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                <title>Income Tax - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Income Tax RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत,  टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये हुई</title>
                                    <description><![CDATA[एडटेक दिग्गज PhysicsWallah को आयकर विभाग से आंशिक राहत मिली है। कंपनी की टैक्स डिमांड ₹263.34 करोड़ से घटकर ₹192.7 करोड़ रह गई है। निवेश को आय मानने के विवाद पर कंपनी ने अपील दायर की है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बीच कंपनी का दावा है कि इस कानूनी लड़ाई का उसके बिजनेस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/physicswallah-gets-relief-in-tax-dispute-income-tax-department-reduces/article-150576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एडटेक कंपनी PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत मिली है। आयकर विभाग ने कंपनी पर लगाया गया टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये कर दिया है। यह संशोधन कंपनी द्वारा दायर रेक्टिफिकेशन आवेदन के बाद किया गया। कंपनी ने संशोधित आदेश के खिलाफ आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील भी दायर कर दी है और कहा है कि शेष मांग को चुनौती देने के लिए उसके पास मजबूत कानूनी आधार हैं। यह आदेश 13 अप्रैल को आयकर अधिनियम की धारा 154 और 143(3) के तहत जारी हुआ।</p>
<p>मामला वित्त वर्ष 2023-24 में प्राप्त निवेश को टैक्सेबल आय मानने से जुड़ा है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस विवाद का उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस बीच, कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है और हालिया तिमाही में मुनाफा और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:51:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सैलरी क्रेडिट होने से लेकर ATM से पैसे निकालने तक...01 अप्रैल 2026 से आम आदमी की जेब पर पड़ेगा ये असर, पढ़ें किन-किन नियमों में हुआ बदलाव ? </title>
                                    <description><![CDATA[1 अप्रैल 2026 से नया 'टैक्स ईयर' शुरू हो रहा है। आयकर कानून सरल होकर अब 12 लाख तक जीरो टैक्स की राहत देगा। डिजिटल भुगतान के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा, जबकि पैन कार्ड के नियम और सख्त होंगे। शेयर बाजार, रसोई गैस और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के नए प्रावधान आम आदमी की वित्तीय योजना बदल देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/many-rules-will-change-from-april-1-2026-from-tax/article-148457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rules-change.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब, टैक्स प्लानिंग, डिजिटल लेनदेन और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा। सरकार और नियामक संस्थाओं द्वारा लागू किए जा रहे ये नए प्रावधान सिस्टम को सरल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।</p>
<p>सबसे बड़ा बदलाव आयकर कानून में देखने को मिलेगा। नए इनकम टैक्स कानून के तहत पुराने 1961 के कानून को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जिससे कानून को अधिक सरल बनाया गया है। ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह अब केवल ‘टैक्स ईयर’ की अवधारणा लागू होगी। नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य टैक्स का प्रावधान किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही HRA, स्टैंडर्ड डिडक्शन और अन्य भत्तों के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। नए इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, फॉर्म 16 और 16A की जगह नए फॉर्म 130 और 131 आएंगे। </p>
<p>PAN कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त किए गए हैं। अब केवल आधार के आधार पर PAN बनवाना या अपडेट कराना संभव नहीं होगा। अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बड़े वित्तीय लेनदेन में PAN की अनिवार्यता और रिपोर्टिंग भी कड़ी की जा रही है।</p>
<p>डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू होंगे। अब केवल OTP के जरिए ट्रांजेक्शन पूरा नहीं होगा, बल्कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य किया गया है। इसमें PIN, बायोमेट्रिक या डिवाइस वेरिफिकेशन जैसे अतिरिक्त सुरक्षा उपाय शामिल होंगे, जिससे साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी।</p>
<p>1 अप्रैल 2026 से देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर FASTag से जुड़े नए नियमों भी बदलाव होगा। ​नए नियमों के अनुसार, निजी वाहनों के लिए FASTag वार्षिक पास की कीमत बढ़ाकर ₹3,075 कर दी गई है, जिसकी वैधता एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक रहेगी। 01 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद हो सकता है, ताकि भुगतान केवल FASTag या UPI से ही हो। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति बिना FASTag के भुगतान करता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं, नए नियमों के अनुसार अनपेड टोल पर भी काफी सख्ती होगी और तय समय में भुगतान नहीं करने पर वाहन संबंधी रिकॉर्ड भी प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p>ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में भी बदलाव संभव है। तेल कंपनियां हर महीने की तरह 1 अप्रैल को नई दरें घोषित करेंगी। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते LPG, CNG, PNG और हवाई ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर परिवहन और महंगाई पर पड़ेगा।</p>
<p>इसके अलावा शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए भी नए नियम लागू होंगे। शेयर बायबैक को अब कैपिटल गेन माना जाएगा और F&amp;O ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया गया है। वहीं नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत की बात यह है कि नौकरी छोड़ने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट अब दो दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>01 अप्रैल 2026 से बैंकिंग और ATM नियमों में भी बदलाव होने वाला है। नए नियमों के अनुसार, HDFC Bank, PNB, Bandhan Bank आदि में ATM फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट या चार्जेस में काफी बड़ा बदलाव होगा। इसके अलावा बड़े कैश ट्रांजेक्शन पर PAN रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग को भी पहले से कही ज्यादा सख्त किया गया है।</p>
<p>1 अप्रैल 2026 से भारतीय रेलवे के भी नियमों में बदलाव होने जा रहा है। ये बदलाव मुख्य रूप से दलालों (टाउट्स) द्वारा टिकट होर्डिंग और लास्ट मिनट कैंसिलेशन आदि की परेशानी को रोकने ओर यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित ये नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 तक पूरे देश में लागू होंगे।</p>
<p>नए नियमों के अनुसार, अब टिकट कैंसिलेशन के समय के आधार पर यात्रियों को रिफंड मिलेगा। नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में या​त्री से केवल न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज ही लिया जाएगा। वहीं, अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो कुल किराए का लगभग 25 प्रतिशत ही काटा जाएगा। इसके अलावा, 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर करीब 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी। सबसे सख्त नियम उन यात्रियों के लिए हैं जो आखिरी समय में टिकट कैंसिल करते हैं। यदि ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द किया गया, तो यात्रियों को कोई भी रिफंड नहीं दिया जाएगा।</p>
<p>भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन से जुड़े नियमों में भी कई अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार, पहले ट्रेन के प्रस्थान से 4 घंटे पहले तक नो-रिफंड विंडो लागू होती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8 घंटे पहले कर दिया गया है, जिसका मतलब ये ​है कि अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा को भी आसान बना दिया है। इन नए नियमों के अनुसार, अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 17:58:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रियल एस्टेट और पान मसाला कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर छापे</title>
                                    <description><![CDATA[आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने आज मंगलवार सुबह जयपुर और कोटा में रियल एस्टेट और पान मसाला कंपनियों से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/income-tax-raids-on-real-estate-and-paan-masala-traders/article-125562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/scaled_1000422450.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने आज मंगलवार सुबह जयपुर और कोटा में रियल एस्टेट और पान मसाला कंपनियों से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। विभाग ने इन कारोबारियों और उनके सहयोगियों के 18 से अधिक ठिकानों पर यह छापेमारी की है। यह कार्रवाई सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई। जानकारी के अनुसार इनमें हाई फ्लाई रियल एस्टेट ग्रुप के 8, सिग्नेचर पान मसाला के सिद्धेश्वर गम्स के 4 और गोकुल कृपा ग्रुप और बीआरबी डेवलपर्स के 6 ठिकाने शामिल हैं। प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में कैश लेन-देन को लेकर यह कार्रवाई चल रही है। लंबे समय से इनके खिलाफ अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार कंपनियों पर एक साथ ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदने और उन्हें ब्लैक में बेचने जैसे आरोप हैं। ये कंपनियां अक्सर आसपास के इलाकों में एक साथ कई प्रॉपर्टी खरीद लेती थीं और फिर अपने हिसाब से रेट तय करती थीं। इससे मार्केट में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ जाते थे। आयकर विभाग के अधिकारी कंपनियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज खंगाल रहे हैं। फिलहाल कारवाई जारी है और इसमें जल्द बड़े खुलासे हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 15:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य के तीन शहरों में 9 ठिकानों पर आयकर छापे, चार्टेड अकाउंटेंट के ठिकानों पर भी छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[ आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा ने सोमवार अल सुबह राज्य के तीन शहरों में छापेमारी की कारवाई शुरू की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/income-tax-raids-at-9-locations-in-three-cities-of/article-120448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा ने सोमवार अल सुबह राज्य के तीन शहरों में छापेमारी की कारवाई शुरू की है। यह कारवाई भीलवाड़ा, जयपुर और कोटा में की गई है। आयकर रिटर्न में छूट के बोगस दावे करने वाले करदाताओं पर ये छापेमारी की गई है। इनमें इन तीनों शहरों के कुछ चार्टेड अकाउंटेंट के ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं।</p>
<p>फिलहाल सभी ठिकानों पर विभाग के अधिकारी कर्मचारी दस्तावेज खंगाल रहे हैं। गौरतलब है कि बोगस दावों को लेकर आयकर विभाग देशव्यापी जांच कर रहा है। इसी कड़ी में राजस्थान में भी इस कारवाई को अंजाम दिया गया है। आयकर जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 16:52:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कर्मचारी इनकम टैक्स बचाने में कर रहे गड़बड़ियां, गलत तरीके से कटौतियां क्लेम करके उठा रहे रिफंड </title>
                                    <description><![CDATA[ एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कर्मचारी  इनकम टैक्स बचाने के लिए गड़बड़ियां कर रहे हैं। गलत तरीके से कटौतियां क्लेम करके रिफंड उठा रहे हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/employees-of-alan-career-institute-are-wrongly-raising-refunds/article-117781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtro4er-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कर्मचारी  इनकम टैक्स बचाने के लिए गड़बड़ियां कर रहे हैं। गलत तरीके से कटौतियां क्लेम करके रिफंड उठा रहे हैं। यह खुलासा आयकर विभाग के उप आयकर आयुक्त रणजीत सिंह ने किया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूड  के सभागार भवन में गलत रिफंड क्लेम पर कम्पनी के चार्टड अकाउंटेंट ललित माहेश्वरी सहित अन्य विभागाध्यक्ष तथा कर्मचारियों के साथ सेमीनार का आयोजन किया गया।  जिसमें उन्होंने बताया कि एलन कॅरियर इंस्टीट्यूड के कुछ कर्मचारी  80 जीजीसी के तहत गलत तरीके से कटौतियां क्लेम करके रिफंड लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, निर्धारण वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में इस प्रकार की कटोतियां क्लेम की गई है।</p>
<p>ऐसे में उन्हें शीघ्र ही अपनी आयकर विवरणी में अपडेट कर विभागीय कार्रवाई से बचने की हिदायत दी है। इस दौरान सेमिनार में  संयक्त  आयकर आयुक्त कैलाश चन्द्र मीना, आयकर अधिकारी रामजी लाल बैरवा, आर.ए. गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, मोहन लाल मीना उपस्थित रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/employees-of-alan-career-institute-are-wrongly-raising-refunds/article-117781</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 17:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेंट और इवेंट कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर छापेमारी जारी, अब तक 7 करोड़ से ज्यादा की नगदी मिली </title>
                                    <description><![CDATA[आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा की अलग अलग टीमों ने गुरुवार अल सुबह जयपुर शहर में टेंट कारोबारी और इवेंट कंपनी से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/income-tax-raids-continue-on-the-premises-of-tent-and/article-98182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/555431.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आयकर विभाग राजस्थान की अन्वेषण शाखा की अलग अलग टीमों ने गुरुवार अल सुबह जयपुर शहर में टेंट कारोबारी और इवेंट कंपनी से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये कारवाई आज दूसरे दिन भी जारी है। कारोबारियों के 24 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ कारवाई की गई थी। इनमें बनीपार्क, झोटवाड़ा, वीकेआई, विद्याधर नगर, मालवीय नगर, राजा पार्क, आदर्श नगर शामिल हैं।</p>
<p>वहीं अब तक की कारवाई में 7 करोड़ रुपए से ज्यादा की नगदी और काफी मात्रा में ज्वैलरी भी मिली है। इसके साथ ही 2 और लॉकर्स का भी पता चला है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार आज से लॉकर्स खुलना शुरू होंगे। नकद में किए लेनदेन के डिजिटल दस्तावेज, फोन, लैपटॉप और अन्य की भी जांच होगी। इस कारवाई में करोड़ों की काली कमाई सामने आने की संभावना है। ग़ौरतलब है कि शहर के तालुका टेंट, भावना चारण, प्रितेश शर्मा, आनंद खंडेलवाल, गुंजन सिंघल, जय ओबराय कैटर्स समेत अल्ट्रा वेडिंग इवेंट से जुड़े ठिकानों पर सर्च किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 15:44:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2024 : न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं, 3 से 7 लाख रुपए की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[ मोदी सरकार 3.0 ने अपना पहला बजट पेश किया है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स को लेकर कई बदलाव किए गए है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/budget-2024-no-tax-up-to-rs-3-lakh-in/article-85636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/nirmala-sitaraman1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोदी सरकार 3.0 ने अपना पहला बजट पेश किया है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स को लेकर कई बदलाव किए गए है। </p>
<p>न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार डायरेक्ट टैक्स में पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणा की है।</p>
<p><strong>नई कर व्यवस्था के तहत, कर दर संरचना को इस प्रकार संशोधित किया जाएगा। </strong></p>
<ol>
<li>0-3 लाख रुपये तक शून्य</li>
<li>3-7 लाख रुपये तक 5%</li>
<li>7- रुपये 10 लाख तक 10%</li>
<li>10-12 लाख तक 15%</li>
<li>12-15 लाख तक 20%</li>
<li>15 लाख रुपये से अधिक पर 30% टैक्स</li>
</ol>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 13:14:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इनकम टैक्स, जीएसटी और कंपनी अधिनियम पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[सम्पूर्ण व्यापार समाधान: इनकम टैक्स, जीएसटी और कंपनी अधिनियम पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-draft--add-your-title/article-79402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/ca.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की जयपुर शाखा द्वारा सदस्यों के लिए सम्पूर्ण व्यापार समाधान: इनकम टैक्स, जीएसटी और कंपनी अधिनियम पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि सेंट्रल कॉउन्सिल मेंबर सीए प्रकाश शर्मा ने बताया कि यह सेमिनार सीए सदस्यों की पेशेवर दक्षता को बढ़ाने, उनके व्यापारिक निर्णयों को सुदृढ़ करने और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने में सहायक होगी।</p>
<p>रीजनल कॉउन्सिल मेंबर सीए अनिल यादव ने कहा कि इस तरह के विषयों पर सीए सदस्यों के लिए ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन लगातार होना चाहिए। जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए नवीन शर्मा और सचिव सीए विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सीए सदस्यों को नवीनतम कानूनी और कर संशोधनों के बारे में बेहतर जानकारी प्रदान करना है। इस सेमिनार के माध्यम से सीए सदस्य आयकर अधिनियम में ट्रस्ट पर प्रावधानों, जीएसटी नोटिस में रीसेंट मामले का  दायित्व और कंपनी अधिनियम में हुए हालिया परिवर्तनों और उनके अनुपालन की प्रक्रियाओं को गहराई से समझ सकें। इस मौके पर सीए नरेश काबरा, सीए विक्रम सर्राफ, सीए राहुल लखवानी सहित अन्य लोगों ने विचार व्यक्त किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 12:06:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरिम बजट से उम्मीदें: इनकम टैक्स, जीएसटी, रिटेल और एमएसएमई सुविधाओं का हो विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर व्यापार महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश सैनी ने कहा कि ई-कॉमर्स नियमों और डिजिटल व्यापार नीतियों पर स्पष्टता का बड़ा इंतजार है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/expectations-from-interim-budget--income-tax--gst--retail-and-msme-facilities-should-be-expanded/article-68830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(3).png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति,जयपुर। औद्योगिक एवं व्यापारिक वर्ग एक फरवरी को संसद में प्रस्तुत होने वाले अंतरिम बजट का बेताबी से इंतजार कर रहा है। कन्फेडरेशन ऑफ  ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन एवं प्राथमिकताओं के अनुसार अंतरिम बजट में खुदरा व्यापार एवं लघु उद्योगों सहित अर्थव्यवस्था के सेक्टरों में वृद्धि के लिए मजबूत नीतियों की घोषणा होगी। फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (फोर्टी) की ओर से मांग पत्र केन्द्र को भेज दिया गया है।<br /><br /><strong>रिटेल ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा</strong><br />राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य और कैट के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष गोयल ने कहा कि बजट मे आर्थिक विकास पर जोर दिए जाने की उम्मीद हैं तथा व्यापारों के लिए कर सुधार या प्रोत्साहन के माध्यम से खुदरा व्यापार को भी बढ़ावा दिए जाने की आशा है। व्यापारी उम्मीद करते हैं कि ऐसे कदम उठाए जाएँगे जो उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देनेए व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक साकारात्मक वातावरण पैदा करने में सहायक हों।<br /><br /><strong>ई-ट्रेड नीतियों पर स्पष्टता का इंतजार</strong><br />जयपुर व्यापार महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश सैनी ने कहा कि ई-कॉमर्स नियमों और डिजिटल व्यापार नीतियों पर स्पष्टता का बड़ा इंतजार है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की बढ़ती महत्वपूर्णता के साथ, व्यापारिक समुदाय संतुलित प्रतिस्पर्धा के साथ वृद्धि के अवसरों को बनाए रखने के लिए एक विनियमन ढांचा चाहता है जिसकी घोषणा बजट में हो।  <br /><br /><strong>एमएसएमई इकोनॉमी की रीढ़, इस पर विशेष फोकस की जरूरत</strong><br />-फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि एमएसएमई को विशेष फोकस दिया जाना चाहिए। इकोनोमी की रीढ यही क्षेत्र है। केन्द्र सरकार को मांग पत्र भेजा है।<br />-कुल आय की मूल छूट सीमा को मौजूदा सीमा से बढ़ाकर दस लाख किया जाए।<br />-आईटी एक्ट, 1961 धारा 80सी के अंतर्गत कटौती सीमा मौजूदा 1,50,000 रु. से बढ़ाकर 2,50,000 कर दिया जाए।<br />-स्व-अधिकृत संपत्ति के लिए आयकर अधिनियम, 1961 कर धारा24बी में कटौती की सीमा मौजूदा सीमा दो लाख से बढ़ाकर साढे तीन लाख रु. की जाए।<br />-धारा 80जीजी की कटौती सीमा में वृद्धि की जाए।<br />-नाबालिग की आय की छूट सीमा बढ़ाई जाए।<br />-टीडीएस की दरों को तर्कसंगत किया जाए।<br />-सीआईटी(ए) में अपील के निपटारे के लिए सांविधिक सयम सीमा लागू हो।<br />-सीमा शुल्क बकाया निपटान योजना शुरू की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 10:09:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आईटीआर एक और चार में बड़ा बदलाव </title>
                                    <description><![CDATA[आईटीआर.1 फॉर्म ऐसे लोगों के लिए जारी किया जाता है जिनकी आय 50 लाख रुपए तक है। साथ ही जो अन्य स्त्रोत, गृह संपत्ति से आय, वेतन, कृषि से पांच हजार रुपए तक की आय अर्जित करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-changes-in-itr-1-and-4/article-65098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/india-briefing-filing-income-tax-returns-in-india-new.jpg" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/नवज्योति, नई दिल्ली। आयकर विभाग की ओर से असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए अभी से ही आयकर भरने की सुविधा शुरू करके सभी को चौंका दिया। विभाग द्वारा आईटीआर 1 (इन आईटीआर वन) और आईटीआर 4 (इन आईटीआर चार) यानी सुगम और सहज फॉर्म जारी कर दिए हैं। जिनमें आयकर विभाग ने बड़े बदलाव किए। अब से करदाताओं को अपने सभी बैंक खाते की जानकारी और साल भर में नकदी के लेनदेन की जानकारी भी देनी होगी। नया आईटीआर फॉर्म भी जारी किया जा चुका है।<br /><br /><strong>कौन दाखिल करेगा आईटीआर.1 और आईटीआर.4</strong><br />आईटीआर.1 फॉर्म ऐसे लोगों के लिए जारी किया जाता है जिनकी आय 50 लाख रुपए तक है। साथ ही जो अन्य स्त्रोत, गृह संपत्ति से आय, वेतन, कृषि से पांच हजार रुपए तक की आय अर्जित करते हैं। <br /><br />ऐसे सभी करदाताओं को अपने आईटीआर में अपने सभी बैंक खाते का विवरण देना होगा। इसके अलावा आईटीआर.4 हिन्दू अविभाजित परिवार, सीमित देनदारी भागीदारी वाली कंपनियां ये फॉर्म भरेगी। जिनकी टोटल इनकम बिजनेस और पेशे से 50 लाख रुपए है। फॉर्म में इस बार अलग से कॉलम जोड़ा जा रहा है। जिसमें साल भर नकदी का ब्योरा देना होगा। इसके पहले पिछले साल इसमें क्रिप्टोकरंसी के लिए एक अलग से कॉलम जोड़ा गया था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार पहले से भरी जानकारियों के साथ आईटीआर.1 और आईटीआर.4 फॉर्म आॅनलाइन उपलब्ध रहेगा। पहले से भरे डाटा में कुल बचतए कुल आय, टीडीएस जैसी जानकारी दर्ज रहेगी। कर्मचारियों को फॉर्म 16 में दर्ज जानकारी और फॉर्म 26 एएस के साथ मैच करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/big-changes-in-itr-1-and-4/article-65098</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Dec 2023 09:54:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>6.40 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल</title>
                                    <description><![CDATA[ आयकर आंकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के अंतिम दिन आज शाम चार बजे तक 6.40 करोड से अधिक रिटर्न दाखिल किये जा चुके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/over-640-crore-income-tax-returns-filed/article-53256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आयकर आंकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के अंतिम दिन आज शाम चार बजे तक 6.40 करोड से अधिक रिटर्न दाखिल किये जा चुके हैं। आयकर विभाग ने एक ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी और कहा कि शाम 4.00 बजे तक 26.74 लाख रिटर्न दाखिल किये गये हैं। इसमें से 3.84 लाख रिटर्न पिछले एक घंटे में दाखिल हुये हैं। कल तक कुल मिलाकर 6.13 करोड़ रिटर्न दाखिल किये गये थे। इस तरह से कुल मिलाकर 6.40 करोड़ रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Income Tax Department scales a new peak!<br /><br />More than 6.50 crore ITRs have been filed so far (31st July), out of which about 36.91 lakh ITRs have been filed today till 6 pm!<br /><br />We have witnessed more than 1.78 crore successful logins on the e-filing portal till 6 pm, today.<br /><br />To… <a href="https://t.co/urB0d3SMIC">pic.twitter.com/urB0d3SMIC</a></p>
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) <a href="https://twitter.com/IncomeTaxIndia/status/1686000680606269440?ref_src=twsrc%5Etfw">July 31, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>उसने कहा कि शाम 6.30 बजे तक आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले पोर्टल पर 1.30 करोड़ से अधिक लॉगइन किया गया। आयकर विभाग कई बार कह चुका है कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि में आगे नहीं बढ़ायी जायेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 20:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>पांच करोड़ करदाताओं ने आइटीआर फाइल किया, 31 जुलाई है आखिरी तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[ आयकर विभाग ने बताया है कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आइटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या बीते साल की तुलना में तेजी से बढ़ी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/five-crore-taxpayers-filed-itr/article-53099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/15415.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आयकर विभाग ने बताया है कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आइटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या बीते साल की तुलना में तेजी से बढ़ी है। 27 जुलाई तक 5 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने आइटीआर दाखिल कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आयकर विभाग ने करदाताओं से कहा है कि समय रहते आइटीआर हर हाल में दाखिल कर लें। आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील करते हुए कहा है वह तय तारीख 31 जुलाई 2023 से पहले आइटीआर जरूर फाइल कर दें। विभाग ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि हम पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3 दिन पहले ही 5.03 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) के लक्ष्य हासिल कर चुके हैं। इस साल 27 जुलाई को 5 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने आइटीआर दाखिल कर दिया है। जबकि, पिछले वर्ष यह आंकड़ा 30 जुलाई को पूरा हुआ था। विभाग के अनुसार 27 जुलाई 2023 तक दाखिल किए गए 5.03 करोड़ आईटीआर में से लगभग 4.46 करोड़ आईटीआर को ई-सत्यापित किया जा चुका है। यानी दाखिल किए गए 88% से अधिक आईटीआर को ई-वेरीफाई हो चुके हैं। जबकि, ई-वेरीफाई आईटीआर में से 2.69 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही प्रॉसेस के लिए आगे बढ़ा दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Jul 2023 11:04:58 +0530</pubDate>
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