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                <title>board exams - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>संघर्ष और चुनौतियों से लड़ बेटियों ने लिखी तकदीर, 90% से अधिक अंक हासिल कर पाया मुकाम</title>
                                    <description><![CDATA[ मजदूर, किसान और ऑटो चालक की बेटियों ने 12वीं बोर्ड में रचा कीर्तिमान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/battling-struggles-and-challenges--these-daughters-forged-their-own-destinies/article-148837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सपने वही सच होते हैं, जिनके पीछे संघर्ष की कहानी होती है। यह कहावत उन हौनहार बेटियों ने सच कर दिखाई, जिन्होंने गरीबी, अभाव, आर्थिक तंगी और विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और जिद और जूनून के दम पर संघर्ष करते हुए 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर खुद को साबित किया। किसी के पिता मजदूर, किसान हैं तो कोई आॅटो चालक की बेटी है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाकर मिसाल पेश की। संघर्षों की कहानी में कुछ प्रतिभाएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने अपनी जिद और जुनून से नामुकिन को भी नुमकिन कर दिखाया। पेश है खबर के प्रमुख अंश....</p>
<p><strong>जंगल में बसा गांव:माता-पिता और भाई दूसरों के खेतों पर मजदूरी करते ,बेटी ने पाया मुकाम</strong><br />जंगल में बसे जिस गांव में मोबाइल नेटवर्क भी ठीक से नहीं आता, वहां से भी प्रतिभा निकलकर सामने आई है। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बसे घाटोली गांव में सरकारी स्कूल की रीना कुमारी ने 12वीं आर्ट्स फर्स्ट डिविजन से पास कर खुद को साबित किया। रीना बतातीं हैं, माता-पिता और भाई दूसरों के खेतों पर मजदूरी करते हैं, जो सुबह जल्दी घर से निकल जाते हैं। स्कूल जाने से पहले घर का सारा काम करती हूं। शाम को भी काम निपटाकर पढ़ाई करती हूं। घर में कोई पढ़ा लिखा नहीं है। छोटा भाई पढ़ रहा है। परिवार में 8 सदस्य हैं और दो कमरे हैं। एक में दादा-दादी और दूसरे में हम भाई-बहन व माता पिता सहित 6 सदस्य रहते हैं। शोर-शराबा होता है, कोई अन्य विकल्प नहीं होने से ऐसी परिस्थितियों में ही पढ़ाई की और 62.2 % हासिल की। आगे टीचर बनना चाहती हूं।</p>
<p><strong>पैदल चल अगले दिन कोटा आने का बचाता किराया</strong><br />महात्मा गांधी राजकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल सुल्तानपुर के छात्र लक्ष्य गोस्वामी ने परिवार की विपरित परिस्थितियों के बावजूद 12वीं साइंस में 96% अंक हासिल कर कस्बे को टॉप किया। पिता जितेंद्र गोस्वामी 10 हजार रुपए महीने में प्राइवेट जॉब करते हैं, जिससे घर का गुजारा होता है। घर की स्थिति बेटा समझता है। वह रोडवेज बस से रोजाना 40 किमी का सफर कर कोटा कोचिंग को जाता है लेकिन शहर में कोचिंग तक जाने के लिए डेढ़ से दो किमी पैदल चलता है ताकि अगले दिन वापस कोटा आने के लिए बस का किराया बचा सके। आर्थिक परेशानियों के बावजूद लक्ष्य पर टॉप करने पर फोकस रखा और वह कर दिखाया। लक्ष्य का कहना है कि वह आगे इंजीनियर बनना चाहता है।</p>
<p><strong>टीचर नहीं, कोचिंग के पैसे नहीं, लेकिन जज्बा 100 फीसदी</strong><br />दीगोद निवासी जयश्री एक किमी पैदल स्कूल जाती और लौटकर घर का काम करती। शाम को भी मां का हाथ बंटाती। 12 लोगों का संयुक्त परिवार में शोर-शराबे के बीच पढ़ाई करती लेकिन व्यवधान से मन विचलित होता इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी और 12वीं कला में 94.80% अंक हासिल किर खुद को साबित किया। जयश्री बताती हैं, संयुक्त परिवार होने से शोर अधिक रहता है। शाम को 3 घंटे छत पर जाकर पढ़ती हूं। स्कूल में पिछले कई साल से इंग्लिश के टीचर नहीं हैं, ऐसे में लेसन व ग्रामर समझने में काफी परेशानी होती है। पिता किसान हैं, परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं होने से कोचिंग की सोच भी नहीं सकती। खुद के स्तर पर ही पढ़ाई की। पिता अनिल नागर ने बताया कि बेटी आगे सिविल सर्विसेज में जाना चाहती है।</p>
<p><strong>घर-दुकान बिकी, बीमार पड़ी फिर भी हासिल किए ऑटो चालक की बेटी ने 96.60%</strong><br />रायपुरा निवासी सरकारी स्कूल की छात्रा लक्षिता खरेड़िया की कहानी संघर्ष और चुनौतियों से भरी रही। आर्थिक तंगी के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और 12वीं कला में 96.60 % अंक हासिल कर ऑटो चालक पिता का नाम रोशन किया। लक्षिता कहती हैं, हमारा छावनी रामचंद्रपुरा में मकान व दुकान थी, जो कठिन परिस्थितियों के कारण बिक गए। पिता भी बेरोजगार हो गए। रायपुरा में रहने लगे। रोजगार की तलाश में पिता ऑटो चलाने लगे, इसी से गुजर-बसर होता है। परिवार की माली हालत समझती हूं, कई दिक्कतों से हर दिन दो-चार हुई लेकिन शिक्षा का दामन नहीं छोड़ा। पिता रामनिवास ने बताया कि कई बार स्टेशनरी खरीदने तक के पैसे नहीं थे। पेपरों के दौरान बेटी बीमार हो गई थी। फिर भी उसने हार नहीं मानी और बोर्ड में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए।</p>
<p><strong>मां का ऑपरेशन हुआ तो खुद संभाली घर की जिम्मेदारी, रात दो बजे तक पढ़ाई कर पाया मुकाम</strong><br />जोमेटो राइडर शंभूदयाल की बेटी निर्जला मेहरा ने मुश्किल हालातों में भी 94.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीन विषयों में 99 अंक अर्जित किए। निर्जला ने बताया कि परीक्षा से पहले मां के गले का ऑपरेशन हुआ। उस समय हालत ऐसी नहीं थी कि मां घर का कोई काम कर सकें। ऐसे में खुद ने ही घर की जिम्मेदारी संभाली। मां की सार-संभाल के साथ-साथ छोटे भाई-बहनों की देखभाल की। घर के काम और परीक्षा की तैयारी सब एक साथ की। पिता शंभूदयाल ने बताया कि परिस्थितियां बेहद कठिन थी। उसके सामने सबसे बड़ी दिक्कत एक छोटे भाई की भी थी जो कि मानसिक रूप से कमजोर है।ज्यादातर समय तो मां की सेवा और छोटे भाई की देखभाल में निकलता। इसके बाद देर रात दो बजे तक वह पढ़ाई करती थी। निर्जला ने कोई कोचिंग या ट्यूशन नहीं ली। उसका आईएएस बनना सपना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट में देरी : कॉपियों के अंक अपलोड न होने से अगले सप्ताह तक टला परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर बोर्ड द्वारा 10वीं का परीक्षा परिणाम अब अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है। उत्तर पुस्तिकाओं के अंक ऑनलाइन अपडेट न होने और चेटीचंड, ईद की छुट्टियों के कारण 20 मार्च की डेडलाइन टल गई है। सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने लंबित अंकों को तुरंत मंगवाने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/delay-in-rajasthan-board-10th-result-result-postponed-till-next/article-147211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajasthan1.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं का परीक्षा परिणाम अब अगले सप्ताह से पहले संभव नहीं हो सकेगा। हालांकि, बोर्ड प्रशासन ने 20 मार्च तक दसवीं परीक्षा का परिणाम घोषित करने की घोषणा भी कर दी थी, लेकिन अभी तक करीब 200 उत्तर पुस्तिकाओं को जचने वाले परीक्षक द्वारा जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं के अंक ही बोर्ड को ऑनलाइन नहीं भिजवाए है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा स्कूलों को भी सत्रांक भेजने के लिए 19 मार्च तक का समय दिया गया था।</p>
<p>ऐसी स्थिति में बोर्ड की खुद की परीक्षा परिणाम जारी करने की समस्त तैयारी पूरी नहीं हुई थी। अब शुक्रवार को चेटीचंड का अवकाश शनिवार को ईद का अवकाश और रविवार को राजकीय अवकाश के बाद सोमवार से शुरू होने वाले नए सप्ताह के दौरान ही बोर्ड द्वारा परिणाम जारी किया जा सकेगा। शुक्रवार को चेटीचंड के अवकाश के बावजूद बोर्ड में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बोर्ड के सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने सभी सहायक निदेशक को निर्देशित किया है, कि अभी तक जिन भी परीक्षक द्वारा ऑनलाइन बोर्ड को अंक नहीं भेजे गए हैं। उन्हें तुरंत निर्देशित करते हुए अंक मंगवा जाएं ताकि परिणाम में बिना वजह देरी नहीं हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:25:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नकल रहित परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जल्द शुरू होगी 12वीं कक्षा की प​रीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले भिंड में कड़े इंतजाम किए गए। 50 केंद्रों पर सख्त निगरानी रहेगी, नकल रोकने को संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/madhya-pradesh-collector-gave-strict-instructions-for-cheating-free-examination-strict/article-142451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)6.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्यप्रदेश में कल से शुरु होने जा रहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की परीक्षाओं के पहले भिंड जिला कलेक्टर ने परीक्षाओं को नकलमुक्त, पारदर्शी और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने के कड़े इंतजाम किए हैं। कल 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरु होंगी, इसके पहले नकल के लिए कुख्यात भिंड जिले के कलेक्टर ने परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।</p>
<p>जिले के सभी 50 परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी, जबकि 46 केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा हॉल में प्रवेश की अंतिम समय-सीमा 8.30 बजे तय की गई है। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा चाहे कारण कुछ भी हो। परीक्षा प्रारंभ होने से पहले पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।</p>
<p>सभी परीक्षा केंद्रों की सामग्री पहले ही संबंधित थानों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दी गई है। परीक्षा वाले दिन ही कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रश्न पत्रों का बॉक्स खोला जाएगा। सुबह 7 बजे स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र बाहर निकाले जाएंगे और कड़ी सुरक्षा में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाएंगे। सुबह 8.30 बजे से पहले सामग्री का केंद्र तक पहुंचना अनिवार्य किया गया है। केंद्र अध्यक्ष द्वारा 8.45 बजे तक पर्यवेक्षकों को प्रश्न पत्रों के सील्ड पैकेट वितरित किए जाएंगे। 8.50 बजे उत्तरपुस्तिकाएं दी जाएंगी और परीक्षा शुरू होने से पांच मिनट पहले यानी 8.55 बजे परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र खोलकर परीक्षार्थियों को वितरित किए जाएंगे। किसी भी स्तर पर समय में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p>पूरी परीक्षा प्रक्रिया की मॉनिटीरिंग निर्धारित ऐप के माध्यम से की जाएगी। प्रश्न पत्र बॉक्स का छहों दिशाओं से वीडियो बनाकर बोर्ड के तय व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल फोन सील किए जाएंगे, जिसका घोषणा पत्र समय पर ऐप पर अपलोड करना होगा। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि प्रश्न पत्रों के पैकेट परीक्षा कक्ष के अलावा किसी अन्य कक्ष में न खोले जाएं। सभी पैकेट सील्ड अवस्था में पर्यवेक्षकों को सौंपे जाएंगे और उनका विधिवत रजिस्टर में संधारण किया जाएगा।</p>
<p>जिले में 10वीं के 19 हजार 342 और 12वीं के 14 हजार 421 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पांच परीक्षा केंद्रों पर एमपी बोर्ड की सीधी निगरानी रहेगी। प्रशासन का साफ संदेश है कि नकल या अनुशासनहीनता पर की नीति अपनाई जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:37:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीएसई ने घोषित की तिथि : दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से होंगी, दसवीं की 10 मार्च और 12वीं की 9 अप्रैल तक चलेंगी </title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां घोषित की हैं। परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। 10वीं की परीक्षा 10 मार्च तक और 12वीं की 9 अप्रैल तक चलेगी। बोर्ड ने पहली बार 110 दिन पहले डेटशीट जारी की है। 40,000 से अधिक विषय संयोजनों को ध्यान में रखकर पर्याप्त अंतराल सुनिश्चित किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-has-announced-the-date-of-board-exams-for-class/article-131043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा करते हुए बताया कि 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी।  सीबीएसई ने पहली बार परीक्षा शुरू होने से 110 दिन पहले डेटशीट जारी की है। दसवीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च तक और 12वीं की 17 फरवरी से 9 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। परीक्षाएं विषयों के अनुसार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी।</p>
<p><strong>दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतराल दिया :</strong></p>
<p>सीबीएसई ने कहा कि दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों द्वारा लिए जाने वाले दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतराल दिया गया है। कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं की तिथियों को ध्यान में रखा गया है, और बोर्ड परीक्षाएं प्रवेश परीक्षाओं से काफी पहले समाप्त करने का प्रयास किया गया है। इससे विद्यार्थिओं को बोर्ड और प्रवेश दोनों परीक्षाओं की बेहतर समय-प्रबंधन में सहायता मिलेगी।</p>
<p><strong>40,000 से अधिक विषय संयोजनों को ध्यान में रखते हुए तैयार की डेटशीट :</strong></p>
<p>मूल्यांकन के दौरान, सभी विषयों के शिक्षक एक साथ और लंबे समय तक अपने विद्यालय से दूर नहीं रहेंगे। डेटशीट तैयार करते समय 40,000 से अधिक विषय संयोजनों को ध्यान में रखा गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक विद्यार्थी द्वारा प्रस्तावित दो विषयों की परीक्षाएं एक ही तारीख पर न हों। पूरी डेटशीट के लिए सीबीएसई की वेबसाइट देखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 12:03:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान में बोर्ड फेल छात्रों के लिए बड़ी राहत : सरकार ने की ऑन डिमांड एग्जाम शुरू करने की तैयारी, शिक्षा विभाग करेगी इसकी शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने 10वीं और 12वीं बोर्ड में फेल होने वाले छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-government-prepared-to-start-on-demand-exam-for-board/article-109806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार ने 10वीं और 12वीं बोर्ड में फेल होने वाले छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ऑन डिमांड एग्जाम कॉन्सेप्ट के तहत विद्यार्थियों का साल बर्बाद किए बिना फिर से परीक्षा देकर अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। इस योजना को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिल चुकी है और शिक्षा विभाग 1 जुलाई से इसकी शुरुआत करने की तैयारी में है। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल इसके लिए गाइडलाइन तैयार कर रहा है। यह परीक्षा तभी आयोजित होगी, जब एक विषय में कम से कम 10 छात्र आवेदन करेंगे।  </p>
<p>छात्रों को साल में चार बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जयपुर, बीकानेर और उदयपुर में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जहां एक दिन में एक विषय के अधिकतम 50 छात्र परीक्षा दे सकेंगे। इस योजना के तहत ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट की सुविधा भी दी जाएगी। यानी छात्र पास किए गए दो विषयों के अंक ट्रांसफर करा सकेंगे और उन विषयों का दोबारा एग्जाम नहीं देना होगा। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र तैयार होगा और छात्रों को परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका या प्रश्न पत्र घर नहीं ले जाने दिया जाएगा।  </p>
<p>पंजीकरण, प्रायोगिक और अन्य विषयों की परीक्षा के लिए शुल्क भी तय किया जाएगा। संभावित रूप से प्रति विषय 600 रुपए रजिस्ट्रेशन, 200 रुपए प्रायोगिक, 100 रुपए टीओसी और 600 रुपए अतिरिक्त विषय शुल्क लिया जा सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 18:58:24 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा के 92 हजार विद्यार्थियों को 8 महीने बाद भी न यूनिफॉर्म मिली न खातों में पैसा</title>
                                    <description><![CDATA[बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/92-thousand-students-of-kota-did-not-get-uniform-even-after-8-months-nor-money-in-their-accounts/article-107831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(4)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले के एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक 92 हजार विद्यार्थियों को 9 माह बाद भी यूनिफार्म नहीं मिली। पहले सरकार द्वारा गणवेश का कपड़ा देने की बात कही गई थी लेकिन अब यूनिफॉर्म खरीदने के लिए विद्यार्थियों के खाते में पैसा डालने की बात कह रही है। लेकिन, गणवेश कब तक मिलेगी, इसका जवाब शिक्षा अधिकारियों के पास भी नहीं है। हालात यह हैं, शिक्षा सत्र खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है लेकिन अब तक यूनिफार्म का कोई अता-पता नहीं है।  सबसे ज्यादा परेशानी 8वीं के बच्चों के साथ है। दो दिन बाद  परीक्षाएं शुरू होने वाली है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा में यूनिफार्म पहनकर आने की अनिवार्यता के कारण विद्यार्थियों व अभिभावक असमंजस में है कि बिना यूनिफार्म के जाने पर परीक्षा में बैठने देंगे या नहीं। हालांकि, शिक्षाअधिकारियों का कहना है कि बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी। </p>
<p><strong>बैंक खातों में नहीं आए यूनिफार्म खरीदने के पैसे</strong><br />शिक्षकों का कहना है, सत्र 2024-25 में सरकार ने आदेश जारी किए थे कि कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म की जगह उनके बैंक अकाउंट में गणवेश खरीदने के लिए पैसे दिए जाएंगे। इसमें सिलाई, कपड़ा व स्कूल बैग की खरीद होगी। ऐसे में अभिभावक इसका भी इंतजार कर रहे है कि बच्चों के बैंक खातों में जब राशि जमा होगी, तब यूनिफार्म बनवा लेंगे। इधर, प्रदेश में कक्षा 9 से 12वीं तक की 12 लाख 94 हजार 645 छात्राएं हैं, जिन्हें भी नि:शुल्क यूनिफार्म देने की घोषणा की गई थी। जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ।   </p>
<p><strong>9 महीने से विद्यार्थियों को गणवेश का इंतजार</strong><br />शिक्षा सत्र शुरू हुए 9 माह हो चुके हैं। कक्षा 1 से 8वीं तक के 91 हजार 948 विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिल रही। वहीं, अभिभावक भी पशोपेश में है कि या तो सरकार यूनिफॉर्म का कपड़ा दे या फिर राशि दे तो बच्चों के लिए समय पर यूनिफार्म सिलवाई जा सके। मामले को लेकर अधिकारी भी संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आ रहे है। इधर, यूनिफार्म की सिलाई की राशि आएगी भी नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही। </p>
<p><strong>कोटा में कक्षा-1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या</strong><br /><strong> नामांकन     कक्षा </strong><br />7307         पहली<br />8833         दूसरी<br />10807    तीसरी<br />13346     चौथी<br />11740     पांचवीं<br />13217     छठीं<br />13462     सातवीं<br />13236     आठवीं</p>
<p><strong>प्रदेश में विद्यार्थियों का आंकड़ा</strong><br /><strong> नामांकन     कक्षा </strong><br />474858     पहली<br />615297     दूसरी<br />739944     तीसरी<br />795058     चौथी<br />724667     पांचवीं<br />760481     छठीं<br />780372     सातवीं <br />759039     आठवीं</p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभिभावक</strong><br />पिछले 8 महीने से न तो यूनिफार्म का कपड़ा मिला और न ही सिलाई का पैसा। स्कूल में शिक्षकों से पूछते हैं तो वह शिक्षा विभाग जाने की बात कहते हैं, जब विभाग में जाते हैं तो अधिकारी भी बजट नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, कुछ शिक्षकों द्वारा बच्चों के बैंक खाते में यूनिफार्म खरीदने की राशि दिए जाने की बात कहीं जा रही है लेकिन स्पष्ट कुछ भी नहीं है। <br /><strong>-सतीश कुमार जांगिड़, छत्रपुरा </strong></p>
<p>सरकार को अपनी घोषणा पर अमल करना चाहिए। पिछले साल भी यूनिफार्म नहीं मिली। दो साल पहले मिली थी जो छोटी हो चुकी है। गणवेश मिलेगी या नहीं, सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए ताकि, अभिभावक अपने बच्चों की गणवेश के लिए  इंतजार नहीं करना पड़े।<br /><strong>-सुरेंद्र बैरवा, संजय गांधी नगर </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />इधर, बालिकाओं का भी बढ़ रहा इंतजार  कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफार्म देने के साथ ही सरकार ने 9वीं से 12वीं तक की सिर्फ छात्राओं के लिए यही घोषणा कर रखी है। अब कक्षा एक से आठवीं के साथ-साथ कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की बालिकाओं के अभिभावक भी यूनिफार्म के इंतजार में है कि सरकार राशि जमा करा दे तो बच्चों के यूनिफार्म सिलवा दे सके। <br /><strong>-राजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा झालावाड़</strong></p>
<p>शिक्षा सत्र के 8 माह गुजरने के बाद भी राज्य के सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना में पात्र छात्र-छात्राओं को अभी तक न तो यूनिफॉर्म  मिली न ही नकद राशि।  सरकार की ओर से प्रति छात्र 800 रुपए की राशि देने की घोषणा कर रखी है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जिससे विद्यार्थियों व अभिभावकों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सरकार को जल्द से जल्द यूनिफार्म उपलब्ध करवाना चाहिए। <br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  </strong></p>
<p>हमारे यहां ऐसा इश्यू नहीं है, यदि कोई विद्यार्थी स्कूल यूनिफार्म में आता है तो अच्छी बात है और नहीं आता है तो भी उसे परीक्षा दिलवाई जाएगी। <br /><strong>-पवित्रा त्रिपाठी, डाइट प्रिंसिपल कोटा</strong></p>
<p>इस बार यूनिफॉर्म का कपड़ा देने के बजाए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि देने का प्रावधान किया गया है।  लेकिन, अभी बजट के अभाव में यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसा खातों में नहीं डाला गया है। उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं, यूनिफार्म के लेवल पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा। <br /><strong>-रूप सिंह मीणा, डीईओ एलीमेंट्री कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:49:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाम के इंग्लिश मीडियम, हालात हिन्दी से भी बदतर</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तक शिक्षक नहीं मिले हैं। जिससे विद्यार्थी बिना पढ़े परीक्षा कैसे दे पाएंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/english-medium-in-name--situation-worse-than-hindi/article-103914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राजकीय विद्यालयों में सरकार क्वालिटी एजुकेशन के दावे कर रही है लेकिन वास्तिविकता से कोसों दूर है। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों  की हालात हिन्दी मीडियम स्कूलों से भी बदतर है।  शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से यह स्कूल जिस उद्देश्य से खोले गए थे,उसमें विफल हो रहे हैं। हालात यह है, कोटा जिले में 52 महात्मा गांधी स्कूलों में करीब 157 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिनमें अधिकतर आर्ट्स व कॉमर्स विषयों के हैं। वहीं, कई स्कूलों में तो साइंस की फैकल्टी नहीं है। जबकि, 16 दिन बाद  से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को रिजल्ट बिगड़ने का डर सता रहा है। प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी स्कूलों में 17 हजार से ज्यादा शिक्षकों को पदस्थापन का इंतजार है। 52 स्कूलों में 157 शिक्षकों के पद रिक्त: शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 52 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में करीब  157 शिक्षकों के पद खाली हैं। जिनमें प्रिसिंपल के 3, लेक्चरर के 39, सीनियर टीचर के 39, तृतीय श्रेणी में एल-1 के 24 तथा एल-2 के 52 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में कई विषयों की क्लासें नहीं लग पाती। विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। </p>
<p><strong>प्रदेश में 17 हजार 500 पद खाली</strong><br />राजस्थान शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि प्रदेशभर में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बुरे हाल हैं। राज्य में चल रहे 3737 स्वामी विवेकानंद मॉडल व महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में वर्तमान में शिक्षकों के 17 हजार 500 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इधर, 6 मार्च से बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली है। लेकिन इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तक शिक्षक नहीं मिले हैं। जिससे विद्यार्थी बिना पढ़े परीक्षा कैसे दे पाएंगे। </p>
<p><strong>स्कूलों में इन विषयों के नहीं शिक्षक</strong><br /><strong>महात्मा गांधी मल्टीपरपज स्कूल</strong><br />राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल मल्टीपरपज के प्रिंसिपल राहुल शर्मा ने बताया कि यहां आर्ट्स में 5 विषयों के लेक्चरर के पद खाली पड़े हैं। जिनमें ज्योग्राफी, अंग्रेजी अनिवार्य, ड्रॉइंग, राजनेतिक विज्ञान शामिल हैं। जबकि, 12 वीं आर्ट्स में 44 बच्चों का नामांकन है। वहीं, कॉमर्स में अर्थशास्त्र, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज  विषय के शिक्षक नहीं है। कॉमर्स में करीब 20 बच्चों का नामांकन है। ऐसे में बिना शिक्षकों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने में परेशानी होती है। हालांकि, अन्य व्यवस्था से तैयारी करा रहे हैं। </p>
<p><strong>सातलखेड़ी इंग्लिश मीडियम स्कूल</strong><br />राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल सातलखेड़ी खैराबाद ब्लॉक का स्कूल है। यहां कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित हैं लेकिन लंबे समय से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी लेवल-2 और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक नहीं है।</p>
<p><strong>महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, करवाड </strong><br />यहां पिछली सरकार में अंग्रेजी माध्यम स्कूल की शुरूआत की गई थी। विद्यालय में भूगोल के व्याख्याता नहीं है। लेवल-2 में अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन और बेसिक कंप्यूटर का शिक्षक नहीं है। अन्य विषय के अध्यापक भूगोल पढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के रिक्त पदों को भरने के लिए हिन्दी माध्यम स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की शिक्षा विभागीय पंजीयक बीकानेर द्वारा गत वर्ष 25 अगस्त को परीक्षा हुई थी। इसके बाद 10 प्रतिशत बोनस अंक का मामला न्यायालय में जाने के कारण परीक्षा परिणाम में देरी हुई और 23 दिसंबर को परिणाम घोषित हुआ। इसके बाद सरकार ने राज्य में 50 जिलों की संख्या को कम करके 41 कर दिए। जिससे शिक्षकों से पूर्व में भरवाएं गए जिला विकल्पों में अन्तर आ गया। इसलिए शिक्षा विभाग ने 13 जनवरी से 16 जनवरी तक चयनित शिक्षकों से 41 जिलों के आधार पर शाला दर्पण के माध्यम से पुन विकल्प भरवाएं। लेकिन, अब तक  3737 इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 17 हजार 500 शिक्षकों का पदस्थापन नहीं करवाया गया।</p>
<p><strong>15 फरवरी से पूर्व हो शिक्षकों का पदस्थापन </strong><br />राज्य के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम व स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में पदस्थापन के लिए आयोजित हुई परीक्षा का परिणाम जारी हो चुका है। 41 जिलों के आधार पर जिला विकल्प भी भरवा लिए हैं। हमारी सरकार व शिक्षा विभाग से मांग है कि इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखों विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए 15 फरवरी से पूर्व जिला आवंटन व पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। जिससे इन  विद्यार्थियों को शिक्षक मिल सके।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  </strong></p>
<p> इसका प्रोसेज चल रहा है। बोर्ड परीक्षा के बाद महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में चयनित शिक्षकों का पदस्थापन किया जाएगा।<br /><strong>-सतीश शर्मा, विशेषाधिकारी शिक्षामंत्री </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 15:30:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तेज आवाज का डीजे साउण्ड, बढ़ा रहा सिरदर्द, परीक्षा की तैयारी में डीजे साउण्ड डाल रहे खलल </title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन द्वारा जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/loud-dj-sound--increasing-headache/article-103796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। प्रदेश में सीबीएसई एवं बोर्ड की परीक्षाएं जैसे जैसे नजदीक आती जा रही हैं, वैसे वैसे परीक्षार्थी दिन रात मेहनत करने में जुटे हुए है, लेकिन शादी ब्याह में बज रहे तेज आवाज में साउंड छात्रों की परेशानी बढ़ा रहे है। शादी ब्याह में लोग अपनी खुशी के लिए बच्चों के भविष्य से खेल रहे हैं, जगह जगह तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकर और डीजे उनकी एकाग्रता को भंग कर रहे है। वही रात की नींद भी खराब कर रहे है । सरकार के आदेशानुसार तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। खानपुर वासियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण पर शासन प्रशासन के नियंत्रण के दावे की डीजे संचालन हवा निकाल रहे है। लाउडस्पीकर का शोर 55 डेसिबल होना चाहिए लेकिन डीजे संचालक 150 डेसिबल तक बजाया जा रहा है। इससे स्टूडेंट के साथ बुजुर्ग,हाट के मरीज परेशान हो चुके हैं, तेज शोर से लोगों के कान कमजोर हो रहे हैं। जबकि डीजे साउंड को कम आवाज में बजाने का समय रात के 10 बजे तक का ही है, लेकिन देर रात तक तेज आवाज में डीजे साउंड बज रहे हैं इससे बोर्ड परीक्षा,सीबीएसई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट छात्र छात्राओं को तेज आवाज में बजने वाले डीजे से पढ़ाई कमजोर पड़ रही है, इससे उनका ध्यान भी भटक रहा है। शादी में खुशी के लिए लोग बच्चों के भविष्य से खेल रहे हैं, जिससे उन्हें परीक्षा परिणाम बिगड़ने का डर सा बना हुआ है । प्रशासन द्वारा जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p><strong>अभिभावकों को बच्चों का परिणाम बिगड़ने का सता रहा डर</strong><br />कस्बे में बारात निकासी जुलूस में निर्धारित मापदंड से दोगुने साउंड सिस्टम के साथ गलियों में निकाले जा रहे है। परीक्षार्थियों की परीक्षाएं नजदीक है लेकिन डीजे बजाने वालो को न तो बच्चों की परीक्षा का ख्याल है ना ही अस्पताल के सामने से गुजरते हुए मरीजों की स्थिति का ध्यान तेज आवाज में बजने वाले साउंड सिस्टम से हार्ट मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, इसके बावजूद किसी को कोई फिक्र नहीं है। देर रात तक तेज आवाज में उन्हें बजने वाले लाउड स्पीकर से बच्चे पढ़ नहीं पाते इससे अभिभावक चिंतित है, इससे उनके परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। इसी के साथ स्कूलों के आसपास भी डीजे साउंड धीमी आवाज में निकलना चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब ना हो। </p>
<p><strong>शादी में डीजे पर नाचते वक्त युवक की हुई थी मौत</strong><br />मंगलवार रात को जरगा गांव निवासी राघवेंद्र 23 वर्ष पुत्र रामबिलास नागर गांव के ही पड़ौसी दोस्त की शादी में खानपुर गया हुआ था, जहां पर निकासी में नाच रहा था। इसी दौरान गश खाकर गिर पड़ा। जिसे परिजन तुरंत अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई थी। इससे पूर्व में भी लगभग 6 माह पूर्व मालनवासा गांव में भजन संध्या के दौरान पंचायत सहायक सचिव की अटैक आने से मौत हो गई थी।</p>
<p>उछल जाती है और दीवार पर टंकी तस्वीर भी हिल जाती है, डीजे का डेसीबल कम होना चाहिए। <br /><strong>- राजकुमार, छात्र  </strong></p>
<p>अभी शादी समारोह तेजी से चल रहे हैं इनको हम रोक नहीं सकते यह रीति रिवाज है लेकिन इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े इसलिए डीजे का डेसिबल कम होना चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण मौर्य, ग्रामीण </strong></p>
<p>जब रोड से डीजे बजते हुए निकलते हैं तो बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है उनका हार्ट कंपन करने लग जाता है। <br /><strong>- निर्मला लखारा, ग्रामीण  </strong></p>
<p>शादी समारोह में जो देर रात तक डीजे बजाते हैं उनसे बालकों को पढ़ाई में परेशानी का सामना तो करना पड़ता ही है उसी के साथ खानपुर 5दिन पहले एक बालक डांस करते हुए बेहोश हो गया, ऐसा नहीं होना चाहिए । <br /><strong>- प्रिंस नागर, छात्र</strong></p>
<p>मैं एक छात्र हूं और पूरे साल मैंने परीक्षा पास करने के लिए मेहनत की है और मुझे पढ़ाई का समय रात को ही मिलता है और रात में यदि डीजे साउंड बहुत तेज रहता है तो इससे मेरे को पढ़ाई में परेशानी उत्पन्न होती है अत: निवेदन है कि डीजे 10 बजे बाद ना बजाए जाए और इनका डेसीबल कम रखा जाए। <br /><strong>- विजय कुमार, छात्र </strong><br /> <br />सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार रात्रि को 10 बजे से 5 तक जो प्रतिबंध है उसे पुलिस के माध्यम से खानपुर थाना अधिकारी को निर्देशित कर प्रतिबंध लगाया जाएगा। <br /><strong>- रजत कुमार,विजय वर्गीय उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 18:17:19 +0530</pubDate>
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                <title>10वीं बोर्ड की परीक्षाएं कल से शुरू,  73 परीक्षा केन्द्र संवेदनशील व अतिसंवेदनशील पर रहेगी नजर</title>
                                    <description><![CDATA[ परीक्षाओं में 10 लाख 91 हजार 88 परीक्षार्थी सैकण्डरी की परीक्षाओं के लिये पंजीकृत किये गये है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--10th-board-exams-start-from-tomorrow--board-of-secondary-education-examinations-will-start-from-march-31/article-7031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/exam.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 10 वीं बोर्ड की परीक्षाएं पूरे राज्य में 31 मार्च से शुरू होगी और 24 अप्रेल को सम्पन्न हो जायेगी। अजमेर बोर्ड मुख्यालय पर आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2022  में सैकण्डरी व प्रवेशिका परीक्षाएं एक साथ पूरे प्रदेश के 6068 परीक्षा केंद्र पर आयोजित होगी। परीक्षाओं में 10 लाख 91 हजार 88 परीक्षार्थी सैकण्डरी की परीक्षाओं के लिये पंजीकृत किये गये है। जबकि प्रवेशिका के लिए सात हजार 229 तथा विशेष योग्यजन श्रेणी में 1539 परीक्षार्थी पंजीकृत है।<br /><br />बोर्ड परीक्षा में राज्य भर से 6068 परीक्षा केन्द्रों में से 73 परीक्षा केन्द्र संवेदनशील व अतिसंवेदनशील है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड की सीनियर सेकेंडरी परीक्षाएं पूरे राज्य में चल रही है जो सैकण्डरी परीक्षाओं के साथ ही समाप्त हो जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 17:53:57 +0530</pubDate>
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