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                <title>slip - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका-ईरान में सैन्य तनाव बढ़ने से लाल निशान में बंद हुआ बाजार: प्रमुख सूचकांकों में गिरावट, बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयर बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका द्वारा ईरान पर दोबारा किए गए हमलों से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिससे घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स 479 अंक टूटकर 76,009.70 और निफ्टी 118 अंक फिसलकर 23,913.70 पर बंद हुआ। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-market-closed-in-the-red-due-to-increasing-military/article-155084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखी गयी और बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। बीएसई का सेंसेक्स 479.26 अंक (0.63 प्रतिशत) टूटकर 76,009.70 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी-50 सूचकांक भी 118 अंक यानी 0.49 प्रतिशत नीचे 23,913.70 अंक पर आ गया। सुबह गिरावट में खुलने के बाद कुछ देर के लिए दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में गये थे, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली होने से फिर लाल निशान में चले गये।</p>
<p>अमेरिका ने सोमवार रात ईरान पर फिर हमले किये हैं। इससे बाजार में निवेश धारणा कमजोर हुई है। रुपये में 50 पैसे से ज्यादा की गिरावट ने भी बाजार पर दबाव बनाया। भारतीय मुद्रा फिलहाल 51 पैसे टूटकर 95.77 रुपये प्रति डॉलर पर है। वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में बढ़त बरकरार रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.51 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.35 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।</p>
<p>बैंकिंग, वित्त, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और रियलटी सेक्टरों में गिरावट रही जबकि धातु और रसायन सेक्टरों के सूचकांकों में तेजी रही।<br />सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल का शेयर डेढ़ फीसदी गिर गया। ट्रेंट, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर एक प्रतिशत से ज्यादा टूटे। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बीईएल और इंडिगो के शेयर भी लाल निशान में रहे। टेक महिंद्रा का शेयर डेढ़ प्रतिशत से ऊपर चढ़ा। इटरनल, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी बढ़त में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 17:37:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एक ऑपरेटर के भरोसे एमबीएस का आरजीएचएस पर्ची काउन्टर, मची अफरा तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[काउंटर पर घंटों खड़ा रहने के बाद भी मरीजों की पर्चीयां नही बनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mbs-hospital-s-rghs-slip-counter-left-dependent-on-a-single-operator--chaos-ensues/article-151944"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ek-operator-k-bharose-mbs-ka-rghs-parche-caunter-,-mache-aphara-taphare...kota-news-28.04.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान भर में निजी अस्पतालों और दवा काउंटरों द्वारा आरजीएचएस  के बहिष्कार के चलते अब सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव असहनीय स्तर तक पहुँच गया है। सोमवार सुबह कोटा के एमबीएस अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आरजीएचएस पर्ची काउंटर पर घंटों खड़ा रहने के बाद भी मरीजों की पर्चीयां नही बनी। इसके अव्यवस्था इतनी बढ़ गई कि काउंटर पर मौजूद एकमात्र कर्मचारी को देख लोगों के सब्र का बांध टूट गया। वह आपस में ही उलझते नजर आये।संविदा कर्मियों के काम छोड़ने और एक साथ छुट्टी पर जाने से व्यवस्था चरमरा गई।</p>
<p><strong>लाभार्थियों के लिये सरकारी इलाज से दवा में परेशानी</strong><br />एमबीएस अस्पताल से सामने आयी तस्वीरे बताती है कि आरजीएचएस को लेकर निजी अस्पतालों के विरोध के चलते सरकारी तंत्र पूरी तरह से बैकअप प्लान के बिना चल रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता और बुजुर्ग पेंशनर्स को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों की परेशानी है कि वह निजी अस्पताल में इलाज ले नहीं पा रहे यदि सरकारी मे सामान्य पर्ची से इलाज लेते है तो उन्हे पहले से चल रही ब्राण्ड़ेड दवाओं को सरकारी डॉक्टर सरकारी पर्चे पर नहीं लिख सकता।</p>
<p><strong>5 में से 4 ऑपरेटर नदारद: सिस्टम हुआ फेल</strong><br />जानकारी के अनुसार, आरजीएचएस काउंटर के सुचारू संचालन के लिए कुल 5 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त हैं, जिनमें से 3 सुबह और 2 शाम की शिफ्ट में रहते हैं। लेकिन सोमवार को बदहाली का आलम यह था कि ऑपरेटर चेतन शर्मा ने काम छोड़ दिया। ऑपरेटर जीतू सहित अन्य कार्मिक छुट्टी पर चले गए। काउंटर पर केवल एक मात्र कर्मचारी योगेंद्र मौजूद था। जिससे लोगों के ओपीड़ी,भर्ती तथा डिस्चार्ज के लिये घंटों लगने लगे।</p>
<p><strong>भर्ती व डस्चार्ज की प्रक्रिया में लगता है समय</strong><br />बाहर खडे मरीजों में भर्ती-डिस्चार्ज की जटिल प्रक्रिया के बीच अकेला कर्मचारी पर्ची नहीं काट पा रहा था। जिससे कतार में खड़े बुजुर्गों और तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में सामान्य ओपीड़ी के लिये आये मरीजों को आरजीएचएस की पर्ची न बनने के कारण बिना इलाज के लौटना पड़ा।</p>
<p><strong>बुआ को लेने जाने की जिद पर अड़ा</strong><br />हैरानी की बात यह रही कि मुख्य नर्सिंग इंचार्ज खुद ड्यूटी से नदारद थे। इंचार्ज का जिम्मा संभाल रहीं वर्षा राठौर ने आनन-फानन में व्यवस्था संभालने के लिए एक लिफ्ट ऑपरेटर को पर्ची काउंटर पर बैठाया। लेकिन तमाशा तब खड़ा हुआ जब वह लिफ्ट ऑपरेटर भी थोड़ी देर बाद अपनी 'बुआ' को लेने जाने की जिद पर अड़ गया। लगभग 40 मिनट तक प्रभारी वर्षा उस ऑपरेटर की मान-मनुहार करती नजर आईं ताकि काउंटर चालू रह सके।</p>
<p><strong>मरीजों का फूटा गुस्सा, इंचार्ज को सुनाई खरी-खोटी</strong><br />निजी अस्पतालों में इलाज बंद होने के कारण मजबूरी में सरकारी अस्पताल पहुंचे मरीजों को यहाँ भी भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। घंटों इंतजार से झल्लाए लोगों ने अस्पताल प्रशासन की कुप्रबंधन पर नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद प्रभारी को भी खरी-खोटी सुनाई। मरीजों का आरोप है कि जब निजी क्षेत्र में विरोध के चलते सरकारी अस्पतालों में भीड़ बढ़ना तय था, तो प्रशासन ने अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था क्यों नहीं की?</p>
<p>संविदा पर लगे कार्मिकों के काम छोडने और छुट्टी के समय लिफ्ट पर लगाये गये व्यक्ति को इमरजेन्सी में ऑपरेटर पर लगाया गया था। सभी को मौके पर मौजुद इंचार्ज के निर्देशों के अनुसार काम करना चाहिये।<br /><strong>- नरेन्द्र खींची, नर्सिंग इन्चार्ज</strong></p>
<p>मै सुबह ओपीड़ी की तरफ गया था मुझे किसी ने इस बारें में सूचना नहीं दी। नर्सिंग इंचार्ज से जानकारी जुटाई जा रही है।<br /><strong>- डॉ. धर्मराज मीणा अधीक्षक एमबीएस अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>आमजन को राहत: कल से अस्पताल आउटडोर में  पर्ची के भी नहीं देने पड़ेंगे पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[अभी तक आउटडोर में दिखाने जाने वाले लोगों को आउटडोर पर्ची बनवाने के 10रुपए देने पड़ रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--relief-to-the-general-public--from-tomorrow-onwards--even-the-slip-will-not-have-to-be-paid-in-the-hospital-outdoor--orders-have-been-issued-on-thursday-for-free-outdoor-service-in-the-hospitals-of-chief-minister-ashok-gehlot/article-7077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रदेश के अस्पतालों में मुफ्त आउटडोर सेवा के गुरुवार को आदेश जारी हो गए हैं। अब राजस्थान में आउटडोर में चिकित्सीय परामर्श के लिए जाने वाले आमजन को आउटडोर पर्ची के भी पैसे नहीं देने पड़ेंगे। अभी तक आउटडोर में दिखाने जाने वाले लोगों को आउटडोर पर्ची बनवाने के 10रुपए देने पड़ रहे थे। 1 अप्रैल से प्रदेश भर में पर्ची मुफ्त कर दी गई है।</p>
<p><strong>अस्पतालों में अब महँगी सिटी स्कैन-एमआरआई और डायलिसिस फ्री</strong><br />राजस्थान के अस्पतालों में अब मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की मोटी राशि नहीं देनी पड़ेगी। इसके साथ ही गुर्दा रोगियों को हर माह डायलिसिस कराने के भी पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सरकार ने यह सभी जांचे शुक्रवार 1 अप्रैल से प्रदेशभर के अस्पतालों में मुफ्त कर दि है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा में इन जाचो को फ्री करने की घोषणा की थी। जिसके अब आदेश जारी हो गए हैं। अभी अस्पतालों में सीटी स्कैन एमआरआई के 1500 से लेकर ₹3000 तक लगते थे। यह जांच केवल सीनियर सिटीजन को ही फ्री थी। अब सभी मरीजों के लिए सरकार ने यह जाकर फ्री कर दी है। अस्पतालों में सीटी स्कैन-एमआरआई मशीन प्राइवेट ठेके पर दी हुई थी। सरकार अब ठेकेदारों को एमआरआई और सिटी स्कैन के पैसे अपने खाते से देगी। सजे पेटे हर साल करोड़ो रूपये का भार सरकार पर आएगा। मरीजो को यह बड़ी राहत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 14:27:08 +0530</pubDate>
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