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                <title>सड़क हो रही खस्ताहाल, ग्रामीण परेशान  </title>
                                    <description><![CDATA[ कस्बे के नजदीक नाटई गांव की दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली 3 किलोमीटर की मुख्य सड़क के खस्ताहाल होने से ग्रामीण परेशान है। सड़क लगभग 10 वर्ष से जर्जर हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/road-is-getting-worse--villagers-upset/article-20529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/k-1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>समरानियां। कस्बे के नजदीक नाटई गांव की दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली 3 किलोमीटर की मुख्य सड़क के खस्ताहाल होने से ग्रामीण परेशान है। सड़क लगभग 10 वर्ष से जर्जर हो रही है। ऐसे में नाटई,अजरोडा, गणेशपुरा, जखोनी, वहराई सहित दर्जनों गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर सड़क के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। वहीं सड़क में जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे नजर आते है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऐसे में आए दिन दुघर्टनाएं हो रही है।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि सड़क लम्बे समय से खस्ताहाल है। पूरी सड़क पर गिट्टी पसरी हुई है। वहीं सड़क के दोनों और साइड टूटने से पानी भरा रहता है। जिसके चलते साइड लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। ंहमने हाल ही में हुए पंचायत समिति चुनाव के दौरान भी जनप्रतिनिधियों को सड़क की हालत के बारे में बताया लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। - अजयपाल, ग्रामीण, नाटई। ंसड़क काफी समय से खस्ताहाल है। मैंने कई बार सम्बंधित विभाग को अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। - रेखा रानी, सरपंच नाटई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Aug 2022 14:20:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चोटिल न कर दें अस्पताल की सड़कें, पैदल चलना तक हुआ मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[ संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जे.के. लोन अस्पतालों की सड़क इन दिनों गांव की सड़कों से भी बदतर हो रही है। उन पर पैदल चलना तक दूृभर हो रहा है। रोगियों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस भी हिचकोले खाते हुए निकल रही हैं। जिससे उनके पलटने का खतरा बना हुआ है। वहीं बरसात में रोगियों व उनके परिजनों को कीचड़ से दोचार होना पड़ेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/don-t-get-injured-on-the-roads-of-the-hospital--it-s-hard-to-walk/article-12028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/chotil-na-karde-aspatal-ki-sadke-kota1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जे.के. लोन अस्पतालों की सड़क इन दिनों गांव की सड़कों से भी बदतर हो रही है। उन पर पैदल चलना तक दूृभर हो रहा है। रोगियों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस भी हिचकोले खाते हुए निकल रही हैं। जिससे उनके पलटने का खतरा बना हुआ है। वहीं बरसात में रोगियों व उनके परिजनों को कीचड़ से दोचार होना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एमबीएस व जे.के. लोन अस्पतालों में नए ओपीडी ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। जिनका काम तेजी से चल रहा है। दोनों अस्पतालों के तैयार होने पर उनका लाभ आमजन को ही मिलेगा। लेकिन उसके साथ ही अस्पताल परिसर में आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज लाइन डालने का काम किया जा रहा है। उससे दोनों अस्पताल परिसरों की हालत इतनी अधिक खराब हो रही है कि वहां इन दिनों जाना मतलब जान सांसत में लाना है। <br /><br /><strong>मुख्य द्वार से प्रवेश द्वार तक  रास्ता बदहाल</strong><br />एमबीएस अस्पताल हो या जे.के. लोन। दोनों अस्पतालों के मुख्य द्वार से ही परेशानी शुरू हो रही है जो दोनों अस्पतालों के प्रवेश द्वार तक बनी हुई है। दोनों अस्पतालों की सड़कों को इस तरह से खोदकर पटका हुआ है कि उन पर चार पहिया वाहन व दो पहिया वाहन इस तरह से निकल रहे हैं मानो किसी गांव की पगडंडी पर चल रहे हैं। संकरी सड़क और वह भी इतनी उबड़-खाबड़ कि उस पर कोई भी वाहन बिना  हिचकोले खाए नहीं निकल पा रहा है। रास्तों के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। दोनों अस्पतालों में मरीजों को लेकर आने वाली एम्बूलेंस भी पहले जहां तेजी से आ रही थी वह भी अब इतना संभल कर आ रही है कि कहीं वह पलट न जाए। ऐसे में पैदल चलने वाले तो आए दिन चोटिल हो रहे हैं। किसी का पैर मुड़ रहा है तो कोई गिर रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>यह है स्थिति</strong><br />एमबीएस में मुख्य द्वार से लेकर आउटडोर तक की पूरी सड़क बीच से खुदी हुई है। जिससे वहां मरीजों का जाना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं कैंटीन के पास से इनडोर अस्पताल तक जाने का बीच का रास्ता भी पूरा खोदकर पटका हुआ है। जिससे पहले जहां मरीज व तीमारदार बैठे रहते थे। वहां अब बैठना तो दूर चलना तक मुश्किल हो रहा है। कॉटेज वार्ड से अधीक्षक व प्रिंसीपल कार्यालय तक की सड़क भी खोद दी है। जिससे वहां से डॉक्टरों की कारों तक को निकलने में परेशानी हो रही है। यहां कॉटेज वार्ड के सामने लगे वाटर कूलर के पास भी सड़क खुदी होने से वहां पानी पीने आने वालों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है। उपभोक्ता भंडार पर दवा लेने जाना हो या इंदिरा रसोई में खाना खाने, अस्पताल की मोर्चरी तक तरफ की भी पूरी सड़क बीच से इस तरह से खोदकर पटकी हुई है कि उस पर वाहन चलाना दूभर हो रहा है। डॉक्टरों व लोगों का कहना है कि अभी यह हाल है तो कुछ दिन बाद बरसात शुरू होने वाली है। उस समय तो पूरे परिसर में कीचड़ व गड्ढ़े हो जाएंगे। जगह-जगह पानी भर जाएगा। उसमें से पैदल निकलना तो दूर वाहनों तक का निकलना मुश्किल हो जाएगा।   <br /><br /><strong>बीच का रास्ता बंद, खतरे का ले रहे सहारा</strong><br />एमबीएस में पुराने व नए अस्पताल को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस कारण से उपभोक्ता भंडार के पास से रास्ते को बंद किया हुआ है। जिससे एमबीएस व जे.के. लोन अस्पताल के मरीज व तीमारदार इधर से उधर नहीं जा सकते। ऐसे में प्रयोगशाला में जांच करवाने आने वाले मरीजों व जे.के. लोन से एमबीएस तक जाने वाले मरीजों को या तो बाहर से लम्बा रास्ता पार करके आना पड़ रहा है। या फिर बेरीकेडिंग के नीचे से खतरे का सामना करते हुए निकलना पड़ रहा है। कई लग दुकानों के सहारे से निकल रहे हैं तो उन्हें गिरने का खतरा बना हुआ है।  लोगों का कहना है कि जिस तरह के हालात वर्तमान में दोनोंÞ अस्पतालों के परिसरों के हैं। उससे बदतर हालत कुछ दिन बाद बरसात होने पर हो जाएंगे। उसका खामियाजा न तो अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा और न ही डॉक्टरों को। परेशानी होगी तो सिर्फ आमजन को। <br /><br /><strong>महिलाओं व नवजात को अधिक परेशानी</strong><br />एमबीएस के साथ ही जे.के. लोन असपताल में ओपीडी का काम चलने से उसका प्रवेट द्वार कैंटीन के सामने व केन्द्रीय प्रयोगशाला के पास से किया हुआ है। लेकिन उस रास्ते की हालत इतनी अधिक धराब हो रही है कि वह सकरा होने के साथ ही उबड़-खाबड़ हो रहा है। जिससे  अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं व नवजात शिशुओं को वाहनों में ले जाने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />अस्पताल परिसर में आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज लाइन डालने का काम किया जा रहा है। उसके लिए पूरे परिसर की सड़क को खोद दिया। काम होने पर कुछ दिन परेशानी हो सकती है। लेकिन एक साथ पूरे परिसर को खोदने से लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है। मैं खुद पूरे परिसर का पैदल दौरा करता हूं उस समय चलने में काफी परेशानी होती है। अधीक्षक व प्रिंसीपल कार्यालय तक की सड़क बदहाल कर दी है। इस संबंध में आरयूआईडीपी के अधिकारियों को बरसात से पहले काम पूरा करने को कहा है। यदि वे नहीें करेंगे तो बरसात में सभी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उससे बचने के लिए अपने स्तर पर ही लाल पत्थर की मिट्टी डलवाकर रास्ता बनाने का प्रयास करेंगे। <br /><strong>डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक एमबीएस</strong> <strong>अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 15:59:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाल-ए-एसएमएस अस्पताल... जरूरत 350 सीसीटीवी की, काम कर रहे हैं 70 कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hall-e-sms-hospital----needed-350-cctv-cameras--70-cameras-working--how-will-the-crime-stop--the-third-eye-is-only-four-times-worse--the-criminals-commit-the-crime-to-the-victim-of-the-disease-manifold-pain/article-6934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के मरीजों का भार संभाल रहा सवाई मानसिंह अस्पताल खुद लचर सुरक्षा व्यवस्था जैसी बड़ी बीमारी से ग्रसित है। यहां दूरदराज से ज्यादातर गरीब तबके के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें कभी जेब कटने, मोबाइल चोरी होने तो कभी वाहन चोरी होने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में मरीज के परिजनों और डॉक्टर्स तथा अन्य स्टाफ के साथ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> 130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;">पुलिस ने एसएमएस प्रशासन को सौंपा वाहन और मोबाइल चोरी रोकने का मास्टर प्लान</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> सुरक्षा में तैनात गार्ड भी नाकाफी, 300 गार्ड भी हैं कम</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color:#ff0000;background-color:#ffff99;"><strong>एक नजर में वारदात</strong></span><br />पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट की बात करें तो 18 अगस्त, 2021 से लेकर 31 दिसम्बर, 2021 तक कुल 512 मोबाइल और 52 बाइक चोरी हुई। वहीं 2022 में एक जनवरी, 2022 से लेकर 21 फरवरी तक 150 मोबाइल और 15 बाइक चोरी हुई। एसएमएस के गेट नम्बर एक से लेकर 6 नम्बर के बीच में सबसे ज्यादा वाहन चोरी होते हैं। चोर मास्क लगाकर आते हैं और आसानी से वारदात करते हैं। मास्क से भी पुलिस को वाहन चोर पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ती है।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:599px;text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">1.</td>
<td style="width:532.733px;">करीब 200 सीसीटीवी लगे हैं, जिनमें से 70 कैमरे ही काम कर रहे हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">2.</td>
<td style="width:532.733px;">अस्पताल के मुख्य द्वारों पर कोई भी कैमरा और गार्ड नहीं हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">3.</td>
<td style="width:532.733px;">वर्तमान में एसएमएस की सुरक्षा के लिए निजी कम्पनी के 423 गार्ड हैं। इसके साथ ही 56 गार्ड एक्स-आर्मी मैन हैं।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:74.3333px;text-align:center;" colspan="2"><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">यह होना चाहिए</span></strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">1.</td>
<td style="width:525.667px;">पूरे अस्पताल की सुरक्षा के हिसाब से 350 सीसीटीवी अतिआवश्यक हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">2.</td>
<td style="width:525.667px;">हाल में तैनात गार्ड के अलावा 100 गार्ड्स की और तैनाती की जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सबसे ज्यादा भीड़ वहां भी सुरक्षा नहीं</strong></span><br />हर रोज एसएमएस के गेट नम्बर-4 जहां धनवंतरी ओपीडी है यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ आती है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार यहां पर गार्ड और सीसीटीवी कैमरे नहीं है। इसी गेट पर महावीर विकलांग समिति है, जिसके बाहर गार्ड व सीसीटीवी कैमरे नहीं है।<br /><br />अस्पताल में कैमरों और गार्ड की संख्या जल्द ही बढ़ाई जाएगी। पुलिस प्रशासन से भी बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर मरीजों और स्टाफ के साथ हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। <br />-<strong>डॉ. विनय मल्होत्रा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल</strong><br /><br />एसएमएस में हो रही वाहन चोरी, मोबाइल छीनने और पर्स निकालने जैसी वारदातों को रोकने के लिए एक प्लान एसएमएस प्रशासन को सौंपा है, इसमें हर वारदात के हॉट स्पॉट को बताते हुए उन्हें रोकने के सुझाव भी दिए हैं। यदि यह प्लान लागू होता है तो काफी हद तक वारदातें रोकी जा सकेंगी। <br />-<strong>नवरतन धौलिया, थाना प्रभारी, एसएमएस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:56:48 +0530</pubDate>
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