बस चुकी हैं। जहां करीब 3 से 4 लाख लोग रहने लगे हैं। साथ ही यहां से बारां की तरफ का ट्रैफिक भी निकलता है। ऐसे में बोरखेड़ा चौराहे पर और बोरखेड़ा पुलिया के पास ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी। जिसकी समस्या के समाधान के लिए फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जा रहा है। 28 स्पान व 30 पिलर वाले इस फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में शुरू हुआ था। इसका काम अंतिम चरण में है। इस माह में फ्लाई ओवर से ट्रैफिक शुरू होने की संभावना है। </p>
<p><strong>सभी तरह की लगी दुकानें</strong><br />बोरखेड़ा में आरओबी से लेकर कृषि विश्वविद्यालय तक फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। करीब 111 करोड़ रुपए की लागत से 1124 मीटर लम्बाई में बन रहे इस फ्लाई ओवर के नीचे कई तरह की दुकानें लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है। यहां बैंडबाजे वालों की गाड़ियों से लेकर चाय की थड़ियां तक, पान गुटखे वालों से लेकर फूल वाला वाले तक और  रेस्टोरेंट से लेकर फल के ठेले तक सभी खड़े होने लगे हैं। जिससे फ्लाई ओवर की दशा तो बिगड़ ही रही है। साथ ही फ्लाई ओवर के नीचे बीच रास्ते में हो रहे अतिक्रमण से वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है। वाहन चालकों को उन थड़ियों व ठेलों के बीच से निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। शहर में बने अधिकतर फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण हो रहे हैं। जिससे उनकी दुर्दशा हो रही है। </p>
<p><strong>लोगों की पीड़ा</strong><br />देवली अरब रोड प्रताप नगर निवासी शम्भूृ सिंह सोलंकी का कहना है कि फ्लाई ओवर का निर्माण ट्रैफिक की समस्या के समाधान और लोगों क सुविधा के लिए किया गया है। लेकिन उसके नीचे अभी से हो रहे अतिक्रमण से वहां से निकलने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो बाद में उनकी संख्या अधिक हो सकती है। बोरखेड़ा निवासी अरुण वर्मा ने बताया कि अभी फ्लाई ओवर का निर्माण पूरा नहीं होने से फ्लाई ओवर के नीचे से ही जाना पड़ रहा है। ऐसे में वहां अभी से ठेले व थड़ियां लग चुके हैं। जिससे चार पहिया ही नहीं दो पहिया वाहनों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाने पर बाद में ये परेशानी का कारण बन सकते हैं। इधर नगर निगम व नगर विकास न्यास अधिकारियों का कहना है कि शहर के मुख्य मार्गों समेत फ्लाई ओवर के नीचे हो रहे अतिक्रमणों को न्यास व निगम की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कुछ समय पहले ही हटाया है। अस्थायी अतिक्रमण बार-बार हो रहे हैं। इसके लिए टीम को निर्देश दे रखे हैं कि वे लगातार मॉनिटरिंग करेगी। बोरखेड़ा फ्लाई ओवर के नीचे होने वाले अतिक्रमण को भी शीघ्र हटाया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2023 14:19:57 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : फ्लाई ओवर के नीचे से हटाया मोटर मार्केट का अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[ गुमानपुरा  फ्लाई ओवर के नीचे  अतिक्रमण कर मोटर मार्केट का संचालन किया जा रहा था। इस मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने 7 अप्रैल के अंक में पेज दो पर‘ फ्लाई ओवर की शरण, मोटर मार्केट का अतिक्रमण’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे निगम व न्यास के अधिकारियों ने गम्भीरता से लेते हुए कार्रवाई और फ्लाई ओवर के नीचे से मोटर मार्केट समेत पूरा अतिक्रमण साफ कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka--motor-market-encroachment-removed-from-under-the-flyover/article-42127"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/asar-khabar-ka--flyover-k-niche-se-hataya-moter-market-ka-atikraman...kota-news..8.4.2023-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नगर निगम और नगर विकास न्यास की टीमों ने सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शहर में करीब 6 घंटे तक अतिक्रमण  पर बुलडोजर चलाया। जिसमें गुमानपुरा फ्लाई ओवर के नीचे से लेकर सड़क किनारे व फुटपाथ तक के अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण के साथ ही नगर विकास न्यास की टीम  जेसीबी, डम्पर लेकर जाब्ते के साथ दोपहर बाद गुमानपुरा फ्लाई ओवर के नीचे ज्वालातोप की तरफ पहुंची । वहां फ्लाई ओवर के नीचे मिस्त्रियों की थड़ियों को तोड़ने से अतिक्रमण की शुरुआत की। उसके बाद गुमानपुरा तिराहा  होते हुए वल्लभनगर चौराहे तक पहुंचे। वहां से वापस ज्वाला तोप तक सड़क के दोनों और व फ्लाई ओवर के नीचे से अतिक्रमण हटाए। यहां से नयापुरा में विवेकानंद सर्किल से अग्रसेन सर्किल और अदालत चौराहे के आसपास तक कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम कोटा दक्षिण के उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि भारी पुलिस जाप्ते के साथ दोपहर करीब 1 बजे गुमानपुरा फ्लाईओवर के पास से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई जो शाम करीब साढ़े 6 बजे नयापुरा विवेकानंद सर्किल के पास समाप्त हुई। फ्लाईओवर के नीचे और दुकानों के आगे बने फुटपाथ पर हो रहे अतिक्रमण को दस्ते ने हटाया गया। </p>
<p><strong>कई तरह से कर रखा था अतिक्रमण</strong><br />कुछ जगह अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस निकलने जितना रास्ता भी नहीं बच रहा था। कुछ जगह मोड़ पर केबिन रख कर अतिक्रमण किया हुआ था। फ्लाई ओवर के नीचे ही मोटर मार्केट बना रखा था । कई दुकानदारों ने फुटपाथ के आगे तक पक्की सीढ़िया बनाकर अवैध निर्माण कर लिया था तो किसी ने दुकान के आगे 15 फीट तक टीन शेड लगाकर सड़क पर ही कब्जा किया हुआ था। किसी ने दुकान के नाम का साइड बोर्ड ही सड़क पर रखकर अतिक्रमण कर रखा था। जिसे प्रशासन के बुलडोेजर ने ध्वस्त कर दिया। साथ ही अतिक्रमियों को दोबारा से अतिक्रमण नहीं करने की भी चेतावनी दी गई। कुछ अतिक्रमियो द्वारा एक दिन की मोहलत माँगे जाने पर उन्हें समय दिया गया। चार डम्पर सामान जब्तदो जे सी बी की सहायता से चार डम्पर सामान जब्त किया गया। अतिक्रमण हटाने के बाद पूरा क्षेत्र खुला खुला नजर आने लगा। लगातार समझाइश व मुनादी कराने  व आमजन का सहयोग मिलने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कहीं कोई विरोध नहीं हुआ ।</p>
<p><strong>खराब गाड़ियों की आड़ में अतिक्रमण</strong><br />पुलिस उप अधीक्षक आशीष भार्गव ने बताया कि गुमानपुरा फ्लाईओवर के पास एक अतिक्रमी द्वारा दो खराब वाहन सड़क घेर कर खड़े कर रखे थे। वाहनों की हवा निकाली हुई थी। इन वाहनों की आड़ में अतिक्रमण किया हुआ था। इससे यातायात भी बाधित हो रहा था। इस पर राजेश डागा ने मौके से ही यातायात उप अधीक्षक कालूराम  वर्मा को सूचित किया। यातायात पुलिस दोनों वाहन जब्त कर ले गई।</p>
<p><strong>वीडियोग्राफी होगी, दोबारा अतिक्रमण करने पर कार्रवाई</strong><br />उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि जिस जिस जगह पर अतिक्रमण हटाए गए हैं।  वहां पर वीडियोग्राफी होगी।  जिससे भविष्य में दोबारा अतिक्रमण होता है तो संबंधित अतिक्रमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और अतिक्रमण हटाने का खर्चा भी अतिक्रमी से वसूला जाएगा।</p>
<p><strong>आमजन ने बताया सराहनीय कदम</strong><br />शहर में चली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई  की आमजन ने सराहना की है। वरिष्ठ नागरिक केसरसिंह हाड़ा ने बताया कि अतिक्रमण की वजह से फुटपाथ  व सड़क पर जगह नहीं बचती। प्रशासन का यह अभियान सराहनीय है। लेकिन अतिक्रमण पर सख्ती से स्थाई रोक लगना जरूरी है। गुमानपुरा निवासी बॉबी मेवाड़ा ने बताया कि सरकार करोड़ों खर्च कर शहर की सुंदरता बना रही है, लेकिन अतिक्रमी इस सुंदरता पर दाग लगा देते है जो अनुचित है। प्रशासन को सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रखनी होगी। कार्रवाई के दौरान न्यास के पुलिस उप अधीक्षक आशीष भार्गव, तहसीलदार यूआईटी रघुराज सिंह, नगर निगम सीआई महेंद्र मीणा, कोतवाली थानाधिकारी हंसराज मीणा सहित भारी पुलिस बल और निगम व यूआईटी का अतिक्रमण निरोधी दस्ता शामिल था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि गुमानपुरा फ्लाई ओवर के नीचे  अतिक्रमण कर मोटर मार्केट का संचालन किया जा रहा था। इस मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने 7 अप्रैल के अंक में पेज दो पर‘ फ्लाई ओवर की शरण, मोटर मार्केट का अतिक्रमण’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे निगम व न्यास के अधिकारियों ने गम्भीरता से लेते हुए कार्रवाई और फ्लाई ओवर के नीचे से मोटर मार्केट समेत पूरा अतिक्रमण साफ कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Apr 2023 12:33:46 +0530</pubDate>
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