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                <title>restoration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>restoration RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले कल्ला की प्रतिमा के धराशायी होने से लोगों की भावनाएं आहत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के पहले कोतवाल फतेहराज कल्ला की प्रतिमा धराशायी होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे स्थानीय भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से मांग की है कि उनकी याद को चिरस्थायी रखने के लिए पूरे सम्मान के साथ वहां पुनः नई भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlots-big-statement-said-that-peoples-sentiments-are-hurt/article-156242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के पहले कोतवाल रहे फतेहराज कल्ला की स्मृति में प्रतापनगर सदर पुलिस थाने में लगी उनकी प्रतिमा के धराशायी हो जाने की खबर को दिल दुखाने वाली बताते हुए कहा है कि इससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। गहलोत ने अपने बयान में कहा कि यह दिल दुखाने वाली खबर है कि जोधपुर के पहले कोतवाल रहे फतेहराज कल्ला की स्मृति में प्रतापनगर सदर पुलिस थाने में लगी प्रतिमा धाराशायी हो गई है।</p>
<p>कल्ला जोधपुर की वरिष्ठ नेता, कई बार की विधायक सूर्यकांता व्यास जीजी के पिता थे और उनकी एक विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उनकी याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए शानदार प्रतिमा का निर्माण कराकर पूरे सम्मान से पुनः स्थापित करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:36:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी ने भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों पर डाला प्रकाश, कहा- 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल जंगल जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर भारत की समृद्ध जैव विविधता पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयासों से चीता, हिम तेंदुआ और स्लॉथ बीयर जैसी प्रजातियों का पुनरुद्धार हुआ है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रतिवर्ष 1.19 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जुड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-environment-day-prime-minister-modi-threw-light-on-indias/article-156050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत की समृद्ध जैविक विविधता का उल्लेख करते हुए वन्यजीव संरक्षण एवं वन विस्तार में देश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि निरंतर प्रयासों ने देश भर में कमजोर प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद की है। पीएम मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अपनी विशाल जैव विविधता और विविध पारिस्थितिक तंत्रों पर गर्व करता है जो असंख्य प्रजातियों के साथ-साथ लाखों आजीविका का समर्थन करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत में हमें अपनी जैविक विविधता पर बहुत गर्व है। हमारे विविध पारिस्थितिकी तंत्र अनगिनत प्रजातियों और आजीविका का समर्थन करते हैं।" सरकार की संरक्षण पहलों का उल्लेख करते हुए, श्री मोदी ने लुप्तप्राय और कमजोर वन्यजीव प्रजातियों की रक्षा के उद्देश्य से विशेष पुनर्प्राप्ति कार्यक्रमों की सफलता की बात की । उन्होंने कहा कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुओं, स्लॉथ बीयर और चीतों के संरक्षण प्रयासों ने प्रदर्शित किया है कि दीर्घकालिक प्रतिबद्धता वन्यजीव आबादी और पारिस्थितिक आवासों के पुनरुद्धार में कैसे योगदान दे सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "विशेष पुनर्प्राप्ति में हमारे प्रयास भी उल्लेखनीय रहे हैं। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुए, स्लॉथ बीयर और चीता के संरक्षण प्रयासों ने इस बात की झलक दी है कि निरंतर प्रतिबद्धता वन्यजीवन और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में कैसे मदद कर सकती है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पिछले साल शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के प्रभाव का भी हवाला दिया, जो नागरिकों को अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पहल ने देश के हरित क्षेत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल ने हर साल लगभग 1.19 लाख हेक्टेयर जंगल जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।" यह टिप्पणी तब आई जब भारत ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है। पिछले एक दशक में, सरकार ने वन क्षेत्र को बढ़ाने, लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करने और ख़राब पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।</p>
<p>प्रमुख संरक्षण पहलों में से एक प्रोजेक्ट चीता है, जिसके तहत सात दशक से भी अधिक समय पहले देश में प्रजाति विलुप्त होने के बाद अफ्रीकी चीतों को भारत में फिर से लाया गया था। गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की सुरक्षा के प्रयासों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जबकि हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुओं और मध्य भारत में स्लॉथ बीयर के संरक्षण उपायों को आवास संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से तेज किया गया है। प्रधानमंत्री का संदेश विश्व पर्यावरण दिवस को चिह्नित करने वाले पोस्ट और पहल की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जो जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 5 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 17:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: जयपुर जिले में 3500 नागरिकों ने निभाई सहभागिता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। चौगान स्टेडियम से पैदल और साइकिल रैली निकालकर जल शपथ दिलाई गई। शाहपुरा, मौजमाबाद और दूदू में ग्रामीणों ने श्रमदान, पौधारोपण, बावड़ियों की सफाई और परिंडे बांधकर जल संरक्षण का संदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3500-citizens-participated-in-vande-ganga-water-conservation-mass-campaign/article-155595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को जयपुर जिले में विभिन्न विभार्गों, पंचायत समितियों, नगरीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी विविध कार्यक्रर्मों का आयोजन किया गया। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान के तहत प्रात: जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र चौगान स्टेडियम से वंदे गंगा पैदल रैली एवं साइकिल रैली निकाली गई। जिसे खेल अधिकारी मानसिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। पंचायत समिति शाहपुरा क्षेत्र में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत कुल 61 गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें लगभग 2068 नागरिकों ने भागीदारी निभाई। शाहपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनोहरपुर में ग्रामीणों एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पौधारोपण, जल संरक्षण संरचनाओं की साफ-सफाई, श्रमदान, डी सिल्टिंग तथा स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति मौजमाबाद की समस्त ग्राम पंचायतों में वंदे गंगा जल जागरूकता रैली एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में लगभग 125 जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। कोटखावदा ब्लॉक में प्रभात फेरी, जागरूकता रैली एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। </p>
<p>नगर पालिका दूदू क्षेत्र में वंदे गंगा प्रभात फेरी, जागरूकता रैली, जल स्रोतों की साफ-सफाई, बावड़ियों एवं खेलियों की सफाई, जल सेवा, परिंडे स्थापना, पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था, हनुमान सागर बांध पर दीप प्रज्वलन तथा नो-प्लास्टिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:08:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मन की बात में पीएम मोदी का संदेश: एस्ट्रोनॉमी क्लबों और एथलीटों को सराहा, नीदरलैंड्स से चोल काल की ताम्र पट्टिकाएं लौटीं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में युवाओं से एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने 100 मीटर दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड विजेताओं की खेल भावना को सराहा और बताया कि नीदरलैंड्स से चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत वापस आ गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-country-is-moving-forward-with-inspiring-works-astronomy-club/article-155583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश के गांवों और शहरों में ऐसे अनेक प्रेरणादायी कार्य हो रहे हैं जिनसे यह विश्वास मजबूत होता है कि देश लोगों की शक्ति से निरंतर आगे बढ़ रहा है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134 वीं कड़ी में इसी तरह के अनेक प्रेरणादायी कार्यों का उल्लेख करते हुए लोगोंं से इनकी सराहना करने तथा इनसे जुड़ने की अपील की है। उन्होंंने कहा, भारत के हर गाँव में, हर शहर में, कुछ-न-कुछ ऐसा हो रहा है जो हमें प्रेरणा देता है। कई बार, इन प्रयासों की ज्यादा चर्चा नहीं होती, लेकिन जब हम इन्हें जानते हैं, तो ये विश्वास और मजबूत होता है, कि देश, अपने लोगों की शक्ति से आगे बढ़ रहा है। </p>
<p>मोदी ने देश में एस्ट्रोनॉमी क्लबों की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए छात्रों से अपनी रूचि के अनुसार इन क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंंने कहा, आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है। </p>
<p><strong>100 मीटर के नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड पर पीएम ने सराहा</strong></p>
<p>पीएम नरेन्द्र मोदी ने नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप प्रतियोगिता के विजेताओं को शुभकामनाएं दी हैं और 100 मीटर दौड़ में नए राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने वाले दो खिलाड़ियों गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बात की तथा उनकी खेल भावना और खेलोंं के क्षेत्र में देश को आगे बढाने के उनके जुनून की सराहना की।</p>
<p><strong>भारत को वापस मिलीं प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं</strong></p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियों, बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला। वहां मैं कई बैठक में शामिल हुआ। इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर पश्चिम रेलवे की बड़ी उपलब्धि, 9 घंटे में पुराना पुल हटाकर नया तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने मारवाड़-आबू रोड मार्ग पर युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 9 घंटे से भी कम समय में पुराने पुल को ध्वस्त कर नया पुल तैयार कर दिया। दोपहर 12:45 बजे ब्लॉक लेकर शुरू हुआ यह कार्य रात 9:30 बजे पूरा कर रेल संचालन सुरक्षित बहाल कर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-achievement-of-north-western-railway-new-bridge-was-removed/article-154142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/railway-station-jpr.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल करते हुए मारवाड़–आबू रोड रेल मार्ग पर स्थित पुराने रेलवे पुल को 9 घंटे से भी कम समय में ध्वस्त कर नया पुल तैयार कर दिया। यह कार्य तय समय सीमा में पूरा कर रेल संचालन को शीघ्र बहाल किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार सुरक्षित रेल संचालन के लिए पटरियों, पुलों और अन्य रेल ढांचों का समय-समय पर रखरखाव और आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है। इसी क्रम में आउवा और भिंवालिया स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या 605 को बदलने का निर्णय लिया गया। इसके लिए दोपहर 12:45 बजे ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया और युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया।</p>
<p>इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने महज 9 घंटे के भीतर पुराने पुल को हटाकर 16 ब्लॉक सेगमेंट और 12 स्लैब लगाकर नया पुल तैयार कर दिया। रात 9:30 बजे ब्लॉक समाप्त कर रेल मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। इस ब्लॉक अवधि का उपयोग करते हुए अन्य अनुरक्षण कार्य भी योजनाबद्ध तरीके से पूरे किए गए। सुमेरपुर जवाई बांध स्टेशन पर 12 मीटर लंबे पैदल पुल के 10 गर्डर लगाए गए। साथ ही 2 डब्ल्यूसीएमएस क्रॉसिंग, 2 रेल और 1 एसईजे बदले गए तथा 11 ग्लू जॉइंट का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा 750 घन मीटर गिट्टी अनलोडिंग, 1200 मीटर शोल्डर गिट्टी सफाई, 380 मीटर डीप स्क्रीनिंग और 360 मीटर ट्रैक टैंपिंग जैसे कार्य भी संपन्न हुए। रेलवे का उद्देश्य न्यूनतम बाधा के साथ कार्य पूरा कर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:34:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कैलाश ने खेत के रास्ते के लिए 20 साल तक संघर्ष किया, मौत के बाद ही मिल पाई जगह</title>
                                    <description><![CDATA[बेटे ने की आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/kailash-struggled-for-20-years-for-the-path-to-his-farm--got-the-place-only-after-his-death/article-83647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता ? यह कहावत पढ़ते व सुनते आ रहे हैं  लेकिन इसका सही उदाहरण  मंगलवार को प्रत्यक्ष रूप से कैलाश तेली की मौत के बाद वह भी परिवार द्वारा शव के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रास्ता बहाल कराया। इससे पहले जब वह 20 सालों से उसके खेत पर जाने वाले रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा था लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। अगर समय रहते उसकी सुनवाई हो जाती तो उसकी मौत नहीं होती।  सदमे से मरने वाले किसान कैलाश के पुत्र गणेश ने बताया कि हिंडोली तहसील क्षेत्र के सिंघाड़ी गांव में उसके पिता के नाम 10 बीघा कृषि भूमि स्थित है उसके पड़ोस में कल्याण माली  व उसके परिवार की कृषि भूमि भी स्थित है  लेकिन वह व्यक्ति बहुत लालची स्वभाव का है और उसने सन 2004 में हमारे खेत के  रास्ते के आगे जो की सरकारी भूमि होने के बावजूद भी तार बंदी  करके हमारे रास्ते को रोक देता है इसके बाद से ही  पिता लगातार हिंडोली प्रशासन के चक्कर लगाकर रास्ता बहाली के लिए निवेदन करते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिला? इस वर्ष भी उसने हमारे कृषि भूमि के आगे रास्ते को पूर्ण रूप से बंद कर दिया तो  पिताजी ने हिंडोली थाने से लेकर तहसील और उपखंड कार्यालय में जाकर अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी इसके बाद 26 जून से 28 जून तक हम सभी परिवारजन धरने पर बैठ गए तो प्रशासन ने आश्वासन देकर कैलाश के परिवार को उठा दिया उसके बाद भी कैलाश  तहसील और उपखंड कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने रास्ता बहाली के लिए ठोस प्रयास भी नहीं किया। कैलाश संघर्ष करते-करते सदमे में 2 जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गई उसके बाद भी हम परिवार जनो ने मेरे पिता के शब के साथ उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देने पर प्रशासन जागा और हमारा रास्ता बहाल करवाया है।</p>
<p><strong>प्रशासन चाहता तो पहले भी इस रास्ता को बहाल कर सकता था</strong><br />कृषि भूमि का सन 2004 में इस कल्याण माली ने पहली बार रास्ता अवरुद्ध किया था इस मामले की रिपोर्ट हिंडोली थाने में दी थी तब से लगातार हिंडोली थाना तहसील उपखंड कार्यालय मैं रास्ता बहाली को लेकर कैलाश ने बहुत संघर्ष किया लेकिन उसे अकेले कल्याण ने  जायज बात भी प्रशासन को शायद सुनने  नहीं दी और आखिरकार मेरी पिता की मौत हो गई और प्रशासन ने  रास्ता बहाल करवाया है। कैलाश के बेटे गणेश का कहना है कि  मेरी प्रशासन से मांग है कि कल्याण माली के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />मेरे संज्ञान में आने के बाद से रास्ता बहाली के प्रयास चल रहे थे। इस बीच कैलाश तेली के परिवार ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया । धरने पर प्रशासन ने उसको शीघ्र रास्ता बहाली के लिए आश्वासन दिया था। कैलाश तेली ने भी प्रशासन के आश्वासन को मानकर धरना खत्म कर दिया था। हम भी उसके पुत्र को बुलाकर सारे विकल्पों पर बातचीत कर रहे थे और मैं भी मौके पर जाकर मौका  देखा था।  एक-दो दिन में रास्ता बहाली होनी थी की इसी बीच कैलाश तेली की मौत हो गई जो दुखद है और उसके खेत का रास्ता भी बहस कर दिया है।     <br /><strong>- कमलेश कुमार कुलदीप, तहसीलदार हिंडोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 15:54:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>श्रद्धालुओं के लिए खुला श्री लक्ष्मीनरसिम्हा स्वामी मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के गोपुरम के ऊपर लगाया गया सोने से मढ़ा कलश है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hyderabad--the-1000-year-old-srilakshmi-narasimha-swamy-temple-built-on-the-hill-of-yadagirigutta-in-telangana-was-opened-for-devotees-after-the-restoration/article-6930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sri-lakshmi-narasimha.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में यादगिरिगुट्टा की पहाड़ी पर निर्मित एक हजार साल पुराना श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर पुनरूद्धार के बाद सोमवार को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया।  मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नए कलेवर में आए मंदिर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री, विधायक और जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने वाले कर्मी भी उपस्थित रहे। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद लोग उत्सुकता के साथ मंदिर के खुलने का इंतजार कर रहे थे। मंदिर परिसर को परिलोक जैसी सुंदरता दी गई है और हजारों बल्बों और रंग बिरंगे वंदनवारों से सजाया गया है। मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के गोपुरम के ऊपर लगाया गया सोने से मढ़ा कलश है। <br /><br /><strong>5 साल में तैयार</strong><br />इस मंदिर का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री का एक ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसे पूरा होने में पांच साल से भी अधिक का समय लगा है।<br /><br /><strong>मंदिर की खासियत</strong><br />    मंदिर को पूरी तरह शास्त्रों के मुताबिक बनाया गया है<br />    खूबसूरती ऐसी कि अच्छे-अच्छे महलों को भी फीका कर दे।<br />    मंदिर प्रोजेक्ट पर तेलंगाना सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 1000 करोड़ रुपए तो खर्च भी हो चुके हैं।<br />    मंदिर में 140 किलो सोना लग रहा है। इसमें से 125 किलो सोना तो गर्भगृह के गुंबद पर ही लग रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:16:26 +0530</pubDate>
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