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                <title>restoration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>restoration RSS Feed</description>
                
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                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे की बड़ी उपलब्धि, 9 घंटे में पुराना पुल हटाकर नया तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने मारवाड़-आबू रोड मार्ग पर युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 9 घंटे से भी कम समय में पुराने पुल को ध्वस्त कर नया पुल तैयार कर दिया। दोपहर 12:45 बजे ब्लॉक लेकर शुरू हुआ यह कार्य रात 9:30 बजे पूरा कर रेल संचालन सुरक्षित बहाल कर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-achievement-of-north-western-railway-new-bridge-was-removed/article-154142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/railway-station-jpr.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल करते हुए मारवाड़–आबू रोड रेल मार्ग पर स्थित पुराने रेलवे पुल को 9 घंटे से भी कम समय में ध्वस्त कर नया पुल तैयार कर दिया। यह कार्य तय समय सीमा में पूरा कर रेल संचालन को शीघ्र बहाल किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार सुरक्षित रेल संचालन के लिए पटरियों, पुलों और अन्य रेल ढांचों का समय-समय पर रखरखाव और आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है। इसी क्रम में आउवा और भिंवालिया स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या 605 को बदलने का निर्णय लिया गया। इसके लिए दोपहर 12:45 बजे ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया और युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया।</p>
<p>इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने महज 9 घंटे के भीतर पुराने पुल को हटाकर 16 ब्लॉक सेगमेंट और 12 स्लैब लगाकर नया पुल तैयार कर दिया। रात 9:30 बजे ब्लॉक समाप्त कर रेल मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। इस ब्लॉक अवधि का उपयोग करते हुए अन्य अनुरक्षण कार्य भी योजनाबद्ध तरीके से पूरे किए गए। सुमेरपुर जवाई बांध स्टेशन पर 12 मीटर लंबे पैदल पुल के 10 गर्डर लगाए गए। साथ ही 2 डब्ल्यूसीएमएस क्रॉसिंग, 2 रेल और 1 एसईजे बदले गए तथा 11 ग्लू जॉइंट का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा 750 घन मीटर गिट्टी अनलोडिंग, 1200 मीटर शोल्डर गिट्टी सफाई, 380 मीटर डीप स्क्रीनिंग और 360 मीटर ट्रैक टैंपिंग जैसे कार्य भी संपन्न हुए। रेलवे का उद्देश्य न्यूनतम बाधा के साथ कार्य पूरा कर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:34:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कैलाश ने खेत के रास्ते के लिए 20 साल तक संघर्ष किया, मौत के बाद ही मिल पाई जगह</title>
                                    <description><![CDATA[बेटे ने की आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/kailash-struggled-for-20-years-for-the-path-to-his-farm--got-the-place-only-after-his-death/article-83647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता ? यह कहावत पढ़ते व सुनते आ रहे हैं  लेकिन इसका सही उदाहरण  मंगलवार को प्रत्यक्ष रूप से कैलाश तेली की मौत के बाद वह भी परिवार द्वारा शव के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रास्ता बहाल कराया। इससे पहले जब वह 20 सालों से उसके खेत पर जाने वाले रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा था लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। अगर समय रहते उसकी सुनवाई हो जाती तो उसकी मौत नहीं होती।  सदमे से मरने वाले किसान कैलाश के पुत्र गणेश ने बताया कि हिंडोली तहसील क्षेत्र के सिंघाड़ी गांव में उसके पिता के नाम 10 बीघा कृषि भूमि स्थित है उसके पड़ोस में कल्याण माली  व उसके परिवार की कृषि भूमि भी स्थित है  लेकिन वह व्यक्ति बहुत लालची स्वभाव का है और उसने सन 2004 में हमारे खेत के  रास्ते के आगे जो की सरकारी भूमि होने के बावजूद भी तार बंदी  करके हमारे रास्ते को रोक देता है इसके बाद से ही  पिता लगातार हिंडोली प्रशासन के चक्कर लगाकर रास्ता बहाली के लिए निवेदन करते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिला? इस वर्ष भी उसने हमारे कृषि भूमि के आगे रास्ते को पूर्ण रूप से बंद कर दिया तो  पिताजी ने हिंडोली थाने से लेकर तहसील और उपखंड कार्यालय में जाकर अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी इसके बाद 26 जून से 28 जून तक हम सभी परिवारजन धरने पर बैठ गए तो प्रशासन ने आश्वासन देकर कैलाश के परिवार को उठा दिया उसके बाद भी कैलाश  तहसील और उपखंड कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने रास्ता बहाली के लिए ठोस प्रयास भी नहीं किया। कैलाश संघर्ष करते-करते सदमे में 2 जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गई उसके बाद भी हम परिवार जनो ने मेरे पिता के शब के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने पर प्रशासन जागा और हमारा रास्ता बहाल करवाया है।</p>
<p><strong>प्रशासन चाहता तो पहले भी इस रास्ता को बहाल कर सकता था</strong><br />कृषि भूमि का सन 2004 में इस कल्याण माली ने पहली बार रास्ता अवरुद्ध किया था इस मामले की रिपोर्ट हिंडोली थाने में दी थी तब से लगातार हिंडोली थाना तहसील उपखंड कार्यालय मैं रास्ता बहाली को लेकर कैलाश ने बहुत संघर्ष किया लेकिन उसे अकेले कल्याण ने  जायज बात भी प्रशासन को शायद सुनने  नहीं दी और आखिरकार मेरी पिता की मौत हो गई और प्रशासन ने  रास्ता बहाल करवाया है। कैलाश के बेटे गणेश का कहना है कि  मेरी प्रशासन से मांग है कि कल्याण माली के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />मेरे संज्ञान में आने के बाद से रास्ता बहाली के प्रयास चल रहे थे। इस बीच कैलाश तेली के परिवार ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया । धरने पर प्रशासन ने उसको शीघ्र रास्ता बहाली के लिए आश्वासन दिया था। कैलाश तेली ने भी प्रशासन के आश्वासन को मानकर धरना खत्म कर दिया था। हम भी उसके पुत्र को बुलाकर सारे विकल्पों पर बातचीत कर रहे थे और मैं भी मौके पर जाकर मौका  देखा था।  एक-दो दिन में रास्ता बहाली होनी थी की इसी बीच कैलाश तेली की मौत हो गई जो दुखद है और उसके खेत का रास्ता भी बहस कर दिया है।     <br /><strong>- कमलेश कुमार कुलदीप, तहसीलदार हिंडोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 15:54:37 +0530</pubDate>
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                <title>श्रद्धालुओं के लिए खुला श्री लक्ष्मीनरसिम्हा स्वामी मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के गोपुरम के ऊपर लगाया गया सोने से मढ़ा कलश है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hyderabad--the-1000-year-old-srilakshmi-narasimha-swamy-temple-built-on-the-hill-of-yadagirigutta-in-telangana-was-opened-for-devotees-after-the-restoration/article-6930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sri-lakshmi-narasimha.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में यादगिरिगुट्टा की पहाड़ी पर निर्मित एक हजार साल पुराना श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर पुनरूद्धार के बाद सोमवार को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया।  मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नए कलेवर में आए मंदिर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री, विधायक और जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने वाले कर्मी भी उपस्थित रहे। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद लोग उत्सुकता के साथ मंदिर के खुलने का इंतजार कर रहे थे। मंदिर परिसर को परिलोक जैसी सुंदरता दी गई है और हजारों बल्बों और रंग बिरंगे वंदनवारों से सजाया गया है। मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के गोपुरम के ऊपर लगाया गया सोने से मढ़ा कलश है। <br /><br /><strong>5 साल में तैयार</strong><br />इस मंदिर का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री का एक ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसे पूरा होने में पांच साल से भी अधिक का समय लगा है।<br /><br /><strong>मंदिर की खासियत</strong><br />    मंदिर को पूरी तरह शास्त्रों के मुताबिक बनाया गया है<br />    खूबसूरती ऐसी कि अच्छे-अच्छे महलों को भी फीका कर दे।<br />    मंदिर प्रोजेक्ट पर तेलंगाना सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 1000 करोड़ रुपए तो खर्च भी हो चुके हैं।<br />    मंदिर में 140 किलो सोना लग रहा है। इसमें से 125 किलो सोना तो गर्भगृह के गुंबद पर ही लग रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:16:26 +0530</pubDate>
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