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                <title>nasa - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>अमेरिकी जमीन से टकराया 7 टन का उल्कापिंड: हिली धरती, सैकड़ों किमी तक दिखा आग का गोला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के ओहायो में दिन के उजाले में एक विशाल उल्कापिंड के धमाके ने सबको चौंका दिया। 72,400 किमी/घंटा की रफ्तार से आए इस पिंड ने 250 टन TNT के बराबर ऊर्जा छोड़ी। बिना किसी पूर्व चेतावनी के डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर वायुमंडल में घुसे इस मलबे ने अंतरिक्ष सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/7-ton-meteorite-hits-american-land-earth-shakes-ball-of/article-147160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/america1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। उल्कापिंड रोजाना धरती के वायुमंडल में टकराते हैं और अक्सर इन रात के समय चमकीली रोशनी के साथ देखा गया है। लेकिन अमेरिका के ओहायो राज्य स्थित क्लीवलैंड में मंगलवार को जो हुआ, उसने वहां रहने वाले लोगों को चौंका दिया। स्थानीय लोगों ने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी तो किसी ने इसकी तुलना शक्तिशाली विस्फोट से की। यह एक शक्तिशाली उल्कापिंड था। इससे भी खास बात ही इसे दिन के समय देखा गया, जब वे लगभग पूरी तरह से अदृश्य रहते हैं। सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे लोगों ने भी इस आग के गोले को देखने की बात कही, जबकि उस समय सुबह के 9 बजे रहे थे। अमेरिकन मेटेयॉर सोसाइटी ने बताया कि उसे विसकॉन्सिन से लेकर मैरीलैंड तक के इलाके से उल्कापिंड के देखे जाने की रिपोर्ट मिली है।</p>
<p><strong>7 टन था उल्कापिंड का वजन</strong></p>
<p>अमेरिकी स्पेस एजेंसी के मेटेरॉयड पर्यावरण कार्यालय ने पुष्टि की की यह वस्तु एक ठोस क्षुद्रग्रह थी, जिसका व्यास लगभग 6 फीट और वजन 7 टन था। कहा गया कि यह वस्तु लगभग 72400 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से धरती के वायुमंडल में दाखिल हुई। सबसे पहले उल्कापिंड को लोरेन के पास लेक एरी से लगभग 80 किमी ऊपर देखा गया। ऊपरी वायुमंडल से गुजरते हुए यह तेजी से दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ गया।</p>
<p><strong>250 टीएनटी के बराबर का धमाका</strong></p>
<p>यह उल्कापिंड ओहायो से लगभग 48 किमी ऊपर टूटकर बिखरा को इसमें से निकलने वाली ऊर्जा विनाशकारी थी। ठअरअ ने अनुमान लगाया है कि हवा में हुए इस धमाके से 250 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा निकली। यह एक बहुत बड़े मिलिट्री ग्रेड धमाके के बराबर है। इसकी चमक इतनी शक्तिशाली थी कि कम से वॉशिंगटन डीसी समेत 10 अमेरिकी राज्यों और कनाडा के ओंटारियो में भी लोगों ने इसे देखा।  अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर खगोल वैज्ञानिक कार्ल हर्गेनरोथन ने कहा कि यह सच में आग के गोले जैसा दिख रहा था। क्लीवलैंड में नेशनल वेदर सर्विस के स्टाफ ने भी जोरदार धमाके की आवाज सुनी और कंपन महसूस किया।</p>
<p><strong>धरती के लिए खतरा</strong></p>
<p>इस उल्कापिंड को लेकर सबसे चिंता की बात है कि किसी को इसके आने की खबर तक नहीं लगी। नासा और दूसरी एजेंसियों धरती के करीब से गुजरने वाली हर चीज पर नजर रखती हैं, लेकिन इसका पता नहीं लगा सकतीं। यह धरती के प्लेनेटरी डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अंदर घुस आया। इससे आगे के लिए यह खतरा बना रहेगा कि 250 टन टीएनटी के बराबर धमाका करने की क्षमता रखने वाला कोई पत्थर बिना किसी चेतावनी के आबादी वाले इलाके से टकरा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:06:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Surya Grahan 2026: आज आसमान में दिखेगा गजब नजारा, होगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें क्या भारत में पड़ेगा इसका असर या नहीं ?</title>
                                    <description><![CDATA[आज 17 फरवरी, 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण है, जिसे वैज्ञानिक रूप से 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/surya-grahan-2026-an-amazing-sight-will-be-seen-in/article-143543"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/surya-grahan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आज 17 फरवरी, 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण है, जिसे वैज्ञानिक रूप से 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस घटना में चंद्रमा सूर्य के बीच के हिस्से को ढक लेता है, जिससे सूर्य के किनारे एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखाई देते हैं।</p>
<p><strong>भारत में स्थिति और समय</strong></p>
<p>खगोलीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा और शाम 7:57 बजे समाप्त होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहाँ किसी भी प्रकार का सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।</p>
<p><strong>सावधानियां और महत्व</strong></p>
<p>भले ही यह भारत में न दिखे, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह सूर्य की संरचना के अध्ययन का बड़ा अवसर है। जहाँ यह दृश्यमान है, वहाँ इसे नंगी आँखों से देखना खतरनाक हो सकता है; इसके लिए विशेष फिल्टर या चश्मों की आवश्यकता होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 16:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्टेमिस-कक मिशन : चार एस्ट्रोनॉट्स चंद्रमा के चारों ओर बनाएंगे विशाल, 4 अंतरिक्ष यात्री ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से उड़ान भरेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[नासा का आर्टेमिस-2 मिशन फरवरी 2026 में संभावित है। चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन यान से चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरेंगे और भविष्य के लूनर अभियानों की नींव रखेंगे ऐतिहासिक।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/artemis-cuck-mission-will-carry-four-astronauts-around-the-moon-giant/article-141392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/(1200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नासा का आर्टेमिस-कक मिशन इतिहास रचने वाला है। 50 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के आसपास जाएंगे। यह मिशन अक्टूबर 2022 में हुए अनक्रूड आर्टेमिस-क के बाद पहला मानवयुक्त मिशन है। चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से उड़ान भरेंगे। लॉन्च की तारीख फरवरी 2026 की शुरूआत में संभावित है (सबसे पहले 6 फरवरी), लेकिन अभी फाइनल नहीं हुई। क्रू अभी क्वारंटाइन में हैं।</p>
<p>सुरक्षा टेस्ट: ओरियन के हीट शील्ड 40,000 किमी/घंटा की स्पीड से एंट्री पर 2760 डिग्री सेंटीग्रेड तक गर्म होगा - यह चेक होगा। <br />रिकॉर्ड: अंतरिक्ष यात्री अपोलो-13 से ज्यादा दूर (230,000+ मील) जाएंगे। <br />चंद्रमा का नजारा: फार साइड से अर्थराइज (पृथ्वी का उगना) देखेंगे, क्रेटर्स का क्लोज व्यू।  <br />भविष्य की तैयारी: आर्टेमिस-ककक में पहली महिला और रंगीन व्यक्ति चंद्रमा पर उतरेंगे। यह मिशन लूनर बेस और मंगल मिशन की नींव रखेगा। आर्टेमिस-कक मानवता को फिर से चंद्रमा के करीब ले जाएगा। यह सिर्फ उड़ान नहीं, बल्कि नई स्पेस एरा की शुरूआत है।</p>
<p><strong>मिशन का रास्ता क्या है? फिगर-8 क्यों?</strong></p>
<p>यह कोई सीधी उड़ान नहीं है। अंतरिक्ष यात्री फिगर-8 (आठ जैसा बड़ा लूप) बनाएंगे। इसे फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी कहते हैं।</p>
<p><strong>कैसे काम करता है?  </strong></p>
<p>लॉन्च के बाद: एसएलएस रॉकेट ओरियन को पृथ्वी की ऊंची एलिप्टिकल आॅर्बिट में डालेगा।  <br />पहले 24 घंटे: पृथ्वी की ऊंची आॅर्बिट (लगभग 70,000 किमी तक) में रहेंगे। यहां ओरियन के लाइफ सपोर्ट सिस्टम, हीट शील्ड आदि की जांच होगी। अगर कोई समस्या हो तो जल्दी वापस आ सकते हैं।<br />ट्रांस-लूनर इंजेक्शन: इंजन जलाकर चंद्रमा की ओर भेजा जाएगा। यह 4 दिन की यात्रा होगी।<br />चंद्रमा के पास: चंद्रमा की ग्रैविटी से स्लिंगशॉट इफेक्ट होगा। स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के फार साइड (पीछे वाले हिस्से) से गुजरेगा, 6000 से 10000 किमी ऊपर। यहां से फिगर-8 का लूप पूरा होगा।  <br />वापसी: चंद्रमा की ग्रैविटी खुद ही स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की ओर मोड़ देगी। अगर इंजन फेल भी हो जाएं, तो ग्रैविटी के कारण सुरक्षित वापस आएंगे - कोई अतिरिक्त बर्न की जरूरत नहीं।<br />यह ट्रैजेक्टरी सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अपोलो मिशन्स में भी यही इस्तेमाल हुआ था। यह फिजिक्स का कमाल है - ग्रैविटी खुद सेफ्टी नेट बन <br />जाती है।</p>
<p><strong>कू्र मेंबर कौन हैं? </strong></p>
<p>कमांडर: रीड वाइजमैन - अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री।  <br />पायलट: विक्टर ग्लोवर -अमेरिकी।<br />मिशन स्पेशलिस्ट: क्रिस्टिना कोच - अमेरिकी।<br />मिशन स्पेशलिस्ट: जेरेमी हैंसेन- कनाडाई स्पेस एजेंसी के पहले अंतरिक्ष यात्री जो चंद्रमा के पास जाएंगे।<br />यह टीम चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरेगी, लेकिन लैंडिंग नहीं करेगी। मिशन कुल 10 दिन का होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 11:15:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नासा को मिली बड़ी कामयाबी, जेम्स वेब टेलीस्कोप से डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा बनाया। अध्ययन से ब्रह्मांडीय संरचना और गुरुत्वीय लेंसिंग की नई समझ मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nasa-gets-a-big-success-the-most-detailed-map-of/article-141102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। वैज्ञानिकों ने नासा के जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से अंतरिक्ष में डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार किया है। यह शोध ब्रिटेन की डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की टीम ने किया है। डार्क मैटर को ब्रह्मांड की सबसे बड़ी पहेलियों में से एक माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मांड में मौजूद कुल पदार्थ का बड़ा हिस्सा डार्क मैटर ही है, लेकिन यह न तो देखा जा सकता है और न ही यह रोशनी को उत्सर्जित, परावर्तित या अवशोषित करता है। यही वजह है कि सामान्य दूरबीनों से इसे सीधे देखना संभव नहीं है।</p>
<p>डार्क मैटर का द्रव्यमान (मास) जरूर होता है और इसी कारण इसमें गुरुत्वाकर्षण शक्ति होती है। वैज्ञानिकों ने इसी गुण का उपयोग कर इसका नक्शा तैयार किया। डार्क मैटर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति दूर स्थित आकाशगंगाओं से आने वाली रोशनी को मोड़ देती है, जिससे वे आकाशगंगाएं टेढ़ी-मेढ़ी या विकृत दिखायी देती हैं। इस प्रक्रिया को गुरुत्वीय लेंसिंग कहा जाता है।</p>
<p>लगभग 10 लाख दूरस्थ आकाशगंगाओं की आकृति और रोशनी में आए इस बदलाव को मापकर वैज्ञानिक यह पता लगाने में सफल रहे कि डार्क मैटर कहां है और उसकी मात्रा कितनी हो सकती है। डरहम विश्वविद्यालय के कम्प्यूटेशनल कॉस्मोलॉजी प्रोफेसर रिचर्ड मेसी ने कहा कि कई दूर की आकाशगंगाएं असामान्य आकार में दिखाई देती हैं और यह इस बात का संकेत है कि उनके सामने डार्क मैटर मौजूद है। उन्होंने कहा कि इसी तरीके से जेम्स वेब टेलीस्कोप डार्क मैटर को देख पाता है, भले ही वह स्वयं अदृश्य हो।</p>
<p>इस नए नक्शे से यह भी पुष्टि हुई है कि डार्क मैटर बेतरतीब ढंग से फैला नहीं है, बल्कि वह उन संरचनाओं से गहराई से जुड़ा है, जिन्हें हम ब्रह्मांड में देख सकते हैं। जिस क्षेत्र का अध्ययन किया गया है, वह सेक्सटैंस तारामंडल में स्थित है। इस हिस्से का अध्ययन पहले भी किया गया था, लेकिन इतनी बारीकी से कभी नहीं। यह क्षेत्र पृथ्वी से दिखाई देने वाले पूर्ण चंद्रमा की चौड़ाई से लगभग ढाई गुना बड़ा है।</p>
<p>डरहम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता गैविन लिरॉय ने कहा कि पहले के नक्शे ऐसे थे जैसे धुंधले शीशे से डार्क मैटर को देखना, लेकिन जेम्स वेब टेलीस्कोप के उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़ों से अब तस्वीर कहीं ज्यादा साफ हो गयी है। जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से इस बार लगभग 10 लाख आकाशगंगाओं की पहचान की जा सकी, जो हबल टेलीस्कोप के सबसे गहरे सर्वेक्षण से भी दोगुनी है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह नक्शा भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और ब्रह्मांड को समझने के प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 18:47:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल इमरजेंसी पर अंतरिक्ष यात्री को पृथ्वी पर भेजे जाने का पहला मामला, नासा ने 25 साल में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से कराया इमरजेंसी इवैक्यूएशन</title>
                                    <description><![CDATA[नासा ने 25 साल में पहली बार मेडिकल इमरजेंसी के कारण चार अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसएक्स ड्रैगन से सुरक्षित पृथ्वी पर उतारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/first-case-of-astronaut-being-sent-to-earth-due-to/article-139754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/nasa.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। नासा ने 25 साल के इतिहास में पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अंतरिक्ष यात्रियों का इमरजेंसी इवैक्यूएशन कराया है। इस इवैक्यूएशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को गुरुवार को प्रशांत महासागर में उतारा गया। अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी तक लाने के लिए स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल एंडेवर का इस्तेमाल किया गया। इस यात्रा में उन्हें 11 घंटे का समय लग। स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल एंडेवर भारतीय समयानुसार 2.11 बजे सैन डिएगो के तट पर उतरा। नासा ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से कुल चार अंतरिक्ष यात्रियों का इवैक्यूएशन किया है। </p>
<p>इनमें जेना कार्डमैन, माइक फिंके, किमिया यूई और ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं। अगस्त 2025 में अंतरिक्ष में गए कार्डमैन, फिंके, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लातोनोव को फरवरी 2026 के अंत तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहना था। लेकिन, 7 जनवरी 2026 को नासा ने कार्डमैन और फिंके की अगले दिन होने वाली स्पेसवॉक अचानक रद्द कर दी और बाद में टीम की जल्द वापसी की घोषणा की।</p>
<p><strong>अंतरिक्ष यात्रियों का इमरजेंसी इवैक्यूशन क्यों हुआ</strong></p>
<p>दरअसल, अगस्त 2025 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक की तबीयत खराब हो गई थी। यह मेडिकल इमरजेंसी पड़ने पर किसी अंतरिक्ष यात्री को नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) द्वारा पृथ्वी पर भेजे जाने का पहला मामला है। अधिकारियों ने उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान बताने से इनकार कर दिया जिसे चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत है और ना ही यह बताया गया कि उसे क्या दिक्कत हुई है।</p>
<p><strong>कमांडर ने क्या कहा</strong></p>
<p>इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के निवर्तमान कमांडर माइक फिंके ने इस सप्ताह की शुरूआत में सोशल मीडिया पर कहा था कि बीमार अंतरिक्ष यात्री की हालत स्थिर है और उसकी देखभाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने का फैसला सोच-समझकर लिया गया ताकि पृथ्वी पर सही चिकित्सकीय आकलन हो सके। नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन ने पृथ्वी पर वापसी की यात्रा से पहले कहा, हमारे प्रस्थान का समय अप्रत्याशित है लेकिन मेरे लिए जो बात आश्चर्यजनक नहीं थी, वह यह थी कि इस दल ने एक परिवार की तरह एक-दूसरे की मदद की और एक-दूसरे का ख्याल रखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नासा ने बंद किए अपने सभी ऑपरेशन : सरकार से फंडिंग बंद होने के कारण हुआ ऐसा, वेबसाइट पर दी सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[यह शटडाउन 1 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ है, जब अमेरिकी कांग्रेस बजट या अस्थायी फंडिंग पारित करने में असफल रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nasa-closed-all-its-operations-due-to-the-closure-of/article-128682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/nasa---copy.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने सभी ऑपरेशन फिलहाल बंद कर चुकी है। सरकार से फंडिंग बंद होने के कारण इसकी वेबसाइट पर सूचना दी गई है कि एजेंसी "अगले आदेश तक बंद रहेगी।</p>
<p>यह शटडाउन 1 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ है, जब अमेरिकी कांग्रेस बजट या अस्थायी फंडिंग पारित करने में असफल रही। नासा समेत कई सरकारी एजेंसियों के हजारों कर्मचारी बिना वेतन छुट्टी पर हैं। केवल जीवन व संपत्ति सुरक्षा से जुड़े काम जारी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 10:36:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुशखबरी : सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद धरती पर लौटेंगी, नासा ने की पुष्टि; जानें किस समय करेगी लैंड</title>
                                    <description><![CDATA[इलॉन मस्क ने हाल में एक वीडियो शेयर किया है। इसमें सुनीता और विलमोर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मस्क के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/good-news-sunita-williams-will-return-to-earth-today-nasa/article-107792"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(6)15.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। नासा ने ऐस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर के पृथ्वी पर लौटने की तिथि की पुष्टि कर दी है। वे नौ महीने अंतरिक्ष में रहने के बाद वापस लौटेंगे। सुनीता ने कहा कि मैं शीघ्र ही आ रही हूं। नासा ने कहा कि वे 19 मार्च (जीएमटी के अनुसार) को पृथ्वी पर लौट रहे हैं। </p>
<p><strong>क्रू ड्रैगन नामक अंतरिक्ष यान से लौटे रहे हैं</strong><br />सुनीता विलियम्स और विलमोर स्पेश एक्स क्रू ड्रैगन नामक अंतरिक्ष यान से लौटे रहे हैं। यह यान इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन से सफलता पूर्वक जुड़ गया। उनके साथ एक अन्य अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट और रूसी कॉस्मोनॉट भी लौटेंगे।<br /><br /><strong>सुनीता विलियम्स पृथ्वी के लिए रवाना </strong><br />नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और विलमोर आखिरकार इंटरनेशनल स्पेस सेंटर से पृथ्वी के लिए 18 मार्च को रवाना हुए। नासा अनडॉकिंग प्रक्रिया का लाइव प्रसारण कर रहा है, जिसे आप वीडियो में देख सकते हैं। 8 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पर गईं सुनीता तकनीकी खामियों के चलते 9 महीने तक आईएसएस में रहीं। उन्हें पृथ्वी पर आने में 17 घंटे लगेंगे। 19 मार्च को सुबह 3.27 बजे उनका स्पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा के तट पर लैंड होगा। </p>
<p><strong>नौ महीने से फंसे हैं </strong><br />उल्लेखनीय है कि दोनों ऐस्ट्रोनॉट शुरुआत में इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन के लिए गत वर्ष पांच जून को रवाना हुए थे। लेकिन उनके यान में प्रोपल्शन की गड़बड़ी के कारण वह अंतरिक्ष क्राफ्ट पृथ्वी पर लौटने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। वे तब से अंतरिक्ष स्टेशन पर ही फंसे रहे। नासा ने बताया कि उन्हें लेकर लौट रहे यान स्पेश एक्स क्रू ड्रैगन का अंतरिक्ष स्टेशन पर आना एक रूटीन मिशन था। इस पर दस क्रू मेंबर थे। वह रविवार को 12.04 बजे अंतरिक्ष स्टेशन से सफलता पूर्वक जुड़ गया। </p>
<p><strong>मस्क ने वीडियो किया शेयर</strong><br />इलॉन मस्क ने हाल में एक वीडियो शेयर किया है। इसमें सुनीता और विलमोर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मस्क के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि नौ माह तक अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद वे ट्रम्प और मस्क की सहायता से ही धरती पर लौट रहे हैं। मस्क ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर क्लिप पोस्ट की। इसका कैप्शन था-अंतरिक्ष में फंसे नासा के ऐस्ट्रोनॉट ने ट्रम्प और मस्क को धन्यवाद दिया। 25 सेकंड के इस वीडियो में सुनीता कह रही है, हम शीघ्र ही वापस लौट रहे हैं। विलमोर भी अपनी कृतज्ञता घोषित करते हैं। वे कहते हैं, हम राष्ट्रपति ट्रम्प और मस्क के प्रति कृतज्ञ हैं। उनके लिए हमारे दिलों में अगाध सम्मान है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 11:21:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने विज्ञान उपकरण पहुंचाने के लिए निजी चंद्र लैंडर किया लॉन्च : नासा के सेंटर से स्पेसएक्स फाल्कन रॉकेट पर हुआ रवाना, चंद्रमा पर रहेगा एक सप्ताह </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी कंपनी इंटुएटिव मशीन्स ने चंद्रमा पर यूएस नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के विज्ञान पेलोड पहुंचाने के लिए अपना दूसरा चंद्र मिशन लॉन्च किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-launched-a-private-lunar-lander-to-deliver-science-equipment%C2%A0/article-105764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/2257rtrer-(13).png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिल्स। अमेरिकी कंपनी इंटुएटिव मशीन्स ने चंद्रमा पर यूएस नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के विज्ञान पेलोड पहुंचाने के लिए अपना दूसरा चंद्र मिशन लॉन्च किया।</p>
<p>मिशन, जिसका कोडनेम आईएम-2 है, फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर रवाना हुआ। प्रक्षेपण  के बाद इंटुएटिव मशीन्स का चंद्र लैंडर, एथेना, छह मार्च से पहले चंद्र सतह पर उतरने से पहले चंद्रमा पर पारगमन में लगभग एक सप्ताह बितायेगा।</p>
<p>नासा के अनुसार, लैंडर वैज्ञानिक उपकरणों से भरा हुआ है और चंद्रमा के पर्यावरण को और समझने के लिए नासा की विज्ञान जांच और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों को ले जायेगा और चंद्रमा की सतह पर भविष्य के मानव मिशनों की तैयारी में मदद करेगा।</p>
<p>आईएम-2 चंद्र गतिशीलता, संसाधन पूर्वेक्षण और उप-सतह सामग्री से अस्थिर पदार्थों के विश्लेषण को प्रदर्शित करने के लिए तैयार है, जो पृथ्वी से परे जल स्रोतों को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंटुएटिव मशीनों के अनुसार, चंद्र सतह और अंतरिक्ष दोनों पर स्थायी बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए एक प्रमुख घटक है।</p>
<p>पिछले साल, इंटुएटिव मशीन्स ने इतिहास रचा जब इसके पहले चंद्र लैंडर ओडीसियस ने चंद्र सतह पर एक नरम टचडाउन किया, जो 50 से अधिक वर्षों में चंद्र सतह पर उतरने वाला पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान था।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 15:15:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर4 पृथ्वी के लिए खतरा नहीं : नासा ने की पुष्टि, निरीक्षण रहेगा जारी </title>
                                    <description><![CDATA[नासा ने क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर4 2032 या उसके बाद पृथ्वी के लिए कोई महत्वपूर्ण खतरा नहीं होने की पुष्टि की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/asteroid-2024-yr4-no-threat-to-earth-nasa-will-continue/article-105665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/nasa.png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजेल्स। नासा ने क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर4 2032 या उसके बाद पृथ्वी के लिए कोई महत्वपूर्ण खतरा नहीं होने की पुष्टि की है। पृथ्वी के निकट स्थित क्षुद्रग्रह को पहली बार पिछले साल दिसंबर में खोजा गया था। विशेषज्ञों ने पहले अनुमान लगाया था कि क्षुद्रग्रह के हमारे ग्रह से टकराने की संभावना तीन प्रतिशत है, लेकिन पिछले सप्ताह इस संभावना को घटाकर 0.28 प्रतिशत कर दिया।</p>
<p>सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज ने कहा कि आगे के अवलोकनों के बाद, नासा ने 22 दिसंबर, 2032 को इसके प्रभाव की संभावना को केवल 0.004 प्रतिशत तक अपडेट किया।</p>
<p>फिलहाल, नासा क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर4 का निरीक्षण करना जारी रखेगा। एजेंसी ने कहा कि क्षुद्रग्रह के अवलोकन ने ग्रहीय रक्षा विधियों को आगे बढ़ाने और प्रभाव भविष्यवाणी प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 17:13:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरिक्ष में फंसे यात्रियों को वापस लाने की योजना बना रहा नासा : उड़ान अब पहले उड़ाए गए ड्रैगन का करेगी उपयोग, टीमें अंतरिक्ष यान के हार्डवेयर के आकलन को पूरा करने के लिए कर रही काम</title>
                                    <description><![CDATA[नासा और स्पेसएक्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से आने वाले आगामी क्रू रोटेशन मिशनों के लिए लक्ष्य प्रक्षेपण और वापसी की तारीखों में तेजी ला रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nasa-flight-plans-to-bring-back-the-passengers-trapped-in/article-104052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/nasa.png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिल्स। नासा और स्पेसएक्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से आने वाले आगामी क्रू रोटेशन मिशनों के लिए लक्ष्य प्रक्षेपण और वापसी की तारीखों में तेजी ला रहे हैं, जो एजेंसी के फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को घर वापस लाएगा। नासा ने कहा कि एजेंसी का क्रू-10 प्रक्षेपण अब मिशन की तैयारी और एजेंसी की उड़ान तैयारी प्रक्रिया के प्रमाणीकरण के पूरा होने के बाद 12 मार्च को लक्षित है।</p>
<p>क्रू-9 मिशन के नए आए क्रू-10 चालक दल के साथ कई दिनों की हैंडओवर अवधि के बाद पृथ्वी पर लौटने की योजना बनाई गई है। इस मिशन में विलियम्स, विल्मोर, नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग के साथ-साथ रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव शामिल हैं। क्रू-10 की पिछली लॉन्च तिथि मार्च के अंत की थी। क्रू-10 मिशन नासा के अंतरिक्ष यात्रियों ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव को अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जाएगा।</p>
<p>नासा के अनुसार क्रू-10 मिशन के लिए नए ड्रैगन अंतरिक्ष यान को उड़ाने के लिए एजेंसी की मूल योजना को समायोजित करने के मिशन प्रबंधन के निर्णय के बाद पहले लॉन्च का अवसर उपलब्ध है, जिसके लिए अतिरिक्त प्रसंस्करण समय की आवश्यकता होती है। उड़ान अब पहले उड़ाए गए ड्रैगन का उपयोग करेगी और संयुक्त टीमें अंतरिक्ष यान के पहले उड़ाए गए हार्डवेयर के आकलन को पूरा करने के लिए काम कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह एजेंसी के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम की सुरक्षा और प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करता है। विलियम्स और विल्मोर पिछले साल जून से बोइंग के स्टारलाइनर की तकनीकी समस्याओं के कारण अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं, जो उन्हें आईएसएस तक ले गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 15:35:17 +0530</pubDate>
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                <title>अंतरिक्ष यात्रियों को जल्द वापस लाएगा नासा : सुरक्षित वापसी के लिए स्पेसएक्स के साथ कर रहा काम, हैंडओवर पूरा करने के लिए क्रू-10 के लॉन्च की भी तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी अंतरिक्ष एजेन्सी नासा ने कहा कि वह एजेंसी के फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को “जितनी जल्दी व्यावहारिक होगा” सुरक्षित रूप से घर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ काम कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nasa-will-soon-bring-back-astronauts-with-spacex-for-safe/article-102537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/nasa.png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिल्स। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेन्सी नासा ने कहा कि वह एजेंसी के फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को “जितनी जल्दी व्यावहारिक होगा” सुरक्षित रूप से घर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ काम कर रहा है। नासा ने ‘एक्स’ पर कहा कि “नासा और स्पेसएक्स एजेंसी के स्पेसएक्स क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं, साथ ही अभियानों के बीच हैंडओवर पूरा करने के लिए क्रू-10 के लॉन्च की भी तैयारी कर रहे हैं।”</p>
<p>नासा और स्पेसएक्स क्रू-10 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में लॉन्च करने के लिए मार्च 2025 के अंत से पहले लक्ष्य बना रहे हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव के साथ एजेंसी का स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन कक्षीय प्रयोगशाला में क्रू-10 के आगमन के बाद पृथ्वी पर वापस आएगा।</p>
<p>विलियम्स और विल्मोर पिछले साल जून से बोइंग के स्टारलाइनर की तकनीकी समस्याओं के कारण अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं, जो उन्हें आईएसएस तक ले गया था। नासा की पिछली योजना इन्हें फरवरी में वापस लाने की थी, लेकिन क्रू-10 के नए प्रक्षेपण कार्यक्रम का मतलब है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री कम से कम एक महीना और अंतरिक्ष में रहेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 18:24:13 +0530</pubDate>
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                <title>यूएपी पर अध्ययन के लिए नासा ने मार्क मैकइनर्नी को किया नियुक्त </title>
                                    <description><![CDATA[ नासा ने एक बयान जारी कर के बताया कि यूएपी अनुसंधान के लिए नासा के निदेशक के रूप में मार्क मैकइनर्नी को नियुक्त किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nasa-appoint-of--mark-mcinerney-for-study-at-uap/article-57175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/nasa---copy.png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजेल्स। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेन्सी नासा ने घोषणा की है कि उसने अज्ञात विसंगतिपूर्ण घटना (यूएपी) पर अध्ययन के लिए एक निदेशक नियुक्त किया है। नासा ने एक बयान जारी कर के बताया कि यूएपी अनुसंधान के लिए नासा के निदेशक के रूप में मार्क मैकइनर्नी को नियुक्त किया गया है। वह भविष्य के यूएपी के मूल्यांकन के लिए एक मजबूत डेटाबेस स्थापित करने के लिए संचार, संसाधनों और डेटा विश्लेषणात्मक क्षमताओं को केंद्रीकृत करेंगे।</p>
<p>नासा के अनुसार वह यूएपी पर व्यापक सरकारी पहल को समर्थन देने और बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और अंतरिक्ष-आधारित अवलोकन उपकरणों में नासा की विशेषज्ञता का भी लाभ उठाएंगे। यह कदम यूएपी को समझने में अधिक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए नासा के लिए एक स्वतंत्र अध्ययन दल की सिफारिश पर उठाया गया है। टीम यूएपी के अध्ययन के संभावित तरीकों से संबंधित मामलों पर विभिन्न क्षेत्रों में 16 सामुदायिक विशेषज्ञों की परामर्शदाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 15 Sep 2023 12:16:03 +0530</pubDate>
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