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                <title>20 साल कॉलेज में पढ़ाने के बाद चला रहे ऑटो </title>
                                    <description><![CDATA[अगर कोई ऑटो चालक आपसे बहुत ही विनम्र तरीके से अंग्रेजी में बात करे तो आपको आश्चर्य तो होगा। बेंगलुरु की निकिता अय्यर ने ऐसा ही वाक्या साझा किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karnataka-one-man-driving-auto-after-20-years-teach-in-college/article-7044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/auto-driver-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलूरू। अगर कोई ऑटो चालक आपसे बहुत ही विनम्र तरीके से अंग्रेजी में बात करे तो आपको आश्चर्य तो होगा। बेंगलुरु की निकिता अय्यर ने ऐसा ही वाक्या साझा किया है। निकिता को अपने कार्यालय पहुंचने में देर हो रही थी, जो शहर के दूसरे छोर पर था। वह किसी वाहन का इंतजार कर रही थी। तभी एक ऑटो आकर रुका और उसका चालक जो 74 वर्षीय बुजुर्ग था, बड़े ही विनम्र शब्दों में अंग्रेजी में बोला कृपया अंदर आइए मैडम, आप जो चाहें भुगतान कर सकती हैं। इस वृद्ध के व्यवहार से अय्यर हैरान रह गई और उसने उत्सुकता से उससे पूछा कि वह इतनी अच्छी अंग्रेजी कैसे बोलते हैं। पताबी रमन ने जवाब दिया कि वह एक अंग्रेजी व्याख्याता हुआ करता था और उसने एमए और एम एड किया है। रमन ने तुरंत अय्यर से सवाल किया कि क्या आप मुझसे पूछने जा रहे हैं कि मैं ऑटो क्यों चला रहा हूं।</p>
<p><strong>कर्नाटक में नहीं मिली नौकरी</strong><br />रमन ने बताया कि वह 14 साल से ऑटो-रिक्शा चला रहा है। जाति के कारण कर्नाटक में नौकरी नहीं मिलने के कारण वह मुंबई चले गए और वहां के पवई कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाते थे। उन्होंने वहां 20 साल तक काम किया और 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो गए।</p>
<p><strong>700-1500 रुपए रोज कमा लेते हैं</strong><br />रमन ने बताया कि शिक्षकों को अच्छा वेतन नहीं मिलता है। आप अधिकतम 10 से 15 हजार कमा सकते हैं और चूंकि यह एक निजी संस्थान था, इसलिए मेरे पास पेंशन नहीं है। रिक्शा चलाने से मुझे एक दिन में कम से कम 700-1500 रुपए मिलते हैं जो मेरे और मेरी प्रेमिका के लिए काफी है। उसने बताया कि वह अपनी पत्नी को प्रेमिका कहते हैं।</p>
<p><strong>पत्नी को क्यों कहते हैं प्रेमिका</strong> <br />उन्होंने बताया कि जिस क्षण आप पत्नी कहते हैं, पति सोचते हैं कि वह एक दास है, जिसे आपकी सेवा करनी चाहिए, लेकिन वह किसी भी तरह से मुझसे कम नहीं है, वास्तव में, वह कभी-कभी मुझसे श्रेष्ठ होती है। हम कडुगोडी में वन बीएचके में रहते है, जहां मेरा बेटा 12 हजार रुपए किराया देने में मदद करता है, लेकिन इसके अलावा हम अपने बच्चों पर निर्भर नहीं हैं।वे अपना जीवन जीते हैं और हम खुशी से अपना जीवन जीते हैं। अब मैं जब चाहूं अपना ऑटो निकाल सकता हूं और जब चाहूं काम कर सकता हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 10:45:26 +0530</pubDate>
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