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                <title>benjamin netanyahu - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>benjamin netanyahu RSS Feed</description>
                
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                <title>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम का किया समर्थन, इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का समर्थन करते हुए नागरिक सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने और इजरायल से संप्रभुता का सम्मान करने को कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का अवसर बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-president-emmanuel-macron-supports-israel-lebanon-ceasefire-israel-must-stop/article-150840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम का 'पूर्ण समर्थन' किया है। मैक्रों ने हालांकि इस समझौते को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है। मैं सीमा के दोनों ओर नागरिक आबादी की सुरक्षा की अपील करता हूँ। हिजबुल्लाह को अपने हथियारों का त्याग करना चाहिए और इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए।"</p>
<p>इजरायल और लेबनान दोनों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर' बताया है। यह समझौता फिलहाल दस दिनों के लिए है, जिसे बातचीत में प्रगति होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी मुख्य प्रावधानों के अनुसार, इजरायल के पास किसी भी संभावित हमले के खिलाफ 'आत्मरक्षा में सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार' सुरक्षित रहेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों को रोकना होगा। साथ ही देश की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनानी सुरक्षा बलों की होगी।</p>
<p>दोनों पक्षों ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। इजरायल ने इस युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में एक 'सद्भावना संकेत' बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इसमें शामिल होने के संकेत दिए हैं, लेकिन उसने हमलों को पूरी तरह रोकने और इजरायली सैनिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्षविराम का स्वागत करते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इज़रायल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू : ट्रंप का दावा-सैन्य अभियानों को रोकने पर दोनों देश सहमत, जानें सीजफ़ायर पर कितने दिनों की बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान 10 दिनों के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं। इसका उद्देश्य स्थायी शांति वार्ता के लिए मार्ग प्रशस्त करना है। हालांकि, आईडीएफ ने पिछले 24 घंटों में 380 हमले किए हैं। ट्रंप ने इसे एक शानदार मौका बताते हुए दोनों नेताओं को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ceasefire-between-israel-and-lebanon-is-in-force-trumps-claim/article-150769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-17,-2026,-12_18_30-pm.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल और लेबनान 10 दिनों के लिए संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, जो पूर्वी समय अनुसार 16 अप्रैल शाम पांच बजे (भारतीय समयानुसार 17 अप्रैल तड़के 3.30 बजे) से प्रभावी हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा, "लेबनान के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन हो सकता है। अच्छी चीजें हो रही हैं।" डोनाल्ट ट्रंप ने फिर से दावा किया कि उन्होंने दुनिया भर में नौ युद्धों को सुलझाया है और यह दसवां होगा। उन्होंने कहा, "तो चलिए इसे पूरा करते हैं।"</p>
<p>इस अस्थायी युद्धविराम का उद्देश्य स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत के लिए अवसर प्रदान करना है। यह समझौता ट्रंप द्वारा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन के साथ चर्चा के बाद कराया गया था। समझौते के अनुसार, इजरायल और लेबनान आक्रामक सैन्य अभियानों को रोकने पर सहमत हुए हैं। लेबनान ने हिजबुल्लाह को हमले करने से रोकने के लिए सार्थक कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस अवधि के दौरान इजरायली बल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर के 'सुरक्षा क्षेत्र' में बने रहेंगे।</p>
<p>भले ही युद्धविराम आधिकारिक तौर पर प्रभावी है लेकिन लेबनानी सेना ने आज सुबह दक्षिणी गांवों में इजरायल द्वारा कई हमलों की सूचना दी। इस बीच, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों के दौरान लेबनान में हिजबुल्लाह के 380 से अधिक ठिकानों पर हमला किया। हिजबुल्लाह ने कहा कि वे तभी तक संघर्षविराम का 'पालन' करेंगे जब तक इजरायली हमले बंद रहेंगे।<br />यह संघर्षविराम एक व्यापक क्षेत्रीय राजनयिक प्रयास का हिस्सा है जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच अलग से चल रहा दो सप्ताह का युद्धविराम भी शामिल है।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि हिजबुल्लाह इस महत्वपूर्ण समय के दौरान 'शालीनता और अच्छे से' व्यवहार करेगा। उन्होंने कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं तो यह उनके लिए एक शानदार पल होगा। अब और हत्याएं नहीं। अंततः शांति होनी चाहिए!" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के साथ 'बेहतरीन बातचीत' हुई। उन्होंने कहा कि मंगलवार को दोनों देशों के नेताओं ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वाशिंगटन में 34 वर्षों में पहली बार मुलाकात की।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और श्री रुबियो को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन रातिन केन के साथ मिलकर इजरायल और लेबनान के साथ स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए काम करने का निर्देश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इजरायली प्रधानमंत्री और लेबनान के राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस में 1983 के बाद पहली 'सार्थक बातचीत' के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा, "दोनों पक्ष शांति चाहते हैं और मेरा मानना है कि यह जल्द ही होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:17:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का ऐलान : इज़रायल जल्द शुरू करेगा लेबनान के साथ सीधी शांति वार्ता, लेबनानी हमले में 300 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ जल्द सीधी शांति वार्ता शुरू करने की घोषणा की है। भीषण हवाई हमलों और 300 मौतों के बाद उपजे तनाव के बीच, इस कदम को अमेरिका-ईरान युद्धविराम बचाने की कोशिश माना जा रहा है। इज़रायल ने स्पष्ट किया कि शांति प्रक्रिया को कायम रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते खुले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-benjamin-netanyahu-announces-israel-will-soon-start-direct-peace/article-149814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/natnahu.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इज़रायल लेबनान के साथ "जितनी जल्दी हो सके" सीधी शांति वार्ता शुरू करेगा, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच हुई नाज़ुक युद्धविराम संधि को कायम रहने का मौका मिलेगा। इज़रायली मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को यह घोषणा की। इज़रायली वायु सेना द्वारा लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला किए जाने के बाद यह नाज़ुक शांति प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार इज़रायली हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे। हिज़्बुल्लाह पर इज़रायली हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों ने बातचीत को "बेमानी" बना दिया है।</p>
<p>इस बात को लेकर युद्धविराम संधि संकट में थी कि क्या लेबनान भी इन वार्ताओं का एक विषय है। जहाँ ईरान ने कहा कि वह इन वार्ताओं का हिस्सा है, वहीं इज़रायल और अमेरिका ने इससे इनकार कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:31:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संकट के बादल : सीजफायर तो हो गया लेकिन बयानों में जंग अब भी जारी, ईरान ने कहा-इजरायल के हमले रुकवाना अमेरिका की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव बरकरार है। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे केवल एक 'विराम' बताया है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने समझौता पूरी तरह लागू होने तक सैन्य तैनाती जारी रखने की चेतावनी दी है। ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों को समझौते का उल्लंघन बताते हुए अपना हाथ 'ट्रिगर पर' होने की बात कही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/there-is-a-cloud-of-crisis-over-the-us-iran-ceasefire/article-149811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/casefire.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान में सीजफायर हो गया है। लेकिन जमीनी हालात स्थिर नहीं हैं। इजरायल के लेबनान पर हमले के बाद स्थिति नाजुक बनी हुई है। ईरान ने साफ कह दिया है कि लेबनान पर इजरायल के हमले रुकवाना अमेरिका की जिम्मेदारी है वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इजरायल और हिजबुल्ला आतंकवादियों के बीच चल रहे समानांतर संघर्ष को सुलझाने का कोई वादा कभी नहीं किया गया था। इतना ही नहीं होर्मुज को लेकर भी ईरान और अमेरिका अपने-अपने दावों को लेकर अड़े हुए हैं। ईरान ने अभी होर्मुज पूरी तरह खोला नहीं है। दूसरी तरफ ट्रम्प इसे खोलने को लेकर नाटो पर फिर से बरसे हैं।</p>
<p><strong>युद्धविराम एक अल्पविराम, अभियान का अंत नहीं: नेतन्याहू </strong></p>
<p>इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, ईरान अब पहले से कहीं अधिक कमजोर है और इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत। हमारे पास अभी भी कुछ लक्ष्य बाकी हैं और हम उन्हें या तो समझौते के माध्यम से या फिर से लड़ाई शुरू करके हासिल करेंगे। यह दो सप्ताह का युद्धविराम केवल एक अल्पविराम है और ‘अभियान का अंत नहीं’ है। उन्होंने इसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के रास्ते में केवल एक ‘पड़ाव’ बताया। </p>
<p><strong>समझौता होने तक ईरान के पास तैनात रहेंगे अमेरिकी जहाज: डोनाल्ड ट्रम्प</strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा कि अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें ईरान में और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ, तो संघर्ष पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर रूप ले सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात पर कायम है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा सुरक्षित रहेगा।  </p>
<p><strong>लेबनान पर इजरायली हमला युद्धविराम का घोर उल्लंघन: ईरान</strong></p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने गुरुवार को कहा कि लेबनान पर इजरायल के हमले एक ‘खतरनाक संकेत’ हैं तथा युद्धविराम समझौते का घोर उल्लंघन है और इस तरह की कार्रवाइयां बातचीत की प्रक्रिया को अर्थहीन बना देती हैं।  पेजेशक्यान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, इजरायल की बार-बार की आक्रामकता मूल युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है। यह एक जाल और संभावित समझौतों के पालन न करने का खतरनाक संकेत है। इन कार्रवाइयों को जारी रखना बातचीत को निरर्थक बना देगा। लेबनान पर इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान का ‘हाथ ट्रिगर पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:25:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद इज़रायली हमलों में लेबनान में 254 लोगों की मौत : 100 से अधिक कमांड केंद्रों और सैन्य स्थलों को बनाया गया निशाना, हिज़बुल्लाह ने खाई जवाबी कार्रवाई की कसम</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के साथ युद्धविराम के बावजूद, इजरायल ने लेबनान पर सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। 10 मिनट में 100 कमांड सेंटर तबाह कर दिए गए, जिसमें 182 लोग मारे गए। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं है। लेबनान में अब तक 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/182-people-killed-in-lebanon-in-israeli-attacks-after-the/article-149660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah.png" alt=""></a><br /><p>यरूशलेम। लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1,165 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी अल जज़ीरा ने लेबनानी नागरिक सुरक्षा के हवाले से गुरुवार को दी। बुधवार को, इजरायली विमानों ने मध्य बेरूत के मज़रा, मनारा, ऐन अल मरेसेह और बरबोर इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी उपनगरों के आठ इलाकों पर हमला किया। लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान पर की गई बमबारी आंदोलन को जवाबी कार्रवाई का अधिकार देती है।</p>
<p>तुर्की ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम लेबनान पर इजरायल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा करते हैं जिनके परिणामस्वरूप भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। ये हमले देश में मानवीय स्थिति को और भी बदतर बना रहे हैं।" मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में घोषित युद्धविराम के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। बयान में कहा गया कि तुर्की ने लेबनान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।</p>
<p>इजरायल द्वारा पूरे लेबनान में हवाई हमलों की एक बड़ी श्रृंखला चलाई गई जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हुए। अधिकारियों ने कहा कि ईरान में युद्धविराम के बावजूद लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध जारी है। यह जानकारी बीबीसी ने गुरुवार को दी। इजरायल ने इसे इस संघर्ष में हवाई हमलों की सबसे बड़ी श्रृंखला कहा जिसमें 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह के 100 से अधिक कमांड केंद्रों और सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया।</p>
<p>बेरुत के दक्षिणी उपनगर, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी को निशाना बनाया गया। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कम से कम 182 लोग मारे गए, यह संख्या बढ़ने की संभावना है, और 890 लोग घायल हुए हैं। बेरुत पर हुए अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले के स्थल पर, घंटों बाद भी, आपातकालीन कर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों में खोजबीन कर रहे हैं।</p>
<p>ये हमले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा पाकिस्तान के इस दावे को खारिज करने के बाद हुए, जिसने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मध्यस्थता की थी और कहा था कि युद्धविराम में लेबनान का संघर्ष भी शामिल है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी कहा था कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद से किसी भी हमले की जिम्मेदारी न लेने वाले हिजबुल्लाह ने कहा कि समूह को जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है और विस्थापित परिवारों को घर लौटने की कोशिश करने से पहले औपचारिक युद्धविराम की घोषणा का इंतजार करने की चेतावनी दी।</p>
<p>लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि वह क्षेत्रीय शांति में लेबनान को शामिल करने के प्रयासों को जारी रखेगा। हिज़्बुल्लाह और इज़रायल के बीच दशकों से चले आ रहे संघर्ष में नवीनतम तनाव तब उत्पन्न हुआ जब समूह ने युद्ध के प्रारंभिक चरण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में और नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद लेबनान पर इज़रायल के लगभग दैनिक हमलों के जवाब में इज़रायल पर रॉकेट दागे।</p>
<p>लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि युद्ध के परिणामस्वरूप अब तक 1,700 से अधिक लोग मारे गए हैं जिनमें कम से कम 130 बच्चे शामिल हैं हालांकि मंत्रालय ने लड़ाकों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं बताया है। इजराइल का कहना है कि उसने लगभग 1,100 हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं जो आबादी का पांचवां हिस्सा, जिनमें से अधिकांश शिया मुस्लिम समुदाय से हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:43:07 +0530</pubDate>
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                <title>इजरायल ने दी ईरान पर आने वाले दिनों में संयुक्त हमले होने की धमकी, कहा ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में अभियान जारी रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने ईरान पर सैन्य हमलों को और तेज करने का ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप के अभियान में कटौती के संकेतों के बावजूद, काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि इजरायली सेना के पास ईरान में हजारों लक्ष्य हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में सभी युद्ध उद्देश्यों की प्राप्ति तक यह अभियान जारी रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israel-threatened-joint-attacks-on-iran-in-the-coming-days/article-147424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iraesl.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने शनिवार को कहा कि ईरान पर संयुक्त हमले आने वाले दिनों में 'काफी बढ़ेंगे', हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी तरफ सैन्य अभियान में कटौती के संकेत भी दिये हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा मूल्यांकन के दौरान, काट्ज़ ने कहा कि ईरान और उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ इजरायली रक्षा बलों और अमेरिकी सेना के हमलों की तीव्रता इस सप्ताह बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में अभियान जारी रहेगा।"</p>
<p>इजरायली सेना ने संकेत दिया है कि उसके पास अभी भी ईरान में 'हजारों' लक्ष्य हैं तथा वह कई और हफ्तों के संचालन के लिए तैयारी कर रही है। सीएनएन ने काट्ज़ के हवाले से कहा, "जब तक सभी युद्ध उद्देश्य प्राप्त नहीं हो जाते, हम नहीं रुकेंगे।" ये टिप्पणियां ट्रंप द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद आई हैं कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के 'बहुत करीब' है और पश्चिमी एशिया में सैन्य प्रयासों को 'कम करने' पर विचार कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:05:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान का जबरदस्त पलटवार: इजरायल के डिमोना स्थित परमाणु संयंत्र पर लगातार बरसाई मिसाइलें, 100 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र (डिमोना) और अराद शहर पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इसे नतांज हमले का प्रतिशोध बताया है। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे "कठिन शाम" करार देते हुए दुश्मनों को कड़ा सबक सिखाने और सभी मोर्चों पर मजबूती से लड़ने का संकल्प लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-strong-counterattack-missiles-continuously-rained-on-israels-nuclear-plant/article-147433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/is.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीब। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने शनिवार रात एक खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान ने इजरायल के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर भीषण मिसाइल हमला किया। इन हमलों में 100 से अधिक लोग जख्मी हो गए जिनमें से 11 की हालत गंभीर है। इन शहरों पर हुए हमलों का मुख्य उद्देश्य डिमोना के पास स्थित 'शिमोन पेरेज नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र' को निशाना बनाना था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई है।</p>
<p>ईरान के इन मिसाइल हमलों में दो बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत नाजुक बताई जा रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार, देश की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में विफल रही, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।</p>
<p>गौरतलब है कि, डिमोना और अराद शहर नेगेव रेगिस्तान में स्थित हैं और इजरायल के संवेदनशील ढांचे का हिस्सा हैं। डिमोना को विश्व स्तर पर इजरायल के संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के केंद्र के रूप में जाना जाता है। अराद शहर कई प्रमुख इजरायली रक्षा बलों के ठिकानों के पास स्थित है और परमाणु संयंत्र में काम करने वाले कर्मियों का आवासीय केंद्र भी है। ईरान ने इन दोनों शहरों को इसलिए चुना क्योंकि ये परमाणु बुनियादी ढांचे और सैन्य रसद की एक साझा श्रृंखला बनाते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस स्थिति को "भविष्य के अभियान की एक बहुत कठिन शाम" करार दिया है। उन्होंने और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने संकल्प लिया है कि इजरायल सभी मोर्चों पर अपने दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से लड़ना जारी रखेगा। नेतन्याहू ने प्रभावित शहरों के महापौरों से बात कर उन्हें सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:34:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इजरायली पीएम नेतन्याहू का कड़ा रुख: ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए जमीनी कार्रवाई की जरूरत, ईरान के शासन को हवाई हमलों से नहीं उखाड़ा जा सकता</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि केवल हवाई हमलों से ईरानी शासन को नहीं उखाड़ा जा सकता। उन्होंने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत मिसाइल फैक्ट्रियों को नष्ट करने का दावा करते हुए जमीनी अभियान और विचारधारा में बदलाव को आवश्यक बताया। नेतन्याहू के अनुसार, ईरान अब परमाणु और बैलिस्टिक क्षमता में बेहद कमजोर हो चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-pm-netanyahu-said-ground-action-is-needed-for-regime/article-147219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm1.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि केवल हवाई हमलों से ईरान के शासन को नहीं उखाड़ा जा सकता, बल्कि इसके लिए एक जमीनी कार्रवाई की आवश्यकता होगी। नेतन्याहू ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इजरायल और अमेरिका हवाई हमलों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट कर रहे हैं, लेकिन सार्थक सत्ता परिवर्तन केवल हवाई अभियानों से संभव नहीं है। उन्होंने कहा, क्रांति केवल हवा से नहीं आ सकती, इसके लिए जमीनी कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने यह साझा करने से इनकार कर दिया कि इस जमीनी कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान में केवल शासन बदलना काफी नहीं है, बल्कि वहां की विचारधारा में बदलाव आना जरूरी है। उन्होंने इसकी तुलना इतिहास से करते हुए कहा, आप एक तानाशाह (अयातुल्लाह) को हटाकर दूसरे को नहीं लाना चाहेंगे। आप हिटलर की जगह दूसरे हिटलर को नहीं बिठाना चाहेंगे।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल और अमेरिका हवाई हमलों के जरिए केवल स्थितियां पैदा कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक क्रांति और सत्ता का तख्तापलट केवल जमीनी स्तर पर ईरानी जनता के प्रयासों और सक्रियता से ही संभव है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद शासन के भीतर काफी तनाव और दरारें हैं। उन्होंने उनके संभावित उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अभी तक सामने नहीं आए हैं, जो शासन की कमजोरी को दर्शाता है।</p>
<p>अभियान के 20वें दिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन करने और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता खो चुका है। उन्होंने कहा, हम इन क्षमताओं को धूल और राख में मिलाना जारी रखेंगे। ईरान आज पहले से कहीं ज्यादा कमजोर है, जबकि इजरायल एक क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत इजरायल अब उन कारखानों को निशाना बना रहा है जो मिसाइलों के पुर्जे बनाते हैं, ताकि ईरान के औद्योगिक आधार को पूरी तरह खत्म किया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मतभेदों की खबरों पर नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल ने अकेले कार्रवाई की थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध पर भविष्य के कुछ हमलों को फिलहाल रोक दिया गया है। </p>
<p>उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने अमेरिका को इस युद्ध में धकेला है। साथ ही, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील रास्तों के विकल्प के रूप में अरब प्रायद्वीप से भूमध्यसागरीय बंदरगाहों तक पाइपलाइन बिछाने का सुझाव दिया। नेतन्याहू के इस संबोधन के कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर नए मिसाइल हमले किए, जिससे यरूशलम और इजरायल के अन्य हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 18:22:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जानें कब खत्म होगा ईरान के साथ युद्ध? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की नेतन्याहू से फोन पर बात, बनाया ये धांसू प्लान </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान कब समाप्त होगा, इसका फैसला वह बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर लेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी कार्रवाई ने इजरायल को विनाश से बचाया है। साथ ही, उन्होंने नेतन्याहू के लिए कानूनी माफी की मांग दोहराई ताकि वे पूरी तरह युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर सकें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/know-when-the-war-with-iran-will-end-us-president/article-145846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump-and-banjamin.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष को कब समाप्त करना है इसका निर्णय इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर लिया जाएगा। द टाइम्स ऑफ इजराइल के साथ एक टेलीफोन साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि वर्तमान सैन्य कार्रवाई से पहले ईरान इजराइल को नष्ट करने के करीब था। उन्होंने कहा, ईरान इजराइल और उसके आसपास की हर चीज को तबाह करने जा रहा था। हमने मिलकर काम किया है। हमने उस देश को नष्ट कर दिया है जो इजराइल को मिटाना चाहता था।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या अभियान को रोकने का अधिकार पूरी तरह से अमेरिका के पास है या इस निर्णय में इजराइल का भी समान प्रभाव है, अमेरिकी ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों नेता एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह कुछ हद तक आपसी है। हम बात कर रहे हैं। मैं सही समय पर फैसला लूँगा, लेकिन हर बात को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतिम फैसला उनका होगा, लेकिन नेतन्याहू के विचारों पर भी विचार किया जाएगा।</p>
<p>जब ट्रंप से पूछा गया कि यदि अमेरिका अपनी तरफ से कार्रवाई रोक देता है, तो क्या इजराइल स्वतंत्र रूप से सैन्य अभियान जारी रख सकता है, तब उन्होंने इस संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि इसकी आवश्यकता होगी। ये टिप्पणियां तब आई हैं जब व्हाइट हाउस ने सुझाव दिया है कि यह संघर्ष चार से छह सप्ताह तक चल सकता है, हालांकि ट्रंप ने किसी विशिष्ट समय सीमा की घोषणा नहीं की है।</p>
<p>बता दें कि यह लड़ाई 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के साथ शुरू हुई थी। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। यह साक्षात्कार ईरान द्वारा मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुने जाने की घोषणा के कुछ ही समय बाद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस नियुक्ति पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा, देखते हैं क्या होता है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू के लिए कानूनी राहत (माफी) की अपनी मांग को भी दोहराया। इजरायली प्रधानमंत्री वर्तमान में रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। ट्रंप ने नेतन्याहू को माफी न देने के लिए इसहाक हर्जोग की आलोचना की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, नेतन्याहू को वह माफी तुरंत दी जानी चाहिए। मुझे लगता है कि इसे न देकर वह (हर्जोग) बहुत बुरा काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि नेतन्याहू युद्ध पर ध्यान केंद्रित करें, न कि किसी हास्यास्पद माफी पर।</p>
<p>हर्जोग के कार्यालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जोर दिया कि इजराइल कानून के शासन द्वारा शासित एक संप्रभु राज्य है और माफी के अनुरोध को न्याय मंत्रालय के माध्यम से देखा जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच पिछले तनावों के बावजूद, ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने वर्तमान सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सैन्य कार्रवाई ने एक व्यापक क्षेत्रीय संकट को रोक दिया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ईरान इजराइल और उसके आसपास की हर चीज को नष्ट करने वाला था और अब देखिए, वे खुद नष्ट हो रहे हैं।उन्होंने इजराइल की सुरक्षा के लिए नेतन्याहू के नेतृत्व को श्रेय देते हुए कहा कि अगर नेतन्याहू आसपास नहीं होते, तो इजराइल का आज अस्तित्व नहीं होता।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 17:54:31 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे इजरायल का दौरा; प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होगी मुलाकात, इन मुद्दों पर चर्चा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मंगलवार को इजरायल का महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति प्रयासों पर चर्चा करेंगे। व्हाइट हाउस के इस कदम को मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक मध्यस्थता के रूप में देखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-special-envoy-steve-witkoff-will-visit-israel-will-meet/article-145788"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद, उद्यमी जेरेड कुशनर मंगलवार को इजरायल जाएंगे। </p>
<p>मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों नेता दौरे के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:57:11 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-इजरायल के द्विपक्षीय संबंधों में जुड़ा नया मुहावरा ''मोदी झप्पी'': 27 करार पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने नेसेट में 'मोदी झप्पी' शब्द का किया जिक्र। सच्ची दोस्ती और अटूट भरोसे का बताया प्रतीक। शब्द बना भारत और इजरायल के बीच मजबूत सामरिक और घनिष्ठ संबंधों का वैश्विक मुहावरा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/new-idiom-added-in-india-israel-bilateral-relations-modi-jhappi-27/article-144734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi-netanyahu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और इजरायल के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मुहावरा जुड़ गया है और वह है'मोदी झप्पी'। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वहां की संसद नेसेट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन से पहले दिए गए अपने भाषण में इस अभिव्यक्ति का प्रयोग किया।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री ने दोनों नेताओं के बीच की गर्मजोशी का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी विमान की सीढिय़ों से नीचे उतरे, दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत रूप से गले मिलना कुछ खास है और इसे पूरी दुनिया में मोदी झप्पी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब आप किसी को सच्चाई के साथ और इतने करीब से गले लगाते हैं, तो आपको पता चलता है कि यह वास्तविक है।</p>
<p>नेसेट में जोरदार तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच नेतन्याहू ने कहा कि वह इस झप्पी यानी आलिंगन को वापस लौटाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल दो नेताओं के बीच के व्यक्तिगत संबंधों और दोस्ती का संकेत नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के लोगों के बीच के मधुर और घनिष्ठ संबंधों को भी दर्शाता है। यह नया शब्द अब भारत और इजरायल के कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:26:50 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है, परमाणु समझौता न होने पर भयावह परिणाम भुगतने की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को सर्वोत्तम विकल्प बताते हुए मध्य पूर्व में दूसरे विमानवाहक पोत की तैनाती की पुष्टि की। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु समझौता न होना 'भयावह' होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-said-regime-change-in-iran-would-be/article-143210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है। जो देश के धार्मिक नेतृत्व को हटाने के समर्थन में उनके अब तक के सबसे स्पष्ट बयानों में से एक को दर्शाता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ये टिप्पणियां उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के तुरंत बाद कीं और इससे पहले दिन में उन्होंने पुष्टि की थी कि वह मध्य पूर्व में दूसरा विमानवाहक पोत समूह तैनात कर रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ परमाणु समझौता न होने पर बेहद भयावह परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने अतीत के सैन्य हमलों और संभावित परिणामों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, ईरान के साथ हमें समझौता करना ही होगा, अन्यथा यह बेहद-बेहद भयावह होगा। उन्हें पहली बार में ही समझौता कर लेना चाहिए था लेकिन उन्हें इसके बजाय मिडनाइट हैमर मिला। उन्होंने दशकों की कूटनीति की आलोचना करते हुए कहा, पिछले 47 वर्षों से वे सिर्फ बातें करते रहे हैं। इस बीच हमने बहुत सी जानें गंवाई हैं। पैर, हाथ, चेहरे सब उड़ गए। यह संघर्ष बहुत लंबा चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने पुष्टि की कि वे पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत भेज रहे हैं और कहा, अगर इस्लामिक गणराज्य के साथ हमारा कोई समझौता नहीं होता। जब उनसे पूछा गया कि ईरान का नेतृत्व कौन संभालेगा, तो उन्होंने कहा, Þकुछ लोग हैंÞ लेकिन कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अभी तक राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी मुलाकात के बाद कोई संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई, मुलाकात का एकमात्र रिकॉर्ड ओवल ऑफिस में हाथ मिलाना था, जिसे इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा वितरित किया गया। सोशल मीडिया ट्रुथ पर ट्रंप के बयान में निरंतर (एजेंसी) की उनकी इच्छा पर जोर दिया गया, जो प्रधानमंत्री नेतन्याहू के परमाणु समझौते के विरोध और ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर चर्चा करने में उनकी कथित रुचि के विपरीत था।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी विदेश नीति के रिकॉर्ड का भी बखान किया, यह दावा करते हुए कि उन्होंने कहा कि 10 महीनों में आठ युद्ध समाप्त किए और रूस-यूक्रेन संघर्ष को सबसे कठिन बताया। उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग के दौरे के दौरान उन्होंने बाइडन प्रशासन द्वारा बेस का नाम बदलने के फैसले की आलोचना की। मूल रूप से एक कॉन्फेडरेट जनरल के नाम पर नामित इस बेस का नाम 2023 में फोर्ट लिबर्टी रखा गया था और फिर राष्ट्रपति ट्रम्प के सत्ता में लौटने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के पैराट्रूपर ब्रैग के नाम पर इसका नाम वापस रख दिया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, हम पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। रूस-यूक्रेन का मसला बहुत उलझा हुआ है। यह एक भयानक स्थिति है। मुझे लगता है कि हम वहां पहुंच जाएंगे। इसके लिए दोनों पक्षों को सहयोग करने की जरुरत है। हमें विश्व में शांति बनाये रखना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:06:30 +0530</pubDate>
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