<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/science/tag-16092" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>science - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/16092/rss</link>
                <description>science RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी जमीन से टकराया 7 टन का उल्कापिंड: हिली धरती, सैकड़ों किमी तक दिखा आग का गोला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अमेरिका के ओहायो में दिन के उजाले में एक विशाल उल्कापिंड के धमाके ने सबको चौंका दिया। 72,400 किमी/घंटा की रफ्तार से आए इस पिंड ने 250 टन TNT के बराबर ऊर्जा छोड़ी। बिना किसी पूर्व चेतावनी के डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर वायुमंडल में घुसे इस मलबे ने अंतरिक्ष सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/7-ton-meteorite-hits-american-land-earth-shakes-ball-of/article-147160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/america1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। उल्कापिंड रोजाना धरती के वायुमंडल में टकराते हैं और अक्सर इन रात के समय चमकीली रोशनी के साथ देखा गया है। लेकिन अमेरिका के ओहायो राज्य स्थित क्लीवलैंड में मंगलवार को जो हुआ, उसने वहां रहने वाले लोगों को चौंका दिया। स्थानीय लोगों ने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी तो किसी ने इसकी तुलना शक्तिशाली विस्फोट से की। यह एक शक्तिशाली उल्कापिंड था। इससे भी खास बात ही इसे दिन के समय देखा गया, जब वे लगभग पूरी तरह से अदृश्य रहते हैं। सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे लोगों ने भी इस आग के गोले को देखने की बात कही, जबकि उस समय सुबह के 9 बजे रहे थे। अमेरिकन मेटेयॉर सोसाइटी ने बताया कि उसे विसकॉन्सिन से लेकर मैरीलैंड तक के इलाके से उल्कापिंड के देखे जाने की रिपोर्ट मिली है।</p>
<p><strong>7 टन था उल्कापिंड का वजन</strong></p>
<p>अमेरिकी स्पेस एजेंसी के मेटेरॉयड पर्यावरण कार्यालय ने पुष्टि की की यह वस्तु एक ठोस क्षुद्रग्रह थी, जिसका व्यास लगभग 6 फीट और वजन 7 टन था। कहा गया कि यह वस्तु लगभग 72400 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से धरती के वायुमंडल में दाखिल हुई। सबसे पहले उल्कापिंड को लोरेन के पास लेक एरी से लगभग 80 किमी ऊपर देखा गया। ऊपरी वायुमंडल से गुजरते हुए यह तेजी से दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ गया।</p>
<p><strong>250 टीएनटी के बराबर का धमाका</strong></p>
<p>यह उल्कापिंड ओहायो से लगभग 48 किमी ऊपर टूटकर बिखरा को इसमें से निकलने वाली ऊर्जा विनाशकारी थी। ठअरअ ने अनुमान लगाया है कि हवा में हुए इस धमाके से 250 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा निकली। यह एक बहुत बड़े मिलिट्री ग्रेड धमाके के बराबर है। इसकी चमक इतनी शक्तिशाली थी कि कम से वॉशिंगटन डीसी समेत 10 अमेरिकी राज्यों और कनाडा के ओंटारियो में भी लोगों ने इसे देखा।  अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर खगोल वैज्ञानिक कार्ल हर्गेनरोथन ने कहा कि यह सच में आग के गोले जैसा दिख रहा था। क्लीवलैंड में नेशनल वेदर सर्विस के स्टाफ ने भी जोरदार धमाके की आवाज सुनी और कंपन महसूस किया।</p>
<p><strong>धरती के लिए खतरा</strong></p>
<p>इस उल्कापिंड को लेकर सबसे चिंता की बात है कि किसी को इसके आने की खबर तक नहीं लगी। नासा और दूसरी एजेंसियों धरती के करीब से गुजरने वाली हर चीज पर नजर रखती हैं, लेकिन इसका पता नहीं लगा सकतीं। यह धरती के प्लेनेटरी डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अंदर घुस आया। इससे आगे के लिए यह खतरा बना रहेगा कि 250 टन टीएनटी के बराबर धमाका करने की क्षमता रखने वाला कोई पत्थर बिना किसी चेतावनी के आबादी वाले इलाके से टकरा सकता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/7-ton-meteorite-hits-american-land-earth-shakes-ball-of/article-147160</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/7-ton-meteorite-hits-american-land-earth-shakes-ball-of/article-147160</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:06:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/america1.png"                         length="968552"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विज्ञान में महिलाओं की भागीदारी विकास का सशक्त सूत्र</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/womens-participation-in-science-is-a-powerful-formula-for-development/article-144927"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)1.png" alt=""></a><br /><p>28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। यह दिवस वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सतत विकास में विज्ञान की भूमिका को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन देश में वैज्ञानिक संस्कृति को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच है। विज्ञान मानव जीवन को सरल,सुरक्षित और सुविधाजनक बनाता है। यह अंधविश्वास और रूढ़ियों को दूर कर तर्क, सत्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मार्ग प्रशस्त करता है। आज स्वास्थ्य, संचार, परिवहन और कृषि जैसे क्षेत्रों में विज्ञान ने क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। नई नई तकनीकों के विकास से समय और श्रम की बचत हुई है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया है। प्राकृतिक घटनाओं के रहस्यों को समझने में भी विज्ञान हमारी सहायता करता है। विज्ञान देश की प्रगति और आर्थिक विकास का आधार है। शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से यह नवाचार को निरंतर गति प्रदान करता है। वास्तव में विज्ञान मानव सभ्यता के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ नींव है।</p>
<p><strong>कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति :</strong></p>
<p>बिजली, इंटरनेट, मोबाइल फोन और आधुनिक परिवहन साधन ये सभी विज्ञान की ही देन हैं। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विज्ञान के कारण अभूतपूर्व प्रगति हुई है और अनेक गंभीर रोगों का उपचार संभव हो पाया है। कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति, उन्नत बीज, उर्वरक, आधुनिक सिंचाई तकनीक और कृषि मशीनरी ने उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इंटरनेट, उपग्रह, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सूचना को सुलभ बना दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन कक्षाएं और डिजिटल पुस्तकालय ज्ञान के प्रसार को सरल बना रहे हैं। स्पष्ट है कि संचार और सूचना क्रांति विज्ञान के कारण ही संभव हो सकी है। आज अंतरिक्ष अनुसंधान और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। विज्ञान ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल संरक्षण जैसी तकनीकों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के उपाय भी सुझाए हैं और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p><strong>मानवता के कल्याण के लिए :</strong></p>
<p>सच तो यह है कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने का आधार बन चुका है। हालांकि, विज्ञान का दुरुपयोग विनाशकारी सिद्ध हो सकता है, इसलिए आवश्यक है कि हम वैज्ञानिक सोच अपनाएं और विज्ञान का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए करें। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर भी है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि विज्ञान मानव जीवन को बेहतर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। यह दिन महान भारतीय वैज्ञानिक सी वी रमन द्वारा 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।</p>
<p><strong>प्रथम एशियाई वैज्ञानिक थे :</strong></p>
<p>वे विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम एशियाई वैज्ञानिक थे। वर्ष 1929 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें नाइट की उपाधि से सम्मानित किया था। बाद में वर्ष 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी अलंकृत किया गया। सी वी रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ था। उन्होंने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज से भौतिकी में एमए की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने प्रकाशिकी, प्रकाश प्रकीर्णन, एक्स रे, ध्वनिकी और समुद्री रंग जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण शोध किया, जिसके परिणामस्वरूप रमन प्रभाव की खोज संभव हुई। उन्होंने 1926 में इंडियन जर्नल ऑफ फिजिक्स, 1934 में इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज तथा 1948 में रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी :</strong></p>
<p>अब यहां प्रश्न यह उठता है कि आखिर रमन प्रभाव है क्या, तो पाठकों को इस संदर्भ में जानकारी देता चलूं कि रमन प्रभाव उस भौतिक घटना को कहते हैं, जिसमें एकरंगी प्रकाश जब किसी पारदर्शी पदार्थ,जैसे जल या कांच से होकर गुजरता है, तो उसका एक छोटा सा भाग अपनी तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन कर लेता है। यह परिवर्तन पदार्थ के अणुओं के साथ प्रकाश की पारस्परिक क्रिया के कारण होता है। इस प्रक्रिया को रमन प्रकीर्णन भी कहा जाता है। सरल शब्दों में, जब प्रकाश की किरणें किसी पदार्थ से टकराकर अपनी ऊर्जा में थोड़ा परिवर्तन कर लेती हैं, तो उसी घटना को रमन प्रभाव कहा जाता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुरुआत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद की पहल पर हुई।</p>
<p><strong>विशेष थीम पर आधारित :</strong></p>
<p>पहली बार यह दिवस वर्ष 1987 में मनाया गया। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एक विशेष थीम पर आधारित होता है। इस वर्ष 2026 की थीम है विज्ञान में महिलाएं, विकसित भारत को गति देने वाली शक्ति। यह थीम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका, योगदान और नेतृत्व को उजागर करने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। अंततः कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें सीवी रमन की ऐतिहासिक खोज रमन प्रभाव की याद दिलाता है। यह दिन केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि का स्मरण नहीं, बल्कि देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशीलता और नवाचार की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है।</p>
<p><strong>-सुनील कुमार महला</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/womens-participation-in-science-is-a-powerful-formula-for-development/article-144927</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/womens-participation-in-science-is-a-powerful-formula-for-development/article-144927</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 12:55:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/200-x-60-px%291.png"                         length="821697"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - विज्ञान संकाय खुला, छात्र-छात्राओं को नहीं जाना पड़ेगा बाहर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने खबर प्रकाशित कर उठाया था मामला ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news8.png" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी। कस्बे के राउमावि में विज्ञान एवं कृषि संकाय की मांग को लेकर विगत एक वर्ष से जारी प्रयास को बुधवार को विराम लग गया। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा राजस्थान में कुल 93 विद्यालयों में इसी सत्र में 11 कक्षा के लिए विज्ञान, कला, कृषि, वाणिज्य संकाय शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई। जिसमें बूंदी जिले के दो तलवास और पेच की बावड़ी विद्यालय में संकाय खोले जाने की स्वीकृति प्राप्त हुई। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने स्थानीय छात्र-छात्राओं की परेशानी देखते हुए प्रमुखता के साथ स्टोरी प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था।  राउमावि पेच की बावड़ी में विज्ञान, कृषि संकाय नहीं होने की वजह से क्षेत्र के छात्र-छात्राएं मजबूरन देवली, कोटा व बूंदी जाकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने सबसे प्रथम जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर छात्र छात्राओं की आवाज को बुलंद करने का काम किया। एक वर्ष के निरंतर प्रयास की वजह से स्थानीय विद्यालय को विज्ञान संकाय का तोहफा मिला। जिसमें 11 कक्षा में इसी सत्र में छात्र छात्राएं जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान में प्रवेश लेकर अध्ययन कर सकेंगे।</p>
<p><strong>डॉक्टर बनने का सपना अब हो सकेगा साकार </strong><br />स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने पर अब कस्बे सहित आसपास के गांवों के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं को अब विज्ञान विषय पढ़कर डॉक्टर बनने का सपना संजोए बैठे युवाओं का अब सपना साकार हो सकेगा। बुधवार को ज्योंहि विज्ञान संकाय स्वीकृति आदेश प्राप्त होते ही स्कूल प्राचार्य शंकर लाल मीना सहित विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय विद्यालय में जनप्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ सहित छात्र छात्राओं ने मुंह मीठा करवा कर खुशियां मनाई। स्थानीय विद्यालय में बुधवार को प्राचार्य शंकर लाल मीना द्वारा भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष शौकीन राठौर, भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना, समाजसेवी सीपी योगी का तिलक एवं माला पहनाकर मुंह मीठा कराकर आभार जताया।</p>
<p><strong>एक वर्ष से नहीं बनाई दाढ़ी </strong><br />स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय की मांग को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने एक वर्ष से अपनी दाढ़ी नहीं बनाई। उन्होंने दृढ़ संकल्पित होकर पिछले वर्ष जुलाई में कहा था कि जब तक विज्ञान संकाय नहीं खुलता में दाढ़ी नहीं बनाऊंगा। अब स्वीकृति प्राप्त हुई हे जल्द ही अपना संकल्प पूरा करेंगे।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति का जताया आभार</strong><br />भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय खुलने की स्वीकृति प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी, मोतीलाल मीना, सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीना व दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया। रमेशचंद वर्मा, सतीश तोषनीवाल, मधुबाला मीना, ओमप्रकाश प्रजापत, सीताराम कुमावत, शिवांगी दाधीच, रामराज मीना, धर्मसिंह मीना, अशोक लाठी, चंद्रशेखर स्वर्णकार सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कस्बे के राउमावि में विज्ञान संकाय खुलवाने की मांग को लेकर विगत एक वर्ष से प्रयासरत थे। हम सब लोगों का प्रयास एवं मेहनत रंग लाई। अब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को देवली, कोटा या बूंदी नहीं जाना पड़ेगा।<br /><strong>-सीमा मीणा, प्रशासक, ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी </strong></p>
<p>स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान विषय में अब छात्र-छात्राएं इसी सत्र में 11 वीं कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।<br /><strong>-शंकरलाल मीना, प्राचार्य, राउमावि, पेच की बावड़ी </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 17:48:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/news8.png"                         length="453304"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गजब!!! डिजिटल अवतार की मदद से बोलने लगी लकवाग्रस्त महिला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ इस तकनीक में छोटे इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें दिमाग की सतह पर लगाया जाता है। दिमाग के जिस हिस्से से बातचीत और चेहरे के हाव-भाव कंट्रोल होते हैं वहां से इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को डिटेक्ट किया जाता है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/paralyzed-woman-starts-speaking-with-the-help-of-digital-avatar-hindi-news/article-55425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/digital-avator.png" alt=""></a><br /><p>डिजिटल अवतार के जरिए एक 47 साल की लकवाग्रस्त महिला को बोल पाने में मदद मिली है। ये विज्ञान की तरक्की की देन है। करीब 18 साल पहले <span class="Y2IQFc" lang="hi" xml:lang="hi">ब्रेनस्टेम स्ट्रोक के कारण महिला को लकवा मार गया था जिसके चलते वो बोल पाने में समर्थ नहीं थी।</span> अब डिजिटल अवतार से महिला की ये परेशानी दूर हो गई है। इस तकनीक से महिला के ब्रेन के सिग्नल स्पीच और चेहरे के एक्सप्रेशन में बदल जाते है। ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस से अब काफी उम्मीदें लगाई जा रही है क्योंकि इससे उन लोगों को अपनी बात कहने में मदद मिलेगी जो बोल पाने की क्षमता खो चुके हैं।<br /><br /><strong>कैसे काम करती है ये तकनीक</strong><br />इस तकनीक में छोटे इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें दिमाग की सतह पर लगाया जाता है। दिमाग के जिस हिस्से से बातचीत और चेहरे के हाव-भाव कंट्रोल होते हैं वहां से इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को डिटेक्ट किया जाता है। फिर इन सिग्नल को डिजिटल अवतार की स्पीच और फेशियल एक्सप्रेशन में ट्रांसलेट कर दिया जाता है। मौजूदा केस में महिला के ब्रेन पर 253 इलेक्ट्रोड लगाए गए थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/paralyzed-woman-starts-speaking-with-the-help-of-digital-avatar-hindi-news/article-55425</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/paralyzed-woman-starts-speaking-with-the-help-of-digital-avatar-hindi-news/article-55425</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 12:45:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/digital-avator.png"                         length="314373"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नागरिकों को प्रौद्योगिकी की शक्ति से अधिकार संपन्न कर रहा है भारत :मोदी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ वेबिनार की श्रृंखला में आज की कड़ी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि विगत वर्षों में उनकी सरकार के हर बजट में प्रौद्योगिकी की मदद से देशवासियों के जीवन को आसान बढ़ाने की दिशा में प्रगति पर जोर दिया गया है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-is-empowering-citizens-with-the-power-of-technology/article-38575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/modi-2.png" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 21वीं सदी का बदलता हुआ भारत अपने नागरिकों को टेक्नॉलॉजी की ताकत से लगातार अधिकार संपन्न और मजबूत बना रहा है और जनता का सरकार पर भरोसा बढ़ा है। मोदी ने सरकार और जनता के बीच विश्वास की कमी को गुलामी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने लोगों पर भरोसा किया है, कर रिटर्न छोटी भूल को अपराध की परिभाषा से बाहर किया है और छोटी मझौली  इकाइयों के लिए कर्ज की गारंटी बनी है।</p>
<p>बजट 2023-24 के विभिन्न पहलुओं पर बजट- उपरांत वेबिनार की श्रृंखला में आज की कड़ी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि विगत वर्षों में उनकी सरकार के हर बजट में प्रौद्योगिकी की मदद से देशवासियों के जीवन को आसान बढ़ाने की दिशा में प्रगति पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरकार की नीतियों और निर्णयों का सकारात्मक प्रभाव हर उस जगह दिखने लगा है जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है । उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास हर गरीब और वंचित की जीवन को आसान बनाना है उसके लिए जिंदगी में आसानी को बढ़ाना है। आज लोग सरकार को रास्ते की रुकावट मानने की जगह हमारी सरकार को नए अवसरों के उत्प्रेरक के रूप में देखते हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि  सरकार ने देशवासियों की ईज आफ लिविंग (जिंदगी की आसानी) बढ़ाई है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी, एक देश -एक राशन कार्ड का आधार बनी और इससे करोड़ों गरीबों को पारदर्शिता के साथ राशन मिलना सुनिश्चित हुआ है। प्रौद्योगिकी, जनधन ,आधार और मोबाइल का आधार बनी और इससे करोड़ों गरीबों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजना संभव हुआ। मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के चलते ही आरोग्य सेतु और कोशिश ऐप बने और इससे कोरोना महामारी के दौरान व्यक्तियों की पहचान और टीकाकरण में बड़ी मदद मिली। प्रौद्योगिकी ने रेलवे आरक्षण को और आधुनिक बनाया है और इसे सामान सामान्य लोगों का बड़ा सिरदर्द दूर हुआ है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी के चलते आज कर से संबंधित शिकायतें कम हुई है। सरकार ने टेक्नोलॉजी की मदद से कर की पूरी प्रक्रिया को फेसलेस (आमना सामना समाप्त) कर दिया है। टैक्स से संबंधित मामलों में पहले करदाताओं को कई तरीके से परेशान किया जाता था उसे दूर करने के लिए ही फेसलेस प्रक्रिया अपनाई गई है। मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है । हम भारत में आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि डिजिटल क्रांति का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार और लोगों के बीच विश्वास की कमी गुलामी की मानसिकता का परिणाम है।  इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आज कर संबंधी मामलों में छोटी गलतियों को अपराध की परिभाषा से बाहर करके और सूक्ष्म लघु मझोले उद्यमों को ऋण के गारंटर के तौर पर सरकार ने लोगों का भरोसा जीता है। सरकार ने देश में सूक्ष्म लघु मझोले उद्यम क्षेत्र को मदद पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-is-empowering-citizens-with-the-power-of-technology/article-38575</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-is-empowering-citizens-with-the-power-of-technology/article-38575</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 13:08:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/modi-2.png"                         length="460765"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही समय पर रात्रि आकाश में दिखाई दिए सभी ग्रह</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[यह दक्षिण- पश्चिम क्षितिज से पूर्व की ओर बढ़ रहे थे। इटली के एक खगोलशास्त्री ने बताया कि यह घटना समय- समय पर होती है, लेकिन यह घटना हमेशा शानदार दृष्य प्रस्तुत करती है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/all-the-planets-visible-in-the-night-sky-at-the/article-33720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/website-photo-630400-(9).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सौरमंडल का प्रत्येक ग्रह 28 दिसंबर, बुधवार को एक साथ रात्रि आकाश में दिखाई दे रहे थे। विशेषज्ञ इसे दुर्लभ खगोलीय घटना मानते हैं। 28 दिसंबर में रात को उत्तरी गोलार्ध में पांच ग्रहों को नग्न आंखों से देखा जा सकता था, और यूरेनस और नेपच्यून को दूरबीन या दूरबीन से देखा जा सकता था। उत्तरी गोलार्ध में सभी ग्रहों को नंगी आंखों से देखा जा सकता था। यह दक्षिण- पश्चिम क्षितिज से पूर्व की ओर बढ़ रहे थे। इटली के एक खगोलशास्त्री ने बताया कि यह घटना समय- समय पर होती है, लेकिन यह घटना हमेशा शानदार दृष्य प्रस्तुत करती है। </p>
<p>इससे पहले जून में सभी ग्रह एक साथ दिखाई दिए थे। सभी ग्रह एक साथ पंक्तिबद्ध थे। सभी ग्रहों ने सुर्य की परिक्रमा करते हुए एक ऐसा संरेखण बनाया था जो 18 वर्षों से नहीं हुआ था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/all-the-planets-visible-in-the-night-sky-at-the/article-33720</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/all-the-planets-visible-in-the-night-sky-at-the/article-33720</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Dec 2022 12:31:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/website-photo-630400-%289%29.jpg"                         length="131367"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन का निर्माण कार्य शुरू</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[यह आइंस्टीन के सिद्धांतों का सबसे सटीक परीक्षण करेगा और यहां तक कि अतिरिक्त-स्थलीय जीवों की खोज भी करेगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/construction-of-worlds-largest-telescope-begins/article-31527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/europeanextr.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। इक्कसवीं सदी की वृहत वैज्ञानिक परियोजनाओं में से एक स्क्वायर किलोमीटर एरे (एसकेए) का निर्माण चरण शुरू हो गया। रिपोर्ट के अनुसार स्क्वायर किलोमीटर एरे (एसकेए) वर्ष 2028 में पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा रेडियो टेलीस्कोप होगा। ब्रिटेन में मुख्यालय के साथ दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया तक में फैली यह सुविधा खगोल भौतिकी में सबसे बड़े प्रश्नों का हल खोजने में मदद करेगी। यह आइंस्टीन के सिद्धांतों का सबसे सटीक परीक्षण करेगा और यहां तक कि अतिरिक्त-स्थलीय जीवों की खोज भी करेगा।</p>
<p>परियोजना का नेतृत्व करने वाले 8 देशों के प्रतिनिधिमंडल पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ मर्चिसन शायर और दक्षिण अफ्रीका के उत्तरी केप के कारू में समारोहों में भाग ले रहे हैं। स्क्वायर किलोमीटर एरे ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक प्रो फिल डायमंड ने कहा कि यह वह क्षण है, जब यह वास्तविक हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह 30 साल की यात्रा रही है। पहले 10 साल अवधारणाओं और विचारों को विकसित करने के बारे में थे। दूसरे 10 साल प्रौद्योगिकी विकास करने में बिताए गए थे, और फिर पिछला दशक विस्तृत डिजाइन, साइटों को सुरक्षित करने, सरकारों से सहमत होने के बारे में था जो  एक संधि संगठन (एसकेएओ) की स्थापना करें और परियोजना शुरू करने के लिए धन उपलब्ध कराएं।</p>
<p>टेलीस्कोप की प्रारंभिक वास्तुकला में 200 से कम परवलयिक एंटेना, या '' छतरियां, साथ ही साथ 131,000 द्विध्रुवीय एंटेना शामिल होंगे, जो क्रिसमस के पेड़ों की तरह दिखते हैं। इसका उद्देश्य सैकड़ों हजारों वर्गमीटर के प्रभावी संग्रहण क्षेत्र का निर्माण करना है। यह एसकेए को अद्वितीय संवेदनशीलता और संकल्प देगा क्योंकि यह आकाश में लक्ष्यों की जांच करता है। यह प्रणाली मोटे तौर पर 50 मेगाहर्ट्ज से लेकर अंतत: 25 गीगाहर्ट्ज तक की फ़्रीक्वेंसी रेंज में काम करेगी। यह टेलीस्कोप को पृथ्वी से अरबों प्रकाश वर्ष दूर लौकिक स्रोतों से आने वाले बेहद हल्के रेडियो संकेतों का पता लगाने में सक्षम बनाता है, जिसमें बिग बैंग के बाद पहले कुछ सौ मिलियन वर्षों में उत्सर्जित सिग्नल भी शामिल हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/construction-of-worlds-largest-telescope-begins/article-31527</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/construction-of-worlds-largest-telescope-begins/article-31527</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Dec 2022 14:48:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/europeanextr.jpg"                         length="175485"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नासा ने जारी की मुस्कुराते सूरज की तस्वीर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[तस्वीर में नजर आ रहे सूरज के इस मित्रवत रूप को हालांकि विशेषज्ञों ने एक चेतावनी भी बताया है, और कहा है कि हो सकता है कि सूरज से धरती की ओर पराबैगनी किरणों का हमला हो। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nasa-released-picture-of-smiling-sun/article-28088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/441.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के उपग्रह ने सूरज की कुछ ऐसी तस्वीर ली है, कि जिसमें अक्सर तमतमाया दिखने वाला सूरज भी मुस्कुराता हुआ नजर आ रहा है। तस्वीर में नजर आ रहे सूरज के इस मित्रवत रूप को हालांकि विशेषज्ञों ने एक चेतावनी भी बताया है, और कहा है कि हो सकता है कि सूरज से धरती की ओर पराबैगनी किरणों का हमला हो। </p>
<p>गार्डियन ने स्पेसवेदर डॉट कॉम के हवाले से कहा कि नासा की सोलर डायनमिक्स आब्जरवेटरी ने सूर्य को मुस्कुराते हुए कैमरे में कैद किया। पराबैंगनी प्रकाश में देखे जाने वाले सूर्य पर इन काले धब्बों को कोरोनल होल के रूप में जाना जाता है और वे ऐसे क्षेत्र हैं जहां तेज सोलर हवाएं अंतरिक्ष में चलती है।</p>
<p>दूसरी ओर नासा की ओर से इस तस्वीर को जारी करने के  बाद से ऑनलाइन अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं। कई लोगों ने इसकी तुलना  भूतिया मुखौटे तो किसी ने शेर और किसी ने बच्चों के शो टेलट्यूबीज से की  है। किसी ने इसकी तुलना बीएन मिनी चॉकलेट  बिस्कुट से की है जो मुस्कुराते चेहरे के रूप में बनाया गया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/nasa-released-picture-of-smiling-sun/article-28088</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/nasa-released-picture-of-smiling-sun/article-28088</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Oct 2022 16:07:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/441.jpg"                         length="25312"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिता 75 के, मां 70 की, 54 साल  बाद घर में गूंजी किलकारी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[घर में बच्चे के जन्म के बाद से 75 साल के उनके पति और परिवार में खुशी का माहौल है। बता दें कि इस परिवार में 54 साल बाद बेटे की किलकारियां गूंजी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/father-is-75-mother-is-70-after-54-years-the-house-resonates/article-18517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/q-12.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। साइंस की नई टेक्नोलॉजी की मदद से एक 70 साल की महिला ने हैल्दी बच्चे को जन्म दिया है। दरअसल, राजस्थान में 70 साल की एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। महिला को आईवीएफ ट्रीटमेंट के जरिए संतान की प्राप्ति हुई है। घर में बच्चे के जन्म के बाद से 75 साल के उनके पति और परिवार में खुशी का माहौल है। बता दें कि इस परिवार में 54 साल बाद बेटे की किलकारियां गूंजी है। चंद्रावती और उनके पति गोपी सिंह झुंझुनूं के पास स्थित हरियाणा बॉर्डर के सिंघाना ग्राम के रहने वाले हैं। महिला ने करीब 2 साल पहले आईवीएफ ट्रीटमेंट करवाया और फिर तीसरे प्रयास में वह गर्भवती हो गई थीं। चिकित्सकों का कहना है कि 75 साल के पुरुष व 70 साल की महिला को संतान प्राप्ति काफी अद्भुत केस है। बता दें कि चंद्रावती के पति गोपी सिंह एक रिटायर्ड फौजी हैं, जिनके घर 54 साल बाद बेटा हुआ है। वहीं, पूर्व सैनिक गोपीचंद भी अपने पिता के इकलौते बेटे हैं। वहीं बच्चा 2 किलो 750 ग्राम का है और डॉक्टरों के मुताबिक काफी हैल्दी है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/father-is-75-mother-is-70-after-54-years-the-house-resonates/article-18517</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/father-is-75-mother-is-70-after-54-years-the-house-resonates/article-18517</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Aug 2022 11:00:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/q-12.jpg"                         length="34879"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दसवीं बोर्ड की विज्ञान विषय परीक्षा में दो नकली परीक्षार्थी पकड़े</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मोहम्मद गालिब और रविंद्र वास्तविक परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए कल पहली बार ही आए थे।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/churu--news--two-fake-candidates-caught-in-the-tenth-board-s-science-subject-examination/article-7497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/21.jpg" alt=""></a><br /><p>चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में सरदारशहर थाना क्षेत्र में गांव रंगाईसर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में दसवीं कक्षा की परीक्षा में दो नकली परीक्षार्थियों के पकड़े जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार इस परीक्षा केंद्र के अधीक्षक रामेश्वरलाल मेघवाल (50) द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर नकली परीक्षार्थी बंद परीक्षा देने का मामला दर्ज किया गया है। केंद्र अधीक्षक के मुताबिक मंगलवार को दसवीं बोर्ड के विज्ञान विषय की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान नौशाद अली की जगह मोहम्मद गालिब  निवासी कनवारी रतनगढ़ (चूरू) और सुरेंद्र की जगह रविंद्र निवासी कलासी मौजास (झुंझुनू) परीक्षा दे रहे थे।<br /><br />कार्रवाई करते हुए इनकी उत्तर पुस्तिकाएं तत्काल कब्जे में कर ली गई। बाद में इन युवकों को ओरिजिनल प्रवेश पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं सहित पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। केंद्र अधीक्षक ने बताया कि मोहम्मद गालिब और रविंद्र वास्तविक परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए कल पहली बार ही आए थे। इससे पूर्व दोनों वास्तविक परीक्षार्थी ही परीक्षा देकर गए थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/churu--news--two-fake-candidates-caught-in-the-tenth-board-s-science-subject-examination/article-7497</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/churu--news--two-fake-candidates-caught-in-the-tenth-board-s-science-subject-examination/article-7497</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 16:40:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/21.jpg"                         length="38851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैदिक मूल्यों से ही संचालित होती हमारी संस्कृति संस्कार और विज्ञान: राज्यपाल कलराज मिश्र</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जगतगुरु निर्म्बाक पीठाधीश्वर श्रीजी श्यामशरण आचार्य श्री ने कहा कि निर्म्बाक भूमि ने देश व समाज के रक्षा के लिए सदा अपना सर्वोच्च दिया है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--our-culture--culture-and-science-is-governed-by-vedic-values--governor-kalraj-mishra/article-6990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rajasthan-governor-.jpg" alt=""></a><br /><p>मदनगंज-किशनगढ़। हमारी सनातन संस्कृति, संस्कार व विज्ञान का संचालन वैदिक मूल्यों से ही होता है। सुरक्षा, सहयोग व सहिष्णुता हमारी संस्कृति के मूल आधार है। जब तक नैतिक मूल्यों का समागम इसमें होता रहेगा, हमारी संस्कृति संस्कारमय होकर वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ खिलती रहेगी। यह विचार राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंगलवार को आर के कम्यूनिटी सेंटर में हिन्दू आध्यात्मिक व सेवा संस्थान के तत्वावधान में तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में व्यक्त किए। इस दौरान जगतगुरु निर्म्बाक पीठाधीश्वर श्रीजी श्यामशरण आचार्य श्री ने कहा कि निर्म्बाक भूमि ने देश व समाज के रक्षा के लिए सदा अपना सर्वोच्च दिया है। जब जब सनातन संस्कृति, संस्कार पर कोई आंच आएगी, तब तब निर्म्बाक पीठ अलग हटकर राष्ट्रहित व धर्मोरक्षण के क्षेत्र में अपना सर्वोच्च करेगी। श्रीजी के उद्बोधन के बीच पूरा परिसर भारत माता की जय और वंदेमातरम से गूंज रहा था। केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आनंद भालेराव ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं की आवश्यकता वर्तमान में सर्वाधिक है।</p>
<p><br />इन्हें किया सम्मानित: समापन पर कार्यशाला में श्रेष्ठ कार्य करने वाले का राज्यपाल मिश्र ने स्मृति चिन्ह देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। केईएन विजयराघवन तमिलनाडु, प्रो. उमेश दास उड़ीसा, प्रो. विनोद शर्मा, डॉ. शुभम मिश्र, डॉ. आशीष शर्मा, पंडित आशीष रतावा, जितेश पारीक सहित बीस से अधिक प्रतिभागी व आचार्य श्री को राज्यपाल मिश्र सहित जगतगुरु श्रीजी महाराज ने दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--our-culture--culture-and-science-is-governed-by-vedic-values--governor-kalraj-mishra/article-6990</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--our-culture--culture-and-science-is-governed-by-vedic-values--governor-kalraj-mishra/article-6990</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 13:31:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/rajasthan-governor-.jpg"                         length="47430"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        