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                <title>लापरवाही : खानपुर दोबड़ा सड़क मार्ग हादसों को दे रहा न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[जगह-जगह पर गहरे गड्ढे और गिट्टी और पत्थर निकल आए है जिसके कारण राहगीर कभी भी हादसे का शिकार हो सकते है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--khanpur-dobda-road-is-inviting-accidents/article-126336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर।  खानपुर से दोबडा जाने वाला सड़क मार्ग बहुत अधिक खस्ताहाल स्थिति में है। लगभग 2 साल हो गए, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली।  यह सड़क मार्ग इतना क्षतिग्रस्त है कि कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय जाने व आने में परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार राहगीर इस सड़क मार्ग पर गिरकर चोटिल हो जाते है। कस्बेवासियों में हमेशा हादसे का भय बना रहता है।  दोबडा से खानपुर आने के लिए यह एक ही मुख्य मार्ग है जो की खानपुर से जोड़ता है। इस सड़क मार्ग पर बड़े -बड़े गड्ढे हो गए है तथा कई जगहों पर कीचड जमा होने से राहगीरों के परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं यदि कोई यदि बीमार हो जाए तो अस्पताल ले जाने में मरीज व उसके परिजनों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।  अभी कु छ दिनों पहले जब बारिश का दौर था तो भारी बारिश के बाद तो इस सड़क मार्ग की दुर्दशा और भी दयनीय हो गई है। जगह-जगह पर गहरे गड्ढे और गिट्टी और पत्थर निकल आए है जिसके कारण राहगीर कभी भी हादसे का शिकार हो सकते है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शीघ्र अतिशीघ्र खानपुर दोबडा मार्ग को दुरूस्त करवाया जाए। </p>
<p>मैं एक छात्र हूं और रोजाना गांव से खानपुर जाता हूं तो खानपुर जाते समय इन उबड़ खाबड रास्ते में बहुत सी बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-करण शर्मा, छात्र</strong></p>
<p>यह खानपुर जाने का मुख्य रास्ता है जहां से रोजाना दिन रात जाना पड़ता है हादसे का भय बना रहता है। <br /><strong>-विकास नागर, ग्रामीण </strong></p>
<p>यही एक रोड है जो हमें खानपुर तहसील से जोड़ता है, कब क्या काम पड़ जाए हमें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोड की तुरंत मरम्मत की जाए। <br /><strong> -रामप्रसाद मेहरा, ग्रामीण </strong></p>
<p>अभी बरसात होने के बाद इस सड़क मार्ग बहुत ही दुर्दशा हो गई है , सड़क मार्ग पर गिट्टी फैल गई है। <br /><strong>-जयप्रकाश शर्मा,ग्रामीण </strong></p>
<p>हमारे गांव का मुख्य रोड यही है, बीमार व्यक्तियों को इस सड़क मार्ग से लाना पड़्ता है। सड़क को दुरूस्त करवाया जाए। <br /><strong>-सोनू नागर, ग्रामीण </strong></p>
<p>मैं एक छात्र हूं जो कि रोजाना खानपुर स्कूल जाता हूं और तैयारी के लिए लाइब्रेरी भी दिन में जाना पड़ता है तो करीब इस गांव से मेरे को 5 या 6 बार आना जाना पड़ता है । सड़क मार्ग खराब है। <br /><strong>- सुनील सुमन, छात्र</strong></p>
<p>इस रोड का टेंडर पास हो चुका है, लेकिन अभी स्वीकृति आना बाकी है। लगभग 15 दिन के अंदर स्वीकृति आ जाएगी और रोड का काम चालू हो जाएगा। <br /><strong>-एस, एन, मीणा </strong></p>
<p><strong>एक्शन पीडब्लूडी खानपुर</strong><br />वैसे इस रोड की निर्माण कार्य की स्वीकृति तो मिल चुकी है। लेकिन अभी तक बन नहीं पाया है और बरसात में अभी उबड खाबड हो गया है। रोड खानपुर से दोबडा वह दोबडा से भगवानपुरा तक स्वीकृत हो चुका है लेकिन अभी बरसात के कारण बन नहीं पाया है। <br /><strong>-  कलावती बाई नागर सरपंच दोबडा खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 15:43:25 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरी रात में खोखला कर रहे धरती का सीना, बिना नंबरों के सरपट दौड़ते पत्थरों से भरे ट्रैक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[पत्थरों का लगातार हो रहा अवैध खनन सुबह तड़काओं से ही चालू हो जाता हैं। अवैध पत्थरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रात में अंधेरी की आड़ में निकलती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/hollowing-out-the-earth-s-chest-in-the-dark-night/article-116250"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर नगर में अवैध पत्थर से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली सड़कों पर सरपट दौड़ रहे है, जिन पर किसी प्रकार की कोई रोकटोक नहीं है। ये पत्थरमाफिया धरती का सीना छलनी करके वनभूमि को खोखला कर रहे है। साथ ही ये पत्थरमाफिया पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे है। पत्थरों का लगातार हो रहा अवैध खनन सुबह तड़काओं से ही चालू हो जाता हैं। अवैध पत्थरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रात में अंधेरी की आड़ में निकलती हैं। </p>
<p><strong>कहां से आ रहा है पत्थर</strong><br />वन विभाग के कर्मचारियों की माने तो खानपुर के आसपास ऐसी कोई जगह नहीं है जहां वनभूमि से अवैध पत्थरों का खनन कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है। पत्थर की ट्रोलियां बड़ी मात्रा में खानपुर के पास स्थित बारहपाटी के जंगल नयागांव बलड़ावदा क्षेत्र से पत्थरों से भरी हुई तेज रफ्तार से सड़कों पर निकलती है। इसी प्रकार पनवाड़ क्षेत्र में चलेट कालीसिन्ध नदी में अवैध खनन कर रोजाना पत्थरों से भरे ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं।  पत्थरों के ट्रैक्टर टोलियां 2000 से लेकर 2200 तक बिक रही है। पत्थर की भरी हुई ट्रॉलियों पर अंकुश लगाने वाला कोई भी नहीं है और यदि इनकी शिकायत की जाती है तो इनके और फायदा होता है पत्थरों की रेट बढ़ा दी जाती है और यह रेट उपभोक्ताओं के ऊपर भारी पड़ती है। </p>
<p><strong>बिना नंबरों के सरपट दौड़ते पत्थरों से भरे ट्रैक्टर</strong><br />खानपुर इलाके में अवैध खनन करने वाले वाहनों पर ना कोई नंबर प्लेट है और ना ही वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों के पास लाइसेंस। कम उम्र के ड्राइवर द्वारा धड़ल्ले से ट्रैक्टर चला रहे हैं, इसे रोकने के लिए कोई अंकुश नहीं है।  इन ट्रैक्टरों की सरपट दौड़ को देखते देखते हुए ऐसा लगता है कि 25 दिन बाद जब स्कूल खुलेंगे तो बच्चे भी रोड पर आएंगे, उन बच्चों का क्या होगा। एक्सीडेंट होने की संभावना बनी हुई है यह ट्रैक्टर रात को भी चलते हैं और सुबह भी चलते हैं। </p>
<p><strong>ट्रैफिक जाम की स्थिति</strong><br />छोटे बच्चों द्वारा ट्रैक्टर चलाए जा रहे हैं जिनका कोई लाइसेंस प्राप्त नहीं है तो ट्रैफिक जाम तो होने ही है। ट्रैक्टर इतनी तेज गति से निकलते हैं कि गांव के अंदर जो रोड बने हुए हैं उनमें निकासी पानी की जालियां भी तोड़ जाते हैं।</p>
<p>अवैध खनन पर थोड़े समय के लिए अंकुश लग जाता है और फिर वापस से चालू हो जाते हैं, जिसका नुकसान एक आम आदमी को भुगतना पड़ता है जो ट्रॉली 2200 की आएगी, यदि अंकुश लगा दिया गया तो वह फिर 2500 में आएगी, अर्थात एक आम आदमी पर वजन बढ़ चुका है। <br /><strong>- देवराज सिंह, ग्रामीण  </strong></p>
<p>अवैध पत्थर खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है  इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। <br /><strong> - राजू नायक, ग्रामीण  </strong></p>
<p>यह पत्थर खनन कर निकाले जा रहे है, इन पर अंकुश लगाया जाए। जुलाई में स्कूल खुल जाते हैं और छोटे बच्चे रोड पर चलते हैं, यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। <br /><strong>- राहुल चरण, ग्रामीण</strong></p>
<p>पत्थरों से भरे ट्रैक्टर इतनी तेज रफ्तार से निकलते हैं कि एक्सीडेंट होने का अंदेशा बना रहता है और यदि ट्रैक्टर छोटा गली में निकलते हैं तो कुछ आर्थिक हानि भी होती है। <br /><strong>-  राजेंद्र कुमार, ग्रामीण</strong>  </p>
<p>पत्थरों का अवैध खनन कर ट्रैक्टर ट्रॉली सड़कों पर निकलती है तो इन पर कोई रोकटोक नहीं है । इनके द्वारा कई बार सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है। <br /><strong>- रमेश शर्मा, ग्रामीण  </strong></p>
<p>पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है , अवैध खनन से पर्यावरण को क्षति पहुंच रही है। इन पर अंकुश लगाया जाए। <br /><strong> - अभिषेक वर्मा, ग्रामीण</strong></p>
<p>नए सिरे से टीम गठित करके अवैध खनन व अवैध कटाव पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाएगा।  गश्त को भी बढ़ा दी जाएगी। <br /><strong> - सत्यवीर सिंह, रेंज फॉरेस्ट आॅफिसर, खानपुर।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 17:17:31 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क किनारे फैला अतिक्रमण बना जानलेवा, ग्रामीणों और वाहन चालकों को दुर्घटना का बना रहता डर </title>
                                    <description><![CDATA[आसपास गांवों के ग्रामीणों और वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/encroachment-on-the-roadside-has-become-a-life-threatening-situation/article-102292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। स्टेट हाइवे 138 बूंदी-सिलोर-नमाना संपर्क सड़क के किनारे दोनों साइड पर अतिक्रमण, पत्थर-बजरी के ढेर और बड़े-बडे बबूल की झाड़ियों जान लेवा बन गए है। बबूल की भरमार की वजह से सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते है। जो हादसों का सबब बन रहा है। गत दिनों ही सड़क पर अतिक्रमण के कारण एक जने की जान चली गई। जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी की अनदेखी के चलते आए दिन वाहन वालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है। स्टेट हाइवे 138 बूंदी-सिलोर-नमाना संपर्क सड़क जो सिलोर बरडा से रूपनगर तक जाती हैं। गरनारा ग्राम पंचायत के पांच से सात गांव का आना जाना हैं जिस पर जगह जगह बाड़े, पत्थर-बजरी के ढेर और दोनों साइडों पर बड़े बड़े बबूल हो रहे हैं। आसपास गांवों के ग्रामीणों और वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को कहीं बार अवगत करवा दिया हैं। सड़क पर हो रहे अतिक्रमण और बबूलों की सफाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि रोड पर पत्थर बजरी की ढेर और बाड़े बनाकर चारा जमा रखा है जिससे वाहन चालकों सामने से आ रहे वहां नजर नहीं आते जिसे कहीं बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। प्रशासन की लापरवाही ने बुधवार को घने कोहरे में पिकअप की टक्कर से गजानंद मीणा की दर्दनाक मौत हुईं। अगर प्रशासन समय पर अतिक्रमण हटा देते तो हो सकता हैं गजानंद की जान बच जाती। </p>
<p><strong>दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया</strong><br />जानकारी के अनुसार भीमपुरा तीय में जा रहा था चार दिन पहले सामने से आ रहीं पिकअप ने टक्कर मारने से गजानंद मीणा 40 वर्ष निवासी उमरथुना की दर्दनाक मौत  हो गई। इस हादसे में गजानंद मीणा के दो बच्चे के सिर से उठा पिता का साया उठ गया।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की पीड़ा</strong><br /><strong>युवा नेता रूपनगर के सत्तू मीणा बताया </strong>ने बताया कि सार्वजनिक विभाग को पांच बार और 181 पर भी शिकायत दर्ज करवा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई हैं और नजर अंदाज कर रहे हैं।</p>
<p><strong>श्रीनगर के सुरेश मीणा  ने बताया</strong> बबूलों, पराली और पत्थरों की वजह से सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आता हैं इसलिए दुर्घटना हो रही हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br /> रूपनगर की शिकायत आयी थी। मौका देखकर लोगों समझाइश भी की थी। नोटिस भी जारी कर दिए हैं। अब जल्द पुलिस जाब्ता लेकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।<br /><strong>- राहुल बागड़ी, एईएन पीडब्ल्यूडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 16:47:17 +0530</pubDate>
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                <title>जिन पत्थरों को बख्शी थी धड़कन, जुबां मिली तो हम पर ही बरस पड़े : राजे</title>
                                    <description><![CDATA[वसुन्धरा बोली :  भैंरोसिंह एकदम सही कहते थे, मुझे अहसास भी हुआ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--stones-that-were-spared-the-beat--if-we-got-the-tongue--it-rained-on-us--raje/article-9917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/qq4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व उपराष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत पर लिखी धरती पुत्र भैंरोसिंह शेखावत पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में सोमवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में पूर्व सीएम व भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने कहा कि मैं शेखावत की चलती फिरती राजनीति की पाठशाला की विद्यार्थी थी। उससे मैं ही नहीं, कई राजनेता तालीम लेकर निखरे हैं। राजस्थान की गंभीर राजनीति में वे ही मुझे लेकर आए। आज मेरे मुकाम में उनकी अहम भूमिका है। वे कहते थे कि राजनीति में जितनी बाधायें आती हैं, जितना कठिन समय आता है। व्यक्ति उतना ही तप कर मजबूत होता है। ऐसे ही दौरे में अपने परायों की पहचान होती है।</p>
<p><br />मुश्किलें आती हैं तो सबसे पहले अधिकतर वे इंसान ही आपसे अलग होते हैं जिनकी आपने सबसे अधिक मदद की हो। इसलिए टीम का चयन सोच समझकर करें। उनकी इस बात का मुझे कई बार अहसास होता रहा है। वो एकदम सही कहते थे, ‘हम ही ने बख्शी थी धड़कनें जिन पत्थरों को, जुबां जब उन्हें मिली तो हम ही पर बरस पड़े’। वे जब 1996 में इलाज कराने विदेश गए तो जिन लोगों की उन्होंने खूब मदद की वे ही सरकार गिराने का ऑपरेशन चला रहे थे। राजनीति में वे सभी से मित्रता रखते थे, लेकिन पार्टी की बात आती थी तो किसी से समझौता नहीं करते थे। उनसे ही सीखा कि राजनीति को सेवा नीति बनाओ। उनकी सीख से ही हमारी सरकार रहीं तो अंतिम पंक्ति के लोगों को याद रख काम किए। उनसे जुड़े संस्मरण भी राजे ने सुनाए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से लोग और भाजपा नेता, सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि आए। सभागार भर गया। बाहर स्क्रीन पर भाषण सुना। जमकर राजे के पक्ष में कई बार नारेबाजी भी हुई। <br /><br /><strong>कैलाश मेघवाल ने खुलकर कहा, 'विजनरी सीएम की आवश्यकता प्रदेश वसुन्धरा की तरफ देख रहा'</strong> <br />अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि राजस्थान को विजनरी सीएम की आवश्यकता है। राजस्थान वसुन्धरा राजे की ओर देख रहा है। क्योंकि उनमें प्रदेश को विजनरी सीएम दिखता है। राजे ने सीएम रहते हुए हर क्षेत्र में विजन से काम किया। वे भाजपा की राष्टÑीय उपाध्यक्ष हैं। इस नाते मैं वसुन्धरा से कहना चाहूंगा कि वे राजस्थान को दिशा देने से पीछे नहीं रहें। शेखावत से जुड़े भी कई संस्मरण सुनाए। कहा कि वे भाईचारे, संवेदनशीलता, मानवता की राजनीति करते थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने भैंरोसिंह के अपने से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए कहा कि राजे सरकार के कामों में शेखावत के कामों की झलक मिलती है। उनके दामाद व विधायक नरपत सिंह राजवी ने भी उनके बारे में विचार व्यक्त किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 11:54:11 +0530</pubDate>
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                <title>मनरेगा श्रमिकों पर  बरसाए पत्थर</title>
                                    <description><![CDATA[ बूंदी जिले के हिंडोली उपखंड क्षेत्र की सहसपुरिया ग्राम पंचायत में शुक्रवार को गांव में चल रही मनरेगा में कार्यरत श्रमिकों पर अतिक्रमियों ने कुल्हाड़ी,लकड़ियों व पत्थरों से हमला कर दिया जिसमें मेट सहित 6 श्रमिक घायल हो गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/stones-pelted-on-manrega-workers/article-9699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/hindoli-manrega.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। बूंदी जिले के हिंडोली उपखंड क्षेत्र की सहसपुरिया ग्राम पंचायत में शुक्रवार को गांव में चल रही मनरेगा में कार्यरत श्रमिकों पर अतिक्रमियों ने कुल्हाड़ी,लकड़ियों व पत्थरों से हमला कर दिया जिसमें मेट सहित 6 श्रमिक घायल हो गए।<br /><br />घायल श्रमिक ट्रैक्टर व ट्रॉलियों में भरकर उपखंड कार्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी पर मुकदमा दर्ज करने और अतिक्रमण हटाने की मांग की। मेट नंद किशोर गुर्जर ने बताया कि ग्राम सिघाड़ी में नदी से कोरिया खेडा तक ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा था जिसमे लगभग 63 मनरेगा श्रमिक कार्य कर रहे थे। तभी आरोपी धन्नालाल पुत्र किशना,मूलचंद पुत्र किशना,भंवरलाल पुत्र ग्यारसीलाल,प्रेमचंद पुत्र जयराम  माली निवासी सिंघाड़ी एक राय होकर आए । आरोपी मूलचंद,धन्नालाल ने कुल्हाड़ी से हमला किया। अन्य आरोपियों ने लट्ठ और पत्थर बरसाए। आरोपियों ने मौजूद श्रमिकों से गाली गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। तभी बीच बचाव करने वाले श्रमिकों चौथमल पुत्र भूरा माली व मनोहर पुत्र हरनाथ गुर्जर से उलझते हुए आरोपी मूलचंद ने कुल्हाड़ी से श्रमिक चौथमल के सिर में जोरदार वार किया जिससे उसके गंभीर घायल हो गया। पत्थरबाजी से 5 अन्य नरेगा श्रमिक घायल हो गए। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br /> घायलों का मेडिकल करवा दिया है। अनुसंधान किया जा रहा है। आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जायेगी।<br /><strong>  -मुकेश मीणा, थानाधिकारी हिण्डोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 17:19:40 +0530</pubDate>
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                <title>महिला की पहचान न हो इसलिए हत्यारों ने उसके चेहरे पर पत्थर से किए कई वार</title>
                                    <description><![CDATA[ दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित डांगरवाड़ा गांव के पास हुई वारदात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-the-woman-is-not-recognized--the-killers-attacked-her-with-stones-many-times/article-8826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/jamwaramgarh-1.jpg" alt=""></a><br /><p>जमवारामगढ़। दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित डांगरवाड़ा गांव के पास गुरुवार अल सुबह एक विवाहिता की हत्या की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। महिला की पहचान न हो इसलिए हत्यारों ने उसके चेहरे पर पत्थर से कई वार किए थे। हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस अधीक्षक (जयपुर ग्रामीण) मनीष अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव, वृताधिकारी शिवकुमार भारद्वाज, रायसर थानाधिकारी रामधन सांडीवाल, आंधी थाना अधिकारी रामकिशोर शर्मा भी घटना स्थल पहुंचे। मौके पर महिला के शव से कुछ दूर एक बैग मिला, जिसमें मोबाइल सहित अन्य दस्तावेज मिले हैं। मोबाइल में मिले नंबरों पर पुलिस ने बात की तो मृतका की पहचान ओम कंवर (23) पुत्री हेमसिंह रावला निवासी अस्तरवा थाना मकराना नागौर के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वह जन्माष्टमी से ही घर से गायब थी। वह शादीशुदा थी और उसके दो लड़के और एक लड़की है।</p>
<p><br />इससे पहले भी वह डेढ़ साल घर से बाहर रही थी। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आंधी के मोर्चरी में रखवाया है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाई है। उधर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। <br /><br /><strong>भाजपा नेता-थानाधिकारी में नोकझोंक</strong><br />महिला की हत्या की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता महेंद्र पाल मीणा भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान रायसर थानाधिकारी रामधन सांडीवाल और मीणा के बीच किसी बात पर तीखी नोकझोंक हो गई। वृताधिकारी व अन्य अधिकारियों ने बीच बचाव किया।।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 14:21:02 +0530</pubDate>
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                <title>पथरी को 90 प्रतिशत तक नष्ट कर सकती हैं ध्वनि तरंगें</title>
                                    <description><![CDATA[  ध्वनि तरंगों के जरिए गुर्दे की पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/sound-waves-can-destroy-stones-up-to-90-percent/article-6924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/back-pain.jpg" alt=""></a><br /><p>अब गुर्दे की पथरी से मरीजों को निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक के इस्तेमाल से अब पथरी निकालने के लिए मरीज का ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<p><strong>एक नए अध्ययन में</strong> <br />पता चला है कि  ध्वनि तरंगों के जरिए गुर्दे की पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जा सकता है। वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि बर्स्ट वेव  लिथोट्रिप्सी तकनीक गुर्दे की पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर सकती थी, जिससे पेशाब के जरिए उसे आसानी से बाहर निकला जा सकता था।</p>
<p><br /><strong>ऐसे लोगों में जोखिम अधिक</strong><br />गुर्दे की पथरी तब बनती है, जब किसी व्यक्ति में खनिजों का जमाव होने लगता है और वह इकट्ठा होते-होते कठोर हो जाते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए इसे शरीर से बाहर निकालने की आवश्यकता होती है, लेकिन यह एक अत्यंत दर्दभरी और कठिन प्रक्रिया होती है।  </p>
<p><br /><strong>लिथोट्रिप्सी मशीन</strong> <br />उच्च दबाव वाली ध्वनि तरंगों को मरीज के शरीर में भेजती है। ध्वनि तरंगों से पथरी पर फोकस किया जाता है। फिर पत्थरी को तोड़ने के लिए उस पर तरंगों के माध्यम से फोकस किया जाएगा। इसके बाद उसी स्थान पर 1 से 2 हजार शॉक वेब के जरिए वार किए जाते हैं। ध्वनि तरंगों की चोट से पथरी महीन टुकड़ों में टूट जाती है। इसके बाद पथरी के इन महीन टुकड़ों को पेशाब के जरिए बाहर निकाला जा सकता है। इस मशीन से किडनी में मौजूद पथरी को तोड़ने की पूरी प्रक्रिया में 10 मिनट का समय लगता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 11:47:01 +0530</pubDate>
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