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                <title>petrol-diesel - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>petrol-diesel RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकारी बेड़े में ईवी का अभाव, पेट्रोल-डीजल पर हर साल खर्च हो रहे 11 करोड़ से अधिक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में सरकारी वाहनों पर 4 साल में पेट्रोल-डीजल का खर्च 44.34 करोड़ रुपए से अधिक। मोटर गैराज विभाग के 286 वाहनों में 178 पेट्रोल, 71 डीजल और केवल 17 इलेक्ट्रिक। करीब 94 फीसदी वाहन पारंपरिक ईंधन पर निर्भर। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lack-of-ev-in-government-fleet-more-than-rs-11/article-164725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सरकारी वाहनों के संचालन में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सरकारी कवायद के बीच राजस्थान के सरकारी वाहन बेड़े की तस्वीर अलग ही कहानी बयां कर रही है। राज्य के मोटर गैराज विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक चार साल में सरकारी वाहनों के पेट्रोल-डीजल पर 44.34 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए हैं। इनमें पेट्रोल पर करीब 4 करोड़ 59 लाख 69 हजार 570.11 रुपए और डीजल पर 40 करोड़ 34 लाख 95 हजार 333.61 रुपए खर्च किए गए। यानि हर साल पेट्रोल-डीजल पर 11 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च हो रही है।</p>
<p><strong>वाहन बेड़े में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी बेहद कम :</strong></p>
<p>मोटर गैराज विभाग के नियंत्रण, निरीक्षण अथवा संचालन में कुल 286 वाहन हैं। इनमें 178 पेट्रोल, 71 डीजल और महज 17 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। यानी कुल सरकारी वाहन बेड़े में करीब 94 फीसदी वाहन अभी भी पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं। सीएनजी श्रेणी का एक भी वाहन दर्ज नहीं है।</p>
<p><strong>इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की जरूरत : </strong>सरकारी वाहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या महज 17 होना इस पूरे आंकड़े का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इनमें से 2 गाड़ी मुख्यमंत्री, 5 राजस्थान हाउस दिल्ली और 10 गाडियां सचिवालय में संचालित हो रही है। एक तरफ ईंधन खर्च लगातार करोड़ों में है, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बेहद सीमित है। ऐसे में सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने से ईंधन खर्च घटाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है।</p>
<p><strong>खर्च के साथ बदलता दिखा ईंधन का ट्रेंड :</strong></p>
<p>शुरुआती वर्ष में डीजल वाहनों पर खर्च पेट्रोल की तुलना में काफी अधिक था, लेकिन इसके बाद डीजल खर्च में गिरावट आई और पेट्रोल मद का खर्च बढ़ा। 2023-24 में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 1.24 करोड़ और 2022-23 में डीजल पर 14.43 करोड़ रुपए खर्च हुए। इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था में ईंधन के बदलते उपयोग का संकेत मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों खर्च फिर भी वाहन फेला रहे प्रदूषण, नगर निगम कोटा उत्तर-दक्षिण के वाहनों को सीएनजी व ई वी में किया जाएगा शिफ्ट </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा शहर में जनसंख्या व वाहनों के लगातार बढ़ने से प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-spending-crores-of-rupees--vehicles-are-spreading-pollution/article-104182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(2)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण द्वारा एक तरफ तो  अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल व मरम्मत पर हर साल करोडों रुपए खर्च कर रहा है। उसके बाद भी ये वाहनच वायु व ध्वनि प्रदूषण फेला रहे है। जबकि कोटा में प्रदूषण का स्तर(एक्यूआई) लगातार बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में इस मद में होने वाले खर्च को कम करने के लिए निगम के वाहनों को सीएनजी या ईवी में शिफ्ट किया जा सकता है। कोटा शहर में जनसंख्या व वाहनों के लगातार बढ़ने से प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। अधिकतर प्रदूषण पुराने वाहनों से हो रहा है। सरकार ने 15 साल पुराने व्यवसायिक वाहनों को सड़क पर चलने की रोक तक लगा दी है। लेकिन उसके बाद भी नगर निगम में कई पुराने वाहन सड़कों पर चल रहे है। उनमें से अधिकतर वाहन पेट्रोल-डीजल से चल रहे है। पेट्रोल-डीजल के पुराने वाहन शहर में वायु व ध्वनि प्रदूषण को भी बढ़ा रहे हैं। शहर में वर्तमान में प्रदूषण का स्तर 205 एक्यूआई पर पहुंच गया है जो काफी खतरनाक स्थिति है। इसे कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल के स्थान पर सीएनजी व ईवी वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।</p>
<p><strong>गैराज में सभी तरह के वाहन</strong><br />नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम के गैराज में सभी तरह के वाहन है। टिपर से लेकर जेसीबी, डम्पर, ट्रेक्टर-ट्रॉली, जेटिंग मशीन, सीवरेज मशीन, अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहन शामिल है। सफाई से संबंधित वाहन तो रोजाना संचालित हो रहे है। सभी वाहन डीजल और पेट्रोल से संचालित हो रहे है। बड़े-बड़े और पुराने वाहन होने से कई तो औसत कम होने से डीजल भी अधिक खपत वाले है। हालांकि निगम का प्रयास रहता है कि जितना आवश्यक हो उतने ही वाहनों का उपयोग हो और पेट्रोल-डीजल की कम से कम खपत हो।  निगम द्वारा बजट में जितना प्रावधान रखा जाता है इतना बजट पूरा खर्च नहीं होता। </p>
<p><strong>पेट्रोल-डीजल व ऑयल का बजट 8 करोड़</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर की ओर से गैराज अनभिाग के बजट में से करीब आधा बजट 8 करोड़ रुप एतो पेट्रोल-डीजल व आॅयल के लिए रखा गया है। चालू वित्त वर्ष  में इस मद में 6 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था। जिसमें से दिसम्बर तक  3.04 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके है। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर में गैराज का  14.50 करोड़ बजट</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर की ओर से आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए गैराज अनुभाग के मद में 14.50 करोड़ रुपए का बजट  प्रावधान किया गया है। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2024-25 में यह बजट \20 करोड़ रुपए रखा गया था। जिसे बाद में संशोधित कर 12 कर दिया था। लेकिन हालत यह है कि दिसम्बर 2024 तक इस मद में से 5.93 करोड़ रुपए खर्च किए गए। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण निगम में 12करोड़ का बजट</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से आगामी वित्तब वर्ष के लिए गैराज अनुभाग मद में 12.01 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। जिसमें से सिर्फ पेट्रोल-डीजल व आॅयल मद में 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।  इस तरह से नगर निगम द्वारा हर साल वाहनों में  करोड़ों रुपए का पेट्रोल-डीजल जलाया जा रहा है और शहर को प्रदूषित भी किया जा रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम के सभी वाहन पेट्रोल-डीजल से संचालित हो रहे है। कई वाहन पुराने होने से उनका औसत कम होने से खपत अधिक हो रही है। साथ ही ये प्रदूषण भी फेला रहे है। इसके विकल्प के रूप में नगर निगम द्वारा अपने वाहनों का संचालन सीएनजी से किया जा सकता है। इससे औसत भी सही रहता है और प्रदूषण भी नहीं फेलता। शहर में इसके पम्प पर्याप्त होने से समस्या भी नहीं होगी। हालांकि ईवी वाहनों के लिए चार्जिंग पाइंट होना आवश्यक है। ईवी सफाई वाहनों में कारगर नहीं होगी। <br /><strong>- कपिल शर्मा, अध्यक्ष गैराज समिति नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 18:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार सातवें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े, 80-80 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल</title>
                                    <description><![CDATA[तेल कंपनियां बीते दस दिनों में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें नौ बार बढ़ा चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-petrol-and-diesel-prices-increased-for-the-seventh-consecutive-day--petrol-and-diesel-became-costlier-by-80-80-paise-per-liter/article-7055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/petrol.tif-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे से आम-आदमी की कमर तोड़ने का काम किया है।देश में तेल विपणन करने वाली कंपनियों ने गुरुवार को लगातार सातवें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम वृद्धि की। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दामों में क्रमश- 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 101.81 रुपये  प्रति लीटर और डीजल के दाम 93.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को पेट्रोल की कीमत 101.01 रुपये और डीजल 92.27 रुपये प्रति लीटर थी।<br /><br />मुंबई में पेट्रोल-डीजल के दामों में 84 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गयी, जिससे यहां पेट्रोल की कीमत बढ़कर 116.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 100.94 रुपये प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियां बीते दस दिनों में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें नौ बार बढ़ा चुकी हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें 137 दिनों की स्थिरता के बाद बढऩी शुरू हुई हैं। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका में इनकी कीमतों में उछाल आया है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की नित्य प्रतिदिन समीक्षा होती है और उसके आधार पर प्रतिदिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="3"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार रहे:-</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td>महानगर</td>
<td>पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर)</td>
<td>डीजल (रुपये प्रति लीटर)</td>
</tr>
<tr>
<td>दिल्ली</td>
<td>101.81</td>
<td>93.07</td>
</tr>
<tr>
<td>कोलकाता</td>
<td>111.35</td>
<td>96.22</td>
</tr>
<tr>
<td>मुंबई</td>
<td>116.72</td>
<td>100.94</td>
</tr>
<tr>
<td>चेन्नई</td>
<td>107.45</td>
<td>97.52</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>पिछले पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों की स्थिति:</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td>रविवार : </td>
<td>पेट्रोल-डीजल में 50 और 55 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी</td>
</tr>
<tr>
<td>सोमवार :</td>
<td>पेट्रोल 30 पैसे और डीजल 35 पैसे प्रति लीटर उछाल</td>
</tr>
<tr>
<td>मंगलवार :</td>
<td>80 पैसे पेट्रोल और 70 पैसे डीजल बढ़े दाम</td>
</tr>
<tr>
<td> बुधवार :</td>
<td>पेट्रोल-डीजल में 80-80 पैसों की वृद्धि</td>
</tr>
<tr>
<td>गुरूवार :</td>
<td>पेट्रोल-डीजल के भाव 80-80 पैसे बढ़े</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>अंतरराष्ट्रीय बाजार में  कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढाव देखने को मिल रहा है। लंदन ब्रेंट क्रूड आज 4.54 प्रतिशत गिरकर 108.30 डॉलर प्रति बैरल पर और अमेरिकी क्रूड 5.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.89 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 12:00:25 +0530</pubDate>
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