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                <title>अब कोटा के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के बच्चों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन, जिला कलक्टर के आदेश से निजी स्कूल संचालकों में मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल तक स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर जांच करनी होगी पूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की सच्चाई अब सबके सामने आएगी। जिला कलक्टर ने 25% आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, आरटीई के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाती है। इधर, जिला कलक्टर कार्यालय से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संचालकों में हड़कम्प मच गया।</p>
<p><strong>नए व प्रमोटी सभी बच्चों का होगा सत्यापन</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरक्षित 25% सीटों पर पढ़ रहे नए और प्रमोट किए गए सभी बच्चों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। एक वीर कालीबाई भील, मुख्यमन्त्री पुनर्भरण योजना में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का वेरीफिकेशन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न टीमों का गठन कर आॅर्ब्जवर नियुक्त कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कलक्टर के सामने पेश करनी होगी रिपोर्ट</strong><br />सत्यापन के लिए गठित टीमों को अपने-अपने क्षेत्र के आवंटित स्कूलों में जाकर 22 अप्रैल तक भौतिक जांच पूरी करनी होगी। इसकी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षाधिकारी (सीडीईओ) कोटा को जमा करानी होगी। इसके बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को 25 अप्रैल तक सभी रिपोर्टों की जांच कर अंतिम रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत करनी होगी।</p>
<p><strong>लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई</strong><br />प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करवाएं।</p>
<p><strong>कोटा के 976 प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच</strong><br />कोटा जिले में 976 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें आरटीई के तहत बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का सत्यापन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय पर संबंधित इलाके के राजकीय स्कूल के प्राचार्य को निरीक्षणकर्ता और एक-एक प्रशासनिक अधिकारियों को आॅर्ब्जवर नियुक्त किया है।</p>
<p><strong>प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया विरोध</strong><br />जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की जांच करवाने का आदेश जारी होते ही प्राइवेट स्कूल संचालकों में खलबली मच गई। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर आदेश के विरोध में आ गए।</p>
<p><strong>स्कूल बंद कर देंगे, अधिकारियों को घुसने नहीं देंगे</strong><br />कोटा में 900 से ज्यादा स्कूलों की जांच के लिए जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा रखी है। उनके इस निर्णय की प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की जांच का औचित्य क्या है और कोटा जिले में ही क्यों करवाई जा रही है। ऐसा क्या कारण हो गया कि जिलाधिकारी को यह जांच करवानी पड़ रही है। जबकि, शिक्षा विभाग पहले ही इसकी जांच कर चुका है। यदि, प्रशासन को कोई बात करनी है तो हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं, बात करें तभी समाधान निकलेगा। इसके बिना हम किसी भी अधिकारी को जांच के लिए स्कूलों में घुसने नहीं देंगे, भले ही हमें स्कूल बंद करना ही क्यों न पड़े।<br /><strong>-संजय शर्मा, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी</strong></p>
<p>राजस्थान में केवल कोटा में ही यह आरटीई निरीक्षण का आदेश जारी किया है। जबकि, आरटीई दिशा निर्देश 2025-26 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि जिला कलक्टर निजी विद्यालयों का आरटीई से संबंधित भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके बावजूद इस तरह का आदेश जारी होना निजी स्कूल संचालकों के साथ अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं।<br /><strong>-जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष निजी स्कूल संचालक संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:01:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कहां गए 9000 पेंशनर्स, नहीं कराया भौतिक सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[ संदेह के दायरे में आ रहे पेंशनर ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। कोटा जिले में 219606  पेंशनर्स हंै। इनमें से अब तक जिले में 210606 पेंशनर ने ही भौतिक सत्यापन करवाया है। जबकि 9000 पेंशनर अभी तक भौतिक सत्यापन से शेष है। इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब 7000 और ग्रामीण क्षेत्र के 2000 पेंशनर्स हैं। पिछले एक साल से लगातार तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण यह पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं। </p>
<p><strong>सत्यापन कराने में ग्रामीण क्षेत्र के  पेंशनर आगे:</strong> विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन को चालू रखने के लिए हर साल भौतिक सत्यापन कराना होता है। कोटा जिले में 219606 पेंशनर्स हैं। इसमें सभी श्रेणियों के पेंशनर शामिल हैं। 31 दिसंबर अंतिम तिथि होने के बावजूद अभी भी कई पेंशनरों ने भौतिक सत्यापन नहीं करवाया है। जिले के शहरी क्षेत्र से 7 हजार और ग्रामीण क्षेत्र से 2 हजार पेंशनर सत्यापन से वंचित है। यानी सत्यापन कराने में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनर आगे हैं। जबकि सत्यापन से वचिंत सबसे ज्यादा पेंशनर शहरी क्षेत्र के हैं। पिछले एक साल से पेंशन सत्यापन की तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका सत्यापन नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>एक साल से बढ़ रही तारीख</strong><br />सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रतिवर्ष पेंशनरों को पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए विभाग के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन कराना आवश्यक होता है। पूर्व में भौतिक सत्यापन की तिथि 31 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी काफी संख्या में पेंशनरों ने सत्यापन नहीं करवाया था। इसके बाद तिथि बढ़ाकर 31 जनवरी और फिर 31 मार्च कर दी थी। इसके बाद भी जिले में शत-प्रतिशत पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो पाया था। अब सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई। इस अवधि में भी सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन बंद कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>विभागों को भेज दी वंचितों की सूची</strong><br />अधिकारियों के अनुसार कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी 9000 पेंशनरों ने अभी तक सत्यापन नहीं करवाया है। इनकी सूची नगर निगम और पंचायत समितियों में भेज रखी है। शहरी क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में जानकारी करने के लिए नगर निगम को पत्र जारी किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में पंचायत समितियों को लिखा गया है। अभी तक सत्यापन नहीं कराने वाले पेंशनरों के सम्बंध में इन विभागों से जानकारी जुटाने को कहा गया है। निगम को कई बार जिला कलक्टर के माध्यम से सत्यापन से वंचित पेंशनरों के बारे में सूची भेजी जा चुकी है। अब वंचित पेंशनरों का डाटा खंगालने के बाद ही इनके बारे में कुछ पता लग पाएगा। कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी सत्यापन नहीं करवाने के कारण अब जिले के 9000 पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं।</p>
<p><strong>सत्यापन में दिक्कत तो यहां करें सम्पर्क</strong><br />पेंशनधारकों को वार्षिक भौतिक सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र कियोस्क, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर फिंगर प्रिंट देना होगा। अंगुली की छाप नहीं देने वाले पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आइरिस स्कैन से भी कराया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर को पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास या उपखंड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अधिकारी की एसएसओ आइडी से एसएसपी पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा।फैक्ट फाइल</p>
<p><strong>कोटा जिले में पेंशनर-219606</strong><br /><strong>अब तक भौतिक सत्यापन-210606</strong></p>
<p>जिले में इतने पेंशनर वंचित-9000ं जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। <br /><strong>-सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 15:24:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उपनिरीक्षक संयुक्त परीक्षा 2021: शेष रहे अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा एक मई को</title>
                                    <description><![CDATA[ अभ्यर्थियों की सूची पुलिस विभाग की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--sub-inspector-combined-examination-2021--physical-efficiency-test-of-remaining-candidates-on-may-1/article-8161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rpse.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उप निरीक्षक पुलिस/प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण पूर्व में शारीरिक दक्षता परीक्षा दौरान चोटग्रस्त, प्रसूताकाल में एवं बीमार रहे अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा एक मई को आयोजित की जा रही है। पुलिस अधीक्षक भर्ती एवं पदौन्नति बोर्ड डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी अपने प्रवेष पत्र 21 अप्रैल से वेबसाईट sso.rajasthan.gov.in  पर एसएसओ आईडी से login के पश्चात सकते है। <br /> <br />डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी प्रवेश पत्र के साथ अपना मूल आधार कार्ड मय छाया प्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो, सरकार द्वारा जारी एक मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा उसकी एक छाया प्रति सहित निर्धारित तिथि व समय पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु बोर्ड के समक्ष उपस्थित होंगे। इन अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 1 मई को प्रातः 5.30 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में आयोजित होगी। अभ्यर्थियों की सूची पुलिस विभाग की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 16:36:03 +0530</pubDate>
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                <title>नाबालिग के साथ दुराचार मामले में 20 वर्ष का कठोर कारावास</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न धाराओं में 75 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/special-court-pocso-act--dholpur-judge-madhusudan-rai-has-convicted-a-convict-for-physical-misconduct-with-a-9-year-old-minor-traveling-in-a-train-and-sentenced-him-to-20-years-of-rigorous-imprisonment/article-6997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/court-hammer-logo.jpg" alt=""></a><br /><p> धौलपुर। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट धौलपुर के न्यायाधीश मधुसूदन राय ने ट्रेन में सफर कर रही एक 9 वर्षीय नाबालिग के साथ शारीरिक दुराचार करने के मामले में एक मुल्जिम को दोषी करार देते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं। साथ ही विभिन्न धाराओं में 75 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि मामला 2 अप्रैल 2015 का है। जब 9 वर्षीय पीड़िता अपनी बहिन और मां के साथ ट्रेन से सफर कर रही थी। </p>
<p><br />ट्रेन में धौलपुर के आस-पास  मौहम्मद दानिश बर्थ पर सो रही 9 वर्षीय नाबालिग के साथ दुराचार करने की कोशिश करने लगा। पीड़ित नाबालिग चिल्लाने लगी तो उसकी मां जाग गई और ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने मौहम्मद दानिश को पकड़ कर ट्रेन रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 14:35:27 +0530</pubDate>
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